ACTS

प्रेरितों के काम

1

परिचय

1 हे थियुफिलुस, मन्नै पहलड़ी किताब उन सारी बात्त्तां कै बाबत लिक्खी जो यीशु नै सरूआत करी करदा अर सिखान्दा रहया, 2 उस दिन ताहीं जिब्ब ताहीं ओ उन प्रेरितां नै जिन ताहीं उसनै छाट्या था पवित्र आत्मा कै जरिये हुक्म देकै ऊप्पर ठाया नीं गया| 3 उसनै दुःख ठाण कै पाच्छै घणे पक्के सबुतां तै अपणै आप नै उन ताहीं जिन्दा दिखाया, अर चालीस दिन ताहीं ओ उन्नै दिखदा रहया, अर पणमेशर के राज्य की बात करदा रहया| 4 अर उनतै फेटकै उन ताहीं हुक्म दिया, “यरूशलेम नै ना छोड्डो, पर बाप की उस प्रतिज्ञा की पुरे होण की बाट देखदे रहो, जिसका जिक्रा थम मेरै तै सुण चुके सो| 5 क्यूँके युहन्ना नै तो पाणी तै बपतिस्मा दिया सै पर माड़े-से दिनां पाच्छै थम पवित्र आत्मा तै बपतिस्मा पाओगे|”

यीशु का सुर्ग म्ह जाणा

6 आखर उन्नै कट्ठे होकै उसतै बुझ्झया, “हे प्रभु, के तू इस्से टेम इस्राएल ताहीं राज्य दुवा देगा?” 7 उसनै उनतै कह्या, “उन टेम्मां या काल्लां ताहीं जाणना, जिन ताहीं बाप नै आपणे अधिकार म्ह कर राख्या सै, थारा काम कोनी| 8 पर जिब्ब पवित्र आत्मा थारै पै आवैगा फेर थम सामर्थ पाओगे; अर यरूशलेम अर सारे यहूदिया अर सामरिया म्ह, अर धरती कै सिरे ताहीं मेरे गवाह होंगें|” 9 न्यू कहकै ओ उनकै देखदे-देखदे ऊप्पर ठा लिया गया, अर बादळ नै उस ताहीं उनकी आँखां तै लको लिया| 10 उसकै जान्दे टेम जिब्ब वे अकास की ओड़ देखैं थे, तो देक्खो, दो माणस धोळे लत्त्ते पहरे ओड़ उनकै लोवै आण खड़े होये, 11 अर उनतै कह्या, “हे गलीली माणसो, थम खड़े अकास कान्नी क्यांतै लखाओ सो? योए यीशु, जो थारै धोरै तै सुर्ग पै ठा लिया गया सै, जिस तरियां तै थमनै उस ताहीं सुर्ग नै जांदे देख्या उस्से तरियां तै ओ दुबारा आवैगा|”

मत्तियाह ताहीं यहूदा का ओद्दा मिलणा

12 जिब्ब वे जैतून नामक पहाड़ तै जो यरूशलेम कै लोवै एक सब्त कै दिन की दूरी पै सै, यरूशलेम नै बोह्ड़े| 13 जिब्ब वे ओड़ै पहोच्चे तो उस चुबारे पै गये, जित पतरस अर युहन्ना अर याकूब अर अद्रियास अर फिलिप्पुस अर थोमा अर बरतुल्मै अर मती अर हलफई का बेट्टा याकूब अर शमौन, जेलोतेस अर याकूब का बेट्टा यहूदा रहवै थे| 14 ये सारे कई लुगाईयां अर यीशु की माँ मरियम अर उसके भाईयां कै गेल्या एक मन होकै प्रार्थना म्ह लाग्गे रहे|

15 उन्ने दिनां म्ह पतरस भाईयां का बिच्चाळै म्ह जो एक सौ बीस आदमियां कै करीबन थे, खड़या होकै कहण लाग्या, 16 हे भाइयो, जरूरी था के पवित्र ग्रन्थ का ओ लिख्या पूरा हो जो पवित्र आत्मा नै दाऊद के मुँह तै यहूदा कै बाबत, जो यीशु कै पकड़वाण आळयां का अगुवा था, पहल्या ए तै कहया था| 17 क्यूँके ओ तो म्हारै म्ह गिणया गया, अर इस सेविकाई म्ह साझ्झी होया| 18 (उसनै पाप की कमाई तै एक खेत मोल लिया, अर सिर के बळ गिरया अर उसका पेट पाटग्या अर उसकी सारी आन्द्ड़ी लिकड़गी| 19 इस बात ताहीं यरूशलेम के सारे रहणीये जाणगे, उरै ताहीं के उस खेत का नाम उनकी भाषा म्ह ‘हक्कलदमा’ यानिके ‘लहू का खेत’ पड़ग्या|) 20 भजन संहिता म्ह लिख्या सै, ‘उसका घर उजड़ जावै, अर उसम्ह कोए नीं बसै,’ अर ‘उसका ओद्दा कोए और ले लेवै|’

21 इसकरकै जितनै दिन ताहीं प्रभु यीशु म्हारै गेल्या आन्दा-जान्दा रहया---यानिके युहन्ना बपतिस्मा तै लेकै उसके म्हारै धोरै तै ठाए जाण तक---जो आदमी बराबर म्हारै गेल्या रहे, 22 सई सै के उनम्ह तै एक माणस म्हारै गेल्या उसकै जिन्दा होण का गवाह हो जावै|” 23 फेर उन्नै दो जण्यां ताहीं खड़या करया, एक यूसुफ जो बर-सबा कुहवावै था, जिसका उपनाम यूसतुम सै, दूसरा मत्तियाह ताहीं, 24 अर या प्रार्थना करी, “हे प्रभु, तू जो सारया के मनां नै जाणै सै, न्यू बता के इन दोनुआ म्ह तै किस नै छाट्टा, 25 के ओ इस सेविकाई अर प्रेरिताई का ओद्दा लेवै, जिस नै यहूदा छोड़ कै आपणी जंगहा चल्या गया|” 26 फेर उन्नै उनकै बाबत पर्ची गेरी, अर पर्ची मत्तियाह कै नाम लिकड़ी| आखर ओ उन ग्यारहा प्रेरितां कै गेल्या गिणया गया|

2

पवित्र आत्मा का उतरणा

1 जिब्ब पिन्तेकुस्त का दिन आया, तो वे सारे एक जंगहा कट्ठे थे| 2 चाणचक अकास तै घणी आँधी किसा हल्का-सा शब्द होया, अर उसतै सारा घर जित वे बैट्ठे थे, गूँजग्या| 3 अर उन्नै आग जिसी जीभ पाट्दी होई दिखण लाग्गी अर उनम्ह तै हरेक पै आ उतरी| 4 वे सारे पवित्र आत्मा तै भरगे, अर जिस ढाळ पवित्र आत्मा नै उन ताहीं बोल्लण की सामर्थ दी, वे न्यारी-न्यारी भाषा बोल्लण लाग्गे|

5 अकास कै तळै की हरेक जात म्ह तै भगत यहूदी यरूशलेम म्ह रै रे थे| 6 जिब्ब यो शब्द होया तो भीड़ लाग्गी अर आदमी घबरागे, क्यूँके हरेक नै योए सुणायी देवै था के वे मेरीए भाषा म्ह बोल्लण लागरे सै| 7 वे सारे हैरान अर अचम्भा करकै कहण लाग्गे, “देक्खो, जो वे बोल्लण लागरे सै के सारे गलीली कोनी? 8 तो फेर क्यांतै म्हारै म्ह तै हरेक आपणी-आपणी जन्म-भूमि की भाषा सुणै सै? 9 हम जो पारथी अर मेदी अर एलामी अर मेसोपोटामिया अर यहूदिया अर कप्दुकिया अर पुन्तुस अर आसिया, 10 अर फ्रुगिया अर पंफुलिया अर मिस्र अर लीबिया देश जो कुरेन कै लोवै-धोरै सै, इन सारे देशां के रहण आळे अर रोमी प्रवासी, 11 यानिके यहूदी अर यहूदी मत धारण करण आळे, क्रेतो अर अरबी भी सैं, पर आपणी-आपणी भाषा म्ह उनतै पणमेशर के बड्डे-बड्डे काम्मां का जिक्रा सुणै सैंं|” 12 अर वे सारे हैरान होए अर घबराकै एक-दुसरै तै कहण लाग्गे, “यो के होण लागरया सै? 13 पर औरां नै मखौल करकै कह्या, “वे तो नयी दारू कै नशै म्ह चूर सैं|”

पतरस का भाषण

14 जिब्ब पतरस उन ग्यारहा कै गेल्या खड़या होया, अर ठाड्डू आवाज म्ह बोल्या, “हे यहूदियों अर हे यरूशलेम के सारे रहणीयों, न्यू जाण ल्यो, अर कान लाकै मेरी बात सुणो| 15 जिसा थम समझ रे सो, ये आदमी नशे म्ह सैं, न्यू कोनी सै, क्यूँके इब्बे दिन लिकड़याए सै| 16 पर या वा बात सै योएल नब्बी कै जरिये कही गई थी :

17 ‘पणमेशर कहवै सै, के अन्त के दिनां म्ह इसा होवैगा के मै आपणा आत्मा सारे माणसां पै ढाळूगाँ, अर थारे बेट्टे अर थारी बेट्टी भविष्यवाणी करैगीं, अर थारे गाबरू दर्शन देखैगें, अर थारे पुरनिए सपना देक्खैगें| 18 बल्के मै आपणे दासां अर दासियां पै भी, उन दिनां म्ह आपणी आत्मा म्ह तै ढाळूगाँ, अर वे भविष्यवाणी करैगें| 19 अर मै ऊप्पर अकास म्ह अनोक्खे काम अर तळै धरती पै निशान, यानिके लहू अर आग अर धुम्मै का बादळ दिखाऊँगा| 20 प्रभु के महान अर तेजस्वी दिन कै आण तै पह्ल्या सूरज अँधेरा अर चाँद लहू-सा हो जावैगा| 21 अर जो कोए प्रभु का नाम लेवैगा, उसका उद्धार होवैगा|

22 “हे इस्राएलियों, इन बात्त्तां नै सुणो : यीशु नासरी एक माणस था जिसका पणमेशर की ओड़ होण का सबूत उन सामर्थ के काम्मां अर हैरानी के काम्मां अर निशानां तै प्रगट सै, जो पणमेशर नै थारै बिच्चाळै उसकै जरिये कर दिखाए जिसकै बारै म्ह थमनै खुदे बेरा सै| 23 उस्से यीशु ताहीं, जो पणमेशर की ठहराई होई योजना अर पूर्व ज्ञान कै मुताबिक पकड़वाया गया, थमनै अधर्मियां के हाथां तै क्रूस पै चढ़ाकै मार दिया| 24 पर उस्से ताहीं पणमेशर नै मौत के बन्धनां तै छुड़ाकै जिन्दा करया, क्यूँके यो अनहोणा था के ओ उसकै बस म्ह रहन्दा| 25 क्यूँके दाऊद उसकै बारै म्ह कहवै सै, ‘मै प्रभु नै सारी हाण आपणे श्यामी देख्दा रहया क्यूँके ओ मेरी सोळी ओड़ सै, ताके मै डिग नीं जाऊँ| 26 इस्से कारण मेरा मन आनन्दित होया, अर मेरी जीभ मग्न होई; बल्के मेरी देही भी आस म्ह बणी रह्वैगी| 27 क्यूँके तू मेरै प्राणां नै अधोलोक म्ह कोनी छोड्डैगा; अर ना आपणे पवित्र माणस नै सड़न ए देवैगा| 28 तन्नै मेरै ताहीं जीण का राह बताया सै; तू मन्नै दर्शन कै जरिये आनन्द तै भर देवैगा|’

29 “हे भाईयो, मै कुलपति दाऊद कै बारै म्ह थारै तै हिम्मत करकै कहूँ सूं के ओ तो मरग्या अर गाड्या भी गया अर उसकी कब्र आज ताहीं म्हारै उरै न्यू-की-न्यू सै| 30 ओ नब्बी था अर उसनै बेरा था के पणमेशर नै मेरै तै सूंह खाई सै के मै तेरी पीढ़ी म्ह तै एक माणस नै तेरै सिहांसन पै बिठाऊँगा; 31 उसनै होण आळी बात ताहीं पहल्या ए तै देख कै मसीह के जिन्दा उठण कै बारै म्ह भविष्यवाणी करी के ना तो उसका प्राण अधोलोक म्ह छोड्या गया अर ना उसकी देही सड़न पाई| 32 इस्से यीशु ताहीं पणमेशर नै जिन्दा करया, जिसके हम सारे गवाह सां| 33 इस तरियां पणमेशर के सोळे हाथ तै सबतै ऊँच्चा ओद्दा पाकै, अर बाप तै ओ पवित्र आत्मा पाकै जिसका प्रण लिया गया था, उसनै यो ढाळ दिया सै जो थम देक्खो अर सुणो सो| 34 क्यूँके दाऊद तो सुर्ग पै कोनी चढ्या; पर ओ खुद कहवै सै, ‘प्रभु नै मेरे प्रभु तै कहया, मेरै सोळी ओड़ नै बैठ, 35 जिब्ब ताहीं के मै तेरे बैरियां नै तेरे पायां तळै की चोक्की नीं कर द्युँ|’ 36 आखर इस्राएल का सारा खानदान पक्की तरियां तै जाण लेवै के पणमेशर नै उस्से यीशु ताहीं जिस ताहीं थमनै क्रूस पै चढ़ाया, प्रभु भी ठहराया अर मसीह भी|”

37 फेर सुनण आळयां के दिल छिदगे, अर वे पतरस अर बाकी प्रेरितां तै बुझ्झण लाग्गे, “हे भाईयों, हम के करां?” 38 पतरस नै उनतै कह्या, “मन फिराओ, अर थारै म्ह तै हरेक आपणे-आपणे पापां की माफ़ी कै खातर यीशु मसीह कै नाम तै बपतिस्मा लेवै; जिब्ब थम पवित्र आत्मा का दान पाओगे| 39 क्यूँके या प्रतिज्ञा थम, अर थारी ऊलादां, अर उन सारे दूर-दूर के आदमियां खातर भी सै जिन ताहीं प्रभु म्हारा पणमेशर आपणे धोरै बुलावैगा|” 40 उसनै भतेरी और बात्त्तां तै भी गवाही दे-देकै समझाया के आपणे आप नै इस टेढ़ी जात तै बचाओ| 41 आखर जिन्नै उसका बचन अपणाया उन्नै बपतिस्मा लिया, अर उस्से दिन तीन हजार माणसां कै करीबन उनम्ह मिलगे| 42 अर वे प्रेरितां तै शिक्षा लेन्दे, अर संगति राखदे, अर रोट्टी तोड़ने, अर प्रार्थना करण म्ह मग्न रहे|

बिश्वासियाँ की संगति

43 अर सारे आदमी डरगे, अर घणे अनोक्खे काम अर निशान प्रेरितां कै जरिये प्रगट होवै थे| 44 अर सारे बिश्वास करणीये कट्ठे रहवै थे, अर उनकी सारी चीज साझे म्ह थीं| 45 वे आपणी-आपणी जायदाद अर सामान बेच-बेचकै जिसकी जरूरत होवै थी बांड दिया करै थे| 46 वे हरेक दिन एक मन होकै मन्दर म्ह कट्ठे होवै थे, घर-घर रोट्टी तोड़दे होए आनन्द अर मन की सीधाई तै खाणा खावै थे, 47 अर पणमेशर की जय-जयकार करै थे, अर सारे माणस उनतै राज्जी थे : जो उद्धार पावैं थे, उन ताहीं प्रभु हरेक दिन उनम्ह मिला देवै था|

3

लंगड़ै भिखारी का चंगा होणा

1 पतरस अर युहन्ना तीसरै पहर प्रार्थना कै टेम मन्दर म्ह जाण लागरे थे| 2 अर माणस एक जन्म तै लंगड़े नै ल्यावै थे, जिस ताहीं वे हरेक दिन मन्दर कै बाहरण पै जो ‘सुन्दर’ कुहवावै सै, बिठा देवै थे के ओ मन्दर म्ह जाण आळयां तै भीख माँगै| 3 जिब्ब उसनै पतरस अर युहन्ना ताहीं मन्दर म्ह जान्दे देख्या, तो उनतै भीख माँगी| 4 पतरस नै युहन्ना कै गेल्या उसकी ओड़ गौर तै देखकै कह्या, “म्हारी ओड़ लखा!” 5 आखर ओ उनतै कीमे पाण की आस राखदे होये उनकी ओड़ ताकण लाग्गे|

6 फेर पतरस नै कह्या, “चाँदी अर सोन्ना तो मेरै धोरै सै नीं, पर जो मेरै धोरै सै ओ तन्नै द्युँ सूं; यीशु नासरी कै नाम तै चाल-फिर|” 7 अर उसनै उसका सोळा हाथ पकड़ कै उस ताहीं ठाया; अर जिब्बे उसके पायां अर टाखणयां म्ह हिम्मत आग्यी| 8 ओ उछळकै खड़या होग्या अर चाल्लण-फिरण लाग्या; अर चाल्दा, अर कुद्दा, अर पणमेशर की जय-जयकार करदा होया उनकै गेल्या मन्दर गया| 9 सारे आदमियां नै उस ताहीं चाल्दे-फिरदे अर पणमेशर की जय-जयकार करदे होये देखकै, 10 उस ताहीं पिच्छाण लिया के यो ओए सै जो मन्दर कै ‘सुन्दर’ फाटक पै बैठकै भीख माँग्या करै था; अर उस घटना तै जो उसकै गेल्या होई थी वे घणे अचम्भित अर हैरान होए|

