MATTHEW
मत्ती
1यीशु की पीढ़ी
(लुका 3:23-38)
1 अब्राहम की ऊलाद, दाऊद की ऊलाद, यीशु मसीह की पीढ़ीI 2 अब्राहम तै इसहाक जण्या, इसहाक तै याकूब जण्या, याकूब तै यहूदा अर उसके भाई जण्ये, 3 यहूदा अर तोमार तै फिरिस, जोरह जण्ये, फिरिस तै हिस्त्रोन जण्या, हिस्त्रोन तै एराम जण्या, 4 एराम तै अम्मीनादाब जण्या, अम्मीनादाब तै नहशोन, अर नहशोनतै सलमोन जण्या, 5 सलमोन अर रहाब तै बोअज जण्या, बोअज अर रुत तै वोबेद जण्या, अर वोबेद तै यिशै जण्या, 6 अर यिशै तै दाऊद राजा जण्याI अर दाऊद तै सुलैमान उस जनानी तै जण्या जो पैहले उरिय्याह का की बीरबान्नी थी, 7 सुलैमान तै रहबाम जण्या, रहबाम तै अबिय्याह जण्या, अर अबिय्याह तै आसा जण्या, 8 आसा तै यहोशाफात जण्या, यहोशाफात तै योराम जण्या, अर योराम तै उज्जियाह जण्या, उज्जियाह तै योताम जण्या, योताम तै आहाज जण्या, अर आहाज तै हिजकिय्याह जण्या, 9 उज्जियाह तै योताम जण्या, योताम तै आहाज जण्या, अर आहाज तै हिजकिय्याह जण्या, 10 हिजकिय्याह तै मनश्शिह जण्या, मनश्शिह तै आमोन जण्या, अर आमोन तै योशिय्याह जण्या; 11 अर कैदी होकै बेबीलोन जाण कै बख्त म्ह योशिय्याह तै यकुन्याह, अर उसके भाई जण्येI 12 कैदी होकै बेबीलोन खिन्दाए जाण कै पाच्छै यकुन्याह तै शालतिएल जण्या, अर शालतिएल तै जरुब्बाबिल जण्या, 13 जरुब्बाबिल तै अबीहूद जण्या, अबीहूद तै इल्याकीम जण्या, अर इल्याकीम तै अजोर जण्या, 14 अजोर तै सदोक जण्या, सदोक तै अखीम जण्या, अर अखीम तै इलीहूद जण्या, 15 इलीहूद तै इलियाजार जण्या, इलियाजार तै मत्तान जण्या, मत्तान तै याकूब जण्या, 16 याकूब तै यूसुफ जण्या, जो मरियम का धणी था, अर मरियम तै यीशु जो मसीह कुह्वावै सै, जण्याI 17 इस तरियां अब्राहम तै दाऊद तैई चौदहा पीढ़ी होई, अर दाऊद तै बेबीलोन नै कैदी होकै खिन्दाये जाण तैई चौदाहा पीढ़ी, अर कैदी होकै बेबीलोन नै खिन्दाए जाण कै बख्त तै मसीह तैई चौदाहा पीढ़ी होई I
मसीह का जन्म
(लूका1:26-38;2:1-7)
18 यीशु मसीह का जन्म इस तरियां होया, कै जिब्ब उसकी माँ मरियम कि सगाई यूसुफ कै गैल होग्यी, तो उनकै मिलण तै पैहल्या ए वा पवित्र आत्मा की ओड़ तै गर्भवती पायी गयीI 19 इस करकै उसकै धणी नै जो धर्मी था उसनै बदनाम नी करना चाहवै था उस ताही चुपके तै छोड़ण का बिचार करयाI 20 जिब्ब वो इन बातां नै सोचै ए था कै प्रभु का सुर्गदूत उसनै सपनै म्ह आकै कहण लाग्या, “हे यूसुफ! दाऊद की ऊलाद, तू आपणी बीरबान्नी मरियम नै अपणे याड़ै ल्याण तै ना डर, क्यूँके जो उसकी कोख म्ह सै, वो पवित्र आत्मा की वोड़ तै सैI 21 वो बेट्टा जाम्यैगी अर तू उसका नाम यीशु धरिये, क्यूँके वो अपणे माणसां का उनकै पाप तै उद्धार करैगाI” 22 यो सारा इस खात्तर होया के जो वचन प्रभु नै नब्बी कै जरिये कह्या था, वो पूरा: हो 23 “देक्खो एक कुँवरी गर्भवती होगी अर एक छोरा जण्येगी, अर उसका नाम इम्मानुएल धरया जावैगा,” जिसका मतलब सै-पणमेशर म्हारै गैल सैI 24 फेर यूसुफ नीद तै जाग कै प्रभु कै दूत के हुक्म कै मुताबिक अपणी बीरबान्नी नै आपणे याड़ै ले आया; 25 अर जिब्ब ताही उसनै छोरा ना जण्या जिब्ब तक वो उसकै धोरै न्ही ग्या: अर उसनै उसका नाम यीशु धरयाI
2ज्योतिषिया का आणा
1 हेरोदेस राजा कै दिनां म्ह जिब्ब यहूदिया के बैतलहम म्ह यीशु का जन्म होया, तो पूरब तै कई ज्योतिषी यरुशलेम म्ह आकै बुझ्झण लाग्गे, 2 यहूदिया का राजा जिसका जन्म होया सै, वो कीत्त सै? हमनै पूरब म्ह उसका तारा देख्या सै अर उसनै नमस्कार कह्ण आये सांI” 3 यो सुणकै हेरोदेस राजा अर उसकै गैल सारा यरुशलेम डर ग्याI 4 फेर उसनै माणसां के सारे प्रधान याजकां अर शास्त्रीयां नै कठ्ठा करकै उनतै बुझ्झया, “मसीह का जन्म कीत्त होणा चाहिये?” 5 उन्नै उस ताही कह्या, “यहूदिया के बैतलहम म्ह, क्यूँके नब्बियां कै जरिये यो ए लिख्या गया सै: 6 “है बैतलहम, तू जो यहूदा कै परदेस म्ह सै, तू किसे भी ढाळ तै यहूदा कै अधिकारियां म्ह सारा तै छोट्टा कोन्या; क्यूँके तेरै म्ह तै एक राजकुमार लिकड़ैगा, जो मेरी प्रजा इस्राएल की रुखाली करैगाI” 7 फेर हेरोदेस नै ज्योतिषिया ताही लुह्क्मा बुलाकै उनतै बुझ्झया के तारा ठीक किस बख्त दिख्या था, 8 अर उसनै यो कह्कै उन ताही बैतलहम भेज्झा, “जावो, उस बाळक कै बारें म्ह ठीक-ठाक बेरा पाड़ो, अर जिब्ब वो मिल ज्या तो मन्नै खबर द्यो ताके मै भी आण कै उसनै नमस्कार करूँI” 9 वे राजा की बात सुण कै चले गए, अर जो तारा उन्नै पूरब म्ह देख्या था वो उनकै आग्गै-आग्गै चाल्या; अर जड़ै बाळक था, उस जंगहां कै ऊपर जाकै रुक ग्याI 10 उस तारै नै देखकै वे घणे आनन्दित होएI 11 उन्नै उस घर म्ह जाकै उस बाळक नै उसकी माँ मरियम कै गैल देख्या, अर मोध्धे मुँह गिरकै बाळक ताही नमस्कार करया, अर अपणा-अपणा झोळा खोल कै उस ताही सोन्ना, लोबान, अर गन्धरस की भेट चढ़ाईI 12 फेर सपनै म्ह या चेतावनी पाकै के हेरोदेस कै धोरै फेर ना जाइये, वे दूसरें राह म्ह तै अपणे देश म्ह चले ग्येI
मिस्र देश म्ह जाणा
13 उन कै चले जाण कै बाद प्रभु कै एक दूत नै सपनै म्ह आकै यूसुफ तै कह्या, “उठ, उस बाळक नै अर उसकी माँ नै लेकै मिस्र देश म्ह भाग ज्या; अर जिब्ब ताही मै तेरै तै ना कहूँ, जिब्ब ताही ओड़ै ए रहिये; क्यूँके हेरोदेस इस बाळक नै टोह्कै उस ताही मरवा देI”/ (उसनै मरवाना चाहवै सै ) 14 फेर वो रात नै ए उठकै बाळक अर उसकी माँ नै लेकै मिस्र नै चाल पड्या, 15 अर हेरोदेस कै मरण तक ओड़ै रह्याI इस करकै के वो वचन जो प्रभु नै नब्बी कै जरिये कह्या था पूरा हो: “मन्नै अपनै बेटै ताही मिस्र तै बुलायाI”(मन्नै आपणे बेट्टा मिस्र तै बुलाया ) 16 जिब्ब हेरोदेस नै यो देख्या, के ज्योतिषिया नै उसकै गैल धोखा करया सै, फेर वो छोह म्ह भर ग्या, अर माणसां नै भेजकै ज्योतिषिया कै जरिये ठीक-ठाक बताये होड़ बख्त कै मुताबिक बैतलहम अर उसकै लोवै-धोवै की जंगहांया के सारे छोरे जो दो साल के या उसतै छोट्टे थे, मरवा दिएI 17 फेर जो वचन यिर्मयाह नब्बी कै जरिये कह्या ग्या था, वो पूरा होया: 18 “रामाह म्ह एक रोण की आवाज सुणाई देई, रोणा अर घणाए बिलाप; राहेल अपणे बाळकां कै खात्तर रोवै थी, अर चुप न्ही रहणा चाहवै थी, क्यूँके वे इब न्ही रहे |”
मिस्र देश तै आणा
19 हेरोदेस कै मरण कै पाच्छै, प्रभु कै दूत नै मिस्र म्ह यूसुफ ताही सपनै म्ह बोल्या, 20 “उठ, बाळक अर उसकी माँ ने लेकै इस्राएल कै देश म्ह चल्या ज्या, क्यूँके जो बाळक नै मारणा चाहवै थे, वे मर लिये सैI” 21 वो उठ्या, अर बाळक और उसकी माँ नै गेल्या लेकै इस्राएल देश म्ह आयाI 22 पर या सुणकै के अरखिलाउस अपणे पिता हेरोदेस की जगहां यहूदियां पै राज करै सै, ओड़ै जाण तै डरयाI फेर सपनै म्ह पणमेशर की चेतावनी पाकै गलील परदेश म्ह चल्या गया, 23 अर नासरत नाम कै नगर म्ह जा बस्या, ताके वो वचन पूरा हो, जो नब्बियां कै जरिये कह्या गया था: वो नासरी कुह्वावैगाI”
3यूहन्ना बपतिस्मा देण आळा
(मरकुस 1:1-8, लूका 3:1-18; यूहन्ना 1:6-8, 15-34)
1 उन दिनां म्ह यूहन्ना बपतिस्मा देण आळा आकै यो प्रचार करण लाग्या: 2 “मन बदल ल्यो, क्यूँके स्वर्ग का राज धोरै आ लिया सैI” 3 यो वो ए सै जिसका जिक्र यशायाह नब्बी कै जरिये करया गया: “बण म्ह तै ए कोए रुक्का देवै सै, के प्रभु का राह तैयार करो अर उसकी सड़क सीधी करोI” 4 यूहन्ना जो था ऊट के चमडै के लत्ते पहरणीया अर अपनी कड्ड म्ह चमड़ै की पेट्टी-बान्धन आळा थाI उसका खाणपान टिड्डी अर शहद थाI 5 फेर यरुशलेम अर सारे यहूदी, यरदन कै लोवै-धोवै की सारी ज्घायां के माणस उसकै धोरै आग्येI 6 उण सारया नै अपने-अपने पापां ताहि (पापां नै) मान कै यरदन नदी म्ह उसतै बपतिस्मा ले लिया। 7 जिब्ब उसनै घणे सारै फरीसिया अर सदूकिया ताही अपने धोरै बपतिस्मा लेण खात्तर आंदे देख्या, तो बोल्या, “हे साँप के सप्पोलों, थारै ताही किसनै बता दिया कै पणमेशवर के आण आळे छोह तै भाग्गो? 8 इस खात्तर मन बदल कै पणमेशवर कै छोह तै बच जावो; 9 अर अपणै-अपणै मन म्ह या ना सोच्चों की म्हारा पिता अब्राहम सै, क्योंके मै थमनै कहू सूं के पणमेशर इन पत्थरां म्ह तै भी अब्राहम खात्तर ऊलाद जण सकै सै। 10 इब कुहाडा दरख्ता की जड पै धरया सै इस खात्तर जो-जो दरख़्त आच्छे फल न्ही ल्यांदे, वो काट्या अर आग म्ह झोंक्या जावै सै। 11 “मै तो थमनै पाणी तै मन बदलण का बपतिस्मा देँऊसूं, पर जो मेरै पाच्छै आवैगा, वो मैरे तै भी घणा ताकतवर /(सामर्थी) होगा; मै उसकी जूती ठाण जोग्गा भी कोनी। वो थमनै पवित्र आत्मा अर आग तै बपतिस्मा देवैगाI 12 उसका सूप उसके हाथ म्ह सै, वो अपणा खेत आच्छी तरिया साफ करेगा, अर आपणे गेहूंआ नै आपणे खत्तां/कुठ्ला म्ह कठ्ठा करैगां, पर घास/ (भूसी) नै आग म्ह जलावैगा जो कदे बूझै कोणी।”
यूहन्ना के जरिये यीशु का बपतिस्मा
मरकुस 1:9-11; लूका 3:21,22; यूहन्ना 1:31-34)
13 उस बख्त यीशु गलील तै यरदन कै क्न्ठारे यूहन्ना कै धोरै उसतै बपतिस्मा लेण आया। 14 पर या कहकै यहून्ना उसनै रोक्कण लाग्या, कै मन्नै तो तेरै हाथ तै बपतिस्मा लेण की जरूरत सै, अर तू मेरै धोरै आया सै?” 15 यीशु नै उसते जवाब दिया, कै इब तो यो ऐ होण दे, क्यों कै हमनै इस्से तरिया तै सारी धार्मिकता पूरी करना सई सै।” जिब्ब उसणै उसकी बात मान ली। 16 अर यीशु बपतिस्मा लेकै जिब्ब पाणी तै ऊप्पर आया, अर देख्या उसकै खात्तर अकास खुल ग्या, अर उसणै पणमेशवर की आत्मा ताहि कबूतर कै जिसा उतरते अर अपणे ऊपर आंदे देख्या। 17 अर देक्खो, या अकास म्ह तै आवाज /(आकाशवाणी) आयी: “कै यो मेरा प्यारा बेटा सै, जिसतै मै भोत घन्ना राज्जी सु।”
4यीशु का इम्तान
(मरकुस 1:12-13; लूका 4:1-13)
1 फेर आत्मा यीशु नै बण म्ह ले ग्या ताके इबलीस तै उसका इम्तान होI 2 वो चालीस दिन अर चालीस रात, बिना खाए पिए रह्या, फेर उसनै भूख लाग्गीI 3 फेर परखण आळये नै धोरै आण कै उस ताही कह्या, “जै तू पणमेशर का बेट्टा सै, तो कह दे, के ये पत्थर रोटी बण जावैI” 4 यीशु नै जवाब दिया: “लिख्या सै, ‘माणस सिर्फ रोटी तै ए न्ही , पर हरेक वचन तै जो पणमेशर कै मुँह तै लिकड़ै सै, जिन्दा रह्वैगाI” 5 फेर इबलीस उसनै पवित्र नगर म्ह लेग्या अर मंदर की गुमटी पै खड्या करया; 6 अर उसतै बोल्या, “जै तू पणमेशर का बेट्टा सै, तो आपणे आपनै तळै गेर दे;क्यूँके लिख्या सै: “वो तेरै बारे म्ह आपणे फरिश्ता नै हुक्म देगा, अर वे तन्नै हाथों हाथ उठा लेंगे कदे इसा ना हो के तेरै पैरां म्ह पत्थर तै ठेस लाग्गैI” 7 यीशु नै उसतै कह्या,यो भी लिख्या: सै ‘तू आपणे प्रभु पणमेशर का इम्तान ना लेI” 8 फेर इबलीस उसनै घणे ऊँचे पाहड़ पै ले ग्या अर सारि दुनियां का राज अर उसका वैभव दिखाकै 9 उसतै बोल्या, “जै तू झूककै नै मन्नै नमस्कार करै, तो मै सारा किम्मे तन्नै दे द्यूंगाI” 10 फेर यीशु उसतै बोल्या, “हे शैतान दूर हो ज्या, लिख्या सै: तू प्रभु आपणे पणमेशर नै नमस्कार कर, अर सिर्फ उस्से की भक्ति करया करI 11 फेर शैतान उसकै धोरै तै चल्या ग्या, अर देख्ये, सुर्गदूत आण कै उसकी सेवा करण लाग्गेI
यीशु के जरिये सेवा करण कि शरुआत
(मरकुस 1:14,15; लूका 4:14-15,31)
12 जिब्ब उसनै न्यू सुण्या के यूहन्ना कैदी बणा लिया सै, तो वो गलील म्ह चल्या ग्याI 13 अर वो नासरत नै छोड़कै कफरनहूम म्ह, जो झील कै कन्ठारे जबूलून अर नप्ताली कै देश म्ह ज्याकै रहण लाग्या; 14 ताके जो यशायाह नब्बी कै जरिये कह्या गया था, वो पूरा हो: 15 अर जबूलून नप्ताली कै देश, झील कै रास्तै यरदन पार, गेरजातियां का गलील- 16 जो माणस अंधेरै म्ह बैठ्ये थे,उन्नै बड्डा चान्दणा देख्या; अर जो मौत के देश अर छाया म्ह बैठ्ये थे, उण पै चान्दणा चमक्याI” 17 उस टैम तै यीशु नै प्रचार करना अर कहणा शरु करया, मन फिरावो क्यूँके सुर्ग का राज धोरै आया सैI” 18 गलील की झील कै कण्ठारै घुमदे होए उसनै दो भाईयाँ ताही शमौन जो पतरस कुह्वावै सै, अर उसके भाई अन्द्रियास ताही झील म्ह जाळ गेरते देख्या; क्यूँके वो मछवारे थेI 19 यीशु नै उन्हतै कह्या, “मेरै पाच्छै हो ल्यो, तो मै थमनै माणसां का पकड़ण आळा बणाऊँगाI” 20 वे जिब्बे जाळां नै छोड़कै उसकै पाच्छै हो लियेI 21 ओड़ तै आगै चाल कै, यीशु नै दो और भाईयाँ ताही यानी जब्दी के बेट्टे याकूब अर उसकै भाई युहन्ना ताही देख्याI वे आपणे पिता जब्दी कै गैल किस्ती पै आपणे जाळां नै सुल्झाण लाग रह्ये थेI उसनै उन ताही भी बुला लियाI 22 वे जिब्बे नाव अर आपणे बाब्बू नै छोड़ कै उसकै पाच्छै हो लिये 23 यीशु सारै गलील म्ह फिरता होया उन कै मन्दरां म्ह उपदेश सुणान्दा, अर राज्य का सुसमाचार सुणादा अर माणसां की हरेक ढाळ की बीमारी अर कमजोरियां नै दूर करता रह्याI 24 अर सारै सीरिया देश म्ह उसका यश फैल ग्या; अर माणस सारे बिमारां नै, जो कई ढाळ की बिमारियां अर दुखां नै जकड़े होए थे, जिन्ह म्ह भूंडी आत्मा थी, अर मिर्घी आळे अर लकवै के रोगी नै उसकै धोरै ल्याऐ उसनै उन ताही ठीक करयाI 25 गलील अर दिकापुलिस, यरुशलेम, यहूदी अर यरदन नदी कै पार तै भीड़ की भीड़ उसकै पाच्छै हो ली
5यीशु का पहाड़ी उपदेश
1 वो उस भीड़ नै देखकै पाहाड़ पै चढ़ ग्या, अर जब बैठ ग्या तो उसके चेल्ये उसकै धोरै आए। 2 अर वो आपणी ऊँची आवाज म्ह उन्नै यो उपदेश देण लाग्या:
धन्य वचन
(लूका 6:20-23)
3 “धन्य सै वे, जो मन तै दीन (भोळे) सै, क्यूँके सुर्ग का राज उन्नै का सै। 4 “धन्य सै वे, जो शोक करै सै, क्यूँके वे शांति पावैगें। 5 “धन्य सै वे, जो नर्म सै, क्यूँके वे धरती के हकदार होंगे। 6 “धन्य सै वे, जो धार्मिकता के भूंखे अर तिशाए सै, क्यूँके वे छिकाए ज्यावैगें। 7 “धन्य सै वे, जो दया करण आळे सै, क्यूँके उन पै दया करी ज्यागी। 8 “धन्य सै वे, जिनके मन शुध्द सै, क्यूँके वे पणमेशर नै देखैगें। 9 “धन्य सै वे, जो मेल कराण आळे सै, क्यूँके वे पणमेशर के बेट्टें कुह्वावैगें। 10 “धन्य सै वे, जो धार्मिकता के कारण सताए जावै सै, क्यूँके सुर्ग का राज उन्ने का सै। 11 धन्य सों थम, जिब्ब माणस मेरै कारण थारी बुराई करै सतावै अर झूठ बोल- बोल कै थारै बिरोध म्ह सारी तरियां की ओच्छी बात कहवै। 12 फेर खुश अर मग्न होइयो, क्यूँके थारै खात्तर सुर्ग म्ह बड्डा फळ सै। इस करकै के उन्नै उन नब्बियां तै जो थारै तै पह्ल्या थे इस्से ढाळ सताया था।
नमक अर चान्दणा
(मरकुस 9:50;लूका 14:34,35)
13 “थम धरती के नूण सों; पर जै नूण का स्वाद खराब होज्या, तो वो किस चीज तै नमकीन करैया ज्यागा? फेर वो किस्से काम का न्ही , सिर्फ इसकै के बाहर फेंक्या ज्या अर माणसां के पैरां तळै चिकल्या ज्या। 14 थम दुनिया का चाँदणा सो। जो नगर पहाड़ पै बस रह्या सै वो लुह्क न्ही सकदा। 15 अर माणस दीवा जळा कै पैमाने कै तळै न्ही पर दीवट/टान्ड्डी पे धरै सै, फेर उसतै घर के सारे माणसां ताही चान्दणा ज्या सै। 16 उस्से तरियां थारा चान्दणा माणसां के स्याम्ही चमकै के वे थारै भले कामां नै देखकै थारै पिता की, जो सुर्ग म्ह सै बड़ाई करै।
नियम की शिक्षा
17 “या ना समझो, के मैं नियम कायदा या नब्बियां की किताबां नै मिटाण आया सूं, मिटाण न्ही , पर पूरा करण आया सूं। 18 क्यूँके मैं थमनै सच कहूँ सूं, के जब ताही अकास अर धरती टळ न्ही जावै, जद ताही नियम कायदा तै एक मात्रा या एक बिन्दु भी बिना पूरा होए न्ही टळैगा। 19 इस करकै जो कोए इन छोटे तै छोटे हुक्म म्ह तै किसे एक नै तोड़ै, अर उसाए माणसां नै सिखावै, वो सुर्ग के राज्य म्ह सारा तै छोटा कुह्वावैगा; पर जो कोए उन हुक्मां पै चाल्यैगा अर उन्नै सिखावैगा, वो ए सुर्ग राज्य म्ह महान् कुह्वावैगा। 20 क्यूँके मैं थमनै कहूँ सूं, के जै थारी धार्मिकता शास्त्रियां अर फरिसियां की धार्मिकता तै बढ़कै न्ही हो, तो थम सुर्ग के राज्य म्ह कदे बड न्ही पावोगें।
छोह अर हत्या
21 “थमनै सुण्या होगा, के पैहल्ड़े माणसां तै कह्या, गया् था के ‘खून ना करियो’, अर ‘जो कोए खून करैगा वो कच्हेडी म्ह दण्ड के लायक होगा।’ 22 पर मैं थमनै या कहूँ सूं, के जो कोए आपणे भाई पे गुस्सा करैगा, वो कच्हेडी म्ह दण्ड के लायक होगा, अर जो कोए आपणे भाई नै निकम्मा कहवैगा वो बड्डी पंचायत म्ह दण्ड के लायक होगा; अर जो कोए कहवै ‘अरै बेकूफ’ वो नरक की आग के दण्ड के लायक होगा। 23 इस करकै जै तू आपणा चढ़ावा मंढही पै ल्यावै, अर ओड़ै तू याद करै, के तेरै भाई के मन म्ह तेरै खात्तर किमे बिरोध सै, 24 तो तू आपणा चढ़ावा ओड़ै ए मंढही कै स्याम्ही छोड़ दे, अर ज्याकै आपणे भाई तै मेल मिलाप कर अर फेर आकै आपणा चढ़ावा चढ़ा। 25 जिब्ब ताही तू आपणे बैरी/मुद्दई के गैल्या रास्तै म्ह ए सै, उसतै तुरता फुर्ती/ जिब्बे मेल मिलाप करले कदे इसा ना हो के बैरी तन्नै अधिकारी के हवालै, अर अधिकारी तन्नै सिपाही के हवालै कर दे, अर तू जेळ म्ह गेर दिया ज्यावै। 26 मैं तन्नै सच कहूँ सूं के जिब्ब ताही तू कौड़ी-कौड़ी/पाई-पाई न्ही भरदे जद ताही ओड़ै तै छुटण न्ही पावैगा।
जारी
27 “थमनै सुण्या होगा के कह्या गया था, ‘जारी ना करियो।’ 28 पर मै थमनै न्यू कहूँ सू, के जो कोए किसे लुगाई पै भुंडी निगांह गेरै वो अपणै मन म्ह उस तै जारी करग्या। 29 जै तेरी सोळी आँख तन्नै ठोक्कर खुवावै, तो उसनै लिकाड़ के फेंक दे; क्यूँके तेरै खात्तर यो ए ठीक सै के तेरै अंगां म्ह तै एक नाश हो ज्या अर तेरी सारी देही नरक म्ह गेरी ज्यावै। 30 जै तेरा सोळा हाथ तन्नै ठोक्कर खवावै, तो उसनै काट के फेंक दे; क्यूँके तेरै खात्तर यो ए आच्छा सै के अंगां म्ह तै एक नाश हो ज्यावै अर तेरी सारी देही नरक म्ह न्ही गेरी ज्यावै।
तलाक
(मत्ती 19:9;11,12;लूका 16:18)
31 यो भी कह्या गया था, ‘जो कोए आपणी बीरबान्नी नै तलाक देणा चाहवै, तो उसनै तलाक नामा दे।’ 32 पर मैं थारै तै यो कहूँ सूं के जो कोए आपणी बीरबान्नी नै जारी कै सिवा किसे और कारण तै तलाक दे, तो वो उसतै जारी करवावै सै; अर जो कोए उस छोड़ी होड़ी तै ब्याह करै; वो जारी करै सै।
