JOHN
यूहन्ना
1वचन देही की शिक्ल म्ह आया
1 सबतै पहल्या शब्द था, अर शब्द पणमेशर गेल्या था, अर शब्द पणमेशर था। 2 योए सबतै पहल्या पणमेशर कै गेल्या था। 3 सारा किमै उसकै जरिये बण्या सै, अर जो कीमे उसकै जरिये बण्या सै उसम्ह तै कोए भी चीज उसकै बिना नीं बणी। 4 उसमै जीवन था अर ओ जीवन माणसां का चाँदणा था। 5 चाँदणा अन्धेरै म्ह चमकै सै, अर अन्धेरे नै उस ताहीं कोन्या अपणाया।
6 एक माणस पणमेशर कै ओड़ तै हाजर होया जिसका नाम युहन्ना था। 7 ओ गवाही देण खातर आया के चाँदणै की गवाही देवै, अक सारे उसकै जरिये बिश्वास ल्यावै। 8 ओ खुद तै ओ चाँदणा कोनी था, पर उस्से चाँदणै की गवाही देण खातर आया था।
9 साच्चा चाँदणा जो हरेक माणस नै चमकावै सै, दुनिया म्ह आण आळा था। 10 ओ दुनिया म्ह था, अर दुनिया उसकै जरिये जणी, अर दुनिया नै उस ताहीं ना पिच्छाणया। 11 ओ अपणै घरा आया अर उसके अपणयां नै उस ताहीं कोन्या अपणाया। 12 पर जितन्यां नै उस ताहीं अपणाया, उसनै उन ताहीं पणमेशर के ऊलाद होण का हक्क दिया यानि उन्नै जो उसकै नाम पै बिश्वास राखै सै। 13 वे ना तै लहु तै, ना देही की मर्जी तै, ना माणसां की मर्जी तै, पर पणमेशर तै जणे होए सै।
14 अर वचन देही की शिक्ल म्ह आया; अर अनुग्रह अर सच्चाई तै भरकै म्हारै बिच्चाळै रहण लाग्या, अर हमनै उसकी इसी महिमा देक्खी, जिसी बाप कै ऐकलै की महिमा। 15 युहन्ना नै उसकै बारै म्ह गवाही दी, अर रूक्का मारकै बोल्या, ’’यो ओए सै, जिसका मन्नै जिक्रा करया के जो मेरै पाच्छै आण लागरया सै, ओ मेरतै बाध सै क्यूँके ओ मेरतै पहल्या था।” 16 अके उसकी भरपुरी म्ह तै हम सारया नै मिली यानिके अनुग्रह पै अनुग्रह। 17 ज्यातै के व्यवस्था तै मूसा तै मिले, पर अनुग्रह अर सच्चाई यीशु मसीह तै पहोच्ची। 18 पणमेशर ताहीं किसे नै कदे कोन्या देख्या, ऐकला बेट्टा जो बाप की गोद्दी म्ह सै, उस्से नै उस ताहीं दिखाया।
युहन्ना बपतिस्मा देणआळे की गवाही
(मत्ती 3:1-12; मरकुस 1:1-8; लूका 3:1-18)
19 युहन्ना की गवाही या सै, के जिब्ब यहुदियां नै यरूशलेम तै याजकां अर लेवियां नै उसतै यो बुझ्झण नै खन्दाया, “तू कौण सै?” 20 फेर उसनै यो मान लिया अर नाट्या कोनी, पर मान लिया, “मैं मसीह कोनी सूं।” 21 फेर उन्नै उसतै बुझ्झया, “तो फेर तू कौण सै? के तू एलिय्याह सै?” उसनै कहया, “मैं कोनी सूं।” “तो के तू ओ नबी सै?” उसनै जबाब दिया, “ना।” 22 फेर उन्नै उसतै बुझ्झया, “फेर तू सै कौण? ताके हम आपणे खन्दाण आळयां ताहीं जबाब देवां। तू अपणै बारै म्ह के कहवै सै?” 23 ओ बोल्या, “जिसा यशायाह नबी नै बोल्या सैः ’मैं बण म्है एक रूक्का देवण आळे का बोल सूं, के थम प्रभु का रास्ता सीधा करो।”
24 वे फरीसियों के कान्नी तै खन्दाए होड़ थे। 25 उन्नै उसतै यो सवाल बुझ्झया, “जै तू ना मसीह सै, अर ना एलिय्याह, अर ना ओ नबी सै, तै फेर बपतिस्मा क्यांतै देवै सै?” 26 युहन्ना नै उन ताहीं जबाब दिया, “मैं तै पाणी तै बपतिस्मा दयु सूं, पर थारे बिच्चाळै एक माणस खड़या सै जिसनै थम कोनी जाणदे। 27 यानि मेरै पाच्छै आणआळा सै, जिसकी जुत्त्ती के फीत्ते मै खोल्लण जोग्गा कोनी।” 28 ये बात यरदन तै परली ओड़ बैतनिय्याह म्ह होई, जडै़ युहन्ना बपतिस्मा दिया करदा।
पणमेशर का मेम्ना
29 दुसरै दिन उसनै यीशु ताहीं आपणी ओड़ आन्दे देखकै बोल्या, ’’देक्खो, यो पणमेशर का मेमना सै जो दुनिया का पाप ठावै सै। 30 यो ओए सै जिसकै बारै म्ह मन्नै कहया था, ’एक माणस मेरै पाछै आवै सै जो मेरतै घणा काम्मल सै, ज्यातै ओ मेरतै पहल्या था। 31 मै तै उसनै पिच्छाणु कोनी था, पर इस्से खातर मैं पाणी तै बपतिस्मा देन्दा होया आया के वो इस्राएल पै दीख जावै।” 32 अर युहन्ना नै या गवाही दीः “मन्नै आत्मा ताहीं कबूतर की तरियां अकास तै उतरदे देख्या सै, अर ओ उस पै ठहरग्या। 33 मै तै उसनै पिच्छाणु कोनी था, पर जिसनै मेरैताहीं पाणी तै बपतिस्मा देण कै खात्तर खन्दाया, उस्से नै मेरैताहीं कहया, “जिस पै तू आत्मा नै उतरदे अर ठहरदे देक्खै, ओए पवित्र आत्मा तै बपतिस्मा देणिया सै।” 34 अर मन्नै देख्या, अर गवाही दी सै, के योए पणमेशर का बेट्टा सै।”
यीशु के प्रथम चेल्ले
35 दूसरै दिन दुबारै युहन्ना अर उसके चेल्यां म्ह तै दो जणे खड़े होए थे, 36 अर उसनै यीशु पै जो जाण लागरया था, उसकी ओड़ लखाकै बोल्या, “देक्खो, यो पणमेशर का मेम्ना सै।” 37 जिब्बे वे दोन्नु चेल्ले उसकी न्यू सुणकै यीशु कै गेल हो लिए। 38 यीशु नै बोहड़कै उनताहीं गेल आन्दे देख्या अर उनतै बोल्या, “थम किसनै टोव्हो सो?” वे उसतै बोल्ले, “हे रब्बी यानि हे गुरू, तू कड़ै रहवै सै?” 39 ओ उनतै बोल्या, “चाल्लो, तै देख लियो।” फेर उन्नै उसकै रहण की जगहां देक्खी, अर उस दिन उसकै गेल्या रए। यो दसवें घन्टै कै करीबन था।
40 उन दोनुआ म्है तै, जो युहन्ना की बात सुणकै यीशु कै गेल्या हो लिए थे, एक तो शमौन पतरस का भाई अन्द्रियास था। 41 उसनै पहल्या अपणै सगै भाई शमौन तै फेटकै उसतै बोल्या, "हमनै ख्रिस्त यानि मसीह, मिलग्या। 42 ओ उसनै यीशु कै धोरै ल्याया। यीशु नै उसकी ओड़ लखाकै कहया, “तू युहन्ना का बेट्टा शमौन सैः तू कैफा यानिके पतरस कुआवैगा।
फिलिप्पुस अर नतनएल का बुलाया जाणा
43 दूसरै दिन यीशु का जी गलील जाण नै करया। ओ फिलिप्पुस तै फेटया अर बोल्या, “मेरे गेल्या हो ले।” 44 फिलिप्पुस, अन्द्रियास अर पतरस कै नगर बैतसैदा का रहणिया था। 45 फिलिप्पुस नतनएल तै फेटया अर उसतै बोल्या, “जिसका जिक्र मूसा नै व्यवस्थायां म्ह अर नब्बीयां नै करया सै, ओ म्हारै तै फेटगा सै! ओे युसुफ का बेट्टा, यीशु नासरी सै।” 46 नतनएल उसतै बोल्या,’’के कोए काम्मल चीज भी नासरत तै लिकड़ सकै सै? फिलिप्पुस उसतै बोल्या,’’चालकै देख ले। 47 यीशु नै नतनएल को आपणी ओड़ आन्दे देख कै उसकै बारै म्ह कहया, “देक्खो, यो साच्चए इस्राएली सैः इसम्ह कपट कोनी।” 48 नतनएल उसतै बोल्या, “तू मन्नै किस तरियां जाणै सै?” यीशु नै उस ताहीं जबाब दिया, “इसतै पहल्या के फिलिप्पुस नै तेरे ताहीं बुलाया, जिब्ब तू अंजीर कै दरख्त तळै था, जिब्ब मन्नै तेरैताहीं देख्या था।” 49 नतनएल नै उस ताहीं जबाब दिया, “हे रब्बी, तू पणमेशर का बेट्टा सै; तू इस्राएल का महाराजा सै।” 50 यीशु नै उस ताहीं जबाब दिया, “मन्नै जो तेरेतै कहया के मन्नै तेरैताहीं अंजीर कै दरख्त तळै देख्या, के तू इस्से ताहीं बिश्वास करै सै? तू इसतै भी बड्डे-बड्डे काम देक्खैगा।” 51 फेर उसतै बोल्या,“मैं तेरैतै साच्चे-साच्च कहूँ सूं, के थम सुर्ग नै खुल्या होड़ अर पणमेशर के सुर्गदुत्त्तां नै माणस कै बेट्टे पै उतरदे अर ऊपरान जान्दे देक्खोगे।”
2गलील के काना म्ह पहल्ला अनोक्खा काम
1 फेर तीसरै दिन गलील कै काना म्ह किसे का ब्याह था, अर यीशु की माँ भी ओड़ए थी। 2 यीशु अर उसके चेल्ले भी उस ब्याह म्ह न्योंद राक्खे थे। 3 जिब्ब दाखरस सापड़ग्या, फेर यीशु की माँ उसतै बोल्ली, “उनकै धोरै दाखरस कोनी रहया।” 4 यीशु नै उसतै कहया, “हे नारी, मन्नै तेरैतै के काम? इबे मेरा टेम कोनी आया।” 5 उसकी माँ नै नौकरां तै कहया, “जो किमै यो थारे ताहीं कहवै, न्युए करियो। 6 ओड़ै यहूदियां ताहीं पवित्र करण कै रिवाज के मुताबिक़ पत्थर के छः पैण्डे धरे थे, जिनम्ह दो-दो, तीन-तीन मण पाणी आवै था। 7 यीशु नै उनतै कहया, "पैण्डां मै पाणी भर दयो। अर उन्नै वे मुँह ताहीं भर दिए। 8 फेर उसनै उन ताहीं कहया, “इब काडकै भोज कै प्रधान धोरै ले जाओ।” अर वे लेगे। 9 जिब्ब भोज कै प्रधान नै ओ पाणी चाख्या, जो दाखरस बणग्या था अर नीं जाणै था के ओ कड़ै तै आया सै (पर जिन नौकरां नै पाणी काड्या था वे जाणै थे) फेर भोज कै प्रधान नै बन्दड़े ताहीं बुलाकै उसतै कहया, 10 “हरेक माणस पहल्या बढिया दाखरस देवै सै, अर जिब्ब माणस पीकै छिक जावै सै, फेर हल्का देवै सै; पर तन्नै बढिया दाखरस इब ताहीं राख राख्या सै।” 11 यीशु नै गलील कै काना म्ह आपणा यो पहल्ड़ा कारनाम्मा दिखाकै आपणी महिमा दिखा दी अर उसके चेल्यां नै उसपै बिश्वास करया।
12 इसकै पाच्छै ओ अर उसकी माँ अर उसके भाई अर उसके चेल्ले कफरनहूम नै गए अर ओड़ै किमै दिन रहे।
मंदर तै व्यापारियाँ का काड्या जाणा
(मत्ती 21:12-13; मरकुस 11:15-17; लूका 19:45-46)
13 यहुदियां का फसह का त्यौहार लोवै था, अर यीशु यरूशलेम म्ह गया। 14 उसनै मन्दर म्ह बळद, भेड़ अर कबूतर नै बेच्चण आळे अर सर्राफां ताहीं बैट्ठे होए पाया। 15 फेर उसनै जेवड़ियां का कोरड़ा बणाकै, सारी भेड्डां अर बळदा ताहीं मन्दर तै काड दिया, अर सर्राफां के पिस्से खिन्डा दिए अर पीढ़े पलट दिए, 16 अर कबूतर बेचणआळयां ताहीं बोल्या, “इन्है उरै तै ले जाओ। मेरै बाप कै घर नै धन्धे का घर ना बणाओ।” 17 फेर उसकै चेल्यां नै याद आया के लिख्या होड़ सै, "तेरै घर की सिरड़ मनै खा ज्यागी। 18 इस पै यहूदियां नै उसतै कहया, “तू जो इस तरियां करै सै तो म्हारैताहीं कौण-सा निशान दिखावै सै?” 19 यीशु नै उन ताहीं जबाब दिया, “इस मन्दर ने ढा दो, मैं इसनै तीन दिनां म्ह खड़या कर दूँगा। 20 यहूदियां नै कहया, “इस मन्दर कै बनाण म्ह छियालिस साल लाग्गे सैं, अर के तू इसनै तीन दिनां म्ह खड़या कर देवैगा?” 21 पर उसनै आपणी देह कै मन्दर कै बारै म्ह बोल्या था। 22 खर म्ह जिब्ब ओ मरे होया म्ह तै जिन्दा होया जिब्ब उसकै चेल्यां नै याद आई के उसनै यो कहया था; अर उन्नै पवित्र ग्रन्थ अर उस शब्द का जो यीशु नै बोल्या था, बिश्वास करया।
यीशु माणस के मन नै जाणै सै
23 जिब्ब ओ यरूशलेम म्ह फसह के टेम त्यौहार म्ह था, तो घणाए नै उसके निशान नै जो वो दिखावै था देखकै उसकै नाम पै बिश्वास करया। 24 पर यीशु नै अपणै-आप ताहीं उनकै भरोसै पै कोनी छोड्या, ज्यातै ओ सारया नै जाणै था; 25 अर उसनै जरूत कोनी थी के माणस के बारै म्ह कोए गवाही देवै, ज्यातै ओ खुदे जाणै था के माणस कै मन म्ह के सै?
3यीशु अर नीकुदेमुस
1 फरीसियां म्ह तै नीकुदेमुस नाम का एक माणस था, जो यहूदियां का प्रधान था। 2 उसनै रात नै यीशु के धोरै आकै उस ताहीं कहया, “हे रब्बी, हमनै बेरा सै के तू पणमेशर की ओड़ तै गुरू बणकै आया सै; ज्यातैए कोए इन निशान नै जिन्है तू दिखावै सै, जै पणमेशर उसकै गेल्या ना हो, तै कोन्या दिखा सकदा।” 3 यीशु नै उस ताहीं जबाब दिया, “मै थारै ताहीं साच्ची-सांच कहूं सूं, जै कोए नए सिरे तै ना जण्य तै पणमेशर का राज देख नी सकदा।” 4 नीकुदेमुस नै उस ताहीं कहया, “माणस जिब्ब बुढ़ा होज्या, तै किस ढाळ जन्म ले सकै सै? के ओ आपणी माँ कै गर्भ म्ह दुसरी बर भीत्त्तर बड़कै जन्म ले सकै सै।” 5 यीशु नै जबाब दिया, “मै तेरैतै साच्ची-सांच कहूँ सूं ; जिब्ब ताहीं कोए माणस पाणी अर आत्मा तै ना जण्य तै ओ पणमेशर के राज्य म्ह बड़ नी सकदा। 6 ज्यातै जो देह तै जण्या सै, ओ देह सै; अर जो आत्मा तै जण्या सै, ओ आत्मा सै। 7 हैरान ना होवै, के मन्नै तेरैतै कहया; के थारै ताहीं नए सिरे तै जन्म लेणा जरूरी सै। 8 बाळ जितोड़ चाहवै सै उतोड़ चाल्लै सै, अर तू उसका शब्द सुणै सै, पर ना जांणदा, के वा कड़ै तै आवै सै अर कितोड़ नै जावै सै? जो कोए आत्मा तै जण्या सै ओ इसाए सै।” 9 नीकुदेमुस नै उस ताहीं जबाब दिया; के या बात किसढाळ हो सकै सै? 10 या सुणकै यीशु नै उस ताहीं कहया, “तू इस्रालियां का गुरू होकै भी के इन बात्त्तां नै कोनी समझदा?” 11 मैं तेरैतै साच्ची-साच कहूँ सूं के हम जो जाणां सां, ओ कहवां सां, अर जिस ताहीं हमनै देख्या सै उसकी गवाही देवां सां, अर थम म्हारी गवाही अपणांदे कोनी। 12 जिब्ब मन्नै थारैतै धरती की बात कहीं, अर थम बिश्वास नी करदे, तै जै मै थमनै सुर्ग की बात कहूं, तै फेर किसढाळ बिश्वास करोगे? 13 अर कोए सुर्ग पै कोनी चढ़ा, सिर्फ ओए जो सुर्ग तै उतरा यानिके माणस का बेट्टा जो सुर्ग म्ह सै। 14 अर जिस ढाळ तै मूसा नै बण म्ह नाग ताहीं ऊंच्चे पै चढ़ाया, उस्से ढाळ तै जरूरी सै के माणस का बेट्टा भी ऊंच्चे पै चढ़ाया जावै। 15 ताके जो कोए उसपै बिश्वास करै उसम्ह अनन्त जीवन पावै।
16 क्यूँके पणमेशर नै दुनिया तै इसा प्यार राख्या के उसनै आपणा एक्ला बेट्टा दे दिया, ताके जो कोए उसपै बिश्वास करै, ओ नास कोनी होवै, पर अनन्त जीवन पावै। 17 पणमेशर नै आपणै बेट्टै ताहीं दुनिया म्ह ज्यांतै कोनी खन्दाया, के दुनिया पै दण्ड का हुक्म देवै, पर ज्यांतै के दुनिया उसकै जरिये उद्धार पावै। 18 उसपै बिश्वास करै सै, उस पै दण्ड का हुक्म कोन्या होन्दा, पर जो उसपै बिश्वास नीं करदा, ओ कसूरवार बणैगा; ज्यांतै के उसनै पणमेशर के एक्ले बेट्टै कै नाम पै बिश्वास कोनी करया। 19 अर दण्ड कै हुक्म का कारण यो सै के चान्दणा दुनिया म्ह आया सै, अर माणसां नै अन्धेरै ताहीं चान्दणै तै घणा प्यारा जाणया क्यूँके उनके काम भुण्डे थे। 20 यूँके जो कोए भुण्ड करै सै, ओ चान्दणै तै बैर राक्खै सै, अर चान्दणै कै धोरै कोनी आन्दा, इसा ना हो के उसकै काम्मां म्ह तै खोट काड्या जावै। 21 पर जो सच्चाई पै चाल्लै सै ओ चान्दणै कै धोरै आवै सै, ताके उसके काम दिखै, के ओ पणमेशर की ओड़ तै करे होड़ सै।
यीशु कै बारै म्ह युहन्ना की गवाही
22 फेर यीशु अर उसके चेल्ले यहूदिया देश म्ह पहोच्चे; अर ओ ओड़ै उनकै गेल्या रहकै बपतिस्मा देण लाग्या। 23 युहन्ना भी शालेम कै धोरै ऐनोन म्ह बपतिस्मा देवै था, क्यूँके ओड़ै घणाए पाणी था, अर माणस आकै बपतिस्मा लेवै थे— 24 युहन्ना उस टेम ताहीं जेळखाणै म्ह कैद नी करया था- 25 ओड़ै युहन्ना के चेल्यां का किसे यहूदी गेल्या पवित्रपणै कै बारै म्ह बहस होगी। 26 अर उन्नै युहन्ना कै धोरै आकै उस ताहीं कहया, “हे रब्बी, जो माणस यरदन कै परली ओड़ तेरी गेल्या था, अर जिसकी तन्नै गवाही दी सै; देख, ओ बपतिस्मा देवै सै, अर सारे उसकै धोरै आवैं सैं।” 27 युहन्ना नै जबाब दिया, “जिब्ब ताहीं माणस नै सुर्ग कान्ही तै ना दिया जावै, जद ताहीं ओ किम्मे नी ले सकदा।” 28 थम तै खुदे मेरे गवाह सो के मन्नै कहया, “मैं मसीह कोनी, पर उसकै आगै खन्दाया गया सूं।” 29 जिसकी बन्दड़ी सै, ओए बन्दड़ा सै; पर बन्दड़ै का ढब्बी जो खड़या होया उसकी सुणै सै, बन्दड़ै कै शब्द तै घणा राज्जी होवै सै; इब मेरा यो आनन्द पूरा होया सै। 30 जरूरी सै के ओ बधै अर मैं घटूँ।
