LUKE
लूका
1परिचय
1 ज्यांतै के घणखरयां नै उन बात्त्तां का जो म्हारै बिच्चाळै घटी सैं, इतिहास लिखण म्ह मेहनत करी सै, 2 जिसा कै उन्नै जो पहल्याए तै इन बात्त्तां नै देखण आळे अर वचन के माणन आळे थे, ये सारी बात म्हारै ताहीं पूह्चायी| 3 हे जनाब थियुफिलुस, इस करकै, मन्नै भी यो सई लाग्या के उन सारी बात्त्तां का सारा हाल सरू तै आच्छी दाहूं परख कै, उन्नै नै तेरै खात्तर लंगपतार म्ह लिखूँ 4 के तू या जाण ले के वो बात जिनकी तन्नै शिक्षा पाई सैं वो किसी पक्की सैं।
युहन्ना के जन्म की घोषणा
5 यहूदिया कै राजा हेरोदेस कै बख्त म्ह अबिय्याह कै टोळ म्ह जकरयाह नाम का एक याजक था, अर उसकी घरआळी हारुन की पीढ़ी की थी जिसका नाम एलीशिबा था। 6 वे दोन्नूं पणमेशर कै स्याम्ही धर्मी थे, अर प्रभु कै सारे हुक्म अर नियमां पै बैखोट चालण आळे थे। 7 उनकै कोए भी ऊलाद कोनी थी, क्यूँके इलीशिबा बाँझ थी, अर वे दोन्नूं ए बूढ़े थे।
8 जिब्ब ओ आपणे टोळ की बारी पै पणमेशर कै स्याम्ही याजक का काम करै था, 9 तो याजकां की रीत कै मुताबिक उसकै नाम की चिठ्ठी लिकड़ी के प्रभु कै मंदर म्ह जाकै धूप जळावै। 10 धूप जळाण कै बखत आदमियां की सारी टोळी बाहरणै प्रार्थना करै थीं। 11 उस बख्त प्रभु का एक सुर्गदूत धूप की मंडही कै सोळी ओड़ खड्या दिख्या। 12 जकरयाह देख कै घबरा ग्या अर घणा डर ग्या। 13 पर सुर्गदुत उसतै बोल्या, “हे जकरयाह, डरै ना, क्यूँके तेरी प्रार्थना सुणली सैं; अर तेरी घरआळी इलीशिबा तै तेरै खात्तर एक बेट्टा जाम्मैगी, अर तू उसका नाम यूहन्ना धरिये। 14 तेरै खुशी अर ठाठ होंगे: अर घणै ए माणस उसकै जन्म कै कारण राज्जी होंगे, 15 क्यूँके वो प्रभु कै स्याम्ही घणा महान् होगा; अर अंगूर का रस अर दारू कदे भी ना पीवैगा; अर अपनी माँ की कुख तैए पवित्र आत्मा तै भर ज्यागा; 16 अर इस्रएलियो म्ह तै घणाए नै प्रभु पणमेशर की ओड मोड़ देवैगा। 17 वो एलिय्याह नबी की तरियांं सामर्थ्य म्ह होकै उसकै आगै-आगै चालैगा के पित्तरां/ पिता का मन बाळकां की ओड मोड़ देवैगा; अर हुक्म ना मानण आळे नै धर्मियां की समझ पै लावैगा; अर प्रभु कै खात्तर एक काबिल प्रजा त्यार करै।”
18 जकरयाह नै सुर्गदुत तै बुझया,” यो मै किस तरियांं मान्नु? क्यूँके मै तो बुढा सूं; अर मेरी घरआळी भी बूढी होरी सै।” 19 सुर्गदूत नै उसतै जबाब दिया,” मै जिब्राईल सूं, जो पणमेशर कै आगै खड्या रहू सूंं; अर मै तेरै तै बात करण अर सुसमाचार देण खात्तर खन्दाया सूं । 20 देख्ये जिब्ब ताहीं ये बात पूरी ना हो लेंगी, तू गूंगा रहैगा अर बोल नीं पावैगा इस खात्तर कै तन्नै मेरी बात्तां का जो आपणै टैम पै पूरी होंगी, बिश्वास नीं करयाI" 21 माणस जकरयाह की बाट देखतें रह्ये अर अचम्भा करण लाग्ये कै उसणै मंदर म्ह इतनी वार क्यूँ लाग्यी । 22 जिब्ब वो बाहर आया, तो उन ताहीं बोल नीं पाया: आखर वो जाणग्ये कै उसणै मंदर म्ह कोई दर्शन पाया सै; अर वो उन ताहीं इशारे करता रह्या, अर गूँगा हो ग्या। 23 जिब्ब उसकी सेवा कै दिन पुरे होए, तो ओ अपनै घरां चला ग्या।
24 इन दिनां कै पाच्छै उसकी घरआली एलीशिबा गर्भवती होग्यी; अर पाँच महीने तैई अपनै आप नै या कह कै ल्हकोए राख्या, 25 के माणसांं म्ह मेरा अपमान दूर करण खात्तर, प्रभु नै इन दिनां म्ह दया की मेहर करकै मेरै खात्तर इसा करया सै।
यीशु के जन्म की घोषणा
26 एलीशीबा के छठे महीने म्ह पणमेशर की ओड़ तै जिब्राईल सुर्गदूत, गलील देश कै नासरत नगर म्ह, 27 एक कुँवारी कै धोरै खन्दाया जिसकी सगाई युसूफ नाम कै दाऊद कै घराने कै एक माणस तै होई थी; उस कुँवारी का नाम मरियम था। 28 सुर्गदुत नै उसके धोरै भीत्त्तर आकै कह्या, आनन्द अर जय जयकार तेरी हो तेरै पै ईश्वर का अनुग्रह होया सै! प्रभु तेरै गेल्या सै ! 29 वा उस वचन/बोल तै घबरा ग्यी,अर सोचण लाग्यी कै यो किस तरीह का अभिवादन सै? 30 सुर्गदुत नै उसतै कह्या,” हे मरियम, डरै ना, क्यूँके पणमेशर का अनुग्रह तेरै पै होया सै। 31 अर देख, तू गर्भवती होगी, अर तेरै एक छोरा पैदा होगा; तू उसका नाम यीशु धरिये। 32 वो महान् होगा अर परमप्रधान का बेट्टा कहवावैगा; अर प्रभु पणमेशर उसकै पिता दाऊद का सिंहासन उसनै देवैगा, 33 अर वो इस्राइल कै घराने पै सदा राज करैगा; अर उसकै राज्य का अंत नीं होगा। 34 मरियम नै सुर्गदुत तै कह्या, “यो किस तरियांं होगा । मै तो किसे माणस नै जाणुए कोनी ।’’ 35 सुर्गदुत नै उस ताहीं जबाब दिया,” पवित्र आत्मा तेरै पै उतरगी अर परमप्रधान की सामर्थ्य तैरें पै छाया करैगी; इस खात्तर वो जो बच्चा पैदा होण आळा पवित्र सै, पणमेशर का बेट्टा कहवावैगा । 36 अर देख, तेरी रिश्तेदार जो एलीशिबा सै उसकै भी बुढ़ापे म्ह बेट्टा होण आळा सै, जो बाँझ कहवावै थी यो उसका, छठा महिन्ना सै। 37 क्यूँके जो वचन पणमेशर की ओड तै होवै सै वो बेअसर नीं होंदा।’’ 38 मरियम नै कह्या, देख, मै प्रभु की दासी सूंं, मेरै तेरै कहैए वचन कै मुताबिक होI” फेर सुर्गदुत उसके धोरै तै चल्या ग्या।
मरियम का इलीशिबा तै फेटण जाणा
39 उन दिनां म्ह मरियम उठकै ताव्ली सी पहाड़ी देश म्ह यहूदा कै नगर म्ह ग्यी, 40 अर जकरयाह कै घर म्ह जाकै इलीशिबा ताहीं नमस्कार करया। 41 ज्योए इलीशिबा नै मरियम का नमस्कार सुण्या, त्योंए बाळक उसके पेट म्ह उछल्या, अर इलीशिबा पवित्र आत्मा तै भरगी। 42 अर उसनै ऊच्चे वचन म्ह बोल कै कह्या, “तू लुगाईया म्ह धन्य सै, अर तेरी कोख का फल धन्य सै! 43 यो अनुग्रह मैरै पै कित्त तै होया कै प्रभु की माँ मेरै धोरै आई? 44 देख, ज्यो ए तेरै नमस्कार का बोल मेरै कान्नां म्ह पड्या, त्यों ए बाळक मेरै पेट म्ह खुशी तै उछल पड्या । 45 धन्य सै वो जिसनै बिश्वास करया कै जो बातें प्रभु की ओड़ तै उस ताहीं कही गयी,वे पूरी होंगी!’’
मरियम का स्तुति गान
46 फेर मरियम नै कह्या, “मेरा मन प्रभु की बड़ाई करै सै 47 अर मेरी आत्मा मेरै उध्दार करण आळे पणमेशर तै खुश होई, 48 क्यूँके उसनै अपनी दासी की लाचारी पै निगांह करी सै; इस खात्तर देक्खो, इब तै सारे युग-युग कै माणस मैनें धन्य कहवैगे, 49 क्यूँके उस ठाड्डै नै मेरै खात्तर बड्डे-बड्डे काम करै सै । उसका नाम पवित्र सै, 50 अर उसकी दया उण पै, जो उसतै डरै सै, पीढ़ी तै पीढ़ी बणी रहवैं सैं। 51 उसनै अपनै बाजुआ की ताकत दिखाई, अर जो अपने-आप नै बड्डा समझैं थे, उन ताहीं तितर-बितर कर दिया। 52 उसनै ठाड्यां ताहीं उनकै सिंहासनां पै तै गिरा दिया; अर लाचारां ताहीं ऊँच्चा उठा दिया। 53 उसनै भूख्या ताहीं बढिया चीज्जां तै ध्पाया सै, अर साहूकारां ताहीं खाली हाथ लिकाड़ दिया सै। 54 उसनै अपनै सेवक इस्राएल ताहीं सम्भाल लिया, कै अपनी उस दया नै याद करै, 55 जो अब्राहम अर उसकी पीढ़ी पै सदा बणी रह्गी, जिसां उसनै म्हारै बाप दादयां तै कह्या था । 56 मरियम करीब तीन महीने उसकै गैल्या रहकै उलटी अपनें घरा चली ग्यी।
युहन्ना बपतिस्मा देण आळे का जन्म
57 फेर इलीशिबा कै दिन पुरे होए अर उसनै बेट्टा जाम्या । 58 उसके पड़ौसी अर रिश्तेदारां नै या सुणकै के प्रभु नै उसपै बड़ी दया करी सै, उसकै गैल्या खुशी मनाई, 59 अर इसा होया कै आठवे दिन वे बाळक का खतना करण ताहीं आये अर उसका नाम उसकै पिता के नाम पै जकरयाह धरण लाग्ये। 60 इस पर उसकी माँ नै जबाब दिया, “ना; इसका नाम यूहन्ना धरया जावै । 61 “उन्नै उस ताहीं कह्या, “तेरै रिश्तेदारा म्ह किसे का यो नाम नीं सै!” 62 फेर उसकै पिता तै इशारा करकै पुच्छ्या कै तू उसका नाम कै धरना चाहवै सै? 63 उसनै लिखण की पट्टी पै लिख दिया, उसका नाम यूहन्ना सै,” अर सारा नै अचम्भा होया । 64 फेर उसका मुँह अर जिभ जिब्बे खुल्गी; अर वो बोलण अर पणमेशर का धन्यवाद करण लाग्या । 65 उसके लोवै-धोरै कै सब रहण आळे डरगे; अर उन सारी बात्त्तां की चर्चा यहूदिया कै सारे पहाड़ी देश म्ह फैलगी , 66 अर सब सुनण आळयां नै अपनै-अपनै मन म्ह विचार करकै कह्या, ‘‘यो बाळक किसा होगा ?’’ क्यूँके प्रभु का हाथ उसकै गैल्या था।
जकरयाह का स्तुति-गान
67 उसका पिता जकरयाह पवित्रआत्मा तै भर ग्या, अर भविश्यवाणी करण लाग्या : 68 ‘‘प्रभु इस्राएल का पणमेशर धन्य सै, क्यूँके उसनै अपनै माणसां पै निंगाह करी अर उनका छुटकारा किया, 69 अर अपनै दास दाऊद कै घराने म्ह म्हारै खात्तर एक उध्दार का एक सींग काड्या सै, 70 (जिसा उसनै अपनै पवित्र भविष्यावक्ता कै जरिये जो जगत कै शुरु तै होंदे आये सै, कह्या था,) 71 बल्के म्हारै दुश्मनां तै अर म्हारै सब बैरियां कै हाथां तै म्हारा उध्दार करया, 72 कै म्हारै बाप दादयां पै दया कर कै अपनी पवित्र वाचा नै याद करै, 73 अर वो कसम जो उसनै म्हारै पिता अब्राहम तै खाई थी, 74 कै वो हमनै यो देवैगा कै हम अपनै दुश्मनां कै हाथ तै छुठ कै, 75 उसकै आग्ये पवित्रता अर धार्मिकता तै जिन्दगी भर बिना डरें उसकी सेवा करते रह्वां। 76 अर तू हे बाळक, परमप्रधान का भविष्यावक्ता कहवावै, क्यूँके तू प्रभु का रास्ता त्यार करण कै खात्तर आग्गै-आग्गै चाल्लैगा, 77 कै उसकै माणसां कै उध्दार का ज्ञान दे, जो उसकै पापां की माफ़ी तै मिलै सै । 78 यो म्हारै पणमेशर की उस्से बड़ी दया तै होगा; जिसकै कारण ऊप्पर तै म्हारै पै सबेर का चाँदणा उगै सै, 79 कै अन्धेरे अर मौंत की छाया म्ह बैठण आळयां नै रोशनी दे, अर म्हारै पैरां नै आच्छे रास्ता पै सीधे चलावै ।’’ 80 अर वो बाळक बढ़दा अर आत्मा म्ह ठाड्डा होन्दा ग्या, अर इस्राएल पै प्रकट होण कै दिन ताहीं जंगलां म्ह रह्या।
2यीशु का जन्म
(मत्ती 1:18-25)
1 उन दिनां म्ह औगुस्तुस कैसर की कान्नी तै हुक्म लिकड़या के, उसके सारे राज्य कै माणसांं गिणती करकै उनके नाम लिक्खे जावैI 2 या पहल्ली नाम लिखाई उस टैम होई, जिब किवरिनियुस सीरिया कै इलाकै का हाकिम थाI 3 सारे माणस नाम लिखाण कै खात्तर आपणे-आपणे नगर म्ह गएI 4 आखर युसूफ भी इस करकै के ओ दाऊद कै कुन्बै अर पीढ़ी का था, गलील कै नगर तै यहूदिया म्ह दाऊद कै नगर बैतलहम नै गया, 5 के आपणी मंगेतर मरियम कै गेल्या जो पेट तै थी, उस गिणती म्ह नाम लिखवाएI 6 उनकै ओड़ै रहन्दे होए उसके जाम्मण के दिन पुरे होए, 7 अर उसनै आपणा जेट्ठा छोरा जाम्मया अर उसताहीं लत्त्ते म्ह लपेटकै खोर म्ह धरया; क्यूँके उनकै खातर सराये म्ह जंगहा कोनी थी, इसकरकै के शहर म्ह माणसांं की उस टैम घणी-ए भीड़ होरी थी|
सुर्गदुत्त्तां द्वारा चरवाहां ताहीं संदेश
8 अर उस देश म्ह कितने पाळी थे, जो रात नै मदानां म्ह रहकै आपणी भेड्डा के टोळ की रुखाळ करै थेI 9 अर उस्से रात नै प्रभु का एक दूत उसकै धोरै आण खड़या होया, अर प्रभु का प्रताप उसकै चौगरदे नै चमक्या, अर वे घणे डरगेI 10 सुर्गदुत नै उनतै कह्या, “मतना डरो; क्यूँके लखाओ, मै थमनै घणी ख़ुशी की खबर सूंंनाऊँ सूंं जो सारे माणसांं खातर होगी, 11 के आज दाऊद कै नगर म्ह थारै खातर एक उद्धारकर्ता जाम्या सै, अर योए मसीह प्रभु सैI 12 अर इसकी थारै खातर या निशान्नी सै के थम एक बाळक नै लत्त्ते म्ह लिपट्या होड़ अर खोर म्ह पड़या होड़ पाओगेI” 13 फेर चाणचक उस सुर्गदुत गेल्या सुर्गदुत्त्तां का टोळ पणमेशर की भगति करदे होए अर न्यू कहदें दिख्या, 14 अकास म्ह पणमेशर की महिमा अर धरती पै उन माणसांं म्ह जिनतै ओ राज्जी सै, शान्ति होवैI”
15 जिब्ब सुर्गदुत उसकै धोरै तै सुर्ग नै चले गए, तो पाळीयां नै आपस म्ह कह्या, “आओ, हम बैतलहम जाकै देक्खां, या बात जो होई सै, अर जो प्रभु नै म्हारैताहीं बताई सैI” 16 अर उन्नै जिब्बे जाकै मरियम अर युसूफ ताहीं अर खोर म्ह उस बाळक ताहीं पड़या देख्याI 17 इन्नै देखकै उन्नै वा बात जो इस बाळक कै बाबत उनतै कही थी, बताईI 18 अर सारे सुनणआळयां नै उन बात्त्तां तै जो पाळीयां नै उनतै कहीं अचम्भा करयाI 19 पर मरियम ये बात आपणे दिल म्ह धरकै सोचदी रईI 20 अर पाळी जिसा उनतै कह्या था, उस्साए सारा सुणकै अर देखकै पणमेशर की महिमा अर जय-जयकार करदे होए बोहड़गेI
यीशु का नामकरण
21 जिब्ब आठ दिन पुरे होए अर उसकै खतने का टैम आया, तो उसका नाम यीशु धरया गया, जो सुर्गदुत नै उसकै पेट म्ह आण तै पह्ल्या कह्या थाI
मंदर म्ह यीशु का अर्पण
22 जिब्ब मूसा कै व्यवस्था कै मुताबिक उनकै सूंंच्चे होण के दिन पुरे होए, तो वे उसनै यरूशलेम म्ह लेगे के प्रभु कै स्याम्ही ल्याए, 23 (जिसा के प्रभु के व्यवस्था म्ह लिख्या होड़ सै : हरेक जेट्ठा या पहल्ड़ा प्रभु कै खातर पवित्र ठहरैगाI”) 24 अर प्रभु कै व्यवस्था कै बचन कै मुताबिक : “पंडूका का एक जोड़ा, या कबूतर कै दो बच्चे" ल्याकै बली करैI
शमौन का गीत
25 यरूशलेम म्ह शमौन नामका एक माणस था, अर ओ माणस धर्मी अर भगत था; अर इसराएल की शान्ति की बाट देखण लागरया था, अर पवित्र आत्मा उस पै थाI 26 अर पवित्रआत्मा के जरिये उस पै प्रगट होया था के जिब्ब ताहीं वो प्रभु के मसीह नै देख नीं लेगा, जद ताहीं मौत नै कोनी देखैगाI 27 ओ आत्मा कै सिखाण तै मन्दर म्ह आया; अर जिब्ब माँ-बाप उस बाळक यीशु ताहीं भीत्त्तर ल्याए, के उसकै खातर व्यवस्था के रिवाज कै मुताबिक करै, 28 फेर उसनै उसताहीं आपणी गोद्दी म्ह लिया अर पणमेशर का धन्यवाद करकै कह्या: 29 “हे मालिक, इब तू आपणे दास नै आपणे बचन कै मुताबिक शान्ति तै बिदा करै सै, 30 क्यूँके मेरी आँखां नै तेरै उद्धार ताहीं देख लिया सै, 31 जिस ताहीं तन्नै सारे देशां के माणसांं कै स्याम्ही त्यार करया सै, 32 के ओ दूसरी जात्त्तां ताहीं चाँदणा देण कै खातर उजाळा, अर तेरे आपणे माणस इस्राएल की महिमा होI”
33 उसका बाप अर उसकी माँ इन बात्त्तां तै जो उसकै बाबत कही जावै थी, अचम्भा करै थेI 34 फेर शमौन नै उनताहीं आशीर्वाद देकै, उसकी माँ मरियम तै कह्या, “देख, वो तो इस्राएल म्ह घणा खातर पड़ण, अर उट्ठण कै खातर, अर एक इसी निशान्नी होण खातर ठहराया सै, जिसकै बिरोध म्ह बात करी जांवैगी 35 बल्के तेरा जी भी तलवार तै आरम-पार चिर जावैगा -- इसतै घणे मनां के बिचार प्रगट होज्यागेंI”
हन्ना की गवाही
36 आशेर कै गोत म्ह तै हन्नाह नामक फनूएल की बेट्टी एक नब्बी थीI वा घणी बूढी थी, अर ब्याह होण कै पाच्छै सात साल आपणे धणी कै गेल्या रहण पाई थीI 37 वा चौरासी साल तै बिधवा थी: अर मन्दर नै कोनी छोड्या करै थी, पर ब्रत अर प्रार्थना कर-करकै रात-दिन भगति करया करै थीI 38 अर वा उस बख्त उड़ै आकै प्रभु का धन्यवाद करण लाग्गी, अर उन सारया तै, जो यरूशलेम कै छुटकारै की बाट देखै थे, उस बाळक कै बाबत बात करण लाग्गीI
नास्र्ट नै वापस लौटना
39 जिब्ब वे प्रभु के व्यवस्था कै मुताबिक सारा कीमे पूरा कर चुके तो गलील म्ह आपणे नगर नासरत नै दुबारा चले गएI 40 अर बाळक बढ़दा, अर ठाड्डा होन्दा, अर अक्ल तै भरया-पूरा होन्दा गया; अर पणमेशर का अनुग्रह उस पै थाI
बाळक यीशु मंदर म्ह
41 उसके माँ-बाप हरेक साल फसह कै त्यौहार म्ह यरूशलेम जाया करै थेI 42 जिब्ब यीशु बारहा साल का होया, तो वे त्यौहार की रित कै मुताबिक यरूशलेम नै गएI 43 जिब्ब वे उन दिनां नै पुगा कै बोहड़ण लाग्गे, तो बाळक यीशु यरूशलेम म्ह रहग्या; अर इसका उसकै माँ-बाप नै कोनी बेरा था| 44 वे न्यू समझ कै के ओ दुसरे मुसाफ़िरां कै गेल्या होगा, एक दिन का सफर पार करगे: अर उसताहीं आपणे कुन्बे आळयां म्ह अर जाण-पिच्छाण आळयां म्ह टोहण लाग्गे| 45 पर जिब्ब कोनी मिल्या, टोन्दे-टोन्दे यरूशलेम नै दूबारै बोहड़गे, 46 अर तीन दिन कै पाच्छै उन्नै ओ मन्दर म्ह उपदेशकां कै बिच्चाळै बैट्ठे, उनकी सुणदे अर उनतै सवाल बुझते पाया| 47 जितने उसकी सुणै थे, वे सारे उसकी समझ अर उसके ज्बाबा तै हैरान थे| 48 फेर वे उसताहीं देखकै हैरान होए अर उसकी माँ नै उसतै कहया, “हे बेट्टे, तन्नै म्हारै गेल्या इसा बिवार क्यातै करया?” लखा, तेरा बाप अर मै तन्नै कांल होन्दे तन्नै टोहवां थे?” 49 उसनै उनतै कह्या, “थम मन्नै क्यातै टोहवो सो?” कोनी बेरा के मन्नै मेरे बाप कै घरा होणा जरूरी सै?” 50 पर जो बात उसनै उनतै कही, उन्नै कोनी समझ्या| 51 फेर ओ उनकै गेल्या गया, अर नासरत म्ह आया, अर उनकै बस म्ह रह्या; अर उसकी माँ नै ये सारी बात आपणे मन म्ह राक्खी| 52 अर यीशु समझ अर डील-डोल म्ह, अर पणमेशर अर माणसांं कै अनुग्रह म्ह बढ़दा गया|
3युहन्ना बपतिस्मा देणआळे का संदेश
(मत्ती 3:1-12; मरकुस 1:1-8; युहन्ना 1:19-28)
1 तिबिरियुस कैसर के राज्य कै पंद्रहवें साल म्ह जिब्ब पुन्तियुस पीलातुस यहूदिया का हाकिम था, अर गलील म्ह हेरोदेस नाम चौथाई का इतुरैया अर त्रखोनितिस म्ह उसका भाई फिलिप्पुस, अर अबिलेने म्ह लिसनियास, चौथाई के राजा थे, 2 अर जिब्ब हन्ना अर कैफा महायाजक थे, उस बख्त पणमेशर का बचन बण म्ह जकरयाह के बेट्टे यूहन्ना के धोरै पहोच्या| 3 ओ यरदन कै ओरै-धोरै के साब्ते परदेश म्ह जाकै, पापां नै बख्सण खातर मन पलटण का बपतिस्मा का प्रचार करण लागग्या| 4 जिसा यशायाह नब्बी के कहे होए बचनां की किताब म्ह लिख्या सै : “बण म्ह एक रुक्के मारणीये का बचन होरया सै के, ‘प्रभु की राही त्यार करो, उसकी सड़क सीधी बणाओ| 5 हरेक घाटी भर दी जावैगी, अर हरेक पहाड़ अर टिल्ला तळै करया जावैगा; अर जो टेढ़ा सै सीधा, अर जो ऊँचा निच्चा सै ओ चौरस राह बणैगा| 6 अर हरेक जीव पणमेशर के उद्धार नै देखैगा|"