सूहं
33 “फेर थमनै सुण्या होगा के पैहल्ड़े माणसां तै कह्या गया था, ‘झूठी सूहं ना खाइये, पर प्रभु के खात्तर आपणी सूहं नै पूरी करिये। 34 पर मैं थमनै या कहूँ सूं के कदे सूहं ना खाइये; ना तो सुर्ग की, क्यूँके वो पणमेशर का सिंहासन सै; 35 ना धरती की, क्यूँके वा उसकै पैरां की पिड्ढी सैं; ना यरुशलेम की, क्यूँके वो महाराजा का नगर सै। 36 आपणे सिर की भी सूहं ना खाइये क्यूँके तू एक बाळ नै भी ना धोळा, ना काळा कर सकै सै । 37 पर थारी बात ‘हाँ, की ‘हाँ,’ या ‘ना’ की ‘ना’ हो; क्यूँके जो किमे इसतै घणा होवै सै वो बुराई तै होवै सै।
बदला
(लूका 6:29,30)
38 “थमनै सुण्या होगा के कह्या था, ‘आँख कै बदलै आँख, अर दान्द कै बदलै दान्द ।’ 39 पर मै थमनै कहूँ सूं के भुंडै का सामना ना करियो; पर जो कोए तेरै सोळै गाल पै थप्पड़ मारै उस कान्नी दूसरा भी फेर दे। 40 जै कोए तेरै पे दाब देकै तेरा कुड़ता लेंणा चाहवै, तो उसनै चादरा/अंगोच्छा भी लेण दे। 41 जो कोए तन्नै एक कोस मुफ्त म्ह ले ज्यावै, तो उसकै गैल्या दो कोस चल्या ज्या। 42 जो कोए तेरै तै माँगै, उसणै दे; अर जो कोए तेरै तै उधार लेंणा चाहवै, उसतै मुँह ना मोड़। 43 “थमनै सुण लिया सै के कह्या था, ‘आपणे पड़ोसी तै प्रेम राखिये, अर आपणे बैरी तै बैर।’ 44 पर मै थमनै कहूँ सूं के आपणे बैरियां तै प्रेम राख्यो अर आपणे सतावण आळे के खात्तर प्रार्थना करो, 45 जिसतै थम आपणे सुर्गीय पिता की ऊलाद मान्ये जावोगे। क्यूँके वो भलै अर बुरै दोनुआ पै आपणा सूरज उगाया करै सै, अर धर्मी अर अधर्मी दोनुआ पै मिह बरसावै सै। 46 क्यूँके जै थम आपणे प्रेम करण आळा तै ए प्रेम राख्यो, तो थारै खात्तर के ईनाम होगा? के चुंगी लेण आळे भी इसाए न्ही करते? 47 “जै थम आपणे भाइयां ने ए नमस्कार करो, तो कौण्सा बड्डा काम करो सों? के गैरजात के भी इसा न्ही करदे? 48 इस करकै चाहिए के थम सिध्द बणो, जिसा थारा सुर्गीय पिता सिध्द सै।
6दान
1 “चौक्कस रहो थम माणसां नै दिखाण कै खात्तर आपणे धर्म के काम ना करो, न्ही तो आपणे सुर्गीय पिता तै किमे भी ईनाम न्ही पावोगे। 2 “इस करकै जिब्ब तू दान करै, तो आपणे आगै बीण/तुरही ना बजवावै, जिसा कपटी, पंचायतां अर गलियां म्ह करै सै, ताके माणस उनकी बड़ाई करै। मैं थारै ताही साच्ची कहूँ सूं के उन्नै आपणा ईनाम पा लिया। 3 पर जिब्ब तू दान करै, तो जो तेरा सोळा हाथ करै सै, उसनै तेरा ओळा हाथ न्ही जाणन पावै। 4 ताके तेरा दान छिप्या रहवै, अर जिब्ब तेरा पिता जो छिपकै देख्यै सै, तन्नै ईनाम देगा।
प्रार्थना
(लूका 11:2-4)
5 “जिब्ब तू प्रार्थना करै, तो कपटियां के तरियां न्ही हो, क्यूँके माणसां नै दिखाण खात्तर आराधनालयां म्ह अर सडकां कै मोड़ां पै खड्ये हो कै प्रार्थना करणा उन्नै आच्छा लाग्गै सै। मैं थमनै साच्ची कहूँ सूं के उन्नै आपणा ईनाम पा लिया। 6 पर जिब्ब तू प्रार्थना करै, तो आपणी कोठड़ी म्ह जा; अर किवाड़ बंद करकै आपणे पिता तै जो गुप्त म्ह सै प्रार्थना कर। जद तेरा पिता जो लुह्क कै देखै सै, तन्नै ईनाम देगा। 7 प्रार्थना करदे टैम गैरजातां की तरियां बडबडाइये ना, क्यूँके वे समझै सै के उनकै घने बोळण तै उनकी सुणी जावैगी 8 इस करकै थम उनकी तरियां ना बणो, क्यूँके थारा पिता थारै माँगण तै पैहल्या ए जाणै सै के थारी के-के जरूत सै। 9 “इस करकै थम इस तरिया तै प्रार्थना करया करो: ‘हे म्हारे पिता, तू जो सुर्ग म्ह सै; तेरा नाम पवित्र मान्या जावै। 10 ‘तेरा राज आवै। तेरी मर्जी जिसी सुर्ग म्ह पूरी होवै सै, उसी धरती पै भी हो। 11 ‘म्हारी दिन भर की रोटी आज हमनै दे। 12 ‘अर जिस तरियां हमनै आपणे कसूरवारां ताही माफ करैया सै, उस्से तरियां तू भी म्हारे कसूरां नै माफ कर। 13 ‘अर म्हारा हिम्तान ना लेवै, पर बुराई तै बचा; (क्यूँके राज्य, वीरता अर मान हमेशा तेरे ए सै।’ आमीन।) 14 “इस करकै जै थम माणसां के कसूर माफ करोगे, तो थारा सुर्गीय पिता भी थमनै माफ करैगा। 15 अर जै थम माणस के कसूरा नै माफ न्ही करोगे, तो थारा पिता भी थारे कसूर माफ न्ही करैगा।
उपवास
16 “जिब्ब थम ब्रत करो, तो कपटियां की तरियां थारै मुँह पै उदासी छाई ना रहवै, क्यूँके वे आपणा मुँह बनाई राख्यै सै, ताके माणस उन्नै ब्रती जाणै। मैं थमनै साच्ची कहूँ सूं के वे आपणा ईनाम पा चुके। 17 पर जिब्ब तू ब्रत करै तो आपणे सिर पे तेल लगा अर मुँह धो, 18 ताके के माणस न्ही पर तेरा पिता जो गुप्त म्ह सै, तन्नै ब्रती जाणै। इस हालत म्ह तेरा पिता जो गुप्त म्ह देख्ये सै, तन्नै ईनाम देगा।
सुर्गीय धन
(लूका 12:33-34)
19 “आपणे खात्तर धरती पे धन कठ्ठा ना करो, जड़ै कीड़ा अर काई नाश करै सै, अर जड़ै चोर सेंध लगावै अर चोरै सै। 20 पर आपणे खात्तर सुर्ग म्ह धन कठ्ठा करो, जड़ै ना तो कीड़ा अर ना काई नाश करै सै, अर जड़ै चोर ना सेंध/पाड़ लगावै अर चोरै सै। 21 क्यूँके जड़ै तेरा धन सै उड़ै तेरा मन भी लाग्या रवैगा।
देह कि ज्योति
(लूका 11:34-36)
22 “देही का दिवा आँख सै इस करकै जै तेरी निगांह आच्छी सै, तो तेरी सारी देही भी उजाळा होगा। 23 पर जै तेरी निगांह औपरी हो, तो तेरी सारी देही म्ह भी अन्धेरा होगा; इस कारण जो वो चाँदणा तेरै म्ह सै जै अन्धेरा हो तो वो अन्धेरा कितना बड्डा होगा!
पणमेशर अर धन
(लूका 16:13;12:22-31)
24 “कोए माणस दो मालिकां की सेवा न्ही कर सकदा, क्यूँके वो एक तै बैर अर दूसरे तै मोह राख्यैगा, या एक तै मिल्या रहवैगा अर दूसरे नै छोटा जाणैगा। थम पणमेशर अर धन दोनूआ की सेवा न्ही कर सकदे। 25 इस करकै मैं थारै तै कहूँ सूं के आपणे प्राण/जान के खात्तर या चिंता न्ही करियो के हम के खावाँगें अर के पीवागें, अर ना आपणे देही के खात्तर के पैहरागें। के प्राण/जान खाणै तै, अर देही लत्यां तै बढकै कोन्या? 26 अकास के पंछिया नै देख्यो! वे ना बोवै सै, ना काटै सै, अर ना खेतां म्ह कठ्ठा करै सै ; फेर भी थारा सुर्गीय पिता उन ताही खुवावै सै। के थम उनतै घणे कीमती कोनी 27 थारै म्ह कौण सै, जो चिंता करकै आपणी उम्र म्ह एक घड़ी भी बढ़ा सकै सै? 28 “अर लत्यां के खात्तर क्यों चिंता करो सों? जंगली सोशन पै ध्यान करो के वे किस तरियां बढ़ै सै ; वे ना तो मेहनत करै सै, ना काटै सै। 29 तो भी मैं थारे तै कहूँ सूं के सुलैमान भी, आपणे सारे अ-सों आराम म्ह उन म्ह तै किस्से के तरियां लत्ते पैहरे होए कोनी था। 30 इस करकै जिब्ब पणमेशर मदान की घास नै, जो आज सै अर कल भाड़ म्ह झोंकी ज्यागी, इस्से लत्ते पैहरावै सै, तो हे कमजोर बिश्वासियो, थारै ताही वो इन तै बढ़ के क्यों न्ही पैहरावैगा? 31 “इस करकै थम चिंता कर कै न्यू ना कहियो के हम के खावाँगें, या के पीवागें, या के पैहरागें। 32 क्यूँके गैरजात इन सारी चीजां की टोह म्ह रहवै सै, पर थारा सुर्गीय पिता जाणै सै के थमनै इन सारी चीजां की जरूत सै। 33 इस करकै पैहल्या थम पणमेशर के राज्य अर उसके धर्म की खोज करो तो ये सारी चीज भी थमनै मिल ज्यांगी। 34 इस करकै कांल की चिंता ना करो, क्यों के कांल का दिन आपणी चिंता आप कर लेवैगा; आजकै खात्तर आज का ए दुःख भतेरा सै।
7दुसरां पै इल्जाम ना लावो
(लूका 6:37,38,41,42)
1 “इल्जाम ना लावो के थारै पै भी इल्जाम लाया जावैI 2 क्यूँके जिस तरियां थम इल्जाम लगावो सों, उसी तरियां थारै पे भी इल्जाम लगाया जावैगा; जिस नाप तै थम नापो सों, उस्से नाप तै थारै खात्तर भी नाप्या जावैगा। 3 “तू क्यों आपणे भाई की आँख कै तिन्कै नै देख्ये सै, अर आपणी आँख का लाक्क्ड तन्नै न्ही दिखदा? 4 जिब्ब तेरी ए आँख म्ह लाक्क्ड सै, तो तू आपणे भाई तै किस तरियां कहवै सै, ल्या मैं तेरी आँख तै तिन्का लिकाड़ द्यु?’ 5 हे कपटी, पैह्ल्या आपणी आँख म्ह तै लाक्क्ड लिकाड़ ले, फेर तू आपणे भाई की आँख का तिन्का आच्छी दाऊ देख के लिकाड़ सकैगा। 6 “पवित्र चीज कुत्या नै ना द्यो, अर आपणे मोती सूअरां के आगै ना गेरो; इसा न्ही हो के वे उन्नै पैरां तलै चिकलै अर उलटके थमनै पाड़ले।
माँगोगे, तो पावोगे
(लूका11:9-13)
7 “माँगोगे, तो थमनै दिया जावैगा; टोव्होगें तो थम पावोगे; खटखटावोगे, तो थारै खात्तर खोल्या ज्यागा। 8 क्यूँके जो कोए माँगै सै, उसनै मिलै सै; अर जो ढूंडै सै, वो पावै सै; अर जो खटखटावै सै, उसकै खात्तर खोल्या ज्यागा। 9 “थारै म्ह तै इसा कौण माणस सै, के जै उसका बेटा उसतै रोटी माँगै, तो वो उसनै पत्थर दे? 10 या मछली माँगै, तो उसनै साँप दे? 11 इस करकै जिब्ब थम बुरे होकै, आपणे बाळकां नै आच्छी चीज देणा जाणो सों, तो थारा सुर्गीय पिता आपणे माँगण आळां नै आच्छी चीज क्यों न्ही देवैगा? 12 इस कारण जो किमे थम चाहो सों के माणस थारै गैल्या करै, थम भी उसकै गैल्या उसा ए करो; क्यूँके कायदे-नियम अर नब्बियां की शिक्षा याए सै।
भिड़ा अर चौड़ा राह
(लूका 13:24)
13 “भीडै फाटक तै दाखल होवों, क्यूँके चौड़ा सै वो फाटक अर सीधा सै वो रास्ता जो नाश नै पुहच्यै सै; अर घणेए सै जो उसतै दाखल होवै सै। 14 क्यूँके भीड़ा सै वो फाटक अर मुश्किल सै वो राह जो जीवन नै पुह्चावै सै; अर थोड़े सै जो उसनै पावै सै। 15 “झूठे नब्बिया तै चौकस रहो, जो भेड्डा के भेष म्ह थारै धोरै आवै सै, पर भित्तर तै वे पाडण आळे भेड़िये सै। 16 उनकै फलां तै थम उनताही पिच्छाण ल्योगे। के माणस झाड़िया तै अंगूर, या झाड़ बोझड़े तै अंजीर तोड़ै सै? 17 इस तरियां हर एक आच्छा दरख्त आच्छा फळ ल्यावै सै अर निकम्मा दरख्त भुंडा फळ ल्यावै सै। 18 आच्छा दरख्त भुंडा फळ न्ही ल्या सकदा, अर ना निकम्मा दरख्त आच्छा फळ ल्या सकै सै। 19 जो-जो दरख्त आच्छा फळ न्ही ल्यान्दा, वो काट्या अर आग म्ह गैरया ज्या सै। 20 इस तरियां उनकै फलां तै थम उन्नै पिच्छाण ल्योगे। 21 “जो मेरै तै, ‘हे प्रभु! हे प्रभु! कहवै सै, उन म्ह तै हर एक सुर्ग के राज्य म्ह दाखल न्ही होगा, पर वोए जो मेरै सुर्गीय पिता की मर्जी पै चाल्यै सै। 22 उस दिन घणखरे-ए माणस मेरै तै कहवैगे, “हे प्रभु, हे प्रभु, के हमनै तेरै नाम भविष्यवाणी न्ही करी, के हमनै तेरै नाम तै औपरी आत्मायां ताही न्ही लिकाड्या, अर तेरै नाम तै घणेए अचम्भे के काम न्ही करे?’ 23 फेर मैं उनतै खुलकै कह द्युगा, “मन्नै थारै ताही कदे न्ही जाण्या। हे भुंडा/ओच्छे काम करण आळो, मेरै धोरै तै चल्ये जावो। 24 “इस करकै जो कोए मेरी ये बात सुणकै मान्नै सै, वो उस स्याणे माणस की तरियां होगा जिसनै आपणा घर चट्टान पै बनाया । 25 अर मिह बरसया, बाढ़ आयी, आंधी आई, अर उस घर तै टकराई, फेर भी वो कोनी गिरया, क्यूँके उसकी नीम चट्टान पै धरी ग्यी थी। 26 पर जो कोए मेरी ये बात सुण सै अर उनपै न्ही चाल्दा, वो उस बेकूफ माणस की तरियां सै, जिसनै आपणा घर बालूरेत पै बणाया। 27 अर मिह बरसया, बाढ़ आयी, आंधी चाल्यी, अर उस घर तै टकराई अर वो गिरकै सत्यानाश होग्या।” 28 जिब्ब यीशु नै ये बात कह ल्यी, तो इसा होया के भीड़ उसके उपदेश तै हेरान होग्यी, 29 क्यूँके वो उनकै शास्त्रीयां की तरियां न्ही पर अधिकारी की तरियां उन्नै उपदेश देवै था।
81 जिब्ब वो उस पहाड़ तै उतरा, तो एक बड्डी भीड़ उसके पाच्छै हो ल्यी। 2 अर देक्ख , एक कोढ़ी नै धोरै आकै उस ताही नमस्कार करैया अर कह्या, “हे प्रभु, जै तू चाहवै, तो मन्नै आच्छा कर सकै सै।” 3 यीशु नै हाथ बढ़ाकै उस ताही छुआ, अर कह्या, मैं चाहुँ सूं, तू आच्छा हो ज्या।” अर वो जिब्बे कोढ़ तै आच्छा होग्या। 4 यीशु नै उसतै कह्या, “देख किस्से तै ना कहिये, पर जाकै आपणे आप नै याजक ताही दिखा अर जो चढ़ावा मूसा नै बताया सै उसणै चढ़ा, ताके माणसां के खात्तर गवाही हो।” 5 जिब्ब वो कफरनहूम म्ह आया तो एक सूबेदार नै धोरै आके उसतै बिनती करी, 6 “हे प्रभु, मेरा नौक्कर लकवै के रोग तै घणा दुःखी होरया सै।” 7 उसनै उस ताही कह्या, “मैं आकै उसनै ठीक करूँगा।’’ 8 सूबेदार नै जवाब दिया, “हे प्रभु, मैं इस लायक कोनी के तू मेरी छात के तलै आवै, पर सिर्फ मुँह तै कहदे तो मेरा नौक्कर ठीक हो ज्यागा। 9 क्यूँके मैं भी गुलाम आदमी सूं, अर सिपाही मेरै अधीन सै। जिब्ब मैं एक तै कहूँ सूं, ‘जा!’ तो वो जावै सै; अर दूसरे तै, ‘आ’ तो वो आवै सै; अर जिब्ब आपणे नौक्कर तै कहूँ सूं, ‘यो कर।’ तो वो करै सै।” 10 यो सुण के यीशु कै अचम्भा होया, अर जो उसकै पाच्छै आवै थे उनतै कह्या, “मैं थमनै साच्ची कहूँ सूं के मन्नै इस्राइल म्ह भी इसा बिश्वास न्ही देख्या। 11 अर मैं थमनै कहूँ सूं के पूरब अर पश्चिम तै घणेए माणस आकै अब्राहम अर इसहाक अर याकूब के गैल्या सुर्ग के राज्य म्ह बैठोगे। 12 पर राज्य की ऊलाद बाहर अन्धेरे म्ह गेर दिये ज्यांगे: उड़ै रोणा अर दांत पीसना होगा। 13 जिब्ब यीशु नै सूबेदार तै कह्या, “जिसा तेरा बिश्वास सै, उसाए तेरै खात्तर होगा।” अर उसका नौक्कर उसै टैम ठीक होग्या। 14 यीशु जिब्ब पतरस के घरणै आया, तो उसनै उसकी सास ताही बुखार/ताप म्ह पड्या देख्या। 15 उसनै उसका हाथ पकड्या अर उसका बुखार/ताप उतर ग्या, अर वा उठकै उसकी खातर-दारी करण लागी। 16 जिब्ब साँझ होई फेर वो उसके धोरै घणेए माणसां नै ल्याए जिन म्ह औपरी आत्मा थी अर उसनै उन आत्मायां ताही आपणे वचन तै लिकाड़ दिया; अर सारे बिमारां ताही ठीक कर दिया। 17 ताके जो वचन यशायाह नब्बी के जरिए कह्या गया था वो पूरा हो: “उसनै खुद म्हारी कमजोरी ले ल्यी अर म्हारी बीमारी उठा ल्यी।” 18 यीशु नै जिब्ब आपणे चौगरदू एक भीड़ देख्यी तो झील के उस पार जाण का हुक्म दिया। 19 फेर एक शास्त्री नै धोरै आकै उसतै कह्या, “हे गुरु, जड़ै कित्ते तू जावैगा, मैं तेरै पाच्छै हो ल्युंगा।” 20 यीशु नै उसतै कह्या, “लोमड़ियां की घुरखाण अर अकास के पक्षियां के बसेरे हो सै; पर माणस के बेट्टै खात्तर सिर छिपाण की भी जगहा कोनी सै।” 21 एक और चेल्यै नै उसतै कह्या, “हे प्रभु, मन्नै पैहल्ये जाण दे के आपणे पिता ने दफना/दाब द्यु।” 22 यीशु नै उसतै कह्या, “तू मेरै गैल्या हो ले, अर मुर्दा नै मुर्दे दफनान/ दाबण दे।” 23 जिब्ब वो किस्ती पै चढ्या, तो उसके चेल्ये उसकै पाच्छै हो लिए। 24 अर देक्खो , झील म्ह एक इसा बड्डा अन्धोड़ उठ्या के किस्ती झाल्लां तै ढक्ण लाग्यी, अर वो सोण लाग रह्या था। 25 फेर चेल्यां नै धोरै आके उस ताही जगाया अर कह्या, “हे प्रभु, हमनै बचा, हम मरण आळे सां।” 26 उसनै उन ताही कह्या, “हे अल्पबिश्वासियों/कमजोर बिश्वासियो , क्यों डरो सों?” फेर उसनै उठकै आँधी अर पाणी ताही धमकाया, अर सारा थम ग्या। 27 अर वे अचम्भा करकै कहण लाग्ये, “यो किसा माणस सै के आँधी अर पाणी भी उसका हुक्म मानै सै।” 28 जिब्ब वो उस पार गदरेनियां के देश म्ह पुँह्चा, तो दो माणस जिन म्ह औपरी आत्मा थी कब्रां तै लिकड़ते होए उसनै मिले। वे इतनै डरावने थे के कोए उस रास्तै तै जा न्ही सकै था। 29 उन्नै रुक्का मारकै कह्या, “हे पणमेशर के बेट्टे, म्हारा तेरै तै के काम? के तू बखत तै पैहल्या हमनै दुःख देण आड़ै आया सै?” 30 उनतै थोड़ी सी दूर पे घणए सुअरां का टोळ चरन लाग रह्या था। 31 औपरी आत्मायां नै उसतै या कहकै बिनती करी के, “जै तू हमनै लिकाड़ै सै, तो सुअरां के टोळ म्ह खिन्दा दे। 32 उसनै उनउसनै उन ताही कह्या, “जाओ!” अर वे ज्या के सुअरां म्ह बैठग्यी अर देक्खो , सारा टोळ डौळै पै तै तिश्ळ कै पाणी म्ह ज्या पड्या, अर डूब मरां। ताही कह्या, “जावो!” अर वे ज्या के सुअरां म्ह बैठ ग्यी अर लखावो, सारा टोळ डौळै पै तै तिष्ल कै पाणी म्ह ज्या पड्या, अर डूब मरांI 33 उनकै पाळी भाज्ये, अर नगर म्ह ज्याकै ये सारी बात अर जिन म्ह औपरी आत्मा थी उनका सारा हाल कह सुनाया। 34 फेर सारे नगर के माणस यीशु तै फेटण नै लिक्ड़ाए, अर उस ताही देख के बिनती करी के म्हारी सीम तै बाहर चल्या ज्या।