मंदर म्ह पतरस का उपदेश

11 जिब्ब ओ पतरस अर युहन्ना ताहीं पकड़े होये था, तो सारे माणस घणे हैरान होंदे होये उस ओसारे म्ह जो सुलैमान का कुहवावै सै, उनकै धोरै भाज्जे आये| 12 न्यू देखकै पतरस नै माणसां तै कह्या, “हे इस्राएलियों, थम इस माणस पै क्यांतै हैरान होवो सो, म्हारी ओड़ क्यांतै इस ढाळ लखाओ सो के मान्नो हमनै-ए आपणी सामर्थ या भगति तै इस ताहीं चाल्लण-फिरण जोग्गा बणा दिया| 13 अब्राहम अर इसहाक अर याकूब के पणमेशर, म्हारे बाप-दाद्यां के पणमेशर नै आपणे सेवक यीशु मसीह की महिमा करी, जिस ताहीं थमनै पकड़वा दिया, अर जिब्ब पिलातुस नै उस ताहीं छोड़ देण का बिचार करया, फेर थमनै उसकै श्यामी उसका इन्कार करया| 14 थमनै उस धर्मी अर पवित्र का इन्कार करया, अर बिनती करी के एक खून्नी ताहीं थारै खातर छोड़ दिया जावै; 15 अर थमनै जीवन के कर्ता ताहीं मार दिया, जिस ताहीं पणमेशर नै मरे होया म्ह तै जिन्दा करया; अर इस बात के हम गवाह सां| 16 अर उस्से कै नाम नै, उस बिश्वास कै जरिये जो उसकै नाम पै सै, इस माणस नै जिस ताहीं थम देक्खो सो अर जाणो भी सो सामर्थ दी सै| उस्से बिश्वास नै जो उसकै जरिये सै, इस ताहीं थम सारया कै श्यामी जमा भला-चंगा कर दिया सै|

17 “इब हे भाईयो, मन्नै बेरा सै के थमनै यो काम बेअक्ली म्ह करया, अर उसाए थारे सरदारां नै भी करया| 18 पर जिन बात्त्तां ताहीं पणमेशर नै सारे नब्बियाँ के मुँह तै पहल्या ए तै बता दिया था, के उसका मसीह दुःख ठावैगा, उन ताहीं उसनै इस्से ढाळ पूरा करया| 19 इस करकै, मन फिराओ अर बोहड़ आओ के थारे पाप मिटाए जावै, जिसतै प्रभु के श्यामी तै विश्रान्ति के दिन आवै, 20 अर ओ यीशु ताहीं खन्दावै जो थारै खातर पहल्या तै ए मसीह ठहराया गया सै| 21 जरूरी सै के ओ सुर्ग म्ह उस टेम ताहीं रहवै जिब्ब ताहीं के ओ सारी बात्त्तां का सुधार ना कर लेवै जिसका जिक्रा पुराने टेम तै पणमेशर नै आपणे पवित्र नब्बियाँ के मुँहां तै करी सै| 22 जिसा ढाळ के मूसा नै कह्या, ‘प्रभु पणमेशर थारे भाईयां म्ह तै थारै खातर मेरै जिसा एक नब्बी ठावैगा, जो कीमे ओ थारै तै कहवै उसकी सुणीयो| 23 पर हरेक माणस जो उस नब्बी की नीं सुणै, आदमियां म्ह तै नास करया जावैगा|’ 24 अर शमूएल तै लेकै उसकै पाच्छै आळयां ताहीं जितने नब्बी बोल्ले उन सारया नै इन दिनां का सन्देशा दिया सै| 25 थम नब्बियाँ की ऊलाद अर उस वाचा के हिस्सेदार सो, जो पणमेशर नै थारै बाप-दाद्यां तै बाँधी, जिब्ब उसनै अब्राहम तै कह्या, ‘तेरी पीढ़ी के जरिये धरती के सारे खानदान आशीष पावैगें|’ 26 पणमेशर नै आपणे सेवक ताहीं ठाकै पहल्या थारै धोरै खन्दाया, के थारै म्ह तै हरेक ताहीं उसकी बुराइयाँ तै पलटाकै आशीष देवै|’

4

महासभा कै श्यामी पतरस अर युहन्ना

1 जिब्ब वे आदमियां तै न्यू कहण लागरे थे, तो याजक अर मन्दर के सरदार अर सदुकी उन पै चढ़ आये| 2 क्यूँके वे घणे खुन्दक म्ह थे के वे आदमियां ताहीं सिखावै थे अर यीशु का उदाहरण दे-देकै मरे होया का जिन्दा उठण का प्रचार करै थे| 3 उन्नै उन ताहीं पकड़कै दुसरे दिन तक हवालात म्ह राख्या क्यूँके साँझ होग्यी थी| 4 पर बचन के सुणन आळयां म्ह तै घणा ए नै बिश्वास करया, अर उनकी गिणती पाँच हजार माणसां कै करीबन होग्यी थी|

5 दुसरे दिन इसा होया के उनके सरदार अर पुरनिये अर शास्त्री 6 अर महायाजक हन्ना अर कैफा अर युहन्ना अर सिकन्दर अर जितने महायाजक के कुणबै के थे, सारे यरूशलेम म्ह कट्ठे होये| 7 वे उन ताहीं बिच्चाळै खड़या करकै बुझ्झण लाग्गे के थमनै यो काम किसकै सामर्थ तै अर किसकै नाम तै करया सै| 8 फेर पतरस नै पवित्र आत्मा तै भरकै उनतै कह्या, 9 “हे आदमियां के सरदारो अर पुरनियो, इस कमजोर माणस गेल्या जो भलाई करी गयी सै, जै आज म्हारै तै उसकै बारै म्ह पूछताछ करी जावै सै, के ओ किस ढाळ चंगा होया| 10 तो थम सारे अर सारे इस्राएली आदमी जाण लेवै के यीशु मसीह नासरी कै नाम तै जिस ताहीं थमनै क्रूस पै चढाया, अर पणमेशर नै मरे होया म्ह तै जिन्दा करया, यो माणस थारै स्याम्ही भला चंगा खड़या सै| 11 यो ओए पत्थर सै जिस ताहीं थम राज मिस्त्रियाँ नै तुच्छ जाणया अर ओ सिरै का पत्थर होग्या| 12 किसे दुसरे के जरिये उद्धार कोनी; क्यूँके सुर्ग कै तळै माणसां म्ह और कोए दूसरा नाम कोनी दिया गया, जिसकै जरिये हम उद्धार पा सकां|”

13 जिब्ब उन्नै पतरस अर युहन्ना की हिम्मत देक्खी, अर न्यू बेरा लाग्या के ये अणपढ़ अर साधारण से माणस सै, तो अचम्भा करया, फेर उन ताहीं पिच्छाणया के ये यीशु कै गेल्या रहे सैं| 14 उस माणस ताहीं जो चंगा होया था, उनकै गेल्या खड़े देखकै, वे बिरोध म्ह कीमे नीं कह सके| 15 पर उन ताहीं पंचायत तै बाहर जाण का हुक्म देकै, वे आपस म्ह बिचार करण लाग्गे, 16 “हम इन माणसां कै गेल्या के करां? क्यूँके यरूशलेम के सारे रहणीया नै बेरा पाटरया सै, के इनकै जरिये एक मसूर कारनाम्मा दिखाया गया सै; अर हम उसकै बारै म्ह नाट नीं सकदे| 17 पर ज्यांतै के ये बात आदमियां म्ह और घणी फैल नीं जावै, हम उन ताहीं धमकावां, के वे इस नाम तै फेर किसे माणस तै बात नीं करैं|” 18 फेर उन ताहीं बुलाया अर चेतावनी देकै न्यू कह्या, “यीशु कै नाम तै किम्मे नीं बोलणा अर ना सिखाणा|” 19 पर पतरस अर युहन्ना नै उन ताहीं जबाब दिया, “थम ए न्याय करो; के यो पणमेशर कै धोरै भला सै के हम पणमेशर की बात तै बढ़कै थारी बात मान्नां| 20 क्यूँके यो तो म्हारै तै नीं हो सकदा के जो हमनै देख्या अर सुणया सै, ओ नीं कहवां|” 21 फेर उन्नै उन ताहीं और धमकाकै छोड़ दिया, क्यूँके आदमियां कै कारण उन ताहीं सजा देण का कोए मौक्का नीं मिल्या, इस करकै के जो घटना होई थी उसकै कारण सारे आदमी पणमेशर की बड़ाई करै थे| 22 ओ माणस, जिस पै यो चंगा करण का निशान दिखाया गया था, चालीस बरस तै घणी उम्र का था|

बिश्वासियाँ की प्रार्थना

23 वे छुटकै आपणे याड़ियाँ कै धोरै आए, अर जो कीमे प्रधान याजकां अर पुरनियां नै उन तै कहया था, उन ताहीं सुणया दिया| 24 न्यू सुणकै उन्नै एक मन होकै ठाड्डू आवाज तै पणमेशर तै कह्या, “हे मालिक, तू ओए सै जिसनै सुर्ग अर धरती अर समुन्दर अर जो कीमे उनम्ह सै बणाया| 25 तन्नै पवित्र आत्मा के जरिये आपणे सेवक म्हारे बाप दाऊद के मुँह तै कह्या, ‘गैर-जात्त्तां नै रोळा क्यांतै मचाया? अर देश-देश के आदमियां नै क्यांतै बेकार म्ह बात सोच्ची? 26 प्रभु अर उसके मसीह के बिरोध म्ह धरती के राजा खड़े होए, अर हाकिम एक-सेत्त्ती कट्ठे होये|’

27 क्यूँके साच्चए तेरै सेवक यीशु कै बिरोध म्ह, जिसका तन्नै अभिषेक करया, हेरोदेस अर पुन्तियुस पिलातुस भी गैर-जात्त्तां अर इस्राएलियां कै गेल्या इस नगर म्ह कट्ठे होए, 28 के जो कीमे पहल्या तै तेरी सामर्थ अर बुद्धि तै ठहरा था ओए करैं| 29 इब हे प्रभु, उनकी धमकियां नै देख; अर आपणे दासां ताहीं यो बरदान दे के तेरा बचन बड़ी हिम्मत तै सुणावैं| 30 चंगा करण कै खातर तू आपणा हाथ बढ़ा के निशान अर अनोक्खे काम तेरे पवित्र सेवक यीशु कै नाम तै करे जावैं|” 31 जिब्ब उन्नै प्रार्थना कर ली, तो वा जंगहा जित वे कट्ठे थे कांम्बगी, अर वे सारे पवित्र आत्मा तै भरगे, अर पणमेशर का बचन हिम्मत तै सुणान्दे रऐ|

बिश्वासियाँ का सामूहिक जीवन

32 बिश्वास करण आळयां का टोळ एक चित अर एक मन का था, उरै ताहीं के कोए भी आपणी सम्पत्ति आपणी नीं कहवै था, पर सारा कीमे साझ्झै म्ह था| 33 प्रेरित बड़ी सामर्थ तै प्रभु यीशु के जिन्दा होण की गवाही देन्दे रहे, अर उन सारया पै घणा अनुग्रह था| 34 उनम्ह कोए भी गरीब कोनी था; क्यूँके जिनकै धोरै धरती या घर थे, वे उन्नै बेच-बेचकै, बिकी होई चिज्जां का दाम ल्यावै थे, अर उस ताहीं प्रेरितां के पायां म्ह धरै थे; 35 अर जिसी जिसकी जरूत होवैं थी, उसकै मुताबिक हरेक ताहीं बांड दिया करैं थे|

36 यूसुफ नाम साइप्रस का एक लेवी था जिसका नाम प्रेरितां नै बरनबास (यानिके शान्ति का बेट्टा) धरया था| 37 उसकी कीमे धरती थी, जिस ताहीं उसनै बेच्या, अर दाम के रपिये प्रेरितां के पायां म्ह धर दिए|

5

ह्नन्याह अर सफीरा

1 हनन्याह नामका एक माणस अर उसकी बीरबान्नी, सफीरा नै कीमे धरती बेच्ची 2 अर उसकै दाम म्ह तै कीमे राख लिया; अर या बात उसकी बीरबान्नी भी जाणै थी, उसका एक हिस्सा ल्याकै प्रेरितां के पायां कै आगै धर दिया| 3 पतरस बोल्या, “हे हनन्याह! शैतान नै तेरै मन म्ह या बात क्यांतै घाल्ली के तू पवित्र आत्मा तै झूठ बोल्लै, अर धरती के दाम म्ह तै कीमे राख लेवै? 4 जिब्ब ताहीं वा तेरै धोरै रही, के तेरी कोनी थी? अर जिब्ब बिकगी के तेरै बस म्ह नीं थी? तन्नै या बात आपणे मन म्ह क्यांतै बिचारी? तन्नै माणसां तै नीं, पर पणमेशर तै झूठ बोल्या सै|” 5 या बात सुणदए हनन्याह ढह पड़या अर जी लिकड़ग्या, सारे सुणन आळे घणे डरगे| 6 फेर गाबरूआ नै उठकै उसकी अर्थी बणाई अर बाहरण ले जाकै गाड़ दिया|

7 करीबन तीन घंटया कै पाच्छै उसकी बीरबान्नी, जिसनै बेराए कोनी था जो कीमे होया था, भीत्त्तर आई| 8 फेर पतरस नै उसतै कह्या, “मन्नै बता के थमनै वा धरती इतनै ए म्ह बेच्ची थी?” वा बोल्यी, “हम्बै, इतनै ए म्ह|” 9 पतरस नै उसतै कह्या, “या के बात सै के थम दोनुआं नै प्रभु की आत्मा का हिम्तान लेण कै खातर एक्का करया? लखा, तेरै धणी के गाड्डण आळे बाहरण ए खड़े सै, अर तन्नै भी बाहरण ले जावैंगे|” 10 फेर वा जिब्बे उसकै पायां म्ह ढह पड़ी, अर जी लिकड़ग्या; अर गाबरूआं नै भीत्त्तर आकै उस ताहीं मरया पाया, अर बाहरण ले जाकै उसकै धणी गेल्या गाड़ दिया| 11 सारी कलीसिया अर इन बात्त्तां के सारे सुणनियें घणे डरगे|

निशान अर अनोक्खे काम

12 प्रेरितां के हाथां तै घणे निशान अर अनोक्खे काम आदमियां कै बिच्चाळै दिखाए जावैं थे, अर वे सारे एक चित्त होकै सुलैमान के ओसारे म्ह कट्ठे होया करैं थे| 13 पर औरां म्ह तै किस्से म्ह या हिम्मत कोनी होवै थी के उनम्ह जा मिलै; फेरभी आदमी उनकी बड़ाई करैं थे| 14 बिश्वास करण आळे घण-खरे माणस अर लुगाई प्रभु की कलीसिया म्ह घणी संख्या म्ह मिलदे रऐ| 15 उरै ताहीं के आदमी बीमारां ताहीं सड़कां पै ल्या-ल्याकै, खाट्टां अर खटोल्यां पै लिटा देवैं थे के जिब्ब पतरस आवैं, तो उसकी छोल्ली-ए उनम्ह तै किसे पै पड़ जावै| 16 यरूशलेम कै ओरै-धोरै के नगरां तै भी घणे माणस बीमारां अर भुंडी औपरी आत्मायां के सताए होया ताहीं ल्या-ल्याकै, कट्ठे होवैं थे, अर सारे चंगे कर दिए जावैं थे|

प्रेरितां की गिरफ्तारी

17 फेर महायाजक अर उसके सारे याड़ी जो सदुकीया के पंथ के थे, डाह तै भरगे 18 अर प्रेरितां ताहीं पकड़कै जेळ म्ह बन्द कर दिया| 19 पर रात नै प्रभु के एक सुर्गदूत नै जेळ के किवाड़ खोलकै उन ताहीं बाहरण ल्याकै कह्या, 20 “जाओ, मन्दर म्ह खड़े होकै इस जीवन की सारी बात आदमियां ताहीं सुणाओ|” 21 वे न्यू सुणकै सबेरा होंदए मन्दर म्ह जाकै उपदेश देण लाग्गे| फेर महायाजक अर उसके याड़ीयां नै आकै बड्डी पंचायत ताहीं इस्राएलियां के सारे पुरनियां ताहीं कट्ठे करया, अर जेळ म्ह कुहवा खन्दाया के उन ताहीं ल्याओ|

22 पर चमच्यां नै उड़ै पहोचकै उन ताहीं जेळ म्ह कोन्या पाया, अर बोहड़कै संदेशां दिया, 23 “हमनै जेळ ताहीं घणी चौकसी तै भेड़ राख्या था, अर पहरेदारां ताहीं बाहरण दरवाज्यां पै खड़े पायां; पर जिब्ब खोल्या, तो भीत्त्तर कोए ना मिल्या|” 24 जिब्ब मन्दर के सरदार अर प्रधान याजकां नै या बात सुणी, तो उनकै बाबत घणी फ़िक्र करी के उनका के होया! 25 इतनै म्ह किसे नै आकै उन ताहीं बताया, “देक्खो, जिन ताहीं थमनै जेळ म्ह बन्द कर राख्या था, वे माणस मन्दर म्ह खड़े होकै आदमियां नै उपदेश देण लागरे सैं|” 26 फेर सरदार, चमच्यां कै गेल्या जाकै, उन ताहीं लीआया, पर हांगे तै नीं, क्यूँके वे आदमियां तै डरै थे के कदे म्हारै पै पत्थर ना बरसा देवैं|

27 उन्नै उन ताहीं ल्याकै बड्डी पंचायत कै श्यामी खड़या कर दिया; फेर महायाजक नै उनतै बुझ्झया, 28 “के हमनै थारै ताहीं चिताकै हुक्म नीं दिया था के थम इस नाम तै उपदेश ना करियो? फेरभी देक्खो, थमनै सारे यरूशलेम ताहीं आपणे उपदेश तै भर दिया सै अर उस माणस का लहू म्हारी घेट्टी पै ल्याणा चाहो सो|” 29 फेर पतरस अर दुसरे प्रेरितां नै जबाब दिया, “माणसां के हुक्म तै बढ़कै पणमेशर के हुक्म का पालन करणा ए म्हारा फर्ज सै| 30 म्हारै बाप-दाद्यां कै पणमेशर नै यीशु ताहीं जिन्दा करया, जिस ताहीं थमनै क्रूस पै लटकाकै मार दिया था| 31 उस्से ताहीं पणमेशर नै प्रभु अर उद्धारकर्ता ठहराकै, आपणे सोळे हाथ पै ऊँच्चा करया, के ओ इस्राएलिआं ताहीं मन पलटाण की ताकत अर पापां की माफ़ी देवै| 32 हम इन बात्त्तां के गवाह सां अर उस्से तरियां पवित्र आत्मा भी, जिस ताहीं पणमेशर नै उन ताहीं दिया सै जो उनका हुक्म मान्नै सै|