31 “जो ऊपराण तै आवै सै, ओ सारया म्ह काम्मल सै; जो धरती कान तै आवै सै ओ धरती का सै, अर धरतीए की बात कहवै सै : जो सुर्ग कान तै आवै सै, ओ सारया म्ह ऊपरल्ला सै। 32 जो किम्मे उसनै देख्या अर सुणया सै, उस्से की गवाही देवै सै; अर कोए उसकी गवाही कोनी अपणान्दा। 33 जिसनै उसकी गवाही अपणाई उसनै इस बात पै छाप लगा दी के पणमेशर साच्चा सै। 34 क्यूँके जिसताहीं पणमेशर नै खन्दाया सै, ओ पणमेशर की बात कहवै सै; क्यूँके ओ आत्मा नाप-नापकै कोनी देन्दा। 35 बाप बेट्टै तै प्यार करै सै, अर उसनै सारी चीज उसकै हाथां म्ह दे दी सै। 36 जो बेट्टै पै बिश्वास करै सै, अनन्त जीवन उस्से का सै; पर जो बेट्टै नै कोनी मान्दा, ओ जीवन नै कोनी देक्खै, पर पणमेशर का छौह उस पै रहवै सै।
4यीशु अर सामरी लुगाई
1 फेर जिब्ब प्रभु नै बेरा पाट्या के फरीसियां नै सुण्या सै के यीशु युहन्ना तै घणे चेल्ले बणावै सै अर उन्है बपतिस्मा देवै सै- 2 ऊँ तै यीशु खुद नीं बल्कि उसके चेल्ले बपतिस्मा देवै थे— 3 फेर ओ यहूदियां नै छोड़कै दुबारै गलील नै चल्या गया, 4 अर उसनै सामरिया होन्दा ओड़ जाणा जरूरी था। 5 इस करकै ओ सूखार नामक सामरिया कै एक नगर ताहीं आया, जो उस धरती कै धोरै सै जो याकूब नै आपणे बेट्टे युसुफ ताहीं दी थी। 6 अर याकूब का कुवां भी ओड़ए था। आखर म्ह यीशु रास्तै का थकया होड़ उस कुअं पै न्यूए बैठग्या। या बात छठे घण्टै कै करीबन होई।
7 इतन्नै म्ह एक सामरी लुगाई पाणी भरण आई। यीशु नै उस ताहीं कहया, “मन्नै पाणी प्या।” 8 क्यूँके उसके चेल्ले नगर म्ह खाणा मोल लेण जारे थे। 9 उस सामरी लुगाई नै उस ताहीं कहया, “तू यहूदी होकै मुझ सामरी लुगाई तै पाणी क्यांतै माँगै सै?” (क्यूँके यहूदी सामरियां कै गेल्या किस्से ढाळ का बिवार कोनी राखदे।) 10 यीशु नै जबाब दिया, “जै तू पणमेशर कै वरदान नै जाणदी, अर न्यू भी जाणदी के ओ कौण सै जो तेरैतै कहवै सै, ‘मन्नै पाणी प्या, ‘फेर तू उसतै माँगदी, अर ओ तन्नै जीवन का पाणी देन्दा।” 11 लुगाई नै उस ताहीं कहया, “हे प्रभु, तेरै धोरै पाणी भरण नै तै किमे सै भी कोनी, अर कुवां डून्घा सै; तै फेर ओ जीवन का पाणी तेरै धोरै कड़ै तै आया? 12 के तू म्हारै बाप याकूब तै बड्डा सै, जिसनै म्हारै ताहीं यो कुआं दिया, अर खुद भी आपणे ऊलादां, अर अपणै डान्गरां सुदा इस म्ह तै पीया?” 13 यीशु नै उसताहीं जबाब दिया, “जो कोए यो पाणी पीवैगा ओ फेर तिसाया होगा, 14 पर जो कोए उस पाणी म्ह तै पीवैगा जो मैं उस ताहीं दयुँगां ओ फेर अनन्त काल ताहीं तिसाया कोनी होवैगा, बल्के जो पाणी मैं उस ताहीं दयुँगां ओ उसम्ह एक सोत्त्ता बण ज्यागा जो अनन्त जीवन खातर उमड़दा रहवैगा।” 15 लुगाई नै उस ताहीं कहया, “हे प्रभु, ओ पाणी मन्नै दे ताके मैं तिसाई ना होऊँ अर ना पाणी भरण नै इतनी दूर आऊँ। 16 यीशु नै उस ताहीं कहया, “जा आपणै धणी नै याड़ै बुला ल्या।” 17 लुगाई नै जबाब दिया, “मै बिना धणी की सूं।” यीशु नै उस ताहीं कहया, “तू सई कहवै सै, ‘मैं बिना धणी की सूं।’ 18 क्यूँके तन्नै पाँच धणी कर लिए सै, अर जिसकै गेल्या तू इब सै ओ भी तेरा धणी कोनी। या तन्नै साच्ची-ए कही सै।” 19 लुगाई नै उस ताहीं कहया, “हे प्रभु, मन्नै लागै सै तू नब्बी सै। 20 म्हारै बापदादां नै इस्से पहाड़ पै भगति करी, अर थम कहो सो के वा जगहा जड़ै भगति करणी चहिए यरूशलेम म्ह सै।” 21 यीशु नै उस ताहीं कहया, “हे नारी, मेरी बात का भरोस्सा कर के ओ टेम आवै सै के थम ना तै इस पहाड़ पै बाप की भगति करोगे, ना यरूशलेम म्ह। 22 थम जिसनै कोनी जाणदे, उसकी भगति करो सो; अर हम जिसनै जांणा सा उसकी भगति करया सां; क्यूँके उद्धार यहूदियां म्ह तै सै। 23 पर ओ टेम आवै सै, बल्कि इब भी सै, जिसम्ह साच्चे भगत पिता की भगति आत्मा अर सच्चाई तै करैगें, क्यूँके पिता अपणै खातर इसेए भगतां नै टोहवै सै। 24 पणमेशर आत्मा सै अर जरूरी सै के उसकी भगति करण आळे आत्मा अर सच्चाई तै उसकी भगति करैं। 25 लुगाई नै उस ताहीं कहया, “मैं जांणु सूं के मसीह जो ख्रिस्त कुहावै सै, आणआळा सै; जिब्ब ओ आवैगा, फेर म्हारै ताहीं सारी बात बता देवैगा। 26 यीशु नै उस ताहीं कहया, “मैं जो तेरैतै बोल्लण लागरया सूं, ओए सूं।”
चेल्यां की वापसी
27 इतनै म्ह उसके चेल्ले आण पहोच्चे, अर हैरान होण लागगे के ओ लुगाई तै बतळावै था, फेर भी किस्से नै कोनी बुझ्झया, “तू के चाहवै सै? या क्यातै उसतै बतळावै सै?” 28 फेर लुगाई आपणा पन्डा छोड़कै नगर म्ह चली गई, अर माणसां तै कहण लागगी, 29 “आओ एक माणस नै देक्खो, जिसनै सारा किमे जो मन्नै करया मेरै तै बता दिया। कदे योए तो मसीह नीं सै?” 30 आखर म्ह वे नगर तै लिकड़कै उसकै धोरै आण लागगे। 31 इस बिच्चाळै उसके चेल्यां नै यीशु तै या बिनति करी, “हे गुरु, किमे खा ले।” 32 पर उसनै उन ताहीं कहया, “मेरै धोरै खाण खातर इसा खाणा सै जिसनै थम कोनी जाणदे।” 33 फेर चेल्यां नै आपस म्ह कहया, ’’के कोए उसकै खातर खाणा लेकै आया सै? 34 यीशु नै उन ताहीं कहया, “मेरा खाणा यो सै के अपणै खन्दाण आळे की मर्जी कै बैळ चाल्लुं अर उसका काम पुगाऊँ। 35 के थम कोनी कहन्दे, ‘लामणीयां के इबे चार महीन्ने रहरे सैं?’ देक्खो, मैं थारैताहीं कहूँ सूं, आपणी निगांह ठाकै खेत्त्तां कान्नी लखाओ के वे लामणी खातर पकरे सैं। 36 लमणयारे मजदूरी पावै अर अनन्त जीवन कै खातर फळ कट्ठे करै सै, ताके बोणआळा अर लमणयारे दोन्नु मिलकै आनन्द करैं। 37 क्यूँके याड़ै या कहावत सई बैठह सैः बोणआळा ओर सै अर लमणयारा ओर। 38 मन्नै थारैताहीं ओ खेत काटण खातर खन्दाया जिसम्ह थमनै मैहनत कोन्या करीः दुसरयां नै मैहनत करी अर थमनै उनकी मैहनत कै फळ म्ह बान्डा करया।”
सामरियाँ का बिश्वास करणा
39 उस नगर के घणखरे सामरियां ने उस लुगाई कै कहण तै यीशु पै बिश्वास करया; क्यूँके उसनै या गवाही दी थीः ‘उसनै सारा किमे जो मन्नै करया सै, मेरै तै बता दिया, बिश्वास करया।’ 40 ज्यांतै जिब्ब सामरी उसकै धोरै आए, तो उसतै बिनती करण लागगे के म्हारै याड़ै रै। आखर म्ह ओ ओड़ै दो दिन ताहीं रहया। 41 उसके शब्दां कै कारण ओर भी घणखरे माणसां नै बिश्वास करया 42 अर उस लुगाई तै कहया, “इब हम तेरे कहण तए बिश्वास कोनी करदे; क्यूँके हमनै खुदे सुण लिया, अर जाणगे सा के योए साच्चए म्ह दुनिया का उद्धार करणिया सै।
43 फेर उन दो दिनां कै पाछै ओ ओड़ै तै लिकड़कै गलील नै गया। 44 क्यूँके यीशु नै खुदे गवाही दी के नब्बी आपणे देश म्ह आद्दर मान कोनी पान्दा। 45 जिब्ब ओ गलील म्ह आया, तो गलीली राज्जी होकै उसतै फेट्टे; क्यूँके जितने काम उसनै यरूशलेम म्ह त्यौहार कै टेम करे थे, उन्नै उन सारया ताहीं देख्या था, क्यूँके वे भी त्यौहार म्ह जारे थे।
राजकर्मचारी के बेट्टे ताहीं चंगा करणा
46 फेर ओ दुबारे गलील कै काना नगर म्ह आया, जड़ै उसनै पाणी ताहीं दाखरस बणाया था। ओड़ै राजा का एक कर्मचारी था जिसका बेट्टा कफरनहूम म्ह बीमार था। 47 ओ या सुणकै के यीशु यहूदिया तै गलील म्ह आरहया सै, उसकै धोरै गया अर उसतै बिनती करण लागग्या के चालकै मेरै बेट्टै नै ठीक कर दे: क्यूँके ओ मरण आळा था। 48 यीशु नै उस ताहीं कहया, “जिब्ब ताहीं थम कारनाम्मा अर अचम्भै के काम कोनी देखदे जद ताहीं कदे भी बिश्वास कोनी करोगे।” 49 राजा कै कर्मचारी नै उसतै कह्या, “हे प्रभु, मेरै बाळक की मौत होण तै पह्ल्या चाल|” 50 यीशु नै उस ताहीं कहया, “जा, तेरा बेट्टा जिन्दा सै।” उस माणस नै यीशु की कहीं होई बात का बिश्वास करया अर चल्या गया। 51 ओ रास्तए म्ह था के उसके नौकर उसतै आ फेट्टे अर कहण लाग्गे, “तेरा छोरा जिन्दा सै।” 52 उसनै उसतै बुझ्झया , “किस टेम ओ ठीक होण लागग्या?” उन्नै उस ताहीं कहया, “काल सातमैं घण्टे म्ह बुखार उतर गया।” 53 फेर बाप जाण गया के यो उस्से टेम होया जिस टेम यीशु नै उस ताहीं कहया, “तेरा बेट्टा जिन्दा सै,” अर उसनै अर उसके सारे कुणबे नै बिश्वास करया। 54 यो दूसरा अचम्भै का काम था जो यीशु नै यहूदिया तै गलील म्ह आकै दिखाया।
5अड़तीस साल के रोगी ताहीं चंगा करणा
1 इन बात्त्तां कै पाच्छै यहूदियां का एक त्यौहार होया, अर यीशु यरूशलेम नै गया। 2 यरूशलेम म्ह भेड़-बाड़ै कै धोरै एक कुण्ड सै जो इब्रानी भाषा म्ह बैतहसदा कुहवावै सै; उसके पाँच घाट सै। 3 इनम्ह घणखरे बीमार, आंधे, लंगड़े अर सुखे अंगआळे (पाणी कै हाल्लण कै आस म्ह) पड़े रहवै थे। 4 (क्यूँके खास टेम पै पणमेशर के सुर्गदूत कुण्ड म्ह ऊतरकै पाणी नै हलाया करै थे। पाणी हालदए जो कोए पहल्या उतरदा ओए चंगा हो जान्दा चाहे उसकै कोए बीमारी क्यूँ ना हो।) 5 उड़ै एक माणस था, जो अड़तीस साल तै बीमारी म्ह पड़या था। 6 यीशु नै उस ताहीं पड़या होया देखकै अर न्यू जाणकै के ओ घणे दिनां तै इसी हाल्लत म्ह पड़या सै, उसतै बुझ्झया, “के तू चंगा होणा चाहवै सै?” 7 उस बीमार ने उस ताहीं जबाब दिया, “हे प्रभु, मेरै धोरै कोए माणस कोनी के जिब पाणी हलाया जावै, तो मन्नै कुण्ड म्ह तारै; पर मेरे पहोचदे-पहोचदे दूसरा मेरतै पहल्या उतर जावै सै|” 8 यीशु नै उस ताहीं कहया, “उठ, आपणी खाट ठा, अर हाँड-फिर।” 9 ओ माणस जिब्बे चंगा होग्या, अर आपणी खाट ठाकै हाँडण-फिरण लागग्या।
10 ओ सब्द का दिन था। ज्यांतै यहूदी उस ताहीं जो चंगा होया था, कहण लाग्गे, “आज तै सब्द का दिन सै, तेरा खाट ठाणा सई कोनी।” 11 उसनै उन ताहीं जबाब दिया, “जिसनै मेरैताहीं चंगा करया, उस्से नै मेरैताहीं कहया, ‘आपणी खाट ठा अर हाँड-फिर’।” 12 उन्नै उसतै बुझ्झया, “ओ कौण माणस सै जिसनै तेरैतै कह्या, ‘खाट ठा, अर हाँड-फिर’?” 13 पर जो चंगा होया था ओ कोनी जाणै था के ओ कौण सै, क्यूँके उस ठोड़ पै भीड़ होण कै कारण यीशु ओड़ै तै टहलग्या था। 14 इन बात्त्तां कै पाच्छै ओ यीशु नै मन्दर म्ह फेटया। यीशु नै उस ताहीं कहया, “देख, तू चंगा होग्या सै: दुबारा पाप ना करिये, इसा ना हो के इसतै कोए भारया बिप्दा तेरै पै आण पड़ै।” 15 उस माणस नै जाकै यहूदियां तै कह दिया के जिसनै मेरैताहीं चंगा करया ओ यीशु सै। 16 इस कारण यहूदी यीशु नै तंग करण लाग्गे, क्यूँके ओ इसे काम सब्द कै दिन करया करदा। 17 इस पै यीशु नै उन ताहीं कहया, “मेरा बाप इब ताहीं काम करै सै, अर मैं भी काम करूँ सूं।” 18 इस कारण यहूदी और भी घणे उसकै मारण खातर कोशिश करण लाग्गे, क्यूँके ओ ना सिर्फ सब्द कै दिन का कायदा तोड़या करदा, पर पणमेशर नै आपणा बाप कहकै खुद ताहीं पणमेशर कै बरोबर भी ठहरावै था।
बेट्टे का अधिकार
19 इसपै यीशु नै उस ताहीं कहया, “मैं थारैताहीं साच्ची-साच कहूँ सूं, बेट्टा खुद तै किमे नीं कर सकदा, सिर्फ ओ जो बाप नै करदे देक्खै सै; क्यूँके जिन-जिन काम्मां नै ओ करै सै उन्नए बेट्टा भी इस्से ढ़ाळ करै सै। 20 क्यूँके बाप बेट्टै तै प्यार करै सै अर जो-जो काम ओ खुद करै सै, ओ सारे उसतै दिखावै सैः अर ओ इसतै भी बड्डे काम उसताहीं दिखावैगा, ताके थम हैरान होओ। 21 जिसा बाप मरे होया नै ठावै अर जिवांवै सै उस्से ढ़ाळ बेट्टा भी जिन्है चाहवै सै उन्है जिवांवै सै। 22 बाप किस्से का न्याय कोनी करदा, पर न्याय करण का सारा काम बेट्टै ताहीं सौंप राख्या सै, 23 के सारे माणस जिस ढ़ाळ बाप की इज्जत करैं सैं उस्से ढ़ाळ बेट्टै की भी इज्जत करैं। जो बेट्टै की इज्जत कोनी करदा, ओ बाप की, जिसनै उस ताहीं खन्दाया सै, इज्जत कोनी करदा। 24 मैं थारेतै साच्ची-सांच कहूँ सूं, जो मेरा शब्द सुणकै मेरै खन्दाए होए पै भरोस्सा करै सै, अनन्त जीवन उस्से का सै, अर उसपै दण्ड का हुक्म कोनी होन्दा, पर ओ मौत नै पार करकै जीवन म्ह बड़ लिया सै। 25 “मैं थारेतै साच्ची-सांच कहूँ सूं, ओ टेम आवै सै, अर इब सै, जिसम्ह मरेहोड़ पणमेशर कै बेट्टै का शब्द सुणैंगे, अर जो सुणैगे वे जिवैंगे। 26 क्यूँके जिस ढ़ाळ तै बाप खुद म्ह जीवन राखै सै, उस्से ढ़ाळ तै उसनै बेट्टै ताहीं भी यो हक्क दिया सै के खुद जीवन राखै। 27 बल्के उसनै न्याय करण का भी हक्क दिया सै, ज्यांतै के ओ माणस का बेट्टा सै। 28 इसतै हैरान मतना होओः क्यूँके ओ टेम आवै सै के जितने कब्रां म्ह सै वे उसका शब्द सुणंकै लिकड़ आवैंगे। 29 जिन्नै भलाई करी सै वे जीवन कै पुनरूत्थान कै खातर जीं जावैं गें अर जिन्नै भुण्ड करी सै वे दण्ड के पुनरूत्थान कै खातर जीं जावैंगें।
यीशु के समबन्ध म्ह गवाही
30 “मैं खुद तै किमे कोनी कर सकदा, जिसा सुणु सूं, उस्से तरियां न्याय करूँ सूं, अर मेरा न्याय साच्चा सै, क्यूँके मै आपणी मर्जी कोनी पर अपणे खन्दाण आळे की मर्जी चाहूँ सूं। 31 जै मैं खुदे आपणी गवाही द्यूँ, तो मेरी गवाही साच्ची कोनी। 32 एक और सै जो मेरी गवाही देवै सै, अर मैं जांणू सूं, के मेरी जो गवाही ओ देवै सै, वा साच्ची सै। 33 थमणै युहन्ना तै बुझवाया अर उसनै सच्चाई की गवाही दी सै। 34 पर मैं अपणै बारै म्ह माणसां की गवाही कोनी चाहन्दा; फेरभी मैं ये बात ज्यांतै कहूँ सूं के थारा उद्धार हो। 35 ओ तो बळदा होया अर चमकदा होया दीवा था, अर थमणै किमे वार ताहीं उसकै चान्दणै म्ह मगण होणा भाया। 36 पर मेरै धोरै जो गवाही सै वा युहन्ना की गवाही तै बड्डी सै; क्यूँके जो काम बाप नै मेरै ताहीं निपटाण नै सौंप्यां सै यानिके योए काम जो मैं करूँ सूं, वे मेरे गवाह सैं के बाप नै मेरैताहीं खन्दाया सै। 37 अर बाप जिसनै मेरैताहीं खन्दाया सै, उस्से नै मेरी गवाही दी सै। थमनै ना कदे उसका शब्द सुण्या, अर ना उसकी शिक्ल देक्खी सै; 38 अर उसकै शब्द ताहीं मन म्ह बणाए कोनी राखदे, क्यूँके जिस ताहीं उसनै खन्दाया थम उसका भरोस्सा कोनी करदे। 39 थम पवित्र ग्रन्थ म्ह टोव्हो सो, क्यूँके समझों सो के उसम्ह अनन्त जीवन थारैताहीं मिलै सै; अर यो ओए सै जो मेरी गवाही देवै सै; 40 फेर भी थम जीवन पाण खातर मेरै धोरै आणा कोनी चाहन्दे। 41 मैं माणसां तै इज्जत कोनी चाहन्दा। 42 पर मैं थमणै जांणू सूं के थारै म्ह पणमेशर का प्रेम कोनी। 43 मैं अपणै बाप कै नाम तै आया सूं, अर थम मेरैताहीं अपणांदे कोनी; जै दुसरा कोए खुदे नाम तै आवै, तो उसनै अपणा लोगे। 44 थम जो एक-दुसरै तै इज्जत चाहो सो अर वा इज्जत जो एकलै पणमेशर की ओड़ तै सै, कोनी चाहन्दे, किसतरियां बिश्वास कर सको सो? 45 न्यू ना समझियों के मैं बाप के श्यामी थारै म्ह खोट काढू सूं; थारे म्ह खोट काढणिया तो मूसा सै, जिसपै थमणै भरोस्सा राख्या सै। 46 क्यूँके जै थम मूसा पै भरोस्सा करदे, तो मेरा भी भरोस्सा करदे, ज्यांतै के उसनै मेरै बारै म्ह लिख्या सै। 47 पर जै थम उसकी लिक्खी होई बात्त्तां पै बिश्वास कोनी करदे, तो मेरी बात्त्तां पै किसतरियां बिश्वास करोगे?