91 फेर वो किस्ती म्ह चढ़कै पार गया, अर आपणे नगर म्ह आया। 2 अर देक्खो , कई माणस लकवे कै एक मरीज नै खाट पै लिटा के उसके धोरै ल्याए। यीशु नै उनका बिश्वास देखकै, उस लकवे के मरीज तै कह्या, “हे बेट्टे, धीर बाँध; तेरै पाप माफ होए।” 3 इस पै कई शास्त्रियां नै सोच्या, “यो तो पणमेशर की बुराई करै 4 यीशु नै उनकै मन की बात जाण के कह्या, “थम माणस आपणे-आपणे मन म्ह भुंडा बिचार क्यों करण लागरै सों? 5 सोक्खा के सै? यो कहणा, ‘तेरे पाप माफ होए’, या यो कहणा, ‘उठ अर चल फिर।’ 6 पर इस करकै के थम जाण ल्यो के माणस के बेटै नै धरती पे पाप माफ करण का हक सै। फेर उसनै लकवे के रोगी तै कह्या, “उठ, अपनी खाट उठा, अर आपणे घरां चल्या ज्या।” 7 वो उठकै आपणे घरा चल्या गया। 8 माणस यो देखके डरगे अर पणमेशर का गुणगान करन लाग्ये जिसनै माणस ताही इसा हक दिया सै। 9 ओड़ै तै आगै बढ़ के यीशु नै मत्ती नाम के एक आदमी ताही चुंगी की चौकी पे बैठ्या देख्या, अर उसतै कह्या, “मेरै पाच्छै हो ले।” वो उठकै उसकै पाच्छै हो लिया। 10 जिब्ब वो घर म्ह खाणा/रोटीजिम्मण खात्तर बैठे तो घणेए चुंगी लेण आळे अर पापी आकै यीशु अर उसकै चेल्या के गैल्या जिम्मण बैठे। 11 या देखकै फरीसिया नै उसकै चेल्या तै कह्या, “थारा गुरु चुंगी लेण आळे अर पापियां कै गैल्या क्यों खावै सै?” 12 या सुणकै यीशु नै उनतै कह्या, “वेद्ध आच्छे बिच्छयां खात्तर कोनी पर बिमारां खात्तर जरूरी सै। 13 इस करकै थम ज्या कै इसका मतलब सीख ल्यो: ‘मैं कुर्बानी न्ही पर दया चहुँ सूं।’ क्यूँके मैं धर्मियां नै न्ही , पर पापियां नै बुलाण आया सूं।” 14 फेर यूहन्ना कै चेल्या नै धोरै आणकै कह्या, “के कारण सै के हम अर फरीसी इतना ब्रत करा सां, पर तेरे चेल्ये ब्रत न्ही करदे?” 15 यीशु नै उनतै कह्या, “के बराती, जिब्ब ताही बंदडा उसके गैल्या सै, शोक कर सकै सै? पर वे दिन आवैगे जिब्ब बंदडा उनतै न्यारा करैया जावैगा, उस टेम वे ब्रत करैगें। 16 नये लत्या की थेग्ली पुराने लत्या पे कोए न्ही ल्गांदा, क्यूँके वो थेग्ली लत्ते तै और भी लत्ता खुस्का दे सै, अर वो और भी घणा पाट ज्या सै। 17 अर माणस नया अंगूर का रस पुरानी मश्क म्ह न्ही भरदे, क्यों के इसा करण तै मश्क पाट ज्या सै, अर अंगूर का रस खिंड ज्या सै, अर मश्क फुउट ज्या सै; पर नया अंगूर का रस नई मश्कां म्ह भरै सै अर वे दोनु बचे रहवै सै।” 18 वो उनतै ये बात कहण-ए लागरैया था, के देक्खो , एक सरदार नै आकै उस ताही नमस्कार करैया अर कह्या, “मेरी बेटी इब्बे मरी सै, पर चाल के आपणा हाथ उसपै धरै, तो वो जिन्दा हो ज्यागी।” 19 यीशु उठकै आपणे चेल्या समेत/सुधा उसके पाच्छै हो लियाI 20 अर देक्खो , एक बीरबानी नै जिसकै बारहा साल तै लहू बैहण की बीमारी थी, पाच्छै तै आकै उसकै लत्ते के हाथ भीड़ा दिया। 21 क्यूँके वा आपणे मन म्ह कहवै थी, “जै मैं उसके लत्ते कै ए हाथ लगा ल्युंगी तो ठीक हो ज्यांगी।” 22 यीशु नै घूम कै उस ताही देख्या अर कह्या, “बेटी धीर बाँध; तेरै बिश्वास नै तेरै ताही ठीक करैया सै।” आखर वा लुगाई उस्से बखत ठीक होगी। 23 जिब्ब यीशु उस सरदार के घर म्ह पुहचा अर बाँसली बजान आळे अर भीड़ नै रोळा मचांदे देख्या, 24 फेर कह्या, “हट जावो, छोरी मरी कोणी, पर सोवै सै।” इसपे वे उसका मखौल करण लाग्ये। 25 पर जिब्ब भीड़ लिकाड़ दी, तो उसनै भीतर ज्या के उस छोरी का हाथ पकड्या, अर वा जी उठी। 26 अर इस बात का जिक्र सारे देश म्ह फैल ग्या। 27 जिब्ब यीशु ओड़ै तै आगै बढ़ा, तो दो आंधे उसकै पाच्छै या कहन्दे होए चाल्ये, “हे दाऊद की ऊलाद, म्हारै पे दया कर!” 28 जिब्ब वो घर म्ह पुह्चा, तो वे आंधे उसके धोरै आये, अर यीशु नै उनतै कह्या, “के थमनै बिश्वास सै के मैं यो कर सकू सूं?” उन्नै उसतै कह्या, “हाँ प्रभु!” 29 फेर उसनै उनकी आँखां कै हाथ ल्गाकै कह्या, “थारै बिश्वास के मुताबिक थारै खात्तर हो।” 30 अर उनकी आँख खुल ग्यी। यीशु नै उनतै समझां के कह्या, “चौकस, कोए इस बात नै न्ही जाणै।” 31 पर उन्नै मिलकै सारे देश म्ह उसका नाम फैला दिया। 32 जिब्ब वे बारणे जाण लागरै थे, तो देक्खो , “माणस एक गूँगे नै जिस म्ह औपरी आत्मा थी, उसके धोरै ल्याए; 33 अर जिब्ब औपरी आत्मा लिकाड़ दी, तो गूँगा बोलण लाग्या। इस पै भीड़ नै अचम्भा करकै कह्या, “इस्राएल म्ह इसा कदे न्ही देख्या गया।” 34 पर फरीसियां नै कह्या, “यो तो औपरी आत्मायां के सरदार की मदद तै औपरी आत्मायां नै लिकाड़ै सै।” 35 यीशु सारे नगरा अर गाम्मा म्ह घुमदा रह्या अर उनके मंदरां म्ह उपदेश देंदा, अर राज्य की सुसमाचार का प्रचार करदा, अर हरेक तरियां की बीमारी अर कमजोरी नै दूर करदा रह्या। 36 जिब्ब उसनै भीड़ देखी तो उसनै माणसां पै तरस आया, क्यूँके वे उन भेड्या की ढाळ थे, जिनका कोए रुखाळी ना हो, बेचैन अर भटके होए से थेI 37 फेर उसनै आपणे चेल्या तै कह्या, “पके खेत तो घणे सै पर मजदूर थोड़े सै। 38 इस करकै खेत के मालिक तै बिनती करो के वो आपणे खेत काटण खात्तर मजदूर खिन्दा दे।”
101 फेर उसनै आपणे बारहा चेल्या नै धोरै बुलाके, उन्नै औपरी आत्मायां पै हक दिया के उन्नै लिकाड़ै अर सारी ढाळ की बिमारियां अर सारी ढाळ की कमजोरियां नै ठीक करै। 2 इन बारहा प्रेरितां के नाम ये सै: पह्ल्या शमौन, जो पतरस कुह्वावै सै, अर उसका भाई अन्द्रियास, जब्दी का बेट्टा याकूब, अर उसका भाई यूहन्ना; 3 फिलिप्पुस, अर बरतुल्मै, थोमा, अर चुंगी लेण आळा मत्ती, हलफई का बेटा याकूब, अर तद्दे, 4 शमौन कनानी, अर यहूदा इस्करियोती जिसनै वो पकड़वा भी दिया। 5 इन बारहां तै यीशु नै यो हुक्म देके खिन्दया: “गैरजातियां कान्नी ना ज्याइयो, अर सामरियां के किस्से नगर म्ह दाखल ना होइये। 6 पर इस्राएल के कुणबे की ए खुई होड़ी भेड्डा के धोरै जाइये। 7 अर चालते-चालते यो प्रचार करो: सुर्ग का राज्य धोरै आ ग्या। 8 बिमारां नै ठीक करो, मरै होए नै जीवाओ, कोढ़ियां नै शुध्द करो, औपरी आत्मायां नै लिकाड़ो। थमनै मुफत लिया सै मुफत द्यो। 9 आपणे अंगोछां म्ह ना तो सोन्ना, अर ना चाँदी, अर ना ताम्बा राखियो; 10 रास्ते खात्तर ना झोळी लियो, ना दो कुड़ते, ना जुत्ती अर ना लाठी ल्यो, क्यूँके मजदूर नै उसका खाणा मिलना चाहिए। 11 “जिस किस्से नगर या गाम म्ह जावओ, तो बैरा पाड़ौ के कुण लायक सै। अर जिब्ब ताही ओड़ै तै ना लिकड़ो, उस्से के गेल्या रहों। 12 घर म्ह बड़ते आणी उसनै शीश दिए। 13 जै उस घर के माणस लायक होंगे तो थारा कल्याण उन पै पुहँचगा, पर जै वे लायक ना हों तो थारा कल्याण थारै धोरै उल्टा ए आ ज्यागा। 14 जो कोए थमनै ना अपनावै अर थारी बात ना सुणै, उस घर या उस नगर तै लिक्ड़ते आणी आपणे पैरां की धूल झाड़ लियो। 15 मैं थमनै सच्ची कहूँ सूं के न्याय के दिन उस नगर की दशा तै सदोम अर अमोरा के देश की दशा घणी सहण लायक होगी। 16 “देक्खो , मैं थमनै भेड्डा की तरियां भेड़ियां के बिचाल्ये खिन्दाऊ सूं, इस करकै साँपां की तरियां अक्लमंद अर कबुतरां की तरियां भोले बणो। 17 पर माणसां तै चौकस रहों, क्यूँके वे थमनै बड्डी पंचायतां म्ह सौंपैगे, अर अपनी पंचायतां म्ह थारै कोड़े मारेंगे। 18 थम मेरै खात्तर हकीमां अर राजां के स्याम्ही उन पे, अर गैरजातियां पे गवाह होण के खात्तर खिन्दाए जावोगें। 19 जिब्ब वे थमनै पकड़वावैगें तो या फिकर ना करयो के हम किस रीति तै या के कहवागें, क्यूँके जो किम्में थारे ताही कहणा होगा, वो उस्से बखत थारै ताही बता दिया ज्यागां। 20 क्यूँके बोलण आळे थम न्ही सों, पर थारे पिता की आत्मा थारे म्ह बोलै सै। 21 “भाई, भाई नै अर पिता बेट्टें नै, घात के खात्तर सौंप देंगें, अर बाळक आपणे माँ बाप के विरोध म्ह उठ कै उन्नै मरवा देंगें। 22 मेरै नाम के कारण सारे माणस थारै तै बैर करैगें, पर जो आखर ताही सबर राखैगा उस्से का कल्याण होगा। 23 जिब्ब वे थमनै नगर म्ह सतावै, तो दूसरे म्ह भाग ज्याइओ। मैं थमनै सच्च कहूँ सूं, थम इस्राएल के सारे नगरां म्ह न्ही घूम सकोगें के माणस का बेटा आ ज्यागा। 24 “चेल्या आपणे गुरु तै बड्डा न्ही होंदा; अर ना नौक्कर आपणे माल्लिक तै। 25 चेल्यै का गुरु के, अर नौक्कर का माल्लिक के बराबर होणा ए भोत सै। जिब्ब उन्नै घर के माल्लिक तै शैतान कह्या तो उसके घरआळां नै के किमे न्ही कहवैगे! 26 “इस करकै माणसां तै ना डरो; क्यूँके किमे ढँका न्ही जो खोल्या ज्यागा, अर ना किमे ल्हूक्या सै जो जाणा न्ही ज्यागा। 27 जो मैं थारै तै अन्धेरे म्ह कहूँ सूं, उसनै थम चान्दणे म्ह कहो; अर जो कानां तै सुणौ सों, उसनै छातां पै चढ़ के प्रचार करो। 28 जो देही पे वार करै सै, पर आत्मा पे वार न्ही कर सकदे, उनतै ना डरये; पर उसतै डरयो, जो आत्मा अर देही दोनुआ नै नरक म्ह नाश कर सकै सै। 29 के पिस्या म्ह दो गोरिया न्ही बिकदी? तो भी थारे पिता की मर्जी के बिना उन म्ह तै एक भी धरती पे न्ही गिर सकदी। 30 थारै सिर के बाळ भी सारे गिणे होड़े सै। 31 इस करकै डरो ना; थम भोत गोरियां तै बढ़ के सों। 32 जो कोए मन्नै माणसां के स्याम्ही मान लेगा, उसनै मैं भी आपणे सुर्गीय पिता के स्याम्ही मान ल्युंगा। 33 पर जो कोए माणसां के स्याम्ही मेरा इन्कार करैगा, उसनै मैं भी आपणे सुर्गीय पिता के स्याम्ही इन्कार करूँगा। 34 “यो ना समझो के मैं धरती पे मिलाप करवान आया सूं; मैं मिलाप करवान न्ही , पर तलवार चलान आया सूं। 35 मैं तो आया सूं के; ‘माणस नै उसके पिता तै, अर बेटी नै उसकी माँ तै, अर बहू नै उसकी सास तै न्यारा कर द्यु; 36 माणस के बैरी उसके घर के ए लोग होंगें।’ 37 “जो माँ या बाप नै मेरै तै घणा प्यारा मान्यै सै, वो मेरै लायक कोणी; अर जो बेटा या बेटी नै मेरै तै घणा प्यारा मान्यै सै, वो मेरै लायक कोणी; 38 अर जो आपणा क्रूस लेके मेरै पाच्छै न्ही चाल्यै वो मेरै लायक कोणी। 39 जो आपणे प्राण/जान बचावै सै, वो उसनै खोवैगा; अर जो मेरै कारण अपणा प्राण/जान खोवै सै, वो उसनै पावैगा। 40 “जो थमनै मान ले सै, वो मन्नै मान लेवै सै; अर जो मन्नै मान ले सै, वो मेरै भेझण आळां नै मान ले सै। 41 जो नब्बियां नै नब्बी जाण के मान्यै, वो नब्बियां का बदला पावैगा; अर जो धर्मी नै धर्मी जाण के मान्यै, वो धर्मी का बदला पावैगा। 42 जो कोए इन छोट्या म्ह तै एक ने मेरा चेल्या जाण के सिर्फ एक कटोरा ठंडा पाणी पियावैगा, मैं थमनै सच कहूँ सूं, वो किस्से रीति तै आपणा ईनाम न्ही खोवैगा।
111 जिब्ब यीशु नै आपणे बारहा चेल्यां ताही हुक्म दे दिया, तो वो उनकै नगरां म्ह उपदेश अर प्रचार करण नै ओड़ै तै चल्या गया| 2 युहन्ना नै जेळ म्ह मसीह के काम्मां की खबर सुणी अर आपणे चेल्यां ताही उसतै न्यू बुझ्झण खन्दाया, 3 “के आणआळा तू ए सै, या हम किसे वोर की बाट देक्खा?” 4 यीशु नै जबाब दिया, “जो कीमे थम सुणो सो अर देक्खो सो, यो सारा जाकै युहन्ना ताही कह द्यो, 5 के आंधे देखै सै अर लंगड़े चालै-फिरै सै, कोढ़ी शुद्ध करे जावै सै अर बहरे सुणै सै, मुर्दे जिन्दे करे जावै सै, अर कंगाला ताही सुसमाचार सुणाया जावै सै| 6 अर धन्य सै वो, जो मेरै बाबत ठोकर कोनी खांदा|” 7 जिब्ब वे ओड़ै तै चाल दिये, तो यीशु युहन्ना कै बारे म्ह माणसां तै कहण लाग्या, “थम बण म्ह के देखण गये थे? के बाळ तै हाल्दे होये सरकण्डे नै? 8 फेर थम के देखण गये थे? के सुथरे लत्त्ते पहरे होड़ माणस ताही? देक्खो, जो सुथरे लत्त्ते पहरै सै, वे महल्ला म्ह रहवै सै| 9 तो फेर क्यांतै गये थे? के किसे नब्बी नै देखण ताही? हम्बै, मै थमनै कहूँ सूं के नब्बी तै भी बड्डे ताही| 10 यो वोए सै जिसकै बारे म्ह लिख्या सै : ‘देख, मै आपणे दूत ताही तेरै आगै खन्दाऊँ सूं, जो तेरै आगै तेरा रास्ता त्यार करैगा|’ 11 मै थमनै कहूँ सूं के जो लुगाईयां तै जंणे सै, उनम्ह तै युहन्ना बपतिस्मा देणआळे तै बड्डा कोए न्ही होया; पर जो सुर्ग कै राज म्ह छोट्टे तै भी छोट्टा सै वो उसतै बड्डा सै| 12 युहन्ना बपतिस्मा देण आळे के दिनां तै इब ताही सुर्ग के राज म्ह हान्गे तै बड़दा रहया सै, अर ठाड्डा उसनै खोस लेवै सै| 13 युहन्ना ताही सारे नब्बी अर नियम-कायदे भविष्यवाणी करदे रहे| 14 अर चाहो तो मान्नो के एलिय्याह जो आण आळा था, वो योए सै| 15 जिसकै सुनण के कान हो, वो सुण ले| 16 “मै इस बखत के माणसां की बराबरी किस तै करूँ? वे उन बाळका की ढाळ सै, जो बजारां म्ह बैठे होड़ एक दुसरे तै रूक्का मारकै कहवै सै : 17 ‘हमनै थारै खातर बाँसली बजाई, अर थम कोनी नाच्चे; हमनै बिलाप करया, अर थमनै छात्त्ती कोनी पिट्टी|’ 18 क्यूँके युहन्ना ना खांदा आया अर ना पिन्दा, अर वे कहवै सै, ‘उसम्ह औपरी आत्मा सै|’ 19 माणस का बेट्टा खांदा-पिन्दा आया, अर वे कहवै सै ‘देक्खो, पेट्टू अर पियक्कड़ माणस, महसूल लेणआळे अर पापियां का मित्तर!’ पर ज्ञान आपणे काम्मां तै साच्चा ठहराया गया सै|” 20 फेर वो उन नगरा ताही उलाहना देण लाग्या, जिनम्ह उसनै घणे सामर्थ के काम करे थे, क्यूँके उन्नै आपणा मन कोनी फिराया था| 21 “हाय, खुराजिन! हाय, बैत्तसैदा! जो सामर्थ के काम थारै म्ह करे गये, जै वे सूर-सैदा म्ह करे जान्दे, तो टाट वोढ़ कै, अर राख म्ह बैठ कै वे कदे के मन फिरा लेंदे| 22 पर थम नै कहूँ सूं के न्याय कै दिन थारी हालत तै सूंर-सैदा की हालत घणी सहण जोग्गी होवैगी| 23 हे कफरनहूम, के तू सुर्ग ताही ऊँच्चा करया जावैगा! तू तो अधोलोक तक नीचै जावैगा जो सामर्थ के काम तेरै म्ह करे गये सै, जै सदोम म्ह करे जान्दे, तो वो आज ताही बणया रहन्दा| 24 पर मै थमनै कहूँ सूं के न्याय के दिन तेरी हालत तै सदोम की हालत घणी सहण जोग्गी होवैगी|” 25 उस्से टेम यीशु नै कह्या, “हे पिता जी, सुर्ग अर धरती के प्रभु, मै तेरा शुक्रियादा करूँ सूं के तन्नै इन बात्त्तां ताही ज्ञानियाँ अर समझदारां तै ल्कोए राख्या, अर बाळका ताही दिखा दिया सै| 26 हम्बै, हे पिता जी, क्यूँके तन्नै योए भाया| 27 “मेरे पिता नै मेरै ताही सारा किमे सौप्या सै; अर कोए बेट्टै ताही कोनी जाणदा, सिर्फ पिता; अर कोए पिता ताही कोनी जाणदा, सिर्फ बेट्टा; अर वो जिस पै बेट्टा उस ताही प्रगट करना चाहवै| 28 “हे सारे महनत करण आळयो अर बोझ तै दबे होड़ माणसों, मेरै धोरै आवो; मै थमनै बिश्राम द्युँगा|” 29 मेरा जुआ आपणे ऊपर ठा ल्यो, अर मेरै तै सीक्खो; क्यूँके मै नरम अर मन म्ह दीन सूं: अर थम आपणे मन म्ह बिश्राम पावोगे| 30 क्यूँके मेरा जुआ सोखा अर मेरा बोझ हल्का सै
121 उस बखत यीशु सब्त कै दिन खेत्त्तां म्ह तै होकै जावै था, अर उसके चेल्यां नै भूख लाग्गी तो वे बालें तोड़-तोड़कै खाण लाग्गे| 2 फरीसियाँ नै न्यू देखकै उसतै बोल्ले, “देख, तेरे चेल्ले वो काम करै सै, जो सब्त कै दिन करणा ठीक कोनी|” 3 यीशु बोल्या, “के थमनै न्ही पढ़या, के दाऊद नै, जिब्ब वो अर उसके मित्तर भूखे होये तो के करया?” 4 वो किस तरिया पणमेशर कै घरा गया, अर भेंट की रोट्टी खाई, जिनका खाणा ना तो उस ताही अर ना उसके मित्तरां ताही पर सिर्फ याजकां ताही सही था? 5 या के थमनै नियम-कायदा म्ह न्ही पढ़या के याजक सब्त कै दिन मन्दर म्ह सब्त कै दिन की बिधि ताही तोड़ण पै भी बेकसूर ठहरै सै? 6 पर मै थमनै कहूँ सूं के उरै वो सै जो मन्दर तै भी बड्डा सै| 7 जै थम इसका मतलब जाणदे, ‘मै दया तै राज्जी होऊँ सूं, बलिदान तै न्ही ,’ तो थम बेकसूर ताही कसूरवार कोनी ठहरान्दे| 8 माणस का बेट्टा तो सब्त कै दिन का भी प्रभु सै|” 9 ओड़ै तै चालकै वो उनके आराधनालय म्ह आया| 10 ओड़ै एक माणस था, जिसका हाथ सुखरया था| उन्नै यीशु पै दोष लाण खातर उसतै बुझ्झया, “के सब्त कै दिन चंगा करणा ठीक सै?” 11 उसनै उनतै कह्या, “थारै म्ह तै इसा कौण सै जिसकी एक ए भेड़ हो, अर वा सब्त कै दिन खडहे म्ह पड़ जावै, तो वो उसताही पकड़कै न्ही काड्डै? 12 भला, माणस का मोल भेड़ तै कितना बाध सै! ज्यांतै सब्त कै दिन भलाई करणा ठीक सै|” 13 फेर उसनै उस माणस तै कह्या, “आपणा हाथ बढ़ा|” उसनै बढ़ाया, अर वो दुसरे हाथ की तरिया चंगा होग्या| 14 फेर फरिसियाँ नै बाहरण जाकै उसकै बिरोध म्ह सलाह करी के उसका नास किस तरिया करया जावै| 15 न्यू जाणकै यीशु ओड़ै तै चल्या गया| अर घणे माणस उसकै पाच्छै हो लिए, अर उसनै सारया ताही चंगा करया, 16 अर उन ताही चिताया के मेरै बारै म्ह ना बताणा, 17 ताके जो बचन यशायाह नब्बी कै जरिये कहया गया था, वो पूरा हो : 18 “देक्खो, यो मेरा सेवक सै, जिस ताही मन्नै छाट्या सै; मेरा प्यारा, जिसतै मेरा मन राज्जी सै :मै आपणा आत्मा उसपै तारुगाँ, अर वो दूसरी जात्त्तां नै न्याय की खबर देवैगा| 19 वो ना रोळा करैगा, अर ना किल्की मारैगा, ना बजारां म्ह उसका कोए शब्द सुणैगा| 20 वो कुचले होड़ सरकण्डया ताही कोनी तोड़ैगा, धुम्मा देन्दी होई बत्ती ताही कोनी बुझावैगा, जीब्ब ताही वो न्याय नै प्रबल न्ही करावै| 21 अर दूसरी जात उसकै नाम पै आस राखैगी|” 22 फेर माणस एक आंधे-गूँगे नै जिसम्ह औपरी आत्मा थी, उसकै धोरै ल्याए; अर उसनै उस ताही चंगा करया, अर वो बोल्लण अर देखण लाग्या| 23 इस पै सारे माणस हैरान होकै कहण लाग्गे, “यो के दाऊद की ऊलाद सै!” 24 पर फरिसियाँ नै न्यू सुणकै कह्या, “यो तो औपरी आत्मायाँ का सरदार बालजबूल की मदद कै बगैर औपरी आत्मायाँ ताही कोनी काढदा|” 25 उसनै उनकी मन की बात जाणकै उनतै कह्या, “जिस किसे राज म्ह फूट होवै सै, वो उजड़ जावै सै; अर कोए नगर या घराना जिसम्ह फूट होवै सै, बणया कोनी रहवैगा| 26 अर जै शैतान ए शैतान नै काड्डै, तो वो आपणा ए बिरोधी बणग्या; फेर उसका राज किस तरिया बणया रहवैगा? 27 भला, जै मै शैतान की मदद तै औपरी आत्मायाँ नै काड्डू सूं, तो थारी पीढ़ी किसकी मदद तै काड्डै सै? इसकरकै वैए थारा न्याय करैगें| 28 पर जै मै पणमेशर की मदद तै औपरी आत्मायाँ ताही काड्डू सूं, तो पणमेशर का राज थारै धोरै आण पहोच्या सै| 29 या किस तरिया कोए माणस किसे ठाड्डे माणस कै घरा बड़कै उसका माळ लूट सकै सै जिब्ब ताही के पहल्या उस ठाड्डे ताही ना जुड़ ले? जिब्ब वो उसका घर लूट लेवैगा| 30 जो मेरै गेल्या न्ही वो मेरै बिरोध म्ह सै, अर जो मेरै गेल्या न्ही कट्ठा करदा वो खिंडावै सै| 31 ज्यांतै मै थारै तै कहूँ सूं के माणस का सारे ढाळ का पाप अर बुराई बख्शी जावैगी, पर पवित्र आत्मा की बुराई बख्शी कोनी जावैगी| 32 जो कोए माणस के बेट्टे कै बिरोध म्ह कोए बात कहवैगा, उसका यो कसूर बख्शा जावैगा, पर जो कोए पवित्र आत्मा कै बिरोध म्ह कीमे कहवैगा, उसका कसूर ना तो इस लोक म्ह अर ना परलोक म्ह बख्शा जावैगा| 33 “जै दरख्त नै बढ़िया कहो, तो उसकै फळ नै भी बढ़िया कहो, या दरख्त नै निकम्मा कहो, तो उसकै फळ नै भी निकम्मा कहो, क्यूँके दरख्त आपणे फळ तै ए पिच्छाणा जावै सै| 34 हे नाग के बच्चो, थम भुन्डे होकै किस तरिया बढ़िया बात कह सको सो? क्यूँके जो मन म्ह भरया सै, वोए मुँह पै आवै सै| 35 भला माणस मन कै भले भण्डारै तै भली बात काड्डै सै, अर भुंडा माणस मन कै भुन्डे भण्डारै तै भुंडी बात काढै सै| 36 अर मै थारै तै कहूँ सूं के जो-जो निकम्मी बात माणस कहवैगें, न्याय कै दिन वे हरेक उस बात का लेखा देवैगें| 37 क्यूँके तू आपणी बात्त्तां कै कारण बेकसूर, अर आपणी बात्त्तां ए कै कारण कसूरवार ठहराया जावैगा|” 38 इस पै कीमे शास्त्रियाँ अर फरिसियाँ नै उसतै कह्या, “हे गुरु, हम तेरै तै एक निशान्नी देखना चाहवा सा|” 39 उसनै उन ताही जबाब दिया, “इस युग के भुन्डे अर जार माणस निशान्नी टोहवै सै, पर योना नब्बी की निशानी नै छोड़ कोए और निशान्नी उन ताही कोनी देई जावैगी| 40 योना तीन रात-दिन व्हेल जल-जन्तु कै पेट म्ह रहया, उस्से तरिया ए माणस का बेट्टा तीन रात-दिन धरती कै भीत्त्तर रहैगा| 41 निनवे के माणस न्याय कै दिन इस युग के माणसां कै गेल्या उठकै उन ताही कसूरवार ठहरावैगें, क्यूँके उन्नै योना का प्रचार सुणकै मन फिराया; अर देक्खो, उरै वो सै जो योना तै भी बड्डा सै| 42 दक्षिण की रानी न्याय दिन इस युग के माणसां कै गेल्या उठकै उन ताही कसूरवार ठहरावैगी, क्यूँके वा सुलैमान का ज्ञान सुणन कै खातर धरती कै सिरे तै आई; अर देक्खो, उरै वो सै जो सुलैमान तै भी बड्डा सै 43 “जिब्ब अशुद्ध आत्मा माणस म्ह तै लिकड़ कै जावै सै, तो सुक्खी जंगहा म्ह आराम टोहन्दी फिरै सै, अर पांदी कोनी| 44 फेर कहवै सै, ‘मै आपणे उस्से घर म्ह जित तै लिकड़ी थी, बोहड़ जाऊँगी|’ अर बोहड़कै उस ताही सुन्ना, झाड़ा-बुहारा अर शज्या-धज्या पावै सै| 45 फेर वा जाकै आपणे तै और भूंडी सात आत्मायाँ ताही आपणे गेल्या लीयावै सै, अर वे उसम्ह बडकै ओड़ै बास करै सै, अर उस माणस की पाच्छल्ली हालत पहल्या तै भी भूंडी हो जावै सै| इस युग के भुन्डे माणसां की हालत भी इसी ए होवैगी|” 46 जिब्ब वो भीड़ तै बात करण ए लागरया था, तब उसकी माँ अर भाई बाहरणै खड़े थे अर उसतै बात करणा चाहवै थे| 47 किसे नै उसतै कह्या, “देख, तेरी माँ अर तेरे भाई बाहरणै खड़े सै, अर तेरै तै बात करणा चाहवै सै|” 48 या सुणकै उसनै कहण आळे ताही जबाब दिया, “कौण सै मेरी माँ? अर कौण सै मेरे भाई?” 49 अर आपणे चेल्यां की कान्नी आपणा हाथ बढ़ा कै कह्या, “देक्खो, मेरी माँ अर मेरे भाई ये सै| 50 क्यूँके जो कोए मेरे सुर्गीय पिता की इच्छा पै चालै वो ए मेरा भाई अर मेरी बाहण अर मेरी माँ सैI