7 जो भीड़ की भीड़ उसतै बपतिस्मा लेण नै लिकड़ के आवै थी, उनतै ओ कहवै था, “हे साँप के बच्चो, थारै तै कौण बताग्या के आण आळै छो तै भाज्जो | 8 आखर मन पलटकै लायक फळ ल्याओ, अर आपणे-आपणे मन म्ह न्यू मतना सोच्चो के म्हारा बाप अब्राहम सै; क्यूँके मे थमनै कहूँ सूंं के पणमेशर इन पत्थरां तै अब्राहम कै खातर ऊलाद पैदा कर सकै सै| 9 इब कुहाड़ा दरख्तां की जड़ पै धरया सै, इसकरकै जो-जो दरख्त बढिया फळ नीं ल्यांदा, ओ काट्या अर आग म्ह झोक्या जावैगा| 10 फेर माणसांं नै उसतै बुझया, “तो हम के करां?” 11 उसनै जबाब दिया, “जिसकै धोरै दो कुरते हों, ओ उसकै गेल्या जिसकै धोरै नीं सै उसकै गेल बांड ल्यो अर जिसकै धोरै खाणा हो, ओ भी न्यूए करै|” 12 महसूल लेण आळे भी बपतिस्मा लेण आए, अर उसतै बुझया, “हे गुरु, हम के करां?” 13 उसनै उनतै कह्या, “जो थारै खातर ठहरा राख्या सै, उस तै घणा नीं लेणा|” 14 सिपाहियाँ नै भी उसतै बुझया, “हम के करां?” उसनै उनतै कह्या, “किसे पै जुल्म नीं करणा, अर ना झूठी तोहमन्द लाणा, अर आपणी तन्खा पै संतोष करणा|”
15 जिब्ब माणस आस लाए होए थे, अर सारे आपणे-आपणे मन म्ह यूहन्ना के बाबत बिचार कररे थे के योए मसीह तो नीं सै, 16 तो यूहन्ना नै उस सारया तै कह्या, “मै तो थमनै पाणी तै बपतिस्मा द्युँ सूंं, पर ओ आण आळा सै, जो मेरै तै घणा ठाडडा सै, मै तो इस लायक भी कोनी के उसके जुत्या के फित्ते खोल सकूँ; ओ थमनै पवित्र आत्मा अर आग तै बपतिस्मा देवैगा| 17 उसका सूप, उसकै हाथ म्ह सै; अर ओ आपणा खलिहाण बढिया तरियां साफ करैगा; अर नाज नै आपणे खते (ठेक्के) म्ह कट्ठा करैगा; पर भुरळी ताहीं उस आग म्ह जो बुझदी कोनी जळा देवैगा|”
18 आखर ओ घणीए शिक्षा दे देकै माणसांं तै ख़ुशी की खबर सुणान्दा रह्या| 19 पर जिब्ब उसनै चौथाई देश कै राजा हेरोदेस तै उसके भाई फिलिप्पुस की बीरबान्नी हेरोदियास कै बाबत अर सारे भुण्डे काम्मां कै बाबत जो उसनै करे थे, उलाहणा दिया, 20 तो हेरोदेस नै उन सारया तै बढ़कै यों भुण्डा काम भी करया के यूहन्ना ताहीं जेळ म्ह गेर दिया|
यीशु का बपतिस्मा
(मत्ती 3:13-17; मरकुस 1:9-11)
21 जिब्ब सारे माणसांं नै बपतिस्मा लिया अर यीशु भी बपतिस्मा लेकै प्रार्थना कर रह्या था, तो अकास खुलग्या, 22 अर पवित्र आत्मा देही रूप म्ह कबूतर की तरियां उस पै उतरया, अर या आकाशवाणी होई : “तू मेरा प्यारा बेट्टा सै, मै तेरतै राज्जी सूंं|”
यीशु की वंशावली
(मत्ती 1:1-17)
23 जिब्ब यीशु खुद उपदेश देण लागग्या, तो करीबन तीस साल की उम्र का था अर (जिसा समझा जावै सै) युसूफ का बेट्टा था; अर ओ एली का, 24 अर ओ मत्तात का, अर ओ लेवी का, अर ओ मलकी का, अर ओ यन्ना का, अर ओ युसूफ का, 25 अर ओ मत्तित्याह का, अर ओ आमोस का, अर ओ नहुम का, अर ओ असल्याह का, अर ओ नोगाह का, 26 अर ओ मात का, अर ओ मत्तित्याह का, अर ओ शिमी का, अर ओ योसेख का, अर ओ योदाह का, 27 अर ओ यूहन्ना का, अर ओ रेसा का, अर ओ जरुब्बाबिल का, अर ओ शालतियेल का, अर ओ नेरी का, 28 अर ओ मलकी का, अर ओ अद्दी का, अर ओ कोसाम का, अर ओ इलमोदाम का, अर ओ एर का, 29 अर ओ येशु का, अर ओ इलाजार का, अर ओ योरीम का, अर ओ मत्तात का, अर ओ लेवी का, 30 अर ओ शमौन का, अर ओ यहुदाद का, अर ओ युसूफ का, अर ओ योनान का, अर ओ इलयाकिम का, 31 अर ओ मलेआह का, अर ओ मिन्नाह का, अर ओ मत्तता का, अर ओ नातान का, अर ओ दाऊद का, 32 अर ओ यीशै का, अर ओ ओबेद का, अर ओ बोअज का, अर ओ सलमोन का, अर ओ नहशोन का, 33 अर ओ अम्मिनादाब का, अर ओ अरनी का, अर ओ हिस्रोन का, अर ओ फिरिस का, अर ओ यहुदाह का, 34 अर ओ याकूब का, अर ओ इसहाक का, अर ओ अब्राहम का, अर ओ तिरह का, अर ओ नाहोर का, 35 अर ओ सरुग का, अर ओ रऊ का, अर ओ फिलिग का, अर ओ एबिर का, अर ओ शिलह का, 36 अर ओ केनान का, अर ओ अरफक्षद का, अर ओ शेम का, अर ओ नूह का, अर ओ लिमिक का, 37 अर ओ मथुशीलह का, अर ओ हनोक का, अर ओ यिरिद का, अर ओ महललेल का, अर ओ केनान का, 38 अर ओ एनोश का, अर ओ शेत का अर ओ आदम का, अर ओ पणमेशर का बेट्टा था|
4यीशु की परीक्षा
(मत्ती 4:1-11; मरकुस 1:12-13)
1 फेर यीशु पवित्रआत्मा तै भरया होया, यरदन तै बोहड़या; अर चालीस दिन ताहीं आत्मा कै सिखाण तै बण म्ह हाण्डदा रहया; 2 अर शैतान उसकी परीक्षा लेन्दा रहया| उन दिनां म्ह उसनै कीमे नीं खाया, अर जिब्ब वे दिन पुरे होए, तो उसनै भूख लाग्गी| 3 फेर शैतान नै उसतै कह्या, “जै तू पणमेशर का बेट्टा सै, तो इस पत्थर तै कह, के रोट्टी बणज्या|” 4 यीशु नै उसताहीं जबाब दिया, “लिख्या सै : ’माणस सिर्फ रोट्टी तै जिन्दा कोनी रहन्दा|’” 5 फेर शैतान उसनै लेगा अर उसताहीं माड़ी वार म्ह दुनिया के सारे राज्य दिखाए, 6 अर उसतै बोल्या, “मै यों सारा हक्क, अर एश-आराम तन्नै द्युँगा, क्यूँके ओ मेरैतै सौंप्या गया सै : अर जिसनै चाहूँ उसनै दे द्युँ सूंं| 7 इसकरकै जै तू मन्नै प्रणाम करै, तो यों सारा तेरा हो ज्यागा|” 8 यीशु नै उसताहीं जबाब दिया, “लिख्या सै : ‘तू प्रभु आपणे पणमेशर नै प्रणाम कर; अर सिर्फ उस्से की भगति कर|’” 9 फेर उसनै उसताहीं यरूशलेम म्ह ले जाकै मन्दर की चोट्टी पै खड़या करया अर उसतै बोल्या, “जै तू पणमेशर का बेट्टा सै, तो खुद नै उरै तै तळै गेर ले| 10 क्यूँके लिख्या सै : ’ओ तेरै बाबत आपणे सुर्गदुत्तां नै हुक्म देगा, के वे तेरी रुखाळी करै,’ 11 अर ’वे तन्नै हाथों-हाथ उठा लेवैगें, इसा ना हो के तेरे पांयां म्ह पत्थर तै ठेस लागै’|” 12 यीशु नै उसताहीं जबाब दिया, “न्यू भी कह्या गया सै : ’तू प्रभु आपणे पणमेशर का हिम्तान ना लिए’|” 13 जिब्ब शैतान सारा हिम्तान ले चुका, फेर कुछे टैम खातर उसकै धोरै तै चल्या गया|
यीशु के सेवा के काम की सरूआत
(मत्ती 4:12-17; मरकुस 1:14-15)
14 फेर यीशु आत्मा की सामर्थ तै भरया होड़ गलील बोहड़या, अर उसकी चर्चा ओरै-धोरै के सारे देशां म्ह फैलगी| 15 ओ उनके आराधनालयां म्ह उपदेश देंदा रह्या, अर सारे उसकी बड़ाई करै थे|
नासरत म्ह यीशु का अनादर
(मत्ती 13:53-58; मरकुस 6:1-6)
16 फेर ओ नासरत म्ह आया, जड़ै पाळा-पोस्या गया था; अर आपणी रित कै मुताबिक सब्त कै दिन आराधनालय म्ह जाकै पढ़ण कै खातर खड़या होया| 17 यशायाह नब्बी की किताब उसताहीं दी गई, अर उसनै किताब खोलकै, वा जंगहा लिकाड़ी जड़ै लिख्या था : 18 “प्रभु का आत्मा मेरै पै सै, इसकरकै के उसनै कंगालां ताहीं ख़ुशी की खबर सुनाण कै खातर मेरा अभिषेक करया सै, अर मेरैताहीं इसकरकै खन्दाया सै के कैदीयां नै छुड़ाण की अर आंध्यां नै देखण जोग्गा बनाण की ख़ुशी की खबर का प्रचार करूं अर कुचले होया नै छुड़ाऊँ, 19 अर प्रभु कै राज्जी रहण कै साल का प्रचार करूं|” 20 फेर उसनै किताब बन्द करकै सेवक कै हाथां म्ह दे दी अर बैठग्या; अर मन्दर के सारे माणसांं की निंगाह उसपै थी| 21 फेर ओ उन तै कहण लागग्या, “आज ए यों लिख्या होड़ थारै स्याम्ही पूरा होया| 22 सारया नै उसताहीं सराहया, “अर जो अनुग्रह की बात उसकै मुँह तै लिकड़ै थी, उनतै हैरान होए; अर कहण लाग्गे, “के यों युसूफ का बेट्टा कोनी?” 23 उसनै उनतै कह्या, “थम मेरैपै या कहावत जरुर कहोगे के ‘हे बैद, खुद नै सई कर ! जो कीमे हमनै सुणयां के कफरनहुम म्ह करया गया सै, उसनै उरै खुद कै देश म्ह भी कर’|” 24 अर उसनै कह्या, “मै थमनै साच्ची-साच कहूँ सूंं कोई नब्बी आपणे देश म्ह इज्जत-मान कोनी पान्दा | 25 मै थमनै साच्ची-साच कहूँ सूंं के एलिय्याह कै दिनां म्ह जिब्ब साढ़े तीन साल ताहीं अकास बन्द रहया, उरै ताहीं के सारे देश म्ह बड्डा अकाल पड़या, तो इस्राएल म्ह घणीए बिधवा थीं| 26 पर एलिय्याह उनम्ह तै किस्से कै धोरै कोनी खन्दाया गया, सिर्फ सैदा कै सारफत म्ह एक बिधवा कै धोरै| 27 अर एलिशा नब्बी कै बख्त इस्राएल म्ह घणे कोढ़ी थे, पर सिरियावासी नामान नै छोड़कै उनम्ह तै कोए शुद्ध कोनी करया गया|” 28 ये बात सुणद-ए जितने आराधनालय म्ह थे, सारया कै छोह उठग्या, 29 अर उठकै उसताहीं नगर तै बाहरण लिकाड़या, अर जिस पहाड़ पै उनका नगर बसरया था, उसकी चोट्टी पै ले चाल्ले के उसनै उड़ै तै तळै गेर दें| 30 पर ओ उनकै बिच्चाळै तै लिकड़ कै चल्या गया|
एक माणस ताहीं चंगा करणा जिस म्ह भूंडी औपरी आत्मा थी
(मरकुस 1:21-28)
31 फेर ओ गलील कै कफरनहुम नगर म्ह गया; अर सब्त कै दिन माणसांं ताहीं उपदेश देवै था| 32 वे उसकै उपदेश तै हैरान होगे क्यूँके उसका बचन हक्क सुदा था| 33 मन्दर म्ह एक माणस था, जिसम्ह भूंडीऔपरी आत्मा थी, उसनै ठाड्डू बोल तै किल्की मारी, 34 हे यीशु नासरी, हमनै तेरैतै के काम? के तू म्हारा नास करण नै आया सै? मन्नै तेरा बेरा सै तू कौण सै? तू पणमेशर का पवित्र माणस सै!” 35 यीशु नै उसतै धमकाकै कह्या, “बोल-बाल्ला रहै, उसम्ह तै लिकड़ जा!” फेर भूंडीऔपरी आत्मा उसनै बिच्चाळै पटककै बिना नुक्सान करे उसम्ह तै लिकड़ गी 36 इस पै सारे हैरान होए, अर वे आपस म्ह बतळाण लाग्गे, “यों किसा बचन सै ?क्यूँके ओ हक्क अर सामर्थ कै गेल्या भूंडीऔपरी आत्मायाँ नै हुक्म देवै सै, अर लिकड़ जावै सै|” 37 इस करकै चौगरदे नै हरेक जंगहा उसका जिक्रा होण लाग्या|
पतरस की सास अर अन्य लोग्गां ताहीं चंगा करणा
(मत्ती 8:14-17; मरकुस 1:29-34)
38 यीशु मसीह का मन्दर म्ह तै उठकै शमौन कै घर म्ह गया| शमौन की सासू कै ताप या बुखार चढ़रया था, अर उन्नै उस खातर उसतै बिनती करी| 39 उसनै उसकै धोरै खड़े होकै ताप ताहीं धमकाया अर ताप उतर गया, अर ओ जिब्बे उठकै उनकी सेवा-बाड़ी म्ह लाग्गी| 40 सूंरज डूबदे बख्त, जिन-जिन कै उरै माणस कई ढाळ की बीमारियाँ म्ह पड़े होये थे, वे सारे उन्नै उसकै धोरै ल्याए, अर उसनै एक-एक पै हाथ धरकै उनताहीं चंगा करया| 41 अर भूंडीऔपरी आत्मां भी किल्की मारदी अर न्यू कहन्दी होई के, “तू पणमेशर का बेट्टा सै,” घणखरया म्ह तै लिकड़गी| पर ओ उन्नै धमकांदा अर बोल्लण नीं देवै था, क्यूँके वे जाणै थीं के ओ मसीह सै|
आराधनालयां म्ह प्रचार करणा
(मरकुस 1:35-39)
42 जिब्ब सबेरे होई तो ओ लिकड़ कै एक बियाबान जंगहा म्ह गया, अर भीड़ की भीड़ उसनै टोहन्दी होई उसकै धोरै आई, अर उसनै रोकण लाग्गी के ओ उनकै धोरै तै नीं जावै| 43 पर उसनै उनतै कह्या, “मन्नै दुसरे नगरां म्ह भी पणमेशर कै राज्य की सुसमाचार सुनाणा जरूरी सै, क्यूँके मै इसे खातर खन्दाया गया सूंं|” 44 अर ओ गलील के आराधनालयां म्ह प्रचार करदा रह्या|
5प्रथम चेल्लां का बुलाया जाणा
(मत्ती 4:18-22; मरकुस 1:16-20)
1 जिब्ब भीड़ पणमेशर का बचन सुनण कै खातर उस पै गीरै पड़ै थी, अर ओ गन्नेसरत की झील कै कंठारै पै खड़या था, तो इसा होया 2 के उसनै झील कै कंठारै दो किस्ती लाग्गी होड़ देक्खीं, लखाओ, अर मछुए उन पै उतरकै जाळ धोवै थे| 3 उन किस्तियां म्ह तै एक पै, जो शमौन की थी, चढ़कै उसनै उसतै बिनती करी के कंठारै तै माड़ा डिगा ले चाल्लै| फेर ओ बैठकै माणसांं नै किस्ती पै तै उपदेश देण लागग्या| 4 जिब्ब उन्नै ये बात कर ली तो शमौन तै बोल्या, “डुंगै म्ह ले चाल, अर मच्छी पकड़ण नै आपणा जाळ गेर|” 5 शमौन नै उसतै जबाब दिया, “हे मालिक, हमनै सारी रात मैहनत करी अर कीमे नीं ठायां; फेरभी तेरै कहण तै जाळ गेरूगां|” 6 जिब्ब उन्नै इसा करया, तो घणी मच्छी घेर ल्याए, अर उनके जाळ पाट्टण नै होण लाग्गे| 7 इस पै उन्नै आपणे ढब्बीयां नै भी जो दूसरी किस्ती पै थे, इशारा करया के आकै म्हारी मदद करो, अर उन्नै आकै दोन्नु किस्ती उरै ताहीं भर लीं के डूबण लाग्गी| 8 न्यू देखकै शमौन पतरस यीशु कै पायां म्ह पड़ग्या, अर बोल्या, “हे प्रभु, मेरै धोरै तै जा, क्यूँके मै पापी माणस सूंं!” 9 क्यूँके इतनी मच्छियां कै पकड़े जाण तै उसनै अर उसके ढब्बीयां नै घणा अचम्भा होया, 10 अर उस्से तरियां जबूदी के बेट्टे याकूब अर युहन्ना नै भी, जो शमौन के याड़ी थे, अचम्भा होया| फेर यीशु नै शमौन तै कह्या, “मतना डरो; इब तै तू माणसांं नै जिन्दा पकड़या करैगा|” 11 अर वे किस्तियां नै कंठारै पै लीयाए अर सारा कीमे छोड़कै उसकै पाच्छै हो लिए|
कोढ़ तै रोगी ताहीं चंगा करणा
12 जिब्ब ओ किसे नगर म्ह था, तो उड़ै कोढ़ तै भरया होया एक माणस आया; अर उसनै यीशु पै लखाकै अर मुद्दा पड़कै बिनती करी, “हे प्रभु, जै तू चाहवै तो मन्नै शुद्ध करै सकै सै|” 13 उसनै हाथ बढ़ाकै उसताहीं छुया अर बोल्या, “मै चाहूँ सूंं, तू शुद्ध होज्या|” अर उसका कोढ़ जिब्बे जांदा रह्या| 14 फेर उसनै उसताहीं सोद्दी दुवाकै कहया, “किस्से तै ना कहिए, पर जाकै खुद नै याजक ताहीं दिखा, अर आपणै शुद्ध होण कै बारै म्ह जो कीमे मूसा नै चढ़ावा ठहराया सै उसनै चढ़ा, के उन पै गवाही हो|” 15 पर उसका जिक्रा और भी फैल्दा गया, अर भीड़ की भीड़ उसकी सुनण कै खातर अर आपणी बीमारियाँ तै चंगा होण कै खातर कट्ठी होई| 16 पर ओ बण म्ह न्यारा जाकै प्रार्थना करया करै था|
लकवे के रोगी ताहीं चंगा करणा
17 एक दिन इसा होया के ओ उपदेश देण लागरया था, अर फरीसी अर व्यस्थापक उड़ै बैट्ठे होए थे जो गलील अर यहूदिया कै हरेक गाम तै अर यरूशलेम तै आए थे, अर चंगा करण खातर प्रभु की सामर्थ उसकै गेल्या थी| 18 उस बख्त कई माणस एक माणस नै जो लकवै का बीमार अर झोळै का मारया होड़ था, खाट पै ल्याए, अर वे उसनै भीत्त्तर ले जाण अर यीशु कै स्याम्ही धरण का जुगाड़ टोहण लागरे थे| 19 पर जिब्ब भीड़ कै बाबत उसनै भीत्त्तर कोनी ले जा सके तो उन्नै छात पै चढ़ कै अर खरपैल हटाकै, उसताहीं खाट सुदा बिच्चाळै यीशु कै स्याम्ही उतार दिया| 20 उसनै उनका बिश्वास देखकै उसतै बोल्या, “हे माणस, तेरे पाप माफ़ होए|” 21 फेर शास्त्री अर फरीसी बहस करण लाग्गे, “यो कौण सै जो पणमेशर की बुराई करै सै? पणमेशर नै छोड़ और कौण पापां नै माफ़ कर सकै सै?” 22 यीशु नै उनकै मन की बात जाणकै, उनतै कह्या, “थम आपणे मन म्ह के बहस कररे सो? 23 सोक्खा के सै? के यो कहणा के ’तेरे पाप बख्स दिए ,’या यो कहणा के ’उठ अर हाँड-फिर’? 24 पर इसकरकै के थम जाणो के माणस कै बेट्टे नै धरती पै पाप बख्सण का भी हक्क सै|” --- उसनै उस लकवै के बीमार तै कह्या, “मै तेरैतै कहूँ सूंं के आपणी खाट ठा अर आपणे घरा चल्या जा|” 25 ओ जिब्बे उनकै स्याम्ही उठ्या, अर जिस पै पड़या था उसनै ठाकै, पणमेशर की बड़ाई करदा होया आपणे घरा चल्या गया| 26 फेर सारे हैरान होये अर पणमेशर की बड़ाई करण लाग्गे अर घणे डरकै बोल्ले, “आज हमनै अनोक्खी बात देक्खीं सैं|”
लेवी का बुलाया जाणा
27 इसकै बाद ओ बाहरण गया अर लेवी नामका एक चुंगी लेणआळे ताहीं पीढ़ी पै बैट्ठे देख्या, अर उसतै बोल्या, “मेरै पाच्छै हो ले|” 28 फेर ओ सारा कीमे छोड़कै उठ्या अर उसकै पाच्छै हो लिया|” 29 फेर लेवी नै आपणे घरा उसकै खातर बड्डा ज़िम्मण का न्योंदा दिया; अर चुंगी लेणआळे अर दुसरे माणसांं की जो उसकै गेल्या खाणा खाण नै बैट्ठे थे, एक बड्डी भीड़ थी|” 30 इस पै फरीसी अर उनके शास्त्री उसके चेल्यां तै न्यू कहकै बीरड़ाण लाग्गे, “थम चुंगी लेणआळे अर पापियाँ कै गेल्या क्यातै खाओ-पीओ सो?” 31 यीशु नै उनतै जबाब दिया, “बैद ठीक-ठाक खातर कोनी, पर बीमारां कै खातर जरूरी सै| 32 मै धर्मियां नै नीं, पर पापियाँ नै मन फिराण कै खातर बुलाण आया सूंं|” 33 उन्नै उसतै कह्या, “युहन्ना के चेल्ले तो बराबर ब्रत अर प्रार्थना करया करै सै अर उस्से तरियां फरिसियाँ के चेल्ले भी, पर तेरे चेल्ले तो खावै-पीवै सै|” 34 यीशु नै उनतै कह्या, “के थम बरातिया तै, जिब्बताहीं बनड़ा उनकै गेल्या रहवै, ब्रत करा सको सो?
उपवास का प्रश्न
35 पर वे दिन आवैगें, जिनम्ह बनड़ा न्यारा करया जावैगा, फेर वे उन दिनां म्ह ब्रत करैगें|” 36 उसनै एक और उदाहरण भी उनतै कह्या, “कोए माणस नये लत्त्ते म्ह तै पाड़कै पुरानै लत्त्ते पै टांकी कोनी लांदा, नीं तो नया पाट ज्यागा अर वा टांकी पुरानै पै मेळ भी नीं खावैगी| 37 अर कोए नया दाखरस पूराणी मशकां म्ह कोनी भरदा, नीं तो नया दाखरस मशकां नै पाड़कै बह ज्यागा, अर मशक भी नास हो जावैगी| 38 पर नया दाखरस नई मशकां म्ह भरणा चाहिए| 39 कोए माणस पुराणा दाखरस पीकै नया कोनी चाह्न्दा क्यूँके ओ कहवै सै, के पुराणा-ए बढ़िया सै|”
6सब्त का प्रभु
1 फेर सब्त कै दिन ओ खेत्त्तां म्ह तै होकै जाण लागरया था, अर उसके चेल्ले बालें तोड़-तोड़कै अर हाथां तै मसळ-मसळ कै खाण लागरे थे| 2 फेर फरिसियां म्ह तै कीमे कहण लाग्गे, “थम यो काम क्यातै करो सो जो सब्त कै दिन करणा सई कोनी?” 3 यीशु नै उनतै जबाब दिया, "के थमनै न्यू नीं पढ़या के दाऊद नै, जिब्ब ओ अर उसके ढब्बी भूक्खे थे तो के करया?” 4 ओ किसतरियां पणमेशर कै घर म्ह गया, अर भेँट की रोट्टीयाँ खाई, जिन्नै खाना याजकां नै छोड़ और किस्से खातर सई कोनी, अर आपणे ढब्बीयां तै भी दी?” 5 अर उसनै उनतै कह्या, “माणस का बेट्टा सब्त कै दिन का भी प्रभु सै|”
सुक्खे हाथ आळे रोगी ताहीं चंगा करणा
6 इसा होया के किसे और सब्त कै दिन ओ आराधनालय म्ह जाकै उपदेश देण लाग्या; अर उड़ै एक माणस था जिसका सोळा हाथ सूख रया था| 7 शास्त्री अर फरीसी उसपै दोष लाण के मौक्के की टाह म्ह थे के देक्खै ओ सब्त कै दिन चंगा करै सै के नीं|” 8 पर ओ उनकी सोच जाणै था, इसकरकै उसनै सूंक्खे हाथ आळे माणस कह्या, “उठ, बिच्चाळै खड़या होज्या|” ओ उठ खड़या होया| 9 यीशु नै उनतै कह्या, “मै थारै तै बुझ्झू सूंं के सब्त कै दिन के सई सै, भला करणा या भुण्डा करणा; जीव नै बचाणा या नास करणा?” 10 फेर उसनै चोगरदेनै उन सारया कान्नी देखकै उस माणस तै बोल्या, “आपणा हाथ बढ़ा|” उसनै न्युए करया, अर उसका हाथ दुबारा चंगा होग्या| 11 पर वे आप्पै तै बाहर होकै आपस म्ह बहस करण लाग्गे के हम यीशु कै गेल के करां?