6पाँच हजार माणसां ताहीं खिलाणा
(मत्ती 14:13-21; मरकुस 6:30-44; लूका 9:10-17)
1 इन बात्त्तां कै पाच्छै यीशु गलील की झील यानिके तिबिरियास की झील कै धोरै गया। 2 अर एक बड्डी भीड़ उसकै गेल्या हो ली क्यूँके जो अचम्भै के काम ओ बीमारां पै दिखावै था वे उन्नै देख्या करै थे। 3 फेर यीशु पहाड़ पै चढ़कै आपणे चेल्यां कै गेल्या बैठग्या। 4 यहूदियां कै फसह का त्यौहार लोवै था।
5 जिब्ब यीशु नै आपणी आँख ठाकै एक बड्डी भीड़ ताहीं अपणै कान्नी आन्दे देख्या, फेर फिलिप्पुस ताहीं कहया, “हम इनकै खाणै कै खातर कड़ै तै रोट्टी मोल ल्यावां?” 6 उसनै या बात उस ताहीं आजमाण ताहीं बोल्ली, क्यूँके ओ खुदे जाणै था के ओ के करैगा। 7 फिलिप्पुस नै उस ताहीं जबाब दिया, “दो सौ दिनार की रोट्टी भी उन खातर पूरी कोनी पड़ै के उनम्ह तै हरेक नै माड़ी-माड़ी ठया जा।” 8 उसके चेल्यां म्ह तै शमौन पतरस का भाई अन्द्रियास नै उस ताहीं कहया, 9 “याड़ै एक छोरा सै जिसकै धोरै जौ की पाँच रोट्टी अर दो मच्छीं सै; पर इतने माणसां खातर वे के सैं?” 10 यीशु बोल्या, “माणसां नै बिठा दयो।” उस जगहां घणी घास थी: फेर माणस जिनम्ह आदमियां की गिनती करीबण पाँच हजार की थी, बैठगे। 11 फेर यीशु नै रोट्टी ली अर धन्यवाद करकै बैठणआळयां ताहीं बान्ड दीः अर उस्से ढ़ाळ मच्छीयां म्ह तै जितनी वे चाहवै थे, बान्ड दी। 12 जिब वे खाकै छिकगे फेर ओ चेल्यां तै बोल्या, “बचे होड़ टुकड़े कट्ठे करल्यो के किमे बगायां नीं जावै।" 13 आखर म्ह उन्नै कट्ठा करया, अर जौ की पाँच रोटियां के टुकड़यां तै जो खाणआळयां तै बची होड़ थी, बारहां छाबड़ी भरीं। 14 फेर जो अचम्भे के काम उसनै कर दिखाये उसनै वे माणस देखकै कहण लाग्गे, “ओ नब्बी जो दुनिया म्ह आणआळा था, पक्का योए सै।” 15 यीशु न्यू जाणकै के वे मन्नै राजा बनाण खातर पकड़णा चाहवै सैं, फेर पहाड़ पै एकला चल्या गया।
यीशु का पाणी पै चालणा
(मत्ती 14:22-33; मरकुस 6:45-52)
16 जिब्ब सांझ होई, तो उसके चेल्ले झील कै कन्ठारै गए, 17 अर किस्ती पै चढ़कै झील कै परली ओड़ कफरनहूम नै जाण लागगे। उस टेम अन्धेरा होग्या था, अर यीशु इब ताहीं उनकै धोरै कोनी आया था। 18 आंधी कै कारण झील म्ह झांल उट्ठण लागगी। 19 जिब वे खेते-खेते तीन-चार कोस कै करीबन लिकड़गे, फेर उन्नै यीशु ताहीं झील पै चाल्दे अर किस्ती कै धोरै आन्दे देख्या, अर डरगे। 20 पर उसनै उनतै कहया, “मैं सूं; डरो मतना।” 21 आखरम्ह वे उसनै किस्ती पै चढ़ाण नै राज्जी होए अर जिब्बए वा किस्ती उस जगहां पै जा पहोच्ची जड़ै वे जाण लागरे थे।
लोग्गां का यीशु ताहीं टोहणा
22 दुसरै दिन उस भीड़ नै, जो झील कै परली ओड़ खड़ी थी, न्यू देख्या के याड़ै एक नै छोड़ और कोए छोट्टी किस्ती कोनी थी; अर यीशु आपणे चेल्यां गेल्या उस किस्ती पै कोनी चढ़या था, पर सिर्फ उसके चेल्ले ए गए थे। 23 फेर दुसरी किस्ती तिबिरियास तै उस जगहां कै धोरै आईं, जड़ै उन्नै प्रभु के धन्यवाद करण कै पाच्छै रोट्टी खाई थी। 24 ज्यांतै जिब्ब भीड़ नै देख्या के याड़ै ना यीशु सै अर ना उसके चेल्ले, फेर वे भी छोट्टी-छोट्टी किस्तीयां पै चढ़कै यीशु नै टोन्दे होए कफरनहूम पहोच्चे।
यीशु जीवन की रोट्टी
25 झील कै परली ओड़ जिब्ब वे उसतै फेट्टे तो बोल्ले, “हे रब्बी, तू याड़ै कद आया?” 26 यीशु ने उनताहीं जबाब दिया, “मैं थारैताहीं साच्ची-साच कहूँ सूं, थम मन्नै ज्यांतै कोनी टोव्हो सो के थमणै अचम्भै के काम देक्खे, पर ज्यांतै के थम रोट्टी खाकै छिके। 27 नाश होण आळे खाणै कै खातर मैहनत मतना करो, पर उस खाणै खातर जो अनन्त जीवन ताहीं रहवै सै, जिसनै माणस का बेट्टा थारैताहीं देवैगा; क्यूँके बाप यानिके परमेणशर नै उस्से पै छाप लाई सै। 28 वे उसतै बोल्ले, “पणमेशर के काम करण खातर हम के करां?” 29 यीशु नै उनताहीं जबाब दिया, “पणमेशर का काम यो सै के थम उसपै, जिस ताहीं उसनै खन्दाया सै, बिश्वास करो।” 30 फेर वे उसतै बोल्ले, “फेर तू कौण सा निशान दिखावै सै के हम उसनै देखकै तेरा बिश्वास करां? तू कौण सा काम दिखावै सै? 31 म्हारै बापदादयां नै बण म्ह मन्ना खाया; जिसा लिख्या सै, ‘उसनै उन ताहीं खाण खातर सुर्ग तै रोट्टी देई’।” 32 यीशु उनतै बोल्या, “मैं थारैताहीं साच्ची-साच कहूँ सूं, के मूसा थारैताहीं वा रोट्टी सुर्ग तै कोनी दी, पर मेरा बाप थमणै साच्ची रोट्टी सुर्ग तै देवै सै। 33 क्यूँके पणमेशर की रोट्टी वाए सै, जो सुर्ग तै उतरकै दुनिया म्ह जिन्दगी देवै सै।” 34 फेर वे उसतै बोल्ले, “हे प्रभु, वा रोट्टी हमनै सारीहाण दिया कर।”
35 यीशु उनतै बोल्या, “जीवन की रोट्टी मैं सूं: जो मेरै धोरै आवैगा, ओ कदे भूक्खा कोनी रहवैगा, अर जो कोए मेरै पै बिश्वास करैगा, ओ कदे तिसाया कोनी होवैगा। 36 पर मन्नै थारैताहीं कहया था के थमणै मेरैताहीं देख भी लिया सै फेरभी बिश्वास कोनी करदे। 37 जो किमे बाप मन्नै देवै सै ओ सारा कीमे मेरै धोरै आवै सै, अर जो कोए मेरै धोरै आवैगा उसनै मैं कद्देभी कोनी लिकाड़ू। 38 पर मैं आपणी मर्जी कोनी पर आपणै खन्दाण आळै की मर्जी पूरी करण नै सुर्ग तै उतरया सूं ; 39 अर मेरै खन्दाण आळै की मर्जी या सै के जो किमे उसनै मेरैताहीं दिया सै, उसम्ह तै मैं किमे कोनी खोऊँ, पर उसनै आखर के दिनां म्ह दुबारै जिन्दा कर द्यूँ। 40 क्यूँके मेरै बाप की मर्जी या सै के जो कोए बेट्टै नै देक्खै अर उसपै बिश्वास करै, ओ अनन्त जीवन पावै; अर मैं उसनै आखर कै दिनां म्ह दुबारै जिन्दा करूंगा।”
41 इसपै यहूदी उसपै बिरड़ाण लागगे, क्यूँके उसनै कहया था, “जो रोट्टी सुर्ग तै उतरी, वा मैं सूं।” 42 अर वे बोल्ले, “के यो युसुफ का बेट्टा यीशु कोनी, जिसकै माँ-बाप नै हम जाणां सां? फेर ओ किस ढ़ाळ कह सकै सै के मैं सुर्ग तै उतरया सूं?” 43 यीशु नै उन ताहीं जबाब दिया, “आपस म्ह मतना बिरड़ाओ। 44 कोए मेरै धोरै कोनी आ सकदा जिब्ब ताहीं बाप, जिसनै मेरैताहीं खन्दाया सै, उसनै खींच नीं लेवै; अर मैं उसनै आखर के दिनां म्ह फेर जिन्दा करूंगा। 45 नब्बीयां के लेखां म्ह यो लिख्या सै: ‘वे सारे पणमेशर की ओड़ तै सिखाए होए होवैगें।’ जिस किसे नै बाप तै सुणया अर सिख्या सै, ओ मेरै धोरै आवै सै। 46 न्यू कोनी के किसे नै बाप ताहीं देख्या सै; पर जो पणमेशर की ओड़ै तै सै, सिर्फ उस्से नै बाप ताहीं देख्या सै। 47 मै थारेताहीं साच्ची-साच कहूँ सूं, के जो कोए बिश्वास करै सै, अनन्त जीवन उस्से का सै। 48 जीवन की रोट्टी मैं सूं। 49 थारे बापदादयां नै बण म्ह मन्ना खाया अर मरगे। 50 या वा रोट्टी सै जो सुर्ग तै उतरै सै ताके माणस उसम्ह तै खावै अर ना मरै। 51 जीवन की रोट्टी जो सुर्ग तै उतरी सै, मैं सूं। जै कोए इस रोट्टी म्ह तै खावै, तो सारीहाण जिन्दा रहवैगा; अर जो रोट्टी मैं दुनिया कै जीवन खातर दयुँगा, ओ मेरा मांस सै।
52 इसपै यहूदी न्यू कहकै आपस म्ह रोळां करण लागगे, “यो माणस किस ढ़ाळ हमनै आपणा मांस खाण नै दे सकै सै?” 53 यीशु नै उन ताहीं कहया, “मै थारेताहीं साच्ची-साच कहूँ सूं, के जिब्ब ताहीं थम माणस कै बेट्टे का मांस ना खाओ, अर उसका लहू ना पियो, थारै म्ह जीवन कोनी। 54 जो मेरा मांस खावै अर मेरा लहू पीवै सै, अनन्त जीवन उस्से का सै; अर आखर के दिनां म्ह मैं उसनै दुबारै जिन्दा कर दयुंगा। 55 क्यूँके मेरा मांस सई म्ह खाण की चीज सै, अर मेरा लहू सई म्ह पीवण की चीज सै। 56 जो मेरा मांस खावै अर मेरा लहू पीवै सै ओ मेरै म्ह डटया रहवै सै, अर मैं उसम्ह। 57 जिसा जिन्दै बाप नै मेरैताहीं खन्दाया सै, अर मैं बाप कै कारण जिन्दा सूं, उस्से ढ़ाळ ओ भी जो मन्नै खावैगा मेरै कारण जिन्दा रहवैगा। 58 जो रोट्टी सुर्ग तै उतरी सै याए सै, उस रोट्टी बरगी कोनी जो बापदादयां नै खाई अर मरगे; जो कोए या रोट्टी खावैगा, ओ कदे ताहीं जिन्दा रहवैगा।” 59 ये बात उसनै कफरनहूम कै एक आराधनालय म्ह उपदेश देन्दे टेम कहीं।
अनन्त जीवन के बचन
60 उसके चेल्यां म्ह तै घणखरा नै या सुणकै कहया, “या करड़ी बात सैं; इसनै कौण सुण सकै सैं?” 61 यीशु नै आपणै मन म्ह न्यू जाणकै के मेरे चेल्ले आपस म्ह इस बात पै बिरड़ावै सैं, उन ताहीं बुझ्झया, “के इस बात तै थारैताहीं ठेस लागै सै?” 62 जै थम माणस कै बेट्टै नै जड़ै ओ पहल्या था, ओड़ए ऊप्पर जान्दे देक्खोगे, तो के होगा? 63 आत्मा तो जिन्दगी देण आळी सै, देह तै किम्मे फैयदा कोनी; जो बात मन्नै थारेतै कहीं सै वे आत्मा सैं, अर जीवन भी सैं। 64 पर थारैम्ह तै किमे इसे सै जो बिश्वास कोनी करदे। क्यूँके यीशु पहल्या तैए जाणै था के जो बिश्वास नीं करदे, वे कौण सैं; अर कौण मेरैताहीं पकड़वावैगा। 65 अर ओ बोल्या, “ज्यांतै मन्नै थारैताहीं कहया था के जिब्ब ताहीं किसे नै बाप की ओड़ तै यो बरदान ना मिलै तब ताहीं ओ मेरै धोरै कोनी आ सकदा।
पतरस का बिश्वास
66 इसपै उसकै चेल्यां म्ह तै घणखरे उल्टे पलटगे अर उसकै पाच्छै उसकै गेल्या कोनी चाल्ले। 67 फेर यीशु नै उन बारहां तै कहया, “के थम भी चले जाणां चाहो सो?” 68 शमौन पतरस नै उसताहीं जबाब दिया, “हे प्रभु, हम किसकै धोरै जावां? अनन्त जीवन की बात तो तेरैए धोरै सैं, 69 अर हमनै बिश्वास करया अर जाणगे सै के पणमेशर का पवित्र माणस तूए सै।” 70 यीशु नै उन ताहीं जबाब दिया, “के मन्नै थम बारहां ताहीं कोन्या छांटया? फेरभी थारै म्ह तै एक माणस शैतान सै।” 71 यो उसनै शमौन इस्करियोती के बेट्टै यहूदा कै बारै म्ह कहया था, क्यूँके ओए जो बारहां म्ह तै एक था, उस ताहीं पकड़वाने नै था।
7यीशु अर उसके भाई
1 इन बात्त्तां कै पाच्छै यीशु गलील म्ह हान्डदा रहया; क्यूँके यहूदी उसताहीं मारण खातर कोशिश करण लागरे थे, ज्यांतै ओ यहूदियां म्ह हान्डणा कोनी चाहवै था। 2 यहूदियां का मण्डपां (झुगियां) का त्यौहार लोवै था। 3 ज्यांतै उसके भाईयां नै उसताहीं कहया, “याड़ै तै यहूदियां नै जा, के जो कोए काम तू करै सै उन्नै तेरे चेल्ले ओड़ै भी देक्खै। 4 क्यूँके इसा कोए कोनी होगा जो मश्शुर होणा चाहवै, अर लुह्क कै काम करै। जै तू यो काम करै सै, तो खुद नै दुनिया पै प्रगट कर।” 5 क्यूँके उसके भाई भी उसपै बिश्वास कोनी करैं थे। 6 फेर यीशु उनतै बोल्या, “मेरा टेम इबे ताहीं कोनी आया, पर थारै खातर सारा टेम सैं। 7 दुनिया थारै तै बैर कोनी कर सकदी, पर वा मेरै तै बैर करै सै क्यूँके मैं उसकै बिरोध म्ह या गवाही दयुँ सूं के उसके काम भुन्डे सैं। 8 थम त्यौहार म्ह जाओ, मैं इबे इस त्यौहार म्ह कोनी जान्दा, क्यूँके इबे मेरा टेम पूरा कोनी होया।” 9 ओ उनतै ये बात कहकै गलील म्ह रहग्या।
झोंपड़ीयां के त्यौहार म्ह यीशु
10 पर जिब्ब उसके भाई त्यौहार म्ह जा लिए तो ओ खुद भी, प्रगट म्ह नीं पर मान्नो गुप्ती तै गया। 11 यहूदी त्यौहार म्ह उन्नै न्यू कहकै टोव्हण लाग गे, “ओ कड़ै सै?” 12 अर माणसां म्ह उसकै बाबत लुह्क-लुह्ककै घणखरी बात होई: किमे कहवै थे, “ओ काम्मल माणस सै।“ अर किमे कहवै थे, “ना, ओ माणसां नै बहकावै सै।“ 13 फेरभी यहूदियां कै डर कै मारे कोए माणस उसकै बारै म्ह खुलकै कोनी बोल्लै था।
त्यौहार म्ह यीशु का उपदेश
14 जिब्ब त्यौहार के आधे दिन बीतगे; फेर यीशु मन्दर म्ह जाकै उपदेश देण लागग्या। 15 फेर यहूदियां नै हैरान होकै कह्या, “इसनै बिना पढ़े विद्या किसतरियां आगी?” 16 यीशु नै उन्नै तै जबाब दिया, “मेरा उपदेश मेरा कोनी, पर मेरे खन्दाण आळै का सै। 17 जै कोए उसकी मर्जी पै चालणा चाहवै, तो ओ इस उपदेश कै बारै म्ह जाणैगा के यो पणमेशर की ओड़ तै सै या मै आपणी ओड़ तै कहूँ सूं। 18 जो आपणी ओड़ तै किमे कहवै सै, ओ खुद की बड़ाई चाहवै सै, पर जो अपणै खन्दाण आळै की बड़ाई चाहवै सै ओए साच्चा सै, अर उसम्ह अधर्म कोनी। 19 के मूसा नै थारैताहीं व्यवस्था कोनी दिये? फेरभी थारैम्ह तै कोए नियम-कायदा पै कोनी चाल्दा। थम मन्नै क्यातै मारणा चाहो सो?” 20 माणसां नै जबाब दिया, “तेरे म्ह भुन्डी औपरी आत्मा सै! कौण तन्नै मारणा चाहवै सै?” 21 यीशु नै उन्नै ताहीं जबाब दिया, “मन्नै एक काम करया, अर थम सारे अचम्भा करो सो। 22 इस्से खातर मूसा नै थारैताहीं खतन्नै का हुक्म दिया सै(न्यू नीं के यो मूसा की कान्नी तै सै पर बापदादयां तै लाग लागरी सै) अर थम सब्द कै दिन माणस का खतना करो सो। 23 जिब्ब सब्द कै दिन माणस का खतना करया जावै सै ताके मूसा कै नियम-कायदा का हुक्म नीं टळै। फेर थम मेरै पै क्यांतै छोह करो सो के मन्नै सब्द कै दिन एक माणस ताहीं सई ढ़ाळ चंगा करया। 24 मुँह देख्या न्याय मतना करो, पर सई-सई न्याय करो।”
के यीशु ए मसीह सै
25 फेर किमे यरूशलेम म्ह रहणआळे बोल्ले, “के यो ओए कोनी जिसताहीं मारण की कोशिश करण लागरे सै?” 26 पर लखाओ, ओ तै सरेआम बात करै सै अर कोए उसतै किम्मे कोनी कहन्दा। के सरदारां नै सांच्ये बेरा पाटग्या सै के योए मसीह सै? 27 इसकै बारै म्ह हमनै बेरा सै यो कितका सै; पर मसीह जिब्ब आवैगा तो कोए कोनी जांणै के ओ कितका सै।” 28 फेर यीशु नै मन्दर म्ह उपदेश देन्दे होए रूक्का मारकै कहया, “थम मन्नै जाणो सो, अर न्यू भी जांणो सो के मैं कितका सूं। मैं तै खुद कोनी आया, पर मेरा खन्दाण आळा साच्चा सै, उसनै थम कोनी जांणदे। 29 मैं उसनै जांणू सूं, क्यूँके मैं उसकै कान्नी तै सूं, अर उस्से नै मेरैताहीं खन्दाया सै।” 30 इसपै उन्नै उसताहीं पकड़णा चाहया, फेरभी किस्से नै उसकै हाथ कोनी लाया क्यूँके उसका टेम इबताहीं कोनी आया था। 31 फेर भी भीड़ म्ह तै घणखरे माणसां नै उसपै बिश्वास करया, अर बोल्ले, “मसीह जिब्ब आवैगा तो के इसतै घणे अचम्भै के काम दिखावैगा जो इसनै दिखाए?”
यीशु ताहीं पकड़न की कोशिश
32 फरीसियां नै माणसां ताहीं उसकै बारै म्ह या बात लुह्क-लुह्ककै कहन्दे सुणया; अर प्रधान याजकां अर फरीसियां नै उसताहीं पकड़ण कै खातर सिपाही खन्दाए। 33 इसपै यीशु बोल्या, “मैं माड़ी वार ताहीं और थारै गेल्या सूं, फेर आपणै खन्दाण आळै धोरै चल्या जांऊँगा। 34 3थम मन्नै टोव्होगे, पर कोनी पाओगे; अर जड़ै मैं सूं, ओड़ै थम कोनी आ सकदे।” 35 इसपै यहूदियां नै आपस म्ह कहया, “यो कड़ै जावैगा के हम इसनै कोनी टोह सकदे? के ओ उनकै धोरै चल्या जावैगा, जो यूनानियां म्ह खिन्डकै रहवै सै, अर यूनानियां ताहीं भी उपदेश देवैगा? 36 या के बात सै जो उसनै बोल्ली सै, के थम मन्नै टोहवों गे, पर कोनी पाओगे; अर जड़ै मैं सूं, ओड़ै थम नीं आ सकदे।”
जीवन-जल की नदियाँ
37 त्यौहार कै आखर दिन, जो ख़ास दिन सै, यीशु खड़या होया अर रूक्का देकै बोल्या, “जै कोए तिसाया हो तो मेरै धोरै आवै अर पीवै। 38 जो कोए मेरै पै बिश्वास करैगा, जिसा पवित्र ग्रन्थ म्ह आया सै, ‘उसकै हृदय म्ह तै जीवन कै पाणी की नदीं बह लिकड़ैगी’।” 39 उसनै यो शब्द पवित्र आत्मा कै बारै म्ह कहया, जो बिश्वास करण आळयां नै मिलणआळी थी; क्यूँके इब ताहीं आत्मा कोनी उतरया था; क्यूँके यीशु इब ताहीं आपणी महिमा ताहीं कोनी पहोचया था। 40 फेर भीड़ म्ह तै किसे-किसे नै या बात सुणकै कहया, “सांच्ये योए ओ नब्बी सै।” 41 दूसरयां नै कहया, “यो मसीह सै।” पर किमे बोल्ले, “क्यातै?” के मसीह गलील म्ह आवैगा? 42 के पवित्र ग्रन्थ यो कोनी आया के मसीह दाऊद की पीढ़ी तै अर बैतलहम गाम तै आवैगा, जड़ै दाऊद रहवै था? 43 आखर म्ह उसकै कारण माणसां म्ह फूट पड़ी। 44 उनम्ह तै किमे उसताहीं पकड़णा चाहवै थे, पर किस्से नै उसकै हाथ कोनी लाया।
यहूदी अगुवां का अबिश्वास
45 फेर सिपाही प्रधान याजकां अर फरीसियां कै धोरै बोहड़ आए; उन्नै उनताहीं कहया, “थम उसनै क्यातै नीं ल्याए?” 46 सिपाहियां नै जबाब दिया, “किसे माणस नै कदे भी इसी बात कोनी करीं।” 47 फरीसियां नै उनताहीं जबाब दिया, “के थम भी भळोई म्ह आ गे? 48 के सरदारां या फरीसियां म्ह तै किसे नै भी उसपै बिश्वास करया सै? 49 पर ये माणस जो व्यवस्था कोनी जाणदे, सरापित सै।” 50 नीकुदेमुस नै, जो पहल्या उसकै धोरै आया था अर उन म्ह तै एक था, उनताहीं बोल्या, 51 “के म्हारे व्यवस्था किसे माणस नै, जिब्ब ताहीं पहल्या उसकी सुणकै जाण ना लेवै के ओ के करै सै, कसूरवार मान्नै सै?” 52 उन्नै उस ताहीं जबाब दिया, “के तू भी गलील का सै? टोह अर लखा के गलील तै कोए नब्बी कोनी प्रगट होवै। 53 फेर सारे कोए आपणै-आपणै घरां चले गए।
8जार लुगाई ताहीं माफ़ी
1 पर यीशु जैतून कै पहाड़ पै गया। 2 तड़कैए ओ फेर मन्दर म्ह आया; सारे माणस उसकै धोरै आए अर ओ बैठकै उन्नै उपदेश देण लाग्या। 3 फेर शास्त्री अर फरीसी एक लुगाई नै ल्याए जो जारी म्ह पकड़ी होड़ थी, अर उसनै बिच्चाळै खड़या करकै यीशु ताहीं कहया, 4 ’’हे गुरू, या लुगाई जारी करदी पकड़ी गई सै। 5 नियम कायदयां म्ह मूसा नै म्हारै ताहीं हुक्म दिया सै के इसी लुगाई पै पत्थर बरसाओ। आखर म्ह तू इस लुगाई कै बारै म्ह के कहवै सै?” 6 उन्नै उसताहीं परखण खातर या बात कहीं ताके उसपै खोट काड्डणै नै कोए बात पावै। पर यीशु कोड्डा होकै आन्गळी तै धरती पै लिक्खण लाग्या। 7 जिब्ब वे उसताहीं बुझदे रहे, फेर उसनै सीधा होकै उनताहीं कहया, “थारै म्ह जो पापी ना हो, ओए पहल्या उसनै पत्थर मारै|” 8 फेर यीशु कोड्डा होकै आन्गळी तै धरती पै लिक्खण लाग्या। 9 पर वे या सुणकै बड्डया तै लेकै छोट्या ताहीं, एक-एक करकै लिकड़गे अर यीशु ऐकला रहग्या, अर वा लुगाई ओड़ै-ए बिच्चाळै खड़ी रहगी। 10 यीशु नै सीधा होकै उस ताहीं कहया, “हे नारी, वे कित गए? के किसे नै तेरै पै दण्ड का हुक्म कोनी दिया?” 11 वा बोल्ली, “हे प्रभु, किस्से नै नीं। यीशु बोल्या, “मैं भी तेरै पै दण्ड का हुक्म कोनी देन्दा; जा, अर जा, दुबारा पाप ना करिए।”]
यीशु जगत का चाँदणा
12 यीशु नै दुबारै माणसां तै कहया, “दुनिया का चाँदणा मैं सूं; जो कोए मेरै गेल्या लाग लेगा ओ अन्धेरै म्ह कोनी चाल्लैगा, पर जीवन का चाँदणा पावैगा।” 13 फरीसियां नै उसताहीं कहया, “तू आपणी गवाही खुद देवै सै, तेरी गवाही सई कोनी।” 14 यीशु नै उनताहीं जबाब दिया, “भलाए मैं आपणी गवाही खुद देऊँ सूं, फेर भी मेरी गवाही सई सै, क्यूँके मैं जांणू सूं के मैं कित तै आया सूं, अर कितोड़ जाऊँ सूं? पर थम कोनी जाणदे के मैं कित तै आऊँ सूं या कितोड़ जाऊँ सूं। 15 थम देह कै बळ न्याय करो सो; मैं किसे का न्याय कोनी करदा। 16 अर जै मैं न्याय करूं भी तै मेरा न्याय साच्चा सै; क्यूँके मैं एकला कोनी, पर मैं सूं, अर बाप सै जिसनै मेरैताहीं खन्दाया। 17 थारे नियम-कायदयां म्ह भी लिख्या सै के दो जणयां की गवाही मिलकै सई होवै सै; 18 एक तै मैं खुद आपणी गवाही दयुँ सूं, अर दुसरा बाप मेरी गवाही देवै सै, जिसनै मेरैताहीं खन्दाया।” 19 उन्नै उसताहीं कहया, “तेरा बाप कित सै? यीशु नै जबाब दिया,” ना थम मन्नै जांणो सो, ना मेरै बाप नै, जै मन्नै जांणदे तै मेरै बाप नै भी जांणदे। 20 ये बात उसनै मन्दर म्ह उपदेश देन्दे होए भण्डार कोठै म्ह बोल्ली, अर किस्से नै उसताहीं कोनी पकड़या, क्यूँके उसका टेम इब ताहीं कोनी आया था।
अपणे बारै म्ह यीशु का कथन
21 उसनै फेर उनताहीं कहया, “मैं जाऊँ सूं, अर थम मन्नै टोहवोगें अर आपणै पाप म्ह मरोगे; जड़ै मैं जाऊँ सूं, ओड़ै थम नीं आ सकदे|” 22 इसपै यहूदियां नै कहया, “के ओ खुद नै मार देवैगा, जो कहवै सै, ‘जड़ै मैं जाऊँ सूं, ओड़ै थम नीं आ सकदे’?” 23 उसनै उसताहीं कहया, “थम नीच्चै के सो, अर मैं ऊप्पर का सूं; थम इस दुनिया सो, मैं दुनिया का कोनी। 24 ज्यांतै मन्नै थारैताहीं कहया के थम आपणै पापां म्ह मरोगे, क्यूँके जै थम बिश्वास नीं करोगे कै मैं ओए सूं, तो आपणे पापां म्ह मरोगे।” 25 उन्नै उसताहीं कहया, “तू कौण सै?” यीशु उनतै बोल्या, “ओए सूं, जो सरू तै थारैतै कहन्दा आया सूं। 26 थारै बारै म्ह मन्नै घणाए किमे बोल्लणा अर फैसला करणा सै; पर मेरा खन्दाणआळा साच्चा सै, अर जो मन्नै उसतै सुणया सै ओए दुनिया तै कहूँ सूं। 27 वे न्यू नीं समझै के म्हारै तै बाप कै बारै म्ह कहवै सै। 28 फेर यीशु बोल्या, “जिब्ब थम माणस कै बेट्टै नै ऊँच्चै पै चढ़ाओगे, जिब्ब जाणोगे के मैं ओए सूं; मैं खुद तै किमे कोनी करदा पर जिसतरियां मेरै बाप नै मेरैताहीं सिखाया उस्से ढ़ाळ ये बात कहूँ सूं। 29 मेरा खन्दाण आळा मेरै गेल्या सै, उसनै मेरैताहीं एकला कोनी छोडया क्यूँके मै सारी हाण वै ए काम करूँ सूं, जिसतै ओ राज्जी होवै सै।” 30 ओ ये बात कहणे लागरया था के घणखरयां नै उसपै बिश्वास करया।
सच थारै ताहीं आजाद करैगा
31 फेर यीशु नै उन यहूदियां तै जिन्नै उसपै बिश्वास करया था, बोल्या, “जै थम मेरै शब्द म्ह बणे रहोगे, तो साच-ए मेरे चेल्ले ठहरोगे। 32 थम सच नै जाणोगे अर सच थमनै आजाद करैगा। 33 उन्नै उसताहीं जबाब दिया, “हम तै अब्राहम की पीढ़ी के सा, कदे किसे के गुलाम कोनी बणे। फेर तू किसतरा कहवै सै के थम आजाद हो जाओगे?”