131 उस्से दिन यीशु घर तै लिकड़कै झील कै कंठारै पै जा बैठया| 2 अर उसकै धोरै इसी भीड़ कट्ठी होई के वो किस्ती पै चढ़ग्या, अर सारी भीड़ कंठारै पै खड़ी रही| 3 अर उसनै उनतै उदाहरणा म्ह घणी ए बात कहीं : “एक बोण आळा बीज बोण लिकड़या | 4 बोंदे बखत कीमे बीज राही कै कंठारै पड़े अर पन्छियाँ नै आकै चुग लिया| 5 कीमे बीज पथरीली धरती पै पड़े, जड़ै उनताही घणी माट्टी ना मिली अर डून्घी माट्टी ना मिलण कै कारण वे तोळे जाम आए| 6 पर सूरज लिकड़णै पै वे जळगे, अर जड़ ना पकड़ण कै कारण सुखगे| 7 कीमे बीज झाड़ियाँ म्ह पड़े, अर झाड़ियाँ नै बढ़कै उन ताही दाब लिया| 8 पर कीमे बीज बढ़िया धरती पै पड़े, अर फळ ल्याए, कोए सौ गुणा, कोए साठ गुणा, अर कोए तीस गुणा| 9 जिसकै कान हो वो सुण लेवै|” 10 चेल्यां नै धोरै आकै उसतै कह्या, “तू माणसां तै उदाहरणा म्ह क्यांतै बात करै सै?” 11 उसनै जबाब दिया, “थारै ताही सुर्गराज के भेद्यां की समझ दी गई सै, पर उन ताही न्ही | 12 क्यूँके जिसकै धोरै सै, उसतै दिया जावैगा, अर उसकै धोरै घणा हो जावैगा; पर जिसकै धोरै कीमे न्ही सै. उसतै जो कीमे उसकै धोरै सै, वो भी ले लिया जावैगा| 13 मै उनतै उदाहरणा म्ह ज्यांतै बात करूँ सूं के वे देखदे होए कोनी देखदे अर सुणदे होए कोनी सुणदे, अर न्ही समझदे| 14 उनकै बाबत यशायाह की या भविष्यवाणी पूरी होवै सै : ‘थम कान्ना तै तो सुणोगे, पर समझोगे कोनी; अर आँखा तै तो देक्खोगे, पर थमनै कोनी सूझैगा| 15 क्यूँके इन माणसां का मन मोट्टा होग्या सै, अर वे कान्ना तै ऊँच्चा सुणै सै अर उन्नै आपणी आँख मूंद ली सै; कदे इसा ना हो के वे आँखा तै देखै, अर कान्ना तै सुणै अर मन तै समझै, अर पलट जावै, अर मै उन्नै चंगा करूँ|’ 16 पर धन्य सै थारी आँख, के वे देखै सै; अर थारे कान के वे सुणै सै| 17 क्यूँके मै थमनै साच्ची कहूँ सूं के घण खरे नब्बियाँ नै अर धर्मिया नै चाहया के जो बात थम देक्खो सो, देखै, पर नी देक्खीं; अर जो बात थम सुणो सो, सुणै, पर नी सुणी| 18 “इब थम बोण आळे के उदाहरण का मतलब सुणो : 19 जो कोए राज्य का बचन सुणकै कोनी समझदा, उसकै मन म्ह जो कीमे बोया गया था, उस ताही दुष्ट आकै खोस ले जावै सै| यो वो ए सै जो राही कै कंठारै बोया गया था| 20 अर जो पथरीली धरती पै बोया गया, यो वो सै, जो वचन सुणकै जिब्बे खुशी कै गेल्या मान लेवै सै| 21 पर आपणे म्ह जड़ नी राखण कै कारण वो माड़े से दिन का सै, अर जिब्ब वचन कै कारण क्लेश या संकट होवै सै, तो जिब्बे ठोकर खावै सै| 22 जो झाड़ियाँ म्ह बोया गया, यो वो सै, जो वचन ताही सुणै सै, पर इस दुनिया की फ़िक्र अर धन का धोक्खा वचन ताही दाबै सै, अर वो फळ न्ही ल्यांदा| 23 जो बढ़िया धरती पै बोया गया, यो वो सै, जो वचन ताही सुणकै समझै सै, अर फळ ल्यावै सै; कोए सौ गुणा, कोए साठ गुणा, अर कोए तीस गुणा|” 24 यीशु नै उन ताही एक और उदाहरण दिया : “सुर्ग का राज उस माणस के जिसा सै जिसनै आपणै खेत मै बढ़िया बीज बोया| 25 पर जिब्ब माणस सोवै थे तो उसका बैरी आकै गेहू कै बिच्चाळै जंगली बीज बोकै चल्या गया| 26 जिब्ब अंकुर लिकड़े अर बाल लाग्गी, तो जंगली दाण्या के पौधे भी दिखण लाग्गे| 27 इस पै घरेलू नौकरा नै आकै उसतै कह्या, ‘हे मालिक, के तन्नै आपणे खेत म्ह बढ़िया बीज कोनी बोया था? फेर जंगली दाण्या के पौधे उसम्ह कित तै आए?’ 28 उसनै उनतै कह्या, “यो किसे बैरी का काम सै|’ नौकरां नै कह्या, “के तेरी मर्जी सै के हम जाकै उन ताही कट्ठे करा?” 29 उसनै कह्या, ‘ना, इसा ना हो के जगली दाण्या के पौधे कट्ठे करदे हाण थम उनकै गेल्या गेहू नै भी पाड़ ल्यो| 30 लामणी ताही दोनुआ नै एक सेत्त्ती बधण द्यो, अर लामणी के बखत मै काटण आळा तै कहूँगा के पहल्या जंगळी दाण्या के पौधे कट्ठे करकै बाळण खातर उनके भरोट्टे जुड़ ल्यो, अर गेहू ताही मेरै खत्ते म्ह कट्ठा करो’|” 31 उसनै उन ताही एक और उदाहरण दिया : “सुर्ग का राज राई कै एक दाणै कै जिसा सै, जिस ताही किसे माणस नै लेकै आपणे खेत म्ह बो दिया| 32 वो सारे बिज्जां तै छोट्टा तो होवै सै पर जिब्ब बध जावै सै फेर सारे साग-पात तै बड्डा होवै सै; अर इसा दरख्त हो जावै सै के अकास के पंछी आकै उसकी डाळीयाँ पै बसेरा करै सै|’ 33 उसनै एक और उदाहरण उन ताही सुणाया : “सुर्ग का राज खमीर कै जिसा सै जिस ताही किसे लुगाई नै लेकै तीन पसेरी चून म्ह रळाया अर होंदे-होंदे वो सारा खमीरा बणग्या|” 34 ये सारी बात यीशु नै उदाहरणा म्ह माणसां तै कहीं, अर बिना उदाहरण वो उनतै कीमे न्ही कहवै था, 35 के जो वचन नब्बी कै जरिये कहया गया था, वो पूरा होवै: “मै उदाहरण कहण नै आपणा मुँह खोल्लुँगा: मै उन बात्त्तां नै जो दुनिया की पैदाईस तै लुह्की होई सै, प्रगट करूँगा|” 36 फेर वो भीड़ नै छोड़ कै घरा आया, अर उसके चेल्यां नै उसकै धोरै आकै कह्या, “खेत म्ह जंगली दाणै का उदाहरण म्हारै ताही समझा दे|” 37 उसनै उन ताही जबाब दिया, “बढ़िया बीज का बोण आळा माणस का बेट्टा सै| 38 खेत दुनिया सै, बढ़िया बीज राज्य की ऊलाद, अर जंगली बीज दुष्ट की ऊलाद सै| 39 जिस बैरी नै उन ताही बोया वो शैतान सै; लामणी दुनिया का खात्मा सै, अर काटण आळे सुर्गदुत सै| 40 आखर म्ह जिस तरिया जंगली दाणे कट्ठे करे जावै अर बाळे जा सै उस्से तरिया दुनिया का खात्मा होवैगा| 41 माणस का बेट्टा आपणे सुर्गदुता नै खन्दावैगा, अर वे उसकै राज्य म्ह तै सारे ठोकरा के कारणा नै अर भुन्डे काम करणीयां नै कट्ठे करैगें| 42 अर उन्नै आग कै कुण्ड म्ह गेरैगें, जड़ै रोणा, अर दाँत पिसना होवैगा| 43 उस बखत धर्मी आपणे बाप कै राज्य म्ह सूरज की ढाळ चमकैगें| जिसके कान हो वो सुण लेवै| 44 सुर्ग का राज्य खेत म्ह लुके होड़ धन की ढाळ सै, जिस ताही किसे माणस नै पाया अर लको दिया, अर मारे खुशी कै आपणा सारा कीमे बेच दिया अर उस खेत ताही मोल ले लिया| 45 “फेर सुर्ग का राज्य एक ब्योपारी की तरिया सै जो आच्छे मोतियां की टोह म्ह था| 46 जिब्ब उसनै एक घणा महंगा मोती मिल्या तो उसनै जाकै आपणा सारा कीमे बेच दिया अर उस ताही मोल ले लिया| 47 “फेर सुर्ग राज्य उस बड्डे जाळ की ढाळ सै जो समुन्दर म्ह गेरया जावै, अर हरेक ढाळ की मच्छी ताही समेट ल्यावै| 48 अर जिब्ब जाळ भरग्या, तो मछियारे उस ताही कंठारै पै खींच ल्यावै, अर बैठकै बढ़िया-बढ़िया तो बासणा म्ह कट्ठा करी अर बेकार बगा दीं| 49 दुनिया के अन्त म्ह इस तरिया ए होवैगा| सुर्गदुत आकै दुष्टा नै धर्मिया तै न्यारे करैगें, 50 अर उन्नै आग कै कुण्ड म्ह गेरैगें| जड़ै रोणा, अर दाँत पिसना होवैगा| 51 “के थम नै ये सारी बात समझीं?” उन्नै उसतै कह्या, “हम्बै|” 52 यीशु नै उनतै कह्या, “इसकरकै हरेक शास्त्री जो सुर्ग कै राज्य का चेल्ला बणया सै, उस घरवासे की तरिया सै जो आपणे भण्डार तै नयी अर पुराणी चीज काड्डै सै|” 53 जिब्ब यीशु नै ये सारे उदाहरण कह लिये, तो ओड़ै तै चल्या गया| 54 अर आपणे नगर म्ह आकै उनकै आराधनालय म्ह उन्नै इसा उपदेश देणं लाग्या के वे हैरान होकै कहण लाग्ये, “इसनै यो ज्ञान अर सामर्थ के काम कित तै मिले? 55 के यो खात्त्ती का छोरा कोनी? अर के इसकी माँ का नाम मरियम अर इसके भाईयां के नाम याकूब, युसूफ, शमौन अर यहूदा कोनी? 56 अर के इसकी सारी बेब्बे म्हारै बिच्चाळै कोनी रह्न्दी? फेर इसनै यो सारा कित तै मिल्या?” 57 इस तरिया उन्नै उसकै कारण ठोकर खाई, पर यीशु नै उनतै कह्या, “नब्बी का आपणे देश अर घर नै छोड़ और कीते निरादर कोनी होन्दा|” 58 अर उसनै ओड़ै उनके अबिश्वास कै कारण घणे सामर्थ्य के काम कोन्या करैI
141 उस टैम चौथाई देश के राजा हेरोदेस नै यीशु का जिक्रा सुणया, 2 अर उसनै आपणे नौकरा तै कह्या, “यो युहन्ना बपतिस्मा देण आळा सै! वो मरे होया म्ह तै जिन्दा उठ्या सै, ज्यांतै उसतै सामर्थ के काम प्रगट होवै सै 3 क्यूँके हेरोदेस नै आपणे भाई फिलिपुस की बीरबान्नी हेरोदियास कै कारण, युहन्ना ताही पकड़ कै जुड़या अर जेळ म्ह गेर दिया था| 4 क्यूँके युहन्ना नै उसतै कहया था के इस ताही राखणा तेरै खातर ठीक कोनी सै| 5 ज्यांतै वो उसनै मारणा चाहवै था, पर माणसां तै डरै था क्यूँके वे उसनै नब्बी मान्नै थे| 6 पर जिब्ब हेरोदेस का जन्म-दिन आया, तो हेरोदियास की बेट्टी नै त्यौहार म्ह नाच दिखाकै हेरोदेस ताही राज्जी करया| 7 इस पै उसनै सूंह खाकै बचन भर लिया, “जो कीमे तू माँगैगी, मै तन्नै द्युँगा|” 8 वा आपणी माँ कै उकसाण तै बोल्यी, “युहन्ना बपतिस्मा देणआळै का सिर थाळ म्ह उरै मन्नै मँगवा दे|” 9 राजा घणा दुखी होया, पर आपणी सूंह कै, अर गेल्या बैठणीया कै कारण, हुक्म दिया के दे दिया जावै| 10 अर उसनै जेळ म्ह माणसां ताही खन्दाकै युहन्ना का सिर कटवा दिया; 11 अर उसका सिर थाळ म्ह ल्याया गया अर छोरी ताही दिया गया, जिस ताही वा आपणी माँ धोरै ले गयी| 12 फेर युहन्ना के चेल्ले आए अर उसकी लाश ताही ले जाकै गाड़ दिया, अर जाकै यीशु ताही खबर दी| 13 जिब्ब यीशु नै सुणया, तो वो किस्ती पै चढ़कै ओड़ै तै किसे सुनसान जंगहा ताही, एकान्त म्ह चल्या गया| माणस न्यू सुणकै नगर-नगर तै पांये-पांया उसकै पाच्छै हो लिये| 14 उसनै लिकड़कै एक बड्डी भीड़ देक्खी अर उन पै तरस खाया, अर उनके बिमारां ताही चंगा करया| 15 जिब्ब साँझ होई तो उसकै चेल्यां नै उसकै धोरै आकै कह्या, “या सुनसान जंगहा सै, अर वार होरी सै; माणसां ताही बिदा करया जावै के वे मोह्ल्यां म्ह जाकै आपणे खातर खाणा मोल लियावै|” 16 पर यीशु नै उनतै कह्या, “उनका जाणा जरूरी कोनी! थम ए इन्नै खाण नै द्यो|” 17 उन्नै यीशु तै कह्या, “उरै म्हारै धोरै पाँच रोट्टी अर दो मच्छिया नै छोड़ कै और कीमे कोनी सै|” 18 यीशु बोल्या, “उन ताही उरै मेरै धोरै लियावो|” 19 फेर यीशु नै माणसां ताही घास पै बैठण नै कहया, उन पाँच रोट्टी अर दो मच्छिया ताही लिया; सुर्ग कान्नी देखकै धन्यवाद करया अर रोटिया तोड़-तोड़कै चेल्यां ताही दीं, अर चेल्यां नै आदमिया ताही| 20 जिब्ब सारे खाकै छिकगें, तो चेल्यां नै बचे होए टुकड़यां तै भरी होई बारहा टोकरियाँ ठाई| 21 अर खाण आळे लुगाइयाँ अर बाळका नै छोड़कै, पाँच हजार माणसां कै करीबन थे| 22 फेर उसनै जिब्बे आपणे चेल्यां ताही किस्ती पै चढ़ाण कै खातर बेबस करया के वे उसतै पहल्या पार चले जावै, जिब्ब ताही वो आपणे माणसां ताही बिदा करै| 23 वो माणसां ताही बिदा करकै, प्रार्थना करण नै न्यारा पहाड़ पै चल्या गया; अर साँझ ताही वो ओड़ै एकल्ला था| 24 उस बख्त किस्ती झील कै बिच्चाळै झाल्लां तै हाल्लण लागरी थी, क्यूँके बाळ स्याम्ही की थी| 25 अर यीशु रात कै चौथे पहर झील पै चाल्दे होए उनकै धोरै आया| 26 चेल्ले उस ताही झील पै चाल्दे होए देख कै घबरागे| अर बोल्ले, “यो भूत सै!” अर भय कै मारे किल्की मारण लाग्गे| 27 फेर यीशु नै जिब्बे उन तै बात करी अर बोल्या, “ढेठ बाँधो! मै सूं, डरो मतना!” 28 पतरस नै उसतै जबाब दिया, “हे प्रभु, जै तू ए सै, तो मन्नै आपणे धोरै पाणी पै चालकै आण का हुक्म दे|” 29 यीशु बोल्या, “आ!” फेर पतरस किस्ती पै तै उतरकै यीशु कै धोरै जाण ताही पाणी पै चाल्लण लाग्या| 30 पर बाळ नै देखकै डरग्या, अर जिब्ब डूब्बण लाग्या तो किल्की मारकै बोल्या, “हे प्रभु, मन्नै बचा!” 31 यीशु नै जिब्बे हाथ बढ़ाकै थाम लिया अर उसतै बोल्या, “हे अल्पबिश्वासी, तन्नै क्यांतै शक करया?” 32 जिब्ब वे किस्ती पै चढ़गे, तो बाळ थमगी| 33 इस पै उन्नै जो किस्ती पै थे, उसताही मुद्दे पड़ कै बोल्ले, “साच्चए, तू पणमेशर का बेट्टा सै|” 34 वे पार उतर कै गन्नेसरत म्ह पहोच्चे| 35 ओड़ै के माणसां नै उस ताही पिच्छाण लिया अर वोरै-धोरै के सारे देशां म्ह खबर खन्दाई, अर सारे बिमारां नै उसकै धोरै ल्याए, 36 अर उस तै बिनती करण लाग्गै के वे उन्हण आपणे लत्ते ए के कोर नै छुण दे अर जितन्या नै उस ताहि छुआ वे चंगे होगेI 36 फेर यरूशलेम तै कीमे फरीसी अर शास्त्री यीशु कै धोरै आकै बोल्ले,
151 फेर यरूशलेम तै कीमे फरीसी अर शास्त्री यीशु कै धोरै आकै बोल्ले, 2 “तेरे चेल्ले बुढयां के रित-रिवाजां ताही क्यांतै टाळै सै, के बिना हाथ धोए रोट्टी खावै सै?” 3 उसनै उन ताही जबाब दिया, “थम भी आपणी रित-रिवाज कै कारण क्यांतै पणमेशर का हुक्म टाळौ सो?” 4 क्यूँके पणमेशर नै कह्या, ‘आपणे बाप अर आपणी माँ का आद्दर करणा’, अर जो कोए बाप या माँ ताही भूंडा कहवे, वो मार दिया जावै|’ 5 पर थम कहो सो के जै कीमे तेरै ताही मेरै तै फैयदा होणा था, वो पणमेशर ताही भेंट चढाया जा लिया’, 6 तो वो पिता का आद्दर ना करै, इस तरिया थमनै आपणी रीत-रिवाज कै कारण पणमेशर का वचन टाळ दिया| 7 हे कपटियो, यशायाह नै थारै बाबत या भविष्यवाणी ठीक करी सै : 8 ये माणस होट्ठां तै तो मेरा आद्दर करै सै, पर उनका मन मेरै तै दूर सै| 9 अर वे खांम-खा मेरी भगति करै सै, क्यूँके माणसां के तरीकयां नै धर्म उपदेश करकै सिखावै सै|’” 10 फेर उसनै माणसां ताही आपणे धोरै बुलाकै उनतै कह्या, “सुणो, अर समझो : 11 जो मुँह म्ह जावै सै, वो माणस नै अशुद्ध कोनी करदा, पर जो मुँह तै लिकड़ै सै, वोए माणस नै अशुद्ध करै सै|” 12 फेर चेल्यां नै आकै उसतै कह्या, “के तन्नै बेरा सै के फरिसियाँ नै यो वचन सुणकै ठोकर खाई?” 13 उसनै जबाब दिया, “हरेक पौधा जो मेरै सुर्गीय पिता नै न्ही लाया, उखाड़ा जावैगा| 14 उन ताही जाण द्यो; वे आंधे राह बताणीये सै अर आंधा जै आंधे नै राह दिखावै, तो दोन्नु ए घड्डै म्ह गिरैगें|” 15 न्यू सुणकै पतरस नै उसतै कह्या, “यो उदाहरण म्हारै ताही समझा दे|” 16 यीशु बोल्या, “के थम भी इब ताही बेअकले सो? 17 के थमनै न्ही बेरा के जो कीमे मुँह म्ह जावै वो पेट म्ह पड़ै सै, अर संडास कै जरिये लिकड़ जावै सै? 18 पर जो कीमे मुँह तै लिकड़ै सै, वो मन तै लिकड़ै सै, अर वोए माणस ताही अशुद्ध करै सै| 19 क्यूँके भुन्डे बिचार, हत्या, दूसरी लुगाई धोरै जाणा, जारी, चोरी, झूठी गवाही अर बुराई मन तै ए लिकड़ै सै| 20 ये ए सै जो माणस ताही अशुद्ध करै सै, पर हाथ बिना धोए खाणा खाना माणस ताही अशुद्ध कोनी करदा|” 21 यीशु ओड़ै तै लिकड़कै, सूर अर सैदा कै प्रदेश कै कान्नी चल्या गया| 22 उस प्रदेश तै एक कनानी लुगाई लिकड़ी, अर किल्की मारकै कहण लाग्गी, “हे प्रभु! दाऊद की ऊलाद, मेरै पै दया कर! मेरी बेट्टी ताही औपरी आत्मा घणी सतावै सै|” 23 पर यीशु नै उसतै कीमे जबाब कोनी दिया| फेर उसके चेल्यां नै आकै उसतै बिनती करी, “इस ताही बिदा कर, क्यूँके वा म्हारै पाच्छै किल्की मारदी आवण लागरी सै|” 24 यीशु नै जबाब दिया, “इस्राएल कै कुन्बे की खोई होड़ भेडडा नै छोड़ मै किसे कै धोरै कोनी खन्दाया गया|” 25 पर वा आई, अर यीशु ताही प्रणाम करकै बोल्ली, “हे प्रभु, मेरी मदद कर|” 26 यीशु नै जबाब दिया, “छोरया की रोट्टी लेकै कुत्त्या कै आगै गेरना ठीक कोनी|” 27 उसनै कह्या, “साच्ची सै प्रभु, पर कुत्ते भी वो चूर-चार खावै सै, जो उनकै मालिकां की मेज्जां तै पड़ै सै|” 28 इस पै यीशु नै उसताही जबाब दिया, “हे नारी, तेरा बिश्वास बड्डा सै| जिसा तू चाहवै सै, तेरै खातर उसाए हो|” अर उसकी बेट्टी उस्से घड़ी तै चंगी होग्यी| 29 यीशु ओड़ै तै गलील की झील कै धोरै आया, अर पहाड़ पै चढ़कै बैठग्या| 30 फेर भीड़ पै भीड़ उसकै धोरै आई| वे आपणे गेल्या लंगड़ा नै, आंधा नै, गूंगया नै, टुंडया नै अर दुसरे घणा ए नै उसकै धोरै ल्याए, अर उन ताही उसके पांया म्ह गेर दिया, अर उसनै उन ताही चंगा करया| 31 जिब्ब माणसां नै देख्या के गूँगे बोल्लै सै, अर टुंडे चंगे होवै सै, अर लंगड़े चाल्लै सै, अर आंधे देखै सै तो हैरान होकै इस्राएल के पणमेशर की बड़ाई करी| 32 यीशु नै आपणे चेल्यां ताही बुलाया अर कह्या, “मन्नै इस भीड़ पै तरस आवै सै, क्यूँके वे तीन दिनां तै मेरै गेल्या सै अर उनकै धोरै कीमे खाण नै कोनी सै| मै उन्नै भूक्खा बिदा करणा न्ही चाह्न्दा, कदे इसा ना हो राह म्ह थक हार कै रह जावै|” 33 चेल्ले उसतै बोल्ले, “हमनै इस बण म्ह कित तै इतनी रोट्टी मिलैगी के हम इतनी बड्डी भीड़ ताही छिकावा?” 34 यीशु नै उनतै बुझ्झया, “थारै धोरै कितनी रोट्टी सै?” वे बोल्ले, “सात, अर माड़ी-सी छोट्टी मच्छी|” 35 फेर उसनै माणसां ताही धरती पै बैठण का हुक्म दिया| 36 अर उन सात रोट्टी अर मच्छिया ताही लिया, धन्यवाद करकै तोड़या, अर आपणे चेल्यां ताही देन्दा गया, चेल्ले आदमिया ताही| 37 इस तरिया सारे खाकै छिकगे अर चेल्यां नै बचे होड़ टुकड़यां तै सात टोकरे ठाए| 38 खाण आळे लुगाईयां अर बाळका नै छोड़ कै चार हजार माणस थे| 39 जिब्ब वो भीड़ नै बिदया करकै किस्ती म्ह चढ़ ग्या अर मगदन देश की सीम म्ह आयाI