बारह प्रेरीतां की नियुक्ति
12 उन दिनां म्ह ओ पहाड़ पै प्रार्थना करण लागग्या, अर पणमेशर तै प्रार्थना करण म्ह सारी रात बिताई| 13 जिब्ब दिन लिकड़या तो उसनै आपणे चेल्यां ताहीं बुलाकै उनम्ह तै बारहा छांट लिए, अर उनताहीं प्रेरित कह्या, 14 अर वे ये सै : शमौन जिसका नाम उसनै पतरस भी धरया, अर उसका भाई अन्द्रियास, अर याकूब, अर युहन्ना, अर फिलिप्पुस, अर बरतुल्मै, 15 अर मत्ति, अर थोमा, अर हलफई का बेट्टा याकूब, अर शमौन जो जेलोतेस कुह्वावै सै, 16 अर याकूब का बेट्टा यहूदा, अर यहूदा इस्करियोती जो उसका पकड़वाणआळा बणया|
शिक्षा देणा अर चंगा करणा
17 फेर ओ उनकै गेल्या उतरकै चौरस जंगहा म्ह खड़या होया, अर उसके चेल्यां की बड्डी भीड़, अर सारे यहूदिया, यरूशलेम, अर सूर अर सैदा के समुन्दर कै कंठारै तै घणे माणस, 18 जो उसकी सूंणने अर आपणी बीमारियाँ तै चंगे होण खातर उसकै धोरै आए थे, उड़ै थे| अर भूंडी औपरी आत्मां तै सताए होए भी ठीक करे जावै थे| 19 सारे उसनै छूणा चाहवै थे, क्यूँके उसम्ह तै सामर्थ लिकड़कै सारया नै चंगा करै थी|
आशीष अर शोक बचन
20 फेर उसनै आपणे चेल्यां कान्नी लखाकै कह्या, “धन्य सो थम जो दीन सो, क्यूँके पणमेशर का राज्य थारा सै| 21 “धन्य सो थम जो इब भूक्खे सो, क्यूँके छिकाए जाओगे| “धन्य सो थम जो इब रोओ सो, क्यूँके हांसोगे| 22 धन्य सो थम जिब्ब माणस कै बेट्टे कै बाबत माणस थारै तै बैर करैगें, अर थमनै लिकाड़ देवैगें, अर थारी बुराई करैगें, अर थारा नाम भुण्डा जाणकै काट देवैगें| 23 “उस दिन आनन्द करकै कूदीयो, क्यूँके लखाओ, थारे खातर सुर्ग म्ह बड्डा प्रतिफळ सै; उनके बाप-दादे नब्बीयाँ कै गेल्या भी इसाए करया करैं थे| 24 “पर हाय थारै पै जो साहूकार सो, क्यूँके थमनै आपणी शान्ति मिलगी| 25 “हाय थारैपै जो छिकरे सो, क्यूँके भूक्खे होओगे| “हाय थारै पै जो इब हाँसो सो, क्यूँके मात्तम करोगे अर रोओगे| 26 “हाय थारै पै जिब्ब सारे माणस थारैताहीं आच्छा कहवै, क्यूँके उनके बाप-दादे झूठे नब्बियाँ कै गेल्या भी इसाए करै थे|
बेरियाँ तै प्रेम
27 “पर मै थम सूंणने आळयां तै कहूँ सूंं के आपणे बैरियां तै प्रेम राक्खो; जो थारै तै बैर करै, उनका भला करो| 28 जो थमनै सराप देवै, उन्नै आशीष दो; जो थारी बेइज्जती करै, उनकै खातर प्रार्थना करो| 29 जो तेरै एक गाल पै रैप्ट मारै उसकी ओड़ दूसरा भी फेर द्यो; अर जो तेरी धोती खोस ले, उसनै कुरता लेण तै भी मना मत करो| 30 जो कोए तेरैतै माँगै, उसनै दे; अर जो तेरी चीज खोस ले, उसतै माँगै ना| 31 जिसा थम चाहो सो के माणस थारे गेल्या करै, थम भी उनकै गेल्या उस्साए करो|” 32 “जै थम आपणे प्रेम राखण आळयां प्रेम राक्खो, तो थारी के बड़ाई? क्यूँके पापी भी आपणे प्रेम राखण आळयां कै गेल्या प्रेम राक्खै सै| 33 जै थम आपणे भलाई करणआळयां ए गेल्या भलाई करो सो, तो थारी के बड़ाई? क्यूँके पापी भी इसाए करै सै| 34 जै थम उन्नै उधार द्यो सो जिनतै दूबारै मिलण की आस राक्खो सो तो थारी के बड़ाई? क्यूँके पापी पापियाँ नै उधार देवै सै के उतनाए दूबारै पावै| 35 बल्के आपणे बैरी तै प्रेम राक्खो, अर भलाई करो, अर दूबारै मिलण की उम्मींद राख कै उधार ना द्यो; अर थारे खातर बड्डा फळ होवैगा, अर थम परमप्रधान की ऊलाद बणोगे, क्यूँके ओ उनपै जो धन्यवाद कोनी करदे अर भुण्डयां पै भी दया करै सै| 36 जिसा थारा बाप दयालु सै, उस्से ए ढाळ थम भी दयालु बणो|
दोष ना लाओ
37 “खोट ना काड्डो, तो थारै म्ह भी कोए खोट कोनी काड्या जावैगा| दोषी ना ठहराओ, तो थमनै भी कोए दोषी कोनी ठहरावैगा| बख्सो, तो थम भी बख्से जाओगे| 38 दिया करो तो थारै ताहीं भी दिया जावैगा| माणस पूरा नाप दबा दबाकै अर हला-हलाकै अर उभरदा होया थारी गोद्दी म्ह घाल्लैगें, क्यूँके जिस नाप तै थम नाप्पो सो, उस्से तै थारै खातर भी नाप्या जावैगा|” 39 फेर उसनै उनतै एक उदाहरण कह्या, “के आन्धा, आंधे नै राह बता सकै सै? के दोन्नु खड्डै म्ह कोनी गिरैगें? 40 चेल्ला आपणे गुरु तै बड्डा नीं, पर जो कोए सिद्ध होगा, ओ आपणे गुरु की ढाळ होगा| 41 तू आपणे भाई की आँख कै तिनके नै क्यातै देखै सै, अर आपणी ए आँख का लट्ठा तन्नै कोनी सूंझदा? 42 जिब्ब तू आपणी ए आँख का लट्ठा कोनी देख्दा; तो आपणे भाई तै किस तरियां कह सकै सै, ‘हे भाई; ठहर ज्या तेरी आँख म्ह तै तिनका काड द्यु’ ? हे कपटी, पह्ल्या आपणी आँख का लट्ठा तो काड, फेर जो तिनका तेरै भाई की आँख म्ह सै, उसनै सई तरियां तै देख कै काड सकैगा|
जिसा दरख्त उसा फळ
43 “कोए आच्छा दरख्त कोनी जो बेकार फळ ल्यावै, अर ना तो कोए बेकार दरख्त सै जो आच्छा फळ ल्यावै| 44 हरेक दरख्त आपणे फळ तै पिच्छाणा जावै सै; क्यूँके माणस झाड़ियाँ तै अंजीर कोनी तोड़दे अर ना झड़बेरी तै अंगूर| 45 भला माणस आपणे मन के भले भण्डार तै भली बात लिकाड़ै सै, अर भुण्डा माणस आपणे मन के भुण्डे भण्डार तै भुण्डी बात लिकाड़ै सै; क्यूँके जो मन म्ह भरया सै ओए उसकै मुँह पै आवै सै|
घर बनाण आळे दो माणस
46 “जिब्ब थम मेरा कहणा नीं मान्दे तो क्यातै मन्नै ‘हे प्रभु, हे प्रभु’ कहो सो? 47 जो कोए मेरै धोरै आवै सै अर मेरी बात्त्तां नै सुणकै उन्नै मान्नै सै, मै थम नै बताऊँ सूंं के ओ किसकी तरियां सै : 48 ओ उस माणस की ढाळ सै, जिसनै घर बणादें टैम धरती डून्घी खोदकै चट्टान पर नींव बणाई, अर जिब्ब बाढ़ आई तो धारा उस घर पै लाग्गी पर उसनै हल्ला नीं सकी; क्यूँके ओ पक्का बणरा था| 49 पर जो सुणकै कोनी मान्दा ओ उस माणस की ढाळ सै , जिसनै माट्टी पै बिना नींव घर बणाया, जिब्ब उस पै धारा लाग्गी तो ओ जिब्बे पड़ग्या अर पड़कै उसका सत्यानास होग्या|”
7एक सूबेदार का बिश्वास
1 जिब्ब उसनै माणसांं तै ये सारी बात कह दी, तो कफरनहूम म्ह आया| 2 उड़ै किसे सूबेदार का एक नौकर जो उसका प्यारा था, बीमारी तै मरण नै था| 3 उसनै यीशु का जिक्रा सुण कै यहूदियां के कई पुरनियां ताहीं उसतै या बिनती करण नै उसकै धोरै खन्दाया के आकै मेरै नौकर नै चंगा करै| 4 वे यीशु कै धोरै आए, अर उसतै घणी बिनती करकै कहण लाग्गे, "ओ इस जोग्गा सै के तू उसकै खातर न्यू करै, 5 क्यूँके ओ म्हारी जात तै प्रेम राखै सै, अर उस्से नै म्हारे आराधनालय ताहीं बणवाया सै|” 6 ज्यांतै यीशु उनकै गेल्या गया, पर जिब्ब ओ घर तै माड़ी-सी दूर था, तो सूबेदार नै उसके धोरै कई ढब्बीयां तै न्यू कुहवा भेज्या, "हे प्रभु, कांल ना होवै, क्यूँके मै इस जोग्गा कोनी के तू मेरी छात तळै आवै| 7 इसे करकै मन्नै खुद ताहीं इस जोग्गा भी कोनी समझया के तेरै धोरै आऊँ, पर बचन बोल दे, तो मेरा नौकर चंगा होज्या गा| 8 मै भी दुसरयां कै आधीन माणस सूंं, अर सिपाहीं मेरै हाथ म्ह सै; अर जिब्ब एक नै कहूँ सूंं, ‘जा,’ तो ओ जावै सै; अर आपणे किसे नौकर ताहीं के , ‘न्यू कर,’ तो ओ उसनै करै सै|” 9 न्यू सुण कै यीशु नै हैरानी होई अर उसनै मुँह फेरकै उस भीड़ तै जो उसकै गेल्या आवै थी, कह्या, “मै थमनै कहूँ सूंं के मन्नै इस्राएल म्ह भी इसा बिश्वास कोनी मिल्या|” 10 अर खन्दाये होये माणसांं नै घरा बोहड़कै उस नौकर ताहीं चंगा पाया|
बिधवा के बेट्टे ताहीं जीवन-दान
11 माड़े-से दिनां पाच्छै ओ नाईन नाम के एक नगर म्ह गया| अर उसके चेल्ले अर बड्डी भीड़ उसकै गेल्या जाण लागरी थी| 12 जिब्ब ओ नगर कै फाटक कै धोरै पहोच्या, तो लखाओ, माणस एक मुरदे नै बाहरण ले कै जावै थे; जो आपणी माँ का एक्ला बेट्टा था, अर वा बिधवा थी; अर नगर के घणखरे माणस उसकै गेल्या थे| 13 उसनै देखकै प्रभु नै तरस आया, अर उसतै कह्या, “मतना रोवै|” 14 फेर उसनै धोरै आकै अर्थी ताहीं छुया, अर ठाण आळे थमगे| फेर उसनै कह्या, “हे गाबरू, मै तन्नै कहूँ सूंं, उठ!” 15 फेर ओ मुर्दा उठ बैठ्या, बोल्लण लाग्या| उसनै उसताहीं उसकी माँ तै थमा दिया| 16 इसतै सारे डरगे, अर वे पणमेशर की बड़ाई करकै कहण लाग्गे, "म्हारे बिच्चाळै एक बड्डा नब्बी उठया सै, अर पणमेशर नै आपणे माणसांं पै दया की निंगाह फेरी सै|” 17 अर उसकै बारै म्ह या बात सारे यहूदिया अर ओरै-धोरै के सारे देशां म्ह फैलगी|
युहन्ना बपतिस्मा देणआळे का प्रश्न
18 यूहन्ना ताहीं उसके चेल्यां नै इन बात्त्तां की खबर दी| 19 फेर यूहन्ना नै आपणे चेल्यां म्ह तै दोवा ताहीं बुलाकै प्रभु कै धोरै न्यू बुझ्झण खातर खन्दाया, “के आणआळा तूए सै, या हम किसे और की बाट देक्खां?” 20 उन्नै उसकै धोरै आकै कह्या, “यूहन्ना बपतिस्मा देणआळे नै म्हारैताहीं तेरै धोरै न्यू बुझ्झण नै खन्दाया सै के आणआळा तूए सै, या किसे दुसरे की बाट देक्खां?” 21 उस्से बख्त उसनै घणाए ताहीं बीमारियाँ, अर कांल्ली, अर भूंडी औपरी आत्मां तै छुटाया; अर घणाए की आँख खोल दीं; 22 अर उसनै उनतै कह्या, “जो कीमे थमनै देख्या अर सुणया सै, जाकै यूहन्ना तै कह द्यो; के आंधे देक्खैं सैं, लंगड़े चालैं-फिरैं सैं, कोढ़ी शुद्ध करे जावैं सैं, बहरे सुणैं सैं, मुरदे जिन्दे करे जावैं सैं, अर कन्गालां ताहीं खुश-खबरी सुणयांई जावै सै| 23 धन्य सैं वे जो मेरै बाबत ठोकर नीं खांदें|” 24 जिब्ब यूहन्ना के खन्दाये होड़ माणस चले गये तो यीशु यूहन्ना कै बारै म्ह माणसांं तै कहण लागग्या, “थम बण म्ह के देखण गये थे? के बाळ म्ह हाल्दे होये सरकंडे नै? 25 तो फेर थम बण म्ह के देखण गये थे? के कोमल लत्त्ते पहरे होये माणस नै? लखाओ, जो चमकदे लत्त्ते पहरै अर अश-आराम म्ह रहवै सै, वे राजघरां म्ह रहवैं सैं| 26 तो फेर थम बण म्ह के देखण गये थे? के किसे नब्बी नै? हम्बै, मै थमनै कहूँ सूंं, बल्के नब्बी तै भी बड्डे नै| 27 यों ओए सै, जिसकै बारै म्ह लिख्या सै : ‘लखा, मै आपणे दूत नै तेरै आगै-आगै खन्दाऊँ सूंं, जो तेरै आगै तेरी राही सीधी करैगा|’ 28 मै थारैतै कहूँ सूंं के जो लुगाई तै जण्या सै, उनम्ह तै यूहन्ना तै बड्डा कोए कोनी : पर जो पणमेशर कै राज्य म्ह छोटै तै छोट्टा सै, ओ उसतै भी बड्डा सै|” 29 अर सारे सीधे माणसांं नै सुणकै अर चुंगी लेणआळे नै भी यूहन्ना का बपतिस्मा लेकै पणमेशर ताहीं साच्चा मान लिया सै| 30 पर फरिसियाँ अर व्यस्थापकां नै उसतै बपतिस्मा कोनी लेकै पणमेशर कै मनसां ताहीं आपणे बारै म्ह टाळ दिया|” 31 आखर मै इस युग कै माणसांं की बराबरी किसतै करूं के वे किसकै बरगे सैं? 32 वे उन बाळकां कै बरगे सैं जो बजार म्ह बैट्ठे होये एक दुसरै तै रुक्के मारकै कहवैं सैं, ‘हमनै थारै खातर बाँसली बजाई, अर थम कोनी नाचे; हमनै बिलाप करया, अर थम कोनी रोए!’ 33 क्यूँके यूहन्ना बपतिस्मा देणआळा ना रोट्टी खांदा आया, ना दाखरस पिन्दा आया, अर थम कहो सो, ‘उसम्ह भूंडी औपरी आत्मा सै|” 34 माणस का बेट्टा खान्दा-पिन्दा आया सै, अर थम कहो सो, ’लखाओ, पेट्टू अर पियक्कड़ माणस, चुंगी लेणिये का अर पापियाँ का ढब्बी|’ 35 पर ज्ञान आपणी सारी ऊलादा तै साच्चा ठहराया गया सै|"
फरीसी कै घरा पापण लुगाई ताहीं माफ़ी
36 फेर किसे फरीसी नै उसतै बिनती करी के ओ उसकै गेल्या खाणा खावै, आखर ओ उस फरीसी कै घरा जाकै खाणा खाण बैठ्या| 37 उस नगर की एक पापण लुगाई न्यू जाणकै के यीशु फरीसी कै घर म्ह खाणा खाण बैठ्या सै, संगमरमर कै बासण म्ह शैंट ल्याई, 38 अर उसकै पायां कै धोरै, पाच्छै खड़ी होकै, रोंदी होई उसकै पायां नै आंसूंंआ तै भेण लाग्गी अर आपणे सिर कै बाळां तै पुन्जण लाग्गी, अर उसके पायां नै बार-बार चूमकै उन पै शैंट मळ्या| 39 न्यू देखकै ओ फरीसी जिसनै उसताहीं बुलाया था, आपणे मन म्ह सोच्चण लागग्या, “जै यों नब्बी होन्दा तो जाण जांदा के या जो उसनै छूण लागरी सै, वा कौण अर कीसी लुगाई सै, क्यूँके वा तो पापण सै|” 40 यीशु नै उसतै जबाब दिया, “हे शमौन, मन्नै तेरै तै कीमे कहणा सै|” ओ बोल्या, “हे गुरु, कह|” 41 किसे साहूकार के दो देणदार थे, एक पांच सौ अर दूसरा पचास दिनार का देणदार था| 42 जिब्ब उनकै धोरै चूकाण नै कीमे नीं रह्या तो उसनै दोनुआ ताहीं माफ़ कर दिया| इसकरकै उनम्ह तै कौण उसतै घणा प्रेम राखैगा?” 43 शमौन नै जबाब दिया, “मेरी समझ म्ह ओ, जिसका घणा कर्जा माफ़ होया|” यीशु नै उसतै कह्या, “तन्नै सई कह्या सै|” 44 अर उस लुगाई कान्नी पलटकै उसनै शमौन तै कह्या, “के तू इस लुगाई नै देखै सै? मै तेरै घरा आया पर तन्नै मेरे पैर धौण नै पाणी कोनी दिया, पर इसनै मेरे पैर आंसूआं तै भेये अर आपने बाळां तै पूंजे| 45 तन्नै मेरैताहीं चूम्या नीं, पर जिब्ब तै मै आया सूंं जिब्बे तै इसनै मेरे पायां ताहीं चूमणा नीं छोड्या| 46 तन्नै मेरे सिर पै तेल कोनी मळ्या, पर इसनै मेरे पायां पै शैंट मळ्या सै| 47 इसकरकै मै तन्नै कहूँ सूंं के इसके पाप जो घणे थे, माफ होये, क्यूँके इसनै घणा प्रेम करया; पर जिसका घाट माफ होया सै, ओ घाट प्रेम करै था|” 48 अर उसनै लुगाई तै कह्या, “तेरे पाप माफ़ होए|” 49 फेर जो माणस उसकै गेल्या खाणा खाण नै बैट्ठे थे, वे आपणे-आपणे मन म्ह सोच्चण लाग्गे, “यों कौण सै जो पाप नै भी माफ करै सै?” 50 पर उसनै उस लुगाई ताहीं कह्या, “तेरै बिश्वास नै तेरै ताहीं बचा लिया, राज्जी-ख़ुशी चली जा|”
8यीशु की शिक्षां
1 इसकै बाद ओ नगर-नगर अर गाम-गाम प्रचार करदा होया, अर पणमेशर कै राज्य की सुसमाचार सुणान्दा होया हांडण लाग्या, अर वे बारहा उसकै गेल्या थे, 2 अर कीमे लुगाईं भी थी जो भूंडी औपरी आत्मायाँ तै अर बीमारियाँ तै छुटाई गईं थीं, अर वे ये सै : मरियम जो मगदलीनी कुह्वावै थी, जिसम्ह तै सात भूंडी औपरी आत्मा लिकड़ी थीं, 3 अर हेरोदेस के भण्डारी खोजा की बीरबान्नी योअन्ना, अर सूंंसन्नाह, अर घणखरी दूसरी लुगाईं| ये आपणे धन तै उसकी सेवा-बाड़ी करै थीं|
बीज बोण आळे का उदाहरण
4 जिब्ब बड्डी भीड़ कट्ठी होई अर नगर-नगर के माणस उसकै धोरै चालकै आवै थे, तो उसनै उदाहरण म्ह कह्या 5 “एक बोण आळा बीज बोण लिकड़या| बोंदे होये कीमे बीज राही कै कंठारै पड़या, अर रोंद्या गया, अर अकास के पन्छियां नै उसताहीं चुग लिया| 6 कीमे बीज चट्टान पै पड़या, अर जाम्या, पर आल ना मिलण कै कारण सूखग्या| 7 कीमे झाड़ियाँ कै बिच्चाळै पड़या, अर झाड़ियाँ नै गेलै-गेलै सरककै उसताहीं दबा दिया| 8 कीमे बढ़िया धरती पै पड़या, अर उगकै सौ गुणा फळ ल्याया|” न्यू कहकै उसनै ठाड्डू बोल तै कह्या, “जिसके सुणन के कान हो ओ सुण ले|”
उदाहरणां का मकसद
9 उसके चेल्यां नै उसतै बुझ्झया के इस उदाहरण का के मतलब सै? 10 उसनै कह्या, “थारै ताहीं पणमेशर कै राज्य के भेद्दां की समझ दे राक्खी सै, पर औरां नै उदाहरणां म्ह सुणयांया जावै सै, इसकरकै के ‘वे देखदे होए भी कोनी देखै, अर सुणदे होए भी कोनी समझैं |”
बीज बोण आळे उदाहरण का मतलब
11 उदाहरण का मतलब यों सै : बीज पणमेशर का बचन सै 12 राही कै कंठारै के वे सै, जिन्नै सुणयां; फेर शैतान आकै उनकै मन म्ह तै बचन ठा ले जावै सै के कदे इसा ना हो के वे बिश्वास करकै उद्धार पावै| 13 चट्टान पै के वे सैं के जिब्ब सुणैं सैं, तो राज्जी होकै बचन नै अपणावैं सैं, पर जड़ कोनी पकड़दे वे माड़ी वार ताहीं बिश्वास राक्खैं सैं अर हिम्तान कै बख्त बहक जावैं सैं| 14 जो झाड़ियाँ म्ह पड़या, यों वे सैं जो सुणैं सैं, पर आगै जाकै चिन्ता, अर धन, अर जिन्दगी के ऐश-आराम म्ह फँस जावैं सैं अर उनका फळ कोनी पकदा| 15 पर बढ़िया धरती के वे सैं, जो बचन सुणकै भले अर आच्छे मन तै साम्मे राखैं सैं, अर धीरज तै फळ ल्यावै सैं|
दीवै का उदाहरण
16 “कोए दिवा बाळ कै बास्सण तै कोनी ढकदा, अर ना खाट तळै धरै सै, पर दीवट पै धरै सै के भीत्त्तर आणआळे चाँदणा पावै| 17 कीमे लुहक्या कोनी जों दिखाया कोनी जावै, अर ना कीमे लहको सै जो जाणी नीं जावै अर दिख्दी ना हो| 18 ज्यांतै चौकस रहो के थम किस तरियां सुणो सो? क्यूँके जिसकै धोरै सै उसतै दिया जावैगा, अर जिसकै धोरै नीं सै उसतै ओ भी ले लिया जावैगा, जिसनै ओ आपणा समझै सै|”
यीशु के माँ अर भाईं
19 उसकी माँ अर उसके भाई उसकै धोरै आए, पर भीड़ कै बाबत उसतै फेट नीं सके 20 उसतै कह्या गया, “तेरी माँ अर तेरे भाई बाहरण खड़े होए, तेरै तै फेटणा चाहवैं सैं|” 21 उसनै इसकै जबाब म्ह उनतै कह्या, “मेरी माँ अर मेरे भाई यए सैं, जो पणमेशर का बचन सुणै अर मान्नैं सैं|”
आँधी ताहीं शान्त करणा
22 फेर एक दिन ओ अर उसके चेल्ले किस्ती पै चढ़े, अर उसनै उनतै कह्या, “आओ, झील कै परली ओड़ चाल्ला|” आखर उन्नै किस्ती खोल दी| 23 पर जिब्ब किस्ती चालरी थी, तो ओ सोग्या : अर झील पै आंधी आ गी, अर किस्ती पाणी तै भरण लाग गी अर वे खतरै म्ह थे| 24 फेर उन्नै धोरै आकै उसताहीं जगाया, अर कह्या, “हे मालिक! हे मालिक! म्हारा नास होण नै होरया सै|” फेर उसनै उठकै आँधी ताहीं अर पाणी की झालां ताहीं धमकाया अर वे थम्गे अर शान्ति होई| 25 फेर उसनै उनतै कह्या, “थारा बिश्वास कित था?” पर वे डरगे अर हैरान होकै आपस म्ह कहण लाग्गे, “यो कौण सै जो आँधी अर पाणी नै भी हुक्म देवै सै, अर वे उसकी मान्नैं सैं?”
एक माणस ताहीं चंगा करणा जिस म्ह भूंडी औपरी आत्मा थी
26 फेर वे गिरासेनियां कै देश म्ह पहोच्चे, जो उस पार गलील कै स्याम्ही सै| 27 जिब्ब ओ कंठारै पै उतरया तो उस नगर का एक माणस उसतै फेट्या जिसम्ह भूंडी औपरी आत्मां थीं| ओ घणे दिनां तै उघाड़ा था अर ना घरा रहवै था बल्के चांणीयां ( कब्रिस्तान) म्ह रहवै था| 28 ओ यीशु नै देखकै किल्की मारण लाग्या अर उसकै स्याम्ही पड़कै ठाड्डू बोल तै कह्या, “हे परम प्रधान पणमेशर के बेट्टे यीशु! मन्नै तेरैतै के काम? मै तेरैतै बिनती करूं सूंं, मन्नै कांल ना करै|” 29 क्यूँके ओ उस भूंडी औपरी आत्मा ताहीं उस माणस म्ह तै लिकड़ण का हुक्म देवै था, इसकरकै के ओ उस पै बार-बार हावी होवै थी| ऊतो माणस उसनै साँकळां अर बेलां तै जुड़ै थे फेरभी ओ बंधना नै तोड़ देवै था, अर भूंडी औपरी आत्मा उसनै बण म्ह भजाए फिरै थी| 30 यीशु नै उसतै बुझ्झया, “तेरा के नाम सै? उसनै कह्या, “फ़ौज,” क्यूँके घणी औपरी आत्मां उसम्ह रहवैं थीं| 31 उन्नै उसतै बिनती करी के हमनै अथाह खड्डै म्ह जाण का हुक्म ना देवै| 32 उड़ै पहाड़ पै सूंंअरां का एक बड्डा टोळ चरै था, इसकरकै उन्नै उसतै बिनती करी के हमनै उनम्ह पैठने दे| उसनै उनताहीं जाण दिया| 33 फेर भूंडी औपरी आत्मां उस माणस म्ह तै लिकड़ कै सूंंअरां म्ह जा पड़ी अर ओ टोळ कड़ाड़े पै तै झपटकै झील म्ह जा पड़या अर डूब मरया| 34 पाळीं यों जो होया था देखकै भाज्जे, अर नगर म्ह अर गाम्मां म्ह जाकै उसकी खबर दी| 35 माणसांं जो होया था उसनै देखण नै लिकड़े, अर यीशु कै धोरै आकै जिस माणस तै भूंडी औपरी आत्मां लिकड़ी थी, उसनै यीशु के पायां कै धोरै लत्त्ते पहरे अर होश म्ह बैट्ठे होये पाकै डरगे; 36 अर देखणआळे नै उनताहीं बताया के ओ भूंडी औपरी आत्मायां का कांल करया होड़ माणस किस तरियां ठीक होया| 37 फेर गिरासेनियां कै ओरै-धोरै के सारे माणसांं नै यीशु तै बिनती करी के म्हारै उरै तै चल्या जा; क्यूँके वे घणे डरगे थे| आखर म्ह ओ किस्ती पै चढ़कै बोहड़ आया| 38 जिस माणस म्ह भूंडी औपरी आत्मां लिकड़ी थीं ओ उसतै बिनती करण लागग्या के मन्नै आपणे गेल्या रहण दे, पर यीशु नै उस ताहीं बिदा करकै कह्या, 39 “आपणे घरा बोहड़ जा अर माणसांं तै बता के पणमेशर नै तेरै खातर किसे बड्डे-बड्डे काम करे सैं|" ओ जाकै सारे नगर म्ह प्रचार करण लाग्या के यीशु नै मेरै खातर किसे बड्डे-बड्डे काम करे|
याईर की मरी होई बेट्टी अर रोगी लुगाई
40 जिब्ब यीशु बोहड़या तो माणस उसतै राज्जी होकै फेट्टे, क्यूँके वे सारे उसकी बाट देक्खै थे| 41 इतनै म्ह याईर नामक एक माणस जो आराधनालय का सरदार था, आया अर यीशु कै पायां म्ह पड़कै उसतै बिनती करण लागग्या के मेरै घरा चाल, 42 क्यूँके उसकी बारहा साल की एकल्ली बेट्टी थी, अर वा मरण नै होरी थी| जिब्ब ओ जावै था, जद माणस उस पै गीरै पड़ै थे| 43 एक लुगाई नै जिसकै बारहा साल तै लहू बहण की बीमारी थी, अर जो आपणी सारी कमाई डाक्टरां कै पाच्छै बरतगी थी, फेरभी किसे कै हाथ तै चंगी कोनी हो सकी थी, 44 पाच्छै तै आकै उसके लत्त्ते कै पल्ले नै छुया, अर जिब्बे उसका लहू बहणा बन्द होगा| 45 इस पै यीशु नै कह्या, “मेरैताहीं किसनै छुया?” जिब्ब सारे नाट्टण लाग्गे, तो पतरस अर उसके ढब्बीया नै कह्या, “हे मालिक, तन्नै तो भीड़ दबाण लागरी सै अर तेरैपै पड़ण लागरी सै|” 46 पर यीशु नै कह्या, “किसे नै मेरै ताहीं छुआ सै, क्यूँके मन्नै बेरा पाटग्या के मेरै म्ह तै सामर्थ लिकड़ी सै|” 47 जिब्ब लुगाई नै देख्या के मै लुहक कोनी सकदी, फेर काम्बदी होई आई अर उसकै पायां पै पड़कै सारे माणसांं कै स्याम्ही बताया के उसनै किस कारण उस ताहीं छुया, अर किस तरियां जिब्बे चंगी होई| 48 उसनै उसतै कह्या, “बेट्टी, तेरै बिश्वास नै तेर ताहीं चंगा करया सै, राज्जी-राज्जी चली जा|” 49 वा न्यू कहे री थी के किसे नै आराधनालय कै सरदार कै उरै तै आकै कह्या, “तेरी छोरी मर ली सै : गुरु नै कांल ना करै|” 50 यीशु नै न्यू सुण कै उसतै जबाब दिया, “मतना डरै; सिर्फ बिश्वास रख, तो वा बच जावैगी|” 51 घर म्ह आकै उसनै पतरस, यूहन्ना, याकूब, अर छोरी के माँ-बाप नै छोड़ दूसरे किसे नै आपणे गेल्या भीत्त्तर कोनी आण दिया| 52 सारे उसकै बाबत रोण-पिट्टण लागरे थे, पर उसनै कह्या, “रोओ मतना; वा मरी कोनी पर सोवै सै|” 53 वे न्यू जाण कै के वा मरगी सै उसका मखौल करण लाग्गे| 54 पर उसनै उसका हाथ पकड़या, अर रुक्का मारकै कह्या, “हे छोरी, उठ!” 55 फेर उसका जी बोहड़ आया अर वा जिब्बे उठ बैट्ठी| फेर उसनै हुक्म दिया के उसनै कीमे खाण नै द्यो| 56 उसकै माँ-बाप हैरान होए, पर उसनै उन ताहीं चिताया के यो जो होया सै किसे तै ना कहियो|
9बारहां प्रेरितां का खन्दाया जाणा
1 फेर उसनै बारहा ताहीं बुलाकै उन्नै सारी भूंडी औपरी आत्मायां अर बीमारियाँ ताहीं दूर करण की सामर्थ अर हक्क दिया, 2 अर उन्नै पणमेशर कै राज्य का प्रचार करण अर बिमारां ताहीं आच्छा करण खातर खन्दाया| 3 उसनै उनतै कह्या, राह खातर कीमे ना लियो, ना तो लाठी, ना झोळी, ना रोट्टी, ना रपिये अर ना दो-दो कुरते| 4 जिस किसे घर म्ह उतरो, उड़ए रहो, अर उड़ए तै बिदा होइयो| 5 जो कोए थमनै नीं अपणावै, उस नगर तै जांदे होये आपणे पायां की धुळ झाड़ दियो के उन पै गवाही होवै|” 6 आखर म्ह वे लिकड़ कै गाम-गाम सुसमाचार सुणान्दे, अर हरेक माणसांं नै चंगा करदे होये हांडदे रहे|
हेरोदेस की उलझन