34 यीशु नै उनताहीं जबाब दिया, “मैं थारैतै साच्ची-साच कहूँ सूं, के जो कोए पाप करै से ओ पाप का गुलाम सै। 35 गुलाम सारी हाण घर म्ह कोनी रहन्दा, बेट्टा सारी हाण घरा रहवै सै| 36 ज्यांतै जै बेट्टा थमनै आजाद करैगा, तो साच्ये थम आजाद हो जाओगें| 37 मैं जांणू सूं, के थम अब्राहम की पीढ़ी के सो; फेरभी मेरा शब्द थारै मन म्ह जगहां कोनी पान्दा, ज्यांतै थम मन्नै मारणा चाहो सो। 38 मैं ओए कहूँ सूं, जो मन्नै आपणै बाप कै हाड़ै देख्या सै; अर थम ओए करदे रहो सो जो थमणै आपणै बाप तै सुणया सै।”
39 उन्नै उसताहीं जबाब दिया, “म्हारा बाप तो अब्राहम सै। यीशु उनतै बोल्या,” जै थम अब्राहम के ऊलाद होन्दे, तो अब्राहम जिसे काम करदे। 40 पर इब थम मेरै जिसे माणस नै मारणा चाहो सो, जिसनै थारैताहीं ओ साच्चा शब्द बताया जो पणमेशर तै सुणया; इसतरियां तो अब्राहम नै कोनी करया था। 41 थम आपणै बाप कै जिसे काम करो सो।” उन्नै उसताहीं कहया, “हम जारी तै कोनी जणे, म्हारा एक बाप सै यानिके पणमेशर।” 42 यीशु उनतै बोल्या, “जै पणमेशर थारा बाप होन्दा, तो थम मेरैतै प्यार राखदे; क्यूँके मैं पणमेशर म्ह तै लिकड़ कै आया सूं। मैं खुद तै कोनी आया, पर उस्से नै मेरैताहीं खन्दाया। 43 थम मेरी बात क्यांतै नीं समझदे? ज्यांतै के थम मेरा शब्द सुण नीं सकदे। 44 थम आपणै बाप शैतान कान तै सो अर आपणै बाप की मर्जी पूरा करणा चाहो सो। ओ तै सरू तैए खून्नी सै अर सच पै टिक्याए कोनी रहया, क्यूँके सच उसम्ह सैए कोनी। जिब्ब ओ झूठ बोल्लै सै, तो आपणै सुभा तैए बोल्लै सै; क्यूँके ओ झूठा सै बल्के झूठ का बाप सै। 45 पर मैं जो सच बोल्लू सूं, इस्से करकै थम मेरा बिश्वास कोनी करदे। 46 थारै म्ह तै कौण मन्नै पापी ठहरावै सै? जै मैं सच बोल्लू सूं, तो थम मेरा बिश्वास क्यांतै नीं करदे? 47 जो पणमेशर कान्नी तै होवै सै, ओ पणमेशर की बात सुणै सै; अर थम ज्यांतै कोनी सुणदे के पणमेशर की ओड़ तै कोनी सो।”
यीशु अर अब्राहम
48 न्यू सुण यहूदियां नै उसताहीं कहया, “के हम सई कोनी कहन्दे के तू सामरी सै, अर तेरै म्ह भुन्डी औपरी आत्मा सै?” 49 यीशु नै जबाब दिया, “मेरै म्ह भुन्डी औपरी आत्मा कोनी; पर मैं आपणै बाप की इज्जत करूँ सूं, अर थम मेरी बेइज्जती करो सो। 50 पर मैं आपणा मान-सम्माण कोनी चाहन्दा; हम्बै, एक सै जो चाहवै सै अर न्याय करै सै। 51 मैं थमनै साच्ची-साच कहूँ सूं, के जै कोए माणस मेरे शब्दां पै चाल्लैगा, तो ओ अनन्त काल ताहीं मौत नै कोनी देक्खैगा। 52 यहूदियां नै उसताहीं कहया, “इब हम जाणगे के तेरै म्ह भुन्डी औपरी आत्मा सै। अब्राहम मरग्या अर नब्बी भी मरग्ये सै; अर तू कहवै सै, ‘जै कोए मेरे शब्दां पै चाल्लैगा तै ओ अनन्त काल ताहीं मौत का सुवाद कोनी चाखैगा।’ 53 म्हारा बाप अब्राहम तै मरग्या। के तू उसतै भी बड्डा सै? अर नब्बी भी मरग्ये। तू अपणै आपै नै के मान्नै सै?” 54 यीशु नै जबाब दिया, “जै मैं खुद आपणी महिमा करूँ, तो मेरी महिमा किमे कोनी; पर मेरी महिमा करणआळा मेरा बाप सै, जिसनै थम कहो सो के ओ थारा पणमेशर सै। 55 थमनै तै उसताहीं कोनी जांणया: पर मैं उसताहीं जांणू सूं। जै मैं कहूँ के मैं उसताहीं कोनी जांणदा, तो मैं थारी ढ़ाळ झूठा ठहरूँगा; पर मैं उसताहीं जांणू अर उसके शब्दां पै चाल्लू सूं। 56 थारा बाप अब्राहम मेरा दिन देक्खण की आस म्ह घणा मगन था; अर उसनै देख्या अर आनन्द करया।” 57 यहूदियां नै उसताहीं कहया, “इब ताहीं तू पचास साल का कोनी, फेरभी तन्नै अब्राहम ताहीं देख्या सै?” 58 यीशु उनतै बोल्या, “मैं थमणै साच्ची-साच कहूँ सूं, के पहल्या इसकै के अब्राहम पैदा होया, मैं सूं।” 59 फेर उन्नै उसताहीं मारण खातर पत्थर ठाए, पर यीशु लुह्ककै मन्दर तै लिकड़ग्या।
9जन्म के आंधे ताहीं दृष्टिदान
1 फेर जान्दे होए उसनै एक माणस ताहीं देख्या जो जन्म तै आंधा था। 2 उसके चेल्यां नै उसतै बुझ्झया, “हे गुरू, किसनै पाप करया था के यो आंधा जण्या, इस माणस नै या इसकै माँ-बाप नै?” 3 यीशु नै जबाब दिया, “ना तै इसनै पाप करया था, ना इसके माँ-बाप नै, पर यो ज्यांतै होया के पणमेशर के काम उस म्ह को दिक्खै। 4 जिसनै मेरैताहीं खन्दाया सै, हमनै उसके काम दिन-ए-दिन म्ह करणा जरूरी सै; वा रात आणआळी सै जिसम्ह कोए काम नीं कर सकदा। 5 जिब्ब ताहीं मैं दुनिया म्ह सूं, जद ताहीं दुनिया का चान्दणा सूं।” 6 न्यू कहकै उसनै धरती पै थूक्या, अर उस थूक तै माट्टी सान्नी, अर वा माट्टी उस आंधै की आँखां पै लाकै| 7 उसतै बोल्या, “जा, शीलोह कै कुण्ड म्ह धो ले” (शीलोह का मतलब खन्दाया होया सै)। उसनै जाकै धोया, देखदा होया बोहड़ आया। 8 फेर पड़ौसी अर जिन्नै पहल्या उसताहीं भीख माँगदे देख्या था, कहण लाग्गे, “के यो ओए नीं, जो बैठ्या भीख माँगया करै था?” 9 किमे माणस बोल्ले, “यो ओए सै,” दूसरे बोल्ले, “कोनी, पर उसकै जिसा सै।” उसनै कहया, “मैं ओए सूं।” 10 फेर वे उसतै बुझ्झण लाग्गे, “तेरी आँख किसतरियां खुलगी?” 11 उसनै जबाब दिया, “यीशु नामक एक माणस नै माट्टी सान्नी, अर मेरी आँखां पै लाकै मेरैताहीं बोल्या, ‘जा, शीलोह म्ह जाकै धो ले, बस फेर के था मै गया अर धोया अर देक्खण लाग्या।” 12 उन्नै उसतै बुझ्झया, “ओ कित सै?” वो बोल्या, “मैं कोनी जांणदा।”
फरिसियाँ द्वारा चंगाई की जाँच-पड़ताल
13 माणस उसनै जो आंधा था फरीसियां कै धोरै लीआए। 14 जिस दिन यीशु नै माट्टी सानकै उसकी आँख खोल्ली थीं, ओ सब्द का दिन था। 15 फेर फरीसियां नै भी उसतै बुझ्झया के उसकी आँख किसढ़ाळ खुलगी। उसनै उनताहीं कहया, “उसनै मेरी आँखां पै माट्टी लाई, फेर मन्नै धो लिया, अर इब देक्खूँ सूं।” 16 इसपै किमे फरीसी कहण लाग्गे, “यो माणस पणमेशर की ओड़ तै कोनी, क्यूँके ओ सब्द कै दिन नै कोनी मान्दा। दूसरें बोल्ले, “पापी माणस इसे कारनाम्मे किसढ़ाळ दिखा सकै सै?” आखर म्ह उनम्ह फूट पड़गी। 17 उन्नै उस आंधै तै फेर कहया, “उसनै जो तेरी आँख खोल्ली सै। तू उसकै बारै म्ह के कहवै सै?” उसनै कहया, “ओ नब्बी सै।”
18 पर यहूदियां नै बिश्वास कोनी होया के ओ आन्धा था अर इब देक्खै सै जिब्ब ताहीं उन्नै उसकै, जिसकी आँख खुलगी थी, माँ-बाप नै बुलाकै 19 उनतै नीं बुझ्झया, “के यो थारा बेट्टा सै, जिसनै थम कहया करदे के आन्धा जण्या था? फेर इब ओ किसतरियां देक्खै सै?” 20 उसकै माँ-बाप नै जबाब दिया, “हम तै जांणा सा के यो म्हारा बेट्टा सै, अर आन्धा जण्या था; 21 पर न्यू कोनी जाणदे के इब किसतरियां देक्खै सै, अर ना न्यू जाणदे के किसनै इसकी आँख खोल्ली। ओ श्याणा सै, उस्से तै बुझ ल्यो; ओ आपणै बारै म्ह खुद कह देवैगा।” 22 ये बात उसकै माँ-बाप नै ज्यांतै कहीं क्यूँके वे यहूदियां तै डरै थे, क्यूँके यहूदीयां नै एक्का कर लिया था के जै कोए कहवै के ओ मसीह सै, तो आराधनालय तै लिकाड़या जावै। 23 इस्से कारण उसकै माँ-बाप नै कहया, “ओ श्याणा सै, उस्से तै बुझल्यो।”
24 फेर उन्नै उस माणस ताहीं जो आन्धा था, दूसरी बर बुलाकै उसतै कहया, “पणमेशर की भजन कर। हम जांणां सां के ओ माणस पापी सै।” 25 उसनै जबाब दिया, “मैं नीं जांणदा के ओ पापी सै के नीं; मैं एक बात जांणू सूं, के मैं आन्धा था अर इब देक्खूँ सूं।” 26 उन्नै उसताहीं दुबारै कहया, “उसनै तेरै गेल्या के करया? अर किस ढ़ाळ तेरी आँख खोल्ली?” 27 उसनै उसताहीं कहया, “मन्नै तै थारैताहीं कह लिया, अर थम नै कोनी सुणया; इब दूसरी बर क्यांतै सुणना चाहवो सो? के थम भी उसके चेल्ले होणा चाहवो सो?” 28 फेर वे उसतै भुन्डा-आच्छा कहकै बोल्ले, “तूए उसका चेल्ला सै, हम तै मूसा के चेल्ले सां। 29 हम जांणा सा के पणमेशर नै मूसा तै बात करी; पर इस माणस नै कोनी जांणदे के कितका सै।” 30 उसनै उसताहीं जबाब दिया, “या तै अचम्भै की बात सै के थम नीं जांणदे के ओ कितका सै, फेरभी उसनै मेरी आँख खोल दीं। 31 हम जांणां सां के पणमेशर पापियां की कोनी सुणदा, पर जै कोए पणमेशर का भगत हो अर उसकी मर्जी पै चाल्दा हो, तो ओ उसकी सुणै सै। 32 दुनिया कै सरूआत तै यो कदे सुणनै म्ह कोनी आया के किसे न जन्म तै आन्धै की आँख खोल्ली हों। 33 जै यो माणस पणमेशर कै कान तै नीं होन्दा, तै किमे भी कोनी कर सकदा।” 34 उन्नै उसताहीं जबाब दिया, “तू तै जमांए पापां तै जन्मा सै, तू हमनै के सिखावै सै?” अर उन्नै उसताहीं बाहरणै लिकाड़ दिया।
आत्मिक अन्धापण
35 यीशु नै सुणया के उन्नै उसताहीं बाहरणै लिकाड़ दिया सै, अर जिब्ब उसतै फेटया तै बोल्या, “के तू पणमेशर कै बेट्टै पै बिश्वास करै सै?” 36 उसनै जबाब दिया, “हे प्रभु, ओ कौण सै, के मैं उसपै बिश्वास करूँ?” 37 यीशु नै उसताहीं कहया, “तन्नै उसताहीं देख्या भी सै, अर जो तेरै गेल्या बात कररया सै, यो ओए सै।” 38 उसनै कहया, “हे प्रभु, मैं बिश्वास करूँ सूं।” अर उस ताहीं मुद्दा पड़कै प्रणाम करया। 39 फेर यीशु बोल्या, “मैं इस दुनिया म्ह न्याय खातर आया सूं, ताके जो कोनी देखदे वे देक्खै, अर जो देक्खै वे आन्धे हो ज्यावै।” 40 जो फरीसी उसकै गेल्या थे उन्नै या बात सुणकै उसताहीं कहया, “के हम भी आन्धे सां?” 41 यीशु नै उनताहीं कहया, “जै थम आन्धे होन्दे तै पापी कोनी ठहरदे, पर इब कहो सो के हम देख्या सा, ज्यांतै थारा पाप बणया रहै सैं।”
10चरवाहा अर भेड्डां का उदाहरण
1 “मैं थारैताहीं साच्ची-साच कहूँ सूं, के जो कोए दरवाजै तै रेवड़ म्ह नीं बड़दा, पर किसे दूसरै कान तै चढ़ जावै सै, ओ चोर अर डाकू सै। 2 पर जो दरवाजै तै भीत्त्तर बड़ै सै ओ भेड्डां का पाळी सै। 3 उस खातर द्वारपाल दरवाजा खोल देवै सै, अर भेड़ उसका बोल सुणै सैं, अर ओ आपणी उन भेड्डां के नाम ले लेकै बुलावै सै अर बाहरणै ले जावै सै। 4 जिब्ब ओ आपणी सारी भेड्डां नै बाहरणै काड लेवै सै, तो उनकै आगै-आगै चाल्लै सै, अर भेड़ उसकै गेल-गेल हो ले सैं, क्यूँके वे उसका बोल पिच्छाणै सैं। 5 पर वे बिगान्ने कै गेल्या कोनी जान्दी, पर उसतै भाजैगी, क्यूँके वे बिगान्ने का बोल कोनी पिच्छाणदी।” 6 यीशु नै उनताहीं यो उदाहरण कहया, पर वे कोनी समझे के ये के बात सैं जो ओ म्हारै ताहीं कहवै सै।
यीशु आच्छा चरवाहा
7 फेर यीशु नै उनताहीं दुबारै कहया, “मैं थारैताहीं साच्ची-साच कहूँ सूं, भेड्डां का दरवाजा मैं सूं। 8 जितने मेरै तै पहल्या आए वे सारे चोर अर डाकू सैं, पर भेड्डां नै उनकी एक नीं सुणी। 9 दरवाजा मैं सूं; जै कोए मेरै जरिये भीत्त्तर बड़ै सै, तो उद्धार पावैगा, अर भीत्त्तर बाहर आण-जाण लागज्या गा अर चारा पावैगा। 10 चोर किसे और काम खातर कोनी पर सिर्फ चोरी करण अर घात करण अर नुकसाण करण नै आवै सै; मैं ज्यांतै आया के वे जिन्दगी पावै अर भोत-ए घणी पावै। 11 काम्मल पाळी मैं सूं; काम्मल पाळी भेड्डां कै खातर आपणी ज्यान देवै सै। 12 मजदूर जो ना पाळी सै अर ना भेड्डां का मालिक सै, भेड़िए नै आन्दे देखकै भेड्डां नै छोड़कै भाज जावै सै; अर भेड़िया उन्नै पकड़ै अर खिन्ड-मिन्ड कर देवै सै। 13 ओ ज्यांतै भाज जावै सै के ओ मजदूर सै, उसनै भेड्डां की फिक्र कोनी। 14 काम्मल चरवाहा मैं सूं; मैं आपणी भेड्डां नै जांणू सूं, अर मेरी भेड़ मन्नै जांणै सैं। 15 जिसढ़ाळ बाप मन्नै जांणै सै अर मैं बाप नै जांणू सूं --अर मैं भेड्डां खातर आपणी ज्यान द्युं सूं। 16 मेरी और भी भेड़ सै, जो इस रेवड़ की कोनी। मन्नै उनताहीं भी ल्याणा जरूरी सै। वे मेरा बोल सुणैगी, फेर एकए रेवड़ अर एकए पाळी होगा। 17 बाप ज्यांतै मेरै तै प्यार राक्खै सै के मैं आपणी ज्यान द्युँ सूं, के उसनै दुबारै ले लूँ। 18 कोए उसनै मेरै तै खोसदा कोनी, बल्के मैं उसनै खुदे दयुँ सूं। मन्नै उसकै देण का भी हक्क सै, अर उसताहीं दुबारा लेण का भी हक्क सै: यो हुक्म मेरै बाप नै मेरैताहीं दिया सै।” 19 इन बात्त्तां कै कारण यहूदियां म्ह दुबारै फूट पड़ी। 20 उन म्ह तै घणखरे कहण लागगे, “उसम्ह भूंडी औपरी आत्मा सै, अर ओ बावळा सै; उसकी क्यांतै सुणो सो?” 21 दुसरे माणसां नै कहया, “ये बात इसे माणस की कोनी जिसम्ह भूंडी औपरी आत्मा हो। के भूंडी औपरी आत्मा आन्धयां की आँखां नै खोल सकै सै?”