161 फरिसियाँ अर सदुकियाँ नै धोरै आकै उस ताही परखण कै खातर उसतै कह्या, “हमनै सुर्ग की कोई निशान्नी दिखा|” 2 उसनै उन ताही जबाब दिया, “साँझ नै थम कहो सो, ‘मौसम खुला रहवैगा, क्यांतैके अकास लाल सै’, 3 अर तड़कए नै कहो सो, ‘आज आँधी आवैगी, क्यूँके अकास लाल अर धूळ-भरया सै|’ थम अकास के लछण देखकै उसका भेद बता सको सो, पर टेमा के निशान्ना का भेद कोनी बता सकदे? 4 इस युग के भुन्डे अर जार आदमी निशान्नी टोहवै सै, पर योना के निशान ताही छोड़ उन्नै और कोए निशान्नी कोनी देई जावैगी|” अर वो उन्नै छोड़ कै चल्या गया| 5 चेल्ले झील कै परली वोड़ पहोच्चे, पर वे रोट्टी लेणा भूलगे थे| 6 यीशु नै उनतै कह्या, “देक्खो, फरिसियाँ अर सदुकियाँ कै खमीर तै चौकन्ने रहियो|” 7 वे आपस म्ह बिचार करण लाग्गे, “हम रोट्टी कोनी ल्याए ज्यांतै वो इस तरिया कहवै सै|” 8 न्यू सुणकै यीशु नै उनतै कह्या, “हे अल्पबिश्वासियों, थम क्यांतै बिचार करो सो के म्हारै धोरै रोट्टी कोनी सै? 9 के थम इब ताही न्ही समझे? के थमनै उन पाँच हजार की पाँच रोटटी याद कोनी, अर ना यो के थमनै कितनी टोकरियाँ ठाई थी? 10 अर उणनै चार हजार की sat रोट्टी, अर ना यो के थमनै कितने टोकरे ठाए थे? 11 थम क्यांतै न्ही समझदे के मन्नै थारै तै रोटियाँ कै बाबत न्ही कहया, पर यो के फरिसियाँ अर सदुकियाँ के खमीर तै चौकन्ने रहियो|” 12 फेर उनकी समझ आया के उसनै रोट्टी कै खमीर तै न्ही , पर फरिसियाँ अर सदुकियाँ की शिक्षा तै चौकन्ने रहण नै कहया था| 13 यीशु कैसरिया फिलिप्पी के प्रदेश म्ह आया, अर आपणे चेल्यां तै बुझ्झण लाग्या, “आदमी माणस कै बेट्टे नै के कहवै सै?” 14 वे बोल्ले, “कीमे तो युहन्ना बपतिस्मा देणीया कहवै सै, अर कीमे एलिय्याह, अर कीमे यिर्मयाह या नब्बीयां म्ह तै कोए एक कहवै सै|” 15 उसनै उनतै कह्या, “पर थम मन्नै के कहो सो?” 16 शमौन पतरस नै जबाब दिया, “तू जिन्दे पणमेशर का बेट्टा मसीह सै|” 17 यीशु नै उस ताही जबाब दिया, “हे शमौन, योना के बेट्टे, तू धन्य सै; क्यूँके मांस अर लहू नै न्ही , पर मेरै पिता नै जो सुर्ग म्ह सै, या बात तेरै पै प्रगट करी सै| 18 अर मै भी तेरै तै कहूँ सूं के तू पतरस सै, अर मै इस पत्थर पै आपणी कलीसिया बणाऊँगा, अर अधोलोक के फाटक उस पै हावी कोनी होवैगें| 19 मै तन्नै सुर्ग कै राज की ताळी द्युँगा : जो कीमे तू धरती पै जुड़ैगा, वो सुर्ग म्ह बंधैगा; अर जो तू धरती पै खोलैगा, वो सुर्ग म्ह खुलैगा|” 20 फेर उसनै चेल्यां ताही चिताया के किसे तै ना कहियो के मै मसीह सूं| 21 उस बखत तै यीशु आपणे चेल्यां तै बताण लाग्या, “जरूरी सै के मै यरूशलेम नै जाऊँ अर पुरनियो, प्रधान याजकां, शास्त्रियाँ के हाथा तै घणा दुःख ठाऊँ; अर मार दिया जाऊँ; अर तीसरै दिन जी उठूँ|” 22 इस पै पतरस उसनै ले जाकै झिड़कण लाग्या, “हे प्रभु, पणमेशर ना करै! तेरै गेल्या इसा कदे ना होवैगा|” 23 उसनै पलट कै पतरस तै कह्या, “हे शैतान, मेरै स्याम्ही तै दूर हो! तू मेरै खातर ठोकर का कारण सै; क्यांतैके तू पणमेशर की बात्त्तां पै न्ही , पर माणसां की बात्त्तां पै मन लगावै सै|” 24 फेर यीशु नै आपणे चेल्यां तै कह्या, “जै कोए मेरै पाच्छै आणा चाहवै तो आपणे आपे तै नाटै या इंकार करै अर आपणा क्रूस ठावै, अर मेरै पाच्छै हो लेवै| 25 क्यूँके जो आपणा जी बचाणा चाहवैगा, वो उसनै खोवैगा; अर जो कोए मेरै खातर ज्यान खोवैगा, वो उसनै पावैगा| 26 जै माणस सारी दुनिया नै पा लेवै, अर आपणी ज्यान का नुकसान ठावै, तो उसनै के फैयदा होगा? या माणस आपणी ज्यान कै बदले के देवैगा? 27 माणस का बेट्टा आपणे सुर्गदुत्त्तां कै गेल्या आपणे पिता की महिमा म्ह आवैगा, अर उस बखत ‘वो हरेक नै उसकै काम्मां कै मुताबिक प्रतिफळ देवैगा|’ 28 मै थारे ते सच कहूँ सूं जो आड़ै खड़े सै उन म्ह तै कुछ इसे सै के जिब्ब तक माणस के बेट्टे नै उसके राज म्ह आंदे होए ना देख लेगें तब ताहि मौत का सवाद कदे भी ना चाक्खैगेंI
171 छ: दिनां पाच्छै यीशु नै पतरस अर याकूब अर उसके भाई युहन्ना ताही गेल्या लिया, अर उन ताही एक्लै में किसे ऊँच्चे पहाड़ पै लेग्या| 2 ओड़ै उनकै स्याम्ही उसका रूप म्ह बदलाव होया, अर उसका मुँह सूरज की ढाळ चमक्या अर उसका लत्त्ता चाँदणै की ढाळ धोल्या होग्या| 3 अर मूसा अर एलिय्याह उसकै गेल्या बात करदे होड़ दिक्खे| 4 इस पै पतरस नै यीशु तै कह्या, “हे प्रभु, म्हारा उरै रहणा ठीक सै| जै तेरी मर्जी हो तो मै उरै तीन मण्डप बणाऊँ; एक तेरै खातर, एक मूसा खातर, एक एलिय्याह खातर|” 5 वो बोल्लणए लागरया था के एक धोल्या बादळ उन पै छाग्या, अर उस बादळ म्ह तै यो बोल लिकड़या, “यो मेरा प्यारा बेट्टा सै; जिसतै मै राज्जी सूं : इसकी सुणो|” 6 चेल्ले न्यू सुणकै मुँह कै बळ गिरगे अर घणे डरगे| 7 यीशु नै धोरै आकै उन ताही छुया, अर बोल्या, “उठो, डरो मतना|” 8 फेर उन्नै आपणी निगांह करी अर यीशु ताही छोड़ और किसे ताही कोनी देख्या| 9 जिब्ब वे पहाड़ पै तै उतरै थे फेर यीशु नै उनतै यो हुक्म दिया, “जिब्ब ताही माणस का बेट्टा मरे होया म्ह तै जिन्दा न्ही उठै, तब ताही जो कीमे थमनै देख्या सै किस्से तै ना कहियो|” 10 इस पै उसके चेल्यां नै उसतै बुझ्झया, “फेर शास्त्री क्यांतै कहवै सै के एलिय्याह का पहल्या आणा जरूरी सै|” 11 उसनै जबाब दिया, “एलिय्याह जरुर आवैगा, अर सारा कीमे सुधरैगा| 12 पर मै थमनै कहूँ सूं के एलिय्याह आ लिया, अर माणसां नै उस ताही न्ही पिच्छाणा; पर जिसा चाहया उसाए उसकै गेल्या करया| इस तरिया तै माणस का बेट्टा भी उनकै हाथां तै दुःख ठावैगा|” 13 फेर चेल्यां ने समझया के उसनै म्हारै तै युहन्ना बपतिस्मा देणीये कै बाबत कहया सै| 14 जिब्ब वे भीड़ कै धोरै पहोच्चे, तो एक माणस उसकै धोरै आया, अर गोड्डे टेक कै कहण लाग्या, 15 “हे प्रभु, मेरे बेट्टे पै दया कर! क्यूँके उस ताही मिर्गी आवै सै, अर वो घणा दुःख ठावै सै; अर बार-बार आग म्ह अर बार-बार पाणी म्ह पड़ ज्या सै| 16 मै उसताही तेरे चेल्यां धोरै ल्याया था, पर वे उसनै चंगा कोनी कर सके|” 17 यीशु नै जबाब दिया, “हे अबिश्वासी अर जिद्दी माणसों, मै कद ताही थारै गेल्या रहूँगा? कद ताही थारी सहूँगा? उसनै उरै मेरै धोरै ल्यावो|” 18 फेर यीशु नै औपरी आत्मा ताही धमकाया, वा उसम्ह तै लिकड़ग्यी : अर छोरा उस्से टेम चंगा होग्या| 19 फेर चेल्यां नै एक्लै म्ह यीशु कै धोरै आकै कह्या, “हम उसनै क्यांतै न्ही काड सके?” 20 उसनै उनतै कह्या, “आपणे बिश्वास की कमी कै कारण, क्यूँके मै थमनै साच्ची कहूँ सूं, जै थारा बिश्वास राई कै दाणै कै बराबर भी हो, तो इस पहाड़ तै कह सकोगे, ‘उरै तै सरककै ओड़ै चल्या जा’, तो वो चल्या जावैगा; अर कोए बात थारै खातर मुश्किल कोनी होवैगी| 21 [पर या जात बिना प्रार्थना अर ब्रत कै कोनी लिकड़दी|]” 22 जिब्ब वे गलील म्ह थे, तो यीशु नै उन तै कह्या, “माणस का बेट्टा माणसां के हाथां म्ह पकड़वाया जावैगा; 23 वे उसनै मार देवैगें, अर वो तीसरे दिन जिन्दा उठैगा|” इस पै वे घणे उदास होए| 24 जिब्ब वे कफरनहूम पहोच्चे, तो मन्दर का कर लेण आळयां नै पतरस कै धोरै आण कै बुझझया, “के थारा गुरु, मन्दर का कर कोनी देंदा?” 25 उसनै कह्या, “हम्बै, देवै सै|” जिब्ब वो घरा आया, तो यीशु नै उसकै बुझ्झण तै पहल्या ए उसतै कह्या, “हे शमौन, तू के सोच्चै सै? धरती के राजा महसूल या कर किन तै लेवै सै? आपणे बेट्यां तै या बिगान्याँ तै?” 26 पतरस नै उसतै कह्या “बैगान्या तै”I यीशु नै उसतै कह्या तो बेट्टे बचगेI 27 तोभी इस खात्तर के हम उणनै ठोक्कर ना खुवावा, तू झील कै कंठारे जा कै कांडा गेर,अर जो मच्छी पहलै लिकडै, उसनै ले; उसका मुहँ खोल्लण पै तेरै ताहि एक सिक्का मिलैगा, उस्से नै लेकै मेरै अर आपणे बदलै म्ह दे दियेI”
181 उस घड़ी चेल्ले यीशु कै धोरै आकै बुझ्झण लाग्गे, “सुर्ग कै राज म्ह बड्डा कौण सै?” 2 इस पै उसनै एक बाळक ताही धोरै बुलाकै उनकै बिच्चाळै खड़या करया, 3 अर कह्या, “मै थमनै साच्ची कहूँ सूं के जिब्ब ताही थम न्ही बदलो अर बाळका की ढाळ न्ही बणो, थम सुर्ग कै राज म्ह बड़ न्ही सकदे| 4 जो कोए आपणे आप नै इस बाळक की ढाळ छोट्टा करैगा, वो सुर्ग कै राज म्ह बड्डा होवैगा| 5 अर जो कोए मेरै नाम तै एक इसे बाळक ताही अपणावै सै वो मन्नै अपणावै सै| 6 “पर जो इन छोट्या म्ह तै जो मेरै पै बिश्वास करै सै एक नै ठोकर खुवावै, उसका खातर भला तो यो होंदा के बड्डी चाक्की का पाट उसकै गले म्ह लटकाया जान्दा, अर वो डून्घे समुन्दर म्ह डबोया जान्दा| 7 ठोकरां कै कारण दुनिया पै हाय! ठोकरां का लागणा जरूरी सै; पर हाय उस माणस पै जिसकै जरिये ठोकर लागै सै| 8 “जै तेरा हाथ या तेरा पैर तन्नै ठोकर खुवावै, तो उसनै काटकै बगा दे; टुंडा या लंगड़ा होकै ज़िन्दगी पै दाखल होणा इसतै भला सै के दो हाथ या दो पैर रहंदे होए तू अनन्त आग म्ह गेरया जावै| 9 जै तेरी आँख तन्नै ठोकर खुवावै, तो उस ताही लिकड़ कै बगा दे; काणा होकै जिन्दगी म्ह बड़ना तेरै खातर भला सै के दो आँख रहंदे होए तू नरक की आग म्ह गेरया जावै| 10 “देक्खो, थम इन छोट्या म्ह तै किसे नै तुच्छ ना जाणीयो; क्यूँके मै थमनै कहूँ सूं के सुर्ग म्ह उनके दूत मेरे सुर्गीय बाप का मुँह सारी हाण देखै सै| 11 [क्यूँके माणस का बेट्टा खोये होया नै बचाण आया सै|] 12 “थम के सोच्चो सो? जै किसे माणस की सौ भेड़ हों, अर उनम्ह तै एक भटक जावै, तो के वो निन्यानबे ताही छोड़कै, अर पहाड़ां पै जाकै, उस भटकी होड़ नै कोनी टोहवैगा? 13 अर जै इसा हो के उसनै पावै, तो मै थमनै साच्ची कहूँ सूं के वो उन निन्यानबे भेड्डा कै खातर जो भटकी कोनी थीं, इतना आनन्द कोनी करैगा जितना के इस भेड़ कै खातर करैगा| 14 इस्से ढाळ थारे बाप की जो सुर्ग म्ह सै या मर्जी कोनी के इन छोट्यां म्ह तै एक भी नास हो| 15 “जै तेरा भाई तेरै खिलाफ कसूर करै, तो जा अर एक्लै म्ह बतळा कै उसनै समझा, जै वो तेरी सुणै तो तन्नै आपणे भाई ताही पा लिया| 16 जै वो न्ही सुणै, तो एक या दो जणयां नै आपणै गेल्या और ले जा, के ‘हरेक बात दो या तीन गवाहा कै मुँह तै पक्की करी जावै|’ 17 जै वो उनकी भी न्ही मान्नै , तो कलीसिया तै कह दे, पर जै वो कलीसिया की भी कोनी मान्नै तो तू उसनै दूसरी जात अर महसूल लेणआळे जिसा जाण| 18 “मै थम नै साच्ची कहूँ सूं, जो कीमे थम धरती पै जुड़ोगे, वो सुर्ग म्ह बंधैगा अर जो कीमे थम धरती पै खोल्लोगे , वो सुर्ग म्ह खुलैगा| 19 फेर मै थमनै कहूँ सूं, जै थारै म्ह तै दो जणे धरती पै किसे बात कै खातर एक मन होकै उसतै माँगै, तो वा मेरे पिता की वोड़ तै जो सुर्ग म्ह सै, उनकै खातर हो जावैगी| 20 क्यूँके जड़ै दो या तीन मेरै नाम पै कट्ठा होवै सै, ओड़ै मै उनकै बिच्चाळै म्ह होऊँ सूं|” 21 जिब्ब पतरस नै धोरै आकै उसतै कह्या, “हे प्रभु, जै मेरा भाई कसूर करदा रहवै, तो मै कितनी बै उस ताही बख्शु?” के सात बै ?” 22 यीशु नै उसतै कह्या, “मै तेरै तै यो न्ही कहन्दा के सात बै ताही बल्के सात बै के सत्तर गुणे ताही| 23 “इसकरकै सुर्ग का राज्य उस राजा कै बरगा सै, जिसनै आपणे नौकरां का लेक्खा (ब्यौरा) लेणा चाहया| 24 जिब्ब वो लेक्खा लेण लाग्या, तो एक जणा उसकै स्याम्ही ल्याया गया जो दस हजार तोड़े का कर्जवान था| 25 जिब्ब के चुकता करण नै उसकै धोरै कीमे कोनी था, तो उसकै मालिक नै कह्या, ‘यो अर इसकी बीरबान्नी अर बाळ-बच्चे अर जो कीमे इसका सै सारा बेच्या जावै, अर कर्ज चुकता करया जावै|’ 26 इस पै उस नौकर नै पड़कै उस ताही प्रणाम करया, अर कह्या, ‘हे मालिक धीरज धर, मै सारा कीमे भर द्युँगा|’ 27 इस पै उस नौकर कै मालिक नै तरस खाकै उस ताही छोड़ दिया, अर उसका कर्जा भी बख्श दिया| 28 “पर जिब्ब वो नौकर बाहरण लिकड़या , तो उसके गेल्या के नौकरां म्ह तै एक उस तै फेट्या जो उसके सौ दीनार का कर्जदार था; उसनै पकड़कै उसका घेट्टी घोंट्टी अर कह्या, ‘जो कीमे तेरै पै कर्ज सै भर दे|’ 29 इस पै उसका गेल का नौकर पड़कै उसतै बिनती करणं लाग्या, ‘धीरज धर, मै सारा कीमे भर द्युँगा|’ 30 वो न्ही मान्या, पर जाकै उस ताही जेळ म्ह गेर दिया के जिब्ब ताही कर्जा ना भर दे, जिद ताही ओड़ैए रहवै| 31 उसके गेल्या के नौकर यो जो होया था देखकै घणे उदास होए, अर जाकै आपणे मालिक ताही पूरा हाल बता दिया| 32 फेर उसकै मालिक नै उस ताही बुलाकै उसतै कह्या, ‘हे दुष्ट नौकर, तन्नै जो मेरै तै बिनती करी, तो मन्नै तेरा वो सारा कर्जा बख्श दिया| 33 ज्यांतै जिस ढाळ मन्नै तेरै पै दया करी, उस्से तरिया के तन्नै भी आपणे गेल के नौकर पै दया न्ही करणी चहिये थी?’ 34 अर उसकै मालिक नै छोह म्ह आकै उस ताही दण्ड देणआळे के हाथां म्ह सौप दिया, के जिब्ब ताही वो सारा कर्जा भर न्ही देवै, जिद ताही उनकै हाथां म्ह रहवै| 35 “इस्से ढाल जै थारे म्ह तै आपणे भाई नै ना बक्शैगा तो मेरा पिता जो सुर्ग म्ह सै थारे तै उसा ए करैगा”I
191 जिब्ब यीशु नै ये बात कह ली, तो गलील तै चल्या गया; अर यरदन कै परली ओड़ यहूदिया कै प्रदेश म्ह आया| 2 फेर बड्डी भीड़ उसकै पाच्छै हो ली, अर उसनै ओड़ै उन ताही चंगा करया| 3 फेर फरीसी उसनै परखण खातर धोरै आकै बोल्ले, “के हर एक कारण तै आपणी बीरबान्नी ताही छोड़ना ठीक सै?” 4 उसनै जबाब दिया, “के थम नै न्ही पढ़या के जिसनै उन ताही बनाया, उसनै सरूआत तै नर अर नारी बणाकै कह्या, 5 इस कारण माणस आपणे माँ-बाप तै न्यारा होकै आपणी बीरबान्नी कै गेल्या रहैगा अर वे दोन्नु एक तन होवैगें?’ 6 आखर इब दो न्ही , पर एक तन सै| इसकरकै जिस ताही पणमेशर जै जोड़या सै, उस ताही माणस न्यारा ना करै|” 7 उन्नै उसतै कह्या, “फेर मूसा नै यो क्यातै ठहराया के तलाक देकै उस ताही छोड़ दे?” 8 उसनै उनतै कह्या, “मूसा नै थारै मन की करड़ेपण कै कारण थारै तै आपणी-आपणी बीरबान्नी ताही छोड़ देण का हुक्म दिया, पर सरूआत म्ह इसा कोनी था| 9 अर मै थमनै कहूँ सूं, के जो कोए जारी नै छोड़ कै और किसे कारण तै आपणी बीरबान्नी नै छोड़ कै दूसरा ब्याह करै, वो जारी करै सै; जो उस छोड्डी होई तै ब्याह करै, वो भी जारी करै सै|” 10 चेल्यां नै यीशु तै कह्या, “जै माणस का लुगाई कै गेल्या इसा सम्बन्ध सै, तो ब्याह करणा आच्छा कोनी|” 11 यीशु नै उनतै कह्या, “सारे यो बचन अपणा न्ही सकदे, सिर्फ वे जिन ताही यो दान दिया गया सै| 12 क्यूँके कीमे हिजड़े इसे सै, जो माँ के पेट या गर्भ ए तै इसे जन्मे; अर कीमे हिजड़े इसे सै, जिन ताही माणस नै हिजड़े बणाया; अर कीमे हिजड़े इसे सै, जिन्नै सुर्ग कै राज्य कै खातर खुद ताही हिजड़ा बणाया सै| जो इस ताही अपणा कर सकदा हो, वो अपणावै|” 13 फेर माणस बाळका ताही उसकै लोवै ल्याए के वो उनकै ऊपर हाथ धरै अर प्रार्थना करै, पर चेल्यां नै उन ताही धमकाया| 14 यीशु नै कह्या, “बाळका नै मेरै लोवै आण द्यो, अर उन ताही मना मतना करो, क्यूँके सुर्ग का राज्य इसाए का सै|” 15 अर वो उन पै हाथ धरकै ओड़ै तै चल्या गया| 16 एक माणस यीशु कै धोरै आया अर उसतै कह्या, “हे गुरु, मै कौण-सा भला काम करूँ के अनन्त जीवन पाऊँ?” 17 यीशु नै उसतै कह्या, “तू मेरै तै भलाई कै बाबत क्यातै बुझ्झै सै? भला तो एकए सै, पर जै तू जीवन म्ह दाखल होणा चाहवै सै, तो हुकमां नै मान्या कर|” 18 उसनै यीशु तै कह्या, “कौण-से हुक्म?” यीशु बोल्या, “खून न्ही करणा, जारी न्ही करणा, चोरी न्ही करणा, झूठी गवाही ना देणा, 19 आपणे बाप अर माँ का आद्दर करणा, अर आपणे पडौसी तै आपणे जिसा प्रेम राखणा|” 20 उस गाबरू नै कह्या, “इन सारया ताही तो मन्नै मान्या सै; इब मन्नै किस बात की कमी सै?” 21 यीशु नै उसतै कह्या, “जै तू सिद्ध होणा चाहवै सै तो जा, आपणा सारा माळ बेचकै कंगाला ताही दे, अर तन्नै सुर्ग म्ह धन मिलैगा; अर आकै मेरै पाच्छै हो ले|” 22 पर वो गाबरू या बात सुणकै उदास होकै चल्या गया, क्यूँके वो घणा धनवान था| 23 फेर यीशु नै आपणे चेल्यां तै कह्या, “मै थमनै साच्ची कहूँ सूं के धनवान का सुर्ग के राज्य म्ह बड़ना ओक्खा सै|” 24 थारै ताही फेर कहूँ सूं के पणमेशर के राज्य म्ह धनवान के बड़नै तै ऊँट का सूई कै मोरै म्ह तै लिकड़ना सेल्ला सै|” 25 न्यू सुणकै चेल्यां नै हैरान होकै कह्या, “फेर किसका उद्धार हो सकै सै|” 26 यीशु नै उनकी वोड़ लखा कै कह्या, “माणसां तै तो यो कोनी हो सकदा, पर पणमेशर तै सारा कीमे हो सकै सै|” 27 इस पै पतरस नै उसतै कह्या, “देख, हम तो सारा कीमे छोड़ कै तेरै पाच्छै हो लिए सा: तो हमनै के मिलैगा?” 28 यीशु नै उनतै कह्या, “मै थमनै साच्ची कहूँ सूं के नयी सृष्टी म्ह जिब्ब माणस का बेट्टा आपणी महिमा के सिंहासन पै बैठैगा, तो थम भी जो मेरै पाच्छै हो लिए सो, बारहा सिंहासना पै बैठकै इस्राएल के बारहा गोत्रा का न्याय करोगे| 29 अर जिस किसे नै घर, या भाई, या भाण या बेब्बे, या बाप, या माँ, या बाळ-बच्चे, या खेत्त्तां ताही मेरै नाम कै खातर छोड़ दिया सै, उस ताही सौ गुणा मिलैगा, अर वो अनन्त जीवन का हक्कदार होवैगा| 30 पर भोत से जो पहल्यै सै, पाच्छले होंगे; अर जो पाच्छले सै, पहल्यै होंगेI