7 देश के चौथाई राजा हेरोदेस यों सारा सुण कै घबराग्या, क्यूँके कीमे नै कह्या, के यूहन्ना मरे होया म्ह तै जिन्दा होया सै, 8 अर कुछां नै न्यू कह्या के एलिय्याह दिख्या सै, अर औरां नै न्यू के पुराणे नब्बियाँ म्ह तै कोए जिन्दा होया सै| 9 पर हेरोदेस नै कह्या, “यूहन्ना का तो मन्नै सिर कटवाया, इब यो कौण सै जिसकै बाबत इसी बात सुणु सूंं?” अर उसनै उसताहीं देखण की चाहन्ना करी|
पाँच हजार माणसां ताहीं खुवाणा
10 फेर प्रेरितां नै बोहड़कै जो कीमे उन्नै करया था, उसताहीं बता दिया; अर ओ उन्नै न्यारे करकै बैतसैदा नामक नगर म्ह लेग्या| 11 न्यू जाण कै भीड़ उसकै गेल्या हो ली, अर ओ राज्जी होकै उनतै फेट्या, अर उन तै पणमेशर कै राज्य की बात करण लाग्या, अर जो चंगे होणा चाहवै थे उन ताहीं चंगा करया| 12 जिब्ब दिन छिपण लाग्या तो बारहा नै आकै उसतै कह्या, “भीड़ नै जाण दे के चौगरदे के गाम्मां अर बगड़ां म्ह जाकै ठहरै अर खाणै का जुगाड़ करै, क्यूँके हम उरै बियाबान जंगहा म्ह सां|” 13 उसनै उनतै कह्या, “थमए उन्नै खाण नै द्यो|” उन्नै कह्या, “म्हारै धोरै पाँच रोट्टी अर दो मच्छीयां नै छोड़ कै और कीमे कोनी; पर हम्बै, जै हम जाकै इन सारया खातर खाणा मोल ल्यावां, फेर हो सकै सै|” वे माणस तो पाँच हजार माणसांं कै करीबन थे| 14 फेर उसनै आपणे चेल्यां तै कह्या, “उन्नै पचास-पचास करकै लैणपतार बिठा द्यो|” 15 उन्नै न्यूए करया, अर सारया ताहीं बिठा दिया| 16 फेर उसनै वे पाँच रोटियाँ अर दो मच्छियाँ ली, सुर्ग कान्नी लखाकै धन्यवाद करया, अर तोड़-तोड़कै चेल्यां ताहीं देंदा गया के माणसांं ताहीं बांडै| 17 फेर सारे खाकै छिकगे, अर चेल्यां नै बचे होड़ टुकड़यां तै बारहां टोकरी भरकै ठाई|
पतरस का यीशु ताहीं ’मसीह’ स्वीकार करणा
18 जिब्ब ओ एक्लै म्ह प्रार्थना करै था अर चेल्ले उसकै गेल्या थे, तो उसनै उनतै बुझ्झया, “माणस मन्नै के कहवैं सैं?” 19 उन्नै जबाब दिया, “यूहन्ना बपतिस्मा देवण आळा, अर कोए एलिय्याह, अर कोए यों के पुराणे नब्बियाँ म्ह तै कोए जिन्दा होया सै|” 20 उसनै उनतै बुझ्झया, “पर थम मन्नै के कहो सो? पतरस नै जबाब दिया, “पणमेशर का मसीह|” 21 फेर उसनै उनतै चिताकै कह्या के न्यू किस्से ना कहियो|
अपणी मौत कै बारै म्ह यीशु की भविष्यवाणी
22 फेर उसनै कह्या, “माणस कै बेट्टे खातर जरूरी सै के ओ घणा दुःख ठावै, अर पुर्णीए अर प्रधान याजक अर शास्त्री उसनै माड़ा समझ कै मार देवै, अर ओ तीसरै दिन जिन्दा होज्या|”
यीशु कै पाच्छै चाल्लण का मतलब
23 उसनै सारया तै कह्या, जै कोए मेरै गेल्या आणा चाहवै, तो खुद तै नाट्टै अर हरेक दिन आपणा क्रूस ठाए मेरै गेल्या हो ले| 24 क्यूँके जो कोए आपणी ज्यान बचाणा चाहवैगा ओ उसनै खोवैगा, पर जो कोए मेरी खातर आपणी ज्यान खोवैगा ओए उसनै बचावैगा| 25 जै माणस सारी दुनिया नै पा ले अर आपणी ज्यान खो दे या उसका नुकसान ठावै, तो उसनै के फैयदा? 26 जो कोए मेरैतै अर मेरी बात्त्तां तै सरमावैगा, माणस का बेट्टा भी, जिब्ब आपणी अर आपणे बाप की अर पवित्र सुर्गदुत्त्तां की महिमा सुदा आवैगा, तो उसतै सरमावैगा| 27 मै थमनै साच्ची कहूँ सूंं, के जो याड़़ै खड़े सैं, उनम्ह तै कीमे इसे सैं के जिब्ब ताहीं पणमेशर का राज्य ना देख लेवैं, जद ताहीं मौत का सुआद कोनी चाखैगें|”
यीशु का रूपान्तर
28 इन बात्त्तां कै कोए आठ दिनां पाच्छै ओ पतरस, यूहन्ना अर याकूब नै गेल्या लेकै प्रार्थना करण खातर पहाड़ पै गया| 29 जिब्ब ओ प्रार्थना करै था, तो उसकै मुँह का रूप बदलग्या, अर उसके लत्त्ते धोळे होकै चमकण लाग्गे| 30 अर लखाओ, मूसा अर एलिय्याह ये दो माणस उसकै गेल्या बतळावै थे| 31 ये महिमा सुदा दिख्खे अर उसकै मरण का जिक्रा करै थे, जो यरूशलेम म्ह होण आळा था| 32 पतरस अर उसके ढब्बी नींद म्ह होरे थे, अर जिब्ब सई तरियां सोद्दी म्ह आए, तो उसकी महिमा अर उन दो माणसांं नै, जो उसकै गेल्या खड़े थे, देख्या| 33 जिब्ब वे उसकै धोरै तै जाण लाग्गे, तो पतरस नै यीशु तै कह्या, "हे मालिक, म्हारा उरै रहणा भला सै : आखर म्ह हम तीन मण्डप बणावां, एक तेरै खातर, एक मूसा खातर, एक एलिय्याह कै खातिर|” उसनै बेरा कोनी था के कह के रह्या सै| 34 ओ न्यू कहवैए था के एक बादळ नै आकै उन पै छाया करी, अर जिब्ब वे उस बादळ तै घिरण लाग्गे तो भय मानगे| 35 फेर उस बादळ म्ह तै यों बचन लिकड़या, “यो मेरा बेट्टा अर मेरा छांटया होया सै, इसकी सुणो|” 36 या आवाज होंदए यीशु एक्ला होग्या; अर वे बोल-बाल्ले रहे, अर जो कीमे देख्या था उसकी कोए बात उन दिनां म्ह किस्से तै नीं कही|
एक बाळक ताहीं चंगा करणा जिस म्ह भूंडी औपरी आत्मा थी
37 दुसरै दिन जिब्ब ओ पहाड़ तै उतरया तो एक बड्डी भीड़ उस तै आ फेट्टी| 38 अर लखाओ, भीड़ म्ह तै एक माणस नै किल्की मारकै कह्या, "हे गुरु, मै तेरै तै बिनती करूं सूंं के मेरै बेट्टे पै दया की निंगाह फेर दे; क्यूँके ओ मेरा एक्ला बेट्टा सै| 39 अर लखा, एक भूंडीऔपरी आत्मा उसनै पकड़ै थी, अर ओ चाणचक किल्की मारै था; अर वा उसनै इसा मरोड़ै थी के ओ मुँह तै झाग फैक्कै था; उसनै रोंदकै घणी मुश्किल तै छोड्डै थी| 40 मन्नै तेरे चेल्यां तै बिनती करी के उसनै लिकाड़ै, पर वे कोनी काड सके|” 41 यीशु नै जबाब दिया, “हे अबिश्वासी अर जिद्दी माणसो, मै कद ताहीं थारै गेल्या रहूँगा अर थारी ओट्टूगाँ? आपणे बेट्टे नै उरै लिया|” 42 जिब्ब ओ आवै था तो भूंडी औपरी आत्मा नै उस ताहीं पटक कै मरोड़या, पर यीशु नै उस भूंडी औपरी आत्मा ताहीं धमकाया अर छोरै ताहीं ठीक करकै बाप तै थमा दिया| 43 फेर सारे माणस पणमेशर कै घणे सामर्थ तै हैरान होए|
अपणी मौत का बारै म्ह यीशु की दुबारा भविष्यवाणी
पर जिब्ब सारे माणस उन सारे कारनाम्यां तै जो ओ करै था, हक्के-बक्के थे, तो उसनै आपणे चेल्यां तै कह्या, 44 “थम इन बात्त्तां पै गौर करो, क्यूँके माणस का बेट्टा माणसांं कै हाथां तै पकड़वाया जाण नै सै|” 45 पर वे इस बात नै कोनी समझै थे, अर या बात उनतै लुहकी रही के उन्नै उसका बेरा नीं पाट्टै; अर वे इस बात कै बारै म्ह उसतै बुझ्झण तै डरै थे|
सारया तै बड्डा कौण
46 फेर उनम्ह या बहस होण लाग्गी के म्हारै तै बड्डा कौण सै| 47 पर यीशु नै उनकै मन के बिचारां ताहीं पढ़ लिया, अर एक बाळक नै लेकै आपणै धोरै खड़या करया, 48 अर उनतै कह्या, “जो कोए मेरै नाम तै इस बाळक नै अपणावै सै, ओ मन्नै अपणावै सै; अर जो कोए मन्नै अपणावै सै, ओ मेरै खन्दाण आळै नै भी अपणावै सै, क्यूँके जो थारै म्ह सारया म्ह छोटे तै छोट्टा सै, ओए बड्डा सै|”
जो बिरोध म्ह नीं, ओ मेर म्ह सै
49 फेर यूहन्ना नै कह्या, “हे मालिक, हमनै एक माणस ताहीं तेरै नाम तै भूंडी औपरी आत्मा लिकाड़दे देख्या, अर हमनै उस तै मना करया, क्यूँके ओ म्हारै गेल्या तेरै पाच्छै कोनी आन्दा|” 50 यीशु नै उसतै कह्या, उसनै नाट्टो ना; क्यूँके जो थारै बिरोध म्ह नीं, ओ थारै कान्नी सै|”
सामरियाँ द्वारा यीशु का बिरोध
51 जिब्ब उसके उप्पर ठाए जाण के दिन पुरे होण पै थे, तो उसनै यरूशलेम जाण का बिचार पक्का करया| 52 उसनै आपणै आगै दूत खन्दाए| वे सामरियाँ कै एक गाम म्ह गए के उसकै खातर जंगहा त्यार करै| 53 पर उन माणसांं नै उसताहीं उतरण कोनी दिया, क्यूँके ओ यरूशलेम जावै था| 54 न्यू देखकै उसके चेल्ले याकूब अर यूहन्ना नै कह्या, “हे प्रभु, तू के चाहवै सै के हम हुक्म देवां, के अकास तै आग गिरकै उन्नै भस्म कर दे?” 55 पर उसनै बोहड़ कै उनताहीं धमकाया [अर कह्या, "थम नीं जाणदे के थम किसी आत्मा के सो| क्यूँके माणस के बेट्टा लोग्गां नै ज्यान तै मारण कोनी आया, बल्के उन्नै बचाण आया सै|”] 56 अर वे किसे दुसरै गाम म्ह चले गये|
यीशु का चेल्ला बनण का मूल्य
57 जिब्ब वे राह म्ह जावै थे, तो किसे नै उस तै कह्या, “जित-जित तू जावैगा, मै तेरै पाच्छै हो ल्यूँगा|” 58 यीशु नै उस तै कह्या, “लोमड़ीयां के घुरकुल्ली अर अकास के पन्छियां के घोसले होवैं सैं, पर माणस के बेट्टे खातर सिर लहकोण नै जंगहा कोनी|” 59 उसनै दुसरै तै कह्या, “मेरै पाच्छै हो ले|” पर उसनै जबाब दिया, “हे प्रभु, मन्नै पह्ल्या जाण दे के मै आपणै बाप नै गाड़ आऊँ|” 60 उसनै उसतै कह्या, “मरे होया नै आपणे मुरदे गाडण द्यो, पर तू जाकै पणमेशर कै राज्य की कहानी सुणा|” 61 एक और नै भी कह्या, “हे प्रभु, मै तेरै पाच्छै हो लूँगा; पर पह्ल्या मन्नै जाण दे के आपणे घरा के माणसांं तै बिदा ली याऊँ|” 62 यीशु नै उसतै कह्या, “जो कोए आपणा हाथ हळ पै धरकै पाच्छै देक्खै सै, ओ पणमेशर के राज्य कै जोग्गा कोनी|”
10सत्तर चेल्यां का खन्दाया जाणा
1 इन बात्त्तां कै बात प्रभु नै सत्तर और माणस पक्के करे, अर जिस-जिस गाम अर जंगहा पै ओ खुद जाण आळा था, उड़ै उन्नै दो-दो करकै आपणे आगै खन्दाया| 2 उसनै उनतै कह्या, "पके होये खेत घणे सैं, पर लमणीयारे घाट सैं; इसकरकै खेत कै मालिक तै बिनती करो के ओ आपणे खेत काट्टण नै लमणीयारे खन्दावैं| 3 जाओ; लखाओ, मै थमनै भेड्डां कै तरियां भेड़ीयाँ कै बिच्चाळै म्ह खन्दाऊँ सूंं| 4 इसकरकै ना बटुआ, ना झोळी, ना जुत्ते ल्यो; अर ना राह म्ह किसे तै नमस्कार करो| 5 जिस किसे घर म्ह जाओ, पहल्लै कहो, ’इस घर पै उद्धार हो|’ 6 जै उड़ै कोए उद्धार कै जोग्गा होगा, तो थारा उद्धार उस पै थमैगा, नीं तो थारै धोरै बोहड़ आवैगा| 7 उस्से घर म्ह रहो, अर जो कीमे उनतै मिलै, ओए खाओ-पीओ, क्यूँके मजदूर नै आपणी मजदूरी मिलणी चाहिए; घर-घर नीं हांडणा| 8 जिस नगर मै जाओ, अर उड़ै के माणस थमनै उतारै, तो जो कीमे थारै स्याम्ही धरया जावै ओए खाओ| 9 उड़ै के बिमाराँ नै चंगा करो अर उनतै कहो, ’पणमेशर का राज्य थारै धोरै आण पहोच्या सै|’ 10 पर जिस नगर म्ह जाओ, अर उड़ै कै माणस थमनै नीं अपणावैं, तो उसके बजारां म्ह जाकै कहो, 11 ’थारै नगर की धूळ भी, जो म्हारे पायां म्ह लाग्गी सै, हम थारै स्याम्ही झाड़ देवां सां; फेरभी न्यू जाण ल्यो के पणमेशर का राज्य थारै धोरै आण पहोच्या सै|" 12 मै थमनै कहूँ सूंं के उस दिन उस नगर हालत घणी सहण जोग्गी होवैगी|
अबिश्वासी नगरां नै धिक्कार
13 “हाय खुराजिन ! हाय बैतसैदा ! जो सामर्थ के कारनाम्मे थारै म्ह करे गए, जै सूर-सैदा म्ह करे जांदे तो टाट ओढकै अर राख पै बैठ कै वे कद के मन पलटदे| 14 पर न्याय कै दिन थारी हालत तै सूर-सैदा की हालत घणी सहण जोग्गा होगी| 15 अर हे कफरनहूम, के तू सुर्ग ताहीं ऊँच्चा करया जावैगा? तू तो अधोलोक ताहीं तळै जावैगा| 16 “जो थारी सुणै सै, ओ मेरी सुणै सै; अर जो थमनै निच्चा समझै सै, ओ मन्नै निच्चा समझै सै; अर जो मन्नै निच्चा समझै सै; ओ मेरे खन्दाणआळै ताहीं निच्चा समझै सै|”
सत्तर चेल्यां का लौटना
17 वे सत्तर राज्जी होंदे होये बोह्ड़े अर बोल्ले, “हे प्रभु, तेरै नाम तै भूंडी औपरी आत्मा भी म्हारे काब्बू म्ह सै|” 18 उसनै उनतै कह्या, “मै शैतान ताहीं बिजळी की तरियां सुर्ग तै पड़या होड़ देख रह्या था| 19 लखाओ, मन्नै थारै ताहीं साँपां अर बिच्छुआं ताहीं रोंदण का, अर बैरी की सारी सामर्थ पै हक्क दिया सै; अर किसे चीज तै थम नै कीमे टोट्टा कोनी होवैगा| 20 फेरभी इतने राज्जी मतना होवो के आत्मा थारै काब्बू म्ह सै, पर इसतै राज्जी होवो थारे नाम सुर्ग पै लिक्खे सै|”
यीशु का आनन्दित होणा
21 उस्से बख्त ओ पवित्रआत्मा म्ह होकै ख़ुशी तै भरग्या, अर बोल्या, “हे पिता, सुर्ग अर धरती के प्रभु, मै तेरा धन्यवाद करूं सूंं के तन्नै इन बात्त्तां ताहीं ज्ञानियाँ अर श्याणा तै ल्कोए राख्या, अर बाळकां पै प्रगट करया| हम्बै, हे पिता, क्यूँके तन्नै योए भाया| 22 मेरे बाप नै मेरै तै सारा कीमे सौप दिया सै; अर किस्से नै नीं बेरा के बेट्टा कौण सै, सिवा बाप के, अर बाप कौण सै न्यू भी किस्से नै कोनी बेरा सिवाए बेट्टे कै, अर ओ जिस पै बेट्टा उस ताहीं प्रगट करणा चाहवै|” 23 फेर चेल्यां की ओड़ बोहड़ कै एक्लै म्ह बोल्या, “धन्य सै वे आँख, जो ये बात जो थम देक्खो सो, देक्खै सै| 24 क्यूँके मै थारै तै कहूँ सूंं के घण खरे नब्बियाँ अर राजायां नै चाह्या के जो बात थम देक्खो सो, देक्खै, पर कोनी देक्खी, अर जो बात थम सुणो सो सुणै पर कोनी सुणी|”
दयालु सामरी का उदाहरण
25 अर लखाओ, एक व्यस्थापक उठ्या अर न्यू कहकै उसका हिम्तान लेण लाग्या, “हे गुरु, अनन्त जीवन का वारिस होण खातर मै के करूं?” 26 उसनै उसतै कह्या, “व्यवस्था म्ह के लिख्या सै? तू किस तरियां पढ़ै सै?” 27 उसनै जबाब दिया, “तू प्रभु, आपणे पणमेशर तै आपणे सारै मन अर आपणे सारै जी अर आपणे सारै दम अर आपणी सारी अक्ल कै गेल्या प्रेम राख; अर आपणे पड़ोसी तै आपणे जिसा प्रेम राख|” 28 उसनै उसतै कह्या, “तन्नै सई कह्या, “न्यू करिये जिबे तू जिन्दा रहवैगा|” 29 पर उसनै खुद ताहीं धर्मी ठहराण की मर्जी तै यीशु तै बुझ्झया, “तो मेरा पड़ोसी कौण सै? 30 यीशु नै जबाब दिया, “एक माणस यरूशलेम तै यरीहो नै जावै था के डाकुआं नै घेर कै उसके लत्त्ते तार लिये, अर पिट-छेत कै उसताहीं अधमरा छोड़कै चले गये| 31 अर इसा होया के उस्से राही तै एक याजक जावै था, पर उसनै देखकै टळकै चल्या गया| 32 इस्से ढाळ एक लेवी उस ठोड़ या जंगहा पै आया, ओ भी टळकै चल्या गया| 33 पर एक सामरी मुसाफर ओड़ै तै लिकड़या, अर उस ताहीं देखकै तरस खाया| 34 उसनै उसकै लोवै आकै उसके घायाँ पै तेल अर दाखरस गेरकै पट्टी बाँधीं, आपणी सवारी पै चढ़ा कै सराय म्ह लेग्या, अर उसकी सेवा-पाणी करी| 35 दुसरे दिन उसनै दो दीनार काड कै सराय कै मालिक तै दिये, अर कह्या, “इसकी सेवा-पाणी करिये, अर जो कीमे तेरा और लागैगा, ओ मै बोहड़दा होया भर द्युगां|” 36 इब तेरी समझ म्ह जो डाकुआं म्ह घिरग्या था, इन तीनां म्ह तै उसका पड़ोसी कौण ठहरया?” 37 उसनै कह्या, “ओए जिसनै उस पै दया करी|” यीशु नै उसतै कह्या, “जा, तू भी न्यूए करया कर|”
मार्था अर के घर यीशु
38 जिब्ब वे जावै थे तो ओ एक गाम म्ह गया, अर मार्था नाम की एक लुगाई नै उसताहीं आपणे घरा तारया| 39 मरियम नाम की उसकी एक बेब्बे थी| वा प्रभु कै पायां म्ह बैठकै उसका बचन सुणै थी| 40 पर मार्था सेवा-पाणी करदे-करदे घबरा गी, अर उसकै लवै आकै कहण लाग्गी, “हे प्रभु, के तन्नै कीमे भी फ़िक्र कोनी के मेरी बेब्बे नै मेरै ताहीं सेवा-पाणी कै खातर एक्ली छोड़ दिया सै?” इस करकै उसतै कह के मेरी मदद करै|” 41 प्रभु नै उसतै जबाब दिया, “मार्था, हे मार्था; तू घणी बात्त्तां खातर फ़िक्र करै अर घबरावै सै| 42 पर एक बात जरुर सै, अर उस बढ़िया हिस्से ताहीं मरियम नै छाँट लिया सै जो उस तै खोस्या कोनी जावैगा|”
11चेल्यां ताहीं प्रार्थना करणा सिखाणा
1 फेर उसनै बारहां ताहीं बुलाकै उन्नै सारी भूंडी औपरी आत्मायां अर बीमारियाँ ताहीं दूर करण की सामर्थ अर हक्क दिया, 2 अर उन्नै पणमेशर कै राज्य का प्रचार करण अर बिमारां ताहीं आच्छा करण खातर खन्दाया| 3 उसनै उनतै कह्या, राह खातर कीमे ना लियो, ना तो लाठी, ना झोळी, ना रोट्टी, जा रपिये अर ना दो-दो कुरते| 4 जिस किसे घर म्ह उतरो, उड़ए रहो, अर उड़ए तै बिदा होइयो|
प्रार्थना के सम्बन्ध म्ह यीशु की शिक्षा
5 जो कोए थमनै नीं अपणावै, उस नगर तै जांदे होये आपणे पायां की धुळ झाड़ दियो के उन पै गवाही होवै|” 6 आखर म्ह वे लिकड़ कै गाम-गाम सुसमाचार सुणयांन्दे, अर हरेक माणसांं नै चंगा करदे होये हांडदे रहे| 7 देश के चौथाई राजा हेरोदेस यों सारा सुण कै घबराग्या, क्यूँके कीमे नै कह्या, के यूहन्ना मरे होया म्ह तै जिन्दा होया सै, 8 अर कुछां नै न्यू कह्या के एलिय्याह दिख्या सै, अर औरां नै न्यू के पुराणे नब्बियाँ म्ह तै कोए जिन्दा होया सै| 9 पर हेरोदेस नै कह्या, “यूहन्ना का तो मन्नै सिर कटवाया, इब यो कौण सै जिसकै बाबत इसी बात सुणु सूंं?” अर उसनै उसताहीं देखण की चाहन्ना करी| 10 फेर प्रेरितां नै बोहड़कै जो कीमे उन्नै करया था, उसताहीं बता दिया; अर ओ उन्नै न्यारे करकै बैतसैदा नामक नगर म्ह लेग्या| 11 न्यू जाण कै भीड़ उसकै गेल्या हो ली, अर ओ राज्जी होकै उनतै फेट्या, अर उन तै पणमेशर कै राज्य की बात करण लाग्या, अर जो चंगे होणा चाहवै थे उन ताहीं चंगा करया| 12 जिब्ब दिन छिपण लाग्या तो बारहा नै आकै उसतै कह्या, “भीड़ नै जाण दे के चौगरदे के गाम्मां अर बगड़ां म्ह जाकै ठहरै अर खाणै का जुगाड़ करै, क्यूँके हम उरै बियाबान जंगहा म्ह सां|” 13 उसनै उनतै कह्या, “थमए उन्नै खाण नै द्यो|” उन्नै कह्या, “म्हारै धोरै पाँच रोट्टी अर दो मच्छीयां नै छोड़ कै और कीमे कोनी; पर हम्बै, जै हम जाकै इन सारया खातर खाणा मोल ल्यावां, फेर हो सकै सै|” वे माणस तो पाँच हजार माणसांं कै करीबन थे|
यीशु अर बालजबूल
14 फेर उसनै आपणे चेल्यां तै कह्या, “उन्नै पचास-पचास करकै लैणपतार बिठा द्यो|” 15 उन्नै न्यूए करया, अर सारया ताहीं बिठा दिया| 16 फेर उसनै वे पाँच रोटियाँ अर दो मच्छियाँ ली, सुर्ग कान्नी लखाकै धन्यवाद करया, अर तोड़-तोड़कै चेल्यां ताहीं देंदा गया के माणसांं ताहीं बांडै| 17 फेर सारे खाकै छिकगे, अर चेल्यां नै बचे होड़ टुकड़यां तै बारहां टोकरी भरकै ठाई| 18 जिब्ब ओ एक्लै म्ह प्रार्थना करै था अर चेल्ले उसकै गेल्या थे, तो उसनै उनतै बुझ्झया, “माणस मन्नै के कहवैं सैं?” 19 उन्नै जबाब दिया, “यूहन्ना बपतिस्मा देवण आळा, अर कोए एलिय्याह, अर कोए यों के पुराणे नब्बियाँ म्ह तै कोए जिन्दा होया सै|” 20 उसनै उनतै बुझ्झया, “पर थम मन्नै के कहो सो? पतरस नै जबाब दिया, “पणमेशर का मसीह|” 21 फेर उसनै उनतै चिताकै कह्या के न्यू किस्से ना कहियो| 22 फेर उसनै कह्या, “माणस कै बेट्टे खातर जरूरी सै के ओ घणा दुःख ठावै, अर पुर्णीए अर प्रधान याजक अर शास्त्री उसनै माड़ा समझ कै मार देवैं, अर ओ तीसरै दिन जिन्दा होज्या|” 23 उसनै सारया तै कह्या, जै कोए मेरै गेल्या आणा चाहवै, तो खुद तै नाट्टै अर हरेक दिन आपणा क्रूस ठाए मेरै गेल्या हो ले|
अधूरे सुधार तै बिपदा
24 क्यूँके जो कोए आपणी ज्यान बचाणा चाहवैगा ओ उसनै खोवैगा, पर जो कोए मेरी खातर आपणी ज्यान खोवैगा ओए उसनै बचावैगा| 25 जै माणस सारी दुनिया नै पा ले अर आपणी ज्यान खो दे या उसका नुकसान ठावै, तो उसनै के फैयदा? 26 जो कोए मेरैतै अर मेरी बात्त्तां तै सरमावैगा, माणस का बेट्टा भी, जिब्ब आपणी अर आपणे बाप की अर पवित्र सुर्गदुत्त्तां की महिमा सुदा आवैगा, तो उसतै सरमावैगा|
धन्य कौण सैं?
27 मै थमनै साच्ची कहूँ सूंं, के जो याड़़ै खड़े सैं, उनम्ह तै कीमे इसे सै के जिब्ब ताहीं पणमेशर का राज्य ना देख लेवैं, जद ताहीं मौत का सुआद कोनी चाखैगें|” 28 इन बात्त्तां कै कोए आठ दिनां पाच्छै ओ पतरस, यूहन्ना अर याकूब नै गेल्या लेकै प्रार्थना करण खातर पहाड़ पै गया|
स्वर्गीय निशान की माँग
29 जिब्ब ओ प्रार्थना करै था, तो उसकै मुँह का रूप बदलग्या, अर उसके लत्त्ते धोळे होकै चमकण लाग्गे| 30 अर लखाओ, मूसा अर एलिय्याह ये दो माणस उसकै गेल्या बतळावैं थे| 31 ये महिमा सुदा दिख्खे अर उसकै मरण का जिक्रा करैं थे, जो यरूशलेम म्ह होण आळा था| 32 पतरस अर उसके ढब्बी नींद म्ह होरे थे, अर जिब्ब सई तरियां सोद्दी म्ह आए, तो उसकी महिमा अर उन दो माणसांं नै, जो उसकै गेल्या खड़े थे, देख्या|
देही का दिवा
33 जिब्ब वे उसकै धोरै तै जाण लाग्गे, तो पतरस नै यीशु तै कह्या, "हे मालिक, म्हारा उरै रहणा भला सै : आखर म्ह हम तीन मण्डप बणावा, एक तेरै खातर, एक मूसा खातर, एक एलिय्याह कै खातिर|” उसनै बेरा कोनी था के कह के रह्या सै| 34 ओ न्यू कहवैए था के एक बादळ नै आकै उन पै छाया करी, अर जिब्ब वे उस बादळ तै घिरण लाग्गे तो भय मानगे| 35 फेर उस बादळ म्ह तै यों बचन लिकड़या, “यो मेरा बेट्टा अर मेरा छांटया होया सै, इसकी सुणो|” 36 या आवाज होंदए यीशु एक्ला होग्या; अर वे बोल-बाल्ले रहे, अर जो कीमे देख्या था उसकी कोए बात उन दिनां म्ह किस्से तै नीं कही|
शास्त्रीयां अर फरिसियाँ की भर्त्सना
37 दुसरै दिन जिब्ब ओ पहाड़ तै उतरया तो एक बड्डी भीड़ उस तै आ फेट्टी| 38 अर लखाओ, भीड़ म्ह तै एक माणस नै किल्की मारकै कह्या, "हे गुरु, मै तेरै तै बिनती करूं सूंं के मेरै बेट्टे पै दया की निंगाह फेर दे; क्यूँके ओ मेरा एक्ला बेट्टा सै| 39 अर लखा, एक भूंडीऔपरी आत्मा उसनै पकड़ै थी, अर ओ चाणचक किल्की मारै था; अर वा उसनै इसा मरोड़ै थी के ओ मुँह तै झाग फैक्कै था; उसनै रोंदकै घणी मुश्किल तै छोड्डै थी| 40 मन्नै तेरे चेल्यां तै बिनती करी के उसनै लिकाड़ै, पर वे कोनी काड सके|” 41 यीशु नै जबाब दिया, “हे अबिश्वासी अर जिद्दी माणसो, मै कद ताहीं थारै गेल्या रहूँगा अर थारी ओट्टूगाँ? आपणे बेट्टे नै उरै लिया|” 42 जिब्ब ओ आवै था तो भूंडी औपरी आत्मा नै उस ताहीं पटक कै मरोड़या, पर यीशु नै उस भूंडी औपरी आत्मा ताहीं धमकाया अर छोरै ताहीं ठीक करकै बाप तै थमा दिया| 43 फेर सारे माणस पणमेशर कै घणे सामर्थ तै हैरान होए| पर जिब्ब सारे माणस उन सारे कारनाम्यां तै जो ओ करै था, हक्के-बक्के थे, तो उसनै आपणे चेल्यां तै कह्या, 44 “थम इन बात्त्तां पै गौर करो, क्यूँके माणस का बेट्टा माणसांं कै हाथां तै पकड़वाया जाण नै सै|”
45 पर वे इस बात नै कोनी समझै थे, अर या बात उनतै लुहकी रही के उन्नै उसका बेरा नीं पाट्टै; अर वे इस बात कै बारै म्ह उसतै बुझ्झण तै डरै थे| 46 फेर उनम्ह या बहस होण लाग्गी के म्हारै तै बड्डा कौण सै| 47 पर यीशु नै उनकै मन के बिचारा ताहीं पढ़ लिया, अर एक बाळक नै लेकै आपणै धोरै खड़या करया, 48 अर उनतै कह्या, “जो कोए मेरै नाम तै इस बाळक नै अपणावै सै, ओ मन्नै अपणावै सै; अर जो कोए मन्नै अपणावै सै, ओ मेरै खन्दाण आळै नै भी अपणावै सै, क्यूँके जो थारै म्ह सारया म्ह छोटे तै छोट्टा सै, ओए बड्डा सै|” 49 फेर यूहन्ना नै कह्या, “हे मालिक, हमनै एक माणस ताहीं तेरै नाम तै भूंडी औपरी आत्मा लिकाड़दे देख्या, अर हमनै उस तै मना करया, क्यूँके ओ म्हारै गेल्या तेरै पाच्छै कोनी आन्दा|” 50 यीशु नै उसतै कह्या, उसनै नाट्टो ना; क्यूँके जो थारै बिरोध म्ह नीं, ओ थारै कान्नी सै|” 51 जिब्ब उसके उप्पर ठाए जाण के दिन पुरे होण पै थे, तो उसनै यरूशलेम जाण का बिचार पक्का करया| 52 उसनै आपणै आगै दूत खन्दाए| वे सामरियाँ कै एक गाम म्ह गए के उसकै खातर जंगहा त्यार करै|
53 पर उन माणसांं नै उसताहीं उतरण कोनी दिया, क्यूँके ओ यरूशलेम जावै था| 54 न्यू देखकै उसके चेल्ले याकूब अर यूहन्ना नै कह्या, “हे प्रभु, तू के चाहवै सै के हम हुक्म देवां, के अकास तै आग गिरकै उन्नै भस्म कर दे?”