यहुदियाँ का अबिश्वास
22 यरूशलेम म्ह मुहरत का त्यौहार मणाया जारया था; अर जाडयां का मौसम था। 23 यीशु मन्दर म्ह सुलैमान कै ओसारे म्ह हान्डण लागरया था। 24 फेर यहूदियां नै उसताहीं आ घेरया अर बुझ्झया, “तू म्हारै मन नै कद ताहीं दुबिधा म्ह गेरे राक्खै गा? जै तू मसीह सै, तो म्हारै तै सई-सई कह दे।” 25 यीशु नै उनताहीं जबाब दिया, “मन्नै थारैतै कह दिया पर थम बिश्वास करदेए कोनी। जो काम मैं आपणै बाप कै नाम तै करूँ सूं, वैए मेरे गवाह सैं, 26 पर थम ज्यांतै बिश्वास कोनी करदे क्यूँके मेरी भेड्डां म्ह तै कोनी सो। 27 मेरी भेड़ मेरा बोल सुणै सैं; मैं उन्नै जांणू सूं, अर वे मेरै गेल-गेल चाल्लै सैं 28 अर मैं उनताहीं अनन्त जीवन दयुँ सूं। वे कददे बरबाद कोनी होवैगीं, अर कोए उन्नै मेरै हाथ तै खोस नीं सकदा| 29 मेरा बाप, जिसनै उनताहीं मेरै तै दिया सै, सारया तै बड्डा सै अर कोए उन्नै बाप कै हाथां तै खोस कोनी सकदा। 30 मैं अर बाप एक सै।”
31 यहूदियां नै उस पै पत्थर बरसाण नै दुबारै पत्थर ठाए। 32 इस पै यीशु नै उनताहीं कहया, “मन्नै थारैतै आपणै बाप की कान तै घणे भले काम दिखाए सैं; उन म्ह तै कौण सै काम खातर थम मेरै पै पत्थर बरसाओ सो?” 33 यहूदियां नै उसताहीं जबाब दिया, “भले काम खातर हम तेरै पै पत्थर कोनी बरसान्दे पर पणमेशर की बुराई करण कै कारण; अर ज्यांतै के तू माणस होकै खुद नै पणमेशर बणावै सै|” 34 यीशु नै उनताहीं जबाब दिया, “के थारे व्यवस्था म्ह कोनी लिख्या सै, ‘मन्नै कहया, थम ईश्वर सो’? 35 जै उसनै उनताहीं ईश्वर कहया जिनकै धोरै पणमेशर का शब्द पहोचयां (अर सुच्चै ग्रन्थ की बात झूठ नीं हो सकदी), 36 तो जिसताहीं बाप नै पवित्र ठहराकै दुनिया म्ह खन्दाया सै, थम उसताहीं कहो सो, ‘तू बुराई करै सै, ज्यांतै के मन्नै कहया, ‘मैं पणमेशर का बेट्टा सूं’? 37 जै मैं आपणै बाप के काम कोनी करदा, तो मेरा बिश्वास ना करो। 38 पर जै मैं करूँ सूं, तो चाहे मेरा बिश्वास ना भी करो, पर उन काम्मां का तो बिश्वास करो, ताके थम जाणो अर समझो के बाप मेरै म्ह सै अर मैं बाप म्ह सूं।” 39 फेर उन्नै दुबारै उसताहीं पकड़ण की कोशिश करी पर ओ उनके हाथां तै लिकड़ग्या।
40 दुबारै ओ यरदन कै परली ओड़ै उस जगहां पै चल्या गया, जड़ै यूहन्ना पहल्या बपतिस्मा दिया करै था, अर ओड़ैए रहया। 41 घणखरे माणस उसकै धोरै आकै कहवै थे, “यूहन्ना नै तो कोए निशान कोनी दिखाया, पर जो किमे यूहन्ना नै इसकै बारै म्ह कहया था, ओ सारा कीमे साच्ची था।” 42 अर ओड़ै घणाए नै यीशु पै बिश्वास करया।
11लाजर की मौत
1 मरियम अर उसकी बेब्बे मार्था के गाम बैतनिय्याह का लाजर नामका एक माणस बीमार था 2 या वाए मरियम थी जिसनै प्रभु पै इत्र गेरकै उसके पायां ताहीं बाळां तै पुन्जयां था, इस्से का भाई लाजर बीमार था। 3 इसकरकै उसकी बाणां नै उस ताहीं कुहवा भेज्या, “हे प्रभु, लखा, जिस तै तू प्रेम करै सै, ओ बीमार सै।’’ 4 न्यू सुणके यीशु न्यू बोल्या, “या बीमारी मरण की कोनी; पर पणमेशर की महिमा खातर सै, के उसकै द्वारा पणमेशर कै बेटै की महिमा होवै।” 5 यीशु मार्था अर उसकी बेब्बे अर लाजर तै प्रेम राखै था। 6 फेर भी जिब्ब उसने सुणया के ओ बीमार सै, तो जिस ठोड़ पै ओ था, ओड़ै दो दिन और रुकग्या 7 7 फेर उसनै चेल्यां ताहीं कह्या, “आओ, हम फेर यहूदिया नै चाल्लां।’’ 8 चेल्यां नै उसताहीं कह्या, “हे गुरु, इब तो यहूदी तेरै पै पत्थर बरसाणां चाहवै थे, अर के तू फेर भी उड़ै जावै सै?” 9 यीशु नै जबाब दिया, “के दिन के बारहा घण्टे कोनी होंदे? जै कोए दिन म्ह चाल्लै तो ठोकर कोनी खान्दा, क्यूँके इस दुनिया का उजाळा देक्खै सै। 10 पर जै कोए रात म्ह चाल्लै तो ठोकर खावै सै, क्यूँके उसम्ह उजाळा कोनी।” 11 उसनै ये बात कहीं, अर इसके पाच्छै उनताहीं कहण लाग्या, “के म्हारा ढब्बी लाजर सुत्या सै, पर मैं उसनै जगाण जाऊँ सूं।” 12 फेर चेल्यां नै उसताहीं कह्या, “हे प्रभु, जै ओ सुत्या सै तो ओ चंगा हो ज्यागा।” 13 यीशु नै तो उसकी मौत कै बाबत कह्या था; पर उन्नै सोच्या के उसनै नींद तै सोण कै बाबत कह्या। 14 फेर यीशु नै उनताहीं सुथरी-ढाळ कह दिया, “लाजर मर लिया सै, 15 अर मै थारै बाबत राज्जी सूं, के मै उड़ै कोनी था जिसपै थम बिश्वास करो, पर इब आओ, हम उसकै धोरै चाल्लां।” 16 फेर थोमा नै जो दिद्मुस कुह्वावै सै, आपणै गेल्या के चेल्यां ताहीं कह्या, “आओ, हम भी उसकै गेल्या मरण नै चाल्लां।”
यीशु पुनरुत्थान अर जीवन
17 उड़ै पहोच्चे पाच्छै यीशु नै न्यू बेरया पाट्या के लाजर नै कब्र म्ह धरे चार दिन हो लिए सैं। 18 बैतनिय्याह यरूशलेम कै धोरै कोए दो कोस की दुरी पै था, 19 घणखरे यहूदी मार्था अर मरियम कै धोरै उनकै भाई की मौत कै बाबत दीलासा देण नै आरे थे। 20 जिब मार्था नै यीशु कै आणै की खबर सुणी तो उसतै फेटण नै गई, पर मरियम घराए बैठीं रही। 21 मार्था नै यीशु ताहीं कह्या, “हे प्रभु, जै तू आड़ै होंदा, तो मेरा भाई कदे नी मरदा। 22 अर इब भी मन्नै बेरा सै जो कीमे तू पणमेशर तै माँगैगा, पणमेशर तन्नै देवैगा।” 23 यीशु नै उनताहीं कह्या, “तेरा भाई जीं ज्यागा।” 24 मार्था नै उसताहीं कह्या, “मन्नै बेरा सै के आखर के दिन म्ह पुनरुत्थान के टेम ओ जीं ज्यागा।” 25 यीशु नै उसताहीं कह्या, “पुनरुत्थान अर जीवन मैए सूं, जो कोए मेरै पै बिश्वास करैगा ओ जै मर भी जावै फेर भी जिवैगा, 26 अर जो कोए जीवै सै अर ओ मेरै पै बिश्वास करै सै, ओ अनन्तकाल ताहीं कोनी मरैगा। के तू इस बात पै बिश्वास करै सै।” 27 उस नै उनताहीं कह्या, “हम्बै, हे प्रभु, मै बिश्वास करूं सूं, के पणमेशर का बेट्टा मसीह जो दुनिया म्ह आणआळा था, ओ तूए सै।”
यीशु रोया
28 न्यू कहकै वा चली गयी, अर आपणी बेब्बे मरियम ताहीं बुलाकै चुपकदे-सी कह्या, “गुरु याड़ैए सै अर तन्नै बुलावै सै।” 29 न्यू सुण दए वा जिब्बे उठकै उसकै धोरै आई। 30 यीशु इबे गाम म्ह कोनी पहोच्या था पर उस्से ठोड़ था जड़ै मार्था उसतै फेट्टी थी। 31 फेर जो यहूदी उसकै गेल्या घर म्ह थे अर उसताहीं दीलासा देवै थे, न्यू देखकै के मरियम जिब्बे उठकै बारणै चली गयी सै न्यू समझे के वा कब्र पै रोण नै जावै सै तो उसकै पाच्छै हो लिये। 32 जिब्ब मरियम उड़ै गई जड़ै यीशु था, तो उसनै देखदए उसकै पायां म्ह पड़कै कह्या, “हे प्रभु, जै तू आड़ै होन्दा फेर मेरा भाई कोनी मरदाI” 33 जिब्ब यीशु नै जो उसकै गेल्या आये थे, रोंदे होए देख्या, तो आत्मा म्ह घणाए दुखी अर माड़े मन का होग्या, 34 अर कह्या, “थमनै उसताहीं कित धर राख्या सै?” उन्नै उसताहीं कह्या, “हे प्रभु, चालकै देख लेI” 35 यीशु रोण लाग्याI 36 फेर यहूदी कहण लाग्गे, “लखाओ, ओ उनतै कितना प्यार राखै थाI” 37 पर उनम्ह तै कीमे नै कह्या, “के यो जिसनै आंध्या की आंख खोलदी, न्यू भी कर सक्या के यो माणस नीं मरदा?”
लाजर का जिन्दा करणा
38 यीशु मन म्हए फेर घणाए दुखी होकै कब्र पै आयाI वा एक गुफा थी अर एक पत्थर उस पै धरया थाI 39 यीशु नै कह्या, “पत्थर हटादोI” लाजर की बेब्बे मार्था उसनै कहण लाग्गी, “हे प्रभु, उस म्ह तै इब तै सिड़ांन्ध आवै सै, क्यूँके उसनै मरे चार दिन हो लिए सैंI” 40 यीशु नै उनताहीं कह्या, “के मन्नै तेरैतै कोनी कह्या था के जै तू बिश्वास करैगी, तो पणमेशर की महिमा नै देक्खैगीI” 41 फेर उन्नै पत्थर ताहीं हटायाI यीशु नै नजर ठाकै कह्या, “हे पिता, मै तेरा धन्यवाद करूँ सूं, के तन्नै मेरी सुण ली सैI 42 अर मन्नै बेरा था के तू सारी हाण मेरी सुणै सै, पर जो भीड़ आसै-पासै खड़ी सै, उनकै बाबत मन्नै कह्या, ताके वे बिश्वास करै, के तन्नै मेरैताहीं खन्दाया सैI” 43 न्यू कहकै ठाड्डू आवाज म्ह रूक्का मारया, “हे लाजर, लिकड़ आI” 44 जो मर लिया था ओ कफन तै हाथ पैर बंदे होड़ लिकड़ आया, अर उसकै मुह पै अँगोछा लिपटरया थाI यीशु नै उनताहीं कह्या, “उसनै खोलदो अर जाणदोI”
यीशु कै बिरुद्ध साजिस
(मत्ती 26:1-5; मरकुस 14:1-2; लूका 22:1-2)
45 फेर जो यहूदी मरियम धोरै आरे थे अर उसका यो कारनाम्मा देख्या था, उनम्ह तै घणखरयां नै उसपै बिश्वास करयाI 46 पर उनम्ह तै कईया नै फरिसियाँ धोरै जाकै यीशु के कारनाम्मां की खबर दीI 47 ज्यांतै प्रधान याजकां अर फरिसियाँ नै बड्डी पंचायत करी, अर कह्या, “हम करां के सां? यो माणस तो घणे कारनाम्मे दिखावै सैI 48 जै हम उसनै न्यूए छोड़दया, फेर सारे उसपै बिश्वास करैगें, अर रोमी आकै म्हारी जगहां अर जात दोनुवां पै कब्जा कर लेवैगेंI” 49 फेर उनम्ह तै काइफा नामका एक माणस नै जो उस साल का महायाजक था, उनताहीं कह्या, “थमनै कीमे नीं बेरा! 50 अर ना न्यू समझो सो के थारै खातर यो ठीक सै के म्हारै माणसां खातर एक आदमी मरै, अर ना न्यू के सारी जात का नास ना होI” 51 पर बात उसनै आपणी ओड़ तै कोण्या कहीं, पर उस साल का महायाजक होण तै भविष्यवाणी करी, के यीशु उस जात खातर मरैगा; 52 अर ना सिर्फ उस्से जात खातर बल्के ज्यांतै के पणमेशर की खिंड-मींड उलाद्दां नै एक करदेI 53 आखर म्ह उस्से दिन तै वे उसताहीं मारण खातर साज्जस रचाण लाग्गेI
54 ज्यांतै यीशु उस टेम तै यहूदिया म्ह घाट दिक्खण लागग्या, पर उड़ै तै, बण कै लोवै लागण आळे प्रदेश कै इफ्राईम नामक एक नगर कान्नी चल्या गया; अर आपणै चेल्यां गेलै उड़ैए रहण लाग्याI 55 यहूदिया का फसह का त्योहार लोवै था, अर घणैए माणस फसह तै पहल्या गाम्मां म्ह तै यरूशलम नै गए, के खुद नै पवित्र करैI 56 आखर म्ह वे यीशु नै टोहण लाग्गे अर मन्दर म्ह खड़े होकै आपस म्ह बतलाण लाग्गे, “थम के सोच्चो सो? के ओ त्योहार म्ह कोनी आवैगा?” 57 अर प्रधान याजकां अर फरिसियाँ नै हुक्म दे राख्या था के जै कोए न्यू जाणै के यीशु कित सै बतावै, ताके वे उसनै पकड़ लेI
12यीशु के पायां पै शैंट गेरणा
(मत्ती 26:6-13; मरकुस 14:3-9)
1 फेर यीशु फसह तै छ: दिन पहल्या बैतनिय्याह आया जित लाजर था, जिस ताहीं यीशु नै मरयां होड़ म्ह तै जिन्दा करया थाI 2 उड़ै उन्नै उसकै खातर खाणा पकाया; अर मार्था सेवा करण लागरी थी, अर लाजर उन म्ह तै एक था जो उसकै गेल्या खाणा खाण नै बैट्ठे थेI 3 फेर मरियम नै जटामांसी का आधा सेर घणा मंहगा शैंट लेकै यीशु के पायां पै गेरया, अर आपणे बांळां तै उसके पैर पूंजे; अर शैंट की खसबू तै घर खसबुदार होग्याI 4 पर उसके चेल्यां म्ह तै यहूदा इस्करियोती नामका एक चेल्ला जो उसताहीं पकड़वाणा चाहवै था, कहण लाग्या, 5 “यो शैंट तीन सौ दीनार म्ह बेचकै कंगालां ताहीं क्यातै कोनी दिया गया?” 6 उसनै या बात ज्यातै कोनी कहीं के उसनै कंगालां की फिक्र थी बल्के ज्यांतै के ओ चोर था, अर उसकै धोरै पिस्या का झोळा रह्या करै था अर उस म्ह जो कीमे गेरा जांदा, ओ काड लेवै थाI 7 यीशु नै कह्या, “उसनै रहण दोI उस ताहीं मेरै गाड्डे जाण के दिन खातर राखण द्यो| 8 क्यूँके कंगाल तो थारै गेल्या सारीहाण रहवै सै, पर मैं थारै गेल्या सारीहाण कोनी रहूँगाI”
यीशु कै बिरुद्ध साजिस
9 जिब्ब यहूदिया की बड्डीए भीड़ नै बेरा लागग्या के ओ उड़ै सै, तो वे ना सिर्फ यीशु कै बाबत आये पर ज्यांतै भी के लाजर नै देक्खै, जिसताहीं यीशु मसीह नै मरयां होड़ म्ह तै जिन्दा करया थाI 10 फेर प्रधान याजकां नै लाजर ताहीं भी मारण की सलाह करीI 11 क्यूँके उसकै बाबत घणखरे यहूदी चले गये अर यीशु पै बिश्वास करयाI
यरूशलेम म्ह विजय-प्रवेश
(मत्ती 21:1-11; मरकुस 11:1-11; लूका 19:28-40)
12 दुसरै दिन घणखरे माणसां नै जो त्यौहार म्ह आरे थे न्यू सुणया के यीशु यरूशलेम म्ह आ रया सैI 13 ज्यांतै उन्नै खजूर की डाळीं लीं अर उसतै फेट्टण नै लिकड़े, अर रूक्के मारण लाग्गे, “होशाना! धन्य इस्राएल का राजा, जो प्रभु कै नाम तै आवै सैI” 14 जिब्ब यीशु नै एक गधे का एक बच्चा मिल्या, फेर ओ उसपै बैठग्या, 15 जिसा लिख्या सै, “हे सिय्योन की बेट्टी, मतना डरै; लखा, तेरा राजा गधे के बच्चे पै चढ़ा होड़ चाल्या आवै सैI” 16 उसके चेल्ले यें बात पहल्या कोनी समझे थे, पर जिब्ब यीशु की महिमा दिक्खी फेर उनकै याद आया के यें बात उसकै बाबत लिक्खी होड़ थी अर माणसां नै उसकै गेल्या न्यूए बिवार करया थाI 17 फेर भीड़ के उन माणसां नै गवाही दी, जो उस टेम उसकै गेल्या थे, जिब्ब उसनै लाजर ताहीं कब्र म्ह तै बुलाकै मरयां होया म्ह तै जिन्दा करया थाI 18 ज्यांतै माणस उसतै फेट्टण नै आरे थे क्यूँके उन्नै सुणया था के उसनै यो अचम्भै का कारनाम्मा करया थाI 19 फेर फरिसियाँ नै आपस म्ह कह्या, “सोच्चो कै तो देक्खो, के थारे तै कीमे भी कोनी बणदाI लखाओ, दुनिया उसकै गेल हो ली सैI”
युनानियाँ का यीशु ताहीं टोहणा
20 जो माणस उस त्यौहार म्ह भगति करण नै आये थे उन म्ह तै कीमे यूनानी थेI 21 उन्नै गलील कै बैतसैदा का बासिन्दे फिलिप्पुस कै धोरै आकै उसतै बिनती करी, “श्रीमान्, हम यीशु तै फेटणा चाहवां सांI” 22 फिलिप्पुस नै आकै अन्द्रियास तै कह्या, फेर अन्द्रियास अर फिलिप्पुस नै जाकै यीशु ताहीं कह्याI 23 इसपै यीशु नै उनताहीं कह्या, “ओ टेम आग्या सै के माणस के बेट्टै की महिमा होI 24 मै थारै तै साच्ची-साच कहूँ सूं, के जिब्ब ताहीं गिहूँ का दाणा धरती म्ह पड़कै मर नीं जांदा, ओ एकला रहवै सै; पर जिब्ब मर ज्यावै सै, तो घणा फळ ल्यावै सैI 25 जो आपणै जीं नै प्यारा जाणै सै, ओ उसनै खो देवै सै; अर जो इस दुनिया म्ह आपणै जीं नै प्यारा कोनी जांणदा, ओ अनन्तजीवन ताहीं उसकी रूखाली करैगाI 26 जै कोए मेरी सेवा करै, तो मेरै गेल्या हो ले; अर जड़ै मै सूं, उड़ै मेरा सेवक भी होवैगाI जै कोए मेरी सेवा करै, तो बाप उसकी ईज्जत करैगाI
क्रूस की मौत का इशारा
27 “इब मेरा जीं कांल सैI ज्यांतै इब मै के कहूँ? ‘हे पिता, मन्नै इस घड़ी तै बचा?” पर मै इस्से कारण इस घड़ी नै पहोच्या सूंI 28 हे पिता जी, आपणै नाम की महिमा करI” फेर या आकाशबाणी होई, “मन्नै उसकी महिमा करी सै, अर फेर भी करूँगाI” 29 फेर जो माणस खड़े होए सुणरे थे उन्नै कह्या के बादळ गरज्याI दुसरयां नै कह्या, “कोए सुर्गदुत उसतै बोल्याI” 30 इसपै यीशु नै कह्या, “यो शब्द मेरै खातर कोनी, पर थारै खातर आया सैI 31 इब इस दुनिया का न्याय होवै सै, इब इस दुनिया का सरदार काड्या जावैगा; 32 अर मै जै धरती पै तै ऊँच्चे पै चढ़ाया जाऊँगा, तो सारया नै आपणै कान्नी खिच्चुगांI” 33 न्यू कहकै उसनै यो बता दिया के ओ किस ढाळ की मौत तै मरैगाI 34 इसपै माणसां नै उसताहीं कह्या, “हमनै नियम-कायदा की या बात सुणी सै के मसीह सारी हाण रहवै गा, फेर तू क्यातै कह्वै सै के माणस का बेट्टा ऊंच्चे पै चढ़ाया जांणा जरूरी सै? यो माणस का बेट्टा कौण सै?” 35 यीशु नै उनताहीं कह्या, “चाँदणा इब माड़ी वार ताहीं थारै बिचाळै सैI जिब्ब ताहीं चाँदणा थारै गेल्या सै जद ताहीं चाल्दे रहो, इसा ना हो के अँधेरा थारै ताहीं घेर लेवै; जो अँधेरे म्ह चाल्लै सै ओ कोनी जांणदा के कड़ै जावै सैI 36 जिब्ब ताहीं चाँदणा थारै गेल्या सै, चाँदणै पै बिश्वास राक्खो ताके थम चांदणै की उलाद बणोI”
यहुदियाँ का अबिश्वास म्ह बणे रहणा