201 “सुर्ग का राज्य” किसे घर के मालिक की ढाळ सै, जो तड़कए लिकड़या के आपणी दाख की बारी म्ह मजदुरां नै लावै| 2 उसनै मजदुरां तै एक दीनार रोज पै लाया अर उन्नै आपणी दाख की बारी म्ह खन्दाया| 3 फेर एक पहर दिन चढ़े पाच्छै उसनै लिकड़कै और माणसां ताही बजार म्ह खड़े देख्या, 4 अर उसनै कह्या, ‘थम भी दाख की बारी म्ह जावो, अर जो कीमे सई सै, थमनै द्युँगा|’ आखर वे भी गये| 5 फेर उसनै दुसरे अर तीसरे पहर कै लोवै लिकड़कै उस्से तरिया करया| 6 दिन बीतण तै एक घंटा पहल्या उसनै फेर लिकड़कै दूसरयां ताही खड़े पाया, अर उसनै कह्या, ‘थम क्यांतै सारै दिन उरै बेकार खड़े रहे?’ उन्नै उसतै कह्या, ‘ज्यांतै के किसे नै म्हारै ताही मजदूरी पै कोनी ल्याया|’ 7 उसनै उनतै कह्या, ‘थम भी दाख की बारी म्ह जावो|’ 8 “साँझ नै दाख की बारी के मालिक नै आपणे भण्डारी तै कह्या, ‘मजदुरां ताही बुलाकै पाच्छल्या तै लेकै पहल्या ताही उन्नै मजदूरी दे-दे|’ 9 जिब्ब वे आये जो घंटा-भर दिन रहे लाए गये थे, तो उन्नै एक-एक दीनार मिल्या| 10 जो पहल्या आये उन्नै यो समझया के म्हारै ताही घणा मिलैगा, पर उन्नै भी एक-एक दीनार ए मिल्या| 11 जिब्ब मिल्या तो वे घर कै मालिक पै बिरड़ाकै कहण लाग्गे, 12 ‘इन पाच्छल्यां नै एक घंटा काम करया, अर तन्नै उन ताही म्हारै बराबर कर दिया, जिन्नै दिन-भर का बोझ ठाया अर घाम सहया?’ 13 उसनै उनम्ह तै एक ताही जबाब दिया, ‘हे मित्तर, मै तेरै तै कीमे अन्याय कोनी करदा| के तन्नै ए मेरै तै एक दीनार कोनी ठहराया था? 14 जो तेरा सै, ठा ले अर चल्या जा; मेरी मर्जी या सै के जितना तन्नै द्युँ उतना ए इस पाच्छले ताही भी द्युँ| 15 के यो ठीक कोनी के मै आपणे माळ तै जो चाहूँ वो करूँ? के मेरै भले होण कै कारण तू भुंडी नजर तै देक्खै सै?’ 16 इस तरिया तै जो पाच्छले सै, वे पहले होवैगें, जो पहले सै, पाच्छले होवैगें|” 17 यीशु यरूशलेम नै जान्दे होए बारहा चेल्यां ताही एक्लै म्ह लेग्या, अर राह म्ह उनतै बोल्या, 18 “देक्खो, हम यरूशलेम नै जावा सा; अर माणस का बेट्टा प्रधान याजकां अर शास्त्रियाँ कै हाथां पकड़वाया जावैगा, वे उसनै मारण कै जोग्गा ठहरावैगें| 19 अर उस ताही गेरजात्त्तां कै हाथां म्ह सौपैगें के वे उस ताही मखौल म्ह उड़ावैगें, अर कोरड़े मारैगें, अर क्रूस पै चढ़ावैगें, अर वो तीसरै दिन जिन्दा उठैगा|” 20 फेर जब्दी कै बेट्यां की माँ नै, आपणे बेट्यां कै गेल्या यीशु कै धोरै आकै प्रणाम करया, अर उसतै कीमे माँगण लाग्गी| 21 यीशु नै उसतै कह्या, “तू के चाहवै सै?” वा यीशु तै बोल्ली, “यो बचन दे के मेरे ये दो बेट्टे तेरै राज्य म्ह एक तेरै सोळै अर एक तेरै ओळै बैठै|” 22 यीशु नै जबाब दिया, “थमनै न्ही बेरा के माँगो के सो| जो कटोरा मै पीण पै सूं, के थम पी सको सो?” उन्नै उस ताही कह्या, “पी सका सा|” 23 उसनै उनतै कह्या, “थम मेरा कटोरा तो पी लोगे, पर आपणे सोळै अर ओळै किसे ताही बिठाणा मेरा काम कोनी, पर जिन कै खातर मेरै बाप की वोड़ तै त्यार करया गया, उन्नै खातर सै|” 24 न्यू सुणकै दसो चेल्ले उन दोन्नु भाईयां पै छो करण लाग्गे| 25 यीशु नै उन ताही धोरै बुलाकै कह्या, “थम जाणो सो के गेरजात्त्तां के हाकिम उन पै राज करै सै; अर जो बड्डे सै, वे उन पै हक्क जमावै सै| 26 पर थारै म्ह इसा कोनी होवैगा; जो कोए थारै म्ह बड्डा होणा चाहवै, वो थारा सेवक बणै; 27 अर जो थारै म्ह प्रधान होणा चाहवै, वो दास बणै; 28 जिस ढाळ के माणस का बेट्टा; वो ज्यांतै कोनी आया के उसकी सेवा बाड़ी करी जावै, पर ज्यांतै आया के खुद सेवा बाड़ी करै, अर घण-खरयां के छुटकारै कै खातर आपणी ज्यान देवै|” 29 जिब्ब वे यरीहो तै लिकड़ै थे, तो एक बड्डी भीड़ उसकै पाच्छै हो ली| 30 अर दो आंधे, जो सड़क कै कंठारै बैठे थे, न्यू सुणकै के यीशु जाण लागरा सै, रूक्का मारकै कहण लाग्गे, “हे प्रभु, हे दाऊद की ऊलाद, म्हारै पै दया कर|” 31 माणसां नै उन ताही धमकाया के बोल-बाल्ले रहवै; पर वे और भी किल्की मारकै बोल्ले, “हे प्रभु, दाऊद की ऊलाद, म्हारै पै दया कर|” 32 फेर यीशु नै खड़े होकै, उन ताही बुलाया अर कह्या, “थम के चाहवो सो के मै थारै खातर करूँ?” 33 उन्नै उसतै कह्या, “हे प्रभु, यो के म्हारी आँख खुल जावै|” 34 यीशु नै तरस खाकै उन्हकी आँखे छुई, अर वे जिब्बे देखण लाग्गै; अर उसकै पाच्छै हो लियेI
211 जिब्ब वे यरूशलेम कै लोवै पहोच्चे अर जैतून पहाड़ पै बैतफगे कै धोरै आये, तो यीशु नै दो चेल्यां ताही न्यू कहकै खन्दाया, 2 “स्याम्ही कै गाम म्ह जावो| ओड़ै पहोच्दए एक गधी बंधी होई, अर उसकै गेल्या बच्चा थमनै मिलैगा| उन्नै खोलकै मेरै धोरै ल्याओ| 3 जै थारै तै कोए कीमे कहवै, तो कहियो के प्रभु नै इनतै काम लेणा सै, फेर वो जिब्बे उन्नै खिन्दा देवैगा|” 4 यो ज्यांतै होया के जो बचन नब्बी के जरिये कहया गया था, वो पूरा हो 5 “सिय्योन की बेटटी तै कहो, ‘देख, तेरा राजा तेरै धोरै आवै सै; वो नम्र सै, अर गधे पै बैठ्या सै; बल्के लादू के बच्चे पै|’” 6 चेल्यां नै जाकै, जिसा यीशु नै उनतै कहया था, उस्से तरिया करया| 7 अर गधी अर बच्चे ताही ल्याकै, उनपै आपणे लत्त्ते गेरे, अर वो उन पै बैठग्या| 8 फेर घण-खरे माणसां नै आपणे लत्त्ते राह म्ह बिच्छाये, अर माणसां नै दरख्तां तै डाळीयां काटकै राह म्ह बिच्छाई| 9 जो भीड़ आगै-आगै जावै अर पाच्छै-पाच्छै चाल्ली आवै थी, रूक्के मार-मार कै कहवै थी, “दाऊद की ऊलाद को होशाना, धन्य सै वो जो प्रभु के नाम तै आवै सै, अकास म्ह होशाना|” 10 जिब्ब वो यरूशलेम म्ह बड़या, तो सारे नगर म्ह खलबल्ली माच्गी, अर माणस कहण लाग्गे, “यो कौण सै?” 11 माणसां नै कह्या, “यो गलील के नासरत का नब्बी यीशु सै|” 12 यीशु नै पणमेशर कै मन्दर म्ह जाकै उन सारया ताही, जो मन्दर म्ह लेण-देण कररे थे, काड दिया, अर सर्राफा के पीढ़े अर कबूतर बेचणीयाँ की चौकियाँ उल्ट दीं; 13 अर उनतै बोल्या, “लिख्या सै, ‘मेरा घर प्रार्थना का घर कुहवावैगा’; पर थम उसनै डाकुवां की खोह बणावो सो|” 14 फेर आंधे अर लंगड़े, मन्दर म्ह उसकै धोरै आये, अर उसनै उन ताही चंगा करया| 15 पर जिब्ब प्रधान याजका अर शास्त्रियाँ नै इन अनोक्खे काम्मां ताही, जो उसनै करे, अर छोरयां ताही मन्दर म्ह ‘दाऊद की ऊलाद को होशाना’ रूक्के मारदे देख्या, तो वे छो मानगे, 16 अर उसतै कहण लाग्गे, “के तू सुणै सै के ये के कहवै सै?” यीशु नै उनतै कह्या, “हम्बै; के थमनै यो कदे कोनी पढ़या : ‘बाळका अर दूध पिन्दे बच्या कै मुँह तै तन्नै घणी स्तुति कराई?” 17 फेर वो उन्नै छोड़कै नगर कै बाहरण आकै बैतनिय्याह नै गया अर ओड़ै रात बिताई| 18 तड़कए जिब्ब वो नगर नै बोहड़ण लागरया था तो उसनै भूख लाग्गी| 19 सड़क कै कंठारै अंजीर का एक दरख्त देखकै वो उसकै धोरै गया, अर पत्त्या नै छोड़ उसम्ह और कीमे ना पाकै उसतै कह्या, “इब तै तेरै म्ह फेर कदे फळ कोनी लाग्गै|” अर अंजीर का दरख्त जिब्बे सूखग्या| 20 न्यू देखकै चेल्या नै हैरानी होई अर उन्नै कह्या, “यो अंजीर का दरख्त जिब्बे किस तरिया सूखग्या?” 21 यीशु नै उन ताही जबाब दिया, “मै थमनै साच्ची कहूँ सूं, जै थम बिश्वास राकखो अर शक ना करो, तो ना केवल यो करोगे जो इस अंजीर कै दरख्त गेल्या करया गया सै, पर जै इस पहाड़ नै कहोगे, ‘उखड़ जा, अर समुन्दर म्ह जा पड़’, तो यो हो जावैगा| 22 अर जो कीमे थम प्रार्थना म्ह बिश्वास तै माँगोगे वो सारा थमनै मिलैगा|” 23 वो मन्दर जाकै उपदेश देवै था, तो प्रधान याजकां अर आदमियां के पुरनियां नै उसकै धोरै आकै बुझझया, “तू ये काम किसकै हक्क तै करै सै? अर तेरै ताही यो हक्क किसनै दिया सै?” 24 यीशु नै उनताही जबाब दिया, “मै भी थारै तै एक बात बुझझु सू; जै वो मन्नै बतावोगे, तो मै भी थमनै बताऊँगा के ये काम किस हक्क तै करूँ सू| 25 युहन्ना का बपतिस्मा कित तै था? सुर्ग को वोड़ तै या माणसां को वोड़ तै?” फेर वे आपस म्ह बहस करण लाग्गे, “जै हम कहवा ‘सुर्ग की वोड़ तै’ तो वो म्हारै तै कहवैगा, ‘फेर थमनै उसका बिश्वास क्यांतै न्ही करया?’ 26 अर जै कहवा ‘माणसां की वोड़ तै’ तो हमनै भीड़ का भय सै, क्यूँके वे सारे युहन्ना ताही नब्बी मान्नै सै|” 27 आखर उन्नै यीशु ताही जबाब दिया, “हमनै न्ही बेरा|” यीशु नै भी उनतै कह्या, “तो मै भी थमनै कोनी बतान्दा के ये काम किस हक्क तै करूँ सूं| 28 “थम के सोच्चो सो? किसे माणस कै दो बेट्टे थे; उसनै पहलये कै धोरै जाकै कह्या, ‘हे बेट्टे, आज दाख की बारी म्ह काम कर|’ 29 उसनै जबाब दिया, ‘मै कोनी जान्दा’, पर पाच्छै पसता कै गया| 30 फेर बाप नै दुसरे कै धोरै जाकै न्यू ए कहया, उसनै जबाब दिया, ‘जी हम्बै जाऊं सूं’, पर कोनी गया| 31 इन दोनुवां म्ह तै किसनै बाप की मर्जी पूरी करी?” उन्नै कह्या, “पहलये नै|” यीशु नै उनतै कह्या, “मै थारै तै साच्ची कहूँ सूं के महसूल लेणआळे अर बेश्याएँ थारै तै पहल्या पणमेशर के राज्य म्ह बड़ै सै| 32 क्यूँके युहन्ना धर्म की राह दिखान्दे होए थारे लोवै आया, अर थमनै उसका बिश्वास कोनी करया; पर महसूल लेणआळे अर बेश्यायाँ नै उसका बिश्वास करया : अर थम न्यू देखकै पाच्छै पसताए के उसका बिश्वास कर लेन्दे| 33 एक और उदाहरण सुणो : एक घर का मालिक था, जिसनै दाख की बारी लाई, उसकै चौगर देकै बाड़ा बाँधया, उसम्ह रस का कुण्ड खोद्या अर बुर्जी बनाई, अर किसानां ताही उसका ठेका देकै प्रदेश चल्या गया| 34 जिब्ब फळ का बखत लोवै आया, तो उसनै आपणे नौकरां ताही उसका फळ लेण नै किसानां धोरै खन्दाया| 35 पर किसानां नै उसके नौकरां ताही पकड़ कै, किसे ताही छेत्या, अर किसे ताही मार दिया, अर किसे पै पत्थर बरसाए| 36 फेर उसनै पहल्या तै घणे और नौकरां ताही खन्दाया, अर उन्नै भी उस्से तरिया करया| 37 आखर म्ह उसनै आपणे बेट्टे ताही उनकै धोरै न्यू सोचकै खन्दाया के वे मेरै बेट्टे का आद्दर करैगें| 38 पर किसाना नै बेट्टे ताही देखकै आपस म्ह कह्या, ‘यो तो वारिस सै, आवो, इसनै मार देवा अर इसकी वसीयत ले लेवां|’ 39 आखर उन्नै उस ताही पकड़या अर दाख की बारी तै बाहरण काडकै मार दिया| 40 इसकरकै जिब्ब दाख की बारी का मालिक आवैगा, तो उन किसानां कै गेल्या के करैगा?” 41 उन्नै उसतै कह्या, “वो उन भुन्डे माणसां का भूंडी ढाळ नाश करैगा; अर दाख की बारी का ठेका दुसरे किसानां ताही देवैगा, जो बखत पै उस ताही फळ दिया करैगें|” 42 यीशु नै उनतै कह्या, “के थमनै कदे भी पवित्र ग्रन्थ म्ह यो कोनी पढ़या : ‘जिस पत्थर ताही राजमिस्त्रियाँ नै निकम्मा ठहराया था, वोए कुणे के सिरे का पत्थर होग्या? यो प्रभु की वोड़ तै होया, अर म्हारी निगांह म्ह अनोक्खा सै|’ 43 ज्यांतै मै थमनै कहूँ सूं के पणमेशर का राज्य थारै तै ले लिया जावैगा अर इसी जात ताही, जो उसका फळ ल्यावै, दिया जावैगा| 44 जो इस पत्थर पै पड़ैगा, वो चकनाचूर हो जावैगा; अर जिस पै वो पड़ैगा, उसनै पीस देवैगा|” 45 प्रधान याजक अर फरीसी उसके उदाहरणा नै सुणकै समझगे के वो उनकै बाबत कहवै सै| 46 अर उन्हनै उस ताहि पकड़ना चाह्या, पर माणसां तै डर ग्ये क्यूँके वे उसनै नब्बी माणन थे I
221 इस पै यीशु फेर उनतै उदाहरणा म्ह कहण लाग्या, 2 “सुर्ग का राज्य उस राजा की ढाळ सै, जिसनै आपणे बेट्टे का ब्याह करया| 3 अर उसनै आपणे नौकरां ताही खन्दाया, के न्योंदे होड़ माणसां ताही ब्याह के जीमणे म्ह बुलावै; पर उन्नै आणा न्ही चाहया| 4 फेर उसनै और नौकरां ताही न्यू कहकै खन्दाया, ‘न्योंदे होड़ माणसां ताही कहो : लखावो, मन्नै जिमणा त्यार कर लिया सै, अर मेरे बैळद अर पळे होड़ डान्गर मार लि सै : सारा कीमे त्यार सै; ब्याह के जिमणे म्ह आवो|’ 5 पर वे बेपरवाह करकै चले गये, कोए आपणे खेत्तां म्ह, कोए आपणे धन्धे पै| 6 और माणसां नै जो बचगे थे उन्नै उसके नौकरां ताही पकड़ कै उनकी बेईज्जती करी अर उन ताही मार दिया| 7 राजा छो म्ह आग्या, अर आपणी फ़ौज खन्दाकै उन हत्यारा का नाश करया, आर उनके नगर फूंक दिए| 8 फेर राजा नै आपणे नौकरां तै कहया, ब्याह का जिमणा तो त्यार सै, पर के न्योंदे होड़ माणस इस जोग्गे कोनी ठहरे| 9 इसकरकै चौराहयां पै जावो, अर जितने माणस थमनै मिलै, सारया ताही ब्याह कै जिमणे म्ह बुला ल्यावो| 10 इस तरिया उसके नौकरां नै सड़कां पै जाकै के भुन्डे, के आच्छे, जितने मिले सारया ताही कट्ठा करया; ब्याह का घर मेहमाना तै भरग्या| 11 जिब्ब राजा मेह्माना नै देखण भीत्त्तर आया, तो उसनै ओड़ै एक माणस ताही देख्या, जो ब्याह के लत्त्ते कोनी पहररया था| 12 उसनै उसतै बुझ्झया, “हे मित्तर, तू ब्याह के लत्त्ते पहरे बिना उरै क्यातै आग्या| उसका मुँह बन्द होग्या| 13 फेर राजा नै नौकरां तै कह्या, “इसके हाथ-पैर जुड़कै उस ताही बाहरण अन्धेरे म्ह गेर द्यो, ओड़ै रोणा, अर दाँत पिसणा होवैगा| 14 क्यूँके न्योंदे होड़ तो घणे सै पर छाँटे होये घाट सै| 15 फेर फरिसियाँ नै आकै आपस म्ह बिचार करया, के उसनै किस ढाळ बात्त्तां म्ह फसावा| 16 इस तरिया उन्नै आपण ताही हेरोदिया कै गेल्या उसकै धोरै न्यू कहण नै खन्दाया, “हे गुरु, हमनै बेरा सै, के तू साच्चा सै, अर पणमेशर की राह सच्चाई तै सिखावै सै; अर किसे की आंट कोनी मान्दा, क्यूँके तू माणसां का मुँह देखकै बात कोनी करदा| 17 इसकरकै हमनै बता तू के सोच्चै सै? कैसर तै कर देणा ठीक सै के न्ही |” 18 यीशु नै उनका भुन्डापण जाणकै कह्या, “हे कपटीयो, मन्नै क्यांतै परखो सो? 19 कर का सिक्का मेरै तै दिखावो|” फेर उसकै धोरै एक दीनार लीयाये| 20 उसनै उनतै कह्या, “या छाप अर नाम किसका सै?” 21 उन्नै उसतै कह्या, “कैसर का|” फेर उसनै उनतै कह्या, “जो कैसर का सै, वो कैसर ताही; अर जो पणमेशर का सै, वो पणमेशर ताही द्यो|” 22 न्यू सुणकै उन्नै हैरानी होई, उस ताही छोड़कै चल्ये ग्ये| 23 उस्से दिन सदुकी जो कहवै सै के मरे होया का दुबारा जिन्दा उठणा सै ए कोनी, उसकै धोरै आये अर उसतै बुझ्झया, 24 “हे गुरु, मूसा नै कहया था के जै कोए माणस बेऊलादा मर जावै, तो उसका भाई उसकी बीरबान्नी तै ब्याह करकै आपणे भाई कै खातर पीढ़ी पैदा करै| 25 इब म्हारै उरै सात भाई थे; पहल्ड़ा ब्याह करकै मरग्या, अर ऊलाद ना होण कै कारण आपणी बीरबान्नी आपणे भाई कै खातर छोड़ग्या| 26 इस्से तरिया दुसरे अर तीसरै नै भी करया, अर सातुवां तक योए होया| 27 सारया पाच्छै वा लुगाई भी मरगी| 28 आखर म्ह जिन्दा होण पै वा सातुवां म्ह तै किसकी बीरबान्नी होवैगी? क्यूँके वा सारया की बीरबान्नी बण ली थी|” 29 यीशु नै उन ताही जबाब दिया, “थमनै पवित्र ग्रन्थ अर पणमेशर के सामर्थ का कोनी बेरा; इस कारण भुल म्ह पड़े सो| 30 क्यूँके उठनै पै वे ब्याह कोनी करैगें अर ना ब्याह म्ह दिये जावैगें पर सुर्ग म्ह पणमेशर के दुत्त्तां की ढाळ होवैगें| 31 पर मरे होया के जिन्दे उठनै कै बाबत के थमनै यो बचन कोनी पढ़या जो पणमेशर नै थारै तै कहया : 32 ‘मै अब्राहम का पणमेशर, अर इसहाक का पणमेशर, याकूब का पणमेशर सूं? वो मरे होया का न्ही , पर जिन्दा का पणमेशर सै|” 33 न्यू सुणकै माणस उसके उपदेश तै हैरान होये| 34 जिब्ब फरिसियाँ नै सुणया के यीशु नै सदुकियां का मुँह बन्द कर दिया, तो वे कट्ठे होये| 35 उनम्ह तै इन्तजाम करणीये या व्यवस्थापक नै उस ताही परखण कै खातर उसतै बुझया, 36 “हे गुरु, नियम-कायदा म्ह कौण-सा हुक्म बड्डा सै?” 37 यीशु नै उसतै कह्या, “तू पणमेशर आपणे प्रभु तै आपणे साबतै मन अर आपणे साबतै जीं अर आपणी सारी समझ कै गेल्या प्रेम राख| 38 बड्डा अर खास हुक्म तो योए सै| 39 अर उस्से जिसा यो दूसरा भी सै के तू आपणे पड़ोसी तै आपणे जिसा प्रेम राख| 40 यो दो हुक्म सारे नियम-कायदे अर नब्बियाँ का निचोड़ (आधार) सै|” 41 जिब्ब फरीसी कट्ठे थे, तो यीशु नै उनतै बुझया, 42 “मसीह कै बारै म्ह थम के सोच्चो सो? वो किसका बेट्टा सै? उन्नै यीशु तै कह्या, “दाऊद का|” 43 यीशु नै उनतै बुझया, “तो दाऊद आत्मा म्ह होकै उसनै प्रभु क्यांतै कहवै सै? 44 ‘प्रभु नै, मेरै प्रभु तै कहया, मेरै सोळै बैठ, जिब्ब ताही के मै तेरे बैरियाँ ताही तेरे पांया तळै ना कर द्यूँ|’ 45 भला, जिब्ब दाऊद उसनै प्रभु कहवै सै, तो वो उसका बेट्टा किस ढाळ होया?” 46 अर उन्हनै उस ताहि पकड़ना चाह्या, पर माणसां तै डर ग्ये क्यूँके वे उसनै नब्बी माणन थे I