33 न्यू सुणकै जळगे, अर उन ताहीं मारणा चाहया| 34 पर गमलीएल नामक एक फरीसी नै जो व्यवस्थापक अर सारे आदमियां म्ह आदर-मान राखै था, अदालत म्ह खड़े होकै प्रेरितां ताहीं माड़ी वार कै खातर बाहरण करण का हुक्म दिया| 35 फेर ओ बोल्या, “हे इस्राएलियों, थम जो कीमे इन माणसां तै करणा चाहवो सो, सोच-समझ कै करणा| 36 क्यूँके इन दिनां तै पहल्या थियूदास यो कहन्दा होया उठ्या, के मै भी कीमे सूं; अर कोए चार सौ माणस उसकै गेल्या हो लिये, पर ओ मारया गया अर जितने आदमी उसनै मान्नै थे, सारे तितर-बित्तर होग्ये अर मिटग्ये| 37 उसकै पाच्छै नाम लिखाई के दिनां म्ह यहूदा गलीली उठ्या, अर कीमे आदमी आपणी ओड़ कर लिये; उसका भी नास होग्या अर जितने आदमी उसनै मान्नै थे, सारे तितर-बित्तर होग्ये| 38 ज्यांतै मै थारै तै कहूँ सूं, इन माणसां तै दूर ए रहो अर इनतै कीमे काम ना राक्खो ; क्यूँके जै यो धर्म या काम माणसां की ओड़ तै हो फेर तो मिट जावैगा; 39 पर जै पणमेशर की ओड़ तै सै, तो थम उन ताहीं कदे भी नीं मिटा सकदे| कदे इसा ना हो के थम पणमेशर तै भी लड़णआळे ठहरो|”

40 फेर उन्नै उसकी बात मान ली; अर प्रेरितां ताहीं बुलाकै छितवाया; अर यो हुक्म देकै छोड़ दिया के यीशु कै नाम तै दुबारा कोए बात ना करणा| 41 वे इस बात तै राज्जी होकै बड्डी पंचायत कै श्यामी तै चले गये, के हम उसकै नाम कै खातर बेईज्जत होण कै जोग्गे तो ठहरे| 42 वे हरेक दिन मन्दर म्ह अर घर-घर म्ह उपदेश करण तै, अर इस बात का सुसमाचार सुणान तै के यीशु ए मसीह सै नीं रुके|

6

सात सेवकां का छाट्या जाणा

1 उन दिनां म्ह जिब्ब चेल्यां की गिणती घणी बधण लाग्गी, फेर यूनानी भाषा बोल्लण आळे इब्रानी भाषा बोल्लण आळयां पै बिरड़ाण लाग्गे, के हरेक दिन की सेविकाई म्ह म्हारी बिधवायाँ की सुध कोनी ली जान्दी| 2 फेर उन बारहां नै चेल्यां के टोळ ताहीं आपणे धोरै बुलाकै कह्या, “न्यू सई कोनी के हम पणमेशर का बचन छोड़कै खिलाण-पिलाण की सेवा म्ह रह्वां| 3 इसकरकै, हे भाईयो, आपणे म्ह तै सात बढ़िया नाम्मी माणसां ताहीं जो पवित्र आत्मा अर बुद्धि तै भरे-पुरे हो, छांट ल्यो, के हम उन्नै इस काम पै ला देवां| 4 पर हम तो प्रार्थना म्ह अर बचन की सेवा म्ह लाग्गे रह्वांगें|” 5 या बात सारे टोळ नै आच्छी लाग्गी, अर उन्नै स्तिफनुस नामक एक माणस ताहीं जो बिश्वास अर पवित्र आत्मा तै भरया-पूरा था, अर फिलिप्पुस, अर प्रुखुरुस, अर नीकानोर, अर तीमोन, अर परमिनास, अर अन्ताकियावासी निकुलाउस ताहीं जो यहूदी मत म्ह आग्या था, छांट लिया| 6 इन ताहीं प्रेरितां कै श्यामी खड़या करया अर उन्नै प्रार्थना करकै उनपै हाथ धरे|

7 पणमेशर का बचन फैलदा गया अर यरूशलेम म्ह चेल्यां की गिणती घणी बढ़दी गई; अर याजकां का एक बड्डा समाज इस मत ताहीं मानणआळा होग्या|

स्तिफनुस की गिरफ्तारी

8 स्तिफनुस अनुग्रह अर सामर्थ तै भरया-पूरा होकै आदमियां म्ह बड्डे-बड्डे अनोक्खे काम अर निशान दिखाया करै था| 9 फेर ओ आराधनालय म्ह तै जो लिबिरतिनों की कुहवावै थीं, अर कुरेनी अर सिकन्दरिया अर किलिकिया अर एशिया के आदमियां म्ह तै कई एक उठकै स्तिफनुस तै बहसण लाग्गे| 10 पर उस ज्ञान अर उस आत्मा का जिसतै ओ बात करै था, वे सामणा नीं कर सके| 11 इस पै उन्नै कई आदमियां ताहीं उकसाया जो कहण लाग्गे, “हमनै इस ताहीं मूसा अर पणमेशर कै बिरोध म्ह बुराई की बात कहन्दे होये सुणया सै|” 12 अर आदमियां अर प्राचीनों अर शास्त्रियों ताहीं भड़काकै चढ़ आये अर उस ताहीं पकड़कै बड्डी पंचायत म्ह लीयाए| 13 अर झूठे गवाह खड़े करे, जिन्नै कह्या, “यो माणस इस पवित्र जंगहा अर व्यवस्था कै बिरोध म्ह बोल्लणा नीं छोड़दा| 14 क्यूँके हमनै उस ताहीं न्यू कहन्दे सुणया सै के योए यीशु नासरी इस जंगहा नै गेर देवैगा, अर उन रिवाज्जां नै बदल देवैगा जो मूसा नै म्हारै ताहीं सौंपी सै|” 15 फेर सारे आदमियां नै बड्डी पंचायत म्ह बैट्ठे थे, उस पै निगांह गड़ाई तो उसका मुँह सुर्गदुत जिसा दिख्या|

7

स्तिफनुस का भाषण

1 फेर महायाजक नै कह्या, “के ये बात साच्ची सैं?” 2 स्तिफनुस बोल्या, “हे भाईयो, अर पितरो सुणो| म्हारा बाप अब्राहम हारान म्ह बसण तै पहल्या जिब्ब मेसोपोटामिया म्ह था, तो तेजोमय पणमेशर नै उस ताहीं दर्शन दिया, 3 अर उसतै बोल्या, ‘तू आपणे देश अर आपणे कुन्बे म्ह तै लिकड़कै उस देश म्ह जा, जिस ताहीं मै तन्नै दिखाऊँगा|’ 4 फेर ओ कसदियो के देश तै लिकड़कै हारान म्ह जा बसया| उसकै बाप की मौत कै पाच्छै पणमेशर नै उस ताहीं ओड़ै तै इस देश म्ह ल्याकै बसाया जिसम्ह इब थम बसों सो, 5 अर उस ताहीं कीमे वसीयत बल्के पैर धरण भर की भी उसम्ह जंगहा कोनी देई, पर प्रण करया के मै यो देश तेरै अर तेरै बाद तेरै बंश कै हाथ कर द्यूँगा; हालाकि उस टेम उसकै कोए बेट्टा कोनी था| 6 अर पणमेशर नै न्यू कह्या, ‘तेरी ऊलाद के आदमी पराये देश म्ह परदेशी होवैगें, अर वे उन्नै नौकर बणावैगें अर चार सौ साल ताहीं दुःख देवैगें|’ 7 फेर पणमेशर नै कह्या, ‘जिस जात के वे नौकर होवैंगें, उस ताहीं म्ह सजा देऊँगा, अर इसकै बाद वे लिकड़कै इस्से जंगहा मेरी सेवा करैंगें|’ 8 अर उसनै उसतै खतनै की वाचा बाँधी; अर इस्से हालात म्ह इसहाक उसतै पैदा होया अर आंठ्वै दिन उसका खतना करया गया; अर इसहाक तै याकूब अर याकूब तै बारहां कुलपति पैदा होए|

9 “कुलपतियां नै यूसुफ तै जळण करकै उस ताहीं मिस्र देश जाण आळयां ताहीं बेच्या| पर पणमेशर उसकै गेल्या था, 10 अर उस ताहीं उसके सारे क्लेशां तै छुटाकै मिस्र कै राजा फिरौन की निगांह म्ह अनुग्रह अर बुद्धि प्रदान करी, अर उसनै उस ताहीं मिस्र पै अर आपणे सारे घर पै हाकिम लगा दिया| 11 फेर मिस्र अर कनान के सारे देश म्ह अकाल पड़या, जिसतै भारया क्लेश होया, अर म्हारे बाप-दाद्यां ताहीं अन्न कोनी मिलै था| 12 पर याकूब नै न्यू सुणकै के मिस्र म्ह नाज सै, म्हारे बाप-दाद्या ताहीं पहल्ड़ी बर खन्दाया| 13 दूसरी बै यूसुफ नै खुद ताहीं आपणे भाईया पै प्रगट करया अर यूसुफ की जात फिरौन नै बेरा पाटगी| 14 फेर यूसुफ नै आपणे बाप याकूब अर आपणे साबतै कुन्बे ताहीं, जो पचत्तर माणस थे, बुलवा भेज्या| 15 फेर याकूब मिस्र गया; अर ओड़ै ओ अर म्हारे बाप-दादे मरग्ये| 16 उनकी लाश शकेम म्ह पहूँचाकै उस कब्र म्ह धरे गये, जिस ताहीं अब्राहम नै चाँदी देकै शकेम म्ह हमोर की ऊलाद तै मोल लिया था|

17 “पर जिब्ब उस वादै के पुरे होण का टेम लवै आया जो पणमेशर नै अब्राहम तै करी थी, तो मिस्र म्ह वे आदमी बढ़ग्ये अर घणे होग्ये| 18 फेर मिस्र म्ह दूसरा राजा होया जो यूसुफ ताहीं कोनी जाणै था| 19 उसनै म्हारी जात तै हेरा-फेरी करकै म्हारे बाप-दाद्या कै गेल्या उरै ताहीं भुंडा बीवार करया, के उन्नै आपणे बाळकां ताहीं बगाणा पड़या के वे जिन्दे ना रहवैं| 20 उस टेम मूसा पैदा होया| ओ पणमेशर की निगांह घणा म्ह सुथरा था| ओ तीन महीने ताहीं आपणे बाप कै घरा पाळया गया| 21 जिब्ब बगा दिया तो फिरौन की बेट्टी नै उस ताहीं ठा लिया, अर आपणा बेट्टा करकै पाळया| 22 मूसा नै मिस्रियां की सारी बिद्या पढाई गई, अर ओ बचन अर कर्म म्ह, दोनुआ म्ह सामर्थी था|

23 “जिब्ब ओ चालीस साल का होया, तो उसकै मन म्ह आया के मै आपणे इस्राएली भाईयां तै फेट्टू| 24 उसनै एक माणस पै जुल्म होंदे देखकै उस ताहीं बचाया, अर मिस्री ताहीं मार कै सताए होए का बदला लिया| 25 उसनै सोच्या के उसके भाई समझैगें के पणमेशर उसके हाथां तै उनका उद्धार करैगा, पर उन्नै कोनी समझया| 26 दुसरे दिन जिब्ब वे आपस म्ह लड़ै थे, तो ओ उड़ै तै आण लिकड़या; अर न्यू कहकै उन्नै मेल करण कै खातर समझाया, ‘हे माणसो, थम तो भाई-भाई सो, एक दुसरे पै क्यांतै जुल्म करो सो?’ 27 पर जो आपणे पड़ोसी पै जुल्म करै था, उसनै उस ताहीं न्यू कहकै हटा दिया, ‘तेरै ताहीं किसनै म्हारै पै हाकिम अर जज ठहराया सै? 28 के जिस ढाळ तै तन्नै काल मिस्री ताहीं मार दिया मन्नै भी मार देणा चाहवै सै?’ 29 या बात सुणकै मूसा भाज्या अर मिधान देश म्ह परदेशी होकै रहण लाग्या, अर ओड़ै उसके दो बेट्टे पैदा होए|

30 “जिब्ब पुरे चालीस साल बीतगे, तो एक सुर्गदुत ने सिनै पहाड़ के बण म्ह उस ताहीं बळदी होई झाड़ी की ज्वाला म्ह दर्शन दिया| 31 मूसा नै यो दर्शन देखकै हैरानी होई, अर जिब्ब देखण खातर लवै गया, तो प्रभु का शब्द होया, 32 ‘मै तेरै बाप-दाद्या, अब्राहम, इसहाक, याकूब का पणमेशर सूं,’ फेर मूसा कांम्बग्या, उरै ताहीं के उसनै देखण की हिम्मत भी कोनी होई| 33 फेर प्रभु नै उसतै कह्या, ‘आपणे पायां तै जुत्ते उत्तार ले, क्यूँके जिस जंगहा तू खड़या सै, वा पवित्र धरती सै| 34 मन्नै साच्ये आपणे आदमियां की जो मिस्र म्ह सै, भुन्डी हालत देक्खी सै; अर उनकी आह अर उनका रोणा सुणया सै; ज्यांतै उन ताहीं छुटाण कै खातर उत्तरया सूं| इब आ, मै तन्नै मिस्र खन्दाऊँगा|’

35 “जिस मूसा ताहीं उन्नै न्यू कहकै नाट दिया था, ‘तेरै ताहीं किसनै म्हारै पै हाकिम अर जज ठहराया सै?’ उस्से ताहीं पणमेशर नै हाकिम अर छुटाणआळा ठहराकै उस सुर्गदुत के जरिये जिसनै उस ताहीं झाड़ी म्ह दर्शन दिया था, खन्दाया| 36 योए माणस मिस्र अर लाल समुन्दर अर जंगळ म्ह चालीस साल ताहीं अनोक्खे काम अर निशान दिखा-दिखाकै उन ताहीं लिकाड़ ल्याया| 37 यो ओए मूसा सै, जिसनै इस्राएलियां तै कह्या, ‘पणमेशर थारै भाईयां म्ह तै थारै खातर मेरै जिसा एक नब्बी ठावैगा|’ 38 यो ओए सै, जिसनै जंगळ म्ह कलीसिया कै बिच्चाळै उस सुर्गदुत कै गेल्या सिनै पहाड़ पै उसतै बात करी अर म्हारे बाप-दाद्या कै गेल्या था, उस्से ताहीं जिन्दा बचन मिल्या के म्हारै ताहीं पहोचाए| 39 पर म्हारे बाप-दाद्यां उसकी मानणी कोनी चाह्यी, बल्के उस ताहीं हटाकै आपणे मन मिस्र की ओड़ पलटे, 40 अर हारून तै कह्या, ‘म्हारै खातर इसे देवते बणा, जो म्हारै आगै-आगै चाल्लै, क्यूँके यो मूसा जो हमनै मिस्र देश तै लिकाड़ ल्याया, हमनै नीं बेरा के उसकै के होया?’ 41 उन दिनां म्ह उन्नै एक बछड़ा बणा कै उस ताहीं मूर्ति कै आगै बलि चढाई, अर आपणे हाथां के काम्मां म्ह मग्न होण लाग्गे| 42 आखर पणमेशर नै मुँह मोड़कै उन ताहीं छोड़ दिया, के अकास गण ताहीं पुजै, जिसा नब्बियाँ की किताब म्ह लिख्या सै, ‘हे इस्राएल के घराने, के थम जंगळ म्ह चालीस साल ताहीं पशुबलि अर अन्नबलि मेरै ताहीं ए चढान्दे रहे? 43 थम मोलेक के तम्बू अर रिफान देवता, के तारे ताहीं लेकै हांडो थे, यानिके उन मूर्तांं ताहीं जिन ताहीं थमनै मुद्दा पड़कै प्रणाम करण कै खातर बणाया था| आखर म्ह मै थारै ताहीं बेबीलोन तै परली ओड़ ले जाकै बसाऊँगा|’

44 “साक्षी का तम्बू जंगळ म्ह म्हारै बाप-दाद्या कै बिच्चाळै था, जिसा उसनै ठहराया जिसनै मूसा तै कह्या, ‘जो रूप तन्नै देख्या सै, उसकै मुताबिक इसनै बणा|’ 45 उस्से तम्बू नै म्हारे बाप-दादे पाच्छले टेम तै पाकै यहोशू कै गेल्या उरै लीयाये; जिस टेम के उन्नै उन गैर-जात्त्तां पै हक्क पाया, जिन ताहीं पणमेशर नै म्हारै बाप-दाद्या कै श्यामी तै लिकाड़ दिया, अर ओ तम्बू दाऊद के टेम ताहीं रहया| 46 उसपै पणमेशर नै अनुग्रह करया, आखर म्ह उसनै बिनती करी के ओ याकूब कै पणमेशर कै खातर रहण की जंगहा बणावै| 47 पर सुलैमान नै उसकै खातर घर बणाया| 48 पर परम प्रधान हाथ के बणाए होये घरा म्ह कोनी रहन्दा, जिसा के नब्बियाँ नै कह्या, 49 ‘प्रभु कहवै सै, सुर्ग मेरा सिंहासन अर धरती मेरी पायां तळै की पटड़ी सै, मेरै खातर थम किस ढाळ का घर बणाओगे? अर मेरै आराम का कौण-सी जंगहा होवैगी? 50 के ये सारी चीज मेरे हाथां की बणाई होड़ नीं सै?’