12पाखण्ड कै बिरुद्ध चेतावनी
1 इतनै म्ह जिब हजारां की भीड़ लागगी, उरै ताहीं के वे एक-दुसरे पै पड़ण लाग्गे थे, तो ओ सारया तै पह्ल्या अपणे चेल्यां तै कहण लाग्या, “फरिसियाँ कै कपटी खमीर तै चौकन्ने रहो| 2 कीमे ढकया कोनी, जो उघाड़या जावैगा; ना कीमे लुक्या सै, जिसका बेरा नीं पटै| 3 इस करकै जो कीमे थमनै अन्धेरे म्ह कह्या सै, ओ उजाळै म्ह सुणया जावैगा; अर जो थमनै कोठड़ीयाँ म्ह कान्नो कान कह्या सै, ओ छात पै तै प्रचार करया जावैगा|
किस तै डरां?
4 “मै थारै तै जो मेरे ढब्बी सो कहूँ सूंं के जो देही नै घात करै सै पर उसकै पाच्छै और कीमे कोनी कर सकदे, उन तै डरियो मतना| 5 मै थमनै सोद्दी दुवाऊँ सूंं के थमनै किसतै डरणा चहिये, घात करण कै पाच्छै जिस ताहीं नरक म्ह गेरण हक्क सै, उस्से तै डरियो| हम्बै, मै थारै तै कहूँ सूंं उस्से तै डरियों| 6 के दो पिस्या की पांच गौरियाँ कोनी बिकदी? फेरभी पणमेशर उनम्ह तै एक नै भी कोनी भुल्दा| 7 थारै सिर के सारे बाळ भी गिणे होये सै, इस करकै डरो मतना, थम घणी गौरियाँ तै बढ़कै सो|
यीशु ताहीं स्वीकार या अस्वीकार करणा
8 “मै थारै तै कहूँ सूंं जो कोए माणसांं कै स्याम्ही मन्नै मान लेवैगा उसनै माणस का बेट्टा भी पणमेशर कै सुर्गदुत्त्तां कै स्याम्ही मान लेवैगा| 9 पर जो माणसांं कै स्याम्ही मेरै बारै म्ह मुकर जावैगा, उसका पणमेशर कै सुर्गदुत्त्तां कै स्याम्ही इन्कार करया जावैगा| 10 “जो कोए माणस कै बेट्टे कै बिरोध म्ह कोए बात कहवै, उसका वो खोट बखस्या जावैगा, पर जो पवित्रआत्मा की बुराई करै, उसका वो खोट बखस्या कोनी जावैगा|” 11 जिब्ब माणस थमनै पंचायतां अर हाकीमां अर अधिकारियां कै स्याम्ही ल्यावै, तो फ़िक्र ना करियो के हम किस तरियां तै या के जबाब देवां, या के कहवां| 12 क्यूँके पवित्रआत्मा उस्से टैम थमनै सिखा देगा के, के कहणा चहिये|”
एक साहूकार बेअक्ले का उदाहरण
13 फेर भीड़ म्ह तै एक नै उसतै कह्या, “हे गुरु, मेरे भाई तै कह के बाप कै धन नै मेरै गेल्या बांड लेवै|” 14 उसनै उसतै कह्या, “हे माणस, किसनै मेरै ताहीं थारा न्यायी या बांडणआळा बणा दिया सै?” 15 अर उसनै उनतै कह्या, “चौकन्ने रहो, अर सारी तरियां कै लोभ-लालच तै खुद नै बचा कै राक्खो; क्यूँके किसे की जिन्दगी उसकै आब्ल धन तै कोनी होंदी|” 16 उसनै उनतै एक उदाहरण कह्या, “किसे साहूकार की धरती म्ह घणी पैदावार होई|” 17 फेर ओ आपणे मन म्ह बिचार करण लाग्या, “मै के करूं? क्यूँके मेरै उरै जंगहा कोनी जित आपणी उपज वैगरा धरुं|” 18 अर उसनै कह्या, “मै न्यू करूँगा : मैं आपणी बखारियाँ (खलिहान) तोड़ कै उनतै कुठला बनाऊंगा; अर उड़ै आपणा सारा नाज अर धन धरुंगा; 19 अर आपणे जी तै कहूँगा के जी, तेरै धोरै घणे साल खातर घणा धन धरया सै; चैन कर, खा, पी, सुख तै रह|” 20 पर पणमेशर नै उसतै कह्या, “हे बेअक्लो, इस्से रात तेरा जी तेरै तै ले लिया जावैगा; फेर जो कीमे तन्नै कट्ठा करया सै ओ किसका होगा?” 21 इस्से तरियां ओ माणस भी सै जो आपणे खातर धन कट्ठा करै सै, पर पणमेशर की निंगाह म्ह साहूकार कोनी|”
पणमेशर पै भरोस्सा राक्खो
22 फेर उसनै आपणे चेल्यां तै कह्या, “इस करकै तै थम नै कहूँ सूंं, आपणे प्राण की फ़िक्र ना करो के हम के खावांगें; ना आपणी देही की के, के पहरांगें| 23 क्यूँके खाणै तै जी , अर लत्यां तै देही बढ़कै सै| 24 काग्गां पै ध्यान द्यो: वे ना बोवैं सैं, ना काट्ंटै सैं; अर ना उनके भण्डार अर कुठले होवै सै; फेरभी पणमेशर उन्नै पाळै सै| थारा मोल पन्छियाँ तै बाध सै| 25 थारै म्ह तै इसा कौण सै जो फ़िक्र करण तै आपणी उम्र की एक घड़ी भी बाध कर सकै सै? 26 इस करकै जै थम सारया तै छोट्टा काम भी कोनी कर सकदे, तो और बात्त्तां खातर क्यातै फ़िक्र करो सो? 27 सोसनां कै दरख्तां पै गौर करो के वे किस तरियां बढ़ैं सैं : वे ना मैहनत करदे, ना कातदे सैं; फेरभी मै थारै तै कहूँ सूंं के सुलेमान भी आपणे एश-आराम म्ह उनम्ह तै किसे एक कै बरगे लत्त्ते कोनी पहर रह्या था| 28 इस करकै जै पणमेशर मैदान की घास नै, जो आज सै अर काल भाड़ म्ह झोक्की जावैगी, इसा पहरावै सै; तो हे अल्प बिश्वासियों, ओ थमनै क्यातै नीं पहरावैगा? 29 अर थम इस बात की टोह म्ह ना रहो के, के खावांगें अर के पिवांगें, अर शक ना करो| 30 क्यूँके दुनिया की जात इन सारी चिज्जां की टोह म्ह रहवैं सैं : अर थारे बाप नै बेरा सै के थमनै इन चिज्जां की आंट सै| 31 पर उसकै राज्य की टोह म्ह रहो, तो ये चीज भी थमनै मिल ज्यागीं|
स्वर्गीय धन
32 “हे छोटे टोळ, मतना डरै; क्यूँके थारे बाप नै न्यू भाया सै, के थमनै राज्य देवै”| 33 आपणा धन बेचकै दान कर द्यो; अर आपणे खातर इसे बटुए बणाओ जो पूराणे कोनी होन्दे, यानिके सुर्ग पै इसा धन कट्ठा करो जो सापड़दा कोनी अर जिसकै धोरै चोर कोनी जांदा, अर कीड़ा कोनी बिगाड़दा| 34 क्यूँके जड़ै थारा धन सै, उड़ै थारा मन भी लाग्या रहवैगा|
जागदे रहो
35 “थारी कड़ बन्धी रहवै अर थारे दिवे बळदे रहवैं, 36 अर थम उन माणसांं कै बरगे बणो, जो आपणे मालिक की बाट देख रहे हो के ओ ब्याह तै कद बोहड़ैगा, के जिब्ब आकै दरवाजा खटखटावै तो जिब्बे उसकै खातर खोल दें| 37 धन्य सै वे नौकर जिन ताहीं मालिक आकै जागदा पावै, मै थमनै साच्ची कहूँ सूंं के ओ कड़ बान्ध कै उन्नै खाणा खाण ताहीं बिठावैगा, अर धोरै आकै उनकी सेवा-बाड़ी करैगा| 38 जै ओ रात कै दुसरे पहर या तीसरे पहर म्ह आकै उन ताहीं जागदा पावै, तो वे नौकर धन्य सै| 39 जै थम बेरा पाड़ो के जै घर का मालिक जाणदा के चोर किस बख्त आवैगा, तो जागदा रहन्दा अर आपणे घर म्ह पड़ या सेंध कोनी लागण देवै| 40 थम भी त्यार रहो; क्यूँके जिस घड़ी की थम सोचदे भी कोनी, उस्से घड़ी माणस का बेट्टा आ जावैगा|”
बिश्वास जोग्गा या अबिश्वास जोग्गा दास
41 फेर पतरस बोल्या, “हे प्रभु, के यो उदाहरण तू म्हारै तए या सारया नै कहवै सै|” 42 प्रभु बोल्या, “ओ बिश्वासजोग्गा अर अकलमंद भण्डारी कौण सै, जिसका मालिक उस ताहीं नौकर-चाकरां पै सरदार ठहरावै के उन्नै टैम पै खाणा-सामां दे| 43 धन्य सै ओ नौकर, जिस ताहीं मालिक आकै इसाए करदे पावै| 44 मै थमनै साच्ची कहूँ सूंं, ओ उस ताहीं आपणी सारी धन-माया का सरदार ठहरावैगा| 45 पर जै ओ नौकर सोच्चण लाग्गे के मेरा मालिक आण म्ह वार कर रह्या सै, दासां अर दासियाँ ताहीं छेत्त्तण-पिट्टण लागज्या अर खाण-पीण अर दारूबाज होण लाग्गे| 46 तो उस नौकर का मालिक इसे दिन, जिब्ब ओ उसकी बाट देख्दा कोनी रहवै, अर इसा टैम जिसका उसनै ना बेरा हो, आवैगा अर उसनै भारया सजा देकै उसका हिस्सा अबिश्वासियाँ गेल्या ठहरावैगा| 47 ओ नौकर जो आपणे मालिक की मर्जी जाणै था, अर त्यार ना रह्या अर ना उसकी मर्जी कै मुताबिक चाल्या, घणा छितैगा | 48 पर जो नीं जाणकै मार खाण के काम करै ओ माड़ा-सा छितै | इस करकै जिस ताहीं घणा दिया गया सै, उसतै माँगया जावैगा; अर जिस ताहीं घणा सौप्या सै, उस तै घणा लिया जावैगा|
यीशु कै आण का नतिजा
49 “मै धरती पै आग लाण नै आया सूंं; अर के चाहूँ सूंं सिर्फ यो के इब सुलग जांदी! 50 मन्नै तो एक बपतिस्मा लेणा सै, अर जिब्ब ताहीं ओ ना हो ले जद ताहीं मै कीसी बिपदा म्ह रहूँगा! 51 के थम समझो सो के मै धरती पै मिलाप कराण आया सूंं? मै थम नै कहूँ सूंं; ना, बल्के न्यारे करण आया सूंं| 52 क्यूँके इब तै एक घर म्ह पाँच माणस आपस म्ह बिरोध राक्खैगें, तीन दो तै अर दो तीन तै | 53 बाप बेट्टे तै, अर बेट्टा बाप तै बिरोध राक्खैगा; माँ बेट्टी तै, अर बेट्टी माँ तै, सासूं बहू तै, अर बहू सासू तै बिरोध राक्खैगी|”
समय के लक्षण
54 उसनै भीड़ तै कह्या, “जिब्ब थम बादळ नै पश्चिम तै उठदे देक्खो सो तो जिब्बे कहो सो के मिह आवैगा, अर न्यूए हो सै; 55 अर जिब्ब दक्षिणी बाळ चालदी देक्खो सो तो कहो सो के लूह चालैगी, अर न्यूए हो सै| 56 हे बेअक्लो ! थम धरती अर अकास कै रूप-रंग म्ह भेद कर सको सो, पर इस युग कै बाबत भेद करणा क्यातै नीं जाणदे?
अपणे मुददई तै समझौता
57 “थम खुद फैसला क्यातै कोनी कर लेंदे के सई सै?” 58 जिब्ब तू आपणे मुद्दई कै गेल्या हाकिम कै धोरै जावै सै तो राही म्ह उसतै छुटण की कोशिश कर ले, इसा ना हो के तन्नै न्यायी कै धोरै खिंच ले जावै, अर न्यायी तन्नै सिपाही ताहीं थमावै अर सिपाही तन्नै जेळ म्ह गेर दे| 59 मै तेरै तै कहूँ सूंं के जिब ताहीं तू दमड़ी-दमड़ी नीं भर देवैगा जिद ताहीं ओड़ै तै छुटण नीं पावैगा|
13मन फिराओ या नाश हो
1 उस बख्त कुछ माणस आण पहोच्चे, अर उसतै उन गलीलियाँ का जिक्रा करण लाग्गे, जिनका लहू पिलातुस नै उन ए कै बलिदानां कै गेल्या मिलाया था| 2 न्यू सुण कै उसनै उनतै जबाब म्ह कह्या, “के थम समझो सो के ये गलीली और सारे गलीलीयां तै घणे पापी थे के उन पै इसी बिपदा आण पड़ी? 3 मै थमनै कहूँ सूंं के ना; पर जै थम मन नीं पलटोगे तो थम भी इस्से तरियां नास होओगे| 4 या, के थम समझो सो के वे अठारह जणे जिनपै शिलोह का गुम्मट पड़या, अर वे दब कै मरगे : यरूशलेम के और सारे बासिन्दयां तै घणे अपराधी थे? 5 मै थमनै कहूँ सूंं के ना; पर जै थम मन ना पलटोगे तो थम भी इस्से तरियां नास होओगे|”
फळ-रहित अंजीर के दरख्त का उदाहरण
6 फेर उसनै यो उदाहरण भी कह्या, “किसे की अंगूर की बारी म्ह अंजीर का दरख्त लागरया था| ओ उसम्ह फळ टोहण आया, पर कोनी मिल्या| 7 फेर उसने बारी कै रुखाळै तै कह्या, “लखा, तीन साल तै म्ह इस अंजीर कै दरख्त पै फळ टोहण आऊँ सूंं, पर कोनी पान्दा| इसनै काट बगा के यो धरती नै भी क्यूँ रुंदै| 8 उसनै उसतै जबाब दिया, “हे मालिक, इस साल और रहण दे के मै इसकै चौगरदे कै खोदकै खाद गेरू| 9 जै आगै फळ आग्या तो ठीक, नीं तो काट दियो|”
सब्त के दिन कुबड़ी लुगाई ताहीं चंगा करणा
10 सब्त कै दिन ओ एक आराधनालय म्ह उपदेश देवै था| 11 उड़ै एक लुगाई थी जिसम्ह अठारह साल तै एक माड़ा करण आळी भूंडीऔपरी आत्मा थी, अर वा कुबड़ी होगी थी अर किस्से तरियां भी सीधी कोनी हो सकै थी| 12 यीशु नै उस ताहीं देखकै बुलाया अर कह्या, “हे नारी, तू आपणी कमजोरी तै छुटगी|” 13 फेर उसनै उस पै हाथ धरया, अर वा जिब्बे सीधी होगी अर पणमेशर की बड़ाई करण लाग्गी | 14 इसकरकै के यीशु नै सब्त कै दिन उस ताहीं चंगा करया था, आराधनालय का सरदार चीड़कै माणसांं तै कहण लाग्या, “छ: दिन सै जिनम्ह काम करणा चहिये, आखर म्ह उन्ने दिनां म्ह आकै चंगे होवो, पर सब्त कै दिन नीं|” 15 न्यू सुण कै प्रभु नै जबाब दिया, “हे कपटियों, के बचन के दिन थारै म्ह तै हरेक आपणे बैळद या गधे नै थान म्ह तै खोलकै पाणी पिलाण कोनी ले जान्दा? 16 तो के सई कोनी था के या लुगाई जो अब्राहम की बेट्टी सै जिस ताहीं शैतान नै अठारह साल तै जुड़ राख्या था, सब्त कै दिन इस बन्धन तै छुटाई जावै?” 17 जिब्ब उसनै ये बात कही, तो उसके सारे बिरोधी सर्मिन्दा होगे, अर साब्ती भीड़ उन महिमा के कारनाम्यां तै जो ओ करै था, राज्जी होई|
राई के दाने का उदाहरण
18 फेर उसनै कह्या, “पणमेशर का राज्य किस जिसा सै? अर मै उसका उदाहरण किसतै द्यु? 19 ओ राई कै दाणै की ढाळ सै, जिस ताहीं किसे माणस नै लेकै आपणी बारी म्ह बोया : अर ओ बढ़कै दरख्त बणग्या; अर अकास के सारे पन्छियाँ नै उसकी डाळीयाँ पै बसेरा करया|”
खमीर का उदाहरण
20 उसनै दुबारै कह्या, “मै पणमेशर के राज्य का उदाहरण किस तै द्यु? 21 ओ खमीर की ढाळ सै, जिस ताहीं किसे लुगाई नै लेकै तीन पसेरी आटे म्ह रळाया, अर होन्दे-होन्दे सारा आटा खमीर होग्या|”
सकेत द्वार
22 ओ नगर-नगर, अर गाम-गाम होकै उपदेश देन्दा होया यरूशलेम की ओड़ जावै था, 23 तो किसे नै उसतै बुझ्झया, “हे प्रभु, के उद्धार पाण आळे घाट सैं?” उसनै उनतै कह्या, 24 “भीड़ै दरवाजे तै बड़ण की कोशिश करो, क्यूँके मै थम नै कहूँ सूंं के घण खरे उसम्ह बड़ना चाहवैगें, अर कोनी बड़ सकैगें| 25 जिब्ब घर का मालिक उठकै दरवाजा भेड़ देगा, अर थम बाहरण खड़े होये खटखटाकै कहण लागो, “हे प्रभु, म्हारे खातर खोल दे,” अर ओ जबाब देवै, “मै थमनै कोनी जाणदा, थम कित के सो?” 26 फेर थम कहण लागोगे, “हमनै तेरे स्याम्ही खाया-पिया अर तनै म्हारे बजारां म्ह उपदेश दिया|” 27 पर ओ कहवैगा, “मै थमनै कहूँ सूंं, मै कोनी जाणदा, थम कित के सो| हे भुन्डे काम करणीयों, थम सारे मेरै तै दूर रहो|” 28 उड़ै रोणा अर दाँद पिसणा होगा; जिब्ब अब्राहम अर इसहाक अर याकूब अर सारे नब्बीयाँ ताहीं पणमेशर राज्य म्ह बैट्ठे, अर खुद नै बाहरण लिकाड़े होये देक्खोगे; 29 अर पूरब अर पच्छिम; जबाब अर दक्खिन तै माणस आकै पणमेशर कै राज्य म्ह जीमणे म्ह जीमैगें| 30 अर लखाओ, जो पाच्छले सै वे पहल्ड़े होंगें, अर जो पहलड़े सै वे पाच्छले होंगें|”
हेरोदेस की दुश्मनी
31 उस्से टैम कीमे फरिसियाँ नै आकै उसतै कह्या, “उरै तै लिकड़ज्या, क्यूँके हेरोदेस तन्नै मार देणा चाहवै सै|” 32 उसनै उनतै कह्या, “जाकै उस लोमड़ी तै कह द्यो के लखा, मै आज अर काल भूंडीऔपरी आत्मायाँ नै काड्डू सूंं अर बीमारां नै चंगा करूं सूंं, अर तीसरे दिन आपणा काम पूरा करूंगा| 33 फेर भी आज अर काल अर परसो चालणा जरुर सै, क्यूँके हो नीं सकदा के कोए नब्बी यरूशलेम कै बाहरण जावै|
यरूशलेम कै खातर बिलाप
34 “हे यरूशलेम ! हे यरूशलेम ! तू जो नब्बियाँ नै मारै सै, अर जो तेरै धोरै खन्दाए गए सै उन पै पत्थर बरसावै सै| कितनी ए बर मन्नै न्यू चाहया के जिस ढाळ मुर्गी आपणे बाळकां नै आपणे पाक्खां तळै कट्ठे करै सै, उस्से तरियां ए मै भी तेरे बाळकां नै कट्ठा करूं, पर थमनै न्यू नीं चाहया| 35 लखाओ, थारा घर थारे खातर उजाड़ छोड्या जावै सै, मै थमनै कहूँ सूंं : जिब्ब ताहीं थम ना कहोगे, ‘धन्य सै ओ, जो प्रभु कै कान्नी तै आवै सै, ’जद ताहीं थम मन्नै दुबारै कदे नीं देक्खोगे|”
14फरीसी कै घरा यीशु
1 फेर ओ सब्त के दिन फरिसियाँ के सरदारां म्ह तै किसे कै घरा रोट्टी खाण नै गया; अर वे उसकी टाह म्ह थे| 2 उड़ै एक माणस उसकै स्याम्ही था; जिसम्ह जलन्धर की बीमारी थी| 3 इस पै यीशु नै व्यवस्थापकां अर फरिसियाँ तै कह्या, “के सब्त दिन आच्छा करणा सई सै अक नीं?” 4 पर वे बोल-बाल्ले रहे| फेर उसनै उस ताहीं छू कै चंगा करया अर जाण दिया, 5 अर उनतै कह्या, “थारै म्ह तै इसा कौण सै, जिसका गधा या बैळद कुअ म्ह पड़ज्या अर ओ सब्त कै दिन उसनै जिब्बे बाहरण कोनी लिकड़ै?” 6 वे इन बात्त्तां का कीमे जबाब कोनी दे पाए|
नम्रता अर मेहमान-नवाजी
7 जिब्ब उसनै देख्या के न्योंदे होये माणस किस तरियां ख़ास- ख़ास जंगहा छांट लेवैं सैं तो एक उदाहरण देकै कह्या, 8 “जिब्ब कोये तन्नै ब्याह म्ह बुलावै, तो ख़ास जंगहा पै नीं बैठणा, कदे इसा ना हो के उसनै तेरै तै भी बड्डे ताहीं न्योंद राख्या हो, 9 अर जिसनै तेरै ताहीं अर उस ताहीं दोनुआ ताहीं न्योंदा दिया सै, आकै कहवै, ‘इसनै जंगहा दे, ‘ अर फेर तन्नै सर्मिंदा होकै सारया तै तळै बैठणा पड़ै| 10 पर जिब्ब तू न्योंदा जावै तो सारया तै तरली जंगहा बैठ के जिब्ब ओ, जिसनै तेरै ताहीं न्योंदा सै आवै, तन्नै कहवै, “हे याड़ी, आगै बढ़कै बैठ,’ फेर तेरै गेल्या बैठण आळयां कै स्याम्ही तेरी बड़ाई होवैगी| 11 क्यूँके जो कोए खुद नै बड्डा बणावैगा, ओ छोट्टा करया जावैगा, अर जो कोए खुद नै छोट्टा बणावैगा, ओ बड्डा करया जावैगा|”
12 फेर उसनै आपणे न्योंदा देणीयै तै भी कह्या, “जिब्ब तू दिन का या रात का जिमणा करै, तो आपणे ढब्बियाँ या भाईयां या कुन्बे या साहूकार पड़ोसीयां नै ना न्योंद, कदे इसा ना हो के वे भी तन्नै न्योंदा देवै, अर तेरा बदला हो जावै| 13 पर जिब्ब तू जिमणा करै तो कंगाल, टुंडे, लंगड़े अर आंध्यां नै न्योंद| 14 जिब तू धन्य होवैगा, क्यूँके उनकै धोरै तेरै ताहीं बदला देण नै कीमे कोनी, पर तन्नै धर्मियां कै जिन्दा होण का ईनाम मिलैगा|”
बड्डे जिमणै का उदाहरण
15 उसकै गेल्या खाणा खाण आळयां म्ह तै एक नै ये बात सुण कै उस तै कह्या, “धन्य सै ओ जो पणमेशर राज्य म्ह रोट्टी खावैगा|” 16 यीशु नै उसतै कह्या, “किसे माणस नै बड्डा जिमणा करया अर घणा ताहीं न्योंदा| 17 जिब्ब खाणा त्यार होग्या तो उसनै आपणे नौकर कै हाथां न्योंदे होये माणसांं ताहीं कुह्वा खन्दाया, ‘आओ, इब खाणा त्यार सै|’ 18 पर वे सारे के सारे माफी माँगण लाग्गे| पहलड़ै नै उसतै कह्या, “मन्नै खेत मोल लिया सै, अर जरूरी सै के उसनै देक्खूँ; मै तेरै तै बिनती करूं सूंं मन्नै बख्स दे|’ 19 दुसरे नै कह्या, “मन्नै पाँच जोड़े बैळद मोल लिए सै, उन्नै परखण जाऊं सूंं; मै तेरै तै बिनती करूं सूंं, मन्नै बख्स दे|’ 20 एक और नै कह्या, “मन्नै ब्याह करया सै, इसकरकै मै नीं आ सकदा|’ 21 उस नौकर नै आकै आपणे मालिक ताहीं ये बात कह सुणाईं| फेर घर कै मालिक नै खुन्दक म्ह आकै, आपणे नौकर ताहीं कह्या, “नगर के बजारां अर गळीयां म्ह इब्बे जाकै कन्गालाँ नै, टुंड्यां नै, लंगड़यां नै, अर आंध्यां नै उरै लेकै आओ|’ 22 नौकर नै दुबारै कह्या, “हे मालिक, जिस ढाळ तन्नै कह्या था, उस्से तरियां ए करया गया सै; अर फेर भी जंगहा सै|” 23 मालिक नै नौकर तै कह्या, “सड़कां पै अर बाड़या की कान्नी जा अर माणसांं नै मजबूर करकै लिया ताके मेरा घर भरज्या| 24 क्यूँके मै थमंनै कहूँ सूंं के उन न्योंदे होड़ माणसांं म्ह तै कोए मेरै खाणै नै कोनी चाखैगा’|”