ये बात कहकै यीशु बिगगा अर उनतै लुक्या रह्याI 37 यीशु मसीह नै उनकै श्यामी इतने कारनाम्में दिखाए, फेरभी उन्नै उसपै बिश्वास कोनी करया; 38 ताके यशायाह नब्बी का शब्द पूरा हो जो उसनै कह्या: “हे प्रभु, म्हारी खबर का किसनै बिश्वास करया सै? अर प्रभु की हाथां का हान्गा किस नै दिख्या सै?” 39 इस बाबत वे बिश्वास कोनी कर सके, क्यूँके यशायाह नै न्यू भी कह्या सै : 40 “उसनै उनकी आँख आंधी, अर उनके मन करड़े कर दिए सैं; कदे इसा ना हो के वे आँखां तै देक्खै, अर मन तै समझै, अर पलटै, अर मै उन्नै चंगा करूंI” 41 यशायाह नै ये बात ज्यांतै कहीं के उसनै उसकी महिमा देक्खी, अर उसनै उसकै बाबत बात करीI 42 फेरभी सरदारां म्ह तै घणाए नै उस पै बिश्वास करया, पर फरिसिया कै कारण खुलकै कोनी मान्नै थे, कदे इसा ना हो के वे आराधनालय म्ह तै लिकाड़े जावै : 43 क्यूँके माणसां की ओड़ तै बड़ाई उन्नै पणमेशर की ओड़ तै बड़ाई की बरोबरी म्ह घणी प्यारी लागै थीI
यीशु के बचन : न्याय का आधार
44 यीशु नै रूक्का मारकै कह्या, “जो मेरै पै बिश्वास करै सै, ओ मेरै पै नीं बल्के मेरै खन्दानआळै पै बिश्वास करै सैI 45 अर जो मन्नै देक्खै सै, ओ मेरै खन्दानआळै नै देक्खै सैI 46 मै दुनिया म्ह चाँदणा बण कै आया सूं, ताके जो कोए मेरै पै बिश्वास करै ओ अँधेरे म्ह कोनी रहवैI 47 जै कोए मेरी बात सुणकै कोनी मान्नै, तो मै उसनै कसूरवार कोनी ठहरान्दा; क्यूँके मै दुनिया ताहीं कसूरवार ठहराण खातर कोनी, पर दुनिया का उद्धार करण खातर आया सूंI 48 जो मन्नै खामखाँ समझै सै अर मेरी बात कोनी अपणावै सै उसताहीं दोषी ठहराण आळा तो एके सै: यानिके जो शब्द मन्नै कह्या सै, ओए पाछलै दिन म्ह उसताहीं कसूरवार ठहरावै गाI 49 क्यूँके मन्नै आपणै कान्नी तै बात कोनी करी; पर बाप जिसनै मेरै ताहीं खन्दाया सै उसनै मेरैताहीं हुक्म दिया सै के, के- के कहूँ अर के, के बोल्लूँ? 50 अर मन्नै बेरा सै के उसका हुक्म अनन्तजीवन सैI ज्यांतै मै जो कीमे बोल्लूँ सूं, ओ जिसा बाप नै मेरै ताहीं कह्या सै उसाए बोल्लूँ सूंI”
13यीशु का चेल्यां के पैर धोणा
1 फसह कै त्योहार तै पह्ल्या, जिब यीशु नै बेरा लागग्या के मेरा ओ टेम आ लिया सै के दुनिया छोड़कै बाप कै घरा जाऊँ, तो आपणै माणसां तै जो दुनिया म्ह थे जिसा प्यार ओ राख्या करदा, आखर ताहीं उसाए प्यार राख्दा रह्याI 2 जिब्ब शैतान शमौन के बेट्टे यहूदा इस्करियोती कै दिल म्ह न्यू घाल ग्या था के उसताहीं पकड़वाऊँ, खाणै कै टेम 3 यीशु नै, न्यू बेरा लागग्या के बाप नै सारा कीमे मेरै बस म्ह कर दिया सै अर मै पणमेशर कै धोरै तै आया सूं, अर पणमेशर कै धोरै जाऊँ सूंI 4 खाणै पै तै उठ कै आपणै ऊपरले लत्त्ते उतार दिये, अँगोछा लेकै आपणी कमर पै कै बांध्याI 5 फेर बास्सण म्ह पाणी भरकै चेल्यां के पैर धोये अर जो अँगोछा कमर पै बांध राख्या था उस्से तै पुन्जण लागग्याI 6 जिब्ब ओ शमौन पतरस कै धोरै आया, फेर पतरस नै उसताहीं कह्या, “हे प्रभु, के तू मेरे पैर धोवै सै?” 7 यीशु नै उसताहीं जबाब दिया, “जो मै करूं सूं, तन्नै इबे कोनी बेरा, पर इसकै पाच्छै समझैगाI” 8 पतरस नै उसताहीं कह्या, “तू मेरे पैर कोनी धोण पावैगाI” न्यू सुणकै यीशु नै उसताहीं कह्या, “जै मै तन्नै ना धोऊँ, तो मेरै गेल्या तेरा कीमे भी सीर कोनीI” 9 शमौन पतरस नै उसताहीं कह्या, “हे प्रभु, फेर मेरे पैरए नीं बल्के मेरे हाथ अर सिर भी धोदेI” 10 यीशु नै उसताहीं कह्या, “जो न्हा लिया हो उसताहीं पैर कै सिवाय और कीमे धोण की आंट कोनी, पर ओ जमाए शुद्ध सै; अर थम शुद्ध सो, पर सारे-के-सारे कोनीI” 11 ओ तो आपणे पकड़ाण आळे नै जाणै था ज्यांतै उसनै कह्या, “थम सारे-के-सारे शुद्ध कोनीI”
12 जिब्ब उसनै पैर धो लिये, अर आपणे लत्त्ते पहरकै फेर बैठग्या, तो उनताहीं कहणै लागग्या, “के थम समझे के मन्नै थारै गेल्या के करया? 13 थम मन्नै गुरु अर प्रभु कहो सो, अर सई कहो सो, क्यूँके मै ओए सूंI 14 जिब्ब मन्नै गुरु अर प्रभु होकै थारै पैर धोए, तो थमनै भी एक-दुसरै के पैर धोणे चाहियेI 15 क्यूँके मन्नै थारैताहीं नमून्ना करकै दिखाया सै के जिसा मन्नै थारै गेल्या करया सै, थम भी उसाए करया करोI 16 मै थारैतै साच्ची-साच कहूँ सूं, नौकर आपणै मालिक तै बड्डा कोनी, अर ना खन्दाया होया आपणे खन्दाण आळे तैI 17 थमनै ये बात बेरा सै, जै उनपै चाल्लो तो धन्य सोI 18 मै थम सारया कै बाबत कोनी कहंदा; जिनताहीं मन्नै छांट लिया सै, उन्नै मै जांणु सूं; पर न्यू ज्यांतै के पवित्र ग्रन्थ का यो शब्द पूरा हो, ‘जो मेरी रोट्टी खावै सै, उसनै मेरै पै लात ठाईI’ 19 इब मै उसकै होण तै पह्ल्याए थमनै बता द्युँ सूं, के जब न्यू हो जावै तो थम बिश्वास करियो के मै ओए सूं| 20 मै थारैताहीं साच्ची-साच कहूँ सूं, के जो मेरे खन्दाए होड़ नै अपणावै सै, ओ मन्नै अपणावै सै; अर जो मन्नै अपणावै सै, ओ मेरे खन्दाण आळे नै अपणावै सैI”
बिश्वासघात कै कान्नी इशारा
(मत्ती 26:20-25; मरकुस 14:17-21; लूका 22:21-23)
21 ये बात कहकै यीशु आत्मा म्ह दुखी होया अर या गवाही दी, “मै थारैताहीं साच्ची-साच कहूँ सूं, के थारै म्ह तै एक मन्नै पकड़वावै गाI” 22 चेल्ले शक सुब्हा तै के ओ किसकै बाबत कहवै सै, एक-दुसरे कै कान्ही लखाण लागगेI 23 उसके चेल्यां म्ह तै एक जिसताहीं यीशु प्रेम राखै था, यीशु की छाती की कान्नी कोड्डा होया बैठ्या थाI 24 शमौन पतरस नै उसकै कान इशारा करकै उसताहीं बुझ्झया, “बता तो, ओ किसकै बाबत कहवै सै?” 25 फेर उसनै उससे ढाळ यीशु की छाती कै कान्नी कोड्डे होकै उसताहीं बुझ्झया, “हे प्रभु, ओ कौण सै?” यीशु नै जबाब दिया, “जिसताहीं मै यो रोट्टी का टुकड़ा डुबोकै द्युगां ओए सैI” 26 अर उसनै टुकड़ा डुबोकै शमौन के बेट्टे यहूदा इस्करियोती ताहीं दियाI 27 टुकड़ा लेनदए शैतान उसम्ह बड़ग्याI फेर यीशु नै उसताहीं कह्या, “जो तू करै सै, तोळा करI” 28 पर बैठण आळयां म्ह तै किस्से नै कोनी बेरा लागग्या के उसनै या बात उसतै क्यातै कहींI 29 यहूदा कै धोरै थैली रह्या करै थी, ज्यांतै किसे-किसे नै समझा के यीशु उसताहीं कहवै सै के जो कीमे हमनै त्यौहार खातर चाहवै ओ मोल लिया, या न्यू के कंगालां नै कीमे देI 30 आखर म्ह ओ टुकड़ा लेकै जिबे बाहरण लिकड़ग्या; अर रात का टेम थाI
नई आज्ञा
31 जिब्ब ओ बाहरण लिकड़ग्या तो यीशु नै कह्या, “इब माणस के बेट्टे की महिमा होई सै, अर पणमेशर की महिमा उसम्ह होई सै; 32 [जै उसम्ह पणमेशर की महिमा होई सै] तो पणमेशर भी आपणे म्ह उसकी महिमा करैगाI 33 हे बाळको, मै और माड़ी वार थारै धोरै सूं : फेर थम मन्नै टोह्वोगे, अर जिसा मन्नै यहूदियां ताहीं कह्या, “जड़ै मै जाऊँ सूं, उड़ै थम कोनी आ सकदे, न्यू इब मै थारैताहीं भी कहूँ सूंI 34 मै थमनै नया हुक्म द्यु सूं, के एक दुसरे तै प्यार राखियो; जिसा मन्नै थारैतै प्यार राख्या सै, उसाए थम भी एक दुसरे तै प्यार राक्खोI 35 जै आपस म्ह प्यार राक्खोगे, तो इसतै सारया नै बेरा पाट्टैगा के थम मेरे चेल्ले सोI”
पतरस के इन्कार का इशारा
(मत्ती 26:31-35; मरकुस 14:27-31; लूका 22:31-34)
36 शमौन पतरस नै उसताहीं कह्या, “हे प्रभु, तू कित जा सै?” यीशु नै जबाब दिया, “जड़ै मै जाऊँ सूं, उड़ै तू इबे मेरै पाच्छै कोनी आ सकदा; पर इसकै बाद मेरै गेल्या आवैगाI” 37 पतरस नै उसताहीं कह्या, “हे प्रभु, इबे मै तेरै पाच्छै क्यातै नीं आ सकदा? मै तो तेरी खातर आपणी ज्यान भी दे द्युंगाI” 38 यीशु नै जबाब दिया, “के तू मेरी खातर आपणी ज्यान दे देवैगा? मै तेरैतै साच्ची-साच कहूँ सूं, के मुर्गा बांग कोनी देवै गा जिब्ब ताहीं तू तीन बर मेरै बाबत नाट नीं लेनदाI
14पणमेशर तक पोच्चण का रास्ता
1 “थारा मन काल नीं पावै; थम पणमेशर पै बिश्वास राक्खो सो अर मेरै पै भी बिश्वास राक्खोI 2 मेरै बाप कै घर म्ह घणीए रहण की जगहां सै, जै नी होंदीं तो मै थारै ताहीं कह देंदा; क्यूँके मै थारै खातर जगहां त्यार करण नै जाऊँ सूंI 3 अर जै मै जाकै थारै खातर जगहां त्यार करूं, तो फेर आकै थमनै आपणे उरै ले जाऊँगा के जड़ै मै रहूँ उड़ै थम भी रहोI 4 जड़ै मै जाऊँ सूं, थम उड़ै का राह जाणो सोI” 5 थोमा नै उसताहीं कह्या, “हे प्रभु, हमनै कोनी बेरा के तू कितोड़ जावै सै; तो राह का हमनै के बेरा?” 6 यीशु नै उसताहीं कह्या, “राह अर सच अर जिन्दगी मै ए सूं, बिना मेरै जरिये कोए बाप धोरै कोनी पहोच सकदाI 7 जै थम मन्नै जाणदे होंदे, तै मेरै बाप नै भी जाणदे; अर इब उसनै जाणो सो, अर उसताहीं देख्या भी सैI” 8 फिलिप्पुस नै उसताहीं कह्या, “हे प्रभु, बाप नै म्हारै ताहीं दिखा दे, योए हमारै खातर भतेरा सैI” 9 यीशु नै उसताहीं कह्या, “हे फिलिप्पुस, मै इतने दिन तै थारे गेल्या सूं, के तू मन्नै कोनी जाणदा? जिसनै मेरैताहीं देख्या सै उसनै बाप ताहीं देख्या सैI फेर क्यातै कहवै सै के बाप नै म्हारताहीं दिखा? 10 के तू बिश्वास कोनी करदा के मै बाप म्ह सूं, अर बाप मेरै म्ह सै? ये बात जो मै थारैताहीं बताऊँ सूं, आपणी ओड़ तै कोनी बतान्दा, पर बाप मेरम्ह रहकै आपणे काम करै सैI 11 मेरा-ए बिश्वास करो के मै बाप म्ह सूं, अर बाप मेरै म्ह सै; ना तो कारनाम्यां कै बाबतए मेरा बिश्वास करोI 12 मै थारैतै साच्ची-साच कहूँ सूं, के जो मेरै पै बिश्वास राखै सै, ये काम जो मै करूं सूं, ओ भी करैगा, बल्के इनतै भी बड्डे-बड्डे काम करैगा, क्यूँके मै बाप धोरै जाऊँ सूंI 13 जो कीमे थम मेरै नाम तै माँगोगे, ओए मै करूँगा, के बेट्टे कै जरिये बाप की महिमा होI 14 जै थम मेरै तै मेरै नाम तै कीमे माँगोगे, तो मै उसताहीं करूँगाI
पवित्र आत्मा की प्रतिज्ञा
15 “जै थम मेरै तै प्यार राक्खो सो, तो मेरे हुकमां नै मान्नोगेI 16 मै बाप तै बिनती करूँगा, अर थारैताहीं एक और सहारा देणीया देवैगा के ओ सारीहाण थारै गेल्या रहवैI 17 यानिके सच का आत्मा, जिसताहीं दुनिया कोनी अपणा सकदी, क्यूँके ओ ना उसनै देक्खै सै, अर ना उसताहीं जाणै सै; थम उसनै जाणो सो, क्यूँके ओ थारै गेल्या सै, अर ओ थारै म्ह होगाI 18 “मै थारैताहीं बेवार्सा कोनी छोड्डूगा; मै थारै धोरै आऊँ सूंI 19 और माड़ी वार रहरी सै के फेर दुनिया मेरै ताहीं कोनी देक्खै गी, पर थम मन्नै देक्खोगे; ज्यांतै के मै जिऊं सूं, थम भी जिन्दे रहोगेI 20 उस दिन थमनै बेरा लागैगा के मै आपणे बाप म्ह सूं, अर थम मेरै म्ह, मै थारै म्हI 21 जिस कै धोरै मेरे हुक्म सै अर ओ उन्नै मान्नै सै, ओए मेरतै प्यार राखै सै; अर जो मेरतै प्यार राखै सै उसतै मेरा बाप प्यार राखै गा, अर मै उसतै प्यार राखुँगा, आपणै आप ताहीं उसपै प्रगट करूँगाI” 22 उस यहूदा नै जो इस्करीयोती कोनी था, उसताहीं कह्या, “हे प्रभु, के होया के तू आपणै आप ताहीं म्हारपै प्रगट करना चाहवै सै अर दुनिया पै नीं?” 23 यीशु नै उसताहीं जबाब दिया, “जै कोए मेरै तै प्रेम राखैगा तो ओ मेरे शब्द नै मान्नैगा, अर मेरा बाप उसतै प्रेम राखैगा, अर हम उसकै धोरै आवांगे अर उसकै गेल्या बसांगेI 24 जो मेरतै प्यार कोनी राख्दा, ओ मेरै शब्द नै कोनी मान्दा; अर जो शब्द थम सुणो सो ओ मेरे कोनी बल्के बाप के सै, जिसनै मेरैताहीं खन्दायाI 25 “ये बात मन्नै थारे गेल्या रहंदे होए थारैतै कहींI 26 पर सहयोगी यानिके पवित्र आत्मा जिसताहीं बाप मेरै नाम तै खन्दावैगा, ओ थारै ताहीं सारी बात सिखावैगा, अर जो कीमे मन्नै थारैतै कह्या सै, ओ सारा कीमे थारैताहीं याद दुआवैगाI 27 मै थारै ताहीं शान्ति देकै जाऊँ सूं, आपणी शान्ति थारै ताहीं द्युँ सूं; जिसी दुनिया देवै सै, मै थमनै कोनी देंदा : थारा मन काल ना हो अर ना डरैI 28 थमनै सुणया के मन्नै थारैताहीं के कह्या, ‘मै जाऊँ सूं, अर थारै धोरै फेर आऊँगाI’ जै थम मेरै तै प्यार राख्दे, तो इस बात तै राज्जी होंदे के मै बाप कै धोरै जाऊँ सूं, क्यूँके बाप मेरै तै बड्डा सैI 29 अर मन्नै इब इसकै होण तै पह्ल्या थारै तै कह दिया, के जिब्ब ओ हो जावै, तो थम बिश्वास करोI 30 मै इब थारै गेल्या और बात कोनी करूँगा, क्यूँके इस दुनिया का सरदार आवै सैI मेरै पै उसका कोए हक्क कोनी; 31 पर न्यू ज्यांतै होवै सै के दुनिया नै बेरा लाग्गे के मै बाप तै प्रेम राखु सूं, अर जिसा बाप नै मेरतै हुक्म दिया मै उसाए करूं सूंI उठो, याड़ै तै चाल्लोI
15यीशु सच्ची दाखलता
1 “साच्ची अंगूर की बेल मै सूं, अर मेरा बाप किसान सैI 2 जो डाळी मेरै म्ह सै अर कोनी फळदी, उसताहीं ओ काट देवै सै; अर जो फळै सै, उसताहीं ओ छाट्टै सै ताके और फळैI 3 थम तो उस शब्द कै कारण जो मन्नै थारताहीं कह्या सै, शुद्ध सोI 4 थम मेरै म्ह बणे रहो, अर मै थारै म्ह, जिस तरियां डाळी जै अंगूर की बेल म्ह बणी नीं रहवै तो खुद तै कोनी फळ सकदी, उससे तरियां थम भी जै मेरै म्ह बणे ना रहो तो कोनी फळ सकदेI 5 मै अंगूर की बेल सूं अर थम डाळीं सोI जो मेरै म्ह बणया रहवै सै अर मै उसम्ह, ओ घणाए फळ फळै सै, क्यूँके मेरै तै न्यारे पाटकै थम कीमे नीं कर सकदेI 6 जै कोए मेरै म्ह नीं बण्या रहंदा, तो ओ डाळी की तरियां बगा दिया जावैगा, अर सुख जावै सै; अर माणस उनताहीं कट्ठे करकै आग म्ह झोंक देवै सै, अर वे बळ जावै सैI 7 जै थम मेरै म्ह बणे रहो अर मेरी बात थारै म्ह बणीं रहवै, तो जो जीं म्ह आवै मांगो अर ओ थारे खातर हो ज्यांगाI 8 मेरै बाप की महिमा इस्से म्ह सै के थम घणाए फळ ल्याओ, फेर थम मेरे चेल्ले ठहरोगेI 9 जिसा बाप नै मेरै तै प्यार राख्या, उसाए मन्नै थारैतै प्यार राख्या, मेरै प्यार म्ह बणे रहोI 10 जै थम मेरे हुकमां नै मान्नोगे, तो मेरै प्यार म्ह बणे रहोगे, जिसढाळ के मन्नै आपणे बाप का हुक्म मान्या सै, अर उसकै प्यार म्ह बणा रहूँ सूंI 11 मन्नै यें बात थारै तै ज्यांतै कहीं, के मेरा आनन्द थार म्ह बणा रहवै, अर थारा आनन्द पूरा होज्याI
12 “मेरा हुक्म यो सै, के जिसा मन्नै थारतै प्यार राख्या, उसाए थम भी एक-दुसरे तै प्यार राक्खोI 13 इसतै बड्डा प्यार किस्से का कोनी के कोए आपणे यारां कै खातर आपणी ज्यान देI 14 जो कीमे मै थारै हुक्म द्युँ सूं, जै उसताहीं मान्नो तो थम मेरे ढब्बीं सोI 15 इब पाच्छै मै थारैत्ताहीं नौकर कोनी कहूँगा क्यूँके नौकर कोनी जान्दा के उसका मालिक के करै सै; पर मन्नै थारैताहीं ढब्बी कह्या सै, क्यूँके मन्नै जो बात आपणे बाप तै सुणीं, वे सारी थारतै बता दींI 16 थमनै मेरैताहीं कोनी छांट्या पर मन्नै थारैताहीं छांट्या सै अर थारैताहीं काम पै लाया सै के थम जाकै फळ ल्याओ अर थारा फळ बणा रहवै के थम मेरै नाम तै जो कीमे बाप तै माँगो, ओ थारैताहीं देI 17 इन बात्त्तां का हुक्म मै थारैताहीं इसकरकै द्युँ सूं के थम एक-दुसरे तै प्यार राक्खोI
संसार का बैर
18 “जै दुनिया थारैतै बैर राखै सै, तो जाण लो के उसनै थारैतै पह्ल्या मेरै तै बैर राख्याI 19 जै थम दुनिया के होंदे, तो दुनिया आपण्यां तै प्यार राखै सै; पर इसकरकै के थम दुनिया के कोनी, बल्के मन्नै थारैताहीं दुनिया म्ह तै छांट लिया सै, इसकरकै दुनिया थारै तै बैर राखै सैI 20 जो बात मन्नै थारैतै कही सै, ‘नौकर आपणे मालिक तै बड्डा कोनी होंदा,’ उसनै याद राक्खोI जिब उन्नै मेरताहीं सताया, तो थारैताहीं भी सतावैगें; जै उन्नै मेरी बात मान्नी, तो थारी भी माँन्नैगेंI 21 पर यो सारा कीमे वे मेरै नाम कै बाबत थारै गेल्या करैगें, क्यूँके वे मेरै खन्दानआळे नै कोनी जाणदेI 22 जै मै नीं आंदा, अर उनतै बात नीं करदा, फेर वे पापी कोनी ठहरदे; पर इब उन्नै उनकै पाप खातर कोए बहान्ना कोनीI 23 जो मेरै तै बैर राखै सै, ओ मेरै बाप तै भी बैर राखै सैI 24 जै मै उन म्ह वे कारनाम्मे नीं करदा, जो और किसे नै कोनी करे, तो वे पापी कोनी ठहरदे; पर इब तो उन्नै मेरैताहीं अर मेरै बाप दोनुआ ताहीं देख्या अर दोनुआ तै बैर करयाI 25 न्यू इसकरकै होया के ओ शब्द पूरा हो, जो उनकै व्यवस्था म्ह लिख्या सै, ‘उन्नै मेरै तै खामखाँ बैर करयाI’ 26 पर जिब ओ सहयोगी आवैगा, जिसनै मै थारै धोरै बाप की ओड़ तै खन्दाऊँगा, यानिके सच का आत्मा जो बाप की कान तै लिक्ड़ै सै, तो ओ मेरी गवाही देवैगा; 27 अर थम भी मेरे गवाह सो क्यूँके थम सरू तै मेरै गेल्या रहे सोI