51 “हे जिद्दी, अर मन अर कान के खतनारहित आदमियो, थम सारी हाण पवित्र आत्मा का बिरोध करो सो| जिसा थारे बाप-दादे करै थे, उस्से तरियां ए थम भी करो सो| 52 नब्बियाँ म्ह तै किस ताहीं थारे बाप-दाद्या नै नीं सताया? उन्नै उस धर्मी के आण का पाच्छले टेम का संदेशां देण आळयां ताहीं मार दिया; अर इब थम भी उसके पकड़वाण आळे अर मारण आळे होये| 53 थमनै सुर्गदुत्त्तां कै जरिये ठहराई होये व्यवस्था तो पाए, पर उसका पाल्लन कोनी करया|”

स्तिफनुस पै पथराव

54 ये बात सुणकै वे जळगे अर उस पै दाँत पिस्सण लाग्गे| 55 पर उसनै पवित्र आत्मा तै पूरी तरियां भरकै सुर्ग की ओड़ देख्या अर पणमेशर की महिमा ताहीं अर यीशु नै पणमेशर के सोळी ओड़ खड़या देखकै 56 कह्या, “देक्खो, मै सुर्ग नै खुल्या होया, अर माणस के बेट्टे ताहीं पणमेशर कै सोळी ओड़ खड़या देखु सूं|” 57 फेर उन्नै ठाड्डू आवाज म्ह किलकी मारकै कान मूंद लिए, अर एक सेत्त्ती उस पै झपटे; 58 अर उस ताहीं नगर कै बाहरण लिकाड़कै उसपै पत्थर बरसाण लाग्गे| गवाहां नै आपणे लत्त्ते शाऊल नामक एक गाबरू कै पायां कै धोरै उतार कै धर दिए| 59 वे स्तिफनुस पै पत्थर बरसान्दे रहे, अर ओ न्यू कहकै प्रार्थना करदा रह्या, “हे प्रभु यीशु, मेरी आत्मा ताहीं अपणा ले|” 60 फेर गोड्डे टेककै ठाड्डू आवाज म्ह रूक्का मारया, “हे प्रभु, यो पाप उनपै मतना ला|” अर न्यू कहकै ओ सोग्या|

8

कलीसिया पै अत्याचार

1 शाऊल उसकै मारण म्ह सहमत था| उस्से दिन यरूशलेम की कलीसिया म्ह घणा रोळा सरू होग्या अर प्रेरितां नै छोड़ कै सारे के सारे यहूदिया अर सामरिया देशां म्ह खिंड-मिंड होग्ये| 2 कुछ भगतां नै स्तिफनुस ताहीं कब्र म्ह धरया अर उसकै खातर घणा बिलाप करया| 3 शाऊल कलीसिया नै उजाड़ण लागरया था; अर घर-घर म्ह बड़कै माणसां अर लुगाईयां ताहीं घिसटा-घिसटाकै जेळ म्ह गेरै था|

सामरिया म्ह फिलिप्पुस का प्रचार

4 जो खिंड-मिन्ड होए थे, वे सुसमाचार सुनान्दे होये हान्डे; 5 अर फिलिप्पुस सामरिया नगर म्ह जाकै माणसां म्ह मसीह का प्रचार करण लाग्या| 6 जो बात फिलिप्पुस नै कहीं उन ताहीं आदमियां नै सुणकै अर जो निशान ओ दिखावै था उन ताहीं देख देखकै, एक चित्त होकै मन ल्याया| 7 क्यूँके घण-खरयां म्ह तै भुंडी आत्मां ठाड्डू आवाज म्ह किलकी मारदी होई लिकड़ग्यी, अर घण-खरे लकवे के बीमार अर लंगड़े भी ठीक करे गये; 8 अर उस नगर म्ह घणी ख़ुशी मनाई गई|

जादूगर शमौन

9 इसतै पहल्या उस नगर म्ह शमौन नामका का एक माणस था, जो जादू-टोना करकै सामरिया के आदमियां नै हैरान करदा अर खुद ताहीं एक बड्डा माणस बतावै था| 10 छोट्या तै लेकै बड्डया ताहीं सारे उसका आदर करकै कहवै थे, “यो माणस पणमेशर वा ताकत सै, जो महान कुहवावै सै|” 11 उसनै घणे दिनां तै उन ताहीं आपणे जादू के काम्मां तै हैरान कर राख्या था, ज्यांतै वे उसकी घणी मान्नै थे| 12 पर जिब्ब उन्नै फिलिप्पुस का बिश्वास करया जो पणमेशर के राज्य अर यीशु के नाम का सुसमाचार सुणावै था तो आदमी, के माणस, के लुगाई, बपतिस्मा लेण लाग्गे| 13 फेर शमौन नै खुद भी बिश्वास करया अर बपतिस्मा लेकै फिलिप्पुस कै गेल्या रहण लाग्या| ओ निशान अर बड्डे-बड्डे सामर्थ के काम होंदे देखकै हैरान होवै था|

सामरिया म्ह पतरस अर युहन्ना

14 जिब्ब प्रेरितां नै जो यरूशलेम म्ह थे, सुणया के सामरियो नै पणमेशर का बचन मान लिया सै तो पतरस अर युहन्ना ताहीं उनकै धोरै खन्दाया| 15 उन्नै जाकै उनकै खातर प्रार्थना करी के पवित्र आत्मा पावै| 16 क्यूँके ओ इब ताहीं इनम्ह तै किसे पै भी कोनी उतरया था; उन्नै तो सिर्फ प्रभु यीशु कै नाम तै बपतिस्मा लिया था| 17 फेर उन्नै उनपै हाथ धरे अर उन्नै पवित्र आत्मा पाया| 18 जिब्ब शमौन नै देख्या के प्रेरितां कै हाथ धरण तै पवित्र आत्मा दिया जावै सै, तो उनकै धोरै रपिये ल्याकै कह्या, 19 “यो हक्क मन्नै भी द्यो, के जिस किसे पै हाथ धरुँ ओ पवित्र आत्मा पावै|” 20 पतरस नै उसतै कह्या, “तेरे रपिये तेरै गेल्या नास होज्या, क्यूँके तन्नै पणमेशर का दान रपिया तै मोल लेण का बिचार करया| 21 इस बात म्ह ना तेरा बान्डा सै, ना भाग; क्यूँके तेरा मन पणमेशर कै आगै सीधा कोनी| 22 इसकरकै आपणी इस बुराई तै मन पलटाकै प्रभु तै प्रार्थना कर, हो सकै सै तेरे मन का बिचार माफ़ करया जावै| 23 क्यूँके मै देक्खूँ सूं के तू पित्त जिसी कड़वाहट अर अधर्म कै बन्धन म्ह पड़या सै|” 24 शमौन नै जबाब दिया, “थम मेरै खातर प्रभु तै प्रार्थना करो के जो बात थमनै कहीं, उनम्ह तै कोए भी मेरै पै नीं आवै|”

25 आखर म्ह वे गवाही देकै प्रभु का बचन सुणाकै यरूशलेम नै बोहड़गे, अर सामरिया के घण-खरे गाम्मां म्ह सुसमाचार सुणान्दे गये|

फिलिप्पुस अर कूश देश का अधिकार

26 फेर प्रभु कै एक सुर्गदुत नै फिलिप्पुस तै कह्या, “उठ अर दक्षिण की ओड़ उस राह पै जा, जो यरूशलेम तै गाज़ा नै जावै सै|” यो रेगिस्तानी राह सै| 27 ओ उठकै चाल दिया, अर देक्खो, कूश देश का एक माणस आण लागरया था जो खोजा अर कूशियों की रानी कन्दाके का मंत्री अर खजांची था| ओ आराधना करण नै यरूशलेम म्ह आया था| 28 ओ आपणे रथ पै बैठ्या होया था, अर यशायाह नब्बी की किताब पढ़दा होया बोहड़ण लागरया था| 29 फेर आत्मा नै फिलिप्पुस ताहीं कह्या, “लोवै जाकै इस रथ कै गेल्या हो ले|” 30 फिलिप्पुस उसकी ओड़ भाज्या अर उस ताहीं यशायाह नब्बी की किताब पढ़दे होये सुणया, अर बुझ्झया, “तू जो पढ़ै सै के उसनै समझै भी सै?” 31 ओ बोल्या, “जिब्ब ताहीं कोए मेरै ताहीं नीं समझावै तो मै किस ढाळ समझूँ|” अर फिलिप्पुस तै बिनती करी के ओ चढ़कै उसकै धोरै बैट्ठै| 32 पवित्र ग्रन्थ का जो पाठ ओ पढ़ै था, ओ यो था : “ओ भेड़ की ढाळ मारण खातर पहोचाया गया, अर जिस तरियां मेमना आपणे ऊन काट्टण आळयां कै श्यामी बोल-बाल्ला रहवै सै, उस्से तरियां ए उसनै भी आपणा मुँह कोनी खोल्या| 33 उसकी दीनता म्ह उसका न्याय कोनी होण पाया| उसकै टेम के माणसां का ब्यौरा कौण देवैगा? क्यूँके धरती तै उसका प्राण ठा लिया जावै सै|”

34 इस पै खोजे नै फिलिप्पुस तै बुझ्झया, “मै तेरै तै बिनती करूँ सूं, न्यू बता के नब्बी यो किसकै बारै म्ह कहवै सै, आपणे या किसे दुसरे कै बारै म्ह?” 35 फेर फिलिप्पुस नै आपणा मुँह खोल्या, अर इस्से ग्रन्थ तै सरू करकै उस ताहीं यीशु का सुसमाचार सुणाया| 36 राह म्ह चाल्दे-चाल्दे वे किसे पाणी की जंगहा पहोच्चे| फेर खोजे नै कह्या, “लखा उरै पाणी सै, इब मन्नै बपतिस्मा लेण म्ह के रोक सै|” 37 फिलिप्पुस बोल्या, “जै तू साबते मन तै बिश्वास करै सै तो ले सकै सै| उसनै जबाब दिया, “मै बिश्वास करूँ सूं के यीशु मसीह पणमेशर का बेट्टा सै|” 38 फेर उसनै रथ खड़या करण का हुक्म दिया, अर फिलिप्पुस अर खोजा दोन्नु पाणी म्ह बड़गे, अर उसनै खोजा ताहीं बपतिस्मा दिया| 39 जिब्ब वे पाणी म्ह तै लिकड़कै ऊपराण आये, तो प्रभु का आत्मा फिलिप्पुस ताहीं ठा लेग्या, अर खोजे नै उस ताहीं दुबारा नीं देख्या, अर ओ राज्जी होकै आपणी राह हो लिया| 40 फिलिप्पुस अशदोद म्ह आ लिकड़या, अर जिब्ब ताहीं कैसरिया म्ह नीं पहोच्या, जिद ताहीं नगर-नगर सुसमाचार सुणान्दा गया|

9

शाऊल का हृदय-परिवर्तन

1 शाऊल जो इब ताहीं प्रभु के चेल्यां ताहीं धमकाण अर मारण की धुन म्ह था, महायाजक कै धोरै गया 2 अर उसतै दमिश्क के आराधनालयां कै नाम पै इस बाबत म्ह चिट्ठियाँ माँगी के, के माणस के लुगाई, जिन्नै ओ इस पंथ पै पावै उन ताहीं जुड़कै यरूशलेम लियावै| 3 पर चाल्दे-चाल्दे जिब्ब ओ दमिश्क कै लोवै पहोच्या, तो चाणचक अकास तै उसकै चोगरदे नै चाँदणा चमक्या, 4 अर ओ धरती पै पड़ग्या अर यो शब्द सुणया, “हे शाऊल, हे शाऊल, तू मन्नै क्यांतै सतावै सै?” 5 उसनै बुझ्झया, “हे प्रभु, तू कौण सै?” उसनै कह्या, “मै यीशु सूं, जिस ताहीं तू सतावै सै| 6 पर इब उठकै नगर म्ह जा, अर जो तन्नै करणा सै ओ तेरै तै कहया जावैगा|” 7 जो माणस उसकै गेल्या थे, वे हैरान रहग्ये; क्यूँके बोल तो सुणै थे पर किस्से ताहीं देखै कोनी थे| 8 फेर शाऊल धरती पै तै उठ्या, पर जिब्ब आँख खोल्ली तो उस ताहीं किम्मे कोनी दिख्या, अर वे उसका हाथ पकड़कै दमिश्क म्ह ले गये| 9 ओ तीन दिन ताहीं कोनी देख सक्या, अर ना खाया अर ना पीया|

10 दमिश्क म्ह हनन्याह नामक एक चेल्ला था, उसतै प्रभु नै दर्शन म्ह कह्या, “हे हनन्याह!” वो बोल्या, “हाँ, प्रभु!” 11 फेर प्रभु नै उसतै कह्या, “उठकै उस गळी म्ह चल्या जा जो ‘सीधी’ कुहवावै सै, अर यहूदा कै घर म्ह शाऊल नामक एक तरसुसवासी नै बुझ; क्यूँके देख, ओ प्रार्थना करण लागरया सै, 12 अर उसनै सपने म्ह हनन्याह नामक एक माणस ताहीं भीत्त्तर आंदे अर आपणे ऊप्पर हाथ धरदे देख्या सै; ताके दुबारा दृष्टि पावै|” 13 हनन्याह नै जबाब दिया, “हे प्रभु, मन्नै इस माणस कै बारै म्ह घणाए तै सुणया सै के इसनै यरूशलेम म्ह तेरै आदमियां गेल्या बड्डी-बड्डी बुराई करी सै; 14 अर उरै भी इस ताहीं प्रधान याजकां की ओड़ तै हक्क मिल्या सै के जो माणस तेरा नाम लेवै सै, उन सारया नै जुड़ ले|” 15 पर प्रभु नै उसतै कह्या, “तू चल्या जा; क्यूँके ओ तो गैर-जात्त्तां अर राजाओं अर इस्राएलियों कै श्यामी मेरा नाम प्रगट करण कै खातर छांटया होया पात्र सै| 16 अर मै उसनै बताऊँगा के मेरै नाम कै खातर उसनै किसा-किसा दुःख ठाणा पड़ैगा|” 17 फेर हनन्याह उठकै उस घर म्ह गया, अर उसपै आपणा हाथ धरकै कह्या, “हे भाई शाऊल, प्रभु, यानिके यीशु, जो उस राह म्ह, जिसतै तू आया तेरै ताहीं दिखया था, उस्से नै मेरै ताहीं खन्दाया सै के तू दुबारा दृष्टि पावै अर पवित्र आत्मा तै भरया-पूरा हो जावै|” 18 अर जिब्बे उसकी आँखां तै छिल्के-से पड़े अर ओ देखण लाग्या, अर उठकै बपतिस्मा लिया; 19 फेर खाणा खाकै हिम्मत पायी|

दमिश्क म्ह शाऊल का प्रचार

ओ कई दिन उन चेल्यां कै गेल्या रहया जो दमिश्क म्ह थे| 20 अर ओ जिब्बे आराधनालयां म्ह यीशु का प्रचार करण लाग्या के ओ पणमेशर का बेट्टा सै| 21 सारे सुनण आळे हैरान होकै कहण लाग्गे, के यो ओए माणस नीं सै जो यरूशलेम म्ह उन ताहीं जो यीशु का नाम नै लेवैं थे, उनका नास करया करै था; अर उरै भी इस्से खातर आया था के उन्नै जुड़कै प्रधान याजकां कै धोरै ले जावै?” 22 पर शाऊल और भी सामर्थी होंदा गया, अर इस बात का सबूत दे-देकै के मसीह यीशु-ए सै, दमिश्क के रहणीये यहूदिया का मुँह बन्द करदा रहया|

23 जिब्ब घणे दिन बीतगे, तो यहूदिया नै मिलकै उस ताहीं मारण की साजस रची| 24 पर उनकी साजस का शाऊल नै बेरा पाटग्या| वे तो उसनै मारण खातर रात-दिन फाटकां पै दाव् म्ह लाग्गे रहवैं थे| 25 पर रात नै उसके चेल्यां नै उस ताहीं टोकरे म्ह बिठाया, अर शहरपनाह पै तै लटकाकै उतार दिया|

यरूशलेम म्ह शाऊल

26 यरूशलेम म्ह पहोचकै उसनै चेल्यां कै गेल्या मिल जाण की कोशिश करी; पर सारे उसतै डरै थे, क्यूँके उन्नै बिश्वास कोनी होवै था, के ओ भी चेल्ला सै| 27 पर बरनबास नै उस ताहीं आपणे गेल्या प्रेरितां कै धोरै ले जाकै उन ताहीं बताया के इसनै किस ढाळ तै राह म्ह प्रभु ताहीं देख्या, अर यीशु नै इसतै बात करी; फेर दमिश्क म्ह इसनै किस तरियां ढेठ तै यीशु कै नाम का प्रचार करया| 28 ओ उनकै गेल्या यरूशलेम म्ह आन्दा-जान्दा रहया 29 अर बेधड़क होकै प्रभु का नाम तै प्रचार करै था; अर यूनानी भाषा बोल्लणआळे यहूदियां कै गेल्या बोलचाल अर बहस करै था; पर वे उसनै मारण की कोशिश करण लाग्गे| 30 न्यू जाणकै भाई उस ताहीं कैसरिया ली आये, अर तरसुस नै खन्दा दिया| 31 इस तरियां सारे यहूदिया, अर गलील, अर सामरिया म्ह कलीसिया नै चैन मिल्या, अर उसकी बढोत्तरी होन्दी गई; अर वा प्रभु कै भय अर पवित्र आत्मा की शान्ति म्ह चाल्दी अर बढ़दी गई|

लुद्दा अर याफा म्ह पतरस

32 फेर इसा होया के पतरस हरेक जंगहा हांडदा होया, उन पवित्र आदमियां कै धोरै भी पहोच्या जो लुद्दा म्ह रहवैं थे| 33 ओड़ै उसनै एनियास नामक लकवे का रोगी एक माणस मिल्या, जो आठ साल तै खाट पै पड़या था| 34 पतरस नै उसतै कह्या, “हे एनियास! यीशु मसीह तन्नै चंगा करै सै| उठ, आपणा बिछाणा ठा|” फेर ओ जिब्बे उठ खड़या होया| 35 फेर लुद्दा अर शारोन के सारे रहणीये उस ताहीं देख कै प्रभु की ओड़ फिरे|

36 याफा म्ह तबीता यानिके दोरकास नामक एक बिश्वासण रहवै थी| वा घणे भले-भले काम अर दान करया करै थी| 37 उन्ने दिनां म्ह वा बीमार होकै मरग्यी; अर उन्नै उस ताहीं नुह्वाकै चुबारै पै धर लिया| 38 इसकरकै के लुद्दा याफा कै लोवै था, चेल्यां नै न्यू सुणकै पतरस ओड़ै सै, दो माणस खन्दाकै उसतै बिनती करी, “म्हारै धोरै आण म्ह वार ना लावै|” 39 फेर पतरस उठकै उसकै गेल्या हो लिया, अर जिब्ब ओ पहोच्या तो वे उसनै उस चोबरै म्ह ले गये| सारी बिधवां रोंदी होई उसकै धोरै आण खड़ी होई, अर जो कुरते अर लत्त्ते दोरकास नै उनकै गेल्या रहंदे होये बणाए थे, दिखाण लाग्गीं| 40 फेर पतरस नै सारया ताहीं बारहण कर दिया, अर गोड्डे टेक कै प्रार्थना करी अर लाश की ओड़ लखाकै कह्या, “हे तबीता, उठ!” फेर उसनै आपणी आँख खोल दीं; अर पतरस ताहीं देखकै उठ बैट्ठी| 41 उसनै हाथ देकै उस ताहीं ठाया, अर पवित्र आदमी अर बिधवायां ताहीं बुलाकै उस ताहीं जिन्दा दिखा दिया| 42 या बात साब्बत याफा म्ह फैलग्यी; अर घण-खरया नै प्रभु पै बिश्वास करया| 43 अर पतरस याफा म्ह शमौन नामक किसे चमड़े का धन्धा करणीये कै उरै घणे दिनां ताहीं रहया|