चेल्ला बनण का मूल्य
25 जिब्ब बड्डी भीड़ उसकै गेल्या जावै थी, तो उसनै बोहड़ कै उनतै कह्या, 26 जै कोए मेरै धोरै आवै, अर आपणे माँ-बाप अर बीरबान्नी अर बाळकां नै अर भाईयाँ नै अर भाणां नै बल्के आपणे जीवन तै भी प्यार कोनी करदा, तो ओ मेरा चेल्ला कोनी हो सकदा| 27 अर जो कोए आपणा क्रूस ना ठावै; अर मेरै पाच्छै नीं आवै; ओ भी मेरा चेल्ला कोनी हो सकदा| 28 “थारै म्ह तै कौण सै जो गढ़ बनाणा चाहन्दा हो, अर पह्ल्या बैठकै खर्चा नीं फैळावै के पूरा करण की गुंजास मेरै धोरै सै के नीं? 29 कदे इसा ना हो जिब्ब ओ नींव बणा ले पर त्यार ना कर सकै, तो सारे देक्खण आळे न्यू कहकै उसका मखौल उड़ाण लाग्गे, 30 ‘यो माणस बनाण तो लाग्या पर त्यार कोनी कर सक्या?’ 31 या कौण इसा राजा सै जो दुसरे राजा तै युद्ध करण जान्दा हो, अर जो बिचार कर ले के जो बीस हजार लेकै मेरै पै चढ़या आवै सै, के मै दस हजार लेकै उसका सामणा कर सकूँ सूंं के नीं? 32 नीं तो उसके दूर रहन्दे होये ओ दूत्त्तां नै खन्दा कै मिलाप करणा चाहवैगा| 33 इस्से ढाळ थारै म्ह तै कोए आपणा सारा कीमे त्याग नीं देवै, ओ मेरा चेल्ला कोनी हो सकदा|
बेसुवाद नूण
34 “नूण तो बढ़िया सै, पर जै नूण का सुवाद बिगड़ जावै, तो ओ किस चीज तै नमकीन करया जावैगा| 35 ओ ना तो धरती कै अर ना खाद कै खातर काम म्ह आवै सै : उसनै तो माणस बाहरण बगा देवै सै| जिसके सुणन के कान हों ओ सुण ले|”
15खोई होड़ भेड का उदाहरण
1 सारे चुंगी लेण आळे अर पापी उसकै धोरै आया करै थे ताके उसकी सुणैं| 2 पर फरीसी अर शास्त्री बरड़ाकै कहण लाग्गे, “यो तो पापियाँ तै मिलै सै अर उनकै गेल्या खावै भी सै|” 3 फेर उसनै उनतै यो उदाहरण कह्या : 4 “थारै म्ह तै कौण सै जिसकी सौ भेड़ हों, अर उनम्ह तै एक खुज्या, तो निन्यानमै नै बण म्ह छोड़कै, उस खुई होड़ नै जिब्ब ताहीं पा नी लेन्दी टोहन्दा ना रहवै? 5 अर जिब्ब पा ज्या सै, फेर ओ घणा राज्जी होकै उस ताहीं कंधे पै ठा लेवै सै; 6 अर घरा आकै ढब्बीयाँ अर पड़ोसियां नै कट्ठा करकै कहवै सै, ‘मेरै गेल्या ख़ुशी मनाओ, क्यूँके मेरी खुई होड़ भेड़ पा गी सै|’ 7 मै थारै तै कहूँ सूंं के इस्से तरियां तै एक मन पलटण आळे पापी कै बाबत भी सुर्ग म्ह इतनाए आनन्द होवैगा, जितना के निन्यानमै इसे धर्मियां कै बाबत कोनी होन्दा, जिन्नै मन पलटण की आंट कोनी|
खोए होए सिक्के का उदाहरण
8 “या कौण इसी लुगाई होगी जिसकै धोरै दस सिक्के हों, अर उनम्ह तै एक खुज्या, तो वा दिवा बाळ कै अर घर झाड़-बुहारकै, जिब्ब ताहीं पा नी जावै जी लाकै टोहन्दी ना रहवै? 9 अर जिब्ब पा ज्या सै, तो वा आपणी ढब्बणां अर पड़ोसणां नै कट्ठा करकै कहवै सै, ‘मेरै गेल्या ख़ुशी मनाओ, क्यूँके मेरा खुया होया सिक्का पाग्या सै|’ 10 मै थमनै कहूँ सूंं के इस्से तरियां तै एक मन पलटण आळे पापी कै बाबत भी पणमेशर के सुर्गदुतां कै स्याम्ही आनन्द होवै सै|”
उड़ाऊ बेट्टे का उदाहरण
11 फेर यीशु बोल्या, “किसे माणस के दो बेट्टे थे| 12 उनम्ह तै छोट्ळै नै बाप तै कह्या, “हे बाबू, सम्पत्ति म्ह तै जो मेरा बांडा मेरा हो ओ मन्नै दे द्यो|” इस करकै उसनै उन ताहीं आपणी सम्पति का बंडवारा कर दिया| 13 घणे दिन कोनी बीते थे के छोट्टा बेट्टा सारा कीमे कट्ठा करकै दूर देश म्ह चल्या गया| अर उड़ै भुण्डे काम्मां म्ह आपणा धन उड़ा दिया| 14 जिब्ब ओ सारा कीमे खर्च करग्या, तो उस देश म्ह भारया अकाल पड़या, अर ओ कंगाल होग्या| 15 इस करकै ओ उस देश के बाशिंदयां म्ह तै एक कै उरै जा पड़या| उसनै उस ताहीं आपणे खेत्त्तां म्ह सूअर चराण खातर खन्दाया| 16 अर ओ चाहवै था के उन फलियाँ म्ह तै जिन्नै सूअर खावै थे, आपणा पेट भरै; अर उस ताहीं कोए कीमे कोनी देवै था| 17 जिब्ब ओ आपणे आपै म्ह आया फेर कहण लाग्या, “मेरै बाप कै कितने मजदुरां नै खाणे तै घणी रोट्टी मिलैं सैं, अर मै उरै भूखा मरण लाग रह्या सूंं| 18 मै इब उठकै आपणे बाबू धोरै जाऊँगा अर उसतै कहूँगा के बाबू जी, मन्नै सुर्ग कै बिरोध म्ह अर तेरी निंगाह म्ह पाप करया सै| 19 इब इस जोग्गा कोनी रह्या के तेरा बेट्टा कुह्वाऊँ, मन्नै आपणे एक मजदूर की ढाळ राख ले|’
20 “फेर ओ उठकै, आपणे बाप कै धोरै गया : ओ इबे दुरे था के उसकै बाप नै उस ताहीं देखकै तरस आया, अर भाज कै उस ताहीं छात्त्ती कै लाया, अर घणा चुम्या यानिके प्यार करया| 21 बेट्टे नै उसतै कह्या, “बाबू जी, मन्नै सुर्ग कै बिरोध म्ह अर तेरी निंगाह म्ह पाप करया सै; अर इब इस जोग्गा कोनी रह्या के तेरा बेट्टा कुह्वाऊँ|” 22 पर बाप नै आपणे नौकरां तै कह्या, “तोळ करकै सुथरे-सुथरे लत्त्ते लिकाड़कै उसनै पिहराओ, अर उसकै हाथां म्ह गुंठी, अर पायां म्ह जुत्ती पहराओ, 23 अर पळा होड़ डांगर ल्याकै मारो ताके हम खावां अर ख़ुशी मनावां| 24 क्यूँके मेरा यों बेट्टा मरग्या था, दूबारै जीग्या सै : खुग्या था अर इब पाग्या सै|’ अर वे ख़ुशी मनाण लाग्गे| 25 “पर उसका जेठा बेट्टा खेत म्ह था| जिब्ब ओ आंदे होये घर कै लामणै पहोच्या, तो उसनै गाण-बजाण अर नाचण का बोल सुणया| 26 आखर म्ह उसनै एक नौकर बुलाकै बुझ्झया, “यो के होण लाग रह्या सै? 27 उसनै उस ताहीं कह्या, “तेरा भाई आया सै, अर तेरे बाप नै पळा होड़ डांगर कटवाया सै, इसकरकै के उस ताहीं ठीक-ठाक पाया सै|” 28 न्यू सुणकै ओ छोह तै भरग्या अर भीत्त्तर जाणा कोनी चाहया, पर उसका बाप बाहरण आकै उसनै मनाण लाग्या| 29 उसनै बाप ताहीं जबाब दिया, लखा, मै इतने साल तै तेरी सेवा-पाणी कर रह्या सूंं अर कदे भी तेरा हुक्म कोनी टाळया, फेरभी तन्नै मेरै ताहीं कदे भी एक बकरी का बच्चा भी कोनी दिया के मै आपणे ढब्बीयाँ गेल्या आनन्द करदा| 30 पर जिब्ब तेरा यो बेट्टा, जिसनै तेरी सम्पति रण्डीयां म्ह उड़ा दी सै, आया, तो उसकै खातर तन्नै पळा होड़ डांगर कटवाया|’ 31 उसकै बाप नै उसतै कह्या, “बेट्टा, तू सारी हाण मेरै गेल्या सै; अर जो कीमे मेरा सै ओ सारा तेराए सै| 32 पर इब आनन्द अर मगन होणा चहिये क्यूँके यो तेरा भाई जो मरग्या था दुबारा जी ग्या सै, खुग्या था, इब पाग्या सै|
16श्याणा भण्डारी
1 फेर उसनै चेल्यां तै कह्या, “किसे साहूकार का एक भण्डारी था, अर आदमियाँ नै उसकै स्याम्ही उस पै या तोहमन्द लायी के ओ तेरा सारा धन उड़ा देवै सै| 2 आखर म्ह उसनै उसतै बुलाकै कह्या, “यो के सै मै तेरै बाबत के सुंणु सूंं? आपणे भण्डारीपण का हिसाब दे, क्यूँके तू आगै तै भण्डारी कोनी रह सकदा|” 3 फेर भण्डारी सोच्चण लाग्या, “इब मै के करूं? क्यूँके मेरा मालिक इब भण्डारी का काम मेरै तै खोस्सै सै| माट्टी मेरै पै खुदै नीं; अर भीख भी माँगदे हाणी सर्म आवैगी| 4 मै जाणग्या के मै के करूं, ताके मै जिब्ब भण्डारी कै काम तै हटाया जाऊँ तो माणस मन्नै आपणे घरा म्ह ले लेवै| 5 फेर उसनै आपणे मालिक के देणदारां ताहीं एक-एक करकै बुलाया अर पहल्या तै बुझ्झया, ‘तेरै ऊप्पर मेरै मालिक का कितना कर्जा सैं?’ 6 उसनै कह्या, “सौ मण तेल, ‘फेर उसनै उसतै कह्या, ‘आपणा खाता अर बही ले अर बैठकै तोळा-तोळा पचास लिख दे|’ 7 फेर उसनै दुसरे तै बुझ्झया, “तेरै पै कितना कर्जा सै?’ दुसरे नै कह्या, ‘सौ मण गेंहूँ, ‘फेर उसनै उसतै कह्या, ‘आपणा खाता अर बही लेकै अर बैठकै अस्सी लिख दे|’ 8 “मालिक नै उस अधर्मी भण्डारी ताहीं सराहया के उसनै कितनी श्याणपत तै काम करया सै| क्यूँके इस दुनिया के माणस आपणे टैम के आदमियाँ गेल्या रीत-बीवार म्ह चाँदणै के आदमियाँ तै घणे श्याणे सैं| 9 अर मै थम ने कहूँ सूंं के अधर्म कै धन तै आपणे खातर ढब्बी बणा ल्यो, ताके जिब्ब ओ जांदा रहवै तो वे थारै ताहीं अनन्त घरा म्ह ले लेवैं| 10 जो माड़े-तै भी माड़े म्ह साच्चा सै, ओ घणा म्ह भी साच्चा सै, जो माड़े-तै भी माड़े म्ह अधर्मी सै, ओ घणा म्ह भी अधर्मी सै| 11 इस करकै जिब्ब थम अधर्म कै धन म्ह साच्चे नीं ठहरे, तो साच्चा धन थम नै कौण थमावैगा? 12 अर जै थम बिगान्ने धन म्ह साच्चे कोनी ठहरे, तो जो थारा सै, वो थमनै कौण देवैगा? 13 कोए नौकर दो मालिकां की सेवा-पाणी कोनी कर सकदा : क्यूँके ओ तो एक तै बैर अर दुसरे तै प्रेम राक्खैगा; या एक तै मिल्या रहवैगा अर दुसरे नै छोट्टा या तुच्छ जाणैगा| थम पणमेशर अर धन दोनुआ की सेवा कोनी कर सकदे|”
यीशु के कुछ उपदेश
14 फरीसी जो लोभ्भी थे, ये सारी बात सुणकै, मखौल करण लाग्गे| 15 उसनै उनतै कह्या, “थम तो माणसांं कै स्याम्ही खुद नै धर्मी ठहराओ सो, पर पणमेशर थारै मन नै जाणै सै, क्यूँके जो चीज माणसांं की निंगाह म्ह महान सै, वा पणमेशर कै लवै भुण्डी सै| 16 “व्यवस्था अर नब्बी यूहन्ना ताहीं रहे; उस टैम तै पणमेशर कै राज्य की खुश-खबरी सुणयांई जाण लागरी थी, अर हरेक उस म्ह हावी होकै बड़ै था| 17 अकास अर धरती का टळ जाणा व्यवस्था कै एक बिंदी तै खु जाण तै सेल्ला सै| 18 “जो कोए आपणी बीरबान्नी नै छोड़ कै दूसरी तै ब्याह करै सै, ओ जारी करै सै, अर जो कोए इसी छोड्डी होई लुगाई तै ब्याह करै सै, ओ भी जारी करै सै|
साहूकार माणस अर गरीब लाजर
19 “एक साहूकार माणस था जो बैंजनी लत्त्ते अर मलमल पहरदा अर हरेक दिन एश तै अर आनन्द तै रहवै था| 20 लाजर नाम का एक कंगाल जिसकै घा: होरे थे उसकी देहळी पै छोड़ दिया जावै था, 21 21 अर ओ चाहवै था के साहूकार की मेज पै की जूठण तै आपणा पेट भरै; उरै ताहीं के कुत्ते भी आकै उसके घा: नै चाट्या करै थे| 22 इसा होया के ओ कंगाल मरग्या, अर सुर्गदुत्त्तां नै उसताहीं लेकै अब्राहम की गोद्दी म्ह पहोच्या| ओ साहूकार भी मारया अर गाड्या गया, 23 अर नरक म्ह दर्द म्ह पड़े होए आपणी निंगाह ठाई, दूर तै अब्राहम की गोद्दी म्ह लाजर ताहीं देख्या| 24 फेर उसनै रुक्का मारकै कह्या, “हे पिता अब्राहम, मेरै पै दया करकै लाजर नै खन्दा दे, ताके ओ आपणी आन्गल्ली का कुणा पाणी म्ह डबोकै मेरी जीभ नै शीळी करै, क्यूँके मै इस आग तै तड़फू सूंं|’ 25 पर अब्राहम बोल्या, “हे बेट्टा, याद कर के तन्नै आपणी जिन्दगी म्ह बढिया चीज ले ली सैं, अर उस्से तरियां लाजर भूंडी चीज : पर इब ओ आपणी शान्ति पा रह्या सै, अर तू तड़फ रह्या सै| 26 इन बात्त्तां नै छोड़ म्हारै अर थारै बिच्चाळै एक भारया खड्डा ठहराया सै के जो उरै तै उस परली ओड़ नै थारै लवै जाणा चाहवै, वे कोनी जा सकैगें; अर ना कोए उड़ै इस पास्सै म्हारै लवै आ सकैं|’ 27 ओ बोल्या, “तो हे पिता, मै तेरै तै बिनती करूं सूंं के उस ताहीं मेरै बाप कै घरा खन्दा, 28 क्यूँके मेरे पांच भाई सै; ओ उनकै स्याम्ही इन बात्त्तां की गवाही दे, इसा ना हो के वे भी दुःख की जंगहा म्ह आवै|’ 29 अब्राहम नै उसतै कह्या, “उनकै धोरै तो मूसा अर नब्बीयां की किताब सै, वे उनकी सुणै|” 30 ओ बोल्या, “कोनी, हे पिता अब्राहम, पर जै कोए मरे होया म्ह तै उसकै लवै जावै, तो वे मन फिरावैगें|” 31 उसनै उसतै कह्या, “जिब्ब वे मूसा अर नब्बियाँ की नीं सुणदे, तो जै मरे होया म्ह तै कोए जी भी जा, तो भी उसकी कोनी मान्नैगें|”
17ठोकर का कारण बनणा
1 फेर उसनै आपणे चेल्यां तै कह्या, “हो नीं सकदा के ठोकर ना लागै, पर हाय, उस माणस पै जिसकै बाबत वे लागै सै| 2 जो इन छोट्यां म्ह तै किसे एक नै ठोकर खुआवै सै, उसकै खातर न्यू बढ़िया होन्दा के चाक्की के पाट उसकै गळ म्ह लटकाया जान्दा, अर ओ समुन्दर म्ह गेर दिया जान्दा| 3 ढेठ राक्खो; जै तेरा भाई जुल्म करै तो उसनै समझा, अर जै पछतावै तो उसनै बख्स| 4 जै साब्बत दिन म्ह ओ सात बर तेरा अपराध करै अर सात्त्तू बर तेरै लवै आकै कहवै, “तो उसनै बख्स|”
बिश्वास
5 फेर प्रेरितां नै प्रभु तै कह्या, “म्हारा बिश्वास बधा|” 6 प्रभु बोल्या, “जै थमनै राई के दाणै बराबर भी बिश्वास होन्दा, तो थम इस शहतूत कै दरख्त नै कहन्दे के जड़ तै उखड़कै समुन्दर म्ह जा लाग, तो ओ थारी मान लेन्दा|
एक दास का कर्तव्य
7 “थारै म्ह तै इसा कौण सै, जिसका नौकर हळ जोतदा या भेड़ चरान्दा हो, अर जिब्ब ओ खेत तै आवै, तो उसतै कह्वै, ‘तोळा आकै खाणा खाण बैठ’? 8 अर न्यू ना कहवै, ‘मेरा खाणा त्यार कर, अर जिब्ब ताहीं मै खाऊँ पीऊँ तब ताहीं कड़ बाँधे मेरी सेवा-पाणी कर; इसकै पाच्छै तू भी खा पी लिये’? 9 के ओ उस नौकर का श्यान मान्नैगा के उसनै वैए काम करे जिसका हुक्म दिया था? 10 इस्से तरियां तै थम भी जिब्ब उन सारे काम्मां नै कर ल्यो जिसका हुक्म थारै ताहीं दिया था, तो कहो, ‘हम बेकार नौकर सां; जो हमनै करणा चहिये था हमनै सिर्फ ओए करया सै|’”
कोढ़ के दस रोगियाँ ताहीं चंगा करणा
11 इसा होया के ओ यरूशलेम जांदे होड़ सामरिया अर गलील कै बिच्चाळै तै होन्दा होया जावै था| 12 किसे गाम म्ह बड़दे बख्त उसनै दस कोढ़ी फेट्टे| 13 उन्नै दूर खड़े होकै ठाड्डू बोल तै कह्या, “हे यीशु, हे मालिक, म्हारै पै दया कर!” 14 उसनै उन पै लखा कै कह्या, “जाओ, अर खुद ताहीं याजकां नै दिखाओ|” अर जांदे ए जांदे वे चंगे होग्ये| 15 फेर उनम्ह तै एक न्यू देख कै के मै चंगा होग्या सूंं, ठाड्डू बोल तै पणमेशर की बड़ाई करदा होया बोहड़या; 16 अर यीशु कै पायां पै मुँह कै बळ पड़ कै उसका धन्यवाद करण लाग्या, अर ओ सामरी था| 17 इस पै यीशु नै कह्या, “के दस चंगे कोनी होए, तो फेर नौ कित सैं? 18 के इस परदेसी नै छोड़ कोए और नीं लिकड़या जो पणमेशर की बड़ाई करदा?” 19 फेर उसनै उस ताहीं कह्या, “उठकै चल्या जा, तेरै बिश्वास नै तेरै ताहीं चंगा करया सै|”
पणमेशर के राज्य का आगमन
20 जिब्ब फरिसियां नै उसतै बुझ्झया के पणमेशर का राज्य कद आवैगा, तो उसनै उनतै जबाब दिया, “पणमेशर का राज्य प्रगट रूप म्ह कोनी आन्दा| 21 अर माणस न्यू नीं कह्वैगें, “आड़ै सै या उड़ै सै|” क्यूँके लखाओ, पणमेशर का राज्य थारै बिच्चाळै सै|” 22 फेर उसनै चेल्यां तै कह्या, “वे दिन आवैगें, जिसम्ह थम माणस के बेट्टे के दिनां म्ह तै एक दिन नै देखणा चाहोगे, अर कोनी देक्खोगे| 23 माणस थारै तै कहवैगें, “लखाओ, उड़ै सै|” या लखाओ, आड़ै सै|” पर थम जाईयो ना अर ना उनकै पाच्छै लागियो| 24 क्यूँके जिस तरियां बिजळी अकास कै एक छोर तै कोंध कै अकास कै दुसरे छोर ताहीं चमकै सै, उस्से तरियां माणस का बेट्टा भी आपणे दिनां म्ह प्रगट होवैगा| 25 पर पह्ल्या जरूरी सै के ओ घणे काल होवै, अर इस युग कै माणस उस ताहीं तुच्छ ठहरावै| 26 जिसा नूह के दिनां होया था, उस्से तरियां माणस के बेट्टे के दिनां म्ह भी होवैगा| 27 जिस दिन ताहीं नूह जहाज नीं चढ़या, उस दिन ताहीं माणस खावै-पीवै थे, अर उनम्ह ब्याह होवैं थे| फेर जल-प्रळय नै आकै उन सारया का नास करया| 28 अर जिसा लूत कै दिनां म्ह होया था के माणस खावैं-पीवैं, लेणा-देणा करदे, दरख्त लान्दे अर घर चीणैं थे; 29 पर जिस दिन लूत सदोम तै लिकड़या, उस दिन आग अर गन्धक अकास तै बरसी सारा कीमे नास कर दिया| 30 माणस का बेट्टे कै प्रगट होण कै दिन भी इसाए होवैगा|
31 “उस दिन जो छात पै हो, अर उसका सामान घरा म्ह हो, अर ओ उसनै लेण नै नीं उतरै; अर उस्से तरियां जो खेत्त्तां म्ह हो ओ पाच्छै नीं बोहड़ैं| 32 लूत की बीरबान्नी नै याद राखियों! 33 जो कोए आपणा जी बचाणा चाहवै, ओ उसनै खोवैगा, अर जो कोए उसनै खोवै ओ उसनै जिन्दा राक्खैगा| 34 मै थमनै नै कहूँ सूंं, उस रात नै दो माणस एक खाट पै होंगे; एक ठाया जावैगा अर दूसरा छोड़ दिया जावैगा| 35 दो लुगाई एक सेत्ती चाक्की पीसदी होवैगी, एक ठा ली जावैगी अर दूसरी छोड़ दी जावैगी| 36 [दो जणे खेत म्ह होंगे, एक ठाया जावैगा अर दूसरा छोड्या जावैगा|]” 37 न्यू सुण उन्नै उसतै बुझ्झया, “हे प्रभु, यो कित होवैगा?” उसनै उनतै कह्या, “जड़ै लाश सैं, उड़ै गिद्ध कट्ठे होंगे|”
18अधर्मी जज अर बिधवा का उदाहरण
1 फेर उसनै इसकै बाबत म्ह के रोज प्रार्थना करणा अर ढेठ नीं छोड़ना चहिये, उनतै यो उदाहरण कह्या, 2 “किसे नगर म्ह एक जज रहवै था, जो ना पणमेशर तै डरै था अर ना किसे माणस की आँट मान्नै था| 3 उस्से नगर म्ह एक बिधवा भी रहवै थी, जो उसकै धोरै आ-आकै कह्या करै थी, मेरा न्याय चुकाकै मन्नै मुद्दई तै बचा|” 4 कीमे टैम ताहीं तो ओ कोनी मान्या पर आखर म्ह मन म्ह सोच कै बोल्या, “ऊ तै मै पणमेशर तै कोनी डरदा, अर ना माणसांं की कीमे आँट मान्नू सूंं; 5 फेरभी या बिधवा मन्नै कांल राक्खै सै, इस करकै मै उसका न्याय चूकाऊँगा, कदे इसा ना हो के घड़ी-घड़ी आकै आखर म्ह मेरी नास्सा म्ह दम करदे|” 6 प्रभु नै कह्या, “सुणो, यो अधर्मी जज के कहवै सै? 7 इसकरकै के पणमेशर आपणे छाँटे होया का न्याय कोनी चुकावैगा, जो दिन-रात उसकी दुहाई देंदे रहवैं सैं? के ओ उनकै बाबत वार करैगा? 8 मै थमनै कहूँ सूंं, “ओ जिब्बे उनका न्याय चुकावैगा| फेरभी माणस का बेट्टा जिब्ब आवैगा, तो के ओ धरती पै बिश्वास पावैगा?”