231 फेर यीशु नै भीड़ तै अर आपणे चेल्यां ताही कह्या, 2 “शास्त्री अर फरीसी मूसा की गद्दी पै बैठे सै; 3 ज्यांतै वे थारै तै जो कीमे कहवै वो करणा अर मानणा, पर उन जिसे काम मतना करणा; क्यूँके वे कहवै तो सै पर करदे कोनी| 4 वे एक इसे भारया बोझ ताही जिनका ठाणा ओक्खा सै, बाँधकै उन्नै माणसां के कंध्या पै धरै सै; पर खुद उस ताही आपणी आन्गळी तै भी सरकाणा कोनी चाह्न्दे| 5 वे आपणे सारे काम माणसां ताही दिखाण कै खातर करै सै : वे आपणे ताबिजां नै चौड़ा करै सै अर आपणे लत्त्या की झाल्लर बधावै सै| 6 जिमणै की ख़ास-ख़ास जंगहा, अर पंचायता के ख़ास-ख़ास बैठणया, 7 बजारां म्ह नमस्कार, अर माणसां म्ह रब्बी कुहवाणा उन्नै भावै सै| 8 पर थम रब्बी ना कुहवाणा, क्यूँके थारा एके गुरु सै, अर थम सारे भाई सो| 9 धरती पै किसे नै आपणा बाप न्ही कहणा, क्यूँके थारा एके बाप सै, जो सुर्ग म्ह सै| 10 अर स्वामी भी ना कुहवाणा, क्यूँके थारा एके मालिक सै, यानिके मसीह| 11 जो थारै म्ह बड्डा हो, वो थारा सेवक या नौकर बणै| 12 जो कोए आपणे आप नै बड्डा बनावैगा, वो छोट्टा करया जावैगा : अर जो कोए आपणे आप नै छोट्टा बणावैगा, वो बड्डा करया जावैगा| 13 “हे कपटी शास्त्रियों अर फरीसियों, थारै पै हाय! थम माणसां कै खातर सुर्ग का बारणा बन्द करो सो अर ना उसम्ह बड़ण आळा ताही बड़ण द्यो सो | 14 [हे कपटी शास्त्रियों अर फरीसियों, थारै पै हाय! थम बिधवा के घरा नै खा जावो सो, अर दिखाण कै खातर घणी वार ताही प्रार्थना करदे रहो सो : ज्यांतै थारै ताही घणी सजा मिलैगी|] 15 “हे कपटी शास्त्रियों अर फरीसियों, थारै पै हाय! थम एक माणस ताही आपणे मत म्ह ल्याण कै खातर सारे जल अर थल म्ह हान्डो सो, अर जिब्ब वो मत म्ह आ जावै सै तो उसनै आपणे तै दुगणा नारकीय बणया द्यो सो| 16 “हे आंधे अगुवो, थारै पै हाय! जो कहो सो के जै कोए मन्दर की सूह खावै तो किम्मे न्ही , पर जै कोए मन्दर कै सोन्ने की सूह खावै तो उसतै बन्ध जावैगा| 17 हे बावळौ अर आंध्यो, कौण बड्डा सै; सोन्ना या वो मन्दर जिसतै सोन्ना पवित्र होवै सै? 18 फेर कहो सो के जै कोए मंढी की सूह खावै तो किम्मे न्ही , पर जो भेंट उस पै सै, जै कोए उसकी सूह खावै तो बन्ध जावैगा| 19 हे आंध्यो, कौण बड्डा सै; भेंट या मंढी जिसम्ह भेंट पवित्र होवै सै? 20 इसकरकै जो मंढी की सूह खावै सै, वो उसकी अर जो कीमे उस पै सै, उसकी भी सूह खावै सै| 21 जो मन्दर की सूह खावै सै, वो उसकी अर उसम्ह रहणीया की भी सूह खावै सै| 22 जो सुर्ग सूह खावै सै, वो पणमेशर कै सिंहासन की अर उसपै बैठण आळै की भी सूह खावै सै| 23 “हे कपटी शास्त्रियों अर फरीसियों, थारै पै हाय! थम पुदीनै, अर सौंफ, जीरै का दसमा हिस्सा तो द्यो सो, पर थम नै नियम-कायद्या की डून्घी बात्त्तां ताही यानिके न्याय, अर दया, अर बिश्वास ताही छोड़ दिया सै; चहिये था के इन्नै भी करदे अर उन्नै भी न्ही छोड़दे| 24 हे आंधे अगुवो, थम मच्छरां ताही तो छाण ल्यो सो, पर ऊँट नै निगळ जावो सो| 25 हे कपटी शास्त्रियों अर फरीसियों, थारै पै हाय! थम कटोरे अर थाळी नै ऊप्पर-ऊप्पर तै तो मांजो सो पर वे भित्त्तर अन्धेर अर असंयम तै भरे होये सै| 26 हे आंधे फरीसी, पहल्या कटोरे अर थाळी नै भीत्त्तर तै मांज के वे बाहरण तै भी साफ़ हों| 27 “हे कपटी शास्त्रियों अर फरीसियों, थारै पै हाय! थम चुन्ने फिरी होई कब्रा के जिसे सो जो ऊप्पर तै तो सुथरी दिखै सै, पर भीत्त्तर मुर्द्या की हाड्डीयाँ अर सारे ढाळ की गन्दगी तै ठुकी होई सै| 28 इस्से रीती तै थम भी ऊप्पर तै माणसां ताही धर्मी दिक्खो सो, पर भीत्त्तर अधर्म अर कपट तै भररे सो| 29 “हे कपटी शास्त्रियों अर फरीसियों, थारै पै हाय! थम नब्बियाँ की कब्र समारो सो अर धर्मिया की कब्र बणावो सो, 30 अर कहो सो, ‘जै हम आपणे बाप-दादया के दिना म्ह होंदे तो नब्बियाँ की हत्या म्ह उनके साझ्झी कोनी होंदे|’ 31 इसतै तो थम आपणे पै आप ए गवाही द्यो सो के थम नब्बियाँ के ह्त्यारां की ऊलाद सो| 32 आखर थम आपणे बाप-दादया कै पाप का घड़ा दाऊ ढाळ भर द्यो| 33 हे साँपों, हे करैतों के बाळको, थम नरक की सजा तै किस ढाळ बचोगे? 34 इसकरकै देक्खो, मै थारै धोरै नब्बियाँ अर समझवान अर शास्त्रियाँ ताही खन्दाऊँ सूं; अर थम उनम्ह तै कुछा नै मार द्योगे अर क्रूस पै चढावोगे, अर कुछा नै आपणे मन्दरां म्ह कोरड़े मारोगे अर एक नगर तै दुसरे नगर ताही भजांदे फिरोगे| 35 जिसम्ह धर्मी हाबील तै लेकै बिरिक्याह के बेट्टे जकरयाह तक, जिस ताही थमनै मन्दर अर मंढी कै बिच्चाळै म्ह मार दिया था, जितने धर्मिया का लहू धरती पै बहाया गया सै वो सारा थारे सिर पै पड़ैगा| 36 मै थम नै साच्ची कहूँ सूं, ये सारी बात इस बखत के माणसां पै आ पड़ैगी| 37 “हे यरूशलेम, हे यरूशलेम! तू नब्बियाँ नै मार देवै सै, अर जो तेरै धोरै खिन्दाए गए, उन पै पत्थर बरसावै सै| कितनी ए बै मन्नै चाहया के जिस तरिया मुर्गी आपणे बच्या ताही आपणे पाखां कै तळै कट्ठे करै सै, उस्से तरिया ए मै भी तेरे बाळका ताही कट्ठा कर ल्युँ, पर थमनै कोनी चाहया| 38 देक्खो, थारा घर थारै खातर उजाड़ छोड्या जावै सै| क्यूँके मै थम नै साच्ची कहूँ सूं के इब तै जिब्ब ताही थम न्ही कहोगे, ‘धन्य सै वो, जो प्रभु कै नाम तै आवै सै’ जिद ताही थम मन्नै फेर कदे कोनी देक्खोगे|” 39 क्यूँके मै थमनै कहूँ सू के इब तै जिब्ब तक थम न्ही कहोंगे, ‘धन्य सै वो जो प्रभु कै नाम तै आवै सै’ तब तक थम मन्नै कदे न्ही देक्खोगेI”
241 जिब्ब यीशु मन्दर तै लिकड़ कै जाण लागरया था, तो उसके चेल्ले उस ताही मन्दर की बणावट दिखाण कै खातर उसकै धोरै आये | 2 यीशु नै उनतै कह्या, “थम यो सारा देक्खो सो न! मै थम नै साच्ची कहूँ सूं, उरै पत्थर पै पत्थर भी कोनी छूटेगा जो गेरया ना जावैगा|” 3 जिब्ब यीशु जैतून कै पहाड़ पै बैठ्या था, तो चेल्यां नै एक्लै म्ह उसकै धोरै आकै कह्या, “हमनै बता, यें बात कद होवैगीं? तेरै आण का अर दुनिया कै अन्त का के निशान होवैगा?” 4 यीशु नै उन ताही जबाब दिया, “चौकन्ने रहियो! कोए थमनै भकाण न्ही पावै, 5 क्यूँके घण-खरे इसे होवैगें जो मेरै नाम तै आकै कहवैगें, “मै मसीह सूं, अर घणा ए ताही भकावैगें| 6 थम रोळे अर लड़ाई अर लड़ाईया का जिक्रा सुणोगे, तो घबराईयो ना क्यूँके इनका होणा जरूरी सै, पर उस बखत अंत कोनी होवैगा | 7 क्यूँके जात्त्तां पै जात, अर राज्य पै राज्य चढ़ाई करैगें, अर जंगहा-जंगहा काल पड़ैगें, अर हाल्लण आवैगें| 8 ये सारी बात दुखा की सरूआत होवैगी| 9 फेर वे क्लेश देण कै खातर थम नै पकड़वावैगें, अर थमनै मार देवैगें, अर मेरै नाम कै कारण सारी जात्त्तां के माणस थारै तै बैर राखैगें| 10 फेर घण-खरे ठोकर खावैगें, अर एक-दुसरै नै पकड़वावैगें, अर एक-दुसरै तै बैर राखैगें| 11 घण-खरे झूठे नब्बी खड़े हो जावैगें, अर घणा ए ताही भकावैगें| 12 अधर्म कै बंधण तै घणा ए का प्रेम शीळा पड़जावैगा, 13 पर जो आखर ताही थावस राक्खैगा, उस्से का उद्धार होवैगा| 14 अर राज्य का यो सुसमाचार सारी दुनिया म्ह प्रचार करया जावैगा, के सारी जात्त्तां पै गवाही होवै, फेर अन्त आ जावैगा| 15 “इस करकै जिब्ब थम उस उजाड़ण आळी हिणी चीज ताही जिसका जिक्रा दानिय्येल नब्बी कै जरिये होया था, पवित्र जंगहा पै खड़े देक्खो (जो पढ़ै, वो समझै), 16 फेर जो यहूदिया म्ह हो वे पहाड़ा पै भाज जावै| 17 जो छात पै हो, वो आपणे घर म्ह तै समान लेण नै तळै न्ही उतरै; 18 अर जो खेत म्ह हो, वो आपणा लत्त्ता लेण नै पाच्छै न्ही बोहड़ै| 19 उन दिनां म्ह जो गर्भवती अर दूध पिलान्दी होवैगीं, उन कै खातर हाय, हाय! 20 प्रार्थना करया करो के थमनै जाडै म्ह या सब्त कै दिन भाजणा ना पड़ै| 21 क्यूँके उस टेम इसा भारया क्ळेश होवैगा, जिसा दुनिया की सरूआत तै ना इब ताही होया ना कदे होवैगा| 22 जै वे दिन घटाए न्ही जांदे तो कोए जीं कोनी बचता, पर छांटे होया कै कारण वे दिन घटाए जावैगें| 23 उस जै कोए बखत थम नै कहवै, ‘देक्खो, मसीह उरै सै!’ या ‘ओड़ै सै!’ तो बिश्वास ना करियो| 24 क्यूँके झूठे मसीह अर झूठे नब्बी उठ खड़े होवैगें, अर बड्डी निशान्नी, अर अनोक्खे कारनाम्मे दिखावैगें के जै हो सक्या तो छांटे होया ताही भी भका देवैगें| 25 देक्खो, मन्नै पहल्या ए थारै तै यो सारा कीमे कह दिया सै| 26 इसकरकै जै वे थारै तै कहवै, ‘देक्खो, वो बण म्ह सै’, तो बाहरण ना लिकड़यो; या ‘देक्खो, वो कोठड़ीया म्ह सै’, तो बिश्वास ना करियो| 27 क्यूँके जिस ढाळ बिजळी पूरब तै लिकड़ कै पश्चिम ताही चमकै सै, उस्से ढाळ माणस के बेट्टे का भी आणा होवैगा| 28 जित लाश हो, उड़ै ए गिद्ध कट्ठे होवैगें| 29 “उन दिनां के क्ळेश कै पाच्छै जिब्बे सूरज अँधेरा म्ह हो जावैगा, चाँद का चांदना जान्दा रहवैगा, अर तारे अकास तै तळै पड़ैगें, अर अकास की सारी शक्ति हलाई ज्यागी| 30 फेर माणस के बेट्टे का निशान अकास म्ह दीखैगा, अर फेर धरती के सारे खानदान्ना के माणस छात्त्ती पिटैगें; अर माणस के बेट्टे ताही बड्डी सामर्थ अर एश्वर्य कै गेल्या अकास के बादळा पै आंदे देक्खोगे| 31 वो तुरही की तेज आवाज कै गेल्या आपणे दूत्त्तां नै खन्दावैगा, अर वे अकास के इस सिरे तै उस सिरे ताही, च्यारू दिशाया तै उसके छांटे होया नै कट्ठे करैगें| 32 “अंजीर के दरख्त तै यो उदाहरण सिक्खो : जिब्ब उसकी डाळी कोमल हो जावै अर पत्त्ते लिकड़ण लाग ज्या सै, तो थम जाण ल्यो के गर्मी का टेम लोवै सै| 33 इस्से तरिया तै जिब्ब थम इन सारी बात्त्तां नै देक्खो, तो जाण ल्यो के वो लोवै सै, बल्के बारणै ए पै सै| 34 मै थम नै साच्ची कहूँ सूं के जिब्ब ताही यें सारी बात पूरी ना हो लेवै, जद ताही इस पीढ़ी का अन्त कोनी होवैगा| 35 धरती अर अकास टळ ज्याँगे, पर मेरी बात कोनी टळैगी| 36 “उस दिन अर उस घड़ी कै बारै म्ह कोए न्ही जाणदा, ना सुर्ग के दूत अर ना बेट्टा, पर सिर्फ पिता| 37 जिस ढाळ नूह के दिन थे, उस्से तरिया ए माणस के बेट्टे का आणा होगा| 38 क्यूँके जिस तरिया जल-प्रलय तै पहल्ये के दिना म्ह, जिस दिन ताही नूह जहाज पै न्ही चढ़या, उस दिन ताही माणस खावै-पीवै थे, अर उनम्ह ब्याह होवै थे| 39 अर जिब्ब ताही जल-प्रलय आकै उन सारया ताही बहा न्ही लेग्या, जद ताही उन्नै किम्मे बेरा न्ही पाट्या; इस्से तरिया ए माणस के बेट्टे का आणा भी होगा| 40 उस बखत दो जणे खेत म्ह होवैगें, एक ले लिया जावैगा अर दूसरा छोड़ दिया जावैगा| 41 दो लुगाई चक्की पीसदी रहवैगी, एक ले ली ज्यागी, अर दूसरी छोड़ दी ज्यागी| 42 ज्यातै जागदे रहो, क्यूँके थमनै न्ही बेरा के थारा प्रभु किस दिन आवैगा| 43 पर न्यू जाण ल्यो के जै घर का मालिक नै बेरा हो के चोर किस पहर आवैगा तो जागदा रहन्दा, अर आपणे घर म्ह सेंध लागण न्ही देन्दा| 44 ज्यांतै थम भी त्यार रहो, क्यूँके जिस घड़ी कै बारै म्ह थम सोचदे भी कोनी सो, उस्से घड़ी माणस का बेट्टा आ जावैगा| 45 “आखर म्ह वो बिश्वास जोग्गा अर श्याणा दास कौण सै, जिस ताही मालिक नै आपणे नौकर-चाकरा पर सरदार ठहराया के बखत पै उन्नै खाणा देवै? 46 धन्य सै वो दास, जिस ताही उसका मालिक आकै इसा ए करदा पावै| 47 मै थम नै साच्ची कहूँ सूं, वो उसनै आपणी सारी सम्पति पै सरदार ठहरावैगा| 48 पर जै वो दुष्ट दास सोच्चण लाग्गै के मेरै मालिक कै आण म्ह वार सै, 49 अर आपणे साथी नौकरां नै पिट्टण लाग्गै, अर शराबियाँ कै गेल्या खावै-पीवै| 50 तो उस दास का मालिक इसे दिन आवैगा, जिब्ब वो उसकी बाट न्ही देख्दा हो, अर इसै बखत जिसनै वो जाणदा ना हो, 51 जिब्ब वो उसनै भारी ताड़ना देगा अर उसका हिस्सा कपटिया कै गेल ठहरावैगा: ओड़ै रोणा अर दात पिसना होगाI
251 “सुर्ग का राज्य” उन दस कुँवारियाँ के जिसा होगा जो आपणी मशाल ले कै बन्दड़े तै फेटण लिकड़ी| 2 उनम्ह पाँच बेअक्ल अर पाँच श्याणी थीं| 3 बेअकली कुवारियाँ नै आपणी मशाल तो ली, पर आपणे गेल्या तेल कोनी लिया; 4 पर श्याणीयां नै आपणी मशालां कै गेल्या आपणी कुप्पियां म्ह तेल भी भर लिया| 5 जिब्ब बन्दड़े कै आण म्ह वार होई, तो वे सारी ऊँघण लाग्गी अर सो गी| 6 “आधी रात नै धूम माच्ची: ‘देक्खो, बन्दड़ा आण लागरया सै! उसतै फेटण नै चाल्लो|’ 7 फेर वे सारी कुँवारियाँ उठकै आपणी मशाल ठीक करण लाग्गी| 8 अर बेअक्लियां नै श्याणीया तै कह्या, ‘आपणे तेल म्ह तै कीमे हमनै भी द्यो, क्यूँके म्हारी मशाल बुझ्झण लागरी सैं|’ 9 पर श्याणीया नै जबाब दिया, ‘कदे यो म्हारै अर थारै खातर पूरा ना पड़ै; भला तो योए सै के थम बेचणीयां कै धोरै जाकै आपणे खातर मोल लियावो|’ 10 जिब्ब वे मोल लेण नै जावै थी तो बन्दड़ा आण पहोच्या, अर जो त्यार थी, वे उसकै गेल्या ब्याह कै घर म्ह चली गई अर बारणा मूंद दिया गया| 11 इसकै पाच्छै वे दूसरी कुँवारिया भी आकै कहण लाग्गी, ‘हे मालिक, हे मालिक, म्हारै खातर बारणा खोल दे|’ 12 उसनै जबाब दिया, ‘मै थारै ताही साच्ची कहूँ सूं, मै थमनै कोनी जाणदा|’ 13 इस करकै जागदे रहो, क्यूँके थम ना उस दिन नै जाणो सो, ना उस घड़ी नै| 14 “क्यूँके या उस माणस की सी हालत सै जिसनै परदेश जान्दे बखत आपणे नौकरां ताही बुलाकै आपणी सम्पति उन ताही सौप दी| 15 उसनै एक तै पाँच तोड़े (20 किलो चाँदी), दुसरे ताही दो, अर तीसरे ताही एक; यानिके हरेक ताही उसकी योग्यता कै मुताबिक दिया, अर फेर परदेश चल्या गया| 16 फेर, जिस ताही पाँच तोड़े मिले थे, उसनै जिब्बे जाकै उनतै लेण-देण करया, अर पाँच तोड़े और कमाए| 17 इस्से तरिया तै जिस ताही दो मिले थे, उसनै भी दो और कमाए| 18 पर जिस ताही एक मिल्या था, उसनै जाकै माट्टी खोद्दी, अर आपणे मालिक के रपिये लह्को दिये| 19 “घणे दिनां पाच्छै उन नौकरां का मालिक आकै उन तै हिसाब लेण लाग्या| 20 जिसनै पाँच तोड़े मिले थे, उसनै पाँच तोड़े और ल्याकै कहया, हे मालिक, तन्नै मेरै ताही पाँच तोड़े सौप्पे थे, लखा, मन्नै ये पाँच तोड़े और कमाए सै|’ 21 उसकै मालिक नै उसतै कह्या, “धन्य, हे बढ़िया अर बिश्वास जोग्गे नौकर, तू माड़ै-सै म्ह बिश्वास जोग्गा लिकड़या ; मै तन्नै घणी चिज्जां का अधिकारी बणाऊँगा| आपणे मालिक कै आनन्द म्ह साझ्झी हो|’ 22 “अर जिस ताही दो तोड़ मिले थे, उसनै भी आकै कह्या, “हे मालिक, तन्नै मेरै ताही दो तोड़े सौप्पे थे, देख, मन्नै दो तोड़े और कमाए|’ 23 उसकै मालिक नै उसतै कह्या, “धन्य, हे बढ़िया अर बिश्वास जोग्गे नौकर, तू माड़ै-सै म्ह बिश्वास जोग्गा लिकड़या ; मै तन्नै घणी चिज्जां का अधिकारी बणाऊँगा| आपणे मालिक कै आनन्द म्ह साझ्झी हो|’ 24 “फेर जिस ताही एक तोड़ा मिल्या, उसनै आकै कह्या, “हे मालिक, मै तन्नै जांणू था के तू करड़ा माणस सै : तू जित किते न्ही बोन्दा ओड़ै काट्टै सै, अर जित न्ही खिंडान्दा ओड़ै तै कट्ठा करै सै| 25 ज्यांतै मै डरग्या अर जाकै तेरा तोड़ा माट्टी म्ह लको दिया| देख, जो तेरा सै, वो यो सै|’ 26 उसकै मालिक नै उस ताही जबाब दिया, “हे दुष्ट अर आलसी नौकर, जिब्ब तन्नै न्यू बेरा था के जित मन्नै न्ही बोया ओड़ै तै काट्टू सूं, अर जित मन्नै न्ही खिंडाया ओड़ै तै कट्ठा करूँ सूं; 27 तो तन्नै चहिये था के मेरा रपिया सरफां ताही दे देंदा, फेर मै आकै आपणा धन ब्याज सुदा ले लेन्दा| 28 ज्यातै उसतै वो तोड़ा उसतै ले ल्यो, अर जिसकै धोरै दस तोड़े सै उसनै दे द्यो| 29 क्यूँके जिस किसे धोरै सै, उस ताही और दिया जावैगा; अर उसकै धोरै घणा हो जावैगा : पर जिसकै धोरै न्ही सै, उसतै वो भी जो उसकै धोरै सै, ले लिया जावैगा| 30 अर इस निकम्मे नौकर नै बाहरण कै अन्धेरै म्ह गेर द्यो, जित रोणा अर दाँत पिसणा होगा|’ 31 “जिब्ब माणस का बेट्टा आपणी महिमा म्ह आवैगा अर सारे सुर्गदुत उसकै गेल्या आवैगें, तो वो आपणी महिमा कै सिंहासन पै बैठैगा| 32 अर सारी जात उसकै स्याम्ही कट्ठी करी जावैगी; अर जिस ढाळ पाळी भेड्डां नै बकरियाँ तै न्यारी कर देवै सै, उस्से तरिया वो उन्नै एक-दुसरे तै न्यारा करैगा| 33 वो भेड्डां नै आपणी सोळी वोड़ अर बकरियाँ नै वोळी वोड़ खड़या करैगा| 34 फेर राजा आपणी सोळी वोड़ आळयां नै कहवैगा, ‘हे मेरे पिता के धन्य माणसो, आवो, उस राज्य के हक्कदार हो जावो, जो दुनिया की सरूआत तै थारै खातर त्यार करया गया सै| 35 क्यूँके मै भूक्खा था, अर थमनै मेरै ताही खाण नै दिया; मै तिसाया था, अर थमनै मेरै ताही पाणी पिलाया; मै परदेशी था, अर थमनै मेरै ताही आपणे घरा ठहराया; 36 मै उघाड़ा था, अर थमनै मेरै ताही लत्त्ते पिहराए; मै बीमार था, अर थमनै मेरा बेरा लिया, मै जेळ म्ह था, अर थम मेरै तै फेटण आये|’ 37 “फेर धर्मी उस ताही जबाब देवैगें, ‘हे प्रभु, हमनै कद तेरै ताही भूक्खा देख्या अर खुवाया? या कद तिसाया देख्या अर पाणी पिलाया? 38 हमनै कद तेरै ताही परदेशी देख्या अर आपणे घरा ठहराया? या उघाड़ा देख्या अर लत्त्ते पिहराये? 39 हमनै कद तेरै ताही बीमार या जेळ म्ह देख्या अर तेरा बेरा लेण न्ही आये?’ 40 फेर राजा उन्नै जबाब देवैगा, ‘मै थमनै साच्ची कहूँ सूं के थमनै जो मेरे इन छोट्या तै छोट्टे भाईया म्ह तै किसे एक कै गेल्या करया, वो मेरै ए गेल्या करया|’ 41 “फेर वो वोळै कान्नी आळयां ताही कहवैगा, ‘हे श्रापित माणसो, मेरै स्याम्ही तै उस अनन्त आग म्ह चले जावो, जो शैतान अर उसके दूत्त्तां खातर त्यार करी गयी सै| 42 क्यूँके मै भूक्खा था, अर थमनै मेरै ताही खाण नै कोनी दिया; मै तिसाया था, अर थमनै मेरै ताही पाणी कोनी पिलाया; मै परदेशी था, अर थमनै मेरै ताही आपणे घरा कोनी ठहराया; 43 मै नंगा था, अर थमनै मेरै ताही लत्त्ते कोनी पिहराए; मै बीमार था, अर थमनै मेरा बेरा कोनी लिया, मै जेळ म्ह था, अर थम मेरै तै फेटण कोनी आये|’ 44 “फेर वे जबाब देवैगें, ‘हे प्रभु, हमनै तेरै ताही कद भूक्खा, या तिसाया, या परदेशी, या उघाड़ा, या बीमार, या जेळ म्ह देख्या, अर तेरी सेवा-बाड़ी न्ही करी?’ 45 फेर वो उन्नै जबाब देवैगा, ‘मै थमनै साच्ची कहूँ सूं के थमनै जो मेरे इन छोट्या तै छोट्या म्ह तै किसे एक कै गेल्या न्ही करया, वो मेरै गेल्या भी न्ही करया|’ 46 अर ये अनन्त दंड भोगैगें पर धर्मी अनंत जीवन म्ह दाखल होंगेंI