10

कुरनेलियुस का पतरस ताहीं बुलवाणा

1 कैसरिया म्ह कुरनेलियुस नाम का एक माणस था, जो इतालियानी नामक फ़ौज का सरदार था| 2 ओ भगत था, अर आपणे साब्ते कुन्बे सुदा पणमेशर तै डरै था, अर यहूदी आदमियां ताहीं घणा दान देवै था, अर बराबर पणमेशर की प्रार्थना करै था| 3 उसनै दिन कै तीसरे पहर कै लोवै दर्शन म्ह साफ़ तौर तै देख्या के पणमेशर का एक सुर्गदुत उसकै धोरै भीत्त्तर आकै कह्वै सै, “हे कुरनेलियुस!” 4 उसनै उस ताहीं गौर तै देख्या अर डरकै कह्या, “हे प्रभु, के सै?” उसनै उसतै कह्या, “तेरी प्रार्थनाएँ अर तेरे दान याद कै खातर पणमेशर कै श्यामी पहोच्चे सै; 5 अर याफा म्ह माणस खन्दाकै शमौन नै, जो पतरस कुहवावै सै, बुलवा ले| 6 ओ शमौन, चमड़े का धन्धा करण आळे कै उरै मेहमान सै, जिसका घर समुन्दर कै कंठारै सै|” 7 जिब्ब ओ सुर्गदुत जिसनै उसतै बात करी थीं चल्या गया, तो उसनै दो नौकर, अर जो उसकै लवै हाजिर रहया करै थे उनम्ह तै एक भगत सिपाही ताहीं बुलाया, 8 अर उन ताहीं सारी बात बताकै याफा की ओड़ खन्दाया|

पतरस का दर्शन

9 दुसरै दिन जिब्ब वे चाल्दे-चाल्दे नगर कै धोरै पहोच्चे, तो दोफारी कै लवै पतरस छात पै प्रार्थना करण चढ़या| 10 उसनै भूख लाग्गी अर कुछे खाणा चाहवै था, पर जिब्ब वे त्यारी करै थे तो ओ बेसुध होग्या; 11 अर उसनै देख्या, के अकास खुलग्या; अर एक पात्र बड्डी चाद्दर की तरियां च्यारू कुणयां तै लटकदा होया, धरती की ओड़ उतरै सै| 12 जिस म्ह धरती के सारे ढाळ के चौपाए अर रेंगनेआळे जिनोर अर अकास के पंछी थे| 13 उसनै एक इसा बोल सुणया, “हे पतरस उठ, मार अर खा|” 14 पर पतरस नै कह्या, “ना प्रभु, कती भी नीं; क्यूँके मन्नै कदे कोए अपवित्र चीज नीं खाई सै|” 15 फिर दूसरी बर उस ताहीं बोल सुणाई दिया. “जो किम्मे पणमेशर नै शुद्ध ठहराया सै, उस ताहीं अशुद्ध मतना कह्वै|” 16 तीन बर इस तरियां ए होया; फेर जिब्बे ओ पात्र अकास म्ह ठा लिया गया|

17 जिब्ब पतरस आपणे मन म्ह दुबिध्या म्ह था, के यो दर्शन जो मन्नै देख्या ओ के हो सकै सै, तो देक्खो, वे माणस जिन ताहीं कुरनेलियुस नै खन्दाया था, शमौन कै घर का पता लगाकै दरवाजे पै आण खड़े होए, 18 अर रुक्का मारकै बुझ्झण लाग्गे, “के शमौन जो पतरस कुहवावै सै, याड़ै ए मेहमान सै?” 19 पतरस तो उस दर्शन पै सोचण ए लागरया था, के आत्मा नै उसतै कह्या, “देख, तीन माणस तेरी टोह म्ह सै| 20 आखर उठकै तळै जा, अर निसंकोच उनकै गेल्या हो ले; क्यूँके मन्नै ए उन ताहीं खन्दाया सै|” 21 फेर पतरस नै उतरकै उन माणसां ताहीं कह्या, “देक्खो, जिसकी टोह म्ह थम सो, ओ मै सूं| थारै आण का के कारण सै?” 22 वे बोल्ले, “कुरनेलियुस सूबेदार जो धर्मी अर पणमेशर तै डरणआळा अर सारी यहूदी जात म्ह नाम्मी माणस सै, उसनै एक पवित्र सुर्गदुत तै यो निर्देश पाया सै के तेरै ताहीं आपणे घरा बुलाकै तेरै तै बचन सुणै|” 23 फेर उसनै उन ताहीं भीत्त्तर बुलाकै उनकी पहुनाई करी|

कुरनेलियुस कै घर म्ह पतरस

दुसरे दिन ओ उनकै गेल्या गया, अर याफा के भाईयां म्ह तै कीमे उसकै गेल्या हो लिए| 24 दुसरे दिन वे कैसरिया पहोच्चे, अर कुरनेलियुस आपणे कुन्बे आळयां अर प्यारे ढब्बियाँ ताहीं कट्ठा करकै उनकी बाट देखै था| 25 जिब्ब पतरस भीत्त्तर आवै था, तो कुरनेलियुस उसतै फेट्या, अर उसकै पायां म्ह पड़कै उस ताहीं प्रणाम करया; 26 पर पतरस नै उस ताहीं ठा कै कह्या, “खड़या हो, मै भी तो माणस सूं|” 27 अर उसकै गेल्या बतळान्दा भीत्त्तर गया, अर घणे आदमियां ताहीं कट्ठे देखकै 28 उनतै कह्या, “थमनै बेरा सै के गैर-जात तै संगति करणा या उसकै उरै जाणा यहूदी कै खातर अधर्म सै, पर पणमेशर नै मेरै तै बताया सै के किसे माणस ताहीं अपवित्र या अशुद्ध ना कहूँ| 29 ज्यांतै मै जिब्ब बुलाया गया तो बिना कीमे कहे चल्या आया| इब मै बुझ्झु सूं के मेरै ताहीं किस काम कै खातर बुलाया गया?”

30 कुरनेलियुस बोल्या, “इस्से घड़ी, पुरे चार दिन होये, मै आपणे घर म्ह तीसरे पहर प्रार्थना करण लागरया था; तो एक माणस चमकीला बाणा पहरे होये, मेरै श्यामी आंण खड़या होया 31 अर कहण लाग्या, ‘हे कुरनेलियुस, तेरी प्रार्थना सुण ली गई सैं अर तेरे दान पणमेशर कै श्यामी याद करे गये सैं| 32 इसकरकै किसे नै याफा खन्दाकै शमौन जो पतरस कुहवावै सै, बुला| ओ समुन्दर कै कंठारै शमौन, चमड़े का धन्धा करणीये कै घरा मेहमान सै|’ 33 फेर मन्नै जिब्बे तेरै धोरै आदमी खन्दाए, अर तन्नै भला करया जो आग्या| इब हम सारे उरै पणमेशर कै श्यामी सां, ताके जो कीमे पणमेशर नै तेरै तै कहया उस ताहीं सुणां|”

पतरस का उपदेश

34 फेर पतरस बोल्या, “इब मेरै पक्का यकीन होग्या के पणमेशर किसे की मेर कोनी करदा, 35 बल्के हरेक जात म्ह जो उसतै डरै अर धर्म के काम करै सै, ओ उसनै भावै सै| 36 जो बचन उसनै इस्राएलिया कै धोरै खन्दाया था, जिब्ब उसनै यीशु मसीह कै द्वारा (जो सारया का प्रभु सै) शान्ति का सुसमाचार सुणाया, 37 ओ बचन थमनै बेरा सै, जो युहन्ना के बपतिस्मा के प्रचार कै पाच्छै गलील तै सरू होकै साब्ते यहूदिया म्ह फैलग्या : 38 पणमेशर नै किस तरियां तै यीशु नासरी ताहीं पवित्र आत्मा अर सामर्थ तै अभिषेक करया; ओ भलाई करदा अर सारया ताहीं जो शैतान के सताए होड़ थे, आच्छा करदा फिरया, क्यूँके पणमेशर उसकै गेल्या था| 39 हम उन सारे काम्मां के गवाह सां; जो उसनै यहूदिया के देश अर यरूशलेम म्ह भी करे, अर उन्नै उस ताहीं काठ पै लटकाकै मार दिया| 40 उस ताहीं पणमेशर नै तीसरे दिन जिन्दा करया, अर प्रगट भी कर दिया सै; 41 सारे आदमियां पै नीं बल्के उन गवाहा पै जिन ताहीं पणमेशर नै पहल्या तै छांट लिया था, यानिके म्हारै पै जिन्नै उसकै मरे होया म्ह तै जिन्दा उठनै कै पाच्छै उसकै गेल्या खाया-पिया; 42 अर उसनै म्हारै ताहीं हुक्म दिया के आदमियां म्ह प्रचार करो अर गवाही द्यो, के यो ओए सै जिस ताहीं पणमेशर नै जिन्दा अर मरया होया का न्यायी ठहराया सै| 43 उसकी सारे नब्बी गवाही देवैं सैं के जो कोए उसपै बिश्वास करैगा, उस ताहीं उसकै नाम तै पापां की माफ़ी मिलैगी|”

गैर-जात्त्तां पै पवित्र आत्मा उतरणा

44 पतरस ये बात कहण ए लागरया था के पवित्र आत्मा बचन के सारे सुनण आळया पै उतर आया| 45 अर जितने खतना करे होये बिश्वासी पतरस कै गेल्या आये थे, वे सारे हैरान होये के गैर-जात्त्तां पै भी पवित्र आत्मा का दान ढाळा गया सै| 46 क्यूँके उन्नै उन ताहीं कई ढाळ की भाषा बोल्दे अर पणमेशर की बड़ाई करदे सुण्या| इस पै पतरस नै कह्या, 47 “के कोए पाणी नै डाट सकै सै के ये बपतिस्मा ना पावै, जिन्नै म्हारै की ढाळ पवित्र आत्मा पाया सै?” 48 अर उसनै हुक्म दिया के उन्नै यीशु मसीह कै नाम म्ह बपतिस्मा दिया जावै| फेर उन्नै उसतै बिनती करी के ओ कीमे दिन और उनकै गेल्या रहवै|

11

पतरस कै जरिये अपणे काम का खुलासा करणा

1 फेर प्रेरितां अर भाईया नै जो यहूदिया म्ह थे सुणया के गैर-जात्त्तां नै भी पणमेशर का बचन मान लिया सै| 2 आखर म्ह जिब्ब पतरस यरूशलेम म्ह आया, तो खतना किये होये आदमी उसतै बहस करण लाग्गे, 3 “तन्नै खतनारहित आदमियां कै उरै जाकै उनकै गेल्या खाया|” 4 फेर पतरस नै उन ताहीं सरू तै नम्बरवार सारा कीमे कह सुणाया : 5 “मै याफा नगर म्ह प्रार्थना करण लागरया था, अर बेसुध होकै एक दर्शन देख्या के एक पात्र, बड्डी चाद्दर की ढाळ च्यारू कुणयां तै लटकाया होया, अकास तै उतरकै मेरै धोरै आया| 6 जिब्ब मन्नै उसपै गौर करया, तो उसम्ह धरती के चौपाए अर बणपशु अर रेंगणआळे जिनोर अर अकास के पंछी देक्खे; 7 अर यो बोल भी सुणया, ‘हे पतरस उठ, मार अर खा|’ 8 मन्नै कह्या, ‘ना प्रभु, ना; क्यूँके कोई अशुद्ध चीज मेरै मुँह म्ह कदे नीं गई|’ 9 इसकै जबाब म्ह अकास तै दूसरी बर शब्द होया, ‘जो कीमे पणमेशर नै शुद्ध ठहराया सै, उस ताहीं अशुद्ध मतना कहवै|’ 10 तीन बर इसा होया; फेर सारा कीमे दुबारा अकास पै खींच लिया गया| 11 अर देक्खो, जिब्बे तीन माणस जो कैसरिया तै मेरै धोरै खन्दाए गये थे, उस घर पै जिसम्ह हम थे, आ खड़े होये| 12 फेर आत्मा नै मेरै तै उनकै गेल्या बेखटके हो लेण नै कहया, अर छ: भाई भी मेरै गेल्या हो लिये; अर हम उस माणस कै घरा गये| 13 उसनै म्हारै ताहीं बताया, के उसनै एक सुर्गदुत ताहीं आपणे घर म्ह खड़या देख्या, जिसनै उसतै कह्या, ‘याफा म्ह माणस खन्दाकै शमौन ताहीं जो पतरस कुहवावै सै, बुलवा ले| 14 ओ थारै तै इसी बात कहवैगा, जिनकै द्वारा तू अर तेरा सारा घराना उद्धार पावैगा|’ 15 जिब्ब म्ह बात करण लाग्या, तो पवित्र आत्मा उन पै उस्से तरियां तै उतरया जिस तरियां तै सरू म्ह म्हारै पै उतरया था| 16 फेर मन्नै प्रभु का यो बचन याद आया; जो उसनै कहया था, ‘युहन्ना नै तो पाणी तै बपतिस्मा दिया, पर थम पवित्र आत्मा तै बपतिस्मा पाओगे|’ 17 आखर म्ह जिब्ब पणमेशर नै उन ताहीं भी ओए दान दिया, जो म्हारै तै प्रभु यीशु मसीह पै बिश्वास करण तै मिल्या था; तो मै कौण था जो पणमेशर नै रोक सकदा?” 18 न्यू सुणकै वे बोल-बाल्ले रहे, अर पणमेशर की बड़ाई करकै कहण लाग्गे, “फेर तो पणमेशर नै गैर-जात्त्तां ताहीं भी जीवन कै खातर मन-फिराव का दान दिया सै|”

अन्ताकिया की कलीसिया

19 जो आदमी उस क्लेश के मारे जो स्तिफनुस कै कारण पड़या था, खिंड-मींड हो गये थे, वे हांडदे-हांडदे फीनीके अर साइप्रस अर अन्ताकिया म्ह पहोच्चे; पर यहूदियां नै छोड़ किसे और ताहीं बचन कोनी सुणावैं थे| 20 पर उनम्ह तै कीमे साइप्रसवासी अर कुरेनी थे, जो अन्ताकिया म्ह आकै यूनानियां ताहीं भी प्रभु यीशु का सुसमाचार सुनाण लाग्गे| 21 प्रभु का हाथ उन पै था, अर घणे आदमी बिश्वास करकै प्रभु की ओड़ फिरे| 22 जिब्ब उनका जिक्रा यरूशलेम की कलीसिया कै सुनण म्ह आया, तो उन्नै बरनबास ताहीं अन्ताकिया खन्दाया| 23 ओ उड़ै पहोचकै अर पणमेशर के अनुग्रह नै देखकै राज्जी होया, अर सारया ताहीं उपदेश दिया के तन-मन लगाकै प्रभु तै लिपटे रहो| 24 ओ एक भला माणस था, अर पवित्र आत्मा अर बिश्वास तै पूरा भरया था; अर दुसरे घण-खरे आदमी प्रभु म्ह आ मिले| 25 फेर ओ शाऊल नै टोहण कै खातर तरसुस नै चल्या गया| 26 जिब्ब ओ उसतै फेट्या तो उस ताहीं अन्ताकिया ल्याया; अर इसा होया के वे एक साल ताहीं कलीसिया कै गेल्या मिलदे अर घणे आदमियां ताहीं उपदेश देन्दे रहे; अर चेल्ले सारया तै पहल्या अन्ताकिया ए म्ह मसीही कुहाए|

27 उन्नै दिनां म्ह कई नब्बीं यरूशलेम तै अन्ताकिया आए| 28 उनम्ह तै अगबुस नामक एक नै खड़े होकै आत्मा की प्रेरणा तै न्यू बताया के सारी दुनिया म्ह बड्डा अकाल पड़ैगा--- ओ अकाल क्लौदियुस के टेम म्ह पड़या| 29 फेर चेल्यां नै फैसला लिया के हरेक आपणी-आपणी पूंजी कै मुताबिक यहूदिया म्ह रहणआळे भाईया की मदद कै खातर कीमे भेजै| 30 उन्नै इस तरियां ए करया; अर बरनबास अर शाऊल कै हाथ प्राचीनों कै धोरै कीमे भेज दिया|

12

पतरस की जेळ तै मुक्ति

1 उस टेम हेरोदेश राजै नै कलीसिया के कई माणसां ताहीं सताण कै खातर उन पै हाथ गेरे| 2 उसनै युहन्ना के भाई याकूब ताहीं तलवार तै मरवा दिया| 3 जिब्ब उसनै देख्या के यहूदी माणस इसतै राज्जी होवैं सैं, तो उसनै पतरस ताहीं भी पकड़ लिया| वे दिन अखमीरी रोट्टी के थे| 4 उसनै उस ताहीं पकड़कै जेळ म्ह गेरया, अर चार-चार सिपाहियां के चार पहरया म्ह राख्या; इस बिचार तै के फसह कै बाद उसनै आदमियां कै श्यामी ल्यावै| 5 जेळ म्ह पतरस बन्द था; पर कलीसिया उसकै खातर लौ लाकै पणमेशर तै प्रार्थना करण लागरी थी| 6 जिब्ब हेरोदेश उसनै आदमियां कै श्यामी ल्याण नै था, उस्से रात पतरस दो जंजीरा तै बंध्या होड़ दो सिपाहियां कै बिच्चाळै सोण लागरया था; अर पहरेदार दरवाजे पै जेळ की रुखाळी कररे थे| 7 तो देक्खो, प्रभु का एक सुर्गदुत आण खड़या होया अर उस कोठड़ी म्ह चाँदणा चमक्या, अर उसनै पतरस की पासळी पै हाथ मारकै उस ताहीं जगाया अर बोल्या, “उठ, तोळ कर|” अर उसकै हाथां तै जंजीर खुलकै ढह पड़ीं| 8 फेर सुर्गदुत नै उसतै कह्या, “कमर बाँध, अर आपणे जुत्ते पहर ले|” उसनै उस्से ढाळ करया| फेर उसनै उसतै कह्या, “आपणे लत्त्ते पहरकै मेरै पाच्छै हो ले|” 9 ओ लिकड़कै उसकै पाच्छै हो लिया; पर उसनै न्यू नीं बेरा था के जो कीमे सुर्गदुत कर रह्या सै ओ साच्ची सै, बल्के न्यू समझै था के जणु मै दर्शन देखण लागरया सूं| 10 फेर वे पह्ल्ये अर दुसरे पहरे तै लिकड़कै उस लोहे के फाटक पै पहोच्चे, जो नगर की ओड़ सै| ओ उनकै खातर आपणे-आपै खुलग्या, अर वे लिकड़कै एक गळी म्ह गए, अर जिब्बे ए सुर्गदुत उसनै छोड़कै चल्या गया| 11 फेर पतरस नै ढेठ करकै कह्या, “इब मन्नै सच का बेरा पटया सै के प्रभु नै आपणा सुर्गदुत खन्दाकै मेरै ताहीं हेरोदेश के हाथां तै छुटा लिया, अर यहूदियां की सारी मनसा पै पाणी फेर दिया सै|” 12 न्यू जाणकै ओ उस युहन्ना की माँ मरियम कै घरा आया, जो मरकुस कुहवावै सै| ओड़ै घणे आदमी कट्ठे होकै प्रार्थना करण लागरे थे| 13 जिब्ब उन्नै फाटक की खिड़की खटखटाई, तो रूदे नामक एक नौकरानी देखण नै आई| 14 पतरस का बोल पिच्छाणकै उसनै ख़ुशी के मारे फाटक नीं खोल्या, पर भाजकै भीत्त्तर गई अर बताया के पतरस दरवाजे पै खड़या सै| 15 उन्नै उसतै कह्या, “तू बावळी सै|” पर वा पक्के तौर तै बोल्ली के इसाए सै| फेर उन्नै कह्या, “उसका सुर्गदुत होगा|” 16 पर पतरस खटखटान्दा ए रहया : आखर म्ह उन्नै खिड़की खोल्ली, अर उस ताहीं देखकै हैरान होग्ये| 17 फेर उसनै उन ताहीं हाथ तै इशारा करया के बोल-बाल्ले रहवैं; अर उन ताहीं बताया के प्रभु किस ढाळ उस ताहीं जेळ तै लिकाड़ लीआया सै| फेर बोल्या, “याकूब अर दुसरे भाईयां नै या बात बता दियो|” फेर लिकड़कै दूसरी जंगहा चल्या गया|