फरीसी अर चुंगी लेणआळे का उदाहरण
9 उसनै उनतै जो खुद पै भरोसा राक्खै थे, के हम धर्मी सां, अर दूसरयां नै तुच्छ जाणै थे, यो उदाहरण कह्या : 10 “दो माणस मन्दर म्ह प्रार्थना करण नै गए; एक फरीसी था अर दूसरा चुंगी लेण आळा, 11 फरीसी खड़या होकै आपणे मन म्ह न्यू प्रार्थना करण लाग्या, “हे पणमेशर मै तेरा धन्यवाद करूं सूंं के मै और माणसांं की तरियां अन्धेर करण आळा, जुल्मी, अर जार कोनी, अर ना इस चुंगी लेण आळे की तरियां सूंं| 12 मै हफ्तै म्ह दो बर ब्रत राक्खु सूंं; मै आपणी सारी आमन्द्नी का दसमाँ हिस्सा भी द्यु सूंं| 13 “पर चुंगी लेण आळे नै दूर खड़े होकै, सुर्ग कै कान्नी निंगाह ठाणा भी कोनी चाहया, बल्के आपणी छात्ती पीट-पीटकै कह्या, “हे पणमेशर, मुझ पापी पै दया कर !” 14 मै थम नै कहूँ सूंं के ओ दूसरा कोनी, पर योए माणस धर्मी ठहराया जाकै आपणे घरा गया; क्यूँके जो कोए खुद नै बड्डा बणावैगा, ओ छोट्टा करया जावैगा; जो कोए खुद नै छोट्टा बणावैगा, ओ बड्डा करया जावैगा|”
बाळ कां ताहीं आशरिवाद
15 फेर माणस आपणे बाळकां नै भी उसकै धोरै ल्याण लाग्गे के ओ उन पै हाथ धरै; पर चेल्यां नै लखाकै उन ताहीं धमकाया| 16 यीशु नै बाळकां ताहीं धोरै बुलाकै कह्या, “बाळकां नै मेरै धोरै आण द्यो अर उन्नै रोक्को मतना : 17 मै थम नै साच्ची कहूँ सूंं के जो कोए पणमेशर कै राज्य नै बाळकां की तरियां कोनी अपणावै ओ उसम्ह कदे नीं बड़ सकदा|”
साहूकार माणस अर अनन्त जीवन
18 किसे सरदार नै उस तै बुझ्झया, “हे उत्तम गुरु, अनन्त जीवन का हक्क दार होण खातर मै के करूं?” 19 यीशु नै उसतै कह्या, “तू मन्नै उत्तम क्यातै कहवै सै? कोए उत्तम कोनी, सिवा एक, यानिके पणमेशर| 20 तन्नै हुक्मां का तो बेराए सै : ‘जारी नीं करणा, खून नीं करणा, अर चोरी नीं करणा, अर झूठी गवाही नीं देणा, आपणे माँ-बाप का आदर-मान करणा’ |” 21 उसनै कह्या, “मै तो इन सारया नै बाळकपण तैए मान्दा आऊँ सूंं|” 22 न्यू सुण कै यीशु नै उसतै कह्या, “तेरै म्ह इब भी एक बात की घटी सै, आपणा सारा कीमे बेचकै कंगाल तै बांड दे; अर तन्नै सुर्ग म्ह धन मिलैगा, अर आकै मेरै गेल हो ले|” 23 ओ न्यू सुण कै घणा उदास होया, क्यूँके ओ घणा साहूकार था| 24 यीशु नै उसताहीं देखकै कह्या, “साहूकारां का पणमेशर कै राज्य कै बड़ना कितना ओख्खा सै| 25 पणमेशर राज्य म्ह साहूकार का बड़ना ऊँट का सूंंई कै मोरै म्ह तै काड्ना सेल्ला सै|” 26 इस पै सुनण आळयां नै कह्या, “तो फेर किसका उद्धार हो सकै सै?” 27 उसनै कह्या, “जो माणसांं तै नीं हो सकदा ओ पणमेशर तै हो सकै सै|” 28 पतरस नै कह्या, “लखा, हम तो घर-बार छोड़ कै तेरै गेल हो लिये सां|” 29 उसनै उनतै कह्या, “मै थम तै साच्ची कहूँ सूंं के इसा कोए कोनी जिसनै पणमेशर राज्य कै खातर घर, या बीरबान्नी, भाई, या माँ-बाप, या बाळक बचच्या नै छोड़ दिया हो; 30 अर इस टैम कई गुणा घणा नीं पावै अर आणआळे युग म्ह अनन्त जीवन|”
अपणी मौत कै बारै म्ह यीशु की तीसरी भविष्यवाणी
31 फेर उसनै बारहा ताहीं गेल ले जाकै उनतै कह्या, “लखाओ, हम यरूशलेम नै जांवां सां, अर जितनी बात माणस कै बेट्टे खातर नब्बियाँ तै लिक्खी होई सैं, वे सारी पूरी होवैगी| 32 क्यूँके ओ दूसरी जात्त्तां के हाथां म्ह सौप्या जावैगा, अर वे उसका मखौल करैंगें; उसकी बेइज्जती करैंगें, अर उस पै थूकैगें, 33 अर उसकै कोरड़े मारैगें, अर घात करैगें छेतैगें; अर ओ तीसरै दिन जिन्दा होज्यागा|” 34 पर उन्नै इन बात्त्तां म्ह तै कोए बात नीं समझी; अर या बात उनतै लुहकी रही, अर जो कह्या गया था ओ उसकी समझ कोनी आया|
आंधे भिखारी का उदाहरण
35 जिब्ब ओ यरीहो कै लवै पहोच्या, तो एक आंधा सड़क कै कंठारै बैठ्या होया भीख माँगण लागरया था| 36 ओ भीड़ कै चाल्लण की पैड़ सुण कै बूझण लाग्या, “यो के होरया सै?” 37 उन्नै उसतै बताया, “यीशु नासरी जाण लागरया सै|” 38 फेर उसनै रुक्का मारकै कह्या, “हे यीशु, दाऊद की ऊलाद, मेरै पै दया कर !” 39 जो आगै- आगै जाण लागरे थे, वे उसनै धमकाण लाग्ये के बोल-बाल्ला रहै; पर ओ और भी किल्की मारण लाग्या, “हे दाऊद की ऊलाद, मेरै पै दया कर !” 40 फेर यीशु नै खड़े होकै हुक्म दिया के उसनै मेरै धोरै ल्याओ, अर जिब्ब ओ धोरै आया तो उसनै उसतै बुझ्झया, 41 “तू के चाहवै सै के मै तेरै खातर करूं?” उसनै कह्या, “हे प्रभु, योए के मै देक्खण लाग्गू|” 42 यीशु नै उसतै कह्या, “देक्खण लाग; तेरै बिश्वास नै तेरै ताहीं आच्छा करया सै|” 43 फेर ओ जिब्बे देखण लाग्या अर पणमेशर की बड़ाई करदा होया उसकै गेल हो लिया; अर सारे आदमीयाँ नै देखकै पणमेशर की जय-जयकार स्तुति करी|
19चुंगी लेण आळा जक्कई
1 ओ यरीहो म्ह बड़ण लागरया था| 2 ओड़ै जक्कई नाम का एक माणस था जो चुंगी लेण आळयां का सरदार था अर साहूकार था| 3 ओ यीशु नै देखणा चाहवै था के ओ कौण-सा सै| पर भीड़ कै कारण देख नीं सकै था, क्यूँके ओ बोना था| 4 फेर उस ताहीं खातर ओ आगै भाज कै गुलर कै दरख्त पै चढ़ग्या, क्यूँके यीशु नासरी उस्से राह तै जाण आळा था| 5 जिब्ब यीशु नासरी उस ठोड़ पहोच्या, तो ऊप्पर लखाकै उसनै कह्या, “हे जक्कई, तोळा उतरया; क्यूँके आज मन्नै तेरै घरा जरुर रहणा सै|” 6 ओ जिब्बे उतरकै राज्जी होकै यीशु नै आपणे घरा लेग्या| 7 न्यू देखकै सारे माणस बरड़ाण लाग्गे, “ओ तो एक पापी माणस कै घरा रुकरया सै|” 8 जक्कई नै खड़े होकै प्रभु तै कह्या, “हे प्रभु, लखा, मै आपणी आधी सम्पति कंगालां नै द्यु सूंं, अर किसे का कीमे भी जुल्म करकै ले लिया सै तो उस ताहीं चौगुणा बोहड़ा द्यु सूंं|” 9 फेर यीशु नै उसतै कह्या, “आज इस म्ह उद्धार आया सै, इसकरकै के यो भी अब्राहम का बेट्टा सै| 10 माणस का बेट्टा खुवे होया नै टोहण अर उनका उद्धार करण आया सै|”
दस मुहरां का उदाहरण
11 जिब्ब वे ये बात सुणै थे, तो उसनै एक उदाहरण कह्या, इसकरकै के ओ यरूशलेम कै धोरै था, अर वे समझै थे के पणमेशर का राज्य इब्बे प्रगट होण आळा सै| 12 आखर उसनै कह्या, “एक साहूकार माणस दूर देश तै चल्या के राजपद पाकै बोहड़ै| 13 उसनै आपणे नौकरां म्ह तै दस ताहीं बुलाकै उन ताहीं दस मोंहर दीं अर उनतै कह्या, “मेरै बोहड़ण ताहीं लेण-देण करणा|” 14 पर उसकै नगर के बासिन्दे उस तै बैर राक्खै थे, अर उसकै पाच्छै दुत्त्तां तै कुहवा भेज्या, “हम नीं चाह्न्दे के यो म्हारै पै राज करै|” 15 “जिब्ब ओ राजपद पाकै बोहड़या, तो इसा होया के उसनै आपणे नौकरां ताहीं जिन ताहीं रपिये दिये थे, आपणे धोरै बुलाया ताके बेरा करै के उन्नै लेण-देण म्ह के-के कमाया| 16 फेर पहलड़े नै आकै कह्या, “हे मालिक, तेरी मोंहर तै दस और मोंहर कमाई सैं| 17 उसनै उसतै कह्या, “धन्य, हे बढ़िया नौकर ! तू घणए थोड़े म्ह बिश्वासजोग्गा लिकड़या इब दस नगरां का हक्क राख|” 18 दुसरे नै आकै कह्या, “हे मालिक, तेरी मोंहर तै पाँच और मोंहर कमाई सैं|” 19 उसनै उसतै कह्या, “तू भी पाँच नगरां पै हाकिम होज्या|” 20 तीसरे नै आकै कह्या, “हे मालिक, देख, तेरी मोहर या सै : जिस ताहीं मन्नै अंगोछे म्ह जुड़ राक्खी थी| 21 क्यूँके मै तेरै तै डरु था, इस करकै के तू करड़ा माणस सै : जो तन्नै नीं धरया उसनै ठा ले सै, अर जो तन्नै नीं बोया, उस ताहीं काट्टै सै|” 22 उसनै उसतै कह्या, “हे दुष्ट नौकर, मै तेरै ए मुँह तै तन्नै कसूरवार ठहराऊँ सूंं| जिब्ब तन्नै मेरा बेरा सै के करड़ा माणस सूंं, जो मन्नै नीं धरया उसनै ठा ल्यु सूंं, अर जो मन्नै नीं बोया, उस ताहीं काट्टू सूंं; 23 तो तन्नै मेरे रपिये महाजनां कै धोरै क्यातै कोनी धरे के मै आकै ब्याज सुदा ले लेन्दा?” 24 अर जो माणस धोरै खड़े थे, उसनै उनतै कह्या, “वा मोहर उसतै ले ल्यो, अर जिसकै धोरै दस मोंहर सै उसनै दे द्यो|” 25 उन्नै उसतै कह्या, “हे मालिक, उसकै धोरै दस मोंहर तो सैं|” 26 “मै थम नै कहूँ सूंं के जिसकै धोरै सै, उस ताहीं दिया जावैगा; अर जिसकै धोरै नीं सै, उसतै वो भी जो उसकै धोरै सै ले लिया जावैगा| 27 पर मेरे उन बैरियां ताहीं जो नीं चाहवैं थे के मै उन पै राज करूं, उनताहीं उरै ल्याकै मेरै स्याम्ही घात करो|”
यरूशलेम म्ह विजय-प्रवेश
28 ये बात कहकै ओ यरूशलेम कै कान्नी उनकै आगै-आगै चाल्या| 29 जिब्ब ओ जैतून नामका पहाड़ पै बैतफगे अर बैतनिय्याह कै धोरै पहोच्या, तो उसनै आपणे चेल्यां म्ह तै दोवां ताहीं न्यू कहकै खन्दाया, 30 “स्याम्ही के गाम म्ह जाओ; अर उसम्ह पहोचदये एक गधी का बच्चा जिसपै कोए कदे नीं बैठ्या हो, बन्धया होड़ थमनै मिलैगा, उसनै खोल कै लियाओ| 31 जै कोए थारै तै बुझ्झै के क्यातै खोल्लो सो, तो न्यू कह दियो के प्रभु नै इस ताहीं काम म्ह ल्याणा सै|” 32 जो खन्दाए गए थे, उन्नै जाकै जिसा उसनै कह्या था, उस्से तरियां पाया| 33 जिब्ब वे गधी कै बच्चे नै खोल्लै रहे थे, तो उसके मालिका नै उनतै बुझ्झया, “इस बच्चे नै क्यातै खोल्लो सो?” 34 उन्नै कह्या, “प्रभु नै इस ताहीं काम म्ह ल्याणा सै|” 35 वे उसनै यीशु धोरै लियाए, अर आपणे लत्त्ते उस बच्चे पै लादकै यीशु ताहीं उस पै बिठा दिया| 36 जिब्ब ओ जाण लाग रया था, तो वे आपणे लत्त्ते राह म्ह बिछान्दे जावै थे| 37 धोरै आंदे होये जिब्ब ओ जैतून पहाड़ की ढलाण पै पहोच्या, तो चेल्यां का सारा टोळ उन सारे सामर्थ के काम्मां कै कारण जो उन्नै देक्खे थे, राज्जी होकै ठाड्डू बोल तै पणमेशर की जय-जयकार करण लाग्गे : 38 “धन्य सै ओ राजा, जो प्रभु कै नाम तै आवै सै ! सुर्ग म्ह शान्ति अर अकास मण्डप म्ह महिमा हो !” 39 फेर भीड़ म्ह तै कीमे फरीसी उसतै कहण लाग्गे, “हे गुरु, आपणे चेल्यां नै धमका|” 40 उसनै जबाब दिया, “मै थमनै कहूँ सूंं, जै ये बोल-बाल्ले रहे तो पत्थर किल्की मारण लाग ज्यागें|”
यरूशलेम कै खातर बिलाप
41 जिब्ब ओ धोरै आया तो नगर नै देखकै रोया 42 अर बोल्या, “के भला ए होन्दा के तू, हम्बै, तू ए इसे दिन म्ह ख़ुशी की बात जाणदा, पर इब वे तेरी आँखां तै ओझल होगी सैं| 43 क्यूँके वे दिन तेरै पै आवैगें के तेरे बैरी मोर्चा बाँध कै तन्नै घेर लेवैंगें, अर चौगरदे तै तन्नै दबावैंगें; 44 अर तन्नै अर तेरे बाळकां ताहीं जो तेरै म्ह सै, माट्टी म्ह मिलावैंगें, अर तेरै म्ह पत्थर पै पत्थर भी कोनी छोडैगें; क्यूँके तन्नै उस मौक्के ताहीं जिब्ब तेरै पै दया की निंगाह होई थी कोनी पिच्छाणा|”
मंदर तै व्यापारियां का काड्या जाणा
45 फेर ओ मन्दर म्ह जाकै बेचण आळयां ताहीं बाहरण लिकाड़ण लाग्या, 46 अर उनतै कह्या, “लिख्या सै, ‘मेरा घर प्रार्थना का घर होगा,’ पर थम नै इस ताहीं डाकुआ की खोह बैणा दिया|” 47 ओ हरेक दिन मन्दर म्ह उपदेश दिया करै था; अर प्रधान याजक अर शास्त्री अर माणसांं के मुखिया उसका नास करण का मौक्का टोहवैं थे| 48 पर कोए जुगाड़ कोनी काड सकै थे के यो किस तरियां करां, क्यूँके सारे माणस घणे चा: तै उसकी सुणैं थे|
20यीशु के अधिकार का प्रश्न
1 एक दिन इसा होया के जिब्ब यीशु मसीह मन्दर म्ह माणसांं नै उपदेश देवै था अर सुसमाचार सुणावै था, तो प्रधान याजक अर शास्त्री, पुरनिया कै गेल्या धोरै आकै खड़े होये; 2 अर कहण लाग्गे, “म्हारै ताहीं बता, तू इन काम्मां नै किसकै हक्क तै करै सै, अर ओ कौण सै जिसनै तेरै ताहीं यो हक्क दिया सै?” 3 उसनै उनतै कह्या, “मै भी थारै तै एक बात बुझ्झु सूंं; मन्नै बताओ| 4 युहन्ना का बपतिस्मा सुर्ग की ओड़ था या माणसांं की ओड़ तै था?” 5 फेर वे आपस म्ह कहण लाग्गे, “जै हम कहवां, ‘सुर्ग की ओड़,’ तो ओ कहवैगा, ‘फेर थम नै उसका बिश्वास क्यातै नीं करया?’ 6 अर जै हम कहवां, ‘माणसांं की ओड़,’ तो सारे माणस म्हारै पै पत्थर बरसावैगें, क्यूँके उन्नै साच्ये बेरा था के युहन्ना नब्बी था|” 7 आखर म्ह उन्नै जबाब दिया, “हमनै नीं बेरा के ओ किस ओड़ तै था|” 8 यीशु नै उनतै कह्या, “तो मै भी नीं बतान्दा के मै ये काम किस हक्क तै करूं सूंं|”
दुष्ट किसानां का उदाहरण
9 फेर ओ माणसांं तै यो उदाहरण कहण लाग्या : “किसे माणस दाख की बारी लाई, अर किसानां तै उसनै ठेका दे दिया अर घणे दिनां खातर परदेश चल्या गया| 10 जिब्ब टैम आया तो उसनै किसानां कै धोरै एक नौकर ताहीं खन्दाया के वे दाख की बारी के कीमे फळां का बान्डा उसनै देवै, पर किसानां नै उसताहीं छेतकै रित्ते हाथां बोहड़ा दिया| 11 फेर उसनै एक और नौकर ताहीं खन्दाया, अर उन्नै उसताहीं भी छेतकै अर उसकी बेइज्जती करकै रित्ते हाथां बोहड़ा दिया| 12 फेर उसनै तीसरा खन्दाया, उन्नै उस ताहीं भी घायल करकै लिकाड़ दिया| 13 फेर दाख की बारी कै मालिक नै कह्या, “मै के करूं? मै आपणे प्यारे बेट्टे नै खन्दाऊँगा, हो सकै सै वे उसकी इज्जत करैं|” 14 जिब्ब किसानां नै उसताहीं देख्या तो आपस म्ह बिचार करण लाग्गे, “यो तो वारिस सै; आओ, हम इसनै मार दया के विरासत म्हारी हो जावै|” 15 अर उन्नै उसताहीं दाख की बारी तै बाहरण लिकाड़ कै मार दिया| इसकरकै दाख की बारी का मालिक उनकै गेल्या के करैगा? 16 ओ आकै उन किसानां का नास करैगा, दाख की बारी औरां नै सोपैगा|” न्यू सुणकै उन्नै कह्या, “पणमेशर करै इसा ना हो|” 17 उसनै उनकी ओड़ देखकै कह्या, “फेर यो के लिख्या सै : ‘जिस पत्थर नै राजमिस्त्रियाँ नै निकम्मा ठहराया था, ओए कुणै का सिरा होग्या| 18 जो कोए उस पत्थर पै पड़ैगा ओ चकणाचूर होज्यागा, अर जिस पै ओ पड़ैगा, उस ताहीं पीस देवैगा|
कैसर ताहीं कर देणा
19 उस्से टैम शास्त्रीयाँ अर प्रधान याजकां नै उस ताहीं पकड़णा चाहया, क्यूँके वे समझगे थे के उसनै महारै पै यो उदाहरण कह्या, पर वे आदमियाँ तै डरगे| 20 अर वे उसकी टाह म्ह लाग्गे अर भेदिए खन्दाए के धर्म का भेष धरकै उसकी कोए ना कोए बात पकड़ै, ताके उसताहीं हाकिम कै हाथ अर अधिकार म्ह सौंप दें| 21 उन्नै उसतै न्यू बुझ्झया, “हे गुरु, हमनै बेरा सै के तू ठीक कहवै अर सिखावै भी सै, अर किसे की मेर कोनी करदा, बल्के पणमेशर की राह सच्चाई तै बतावै सै| 22 के म्हारा कैसर तै कर देणा सई सै या कोनी?” 23 उसनै उनकी श्याणपत ताहीं ताड़कै उनतै कह्या, 24 “एक दीनार मन्नै दिखाओ| इस पै किसकी छाप अर नाम सै?” उन्नै कह्या, “कैसर का|” 25 उसनै उन ताहीं कह्या, “तो जो कैसर का सै, ओ कैसर नै द्यो; अर जो पणमेशर का सै, ओ पणमेशर नै द्यो|” 26 वे माणसांं कै स्याम्ही इस बात म्ह उसनै पकड़ कोनी सके, बल्के उसकै जबाब तै हैरान होकै बोल-बाल्ले रहगे|
पुनरुत्थान अर ब्याह
27 फेर सदुकी जो कहवै सै के मरे होया का जिन्दा होणा सै ए कोनी उनम्ह तै कीमे नै उसकै धोरै आकै बुझ्झया, 28 “हे गुरु, मूसा नै महारै खातर यो लिख्या सै : ‘जै किस्से का भाई आपणी बीरबान्नी कै रहन्दे बेऊलादा मर जावै, तो उसका भाई उसकी बीरबान्नी तै ब्याह करले, अर आपणे भाई कै खातर पीढ़ी पैदा करै| 29 सात भाई थे, पहलड़ा भाई ब्याह करकै बेऊलादा मरग्या| 30 फेर दुसरे नै उस लुगाई तै ब्याह कर लिया, फेर ओ भी बेऊलादा मरग्या| 31 फेर तीसरे नै भी उस लुगाई तै ब्याह कर लिया| इस तरियां तै सात्त्तु बेऊलादे मरगे| 32 आखर म्ह वा लुगाई भी मरगी| 33 इसकरकै जिन्दा होणे पै वा उनम्ह तै किसकी बीरबान्नी होगी, क्यूँके उसनै सातूवां तै ब्याह कर लिया था|” 34 यीशु नै उनतै कह्या, “इस युग की ऊलादा म्ह ब्याह होवै सै, 35 पर जो माणस इस जोग्गे ठहरैगें के उस युग नै अर मरे होया म्ह तै जिन्दा उठण नै पा लेवै, वे ना ब्याह करैगें अर ना ब्याह म्ह दिये जावैगें| 36 वे दूबारै मरण के भी कोनी; क्यूँके वे सुर्गदुत्त्तां की तरियां होवैगें, अर पुनरुत्थान की ऊलाद होणे तै पणमेशर की भी ऊलाद होवैगें| 37 पर इस बात ताहीं के मरे होये जिन्दा होवै सै, मूसा नै भी झाड़ी की कहानी म्ह प्रगट करी सै के ओ प्रभु ताहीं ‘अब्राहम का पणमेशर, अर इसहाक का पणमेशर अर याकूब का पणमेशर कहवै सै| 38 पणमेशर तो मुर्दा का कोनी पर जिन्दा का पणमेशर सै : क्यूँके उसकै लवै सारे जिन्दे सैं|” 39 फेर न्यू सुणकै शास्त्रीयाँ म्ह तै कीमे नै न्यू कह्या, “हे गुरु, तन्नै सई कह्या|” 40 अर उन्नै दूबारै उसतै कीमे और बुझ्झण की हिम्मत कोनी करी|
मसीह किसका बेट्टा सै?
41 फेर उसनै उनतै बुझ्झया, “मसीह नै दाऊद की ऊलाद किस तरियां कहवै सै? 42 दाऊद खुदे भजन संहिता की किताब म्ह कहवै सै : ‘प्रभु नै मेरै प्रभु तै कह्या, 43 मेरै सोळै कान्नी बैठ, जिब्ब ताहीं के मै तेरे बैरियाँ तेरै पायां तळै नीं कर द्यु|’ 44 दाऊद तो उसनै प्रभु कहवै सै; तो फेर ओ उसकी ऊलाद किस तरियां होया?”
शास्त्रीयां तै सावधान
45 जिब्ब सारे सुणै थे, तो उसनै आपणे चेल्यां तै कह्या, 46 शास्त्रीयाँ तै चौकन्ने रहियो, जिनताहीं लाम्बे-लाम्बे लत्त्ते पहरकै हांडणा आच्छा लागै सै, अर जिन्नै बजारां म्ह नमस्कार, अर आराधनालयां म्ह ख़ास बैठणा अर जिमणा म्ह ख़ास जंगहा प्यारी लागै सै| 47 वे बिधवायाँ के घर खा जावै सै, अर दिखावै खातर घणी वार ताहीं प्रार्थना करै सै : ये घणी सजा पावैगें|”
21कंगाल बिधवा का दान
1 फेर उसनै निंगाह ठाकै सहुकारां ताहीं आपणा-आपणा दान भण्डार म्ह घालदे देख्या| 2 उसनै एक कंगाल बिधवा ताहीं भी उसम्ह दो दमड़ी घालदे देख्या| 3 फेर उसनै कह्या, “मै थम नै साच्ची कहूँ सूंं के इस कंगाल बिधवा नै सारया तै बाध घाल्या सै| 4 क्यूँके उन सारया नै आपणी-आपणी बढती म्ह तै दान म्ह कीमे घाल्या सै, पर इसनै आपणी घटी म्ह तै आपणी सारी आमन्द्नी घाल्ली सै|”
मंदर कै विनाश की भविष्यवाणी
5 जिब्ब घण-खरे माणस मन्दर कै बाबत कहरे थे के वो किसे सूथरे पत्थरां अर भेटां की चिज्जां तै समारया गया सै, तो उसनै कह्या, 6 “वे दिन आवैगें, जिनम्ह यो सारा जिन्नै थम देक्खो सो, उनम्ह तै उरै किसे पत्थर पै पत्थर भी कोनी छुटैगा जो गेरया नीं जावैगा|”
संकट अर क्ळेश
7 उन्नै उसतै कह्या, “हे गुरु, यो सारा कद होवैगा? अर ये बात जिब्ब पूरी होण पै होवैगी, तो उस टैम की के निशान्नी होवैगी?” 8 उसनै कह्या, “चौकन्ने रहियो के भकाए ना जाओ, क्यूँके घण खरे मेरै नाम तै आकै कहवैगें, ‘मै ओए सूंं,’ अर न्यू भी के, ‘बख्त लवै आण पहोच्या सै,|’ थम उनकै पाच्छै ना चले जाइयो| 9 जिब्ब थम रोळे अर झगड़े का जिक्रा सुणो तो घबराईयो ना, क्यूँके इनका पह्ल्या होणा जरूरी सै; पर उस टैम जिब्बे खात्मा कोनी होवैगा|” 10 फेर उसनै उनतै कह्या, “जात पै जात अर राज्य पै राज्य चढाई करैगा, 11 अर बड्डे-बड्डे हाल्लण आवैगें, अर जंगहा-जंगहा अकाल अर महामारियाँ पड़ैगी, अर अकास म्ह खरतनाक बात अर बड्डे-बड्डे निशान प्रगट होवैगें| 12 पर इन सारी बात्त्तां तै पह्ल्या मेरै नाम कै बाबत थमनै पकड़ैगें, अर कांल करैगें, अर पंचायतां म्ह सौंपैगें, राजाओं अर हाकिमां कै स्याम्ही ले जावैगें| 13 पर यो थारै खातर गवाही देण का मौक्का हो जावैगा| 14 इसकरकै आपणे-आपणे मन म्ह ठान ल्यो के हम पह्ल्या तै जबाब देण की फ़िक्र कोनी करांगें| 15 क्यूँके मै थारै ताहीं इसा बोल अर समझ द्युँगा के थारे सारे बिरोधी सामणा या खण्डन कोनी कर सकैगें| 16 थारे माँ-बाप, अर भाई, अर कुन्बा, अर ढब्बी भी थमनै पकड़वावैगें; उरै ताहीं के थारै म्ह तै कईयां नै मरवा देवैगें| 17 मेरै नाम कै बाबत सारे माणस थारै तै बैर राक्खैगें| 18 पर थारे सिर का एक बाळ भी बान्गा कोनी होवैगा| 19 आपणे धीरज तै थम आपणे जीवन नै बचाए राक्खोगे|
यरूशलेम के विनाश की भविष्यवाणी
20 “जिब्ब थम यरूशलेम की फौजां तै घिरया होया देक्खो, तो जाण लियो के उसका उजड़ जाणा लवै सै| 21 फेर जो यहुदियाँ म्ह हों पहाड़ां म्ह भाज जावैं; अर जो यरूशलेम कै भीत्त्तर हों वे बाहरण लिकड़ जावैं| अर जो गाम्मां म्ह हों वे उस म्ह नीं जावैं| 22 क्यूँके ये बदला लेण के इसे दिन होंगें, जिनम्ह लिक्खी होई सारी बात पूरी हो जावैगी| 23 उन दिनां म्ह जो पेट तै हों या दूध पिलान्दी होंगी, उनकै खातर हाय, हाय ! क्यूँके देश म्ह बड्डा क्लेश अर इन माणसांं पै बड्डा प्रकोप होवैगा| 24 वे तलवार की कौर हो जावैगें, अर सारे देश कै माणसांं म्ह कैदी होकै पहोचाये जावैगें; अर जिब्ब ताहीं और जात्त्तां का टैम पूरा कोनी होवै, जद ताहीं यरूशलेम और जात्त्तां तै रोंद्या जावैगा|
माणस के बेट्टे का पुनरागमन
25 “सूंरज, चाँद, अर तारां म्ह निशान्नी दिखैगी; अर धरती पै देश-देश के आदमिया पै संकट होगा, क्यूँके वे समुन्दर कै गरजण अर लहरां के रोळें तै घबरां जावैगें| 26 भय कै कारण अर दुनिया पै आण आळी घटनायां की बाट देखदे-देखदे माणसांं कै जी म्ह जी कोनी रहवैगा, क्यूँके अकास की शक्तियाँ हलाई जावैगी| 27 फेर वे माणस के बेट्टे नै सामर्थ अर बड्डी महिमा कै गेल्या बादळा पै आंदे देखैगें| 28 जिब्ब ये बात होण लागै, तो सीधे होकै आपणे सिर ऊप्पर ठाईयो; क्यूँके थारा छुटकारा लवै होगा|”
अंजीर के दरख्त का उदाहरण
29 उसनै उन तै एक उदाहरण भी कह्या, “अंजीर के दरख्त अर सारे दरख्तां नै देक्खो| 30 ज्योंही उनम्ह कोंपले लिकड़ै सै, तो थमनै खुद बेरा लाग ज्यागा के गर्मी का टैम लवै सै| 31 इस तरियां तै जिब्ब थम ये बात होन्दे देक्खो, तो जाण ल्यो के पणमेशर का राज्य लवै सै| 32 मै थम नै साच्ची कहूँ सूंं के जिब्ब ताहीं ये सारी बात नीं हो लें, जद तक इस पीढ़ी का कद्दे भी अन्त कोनी होवैगा| 33 अकास अर धरती टळ ज्यागें, पर मेरी बात कद्दे कोनी टळैगी|
जागदे रहो
34 “इसकरकै चौकन्ने रहियो, इसा ना हो के थारा मन खुमार, अर मतवालापण, अर इस जिन्दंगी की फ़िक्र तै सुस्त हो जावै, अर वो दिन थारै पै फन्दे की ढाळ चाणचक आण पड़ै| 35 क्यूँके ओ सारी धरती के सारे बासिन्दा पै इस तरियां आण पड़ैगा| 36 इसकरकै जागदे रहो अर हर टैम प्रार्थना करदे रहो के थम इन सारी आणआळी घटनायां तै बचण अर माणस के बेट्टे कै स्याम्ही खड़े होण कै जोग्गे बण सको|” 37 वो दिन म्ह मन्दर म्ह उपदेश देवै था, अर रात नै बाहरण जाकै जैतून नामक पहाड़ पै रह्या करै था; 38 अर सबेरे नै तड़कै सारे माणस उसकी सुणन की खातर मन्दर म्ह उसकै धोरै आया करै थे|
22यीशु कै खिलाफ साजिस
1 अखमीरी रोट्टी का त्यौहार जो फसह कहवावैं सै, धोरै था; 2 अर प्रधान याजक अर शास्त्री इस बात की टोह म्ह थेI के उसनै किस तरियांं मारै, पर वे माणसां ते डरैं थे|
यहूदा का बिश्वासघात