261 जिब्ब यीशु नै ये सारी बात कहली तो आपणे चेल्यां तै कहण लाग्या, 2 “थमनै बेरा सै के दो दिनां पाच्छै फसह का त्यौहार सै, अर माणस का बेट्टा क्रूस पै चढ़ाण कै खातर पकड़वाया जावैगा|” 3 फेर प्रधान याजक अर प्रजा के पुरनिये काइफा नामक महायाजक कै आँगन म्ह कट्ठे होये, 4 अर आपस म्ह बिचार करण लाग्गे के यीशु ताही छळ तै पकड़कै मार देवा| 5 पर वे कहवै थे, “त्यौहार कै बखत न्ही , कदे इसा ना हो के माणसां म्ह रोळा माच्च ज्या|” 6 जिब्ब यीशु बैतनिय्याह म्ह शमौन कोढ़ी कै घरा था, 7 तो एक लुगाई संगमरमर कै बरतन म्ह महंगा सैन्ट लेकै उसकै धोरै आई, अर जिब्ब वो खाणा खाण नै बैठ्या था तो उसकै सिर पै उंडेल दिया| 8 न्यू देखकै उसके चेल्ले खीजकै अर कहण लाग्गे, “इसका क्यांतै नास करया गया? 9 इस ताही तो बढ़िया दाम्मां पै बेचकै कंगालां म्ह बांडया जा सकै था|” 10 न्यू जाण कै यीशु नै उनतै कह्या, “लुगाई नै क्यांतै सतावो सो? उसनै मेरै गेल्या भलाई करी सै| 11 कंगाल तो थारै गेल्या सारी हाण रहवै सै, पर मै थारै गेल्या सारी हाण कोनी रहूँगा| 12 उसनै मेरी देही पै जो यो सैन्ट उंडेला सै, वो मेरै गाड़े जाण कै खातर करया सै| 13 मै थमनै साच्ची कहूँ सूं, के सारे जगत म्ह जित किते भी यो सुसमाचार प्रचार करया जावैगा, ओड़ै उसकै इस काम का जिक्रा भी उसकै याद म्ह करया जावैगा|” 14 फेर यहूदा इस्करियोती नै, जो बारहा चेल्यां म्ह तै एक था, प्रधान याजकां कै धोरै जाकै कह्या, 15 “जै मै यीशु नै थारे हाथां म्ह पकड़वा द्युँ, तो मन्नै के द्योगे?” उन्नै तीस चाँदी के सिक्के तौलकै दे दिये| 16 अर वो उस्से बखत तै यीशु नै पकड़वाण का मौक्का टोहण लाग्या| 17 अखमीरी रोट्टी कै त्यौहार कै पह्ल्ड़े दिन, चेल्ले यीशु कै धोरै आकै बुझ्झण लाग्गे, “तू कित चाहवै सै के हम तेरै खातर फसह खाण की त्यारी करा?” 18 यीशु बोल्या, “नगर म्ह फलाणा माणस नै जाकै उसतै कहो, ‘गुरु कहवै सै के मेरा बखत लोवै सै| मै आपणे चेल्यां कै गेल्या तेरै उरै त्यौहार बणाऊँगा’|” 19 आखर चेल्यां नै यीशु का हुक्म मान्या अर फसह त्यार करया| 20 जिब्ब साँझ होई तो वो बारहा कै गेल्या खाणा खाण कै खातर बैठ्या| 21 जिब्ब वे खाण लागरे थे तो यीशु नै कह्या, “मै थमनै साच्ची कहूँ सूं के थारै म्ह तै एक मन्नै पकड़वावैगा|” 22 इस पै घणे उदास होये, अर हरेक उसतै बुझ्झण लाग्या, “हे गुरु, के वो मै सूं?” 23 उसनै जबाब दिया, “जिसनै मेरै गेल्या थाळी म्ह हाथ घाल्या सै, वो ए मन्नै पकड़वावैगा| 24 माणस का बेट्टा तो जिसा उसकै बारै म्ह लिख्या सै, जावै ए सै; पर उस माणस कै खातर दुःख सै जिसकै जरिये माणस का बेट्टा पकड़वाया जावै सै : जै उस माणस का जन्म ए न्ही होंदा, तो उसकै खातर भला होंदा|” 25 फेर उसकै पकड़वाण आळे यहूदा नै कह्या, “हे रब्बी, के वो मै सूं?” यीशु उसतै बोल्या, “तन्नै कह लिया|” 26 जिब्ब वे फसह खाण लागरे थे, तो यीशु नै रोट्टी ली, अर आशीष माँगकै तोड़ी, अर चेल्यां ताही देकै कह्या, “ल्यो, खावो; या मेरी देही सै|” 27 फेर यीशु नै आपणा कटोरा लेकै धन्यवाद करया, अर उन ताही देकै कह्या, “थम सारे इस म्ह तै पियो, 28 क्यूँके यो वाचा का मेरा वो लहू सै, जो घण-खरया कै खातर पापो की माफ़ी कै खातर बहाया जावै सै| 29 मै थमनै साच्ची कहूँ सूं के दाख का यो रस उस दिन ताही कदे न्ही पिऊँगा, जिब्ब थारे गेल्या आपणे पिता कै राज्य म्ह नया न्ही पीऊँ|” 30 फेर वे भजन गाकै जैतून कै पहाड़ पै गये| 31 फेर यीशु नै उनतै कह्या, “थम आज ए रात नै मेरै बाबत ठोकर खावोगे, क्यूँके लिख्या सै : ‘मै पाळी नै मारूँगा, अर टोळ की भेड़ तितर-बितर हो जावैगीं|’ 32 पर मै आपणे जिन्दा उठनै कै बाद थारै तै पहल्या गलील नै जाऊँगा|” 33 इस पै पतरस नै उसतै कह्या, “जै सारे तेरै बाबत ठोकर खावै तो खावै, पर मै कदे भी ठोकर कोनी खाऊँगा|” 34 यीशु नै उसतै कह्या, “मै तेरै तै साच्ची कहूँ सूं के आज ए रात नै मुर्गे के बाँग देण तै पहल्या, तू तीन बै मेरै बारै म्ह मुकरैगा|” 35 पतरस नै उसतै कह्या, “जै मन्नै तेरै गेल्या मरणा भी पड़ै, तोभी मै तेरै तै कदे भी कोनी मुकरूँगा|” अर इस्से तरिया सारे चेल्यां नै कहया| 36 फेर यीशु नै आपणे चेल्यां कै गेल्या गतसमनी नामक एक जंगहा म्ह आया अर आपणे चेल्यां तै कहण लाग्या, “उरै ए बैठे रहियो, जिब्ब ताही मै ओड़ै प्रार्थना करूँ|” 37 वो पतरस अर जब्दी के दोन्नु बेट्टा नै गेल्या लेग्या, अर उदास अर कांल होण लाग्या| 38 फेर उसनै उनतै कह्या, “मेरा जी घणा उदास सै, उरै ताही के मेरा जीं लिकड़ण नै होरया सै| थम उरै ठहरो अर जागदे रहो|” 39 फेर वो माड़ा और आगै सरक कै मुँह कै बळ गिरया, अर या प्रार्थना करी, “हे मेरे पिता, जै हो सकै तो यो कटोरा मेरै तै टळ जावै, तोभी जिसा मै चाहूँ सूं इसा न्ही , पर जिसा तू चाहवै सै उस्से तरिया ए होवै|” 40 फेर उसनै चेल्यां कै धोरै आकै उन ताही सोन्दे पाया अर पतरस तै बोल्या, “के थम मेरै गेल्या एक घड़ी भी कोनी जाग सके? 41 जागदे रहो, अर प्रार्थना करदे रहो के थम हिम्तान म्ह ना पड़ो : आत्मा तो त्यार सै पर देही माड़ी सै|” 42 फेर उसनै दूसरी बै जाकै या प्रार्थना करी, “हे मेरे पिता, जै यो मेरै पिए बिना न्ही हट सकदा, तो तेरी मर्जी पूरी हो|” 43 फेर उसनै आकै उन ताही फेर सोन्दे पाया, क्यूँके उनकी आँख न्ही द तै भरी थीं| 44 उन्नै छोड़कै वो फेर चल्या गया, अर उन्ने शब्दां म्ह फेर तीसरी बै प्रार्थना करी| 45 फेर उसनै चेल्यां कै धोरै आकै उनतै कह्या, “इब सोन्दे रहो, अर आराम करो : देक्खो, बखत आण पहोच्या सै, अर माणस का बेट्टा पापियाँ के हाथां पकड़वाया जावै सै| 46 उठो, चाल्ला; देक्खो, मेरा पकड़ाण आळा लोवै आण पहोच्या सै|” 47 वो न्यू कहण ए लागरया था के यहूदा जो बारहा म्ह तै एक था आया, अर उसकै गेल्या प्रधान याजकां अर माणसां के पुरनियां की वोड़ तै बड्डी भीड़, तलवार अर लाठी लिये होये, आई| 48 यीशु कै पकड़वाण आळे यहूदा नै उन ताही यो इशारा दिया था : “जिस ताही म्ह चूम ल्यूँ वो ए सै; उस ताही पकड़ लियो|” 49 अर जिब्बे यीशु कै धोरै आकै कह्या, “हे रब्बी, नमस्कार!” अर उस ताही घणा ए चुम्या| 50 यीशु नै उसतै कह्या, “हे mitr, जिस काम कै खातर तू आया सै, उसनै कर ले|” फेर उन्नै धोरै आकै यीशु पै हाथ गेरया अर उस ताही पकड़ लिया| 51 यीशु के मित्तरां म्ह तै एक नै हाथ बढ़ाकै आपणी तलवार खिंच ली अर महायाजक के नौकर पै चला कै उसका कान उड़ा दिया| 52 फेर यीशु नै उसतै कह्या, “आपणी तलवार म्यान म्ह धर ले क्यूँके जो तलवार चलावै सै वे सारे तलवार तै नास करे जावैगें| 53 के तन्नै न्ही बेरा के मै आपणे पिता तै बिनती कर सकूँ सूं, अर वो सुर्गदुत्त्तां की बारहा पलटन तै घणे मेरै धोरै इब्बे हाजर कर देवैगा? 54 पर पवित्र ग्रन्थ की ये बात के इसा ए होणा जरूरी सै, किस ढाळ पूरी होवैगी?” 55 उस बखत यीशु नै भीड़ तै कह्या, “के थम तलवार अर लाठी लेकै मन्नै डाकू की ढाळ पकड़ण कै खातर लिकड़े सो? मै हरेक दिन मन्दर म्ह बैठ कै उपदेश दिया करूँ था, अर थमनै मेरै ताही कोनी पकड़या| 56 पर यो सारा ज्यांतै होया सै के नब्बियाँ के बचन पुरे होवै|” फेर सारे चेल्ले उसनै छोड़ कै भाज्गे| 57 फेर यीशु के पकड़ण आळे उस ताही काइफा नामक महायाजक कै धोरै लेगे, जित शास्त्री अर पुरनिये कट्ठे होये थे| 58 पतरस दूर ए दूर उसकै पाच्छै-पाच्छै महायाजक कै आँगन ताही आया, अर भीत्त्तर जाकै अन्त देखण नै प्यादां कै गेल्या बैठग्याI 59 प्रधान याजक अर सारी बड्डी पंचायत यीशु नै मारण कै खातर उसकै बिरोध म्ह झूठी गवाही की टोह म्ह थे, 60 पर घण-खरे झूठे गवाह कै आण पै भी कोनी पाई| आखर म्ह दो जणे आये, 61 अर बोल्ले, “इसनै कहया सै के मै पणमेशर कै मन्दर नै गेर सकूँ सूं अर उस ताही तीन दिन म्ह बणा सकूँ सूं|” 62 फेर महायाजक नै खड़े होकै यीशु तै कह्या, “के तू कोए जबाब न्ही देंदा? ये माणस तेरै बिरोध म्ह के गवाही देवै सै?” 63 पर यीशु बोल-बाल्ला रहया| फेर महायाजक नै उसतै कह्या, “मै तन्नै जिन्दे पणमेशर की सूंह द्युँ सूं के जै तू पणमेशर का बेट्टा सै, तो म्हारै तै कह दे|” 64 यीशु नै उसतै कह्या, “तन्नै आप ए कह दिया; बल्के मै तेरै तै यो भी कहूँ सूं के इब तै थम माणस के बेट्टे ताही सारया तै सब तै ताकतवर की सोळी वोड़ baeठे, अर अकास के बादळां पै आंदे देक्खोगे|” 65 इस पै महायाजक नै आपणे लत्त्ते पाड़े अर बोल्या, “इसनै पणमेशर की बुराई करी सै, इब हमनै गवाही की के जरूत? देक्खो, थमनै इब्बे या बुराई सुणी सै! 66 थम के सोच्चो सो?” उन्नै जबाब दिया, “यो मारण जोग्गा सै|” 67 फेर उन्नै उसकै मुँह पै थुक्या अर उसकै घुस्से मारे, दूसरयां नै रैप्ट मारकै कह्या, 68 “हे मसीह, म्हारै तै भविष्यवाणी करकै कह के किसनै तेरै ताही मारया?” 69 पतरस बाहरण आँगन म्ह बैठ्या था के एक नौकरांनी उसकै धोरै आई अर बोल्यी, “तू भी यीशु गलीली कै गेल्या था|” 70 उसनै सारया कै स्याम्ही कहकै नाट्या, “मन्नै न्ही बेरा तू के कहवै सै|” 71 जिब्ब वो बाहरण देहळिया म्ह गया, तो दूसरी नौकरांनी नै उस ताही देखकै उन ताही जो ओड़ै थे कह्या, “यो भी यीशु नासरी कै गेल्या था|” 72 वो सूंह खाकै फेर नाट्या : “मै उस माणस नै कोनी जाणदा|” 73 माड़ी बार पाच्छै माणसां नै जो ओड़ै खड़े थे, पतरस कै धोरै आकै उसतै कह्या, “साच्चए तू भी उनम्ह तै एक सै, क्यूँके तेरी बोल्ली तेरा भेद खोल्लै सै|” 74 फेर वो धिक्कारण अर सूंह खाण लाग्या : “मै उस माणस नै कोनी जाणदा|” जिब्बे मुर्गे नै बाँग देई| 75 जिब्ब पतरस नै यीशु की कही होई बात याद आई “मुर्गे कै बाँग देवैण तै पहल्या तीन बै तू मेरा इंकार करैगाI” अर वो बारणै ज्याकै फूट-फूट कै रोयाI
271 जिब्ब सुबेरा होया तो सारे प्रधान याजकां अर माणसां के पुरनियां नै यीशु ताही मारण की सलाह करी| 2 उन्नै यीशु ताही बाँधया अर ले जाकै पिलातुस हाकिम कै हाथां म्ह सौप दिया| 3 जिब्ब उसकै पकड़वाण आळे यहूदा नै देख्या के वो कसूरवार ठहराया गया सै तो वो पसताया अर वे तीस चाँदी के सिक्के प्रधान याजकां अर पुरनियां कै धोरै बोहड़ाया 4 अर कह्या, “मन्नै बेकसुरावर ताही मारण कै खातर पकड़वाकै पाप करया सै|” उन्नै कह्या, “म्हारै ताही के? तू ए जाण|” 5 फेर वो उन सिक्का नै मन्दर म्ह बगाकै चल्या आया, अर जाकै आपणे आप ताही फाँसी लगा ली| 6 प्रधान याजका नै उन सिक्का ताही लेकै कह्या, “इन ताही, भण्डार म्ह धरणा ठीक कोनी, क्यूँके यो लहू का मोल सै|” 7 आखर म्ह उन्नै सलाह करकै उन सिक्कयां तै परदेशियां के गाड्डे जाण कै खातर कुम्हार का खेत मोल ले लिया| 8 इस कारण वो खेत आज ताही लहू का खेत कुहवावै सै| 9 फेर जो बचन यिर्मयाह नब्बी कै जरिये कहया गया था वो पूरा होया : “उन्नै वे तीस सिक्के यानिके उस ठहराए होये मोल ताही (जिस ताही इस्राएल की ऊलाद म्ह तै कितन्यां नै ठहराया था) ले लिया, 10 अर जिस तरिया प्रभु नै मेरै ताही हुक्म दिया था, उस्से तरिया ए उन्नै कुम्हार के खेत कै मोल म्ह दे दिया|” 11 जिब्ब यीशु हाकिम कै स्याम्ही खड़या था तो हाकिम नै उसतै बुझ्झया, “के तू यहूदियाँ का राजा सै?” यीशु नै उसतै कह्या, “तू आप ए कहण लागरया सै|” 12 जिब्ब प्रधान याजक अर पुरनिये उस पै तोहमन्द लावै थे, तो उसनै कीमे जबाब कोनी दिया| 13 इस पै पिलातुस नै उसतै कह्या, “के तू न्ही सुणदा के ये तेरै बिरोध म्ह कितनी गवाही देवै सै?” 14 पर उसनै उस ताही एक बात का भी जबाब कोनी दिया, उरै ताही के हाकिम ताही घणी हैरानी होई| 15 हाकिम का यो रिवाज था के उस त्यौहार म्ह माणसां कै खातर किसे एक कैदी ताही जिसनै वे चाहवै थे, रिहा कर देवै था| 16 उस टेम उनकै उरै बरअब्बा नामका एक मान्या होड़ कैदी था| 17 आखर जिब्ब वो कट्ठे होए, तो पिलातुस नै उनतै कह्या, “थम किसनै चाहो सो के मै थारे खातर रिहा करूँ? बरअब्बा ताही, या यीशु ताही जो मसीह कुहवावै सै| 18 क्यूँके उसनै बेरा था के उन्नै उस ताही डाह तै पकड़वाया था| 19 जिब्ब वो न्याय की गद्दी पै बैठ्या होया था तो उसकी बीरबान्नी नै उस ताही कुह्वा खन्दाया, “तू उस धर्मी कै मामलै म्ह हाथ ना गेरिये, क्यूँके मन्नै आज सपने म्ह उसकै कारण घणा दुःख ठाया सै|” 20 प्रधान याजकां अर पुरनियां नै माणसां ताही उकसाया के वे बरअब्बा नै माँग ले, अर यीशु का नास कराएँ| 21 हाकिम नै उसतै बुझ्झया, “इन दोनुआ म्ह तै किस नै चाहो सो के मै थारै खातर रिहा करूँ?” उन्नै कह्या, “बरअब्बा ताही|” 22 पिलातुस नै उनतै कह्या, “फेर यीशु ताही, जो मसीह कुहवावै सै, के करूँ?” सारया नै उसतै कह्या, “यीशु क्रूस पै चढ़ाया जावै!” 23 हाकिम नै कह्या, “क्यांतै, उसनै के भूंडा करया सै?” पर वे और भी ठाड्डू-ठाड्डू बोल्लण लाग्गे, “वो क्रूस पै चढ़ाया जावै|” 24 जिब्ब पिलातुस नै देख्या के किम्मे न्ही बण पडरया पर उल्टा दंगा बढ़दा जावै सै, तो उसनै पाणी लेकै भीड़ कै स्याम्ही आपणे हाथ धोए अर कह्या, “मै इस धर्मी कै लहू तै बेकसूर सूं: थम ए जाणो|” 25 सारे माणसां नै जबाब दिया, “इसका लहू म्हारै पै अर म्हारी ऊलादा पै हो!” 26 इस पै उसनै बरअब्बा ताही उनकै खातर रिहा कर दिया, अर यीशु ताही कोरड़े लगवाकै सौप दिया, के क्रूस पै चढाया जावै| 27 फेर हाकिम के सिपाहियां नै यीशु ताही किले म्ह ले जाकै सारी पलटण उसकै चौगरदे नै कट्ठी करी, 28 अर उसके लत्त्ते तारकै उस ताही लाल रंग का चोग्गा पिहराया, 29 अर कांड्यां का त्ताज गुन्दकै उसकै सिर पै धरया, अर उसकै सोळे हाथां म्ह सरकण्डा दिया अर उसकै आगै गोड्डे टेक कै उसका मखौल उड़ाण लाग्गे अर कह्या, “हे यहूदिया के राजा, नमस्कार!” 30 अर उसपै थुक्या; अर वो ए सरकण्डा लेकै उसकै सिर पै मारण लाग्गे| 31 जिब्ब उन्नै उसका मखौल कर लिया, तो वो चोग्गा उस पै तै तारकै फेर उस्से के लत्त्ते उस ताही पिहराए, अर क्रूस पै चढ़ाण कै खातर ले चाल्ले| 32 बाहरणै जान्दे होये, उन ताही शमौन नाम का एक कुरेनी माणस फेट्या| उन्नै उस ताही बेगार म्ह पकड़या के उसका क्रूस ठाकै ले चाल्लै| 33 उस जंगहा पै जो गुलगुत्ता यानिके खोपड़ी की जंगहा कुहवावै सै, पहोचकै 34 उन्नै पित्त मिलाया होड़ दाखरस उस ताही पीण नै दिया, पर उसनै चाखकै पिणा न्ही चाहया| 35 फेर उन्नै उस ताही क्रूस पै चढाया, अर पर्ची गेरकै उसके लत्त्ते बांड लिये, 36 अर ओड़ै बैठकै उसका पहरा देण लागगे| 37 अर उसकी खोट-चिट्ठी उसकै सिर पै लाई, के, “यो यहूदिया का राजा यीशु सै”| 38 फेर उसकै गेल्या दो डाकू एक सोळी वोड़ अर एक वोळी वोड़, क्रूस पै चढाए गए| 39 आण-जाण आळे सिर हला-हलाकै उसकी बुराई करै थे, 40 अर वे कहवै थे, “हे मन्दर नै ढाण आळे अर तीन दिनां म्ह बनाण आळे, आपणे आप नै तो बचा! जै तू पणमेशर का बेट्टा सै, तो क्रूस पै तै उतर आ|” 41 इस्से तरिया तै प्रधान याजक भी शास्त्रियों अर पुरनियां सुदा मखौल करकै कहवै थे, 42 “इसनै औरा ताही बचाया, अर आपणे आप नै न्ही बचा सकदा| यो तो ‘इस्राएल का राजा’ सै| इब क्रूस पै तै उतर आवै तो हम उसपै बिश्वास करया| 43 उसनै पणमेशर पै भरोसा राख्या सै; जै वो इसनै चाहवै सै, तो इब इसनै छुट्टा लेवै, क्यूँके इसनै कहया था, ‘मै पणमेशर का बेट्टा सूं|” 44 इस्से ढाळ डाक्कू भी जो उसकै गेल्या क्रूस पै चढ़ाए गए थे, उसकी बुराई करै थे| 45 दोफारी तै लेकै तीसरे पहर ताही उस साबते देश म्ह अँधेरा छाया रहया| 46 तीसरै पहर कै लोवै यीशु नै ठाड्डू बोल कै कह्या, “एली, एली, लमा शबक्तनी?” यानिके “हे मेरे पणमेशर, हे मेरे पणमेशर, तन्नै मेरै ताही क्यांतै छोड़ दिया?” 47 जो उड़ै खड़े थे, कितन्या नै न्यू सुणकै कह्या, “वो तो एलिय्याह ताही बुलावै सै|” 48 उनम्ह तै एक जिब्बे भाज्या, अर स्याहीचुस लेकै सिरके म्ह ड्बोया, अर सरकण्डे पै धरकै उस ताही चुसाया| 49 औरां नै कह्या, “रहज्या, देक्खा एलिय्याह उसनै बचाण आवै सै के न्ही |” 50 फेर यीशु नै ठाड्डू बोल कै किल्की मारकै जी दे दिया| 51 अर देक्खो, मन्दर का पड़दा ऊप्पर तै तळै ताही पाटकै दो टुकड़े होग्या : अर धरती कांम्बगी चट्टान तड़कगी, 52 अर कब्रे खुलगी, अर सोए होड़ पवित्र माणसां की घण-खरी लाश जिन्दी होगी, 53 अर उसकै जिन्दा होण कै पाच्छै वे कब्रा म्ह तै लिकड़कै पवित्र नगर म्ह गए अर घणाए ताही दिक्खे| 54 फेर सूबेदार अर जो उसकै गेल्या पहरा दे रे थे, हाल्लण अर जो कीमे होया था उस ताही देखकै घणे डरगे अर कह्या, “साच्चए यो पणमेशर का बेट्टा था|” 55 ओड़ै घण-खरी लुगाई जो गलील तै यीशु की सेवा करदी होई उसकै गेल्या आई थीं, दूर तै यो देखै थीं| 56 उनम्ह मरियम मगदलीनी, अर याकूब अर योसेस की माँ मरियम, अर जब्दी के बेट्या की माँ थी| 57 जिब्ब साँझ होई तो यूसुफ नामका अरिमतिया का एक साहूकार माणस, जो खुदे यीशु का चेल्ला था| 58 उसनै पिलातुस धोरै जाकै यीशु की लाश माँगी| इसकरकै पिलातुस नै येशु की लाश देण का हुकुम दिया| 59 यूसुफ नै लाश ली, उस ताही धोळी चाद्दर म्ह लपेटया, 60 अर उस ताही आपणी नई कब्र म्ह धरया, जो उसनै चट्टान म्ह खुदवाई थी, अर कब्र के बारणे पै एक बड्डा पत्थर गिरड़ा कै चल्या गया| 61 मरियम मगदलीनी अर दूसरी मरियम वोड़ए कब्र कै स्याम्ही बैठी थीं| 62 दूसरा दिन जो तैयारी कै दिन कै पाच्छै का दिन था, प्रधान याजकां अर फरिसियाँ नै पिलातुस कै धोरै कट्ठे होकै कह्या, 63 “हे महाराज, म्हारै ताही याद सै के उस भकाण आळे नै जिब्ब वो जिन्दा था, तो उसनै न्यू कह्या था, ‘मै तीन दिन पाच्छै जिन्दा हो जाऊँगा|’ 64 इस करकै हुक्म दे के तीसरे दिन ताही कब्र की रुखाळी करी जावै, इसा ना हो के उसके चेल्ले आकै उसनै चुरा ले जावै, अर माणसां तै कहण लाग्गै, ‘वो मरे होया म्ह तै जिन्दा होग्या सै|’ फेर पाच्छ्ला धोख्खा पह्ल्ड़े तै भी भूंडा होगा|” 65 पिलातुस नै उनतै कह्या, ‘थारै धोरै पहरेदार तो सै| जावो, आपणी समझ कै मुताबिक रुखाळी करो|” 66 आखर वे पहरेदारां नै गेल लेकै ग्ये, अर पत्थर पै मोहर लगाकै कबर की रुखाळी करीI
281 सब्त कै दुसरै दिन पाच्छै हफ्ते कै पह्ल्ड़े दिन तड़कए-तड़कै मरियम मगदलीनी अर दूसरी मरियम कब्र नै देखण आई| 2 अर देक्खो, एक बड्डा हाल्लण आया, क्यूँके प्रभु का दूत सुर्ग तै उतरया अर धोरै आकै उसनै पत्थर ताही गिरड़ा दिया, अर उस पै बैठग्या| 3 उसकी शिक्ल बिजळी बरगा था अर उसका लत्त्ता पाळे की ढाळ धोळा था| 4 उसकै डर तै पहरेदार काँम्बगें, अर मुर्दे की ढाळ होग्ये| 5 सुर्गदुत नै लुगाईयाँ ताही कह्या, “मतना डरो, मन्नै बेरा सै के थम यीशु ताही जो क्रूस पै चढाया गया था, टोहवो सो| 6 वो उरै न्ही सै, पर आपणे बचन कै मुताबिक जिन्दा होग्या सै| आवो, या जंगहा देक्खो, जित प्रभु पड़या था, 7 अर तोळी जाकै उसके चेल्यां ताही कहो के वो मरे होया म्ह तै जिन्दा होग्या सै, अर वो थारै तै पहल्या गलील नै जावै सै, उड़ै उसका दर्शन पावोगे! देक्खो, मन्नै थारै तै कह दिया|” 8 वे भय अर घणी ख़ुशी कै गेल्या कब्र तै तोळी बोहड़ कै उसके चेल्यां ताही खबर देण नै भाज्जी गई| 9 फेर यिशु उन ताही फेट्या| अर कहया, “नमस्ते”| उन्नै धोरै आकै अर उसके पां पकड़कै उस ताही प्रणाम करया| 10 फेर यीशु नै उनतै कह्या, “मतना डरो; मेरे भाईयां तै जाकै कहो के गलील नै चले जावै, उड़ै मन्नै देखैगें|” 11 वे जावै ए थे के पहरेदारां म्ह तै कुछा नै नगर म्ह आकै पूरा हाल प्रधान याजकां तै कह सुणाया| 12 फेर उन्नै पुरनिया कै गेल्या कट्ठे होकै सलाह करी अर सिपाहीया ताही घणी चाँदी देकै कहया, 13 “न्यू कहियो के जिब्ब हम रात नै सोण लागरे थे, तो उसके चेल्ले आकै उसनै चुरा लेगे| 14 जै या बात हाकिम कै कान ताही पहोचैगी, तो हम उसनै समझा लेवागें अर थमनै जोखम तै बचा लेवागें|” 15 आखर उन्नै रपिये लेकै जिसे सिखाए गये थे, उस्से तरिया ए करया| या बात आज ताही यहूदिया म्ह मान्नी जावै सै| 16 ग्यारहा चेल्ले गलील म्ह उस पहाड़ पै गये, जिस ताही यीशु नै उन ताही बताया था| 17 उन्नै उसका दर्शन पाकै उस ताही प्रणाम करया, पर किसे-किसे नै शक होया| 18 यीशु नै उनकै धोरै आकै कह्या, “सुर्ग अर धरती का सारा हक्क मेरै ताही दिया गया सै| 19 इस करकै थम जावो, सारी जात्त्तां के माणसां ताही चेल्यां बणावो; अर उन्नै पिता, पुत्र अर पवित्र आत्मा कै नाम तै बपतिस्मा द्यो, 20 अर उन्नै सारी बात जो मन्नै थारे ताहि दी सै, माणना सिखावो: अर देक्खो मै जगत कै अंत तक सदा थारै गेल रहूँगाI”