18 तड़कए नै सिपाहिया म्ह घणी उघड़-धुघड़ माच गी के पतरस का के होया| 19 जिब्ब हेरोदेश नै उसकी टोहया-टाही करी अर नी मिल्या, तो पहरेदारा की जाँच करकै हुक्म दिया के वे मार दिये जावैं; अर ओ यहूदिया नै छोड़कै कैसरिया म्ह जाकै रहण लाग्या|

हेरोदेस की मौत

20 हेरोदेश सूर-सैदा के आदमियां तै घणा नाराज था| ज्यांतै के वे एक चित्त होकै उसकै धोरै आये, अर बलास्तुस नै जो राजा का एक कर्मचारी था, मनाकै मेल करणा चाहया; क्यूँके राजै कै देश म्ह उनकै देश का पाळन-पोषण होवै था| 21 ख़ास दिन पै हेरोदेश राजसी-बाणा पहरकै सिंहासन पै बैठ्या, अर उन ताहीं खुलासा करण लाग्या| 22 फेर आदमियां नै रूक्का मारया, “यो तो माणस का नीं ईश्वर का बोल सै|” 23 उस्से घड़ी प्रभु कै एक सुर्गदुत नै जिब्बे आकै उस ताहीं मारया, क्यूँके उसनै पणमेशर ताहीं महिमा कोनी दी; अर ओ कीड़े पड़कै मरग्या| 24 पर पणमेशर का बचन बढ़दा अर फैलदा गया|

25 जिब्ब बरनबास अर शाऊल नै आपणी सेवा पूरी कर ली तो युहन्ना जो मरकुस कुहवावै था, गेल्या लेकै यरूशलेम तै बोह्ड़े|

13

बरनबास अर शाऊल का भेज्जा जाणा

1 अन्ताकिया की कलीसिया म्ह कई नब्बी अर उपदेशक थे; अर्थात् : बरनबास अर शमौन जो नीगर कुहवावै सै; अर लूकियुस कुरेनी, अर चौथाई देश के राजा हेरोदेश का दूधभाई मनाहेम, अर शाऊल| 2 जिब्ब वे ब्रत सुदा प्रभु की उपासना करण लागरे थे, तो पवित्र आत्मा नै कह्या, “मेरै खातर बरनबास अर शाऊल नै उस काम कै खातर न्यारा करो जिसकै खातर मन्नै उन ताहीं बुलाया सै|” 3 फेर उन्नै ब्रत अर प्रार्थना करकै अर उन पै हाथ धरकै उन ताहीं बिदा करया|

पौलुस की पहल्ड़ी प्रचार-यात्रा

4 आखर म्ह वे पवित्र आत्मा के खन्दाए होये सिलूकिया नै गये, अर ओड़ै तै जहाज पै चढ़कै साइप्रस कान चाल्ले; 5 अर सलमीस म्ह पहोचकै, पणमेशर का बचन यहूदियां के आरधनालयां म्ह सुणाया| युहन्ना उनका सेवक था| 6 वे उस सारे टाप्पू म्ह होंदे होये पाफुस ताहीं पहोच्चे| ओड़ै उन्नै बार-यीशु नामक एक यहूदी टोन्हा अर झूठा नब्बी फेट्या| 7 ओ हाकिम सिरगियुस पौलुस कै गेल्या था, जो श्याणा माणस था| उसनै बरनबास अर शाऊल ताहीं आपणे धोरै बुलाकै पणमेशर का बचन सुनणा चाहया| 8 पर इलीमास टोन्हे नै, क्यूँके योए उसकै नाम का मतलब सै, उनका बिरोध करकै हाकिम ताहीं बिश्वास करण तै रोकणा चाहया| 9 फेर शाऊल नै जिसका नाम पौलुस भी सै, पवित्र आत्मा तै पूरी तरियां भरकै उसकी ओड़ टकटकी लाकै देख्या अर बोल्या, 10 “हे साबतै कपट अर साब्ती श्याणपत तै भरे होड़ शैतान की ऊलाद, सारे धर्मां के बैरी, के तू प्रभु के सीधे राही नै टेढ़ी करणा नीं छोडैगा? 11 इब लखा, प्रभु का हाथ तेरै पै लागरया सै; अर तू कीमे बख्त ताहीं आंधा रहवैगा अर सूरज नै कोनी देखैगा|” फेर जिब्बे धुंधळापण अर अन्धेरा उस पै छा गया, ओ उराण-पराण टटोळण लाग्या ताके कोए उसका हाथ पकड़कै ले चाल्लै| 12 फेर हाकिम नै जो होया था उस ताहीं देखकै अर प्रभु के उपदेश तै हैरान होकै बिश्वास करया|

पिसिदिया के अन्ताकिया म्ह

13 पौलुस अर उसके ढब्बी पाफुस तै जहाज खोलकै पंफूलीया के पिरगा म्ह आये; अर युहन्ना उन्नै छोड़कै यरूशलेम बोहड़ गया| 14 पिरगा तै आगै बढ़कै वे पिसिदिया के अन्ताकिया म्ह पहोच्चे; अर सब्त के दिन आराधनालय म्ह जाकै बैठग्ये| 15 व्यवस्था अर नब्बियाँ की किताब नै पढ़ण कै पाच्छै आराधनालय के सरदारां नै उनकै धोरै कुहवा भेज्या, “हे भाईयो, जै आदमियां के उपदेश कै खातर थारै मन म्ह कोए बात हो तो कहो|” 16 फेर पौलुस नै खड़े होकै अर हाथ तै इशारा करकै कह्या, “हे इस्राएलियो, अर पणमेशर तै डरणआळो, सुणो : 17 इन इस्राएली आदमियां के पणमेशर नै म्हारै बाप-दाद्या ताहीं छांट लिया, अर जिब्ब वे आदमी मिस्र देश म्ह परदेशी होकै रहवै थे, तो उनकी बढ़ोत्तरी करी; अर ठाड्डे हाथां तै लिकाड़ ल्याया| 18 ओ कोए चालीस साल ताहीं जंगळ म्ह उनकी सहण करदा रहया, 19 अर कनान देश की सात जात्त्तां का नास करकै उनका देश कोए साढ़े चार सौ साल म्ह इनकी बसियत म्ह कर दिया| 20 इसकै पाच्छै उसनै शमूएल नब्बी ताहीं उनम्ह जज ठहराए| 21 उसकै पाच्छै उन्नै एक राजा माँग्या: फेर पणमेशर नै चालीस साल कै खातर बिन्यामीन के गोत्र म्ह तै एक माणस, यानिके किश के बेट्टे शाऊल ताहीं उनपै राजा ठहराया| 22 फेर उस ताहीं न्यारा करकै दाऊद ताहीं उनका राजा बणाया; जिसकै बारै म्ह उसनै गवाही दी, ‘मन्नै एक माणस यिशै बेट्टा दाऊद, मेरै मन कै मुताबिक मिलग्या सै; ओए मेरी सारी मर्जी पूरी करैगा|’ 23 इस्से पीढ़ी म्ह तै पणमेशर नै आपणे प्रण कै मुताबिक इस्राएल कै धोरै एक उद्धारकर्ता, यानिके यीशु खन्दाया| 24 जिसकै आण तै पहल्या युहन्ना नै सारे इस्राएलिया म्ह मन-फिराव के बपतिस्मा का प्रचार करया| 25 जिब्ब युहन्ना आपणी सेवा पूरी करण पै था, तो उसनै कह्या, ‘थम मन्नै के समझो सो? मै ओ कोनी! बल्के देक्खो, मेरै पाच्छै एक आणआळा सै, जिसकै पायां की जुत्ती भी मै खोल्लण जोग्गा कोनी|’

26 “हे भाईयो, थम जो अब्राहम की ऊलाद सो; अर थम जो पणमेशर तै डरो सो, थारै धोरै इस उद्धार का बचन खन्दाया गया सै| 27 क्यूँके यरूशलेम के रहणआळो अर उनकै सरदारां नै, ना उस ताहीं पिच्छाणा अर ना नब्बियाँ बात समझीं, जो हरेक सब्त कै दिन पढ़ी जावैं सैं, ज्यांतै उस ताहीं कसूरवार ठहराकै उन बात्त्तां नै पूरा करया| 28 उन्नै मारण कै जोग्गा कोए कसूर उसम्ह कोनी पाया, फेरभी पिलातुस तै बिनती करी, के ओ मार दिया जावै| 29 जिब्ब उन्नै उसकै बारै म्ह लिक्खी होई सारी बात पूरी करीं, तो उस ताहीं क्रूस पै तै उतारकै कब्र म्ह धरया| 30 पर पणमेशर उसताहीं मरे होया म्ह तै जिन्दा करया, 31 अर ओ उन ताहीं जो उसकै गेल्या गलील तै यरूशलेम आये थे, घणे दिनां ताहीं दिख्दा रहया; आदमियां कै श्यामी इब वैए उसके गवाह सै| 32 हम थमनै उस प्रण कै बारै म्ह जो बाप-दाद्या तै करया गया था, यो सुसमाचार सुणावां सां, 33 के पणमेशर नै यीशु ताहीं जिन्दा करकै, ओए प्रण म्हारी ऊलाद कै खातर पूरा करया; जिसा दुसरे भजन म्ह ही लिख्या सै, ‘तू मेरा बेट्टा सै; आज मन्नै ए तेरै ताहीं पैदा करया सै|’ 34 अर उसकै इस तरियां तै मरे होया म्ह तै जिन्दा होण कै बारै म्ह भी के ओ कदे नीं सड़ै, उसनै यों कहया सै, ‘मै दाऊद पै की पवित्र अर अटल दया तेरै पै करूँगा|’

35 ज्यांतै उसनै एक और भजन म्ह भी कहया सै, ‘तू आपणे पवित्र माणस नै सड़न नीं देवैगा|’ 36 क्यूँके दाऊद तो पणमेशर की मर्जी कै मुताबिक आपणे टेम म्ह सेवा करकै सो गया, अर आपणे बाप-दाद्या म्ह जा मिल्या, अर सड़ भी गया| 37 पर जिस ताहीं पणमेशर जिन्दा करया, ओ सड़न कोनी पाया| 38 ज्यांतै, हे भाईयो, थम जाण ल्यो के इस्से के जरिये पापां की माफ़ी का सुसमाचार थारै ताहीं दिया जावै सै; 39 अर जिन बात्त्तां म्ह थम मूसा के व्यवस्था के जरिये बेकसूर कोनी ठहर सको थे, उन्ने सारया म्ह हरेक बिश्वास करणीया उसकै जरिये बेकसूर ठहरै सै| 40 ज्यांतै चौकन्ने रहो, इसा ना हो के जो नब्बियाँ की किताब म्ह आया सै, थारै पै भी आण पड़ै : 41 ‘हे बुराई करणआळो, देक्खो, अर हैरान होवो, अर मिट जाओ; क्यूँके मै थारै दिनां म्ह एक काम करूँ सूं, इसा काम के जै कोए थारै तै उसका जिक्रा करै, तो थम भी बिश्वास कोनी करोगे’|”

42 उनकै बाहरण लिकड़दे टेम आदमी उनतै बिनती करण लाग्गे के आगलै सब्त कै दिन म्हारै ताहीं ये बात फेर सुणाई जावै| 43 जिब्ब पंचायत उठ ली फेर यहुदियां अर यहूदी मत म्ह आये होये भगतां म्ह तै घण-खरे पौलुस अर बरनबास कै पाच्छै हो लिये; अर उन्नै उनतै बात करकै समझाया के पणमेशर कै अनुग्रह म्ह बणे रहो|

पौलुस कै जरिये गैर-जात्तां म्ह प्रचार की सरूआत

44 आगलै सब्त कै दिन नगर के तकरीबन सारे आदमी पणमेशर का बचन सुनण नै कट्ठे हो गये| 45 पर यहूदी भीड़ नै देखकै डाह तै भरगे, अर बुराई करदे होये पौलुस की बात्त्तां कै बिरोध म्ह बोल्लण लाग्गे| 46 फेर पौलुस अर बरनबास हिम्मत करकै कहण लाग्गे, “जरूरी था के पणमेशर का बचन पहल्या थारै तै सुणाया जान्दा; पर जिब्ब थम उसनै दूर हटाओ सो, अर आपणे ताहीं अनन्त जीवन जोग्गा बनाओ, तो देक्खो, हम गैर-जात्त्तां कै कान्नी फिरां सां| 47 क्यूँके प्रभु नै म्हारै ताहीं यो हुक्म दिया सै, ‘मन्नै तेरै ताहीं गैर-जात्त्तां कै खातर चाँदणा ठहराया, ताके तू धरती कै छोर ताहीं उद्धार का दरवाजा हो’|”

48 न्यू सुणकै गैर-जात्त्तां आळे राज्जी होये, अर पणमेशर कै बचन की बड़ाई करण लाग्गे; अर जितने अनन्त जीवन कै खातर ठहराए गये थे, उन्नै बिश्वास करया| 49 फेर प्रभु का बचन उस सारे देश म्ह फैलाण लाग्या| 50 पर यहुदियां नै भगत अर आच्छे खानदान की लुगाईयां ताहीं अर नगर के खास आदमियां ताहीं उकसाया, अर पौलुस अर बरनबास कै खिलाफ रोळा कराकै उन ताहीं आपणी सीम तै लिकाड़ दिया| 51 फेर वे उनकै श्यामी पायां की धुळ झाड़कै इकुनियुम नै चले गये| 52 अर चेल्ले आनन्द अर पवित्र आत्मा तै भरदे चले गये|

14

इन्कुनियुम म्ह पौलुस अर बरनबास

1 इकुनियुम म्ह इसा होया के वे यहूदियां के आराधनालय म्ह गेल-गेल गये, अर इस ढाळ बात करी के यहूदियां अर युनानियां म्ह घण-खरया नै बिश्वास करया| 2 पर बिश्वास ना करणआळे यहूदियां नै गैर-जात्त्तां के मन भाईयां कै बिरोध म्ह उकसाये अर कडुवापण पैदा करया| 3 वे घणे दिन ताहीं उड़ै रहे, अर प्रभु कै भरोसै पै हिम्मत तै बात करैं थे; अर ओ उनकै हाथां तै निशान अर अनोक्खे काम करवाकै आपणे अनुग्रह के बचन पै गवाही देवै था| 4 पर नगर के आदमियां म्ह फूट पड़गी थी, इसतै घणए तो यहूदियां कान्नी अर घणए प्रेरितां कान्नी होग्ये| 5 पर जिब्ब गैर-जात्त्तां आळे अर यहूदी उनकी बेइज्जती करण नै अर उनकै पत्थर मारण कै खातर आपणे सरदारां सुदा उन कान्नी भाज्जे; 6 फेर वे इस बात नै जाण गे अर लुकाउनिया अर लुस्त्रा अर दिरबे नगरां म्ह, अर लोवै-धोरै के प्रदेशां म्ह भाजगे 7 अर ओड़ै सुसमाचार सुनाण लाग्गे|

लुस्त्रा अर दिरबे म्ह

8 लुस्त्रा म्ह एक माणस बैठ्या था, जो पायां तै लाचार था| ओ जन्म तै ए लंगड़ा अर कदे नी चाल्या था| 9 ओ पौलुस नै बात करदे सुणै था| पौलुस नै उसकी ओड़ टकटकी लाकै देख्या के उसनै चंगा होण का बिश्वास सै, 10 अर ठाड्डू आवाज म्ह बोल्या, “आपणे पायां कै बळ सीधा खड़या हो|” फेर ओ उछळकै चाल्लण-फिरण लाग्या| 11 आदमियां नै पौलुस का यो काम देखकै लुकाउनिया की भाषा म्ह ठाड्डू आवाज म्ह कह्या, “देवता माणस कै रूप म्ह होकै म्हारै धोरै उतर आये सैं|” 12 उन्नै बरनबास ताहीं ज्यूस, अर पौलुस ताहीं हिरमेस कहया क्यूँके ओ बात करण म्ह ख़ास था| 13 ज्यूस के उस मन्दर का पुजारी जो उनकै नगर कै श्यामी था, बैळद अर फुल्ला के हार फाटकां पै ल्याकै आदमियां कै गेल्या बलिदान करणा चाहवै था| 14 पर बरनबास अर पौलुस प्रेरितां नै जिब्ब यो सुणया, तो आपणे लत्त्ते पाड़े अर भीड़ म्ह लपके, अर रूक्का मारकै कहण लाग्गे, 15 “हे माणसो, थम के करो सो? हम भी तो थारे तरियां दुःख-सुख भोगण आळे माणस सां. अर थमनै सुसमाचार सुणावां सां के थम इन बेकार चिज्जां तै न्यारे होकै जिन्दे पणमेशर कै कान्नी फिरो, जिसनै सुर्ग अर धरती अर समुन्दर अर जो कीमे उनम्ह सै बणाया सै| 16 उसनै गुजरे बख्तां म्ह सारी जात्त्तां ताहीं आपणे-आपणे रास्तया पै चाल्लण दिया| 17 तो भी उसनै आपणे आप ताहीं बेगवाह कोनी छोड्या; बल्के ओ भलाई करदा रहया, अर अकास तै मिह अर फळआळी समो देकै थारै मन नै खाणा अर ख़ुशी तै भरदा रहया|” 18 न्यू कहकै भी उन्नै आदमियां ताहीं बड्डी मुश्किलां तै रोक्या के उनकै खातर बलिदान ना करैं|