3 फेर शैतान यहूदा म्ह बडग्या ,जो इस्करियोती कहवावै अर बारह चेल्यां म्ह गिना जावै थाI 4 उसनै जाकै प्रधान याजकां अर पहरेदार के सरदारां के गैल्या बातचीत करयी के किस तरियांं इसनै उनके हाथ पकडवावाI 5 वे राज्जी होए, अर उस ताहीं रुपिये देण का वादा कियाI 6 वो मान ग्या अर मोक्का टोहण लाग्या के जिब्ब भीड़ नीं हो तो उसनै उनके हाथ पकड़वा देI
चेल्यां कै गेल्या फसह का आखरी जिमणा या भोज
7 फेर अखमीरी रोट्टी के त्यौहार का दिन आया , जिसमै फसह का मेम्ना बलि करना जरूरी थाI 8 यीशु नै पतरस अर यूहन्ना ताहीं यो कहकै भेज्या; ‘‘ जा कै म्हारै खान खात्तर फसह त्यार करोI ’’ 9 उन्नै उसतै बुझया, ‘‘तू कित्त चाहवै सै के हम उसनै त्यार करां? ’’ 10 उसनै उन ताहीं कह्या, देक्खो, नगर म्ह बड्तेए एक आदमी थम नै पाणी का पण्डा ठाए होए थम नै मिलैगा ;जिस घर म्ह वो जावै थम उसके पाच्छै चले जाइयो, 11 अर उसके घर के माल्लिक तै कहियो; गुरु तेरै तै बुझ्झै सै के वा बैट्ठक कित्त सै जिस म्ह मै अपनै चेल्यां के गैल्या फसह खाऊँ?’ 12 वो थम नै एक सजी–सजाई बड़ी अटारी दिखा देवैगा; ओडैए त्यारी करयोI 13 उन्नै जाकै ,जिसा उसनै उन ताहीं कह्या था, उस्से तरियांं पाया अर फसह त्यार करयाI
प्रभु-भोज
14 जद वा घड़ी आग्यी, के वो प्रेरितां गैल्या खाणा जिम्मण बैठ्याI 15 अर उसनै उन ताहीं कह्या ‘‘मन्नै बड़ी लालसा थी के दुःख भोगण तै पहल्या यो फसह थारै गैल्या खाऊँ। 16 क्यूँके मै थम नै कहूँ सूं के जिब्ब ताहीं वो पणमेशर के राज्य म्ह पूरा नीं हो जद ताहीं मै उसनै कदे नीं खाऊँगाI’’ 17 फेर उसनै कटोरा लेकै धन्यवाद करया अर कह्या, ‘‘इसने ल्यो अर आपस म्ह बाँट ल्योI 18 क्यूँके के मै थम नै कहूँ सूं के जिब्ब ताहीं पणमेशर का राज नीं आवै तब तक मै दाख का रस इब तै कदे नीं पिऊँगा I ’’ 19 फेर उसनै रोट्टी ली अर धन्यवाद करकै तोड़ी ,अर उन ताहीं या कहकै दी , ‘‘ या मेरी देह सै जो थारै खात्तर दी जा सै : मेरी याद म्ह न्यूए करया करोI ’’ 20 इसै रीति तै उसनै खाणै के पाच्छै कटोरा भी यो कहन्दे होए दिया, यो कटोरा मेरै उस लहू म्ह जो थारै खात्तर बाह्या जा सै नई वाचा सैI 21 पर देक्खो, मेरै पकडण आळे का हाथ मेरै गैल्या मेज पै सैI 22 क्यूँके माणस का बेट्टा तो जिसा उसकै खात्तर ठहराया गया सै, जावै सै, पर हाय उस आदमी पै जिसके जरिये वो पकड़वाया जा सै! ’’ 23 फेर वे आपस म्ह पूच्छताछ करण लाग्ये के म्हारै म्ह तै कोण सै, जो यो काम करैगाI
महान कौण? पर वाद-विवाद
24 उन म्ह या बहस भी होगी के उन मै तै कौण बड्डा समझा जावै सैI 25 उसनै उन ताहीं कह्या , ‘‘और जातियां के राजा उनपै प्रभुता करैं सैं; अर जो उनपै हक जमावैं सैं वे भले कहवावैं सैं I 26 पर थम इसे ना होइओ ; बल्के जो थारै म्ह बड्ड़ा सै वो छोटे कै बरोब्बर अर जो प्रधान सै, वो सेवक कै बरोब्बर बणैI 27 क्यूँके बड्डा कौण सै ,वो जो खाणै पै बैठ्या सै, या वो जो सेवा करै सै? के वो नीं जो ज़िम्मण बैठ्या सै? पर मै थारै बिचाळै सेवक बरोब्बर सूं I 28 ‘‘ थम वो सों, जो मेरै परीक्षाओं म्ह लगातार मेरै गैल्या रहे; 29 अर जिस तरियांं मेरै पिता ने मेरै खात्तर एक राज्य ठहराया सै, उसे तरियांं मै भी थारै खात्तर ठहराऊ सूं, 30 ताके थम मेरै राज्य म्ह मेरी मेज पै खाओ-पिओ बल्के सिंहासनां पै बैठकै इस्राएल के बारह गोत्रां का न्याय करो I
पतरस के इनकार की भविष्यवाणी
31 ‘‘शमौन, हे शमौन ! देख शैतान नै थारै ताहीं माँग लिया सै के गेहूँ की ढाळ पिच्छोड़ै, 32 पर मन्नै तेरै खात्तर बिनती करी के तेरा बिश्वास कम नीं हो; अर जिब्ब तू फिरे तो, अपने भाइयां ने मजबूत करणाI’’ 33 उसनै उस ताहीं कह्या, ‘‘हे प्रभु मै, तेरै गैल्या जेल जाण, बल्के मरण नै भी त्यार सूंंI’’ 34 उसनै कह्या, ‘‘हे पतरस, मै तन्नै कहूँ सूंं के आज मुर्गा बाँग नीं देवैगा जब ताहीं तू तीन बर मेरा इन्कार नीं कर लेवैगा के मै तन्नै नीं जाणदाI’’
बटुआ, झोळी अर तलवार
35 फेर उसनै उन ताहीं कह्या, ‘‘जिब्ब मन्नै थारै ताहीं बटुए, अर झोळी, अर जूत्या बिना भेज्या था, तो के थम नै किसे चीज की कमी होई थी?’’ उन्नै कह्या, ‘‘किसे चीज की नीं I’’ 36 उसनै उन तै कह्या, ‘‘पर इब जिसकै धोरै बटुआ हो वो उसनै ले अर उसी ए झोळी, अर जिसकै धोरै तलवार नीं हो तो वो अपने लत्त्ते बेच कै एक मोल लेवैI 37 क्यूँके मै थम नै कहूँ सूंं ,यो जो लिख्या सै : ‘वो गुन्हेगार गैल्या गिना गया,’ उसका मेरै म्ह पूरा होणा जरूरी सै; क्यूँके मेरै बारे में लिख्यी बात पूरी होण पै सैंI’’ 38 उन्नै कह्या, ‘‘हे प्रभु याडै दो तलवार सैI’’ उसनै उन ताहीं कह्या, भतेरी सैंI’’
जैतून के पहाड़ पै यीशु की प्रार्थना
39 फेर वो बारणै लिकड कै अपनी रीत के मुताबिक जैतून कै पाहड़ पै गया, अर चेल्ले उसकै पाच्छे हो लियेंI 40 उस जगहा पहोंच कै उसनै उन ताहीं कह्या, ‘‘प्रार्थना करो कै थम हिम्तान म्ह ना पड़ोI’’ 41 अर आप उन तै न्यारा एक डळा फेकण के बराबर जितनी दूर गया, अर घुटणै/गोड्डे टेक कै प्रार्थना करण लाग्या, 42 ‘‘हे पिता जै तू चाहवै तो इस कटोरै नै मेरै धोरै तै हटा ले, तो भी मेरी नीं पर तेरी मर्जी पूरी होI’’ 43 फेर सुर्ग तै एक दूत उसनै दिख्या जो उसनै सामर्थ दिया करै थाI 44 वो और घणे संकट म्ह काल होकै और भी मन तै प्रार्थना करण लाग्या; अर उसका पसीन्ना मानों लहू की बड्डी-बड्डी बूँदां के जू धरती पै गीरै थाI 45 फेर वो प्रार्थना तै उठ्या अर अपने चेल्यां कै धोरै आकै उन ताहीं उदासी कै मारै सोन्दे पायाI 46 अर उनतै कह्या, ‘‘क्यूँ सोवों सों? उठो, प्रार्थना करो के थम हिम्तान म्ह ना पड़ोI’’
यीशु का धोक्खे तै पकड़या जाणा
47 वो या कहण ए लाग रह्या था के एक भीड़ आई, अर उन बारह म्ह तै एक जिसका नाम यहूदा था उसकै आग्गै-आग्गै आण लाग रह्या थाI वो यीशु कै धोरै आया के उसनै चूम लेI 48 यीशु नै उसतै कह्या , ‘‘हे यहूदा, के तू चूमा ले कै माणस के बेट्टा नै पकडवावै सै?’’ 49 उसकै साथियां नै जद देख्या के, के होण आळा सै, तो कह्या ‘‘हे प्रभु, के हम तलवार चलावां ?’’ 50 अर उन म्ह तै एक नै महायाजक कै नौकर पै तलवार चला कै उसका सोळा कान उड़ा दियाI 51 इस पै यीशु नै कह्या, ‘‘इब बस करोI’’ अर उसका कान छु कै उसताहीं ठीक करयाI 52 फेर यीशु नै प्रधान याजकां अर मंदर कै पहरेदारां कै सरदारां अर पुरनियां तै, जो उसपै चढ़ ग्ये थे, कह्या, ‘‘के थम मन्नै डाक्कू जान कै तलवार अर लाट्ठीयां ले कै लिकड़े सों? 53 जद मै मंदर में हर दिन थारै गैल्या था, तो थम नै मेरै हाथ भी कोनी लाया; पर यो थारा बख्त सै, अर अन्धकार का हक सैI’’
पतरस का इन्कार
54 फेर वे उसनै पकड़के ले चाल्ले, अर महायाजक कै घर म्ह लायेI पतरस दूरे ए दूर उसकै पाच्छै-पाच्छै चाल्लै था; 55 अर जद वे आँगन म्ह आग सुलगाकै कट्ठे बैट्ठे, अर पतरस भी उसके बिच्चाळै बैठ ग्याI 56 फेर एक नौकराणी उस ताहीं आग कै चाँदणै म्ह बैठ्या देखकै अर उस कान्नी ताककै कहण लाग्यी, यो भी तो उसकै गैल्या थाI’’ 57 पर उसनै यो कह कै मना कर दिया, के ‘‘हे, जनानी मै उसनै कोनी ज्यान्दाI’’ 58 थोड़ी हाण पाच्छै किसे और ने उस ताहीं कह्या, ‘‘तू भी तो उन म्ह तैए सै I’’ पतरस नै कह्या, ‘‘हे भाई, मै वो कोनी I’’ 59 कोए घंटे एकै म्ह एक और माणस पक्के बिश्वास तै कहण लाग्या, ‘‘सई म्ह यो भी तो उसकै गैल्या था, क्यूँके यो गलीली सैI’’ 60 पतरस नै कह्या, ‘‘हे भाई, मै नीं जाण्दा के तू के कहवै सै!’’ वो या कहवैए था के मुर्गे नै बांग देदी 61 फेर घूम कै प्रभु नै पतरस की ओड़ देख्या अर पतरस नै प्रभु की बात याद आई जो उसनै कही थी: ’’आज मुर्गे कै बाँग देणं तै पहल्या, तू तीन बर इनकार करैगा’’I 62 अर वो बारणै लिकड़ कै नै फुट-फुट कै रोयाI
यीशु का अपमान
63 जो माणस यीशु नै पकड़े होए थे, वे उसनै मखौल बणा कै पिटण लाग्गे; 64 अर उसकी आँख ढक कै उसतै बुझ्या, ‘‘भविष्यबाणी करकै बता के तेरै किसनै मारया!’’ 65 अर उन्नै घणीए बुराई की बात उसकै बिरोध म्ह कहींI
महासभा कै श्यामी यीशु
66 जद दिन लिकडया तो लोगां के पुरनिए अर प्रधान याजक अर शास्त्री कट्ठे होये, अर उस ताहीं अपनी बड्डी पंचायत म्ह ल्या कै बुझया, 67 ‘‘जै तू मसीह सै, तो हम नै कहदे !’’उसनै उन तै कहया, ‘‘जै मै थारै तै कहूँ, तो बिश्वास कोनी करोगे; 68 अर जै बुझ्झु, तो जबाब नीं द्योगेI 69 पर इब तै माणस का बेट्टा पणमेशर कै सोळी ओड़ बैठ्या रहवैगाI’’ 70 इस पै सब नै कह्या, ‘‘तो के तू पणमेशर का बेट्टा सै?’’ उसनै उनतै कह्या, ‘‘थम अपनै आपे कहो सों, क्यूँके मै सूंंI’’ 71 ‘‘फेर उन्नै कह्या, ‘‘इब हमनै गवाही की के जुरत सै; क्यूँके हमनै आप्पे उसकै मुँह तै सुण लिया सैI’’
23पिलातुस कै श्यामी यीशु
1 फेर सारी मंडळी उठ कै उसनै पिलातुस के धोरै लेग्यी I 2 वो ये कहकै उसपै इल्जाम ल्गाण लाग्गे; ‘‘हमनै इस ताहीं माणसां नै भकांदे, अर कैसर ने चुंगी देणं तै मना करदे, अर खुद नै मसीह, राजा कहन्दे होए सुणयां सै I’’ 3 पिलातुस नै उसतै बुझया, "के तू यहूदियां ‘का राजा सै?’’ उसनै उस ताहीं जबाब दिया, ‘‘तू आपै कहवै सैI’’ 4 फेर पिलातुस नै प्रधान याजकां तै अर माणसां तै कह्या, ‘‘मन्नै इस आदमी म्ह कोए खोट नीं पाया I’’ 5 पर वे और भी बिश्वास के गैल्या कहण लाग्गे, ‘‘यो गलील तै लेकै याडै ताहीं, सारे यहूदियां नै उपदेश देके माणसां नै बहकाव सैI’’ 6 या सुणके पिलातुस नै बुझया, "के यो आदमी गलीली सै?’’ 7 अर या जाणकै के वो हेरोदेस की रियासत का सै, उस ताहीं हेरोदेस के धोरै खन्दा दिया, क्यूँके उन दिनां म्ह वो भी यरूशलेम म्ह था I
हेरोदेस कै श्यामी यीशु
8 हेरोदेस यीशु नै देखकै घणा राज्जी होया, क्यूँके वो घणै दिनां तै उसनै देखणा चाहवै था; इस खात्तर के उसके बारे म्ह सुणयां था, अर उसतै किमे चमत्कार देखण की आस राख्यै था 9 वो उसतै भोत-सीं बात बूझता रहे, अर उसनै उस ताहीं कोए भी जबाब नीं दियाI 10 प्रधान याजक अर शास्त्रीं खड़े होये तन मन तै उसपै इल्जाम लगान्दे रहेI 11 फेर हेरोदेस नै अपने सिपाहियां के गैल्या उसकी बेज्ती करके मजाक उड़ाया, अर भड़कीले लत्ते पिराह के उस ताहीं पिलातुस के धोरै खन्दा दियाI 12 उसै दिन पिलातुस अर हेरोदेस ढब्बी बणगे; इसतै पह्ल्या वे एक दूसरे के दुश्मन थे I
पिलातुस द्वारा यीशु ताहीं मौत की सजा
13 पिलातुस नै प्रधान याजकां, सरदारां अर माणसां नै बुलाके उन ताहीं कह्या, 14 ‘‘थम इस आदमी नै माणसां का भकान आळा बताकै मेरै धोरै ल्याए सों, अर देक्खो, मन्नै थारै स्याम्ही उसकी जाँच करी, पर जिन बात्त्तां का थम उसपै इल्जाम लगाओ सों उन बात्त्तां के बारे म्ह मन्नै इसमे कोए भी खोट कोनी पाया; 15 ना हेरोदेस नै, क्यूँके उसनै इस ताहीं म्हारै धोरै खन्दा दिया सै: अर देक्खो, उसतै इसा कुछ कोनी होया के वो मौत की सजा के काबिल ठहराया जावैI 16 इस खात्तर मै इसनै छित्वा कै छोड़ दयु सूंI’’ 17 [पिलातुस त्यौहार के बख्त उनकै खात्तर एक कैदी नै छोड़ण पै मजबूर थाI] 18 फेर सारे मिलके चिल्ला उठ्ये, ‘‘इसका काम तमाम करदे, अर म्हारै खात्तर बरअब्बा नै छोड़ दे!’’ 19 वो किसै बलवै के कारण जो नगर म्ह होया था, अर हत्या के कारण जेल म्ह गेरया ग्या था 20 पर पिलातुस ने यीशु ताहीं छोड़ण की इच्छा तै माणसां ताहीं फेर समझाया, 21 आखर उन्नै रुक्के मारके कह्या, ‘‘उसनै क्रूस पै चढा, क्रूस पै !’’ 22 उसनै तीसरी बर उन ताहीं कह्या, ‘‘क्यूँ उसनै कौण सी बुराई करी सै? मन्नै उसमें मौत की सजा के काबिल कोए बात कोनी पाईI इस तरियांं मै इसनै छित्वा कै छोड़ देऊ सूंI’’ 23 पर ओ रुक्के मार-मार के पाच्छै पड़ ग्ये के वो क्रूस पै चढाया जावै, अर उनका रुक्के मारना तेज होग्याI 24 आखर पिलातुस ने हुक्म दिया के उनकी बिनती के मुताबिक करया जावैI 25 उसनै उस आदमी के जो बलवे अर हत्या के कारण जेल म्ह गेरा ग्या था, अर जिसनै वो मांगै थे, छोड़ दिया; अर यीशु नै उनकी इच्छा के मुताबिक सौंप दियाI
यीशु का क्रूस पै चढ़ाया जाणा
26 जद ओ उसनै लेकै जावै थे, तो उन्नै एक कुरेनी नै जो गाम म्ह तै आवै था, पकडके उसपै क्रूस लाद दिया के उसै यीशु के पाच्छै-पाच्छै ले चाल्लेI 27 माणसां की भीड़ उसकै पाच्छै-पाच्छै हो ली उन म्ह घणीए लुगाई भी थी जो उसकै खात्तर छात्त्ती पीट्टै अर रोवै धोवै थी I 28 यीशु नै उनकै कानीं मुड़के कह्या, ‘‘ हे यरूशलेम की बेटियों, मेरै खात्तर ना रोओ; पर अपणे अर आपने बाळकां के खात्तर रोओ 29 क्यूँके देक्खो, वे दिन आवैं सैं, जिन म्ह माणस कहवैंगें, ‘धन्य सैं वे जो बाँझ सैं अर वे गर्भ नीं जन्ये अर वे दुद्धी जिन्ने दूध नीं पियायाI’’ 30 उस बखत ‘वे पहाडां तै कहण लाग्ये के म्हारै पै आण पडो, अर टीलां तै के ह्मनै ढक ल्योI 31 क्यूँके वे जिब हरे रुखां गैल्या इसा करैं सैं, तो सूख्या कै गैल्या के किम्मी नीं करया ज्यागा ?’’ 32 वे और दो माणसां नै भी जो भुन्डे काम करण आळे थे उसकै गैल्या मारण नै ले चाल्लेI 33 जद वे उस जगहा पोहच्चे, जिसनै खोपड़ी कहवै थे, तो उन्नै ओडै उस ताहीं अर भुन्डे काम करण आळे ताहीं भी, एक नै सोळी अर दूसरे नै ओळी ओड़ क्रूस पै चढ़ायै I 34 फेर यीशु नै कह्या, ‘‘हे पिता इन्है माफ़ कर, क्यूँके ये नीं जाणदे के ये के करैं सैंI’’ अर उन्नै पर्ची गेर कै उसके लत्ते बाट लिएंI 35 माणस खड़े-खड़े देखैं थे, अर सरदार भी मजाक करकै कहवैं थे : इसनै दुसरयां ताहीं बचाया, जै यो पणमेशर का मसीह सै, अर उसका छाटया होए सै, तो अपनै आप नै बचा लेI’’ 36 सिपाही भी धोरै आकै अर सिरका देकै उसका मजाक बणा के कहवैं थे, 37 जै तू यहूदियां का राजा सै, तो अपने आप नै बचाले!’’ 38 अर उसकै ऊप्पर एक दोषपत्र भी लगा दिया : यो यहूदियां का राजा सैI ’’
मन फिराण आळा भुन्डे काम करणीया
39 जो भुन्डे काम करणीये ओडै लटकाए गये थे, उन म्ह तै एक नै उसकी बुराई करकै कह्या, ‘‘ के तू मसीह कोनी? फेर आपणै आप नै अर हमनै बचा!’’ 40 इस पै दुसरै ने उस ताहीं धमका के कह्या, ‘‘ के तू पणमेशर तै भी कोनी डरदा? तू भी तो वाए सजा पा रया सै, 41 हम तो न्याय के मुताबिक सजा पारे सां, क्यूँके हम आपनै काम्मां की सई सजा पारे सां, पर उसनै कोए गलत काम नीं करयाI ’’ 42 फेर उसनै कह्या, ‘‘हे यीशु, जद तू अपणै राज्य म्ह आवै, तो मेरी ख्यास करियेI’’ 43 उसनै उस ताहीं कह्या, ‘‘मै तन्नै सच्च कहूँ सूं के आजे तू मेरै गैल्या सुर्गलोक म्ह होगाI’’ 44 करीबन दोफ्फारै तै तीसरे पहर ताहीं सारे देश म्ह अन्धेरा होया रह्या, 45 अर सूरज का चाँदणा जांदा रह्या, अर मंदर का पर्दा बिचाळै तै पाट ग्या, 46 अर यीशु नै बड्डे जोर तै कह्या, ‘‘हे पिता, मै अपनी आत्मा तेरै हाथां म्ह सौंप्पू सूंI’’ अर या कह के दम तोड दियाI 47 सूबेदार नै जो किम्मे होया था देखकै पणमेशर की बड़ाई करी, अर कह्या, ‘‘पक्का यो आदमी धर्मी थाI’’ 48 अर भीड़ जो यो देक्खण नै कट्ठी होई थी, इस घटना ने देखकै छात्त्ती पीटती होई बोहड्गीI 49 पर उसकै सब जाण पिच्छाण, अर जो लुगाईयां गलील तै उसकै गैल्या आई थी, दूर खड़ी यो सब देखण लागरी थीI
यीशु का गाड्या जाणा
50 ओडै युसूफ नाम का बड्डी पंचायत का एक सदस्य था जो आच्छा अर धर्मी आदमी था 51 उनकी बिचार अर उनके इस काम तै राज्जी कोनी थाI वो यहूदियां के नगर अरिमतिया का रहण आळा अर पणमेशर के राज्य की बाट देखण आळा थाI 52 उसनै पिलातुस के धोरै जाकै यीशु की लाश माँगी; 53 अर उस ताहीं उतार के मलमल की चादर म्ह लपेटया, अर एक कब्र म्ह धरया, जो पत्थरां म्ह खुदी होए थी ; अर उस म्ह कोए कदे नीं राख्या ग्या थाI 54 वो त्यारी का दिन था, अर सब्त का दिन सरू होण आळा था I 55 उन लुगाईयां नै जो उसके गैल्या गलील तै आई थी, पाच्छे-पाच्छे जाकै उस कब्र नै देख्या, के अर यो भी के उसकी लाश किस रीति तै राख्यी गयी सैI 56 फेर उन्नै बोहड़ के खुशबूदार चीज़ अर इत्र त्यार करया; अर सब्त के दिन उन्नै हुक्म के मुताबिक आराम करया I
24यीशु का पुनरुत्थान
1 पर हफ्ते कै पहल्ड़ै दिन तड़कै-तड़कै नै वे उन खस्बुदार चिज्जां नै जो उन्नै बणाई थी, ले कै कब्र पै आग्यी। 2 उन्नै पत्थर कब्र पै तै हट्या पाया, 3 पर भीत्त्तर जाकै प्रभु यीशु की लाश कोनी पाई। 4 जब वे इस बात तै हैरान होरी थी तो देक्खो दो माणस चमकते होए लत्ते पहरी होए उनकै धोरै आण खड्ये होए। 5 जिब्ब वे डर ग्यी अर धरती की ओड मुँह झुकाए रही तो उन्नै उन ताहीं कह्या, ’’थम जिन्दै नै मरै होया म्ह क्यूँ टोह्वो 6 वो याड़ै कोनी, पर जी उठ्या सै। याद करो कै उसनै गलील म्ह रहंदे होए थारै तै कै कह्या था, 7 जरूरी सै कै माणस का बेट्टा पपियां कै हाथां म्ह पकड़वाया जावै, अर क्रूस पै चढाया जावै, अर तीसरे दिन जी उठै’।’’ 8 फेर उसकी बात उसकै याद आई, 9 अर कब्र पै तै उल्टे आकै उन्नै उन ग्यारहां नै अर, सारया ताहीं ये सब बात कहदी। 10 जिन्नै प्रेरितां तै ये बात कही वे मरियम मगदलीनी अर योअन्ना अर याकूब की माँ मरियम अर उसकै साथ की और भी लुगाईं थी । 11 पर उसकी बात उण ताहीं कहानी-सी लाग्गी, अर उन्नै उसका बिश्वास नीं करया । 12 फेर पतरस कब्र पै भाज्या ग्या, अर झुककै देख्या तो सिर्फ लत्ते पड़े देक्खे, अर जो होया था उसतै अचम्भा करता होया अपणे घरां चला ग्या I 13 उसै दिन उन म्ह तै दो माणस इम्माऊस नाम गाम म्ह जाण लागरै थे, जो यरूशलेम तै कोई सात कोंस की दुरी पै थाI 14 वे इन सब बात्त्तां पै जो होई थी, आपस म्ह बातचीत करदे जाण लागरे थे, 15 अर जद वे आपस म्ह बात चीत अर पूछताछ करै थे तो यीशु खुद धोरै आकै उनकै गैल्या हो लियाI 16 पर उनकी आँख न्यू बंद कर दी थी कै उसनै पिच्छाण ना सकैI 17 उसनै उन तै बुझ्या, ’’ये कै बात सै, जो थम चाल्दे-चाल्दे आपस म्ह करो सों? ’’वे उदास सें खड्ये होगे I 18 या सुण कै उन म्ह तै किलयोपास नाम के एक माणस नै कह्या, ’’के तू यरूशलेम म्ह एकला परदेशी सै, जो नीं जाणदा के इन दिनां म्ह उस म्ह के-के होया सै?’’ 19 उसनै उन तै बुझया, “कौण सी बात? उन्नै उस ताहीं कह्या, यीशु नासरी के बारे म्ह जो पणमेशर अर सारे माणसां कै धोरै काम अर वचन म्ह सामर्थी नब्बी था, 20 अर प्रधान याजकां अर म्हारै सरदारां नै उस ताहीं पकडवा दिया के उसतै मोंत का हुक्म दिया जा; अर उसनै क्रूस पै चड्वाया I 21 पर हमनै उम्मीद थी के योए इस्राएल नै छुटकारा देवैगा I इन सारी बात्त्तां कै सिवा इस घटना नै होए आज तीसरा दिन सै, 22 अर म्हारै म्ह तै कई लुगाईं नै भी म्हार ताहीं उल्झन म्ह गेर दिया, जो सबेरै कब्र पै ग्यी थी; 23 अर जिब्ब उसकी लाश कोनी पाई तो वा या कहन्दी आई के हमनै सुर्गदुतां के दर्शन पाये, जिन्नै कह्या के वो जिन्दा सै I 24 फेर म्हारै साथियां म्ह तै कई कब्र पै ग्ये, अर जिसा लुगाई नै कह्या था उसाए पाया; पर वो कोनी देख्याI’’ 25 फेर उसनै उन ताहीं कह्या, “हे सब बावळो अर नब्बियां की सारी बात्त्तां पै बिश्वास करण म्ह नासमझों! 26 कै जरूरी कोनी था कै मसीह ये दुःख उठा कै अपनी महिमा म्ह दाखल हो?” 27 फेर उसनै मूसा तै अर सारे नब्बियां तै सरु करकै सारे पवित्र शास्त्रां म्ह तै अपने बारै म्ह लिक्खी बात्त्तां का मतलब, उन ताहीं समझा दियाI
28 इतनै म्ह वो उस गाम कै धोरै पहोच्चे जित वे जावै थे, अर उसके ढंग तै इसा लाग्या के वो आगै जाणा चाहवै सैI 29 पर उन्नै यो कह कै उस ताहीं रोक्या, म्हारै गैल्या रह, क्यूँके साँझ होल्यी सै अर दिन इब घणा ढळ ग्या सैI” फेर वो उनकै गैल्या रहण के खात्तर भीत्त्तर ग्याI 30 जद वो उन कै गैल्या खाना खाण बैठ्या, तो उसनै रोट्टी लेकै धन्यवाद करया अर उस ताहीं तोड़कै उन्नै देण लाग्याI 31 फेर उनकी आँख खुल ग्यी; अर उन्नै उस ताहीं पिच्छाण लिया, अर वो उनकी आँखां तै ओन्झळ होग्याI 32 उन्नै आपस म्ह कह्या, “जद वो म्हारै तै रास्ते म्ह बात करै था अर पवित्र शास्त्र का मतलब हमनै समझावै था, तो कै म्हारै मन म्ह जोस नीं आया?” 33 वो उसै बख्त उठके यरूशलेम म्ह चले ग्ये, अर उन ग्यारहां अर उनकै साथियां ताहीं उन्नै कठ्ठै मिलगेI 34 वो कहवै थे, प्रभु साच्चेए जी उठ्या, अर शमौन नै दिख्याI” 35 फेर उन्नै रास्ते की बात उन ताहीं बता दी अर या भी के रोट्टी तोड़दे बख्त किस तरियांं उस ताहीं पिच्छाणाI
यीशु का चेल्या ताहीं दिखणा
36 वे ये बात करये थे के ओ खुद ए उनके बिचाळै आण खड्या होया, अर उन ताहीं कह्या, ‘‘थमनै शान्ति मिलैI’’ 37 पर वे घबरागै अर डरगै, अर समझे के हम किसे भुत नै देक्खां सां I 38 उसनै उन तै कह्या के,’’ क्यूँ घबराओ सों? अर थारै मन म्ह क्यूँ बैहम हो सै? 39 मेरै हाथ-पायां ने देक्खो के मै ओए सूंंI मन्नै छु के देक्खो, क्यूँके आत्मा के हाड-माँस कोनी होंदे जिसा मेरै म्ह देक्खो सोंI”
40 यो कहकै उसनै उन ताहीं अपनै हाथ पैर दिखाएI 41 जद खुशी के मारै उन्नै बिश्वास कोनी होया, अर ओ अचम्भा मान्नै थे, तो उसनै उन ताहीं बुझ्या, ’’के याडै थारै धोरै किम्मे खाणनै सै?’’ 42 उन्नै उस ताहीं भुनी होई मच्छी का टुकड़ा दियाI 43 उसनै लेकै उनकै आगै खायाI 44 फेर उसनै उन ताहीं कह्या, ’’ये मेरी वे बात सै, जो मन्नै थारै गैल्या रहंदे होए थारै तै कही थी के जरूरी सै जितनी बात मूसा की व्यवस्था अर नब्बियां अर भजनां की किताबां म्ह मेरै बारे म्ह लिक्खी सैं, सारी पूरी होंI’’ 45 फेर उसनै पवित्र शास्त्र बुझण के खात्तर उनकी बुध्दि खोल दी, 46 अर उनतै कह्या, ’’यो लिख्या सै के मसीह दुःख ठावैगा, अर तीसरै दिन मरै होया म्ह तै जी उठैगा, 47 अर यरूशलेम तै लेकै सारी जातां म्ह मन बदलण का अर पापां की माफी का प्रचार, उसकै-ए नाम तै करया जावैगाI 48 थम इन सारी बात्त्तां के गवाह सोंI 49 अर देक्खो, जिसकी सूंंह मेरै पिता नै खाई सै, मै उन्नै थारै पे उतारूँगा अर जिब्ब तैई सुर्ग तै सामर्थ नीं पाओगे, जब ताहीं इसै नगर म्ह रुके रहो I
यीशु का स्वर्गारोहण
50 फेर ओ उन्नै बैतनिय्याह ताहीं बाहर लेग्या, अर अपणे हाथ ठाके उन ताहीं आशीष दी; 51 अर उन्नै आशीष देंदे होए ओ उनतै न्यारा होग्या अर सुर्ग पै उठा लियाI 52 फेर वो उसनै नमस्कार करके बड़ी खुशी तै यरूशलेम चले गये; 53 अर वे लगातार मंदर म्ह हाज्जर होकै पणमेशर की भक्ति करया करैं थेI