161 “ये बात मन्नै थारैतै ज्यांतै कहीं के थारै ठोकर ना लागैI 2 वे थमनै आराधनालयां म्ह तै काड देवैंगें, बल्के ओ टेम आवै सै, के जो कोए थमनै मार देवैगा ओ न्यू समझैगा के मै पणमेशर की सेवा करूं सूंI 3 इसा वे ज्यांतै करैंगें के उन्नै ना बाप ताहीं जांणया सै अर ना मन्नै जाणैं सैंI 4 पर ये बात मन्नै ज्यांतै थारैतै कहीं, के जिब्ब इनका टेम आवै तो थमनै याद आ जावै के मन्नै थारैतै पह्ल्याए कह दिया थाI
पवित्र आत्मा के काम
“मन्नै सरू म्ह थारैतै ये बात ज्यांतै कोनी कहीं क्यूँके मै थारे गेल्या थाI 5 पर इब मै आपणै खन्दानआळे कै धोरै जाऊँ सूं, अर थारै म्ह तै कोए मेरै तै कोनी बुझता, ‘तू कित जावै सै?’ 6 पर मन्नै जो ये बात थारैतै कहीं सै, ज्यांतै थारा मन दुःख तै भरग्या सैI 7 फेरभी मै थारैतै साच्ची कहूँ सूं, के मेरा जांणा थारै खातर ठीक सै, क्यूँके जै मै ना जाऊँ तो ओ सहयोगी थारै धोरै कोनी आवैगा; पर जै मै जाऊँगा, तो उसताहीं थारै धोरै खन्दाऊँगाI 8 ओ आकै दुनिया ताहीं पाप अर धार्मिकता अर न्याय कै बाबत लाजबाब करैगाI 9 पाप कै बारे म्ह ज्यांतै के वे मेरै पै बिश्वास कोनी करदे; 10 अर धार्मिकता कै बारे म्ह ज्यांतै के मै बाप कै धोरै जाऊँ सूं, अर थम मन्नै दूबारै कोनी देक्खोगे; 11 न्याय कै बारे म्ह ज्यांतै के दुनिया का सरदार कसूरवार ठहराया गया सैI 12 मन्नै थारैतै और भी घणीए बात कहणी सैं, पर इबे थम उन्नै सह नीं सकदेI 13 पर जिब्ब ओ यानिके सच का आत्मा आवैगा, तो थम सारया नै सच का रास्ता बतावैगा, क्यूँके ओ आपणी ओड़ तै कोनी कह्वैगा पर जो कीमे सुणैगा ओए कह्वैगा, अर आण आळी बात थारैताहीं बतावैगाI 14 ओ मेरी महिमा करैगा, क्यूँके ओ मेरी बात्त्तां म्ह तै लेकै थारैताहीं बतावैगाI 15 जो कीमे बाप का सै, ओ सारा मेरा सै; ज्यांतै मन्नै कह्या के ओ मेरी बात्त्तां म्ह तै लेकै थारैताहीं बतावैगाI
दुःख सुख म्ह बदल जावैगा
16 “माड़ी वार म्ह थम मन्नै कोनी देक्खोगे, अर फेर माड़ी वार म्ह मन्नै देक्खोगेI” 17 फेर उसके कीमे चेल्यां नै आपस म्ह कह्या, “यो के सै जो ओ म्हारैताहीं कह्वै सै, ‘माड़ी वार म्ह थम मन्नै कोनी देक्खोगे, अर फेर माड़ी वार म्ह मन्नै देक्खोगे?’ अर यो ‘ज्यांतै के मै बाप कै धोरै जाऊँ सूं’?” 18 फेर उन्नै कह्या, “यो ‘माड़ी वार’ जो ओ कह्वै सै, या के बात सै? हम कोनी जाणदे के ओ के कह्वै सैI” 19 यीशु नै न्यू जाणकै के वे मेरतै बुझणा चाहवै सै, उनताहीं कह्या, “के थम आपस म्ह मेरी इस बात बाबत जाँच-पड़ताल करो सो, ‘माड़ी वार म्ह थम मन्नै कोनी देक्खोगे, अर फेर माड़ी वार म्ह मन्नै देक्खोगे’? 20 मै थारैतै साच्ची-साच कहूँ सूं, के थम रोओगे अर बिलाप करोगे, पर दुनिया राज्जी होवैगी; थमनै दुःख होगा, पर थारा दुःख आनन्द म्ह बदल जावैगाI 21 जाप्पै कै टेम लुगाई नै दुःख होवै सै, क्यूँके उसकै दुःख का बख्त आरया सै, पर जिब्ब वा बाळक नै जण दे सै, तो इस ख़ुशी तै, के दुनिया म्ह एक माणस पैदा होया, उस दुःख नै फेर याद कोनी करदीI 22 उस्से तरियां थारै म्ह भी इब तो दुःख सै, पर मै थारैतै दुबारा फेट्टूगाँ अर थारे मन आनन्द तै भर जावैगें; थारा आनन्द कोए थारैतै खोस नीं सकदाI 23 उस दिन थम मेरतै कीमे नीं बुझ्झोगेI मै थारैतै साच्ची साच कहूँ सूं, जै बाप तै कीमे माँगोगे, तो ओ मेरै नाम तै थारैताहीं देवैगाI 24 इब ताहीं थमनै मेरै नाम तै कीमे नीं माँग्या; माँगो, तो पा ल्योगे ताके थारा आनन्द पूरा हो जावैI
संसार पै जीत
25 “मन्नै ये बात थारैताहीं उदाहरणां म्ह कहीं सैं, पर ओ टेम आवै सै के मै थारैतै फेर उदाहरणां म्ह ये बात कोनी कहूँगा, पर खोलकै थारे बाप कै बारै म्ह बताऊँगाI 26 उस दिन थम मेरै नाम तै माँगोगे; अर मै थारैतै न्यू कोनी कहंदा के मै थारै खातर बाप तै बिनती करूँगा; 27 क्यूँके बाप तो खुदे थारैतै प्यार राखै सै, ज्यांतै के थमनै मेरतै प्यार राख्या सै अर न्यू भी बिश्वास करया सै के मै बाप की ओड़ तै आयाI 28 मै बाप की ओड़ तै दुनिया म्ह आया सूं; मै दुबारै दुनिया नै छोड़कै बाप कै धोरै जाऊँ सूंI” 29 उसकै चेल्यां नै कह्या, “लखा, इब तो तू खोलकै कहवै सै, अर कोए उदाहरण कोनी कहंदाI 30 इब हमनै बेरा पाटग्या सै के तन्नै सारा कीमे बेरा सै, अर इसकी आंट कोनी के कोए तेरैतै कीमे बुझ्झै; इसतै हम बिश्वास करां सां के तू पणमेशर कै कान्नी तै आया सैI” 31 न्यू सुण कै यीशु नै उनताहीं कह्या, “के थम इब बिश्वास करो सो? 32 लखाओ, ओ बख्त आवै सै बल्के आण पहोंचा सै के थम सारे खिंड-मीन्ड होकै आपणा-आपणा रास्ता नापोगें, अर मन्नै एकला छोड़ दोगे; फेरभी मै एकला कोनी क्यूँके बाप मेरै गेल्या सैI 33 मन्नै ये बात थारैतै ज्यांतै कहीं सैं के थम मेरै म्ह शान्ति पाओI दुनिया म्ह थारै पै क्लेश होवै सै, पर हिम्मत राखिओ, मन्नै दुनिया ताहीं जीत लिया सैI”
17यीशु की महायाजकीय प्रार्थना खुद कै खातर
1 यीशु नै ये बात कहीं अर आपणी नजर अकास कानी ठाकै कह्या, “हे पिता, ओ बख्त आण पहोंच्या सै; आपणे बेट्टे की महिमा कर, के बेट्टा भी तेरी महिमा करै, 2 क्यूँके तन्नै उसताहीं सारे जीवां पै हक्क दिया, के जो तन्नै उसताहीं दिया सै उन सारया ताहीं ओ अनन्त जीवन देI 3 अर अनन्तजीवन यो सै के वे तुझ, जो के एकमात्र साच्चा पणमेशर सै, नै अर यीशु मसीह नै, जिसताहीं तन्नै खन्दाया सै, जांणैI 4 जो काम तन्नै मेरैताहीं करण नै दिया था, उसताहीं पूरा करकै धरती पै तेरी महिमा करी सैI 5 इब हे पिता जी, तू आपणे गेल्या मेरी महिमा उस महिमा तै कर जो दुनिया की सृष्टी तै पह्ल्ये, मेरी तेरै गेल्या थीI
अपणे चेल्यां कै खातर
6 “मन्नै तेरा नाम उन माणसां पै प्रगट करया सै जिनताहीं तन्नै दुनिया म्ह तै मेरैताहीं दिया| वे तेरे थे अर तन्नै उनताहीं मेरै तै दिया, अर उन्नै तेरै शब्द ताहीं मान लिया सैI 7 इब उन्नै बेरा पाटग्या सै के जो कीमे तन्नै मेरैताहीं दिया सै ओ सारा तेरी ओड़ तै सै; 8 क्यूँके जो शब्द तन्नै मेरैताहीं दिये, मन्नै उनताहीं उनकै धोरै पहोंचा दिये; अर उन्नै उनताहीं अपणा लिया, अर साच्ची-साच जाण लिया के मै तेरी ओड़ तै आया सूं, अर बिश्वास कर लिया सै के तन्नैए मेरैताहीं खन्दायाI 9 मै उन खातर बिनती करूं सूं; दुनिया कै खातर बिनती कोनी करदा पर उन्नैए कै खातर जिनताहीं तन्नै मेरैताहीं दिया सै, क्यूँके वे तेरे सैं; 10 अर जो कीमे मेरा सै ओ सारा तेरा सै, अर जो तेरा सै ओ मेरा सै, अर इनतै मेरी महिमा प्रगट होई सैI 11 मै इस दुनिया म्ह कोनी रहूँगा, पर ये दुनिया म्ह रहवैगें, अर मै तेरै धोरै आऊँ सूंI हे पवित्र पिता, आपणे उस नाम तै जो तन्नै मेरै ताहीं दिया सै, उनकी रुखाळी कर के वे म्हारै बरोबर एक्से होंI 12 जिब्ब मै उनकै गेल्या था, तो मन्नै तेरै उस नाम तै, जो तन्नै मेरैताहीं दिया सै उनकी रुखाळ करी, अर नास कै बेट्टे नै छोड़ उनम्ह तै कोए नास कोनी होया, ज्यांतै के पवित्र ग्रन्थ म्ह जो कह्या ओ पूरा होI 13 पर इब मै तेरै धोरै आऊँ सूं, अर यें बात दुनिया म्ह कहूँ सूं, के वे मेरा आनन्द आपणे म्ह पूरा पावैI 14 मन्नै तेरा शब्द उनताहीं पहोचा दिया सै; अर दुनिया नै उनतै बैर करया, क्यूँके जिस तरियां मै इस दुनिया का कोनी, उससे तरियां वे भी इस दुनिया के कोनीI 15 मै या बिनती कोनी करदा के उन्नै दुनिया तै ठा ले; पर न्यू के तू उन्नै उस दुष्ट तै बचाए राखI 16 जिस तरियां मै दुनिया का कोनी, उससे तरियां वे भी दुनिया के कोनीI 17 सच कै गेल्या उन्नै पवित्र कर : तेरा शब्द साच्चा होवैI 18 जिस तरियां तन्नै मेरैताहीं दुनिया म्ह खन्दाया, उससे तरियां मन्नै भी उनताहीं दुनिया म्ह खन्दाया; 19 अर उनकै खातर मै खुद नै पवित्र करूं सूं, ताके वे भी सच कै गेल्या पवित्र करे जावैI
सारे बिश्वासियाँ कै खातर
20 “मै केवल इन्ने खातर बिनती कोनी करदा, पर उनकै खातर भी जो इनकै शब्द कै जरिये मेरपै बिश्वास करैगें, 21 के वे सारे एक हों; जिस तरियां हे पिता तू मेरै म्ह सै, अर मै तेरै म्ह सूं, उससे तरियां वे भी हमारै म्ह सै, जिसतै दुनिया बिश्वास करै के तन्नै मेरैताहीं खन्दाया सैI 22 वा महिमा जो तन्नै मेरैताहीं दी मन्नै उनताहीं दी सै, के वे उस्से तरियां ए एक हों जिस तरियां हम एक सा, 23 मै उन म्ह अर तू मेर म्ह के वे सिद्ध होकै एक हो जावै, अर दुनिया नै बेरा पाट्टै के तन्नै ए मेरैताहीं खन्दाया, अर जिस तरियां तन्नै मेरतै प्यार राख्या उससे तरियां उनतै प्यार राख्याI 24 हे पिता, मै चाहूँ सूं, के जिन ताहीं तन्नै मेरैताहीं दिया सै, जड़ै मै सूं उड़ै वे भी मेरै गेल्या हो, के वे मेरी उस महिमा नै देक्खै जो तन्नै मेरैताहीं दी सै, क्यूँके तन्नै दुनिया नै बनाण तै पह्ल्या मेरतै प्यार राख्याI 25 हे धार्मिक पिता, दुनिया मन्नै कोनी जांणदी, पर मै तन्नै जांणु; अर इन्नै भी जांणयां के तन्नै ए मेरैताहीं खन्दाया सैI 26 मन्नै तेरा नाम उनताहीं बताया अर बतान्दा रहूँगा के जो प्यार तन्नै मेरतै था ओ उन म्ह रहवै, अर मै उन म्ह रहूँI”
18यीशु का पकड़वाया जाणा
(मत्ती 26:47-56; मरकुस 14:43-50; लूका 22:47-53)
1 यीशु ये बात कहकै आपणे चेल्यां कै गेल्या किद्रोंन नाळै कै परली ओड़ गयाI उड़ै एक फुल्लां की क्यारी थी, जिस म्ह ओ अर उसके चेल्ले गएI 2 उसका पकड़ाणआळा यहूदा भी उस जगहां नै जांणै था, क्यूँके यीशु आपणे गेल्या उड़ै जाया करै थाI 3 फेर यहूदा, सिपाहीयाँ कै एक टोळ नै अर प्रधान याजकां अर फरिसिया की ओड़ तै चमच्या नै लेकै, दिवे अर मशाल अर हथियारां नै लेकै उड़ै आयाI 4 फेर यीशु, उन सारी बात्त्तां नै जो उस पै बीत्त्तण आळी थी जाणकै, लिकड़कै उनताहीं कह्या, “किसनै टोह्वो सो?” 5 उन्नै उसताहीं जबाब दिया, “यीशु नासरी नैI” यीशु नै उनताहीं कह्या, “मैए सूंI” उसका पकड़ाणआळा यहूदा भी उनकै गेल्या खड़या थाI 6 उसकै न्यू कहंदए, “मै सूं, “पाच्छै हटकै धरती पै पड़गेI” 7 फेर उसनै दूबारै उनताहीं बुझ्झया, “थम किसनै टोह्वो सो?” वे बोल्ले, “यीशु नासरी नैI” 8 यीशु नै जबाब दिया, “मन्नै तो थारैताहीं कह दिया सै के मै सूं, जै मन्नै टोह्वो सो तो इन्नह जाण दोI” 9 न्यू ज्यांतै होया के ओ शब्द पूरा हो जो उसनै कह्या था : “जिनताहीं तन्नै मेरतै दिया उनम्ह तै मन्नै एक भी नीं खोयाI” 10 फेर शमौन पतरस नै तलवार, जो उसकै धोरै थी, खींच्ची अर महायाजक कै नौकर पै चलाकै उसका सोळा कान उड़ा दिया, उस नौकर का नाम मलखुस थाI 11 फेर यीशु नै पतरस तै कह्या, “आपणी तलवार म्यान म्ह धरI जो कटोरा बाप नै मेरैताहीं दिया सै, के मै उसनै नीं पिऊँ?”
हन्ना कै श्यामी यीशु
12 फेर सिपाहीयाँ अर उनकै सूबेदार अर यहूदिया कै चमच्या नै यीशु ताहीं पकड़कै जुड़ लिया, 13 अर पह्ल्ये उसताहीं हन्ना कै धोरै ले गए, क्यूँके ओ उस साल का महायाजक काइफा का ससुरा थाI 14 यो ओए काइफा था, जिसनै यहूदिया ताहीं सलाह दी थी के म्हारे माणसां खातर एक आदमी का मरणा सई सैI
पतरस का इनकार
15 शमौन पतरस अर एक और दूसरा चेल्ला भी यीशु सै पाच्छै हो लिएI यो चेल्ला महायाजक का जाण-पिच्छाण का था, ज्यांतै ओ यीशु कै गेल्या महायाजक कै आँगन म्ह गया, 16 पर पतरस बाहरणै दरवाजै पै खड़या रह्याI फेर ओ दूसरा चेल्ला जो महायाजक का जाण-पिच्छाण का था, बाहरणै लिकड़या अर पहरेदारणी तै कहकै पतरस ताहीं भीत्त्तर लीयायाI 17 उस नौकराणी नै, जो पहरेदारणी थी, पतरस तै कह्या, “कदे तू भी इस माणस के चेल्यां म्ह तै तो नीं सै?” उसनै कह्या, “मै कोनी सूंI” 18 नौकर अर चमच्ये जाड्डै कै बाबत कोल्ले धधका कै खड़े आग सेक्कै थे, अर पतरस भी उनकै गेल्या खड़या आग सेक्कै थाI
महायाजक द्वारा यीशु तै पूछताछ
19 फेर महायाजक नै यीशु तै उसकै चेल्यां कै बाबत अर उसकै उपदेश कै बाबत जाँच-पड़ताल करीI 20 यीशु नै उसताहीं जबाब दिया, “मन्नै दुनिया तै खुलकै बात करी; मन्नै सभायां अर आराधनालयां म्ह, जड़ै सारे यहूदी कट्ठे होया करै सै, सारी हाण उपदेश करया अर लुह्क कै कीमे कोनी कह्याI 21 तू मन्नै क्यातै बुझ्झै सै? सुणनआळयां तै बुझ के मन्नै उनताहीं के कह्याI लखा, उन्नै बेरा सै के मन्नै के-के कह्याI” 22 जिब्ब उसनै न्यू कह्या, तो चमच्या म्ह तै एक नै जो धोरै खड़या था, यीशु कै रैप्ट मारकै कह्या, “के तू महायाजक नै इस तरियां जबाब देवै सै?” 23 यीशु नै उसतै जबाब दिया, “जै मन्नै भुंडा कह्या, तो उस भुंड का सबूत दे; पर जै भला कह्या, तो मन्नै क्यातै मारै सै?” 24 हन्ना नै उसताहीं जुड़े होए, काइफा महायाजक कै धोरै खन्दा दियाI
पतरस का दुबारा इन्कार
25 शमौन पतरस खड़या होया आग सेक्कै था, फेर उन्नै उसतै कह्या, “कदे तू भी उसकै चेल्यां म्ह तै तो नीं सै?” उसनै नाट-कै कह्या, “मै कोनी सूंI” 26 महायाजक के नौकरां म्ह तै एक, जो उसकै कुन्बै म्ह तै था, जिसका कान पतरस नै काट दिया था, बोल्या, “के मन्नै तेरैताहीं उसकै गेल्या फुल्लां की क्यारी म्ह कोनी देख्या था?” 27 पतरस फेर नाटग्या, अर जिबे मुरगै नै बाँग दीI
पिलातुस कै श्यामी यीशु
28 फेर वे यीशु ताहीं काइफा कै धोरै तै किले म्ह ले गए, अर तड़कए का टेम था, पर वे खुद किलै कै भीत्त्तर कोनी गए ताके अशुद्ध ना हों पर फसह खा सकैI 29 फेर पिलातुस उनकै धोरै बाहरणै लिकड़ कै आया अर कह्या, “थम इस माणस पै किस बात का दोष लाओ सो?” 30 उन्नै उसताहीं जबाब दिया, “जै ओ भुण्डे काम करणीया नीं होंदा तो हम उसनै तेरै हाथ कोनी सोंपदेI” 31 पिलातुस नै उनतै कह्या, “थमए इसनै ले जाकै आपणे नियम-कायदा कै मुताबिक उसका न्याय करोI” यहूदिया नै उसतै कह्या, “हमनै हक्क कोनी के किसे की ज्यान लेवांI” 32 न्यू ज्यांतै होया के यीशु की वा बात पूरी हो जो उसनै यो इशारा देंदे होड़ कहीं थी के उसकी मौत किसढ़ाळ होगीI”
33 फेर पिलातुस दूबारै कीलै कै भीत्त्तर गया, यीशु नै बुलाकै उसतै बुझ्झया, “के तू यहूदिया का राजा सै?” 34 यीशु नै जबाब दिया, “के तू या बात आपणी ओड़ तै कह्वै सै या दूसरयां नै मेरै बाबत तेर तै न्यू कह्या सै?” 35 पिलातुस नै जबाब दिया, “के मै यहूदी सूं? तेरी ए कोम अर प्रधान याजकां नै तेरैताहीं मेरै हाथ म्ह सोंप्या सैI तन्नै के करया सै?” 36 यीशु नै जबाब दिया, “मेरा राज्य इस दुनिया का कोनी; जै मेरा राज्य इस दुनिया का होंदा, तो मेरे सेवादार लड़दे के मै यहूदियां कै हाथां सोंप्या कोनी जांदा : पर मेरा राज्य आड़ै का कोनीI” 37 पिलातुस नै उसतै कह्या, “के तू राजा सै?” यीशु नै जबाब दिया, “तू कह्वै सै के मै राजा सूंI मन्नै ज्यांतै जन्म लिया अर ज्यांतै दुनिया म्ह आया सूं, के सच की गवाही द्युँI” जो कोए सच का सै, ओ मेरा शब्द सुणै सैI” 38 पिलातुस नै उसतै कह्या, “सच के सै?”