19 पर कुछ यहूदिया नै अन्ताकिया अर इकुनियुम तै आकै आदमियां ताहीं आपणी ओड़ कर लिया, अर पौलुस पै पत्थर बरसाए, अर मरया होड़ सोचकै उस ताहीं नगर कै बाहरण घसीट लेगे| 20 पर चेल्ले जिब्ब उसकै चौगरदेकै आण खड़े होये, तो ओ उठकै नगर म्ह गया अर दुसरे दिन बरनबास कै गेल्या दिरबे कान्नी चल्या गया|

सीरिया के अन्ताकिया नै बोहड़ना

21 वे उस नगर के आदमियां ताहीं सुसमाचार सुणाकै अर घणे चेल्ले बणाकै, लुस्त्रा अर इकुनियुम अर अन्ताकिया नै बोहड़ आये, 22 अर चेल्यां के मनां नै स्थिर रऐ अर यो उपदेश देवै थे के बिश्वास म्ह बणे रहो; अर न्यू कहवै थे, “हमनै घणे दुःख ठाकै पणमेशर के राज्य म्ह बड़ना होगा|” 23 अर उन्नै हरेक कलीसिया म्ह उनकै खातर प्राचीन ठहराए, अर ब्रत सुदा प्रार्थना करकै उन ताहीं प्रभु कै हाथां म्ह सौप्या जिस पै उन्नै बिश्वास करया था|

24 फेर पिसिदिया तै होंदे होए वे पंफूलिया पहोच्चे; 25 फेर पिरगा म्ह बचन सुणाकै अत्तलिया म्ह आये, 26 अर ओड़ै तै वे जहाज पै अन्ताकिया गये, जित वे उस काम कै खातर जो उन्नै पूरा करया था पणमेशर के अनुग्रह म्ह सौपे गये थे| 27 ओड़ै पहोचकै उन्नै कलीसिया कट्ठी करी अर बताया के पणमेशर नै उनकै गेल्या होकै किसे बड्डे-बड्डे काम करे, अर गैर-जात्त्तां कै खातर बिश्वास का बारणा खोल दिया| 28 अर वे चेल्यां कै गेल्या घणे दिन ताहीं रऐ|

15

यरूशलेम की सभा

1 फेर कुछ आदमी यहूदिया तै आकै भाईयां नै सिखाण लाग्गे : “जै मूसा की रीत पै थारा खतना नीं हो तो थम उद्धार कोनी पा सकदे|” 2 जिब्ब पौलुस अर बरनबास का उनतै घणा रोळा अर बहस होई तो यो ठहराया गया के पौलुस अर बरनबास अर उनम्ह तै कीमे माणस इस बात कै बारै म्ह प्रेरितां अर प्राचीनां कै धोरै यरूशलेम नै जावै| 3 आखर म्ह कलीसिया नै उन ताहीं कुछ दूर ताहीं पहोचाया; अर वे फीनीके अर सामरिया तै होंदे होये गैर-जात्त्तां के मन फिराण का सुसमाचार सुणान्दे गये, अर सारे भाई घणे राज्जी होये| 4 जिब्ब वे यरूशलेम पहोच्चे, तो कलीसिया अर प्रेरित अर प्राचीन उनतै ख़ुशी कै गेल फेटटे, अर उन्नै बताया के पणमेशर नै उनकै गेल्या होकै किसे-किसे काम करे थे| 5 पर फरिसियाँ के पंथ म्ह तै जिन्नै बिश्वास करया था, उनम्ह तै कितनयाँ नै उठकै कह्या, “उन ताहीं खतना कराण अर मूसा के व्यवस्था नै मानण का हुक्म देणा चहिए|”

6 फेर प्रेरित अर प्राचीन इस बात कै बारै म्ह बिचार करण कै खातर कट्ठे होए| 7 फेर पतरस नै घणी बहस हो जाण कै पाच्छै खड़े होकै उनतै कह्या, “हे भाईयो, थमनै बेरा सै के घणे दिन होए पणमेशर नै थारै म्ह तै मेरै ताहीं छांट लिया के मेरै मुँह तै गैर-जात्त्तां आळे सुसमाचार का बचन सुणकै बिश्वास करै| 8 मन कै जाँचणआळे पणमेशर नै उन ताहीं भी म्हारै की तरियां पवित्र आत्मा देकै उनकी गवाही दी; 9 अर बिश्वास कै जरिये उनके मन शुद्ध करकै म्हारै म्ह अर उन म्ह कीमे फर्क कोनी राख्या| 10 तो इब थम क्यांतै पणमेशर का हिम्तान ल्यो सो के चेल्यां की नाड़ पै इसा जुआ धरो, जिसनै ना म्हारे बाप-दादे ठा सकै थे अर ना हम ठा सकां सां? 11 हम्बै, म्हारा यो यकीन सै के जिस तरियां तै वे प्रभु यीशु कै अनुग्रह तै उद्धार पावैंगें; उस्से तरियां तै हम भी पांवागें|”

12 फेर सारी पंचायत बोल-बाल्ली बरनबास अर पौलुस की सुणन लाग्गी, के पणमेशर नै उनकै जरिये गैर-जात्त्तां म्ह किसे बड्डे-बड्डे निशान, अर अनोक्खे काम दिखाए| 13 जिब्ब वे चुप होये तो याकूब कहण लाग्या, “हे भाईयो, मेरी सुणो| 14 शमौन नै बताया के पणमेशर नै पहल्ये-पहल गैर-जात्त्तां पै कीसी दया की निगांह करी के उनम्ह तै आपणे नाम कै खातर एक प्रजा बणा ले| 15 इसतै नब्बियाँ की बात भी मिलै सै, जिसा के लिख्या सै,

16 ‘इसकै पाच्छै मै फेर आकै दाऊद का पड़या होड़ डेरा उठाऊँगा, अर उसके खण्डरां नै दुबारा बणाऊँगा, अर उस ताहीं खड़या करुँगा, 17 ज्यांतै के बचे होड़ माणस, यानिके सारी गैर-जात जो मेरै नाम की कुहवावैं सैं, प्रभु नै टोहवैं, 18 न्यू ओए प्रभु कहवै सै जो दुनिया की सरूआत तै इन बात्त्तां की खबर देंदा आया सै|’

19 ज्यांतै मेरा बिचार यो सै के गैर-जात्त्तां म्ह तै जो आदमी पणमेशर कै कान्नी फिरैं सैं, हम उन ताहीं दुःख ना देवां; 20 पर उन ताहीं लिख भेजै के वे मूर्तियाँ की अशुद्धताओं अर जारी अर गला घोंटे होया के मांस तै अर लहू तै दूर रहे| 21 क्यूँके गुजरे बख्तां तै नगर-नगर मूसा के व्यवस्था का प्रचार करण आळे होंदे चले आये सै, अर वा हरेक सब्त कै दिन आराधनालय म्ह पढ़ी जावै सै|”

गैर-जात बिश्वासियाँ ताहीं चिट्ठी

22 फेर सारी कलीसिया सुदा प्रेरितां अर प्राचीनां नै आच्छा लाग्या के आपणे म्ह तै कीमे माणसां नै छाँटै, यानिके यहूदा जो बरसब्बा कुहवावै सै, अर सिलास ताहीं जो भाईयां म्ह मुखिया थे; अर उन ताहीं पौलुस अर बरनबास कै गेल्या अन्ताकिया खन्दावै| 23 उन्नै उनकै हाथ यो लिख खन्दाया : “अन्ताकिया अर सीरिया अर किलिकिया के रहणीये भाईयां नै जो गैर-जात्त्तां म्ह तै सै, प्रेरितां अर प्राचीन भाईयां का नमस्कार| 24 हमनै सुणयां सै के म्हारै म्ह तै कुछां नै ओड़ै जाकै, थारै ताहीं आपणी बात्त्तां तै डरा दिया; अर थारै मन उलट दिये सै पर हमनै उन ताहीं हुक्म कोनी दिया था| 25 इसकरकै हमनै एक चित होकै ठीक समझया के छांटे होड़ माणसां ताहीं आपणे प्यारे बरनबास अर पौलुस कै गेल्या थारै धोरै खन्दावां| 26 ये इसे माणस सैं जिन्नै आपणी ज्यांन म्हारै प्रभु यीशु मसीह कै नाम कै खातर जोख्खम म्ह गेरी सैं| 27 ज्यांतै हमनै यहूदा अर सिलास ताहीं खन्दाया सै, जो आपणे मुँह तै भी ये बात कह देवैगें| 28 पवित्र आत्मा नै अर हमनै ठीक जाण पाट्टी के इन जरूरी बात्त्तां नै छोड़, थारै पै और बोझ ना गेरै; 29 के थम मूर्तियाँ पै बलि करे होया तै अर लहू तै, अर गळा घोंटे होया के मांस तै, अर जारी तै दूर रहो| इनतै दूर रहो तो थारा भला होगा| आगै शुभ|”

30 फेर वे बिदा होकै अन्ताकिया पहोच्चे, अर पंचायत नै कट्ठी करकै वा चिट्ठी उन ताहीं दे दी| 31 वे चिट्ठी पढ़कै उस उपदेश की बात तै घणे राज्जी होये| 32 यहूदा अर सीलास नै जो आप भी नब्बी थे, घणी बात्त्तां तै भाईयां ताहीं उपदेश देकै पक्का करया| 33 वे कुछे दिन रहकै, भाईयां नै शान्ति कै गेल्या बिदा होए के आपणे खन्दाणआळा कै धोरै जावै| 34 (पर सीलास नै ओड़ै रहणा आच्छा लाग्या|) 35 पर पौलुस अर बरनबास अन्ताकिया म्ह रह गये : अर और घण-खरे आदमियां कै गेल्या प्रभु कै बचन का उपदेश करदे अर सुसमाचार सुणान्दे रहे|

पौलुस की दूसरी प्रचार-यात्रा; पौलुस अर बरनबास म्ह मतभेद

36 कुछे दिनां पाच्छै पौलुस नै बरनबास तै कह्या, “जिन-जिन नगरां म्ह हमनै प्रभु का बचन सुणाया था, आओ, फेर उनम्ह चालकै आपणे भाईयां ताहीं देखै के वे किस तरियां सैं|” 37 फेर बरनबास नै युहन्ना ताहीं जो मरकुस कुहवावै सै, गेल्या लेण का बिचार करया| 38 पर पौलुस नै उस ताहीं जो पंफूलिया म्ह उनतै न्यारा होग्या था, अर काम पै उनकै गेल्या कोनी गया, गेल्या ले जाणा सई कोनी समझया| 39 आखर म्ह इसा रोळा होया के वे एक-दुसरे तै न्यारे पाटगे; अर बरनबास, मरकुस नै लेकै जहाज पै साइप्रस चल्या गया| 40 पर पौलुस नै सीलास ताहीं छांट लिया, अर भाईयां तै पणमेशर कै अनुग्रह म्ह सौंपया जाकै ओड़ै तै चल्या गया; 41 अर ओ कलिसियाँ ताहीं स्थिर करदा होया सीरिया अर किलिकिया तै होंदे होए लिकड़या|

16

पौलुस का तीमुथियुस ताहीं गेल लेणा

1 फेर वो दीरबे अर लुस्त्रा म्ह भी गया| ओड़ै तिमुथियुस नाम का एक चेल्ला था, जो किसे बिश्वासी यहुदिनी का बेट्टा था, पर उसका बाप यूनानी था| 2 वो लुस्त्रा अर इकुनियुम के भाईयां म्ह बढ़िया नाम्मी था| 3 पौलुस की मर्जी या थी के वो उसके गेल्या जावै; अर जो यहूदी माणस उन जंगहा म्ह थे उनकै कारण उन्नै उनका खतना करया, क्यूँके वे सारे जाणै थे, के उनका बाप यूनानी था| 4 अर नगर-नगर जांदे होड़ वे उन तौर-तरीकियां नै जो यरूशलेम के प्रेरितां अर प्राचीनां नै ठहराई थी, माणस कै खातर खन्दाया करैं थे| 5 इस तरियां कलीसिया बिश्वास म्ह पक्की होंदी गई अर गिणती दिन-ब-दिन बधती गई|

त्रोआस म्ह : पौलुस का दर्शन

6 वे फ्रुगिया अर गलातिया प्रदेशां म्ह तै होकै गये, क्यूँके पवित्र आत्मा नै उन्नै एशिया म्ह बचन सुनाण तै मना करया| 7 उन्नै मूसिया कै लोवै पहोचकै, बितूनिया म्ह जाणा चाहया; पर यीशु की आत्मा नै उन ताहीं जाण कोनी दिया| 8 आखर म्ह वे मूसिया तै होकै त्रोआस म्ह आये| 9 ओड़ै पौलुस नै रात नै दर्शन देख्या के एक मकिदुनी माणस खड़या होया उनतै बिनती करकै कहण लागरया सै, “पार उतर कै मकिदुनिया म्ह आ, अर म्हारी मदद कर|” 10 उसकै यो दर्शन देखदए हम नै जिब्बे मकिदुनिया जाणा चाहया, न्यू सोच कै के पणमेशर नै म्हारै ताहीं उन तै सुसमाचार सुनाण कै खातर बुलाया सै|

फिलिप्पी म्ह :लुदिया का हृदय-परिवर्तन

11 इसकरकै त्रोआस तै जहाज खोलकै हम सीधे सुमात्राके अर दुसरे दिन नियापुलिस म्ह आये| 12 ओड़ै तै हम फिलिप्पी पहोच्चे, जो मकिदुनिया प्रान्त का खास नगर अर रोमिया का मोहल्ला सै; अर हम उस नगर कुछे दिन रहे| 13 सब्त कै दिन हम नगर कै फाटक कै बाहरण नदी कै कंठारै न्यू सोच कै गये के ओड़ै प्रार्थना करण की जंगहा होगी, अर बैठ कै उन लुगाईयाँ तै जो कट्ठी होई थी, बतळाण लाग्गे| 14 लुदिया नाम की थुआथिरा नगर की बैंजनी लत्त्ते बेचण आळी एक भगतणी सुनण लागरी थी| प्रभु नै उसका मन खोलया के वा पौलुस की बात्त्तां पै चित्त लगावै| 15 जिब्ब उसनै आपणे कुन्बै सुदा बपतिस्मा लिया, तो उसनै महारै तै बिनती करी, “जै थम मन्नै प्रभु की बिश्वासिणी समझो सो, तो चालकै मेरै घर म्ह रहो,” अर वा हमनै मनाकै ले गई|

पौलुस अर सीलास जेळ म्ह

16 जिब्ब हम प्रार्थना करण की जंगहा पै जाण लागरे थे, तो हमनै एक दासी फेट्टी जिसम्ह भावी कहण आळी आत्मा थी; अर भावी कहण तै आपणे मालिकां कै खातर कीमे आच्छा ए कमा लेवै थी| 17 वा पोलुस कै अर म्हारै पाच्छै आकै नै किलकी मारण लाग्गी, “ये माणस परमप्रधान पणमेशर के दास सै, जो म्हार ताहीं उद्धार के राह की कहानी सुणावै सै|” 18 वा घणे दिनां ताहीं न्यू ए करदी रही; पर पौलुस काल होग्या, अर बोहड़कै उस आत्मा तै बोल्या, “मै तन्नै यीशु मसीह कै नाम तै हुक्म द्युँ सूं के उस म्ह तै बाहरण लिकड़ जा|” अर वा उस्से टेम लिकड़ गी|

19 जिब्ब उसके मालिकां नै देख्या के म्हारी कमाई की आस खत्म होग्यी, तो पौलुस अर सीलास नै पकड़ कै चौक म्ह प्रधानां कै धोरै खींच ल्याए; 20 . अर उन ताहीं फौजदारी के हाकिमां कै धोरै ली याए अर बोल्ले, “ये माणस जो यहूदी सै, म्हारे नगर म्ह रोळा मचाण लागरे सैं; 21 . अर इसे रीत-रिवाज बतावै सै, जिन ताहीं हम रोमियाँ कै खातर अपणाना सई कोनी|” 22 फेर भीड़ के माणस उनकै बिरोध म्ह कट्ठे होकै उन पै चढ़ याए, अर हाकिमां नै उनके लत्त्ते पाड़ कै उतार दिये, अर उनकै बैत मारण का हुक्म दिया| 23 घणी बैत मारे पाच्छै उन्नै उन ताहीं जेळ म्ह गेर दिया अर थानेदार ताहीं हुक्म दिया के उन्नै चौक्कस राखिये| 24 उसनै इसा हुक्म पाकै उन ताहीं भीत्त्तरली कोठड़ी म्ह राख्या अर उनके पाँ काठ म्ह ठोंक दियेI