मृत्यु-दण्ड की आज्ञा
न्यू कहकै ओ फेर यहूदियां कै धोरै लिकड़ आया अर उनताहीं कह्या, “मै तो उसम्ह कीमे खोट कोनी पांदाI 39 पर थारै न्यू रिवाज सै के मै फसह पै थारै खातर एक माणस नै छोड़ द्युँI आखर के थम चाह्वो सो के मै थारै खातर यहूदिया कै राजै नै छोड़ द्यु?” 40 फेर उन्नै रूक्के मारकै कह्या, “इसंनै नीं, पर म्हारै खातर बरअब्बा नै छोड़ देI” अर बरअब्बा डाकू थाI
191 इसपै पिलातुस नै यीशु कै कोरड़े लगवाएI 2 सिपाहियां नै काण्डया का मुकुट गूँथकै उसकै सिर पै धरया, अर उसताहीं बैंजणी लत्त्ते पिराये, 3 अर उसकै धोरै आ-आकै कहण लाग्गे, “हे यहूदियों के राजा, प्रणाम!” अर उसकै रैप्ट भी मारेI 4 फेर पिलातुस नै दुबारै बाहरण लिकड़ कै माणसां ताहीं कह्या, “लखाओ, मै उसनै थारै धोरै फेर ल्याया सूं; ताके थमनै बेरा लागै के मै उसम्ह कीमे भी खोट कोनी पान्दाI” 5 फेर यीशु कान्डया का मुकुट अर बैंजनी लत्त्ते पहरे होड़ बाहरण लिकड़या; अर पिलातुस नै उनताहीं कह्या, “लखाओ, यो माणस!” 6 जिब्ब प्रधान याजकां आ चमच्या नै उसताहीं देख्या, तो रूक्के मारकै कह्या, “उसताहीं क्रूस पै चढ़ा, क्रूस पै!” पिलातुस नै उनताहीं कह्या, “थमए उसनै ले जाकै क्रूस पै चढ़ाओ, क्यूँके मै उसम्ह कोए खोट कोनी पान्दाI” 7 यहूदियां नै उसताहीं जबाब दिया, “म्हारे भी व्यवस्था सै अर उस व्यवस्था कै मुताबिक ओ मरण कै जोग्गा सै, क्यूँके उसनै खुद ताहीं पणमेशर का बेट्टा बणायाI” 8 जिब पिलातुस नै या बात सुणी तो और भी डरग्या, 9 अर दूबारै किलै कै भीत्त्तर गया अर यीशु तै कह्या, “तू कितका सै?” पर यीशु नै उसतै कीमे भी जबाब कोनी दियाI 10 इस पै पिलातुस नै उसतै कह्या, “मेरतै क्यातै नीं बोल्दा? के तन्नै कोनी बेरा के तेरैताहीं छोड़ देण का हक्क मेरै ताहीं सै, अर तेरै ताहीं क्रूस पै चढ़ाण का भी मेरै ताहीं हक्क सैI” 11 यीशु नै जबाब दिया, “जै तेरै ताहीं ऊप्पर तै नीं दिया जान्दा, तो तेरा मेरै पै कीमे हक्क कोनी होंदा; ज्यांतै जिसनै मेरैताहीं तेरै हाथ पकड़आया सै उसका पाप घणा सैI”
12 इसपै पिलातुस नै उसताहीं छोड़ देणा चाहया, पर यहूदियां नै रूक्के मार-मारकै कह्या, “जै तू इसनै छोड़ देवैगा, तो तेरी भगति कैसर कान्नी कोनीI जो कोए खुद नै राजा बणावै सै ओ कैसर का सामणा करै सैI” 13 ये बात सुणकै पिलातुस यीशु नै बाहरण ल्याया अर उस ठोड़ एक चोतरा था जो इब्रानी म्ह ‘गब्बता’ कुह्वावै सै, अर उड़ै न्याय की गद्दी पै बैठयाI 14 यो फसह की त्यारी का दिन था, अर छठे पहर कै करीबन थाI फेर उसनै यहूदियां ताहीं कह्या, “लखाओ थारा राजा!” 15 पर उन्नै किलकी मारी, “ले जा ! ले जा ! उसताहीं क्रूस पै चढ़ा!” पिलातुस नै उनते कह्या, “के मै थारे राजा नै क्रूस पै चढ़ाऊँ?” प्रधान याजकां नै जबाब दिया, “कैसर नै छोड़ म्हारा और कोए राजा कोनीI” 16 फेर उसनै उसताहीं उनकै हाथ सोंप्या ताके ओ क्रूस पै चढ़ाया जावैI
क्रूस पै चढाया जाणा
17 फेर वे यीशु नै ले गए, अर ओ आपणा क्रूस ठाए होए उस जगहां ताहीं बाहरण गया, जो ‘खोपड़ी की जगहां’ कुह्वावै सै अर इब्रानी म्ह ‘गुल्गुता’I 18 उड़ै उन्नै उसताहीं अर उसकै गेल्या और दो माणसां ताहीं क्रूस पै चढ़ाया, एक नै इसकानै अर एक नै उसकानै, अर बिचाळै यीशु ताहींI 19 पिलातुस नै एक खोट-चिट्ठी लिखकै क्रूस पै लगा दी, अर उसपै लिख्या होया था, “यीशु नासरी, यहूदियों का राजाI” 20 या खोट-चिट्ठी घणखरे यहूदियां नै पढ़ी, क्यूँके वा जगहां जड़ै यीशु क्रूस पै चढ़ाया गया था कस्बे कै धोरै थी; अर चिट्ठी इब्रानी अर लतीनी अर यूनानी म्ह लिक्खी होई थीI 21 फेर यहूदियां के प्रधान याजकां नै पिलातुस तै कह्या, “ ‘यहूदियां का राजा’ मतना लिखै पर यो के ‘उसनै कह्या, मै यहूदियां का राजा सूं’I” 22 पिलातुस नै जबाब दिया, “मन्नै जो लिखणा था, लिख दियाI”
23 जिब्ब सिपाही नै यीशु ताहीं क्रूस पै चढ़ा दिया, तो उसके लत्त्ते लेकै चार ठोड़ बांड लिए, हरेक सिपाही खातर एक हिस्सा, अर कुरता भी लिया, पर कुरता बिन सीअन ऊप्पर तै तळै ताहीं सिम्या होया थाI 24 इसकरकै उन्नै आपस म्ह कह्या, “हम इसताहीं पाड़ा नीं, पर इसपै लाटरी-चिट्ठी गेरकै के यो किसका होवैगाI” न्यू इसकरकै होया के पवित्र ग्रन्थ म्ह जो लिख्या होया ओ पूरा हो,“उन्नै मेरे लत्त्ते आपस म्ह बांड लिए अर मेरे लत्त्ते पै लाटरी-चिट्ठी गेरीI 25 आखर म्ह फौजियाँ नै इसाए करयाI यीशु कै क्रूस कै धोरै उसकी माँ, अर उसकी माँ की बेब्बे, क्लोपास की बहु मरियम, अर मरियम मगदलीनी खड़ी थींI 26 जिब्ब यीशु नै आपणी माँ, अर उस चेल्ले ताहीं जिसतै ओ प्यार राखै था, धोरै खड़े देख्या तो आपणी माँ तै कह्या, “हे नारी, लखा, यो तेरा बेट्टा सैI” 27 फेर उस चेल्ले तै कह्या, “या तेरी माँ सैI” अर उससे टेम ओ चेल्ला उसताहीं आपणे घरा लेग्याI
यीशु की मौत
28 इसकै पाच्छै यीशु नै बेरा लागग्या के इब सारा कीमे पूरा हो लिया, ज्यांतै के पवित्र ग्रन्थ म्ह जो कह्या गया ओ पूरा हो, कह्या, “मै तिसाया सूंI” 29 उड़ै सिरकै तै भरया होड़ एक बास्सण धरया था, आखर म्ह उन्नै सिरके म्ह भे कै स्याही चूस ताहीं जुफे पै धर कै उसकै मुँह तै ल्यायाI 30 जिब्ब यीशु नै ओ सिरका लिया, तो कह्या, “पूरा होया” ; अर सिर झुकाकै जी दे दियाI
भाले तै बेधा जाणा
31 ज्यांतै के ओ त्यारी का दिन था, यहूदियां नै पिलातुस तै बिनती करी के उनकी टाँग तोड़ दी जावै अर वे उतारे जावै, ताके सब्द कै दिन वे क्रूस पै ना रहवै, क्यूँके ओ सब्द का दिन बड्डा दिन थाI 32 आखर म्ह फौजियां नै आकै उन माणसां म्ह तै पहल्लै की टाँग तोड़ी फेर दुसरे की भी, जो उसकै गेल्या क्रूस पै चढ़ाए गए थे; 33 पर जिब्ब यीशु कै धोरै आकै देख्या के ओ मर लिया सै, तो उसकी टाँग कोनी तोड़ीI 34 पर सिपाहीयां म्ह तै एक बरछी तै उसका पंजर चिर दिया, अर उसम्ह तै जिबे लहू अर पाणी लिकड़याI 35 जिसनै यो देख्या, उसनै गवाही दी सै, अर उसकी गवाही साच्ची सै; अर उन्नै बेरा सै के ओ साच्ची कह सै के थम भी बिश्वास करोI 36 ये बात ज्यांतै होई के पवित्र ग्रन्थ म्ह जो कह्या गया ओ पूरा हो, “उसकी कोई हाड्डी कोनी तोड़ी जावैगीI” 37 फेर एक और जगहां पै न्यू लिख्या सै, “जिस ताहीं उन्नै चिरया सै, उस पै वे देक्खैगेंI”
यीशु का गाड्या जाणा
38 इन बात्त्तां पाच्छै अरिमतिया के युसुफ नै जो यीशु का चेल्ला था, पर यहूदियां कै डर के मारे इस बात नै ल्कोए राखै था, पिलातुस तै बिनती करी, के ओ यीशु की लाश ले जा सकै सैI पिलातुस नै उसकी बिनती सुणी, अर ओ आकै उसकी लाश लेग्याI 39 निकुदेमुस भी, जो पह्ल्ले यीशु कै धोरै रात नै गया था, पचास सेर कै करीबन रळा होड़ गन्धरस अर एलवा लीयायाI 40 फेर उन्नै यीशु की लाश ली, अर यहूदिया कै गाड्डण कै रिवाज कै मुताबिक उस ताहीं खसबुदार द्रव्य कै गेल्या कफन म्ह लपेटयाI 41 उस जगहां पै जड़ै यीशु क्रूस पै चढ़ाया गया था, एक फुल्लां की क्यारी थी, अर उस फुल्लां की क्यारी म्ह एक नई कब्र थी जिसम्ह कदे कोए कोनी धरया थाI 42 ज्यांतै यहूदिया की त्यारी कै दिन कै बाबत उन्नै यीशु ताहीं उससे म्ह धरया, क्यूँके वा कब्र लोवै थीI
20खाली कब्र
1 हफ्तै कै पहल्ड़ै दिन मरियम मगदलीनी तड़कए नै अन्धरै रहंदे ए कब्र पै गई, अर पत्थर नै कब्र पै तै हटया होड़ देख्याI 2 फेर वा भाज्जी अर शमौन पतरस अर उस दुसरे चेल्लै कै धोरै जिसतै यीशु प्यार राखै था, आकै कह्या, “वे प्रभु नै कब्र म्ह तै काड ले गे सै, अर हमनै नीं बेरा के उसताहीं कित धर दिया सैI” 3 फेर पतरस अर ओ दूसरा चेल्ला लिकड़ कै कब्र कै कान्नी चाल्लेI 4 वे दोन्नु गेल-गेल भाजरे थे, पर दूसरा चेल्ला पतरस तै आगै बढ़कै कब्र पै पह्ल्या पहोच्या; 5 अर कोडडे होकै लत्त्ते पड़े देक्खे, फेरभी वे भीत्त्तर कोनी गयाI 6 फेर शमौन पतरस उसकै पाच्छै-पाच्छै पहोच्या, अर कब्र कै भीत्त्तर गया अर लत्त्ते पड़े देक्खे; 7 अर ओ अंगोछा जो उसकै सिर पै बन्धा होड़ था, लत्त्या कै गेल्या कोनी पड़या था, पर न्यारा एक ठोड़ लपेट कै धरया होया देख्याI 8 फेर दूसरा चेल्ला भी जो कब्र पै पह्ल्या पहोच्या था, भीत्त्तर गया अर देखकै बिश्वास करयाI 9 वे तो इब ताहीं पवित्र ग्रन्थ की वा बात कोनी समझे थे के उसनै मरे होया म्ह तै जी उठना होगाI 10 फेर चेल्ले आपणे घरा बोहड़गेI
मरियम मगदलीनी पै प्रगट होणा
11 पर मरियम रोंदी होई कब्र कै धोरै ए बहरण खड़ी रही, अर रोंदे-रोंदे कब्र कै कान्नी कोड्डी होकै, 12 दो सुर्गदुत्त्तां ताहीं धोळे-चमकदे लत्त्ते पहरे होड़ एक सिरहाणै अर दूसरै ताहीं पात्यां नै बैट्ठे देख्या, जड़ै यीशु की लाश धरी गई थीI 13 उन्नै उसताहीं कह्या, “हे नारी, तू क्यातै रोवै सै?” उसनै उनताहीं कह्या, “वे मेरै प्रभु नै ठा लेगे अर मन्नै कोनी बेरा के उसनै कित धर राख्या सैI” 14 न्यू कहकै वा पाच्छै मुड़ी अर यीशु ताहीं खड़े देख्या, पर पिच्छाणया कोनी के यो यीशु सैI 15 यीशु नै उसतै कह्या, “हे नारी, तू क्यातै रोवै सै? किसनै टोहवै सै?” उसनै माळी समझ कै उसताहीं कह्या, “हे महाराज, जै तन्नै उसताहीं ठा लिया सै तो मन्नै बता के उस ताहीं कित धर राख्या सै, अर मै उसनै ले जाऊँगीI” 16 यीशु नै उसताहीं कह्या, “मरियम!” उसनै बोहड़ कै उसताहीं इब्रानी म्ह कह्या, “रब्बुनी!” यानिके ‘हे गुरु’ I 17 यीशु नै उसताहीं कह्या, “मन्नै छूवै मतना, क्यूँके मै इब ताहीं बाप कै धोरै ऊप्पर कोनी गया, पर मेरे भाईया कै धोरै जाकै उनतै कह दे, के मै अपणे पिता अर थारे पिता, अर अपणे पणमेशर अर थारे पणमेशर कै धोरै ऊप्पर जाकै आऊँ सूंI” 18 मरियम मगदलीनी नै जाकै चेल्यां ताहीं बताया, “मन्नै प्रभु ताहीं देख्या, अर उसनै मेरै तै यें बात कहींI”
चेल्यां पै प्रगट होणा
19 उस्से दिन जो हफ्तै का पह्ल्ड़ा दिन था, साँझ कै टेम जिब्ब उड़ै के किवाड़ जड़ै चेल्ले थे, यहूदिया कै डर के मारे मूंदे होड़ थे, फेर यीशु आया अर उनकै बिचाळै खड़या होकै उनतै कह्या, “थमनै शान्ति मिलैI” 20 अर न्यू कहकै उसनै आपणा हाथ अर आपणा पंजर उनतै दिखाएI फेर चेल्ले यीशु नै देखकै राज्जी होएI 21 यीशु नै फेर उनतै कह्या, “थमनै शान्ति मिलै: जिस तरियां बाप नै मेरताहीं खन्दाया सै, उससे तरियां ए मै थमनै खन्दाऊँगाI” 22 न्यू कहकै उसनै उन पै फूँक मारी अर उसनै कह्या, “पवित्र आत्मा ल्योI 23 जिनके पाप थम माफ करो, वे उनकै खातर माफ करे गए सैं; जिनके थम राक्खो, वे राक्खे गए सैंI”
थोमा पै प्रगट होणा
24 पर बारहा म्ह तै एक, यानिके थोमा जो दिद्मुस कुह्वावै सै, जिब्ब यीशु आया तो उनकै गेल्या कोनी थाI 25 जिब्ब दुसरे चेल्ले उसतै कहण लाग्गे, “हम नै प्रभु ताहीं देख्या सै,” फेर उसनै उनतै कह्या, “जिब्बताहीं मै उसकै हाथां म्ह किल्लां के घट्टे नीं देख ल्युँ, अर किल्लां के घटयां म्ह आपणी आंगळी नै घाल ल्युँ, अर उसकै पंजर म्ह आपणा हाथ ना घाल ल्युँ, जद ताहीं बिश्वास कोनी करूँगाI”
26 आठ दिन कै पाच्छै उसके चेल्ले फेर घर कै भीत्त्तर थे, अर थोमा उनकै गेल्या था; अर किवाड़ मूंद राक्खे थे, फेर यीशु आया अर उनकै बिचाळै खड़या होकै कह्या, “थमनै शान्ति मिलैI” 27 फेर उसनै थोमा तै कह्या, “आपणी आंगळी याड़ै ल्याकै मेरै हाथां नै देख अर आपणा हाथ ल्याकै मेरै पंजर म्ह घाल, अर अविश्वासी नीं पर बिश्वासी बणI” 28 न्यू सुणकै थोमा नै जबाब दिया, “हे मेरे प्रभु, हे मेरे पणमेशर!” 29 यीशु नै उसतै कह्या, “तन्नै मेरै ताहीं देख्या सै, के ज्यांतै बिश्वास करया सै? धन्य वे सैं जिन्नै बिन देक्खे बिश्वास करयाI”
इस किताब का मकसद
30 यीशु नै और भी घणखरे कारनाम्मे चेल्या कै आगै दिखाए, जो इस किताब म्ह कोनी लिक्खे गए; 31 पर ये ज्यांतै लिक्खे गए सैं के थम बिश्वास करो के यीशु ए पणमेशर का बेट्टा मसीह सै, अर बिश्वास करकै उसकै नाम म्ह जिन्दगी पाओI
21तिबिरियास झील कै कंठारै चेल्यां पै प्रगट होणा
1 इन बात्त्तां कै पाच्छै यीशु नै खुद ताहीं तिबिरियास झील कै कंठारै चेल्यां पै प्रगट करया, अर इस ढाळ प्रगट करया : 2 शमौन पतरस, अर थोमा जो दिदुमुस कुह्वावै सै, अर गलील कै काना नगर का नतनएल, अर जब्दी के बेट्टे, अर उसके चेल्यां म्ह तै दो और जणे कट्ठे थेI 3 शमौन पतरस नै उनताहीं कह्या, “मै मच्छी पकड़ण नै जाऊँ सूंI” उन्नै उसतै कह्या, “हम भी तेरै गेल्या चाल्लां सांI” आखर उस रात नै कीमे कोनी पकड़याI
4 तड़का होंदे-ए यीशु कंठारै पै आ खड़या होया; फेरभी चेल्यां नै कोनी पिच्छाणा के यो यीशु सैI 5 फेर यीशु नै उन ताहीं कह्या, “हे बाळको, के थारै धोरै कीमे खाण नै सै?” उन्नै जबाब दिया, “कोनीI” 6 उसनै उनताहीं कह्या, “किस्ती कै सोळै कान्नी जाळ गेरो फेर पाओगेI” आखर उन्नै जाळ गेरया, अर इब घणी मच्छीयां कै बाबत जाळ उनपै खिंच्या कोनीI 7 फेर उस चेल्यां नै जिसतै यीशु प्यार करै था, पतरस तै कह्या, “यो तो प्रभु सै!” शमौन नै न्यू सुणकै के ओ प्रभु सै, कड़ म्ह अंगोछा कस लिया, क्यूँके ओ ऊघाड़ा था, अर झील म्ह छाळ मार दीI 8 पर दुसरे चेल्ले डोंगी पै मच्छी तै भरया होड़ जाळ खिंचदे होए आए, क्यूँके वे कंठारै तै घणी दूर कोनी, पर कोए दो सौ हाथ पै थेI
9 जिब्ब वे कंठारै पै उतरे, तो उन्नै कोयले की आग अर उस पै मच्छीं धरी होई, अर रोट्टी देक्खीI 10 यीशु नै उनतै कह्या, “जो मच्छी थमनै इबे पकड़ी सै, उनम्ह तै कीमे ल्याओI” 11 फेर शमौन पतरस नै डोंगी पै चढ़कै एक सौ तिरपन बड्डी मच्छीयां तै भरया होड़ जाळ कंठारै पै खिंच्या, अर इतनी मच्छी होंदे होए भी जाळ कोनी पाट्याI 12 यीशु नै उनतै कह्या, “आओ, खाणा खाओI” चेल्यां म्ह तै किसे का ढेठ कोनी होया के उसतै बुझ्झै, “तू कौण सै?” क्यूँके उन्नै बेरा था के हो ना हो यो प्रभु ए सैI 13 यीशु आया अर रोट्टी लेकै उनताहीं दी, अर उससे ढाळ मच्छीं भीI 14 यो तीसरी बै सै के यीशु मरे होया म्ह तै जिन्दा उठणै कै पाच्छै चेल्यां नै दिखाई दियाI
यीशु अर पतरस
15 खाणा खाणै कै पाच्छै यीशु नै शमौन पतरस तै कह्या, “हे शमौन, युहन्ना के बेट्टे, के तू इन तै बाध मेरतै प्रेम करै सै?” उसनै उसतै कह्या, “हम्बै प्रभु; तन्नै तो बेरा सै के मै तेरै तै प्रीति राक्खु सूंI” उसनै उसतै कह्या, “मेरे मेम्नां नै चरा|” 16 उसनै दूसरी बर उसतै कह्या, “हे शमौन, युहन्ना के बेट्टे, के तू मेरै तै प्रेम राखै सै?” उसनै उसतै कह्या, “हम्बै प्रभु; तन्नै तो बेरा सै के मै तेरैतै प्रीति राक्खु सूंI” उसनै उसतै कह्या, “मेरी भेड्डां की रूखाळी कर|” 17 उसनै तीसरी बर उसताहीं कह्या, “हे शमौन, युहन्ना के बेट्टे, के तू मेरतै प्रीति राखै सै?” पतरस कांल होया के उसनै उसतै तीसरी बर इसा कह्या, “हे शमौन, युहन्ना के बेट्टे, के तू मेरतै प्रीति राखै सै?” अर उसतै कह्या, “हे प्रभु, तन्नै तो सारा कीमे बेरा सै; तन्नै न्यू बेरा सै के मै तेरैतै प्रीति राखु सूंI” यीशु नै उसतै कह्या, “मेरी भेड्डां नै चराI 18 मै तेरैतै साच्ची-साच कहूँ सूं, “जिब्ब तू गाबरू था तो आपणी कड़ बाँधकै जड़ै चाहवै था उड़ै हाँडै था; पर जिब्ब तू बुढ़ा होगा तो आपणे हाथ पसारैगा, अर दूसरा तेरी कड़ बांधकै जड़ै तू ना चाहवैगा उड़ै तन्नै ले जावैगाI” 19 उसनै इन बात्त्तां तै इशारा करया के पतरस किसी मौत तै पणमेशर की महिमा करैगाI अर फेर उसनै उसतै कह्या, “मेरै पाच्छै हो लेI”
यीशु अर उसका प्रिय चेल्ला
20 पतरस नै बोहड़कै उस चेल्ले ताहीं पाच्छै आंदे देख्या, जिसतै यीशु प्यार राखै था, अर जिसनै खाणै कै टेम उसकी छात्त्ती की ओड़ कोड्डा होकै बुझ्झया था, “हे प्रभु, तेरा पकड़वाणआळा कौण सै?” 21 उसताहीं देखकै पतरस नै यीशु तै कह्या, “हे प्रभु, इसका के हाल होगा?” 22 यीशु नै उसतै कह्या, “जै मै चाहूँ के ओ मेरै आण ताहीं रुक्या रहवै, तो तन्नै इसतै के? तू मेरै पाच्छै हो लेI” 23 ज्यांतै भाईयां म्ह या बात फैलगी के ओ चेल्ला कोनी मरैगा; फेरभी यीशु नै उसतै न्यू कोनी कह्या के ओ कोनी मरैगा, पर यो के, “जै मै चाहूँ के ओ मेरै आण ताहीं रुक्या रहवै, तो तन्नै इसतै के?”
उपसंहार
24 यो ओए चेल्ला सै जो इन बात्त्तां की गवाही देवै सै अर जिसनै इन बात्त्तां ताहीं लिख्या सै, अर हमनै बेरा सै के उसकी गवाही साच्ची सैI 25 और भी घणेए काम सै, जो यीशु नै करे; जै वे एक-एक करकै लिखये जांदे, तो मै समझू सूं के किताब जो लिक्खी जांदी वा दुनिया म्ह भी कोनी न्योड़ैI