पौलुस अर सीलास की जेळ तै मुक्ति

25 . आधी रात कै टेम पौलुस अर सीलास प्रार्थना करदे होये भजन गाण लागरे थे, अर कैदी उनकी सुणन लागरे थेI 26 इतनै म्ह चाणचक बड्डा हाल्लण आग्या, उरै ताहीं के जेळ की नींव भी हालगी, अर जिब्बे सारे दरवाजे खुलगे; अर सारया के बन्धन खुलकै पड़गे| 27 थानेदार जागग्या, अर जेळ के दरवाजे खुले देख कै समझ गया के कैदी भाजगे सै, इस करकै उसनै तलवार खींच कै खुद ताहीं मारणा चाहया| 28 पर पौलुस नै ठाड्डू आवाज म्ह रूक्का मारया, “आपणे आप नै कीमे नुकसान ना पहोचाइये, क्यूँके हम सारे उरै ए सां|” 29 फेर ओ दिवां मँगाकै भीतराण लपक्या, अर काम्बदा होया पौलुस अर सीलास कै आगै पड़या; 30 अर उन ताहीं बाहरण ल्याकै बोल्या, “हे भले माणसो, उद्धार पाण कै खातर मै के करूँ?” 31 उन्नै कह्या, “प्रभु यीशु मसीह पै बिश्वास कर, तो तू अर तेरा कुणबा उद्धार पावैगा|” 32 अर उन्नै उस ताहीं अर उसके सारे घर के माणसां ताहीं प्रभु का बचन सुणाया| 33 रात नै उस्से टेम उसनै उन ताहीं ले जाकै उनके घाव धोये, अर उसनै आपणे सारे माणसां सुदा जिब्बे बपतिस्मा लिया| 34 फेर उसनै उन ताहीं आपणे घरा ले जाकै उनकै आगै खाणा धरया, अर साब्ते कुणबे सुदा पणमेशर पै बिश्वास करकै आनन्द करया|

35 जिब्ब दिन लिकड़या फेर हाकिमां नै सिपाहियां के हाथां कुहवा भेज्या के उन माणसां नै छोड़ द्यो| 36 थानेदार नै ये बात पौलुस तै कहीं, “हाकिमां नै आप ताहीं छोड़ देण का हुक्म दिया सै| ज्यांतै इब राज्जी-ख़ुशी तै जाओ|” 37 पर पौलुस नै उनतै कह्या, “उन्नै म्हारै ताहीं जो रोमी माणस सैं, कसूरवार ठहराए बिना माणसां कै श्यामी मारया अर जेळ म्ह गेरया| इब के हमनै बोल-बाल्ले लिकाड़ण लागरे सै? इसा कोनी; पर वे खुद आकै हमनै बाहरण लिकाड़ै|” 38 सिपाहियां नै ये बात हाकिमां तै कहीं, अर वे न्यू सुणकै के रोमी सैं, डरगे, 39 अर आकै उन ताहीं मनाया, अर बाहरण ले जाकै बिनती करी के नगर चले जाओ| 40 वे जेळ तै लिकड़कै लुदिया कै उरै गये, अर भाईयां तै भेँट करकै उन ताहीं शान्ति देई, अर चले गये|

17

थिस्सुलुनीके नगर म्ह

1 फेर वे अम्फिपुलिस अर अपुल्लोनिया होकै थिस्सलुनीके म्ह आये, जित यहूदिया का एक आराधनालय था| 2 पौलुस आपणी रीत कै मुताबिक उनकै धोरै गया, अर तीन सब्त कै दिन पवित्रशास्त्र म्ह तै उनकै गेल्या बहस करी; 3 अर ओ उनका मतलब खोल-खोलकै समझावै था के मसीह नै दुःख ठाणा, अर मरे होया म्ह तै जिन्दा उठणा, जरूरी था; अर “योए यीशु जिसकी मै थमनै कहानी सुणाऊँ सूं, मसीह सै|” 4 उनम्ह तै कितन्यां नै, अर भगत युनानियां म्ह तै घण-खरया नै, अर घणी आच्छे खानदान की लुगाईयां नै मान लिया, अर पौलुस अर सीलास कै गेल्या मिलगे| 5 पर यहूदियां नै डाह तै भरकै बाजारू माणसां म्ह तै कुछ दुष्ट माणसां ताहीं आपणे गेल्या लिया, अर भीड़ कट्ठी करकै नगर म्ह रोळा मचाण लाग्गे, अर यासोन कै घर पै चढाई करकै उन ताहीं आदमियां कै श्यामी ल्याणा चाहया| 6 उन्नै जिब वे ओड़ै नीं मिल्ले तो वे किल्की मारदे होए यासोन अर कुछ भाईयां ताहीं नगर के हाकिमां कै श्यामी खींच ल्याए, “ये माणस जिन्नै दुनिया ताहीं उल्टा-पुल्टा कर दिया सै, उरै भी आ लिए सै| 7 यासोन नै उन ताहीं आपणे उरै तारया सै| ये सारे के सारे न्यू कहवै सै के यीशु राजा सै, अर कैसर के हुकमां का बिरोध करै सै|” 8 उन्नै आदमियां ताहीं अर नगर के हाकिमां ताहीं न्यू सुणाकै डरा दिया| 9 ज्यांतै उन्नै यासोन अर बाकी माणसां तै मुचलका या फिरोत्त्ती लेकै उन ताहीं छोड़ दिया|

बिरिया नगर म्ह

10 भाईयां नै जिब्बे रात-ए-रात पौलुस अर सीलास ताहीं बिरीया खन्दा दिया; अर वे ओड़ै पहोचकै यहूदियां के आराधनालय म्ह गये| 11 ये माणस तो थिस्सलुनीके के यहूदियां तै आच्छे थे, अर उन्नै घणे चा तै बचन अपणाया, अर हर-रोज पवित्र शास्त्रा म्ह टोहन्दे रहे के ये बात न्यू सै के नीं| 12 ज्यांतै उनम्ह तै घण-खरया नै, अर यूनानी आच्छे खानदान की लुगाईयां म्ह तै अर माणसां म्ह तै भी घण-खरया नै बिश्वास करया| 13 पर जिब्ब थिस्सलुनीके के यहूदी जाणगे के पौलुस बिरीया म्ह भी पणमेशर का बचन सुणावै सै, तो ओड़ै भी माणसां ताहीं उकसाण अर गड़बड़ मचाण लाग्गे| 14 फेर भाईया नै जिब्बे पौलुस ताहीं बिदा करया के समुन्दर कै कंठारै चल्या जावै; पर सीलास अर तीमुथियुस ओड़ए रहगे| 15 पौलुस ताहीं पहोचाण आळे उस ताहीं एथेंस ताहीं लेगे; अर सीलास अर तीमुथियुस कै खातर या आज्ञा पाकै बिदा होए के उसकै धोरै घणी तगाजै तै आये|

एथेंस नगर म्ह

16 जिब्ब पौलुस एथेंस म्ह उसकी बाट देखै था, तो नगर नै मूर्तियाँ तै भरया होड़ देखकै उसका जी जळग्या| 17 आखर म्ह ओ आराधनालय म्ह यहूदियां तै अर भगतां तै, अर चौक म्ह जो माणस उसतै फेटै थे उनतै हरेक दिन बहस करया करै था| 18 फेर इपिकुरी अर स्तोईकी पण्डितां म्ह तै कुछे उसतै तर्क करण लाग्गे, अर कुछां नै कहया, “यो बकवादी के कहणा चाहवै सै?” पर दूसरयां नै कहया, “ओ गैर-देवतायां का प्रचारक दीक्खै सै”----क्यूँके ओ यीशु का अर पुनरुत्थान का सुसमाचार सुणावै था| 19 फेर वे उसनै आपणे गेल्या अरियुपगुस पै लेगे अर बुझ्झया, “के हम जाण सकां सां के यो नया मत जो तू सुणावै सै, के सै? 20 क्यूँके तू अनोक्खी बात म्हारै ताहीं सुणावै सै, ज्यांतै हम जाणना चाहवां सां के इनका के मतलब सै|” 21 (ज्यांतै के सारे एथेंसवासी अर परदेशी जो ओड़ै रहवै थे, नयी-नयी बात कहण अर सुणन कै सीवाय और किसे काम म्ह टेम कोनी बितावैं थे|)

अरियुपगुस की सभा म्ह पौलुस का भाषण

22 फेर पौलुस नै अरियुपगुस कै बिच्चाळै खड़े होकै कह्या, “हे एथेंस के माणसो, मै देक्खूँ सूं के थम हर बात म्ह देवतायां के घणे मानण आळे सो| 23 क्यूँके मै हांडदे होये जिब्ब थारी पुज्जण की चिज्जां नै देखण लागरया था, तो एक इसी वेदी भी मिली, जिस पै लिख्या था, ‘अनजाण ईश्वर कै खातर|’ इसकरकै जिसनै थम बिना बेरे पूज्जो सो, मै थमनै उसका सुसमाचार सुणाऊँ सूं| 24 जिस पणमेशर नै धरती अर उसकी सारी चिज्जां ताहीं बणाया, ओ सुर्ग अर धरती का मालिक होकै, हाथ के बणाए होड़ मन्दरियां म्ह कोनी रहन्दा; 25 ना किसे चीज की जरूत कै बाबत माणसां के हाथां की सेवा लेवै सै, क्यूँके ओ तो खुदे सारया ताहीं जिन्दगी अर सांस अर सारा कीमे देवै सै| 26 उसनै एक ए मूल तै माणसां की सारी जात सारी धरती पै रहण कै खातर बणाई सै; अर उनकै ठहराए होड़ टेम अर रहण या निवास की हदां ताहीं ज्यांतै बाँधया सै, 27 के वे पणमेशर नै टोहवै, कदाचित उस ताहीं टटोळकै पावै, फेरभी ओ म्हारै म्ह तै किसे तै दूर कोनी| 28 क्यूँके हम उस्से म्ह जिन्दे रहकै, अर चाल-फिरकै, अर स्थिर रहवां सां; जिस ढाळ थारे कितने कवियाँ नै भी कहया सै, ‘हम तो उस्से के वंशज सां|’ 29 आखर म्ह पणमेशर का बंश होकै म्हारा यो समझणा सई कोनी के ईश्वरत्व सोन्ने या रपिये या पत्थर के जिसा सै, जो माणसां की कारीगरी अर कल्पना तै गढ़े गये हों| 30 ज्यांतै पणमेशर नै अज्ञानता के टेम्मां पै ख्यास कोनी करी, पर इब हरेक जंगहा सारे माणसां ताहीं मन फिराण का हुक्म देवै सै| 31 क्यूँके उसनै एक दिन ठहराया सै, जिसम्ह ओ उस माणस के जरिये धर्म तै दुनिया का न्याय करैगा, जिस ताहीं उसनै ठहराया सै, अर उस ताहीं मरे होया म्ह तै जिन्दा करकै या बात सारया पै साबित कर दी सै|”

32 मरे होया के पुनरुत्थान की बात सुणकै कीमे तो मखौल करण लाग्गे, अर कुछां नै कह्या, “या बात हम तेरै तै फेर कदे सुणांगें|” 33 इसपै पौलुस उनकै बिच्चाळै तै लिकड़ग्या| 34 पर कीमे माणस उसकै गेल्या मिलगे, अर बिश्वास करया; जिनम्ह दियुनुसियुस जो अरियुपगुस का मेम्बर था, अर दमरिस नामकी एक लुगाई थी, अर उनकै गेल्या और भी माणस थे|

18

कुरिन्थुस नगर म्ह

1 इसकै पाच्छै पौलुस एथेंस नै छोड़कै कुरिन्थुस म्ह आया| 2 ओड़ै उसनै अक्विला नामक एक यहूदी फेट्या, जिसका जन्म पुन्तुस म्ह होया था| ओ आपणी बीरबान्नी प्रिसकिल्ला कै गेल्या इटली तै इब्बै ए आया था, क्यूँके क्लौदियुस नै सारे यहूदियां ताहीं रोम तै लिकड़ जाण का हुक्म दिया था| ज्यांतै ओ उनकै उरै गया| 3 उसका अर उनका एक ए काम-धन्धा था, इसकरकै ओ उनकै गेल्या रहया अर वे काम करण लाग्गे; अर उनका काम-धन्धा तम्बू बनाण का था| 4 ओ हरेक सब्त कै दिन आराधनालय म्ह बहस करकै यहूदियां अर युनानियां ताहीं भी समझावै था|

5 जिब्ब सीलास अर तीमुथियुस मकिदुनिया तै आये, तो पौलुस बचन सुनाण की धुन म्ह यहूदियां ताहीं गवाही देण लाग्या के यीशु ए मसीह सै| 6 पर जिब्ब वे बिरोध अर बुराई करण लाग्गे, तो उसनै आपणे लत्त्ते झाड़कै उनतै कह्या, “थारा लहू थारी ए नाड़ पै रहवै! मै बेकसूर सूं| इब तै मै गैर-जात्त्तां कै धोरै जाऊँगा|” 7 ओड़ै तै चालकै ओ तितुस यूस्तुस नामक पणमेशर के एक भगत कै घरा आया; जिसका घर आराधनालय तै लाग्या होड़ था| 8 फेर आराधनालय के सरदार क्रिसपुस नै आपणे सारे कुन्बे सुदा प्रभु पै बिश्वास करया; अर घण-खरे कुरिन्थवासी सुणकै बिश्वास लाये, अर बपतिस्मा लिया| 9 प्रभु नै एक रात दर्शन कै जरिये पौलुस तै कह्या, “मतना डरै, बल्के कहे जा अर बोल-बाल्ला मतना रहवै; 10 क्यूँके मै तेरै गेल सूं, अर कोए तेरै पै चढ़ाई करकै तेरा नुकसान कोनी करैगा; क्यूँके इस नगर म्ह मेरे घणे माणस सैं|” 11 ज्यांतै ओ उनम्ह पणमेशर का बचन सिखान्दे होये डेढ़ साल ताहीं रहया|

12 जिब्ब गल्लियो अखाया देश का हाकिम था, तो यहूदी माणस एक्का करकै पौलुस पै चढ़ आये, अर उस ताहीं न्याय गद्दी कै श्यामी ल्याकै कहण लाग्गे, 13 “यो माणसां नै समझावै सै के पणमेशर की उपासना इस ढंग तै करो, जो व्यवस्था कै विपरीत सै|” 14 जिब्ब पौलुस बोल्लण पै ए था, तो गल्लियो नै यहूदियां ताहीं कह्या, “हे यहूदियों, जै या कीमे अन्याय या दुष्टता की बात होन्दी, तो सई था के मै थारी सुण्दा| 15 पर जै या बहस शब्दां, अर नामां, अर थारे उरै के व्यवस्था कै बारै सै, तो थम ए जाणों; क्यूँके मै इन बात्त्तां का जज कोनी बणना चाहन्दा|” 16 अर उसनै उन ताहीं न्याय गद्दी कै श्यामी तै लिकाड़ दिया| 17 जद सारे माणसां नै आराधनालय के सरदार सोस्थिनेस ताहीं पकड़कै न्याय गद्दी कै श्यामी मारया| पर गल्लियो नै इन बात्त्तां की भी कीमे चिन्ता कोनी करी|

अन्ताकिया नै बोहड़ना

18 पौलुस घणे दिन ताहीं उरै रहया| फेर भाईयां तै बिदा होकै किंख्रिया म्ह ज्यांतै सिर मुण्डाया, क्यूँके उसनै मन्नत मान्नी थी, अर जहाज पै सीरिया नै चल्या गया अर उसकै गेल्या प्रिसकिल्ला अर अक्विला थे| 19 उसनै इफिसुस पहोचकै उन ताहीं ओड़ै छोड्या, अर खुद आराधनालय म्ह जाकै यहूदियां तै बहस करण लाग्या| 20 जिब्ब उन्नै उसतै बिनती करी, “म्हारै गेल्या कीमे और दिन रह|” तो उसनै कोनी मान्नी; 21 पर न्यू कहकै उसतै बिदा होया, “जै पणमेशर नै चाहया तो मै थारै धोरै फेर आऊँगा|” फेर ओ इफिसुस तै जहाज खोलकै चाल दिया; 22 अर कैसरिया म्ह उतरकै (यरूशलेम नै) गया अर कलीसिया ताहीं नमस्कार करकै अन्ताकिया म्ह आया|

पौलुस की तीसरी प्रचार-यात्रा

23 फेर कीमे दिन रहकै ओ ओड़ै तै लिकड़या, अर एक ओर तै गलतिया अर फ्रुगिया प्रदेशां म्ह सारे चेल्यां ताहीं स्थिर करदा हांडया|

इफिफुस नगर म्ह अपौलुस

24 अपुल्लोस नामक एक यहूदी, जिसका जन्म सिकन्दरिया म्ह होया था, जो ज्ञानी माणस था अर पवित्रग्रन्थ ताहीं आच्छी तरियां तै जाणै था, इफिसुस म्ह आया| 25 उसनै प्रभु कै राह की शिक्षा पाई थी, अर मन लाकै यीशु कै बारै म्ह सई-सई सुणावै अर सिखावै था, पर ओ सिर्फ युहन्ना कै बपतिस्मा की बात जाणै था| 26 ओ आराधनालय म्ह बिना डरे बोल्लण लाग्या, पर प्रिसकिल्ला अर अक्विला उसकी बात सुणकै उस ताहीं आपणे उरै ले गे अर पणमेशर की राह उस ताहीं और भी सई-सई बताई| 27 जिब्ब उसनै निश्चय करया के पार उतरकै अखाया नै जावै तो भाईयां नै उस ताहीं धीरज बन्धाकै चेल्यां ताहीं लिख्या के वे उसतै आच्छी ढाळ फेटै; अर उसनै ओड़ै पहोचकै उन माणसां की घणी मदद करी जिन्नै अनुग्रह कै कारण बिश्वास करया था| 28 क्यूँके ओ पवित्रग्रन्थ तै सबूत दे-देकै के यीशु ए मसीह सै, घणे तावळे पण तै यहूदियां ताहीं सारया कै श्यामी निरुतर (बोलती बन्द) करदा रहया|

19

इफिसुस नगर म्ह पौलुस

1 जिब्ब अपुल्लोस कुरिन्थस म्ह था, तो पौलुस ऊप्पर के सारे प्रदेश तै होकै इफिसुस म्ह आया| ओड़ै कई चेल्यां ताहीं देखकै 2 उनतै बोल्या, “के थमनै बिश्वास करदे टेम पवित्र आत्मा पाया?” उन्नै उसतै कह्या, “हमनै तो पवित्र आत्मा का जिक्रा भी कोनी सुणया|” 3 उसनै उनतै कह्या, “तो फेर थमनै किसका बपतिस्मा लिया?” वे बोल्ले, “युहन्ना का बपतिस्मा|” 4 पौलुस बोल्या, “युहन्ना नै न्यू कहकै मन फिराण का बपतिस्मा दिया के जो मेरै पाच्छै आण आळा सै, उस पै यानिके यीशु पै बिश्वास करयो|” 5 न्यू सुणकै उन्नै प्रभु यीशु कै नाम म्ह बपतिस्मा लिया| 6 जिब्ब पौलुस नै उन पै हाथ धरे, तो पवित्र आत्मा उन पै उतरया, अर वे न्यारी-न्यारी भाषा बोल्लण अर भविष्यवाणी करण लाग्गे| 7 ये सारे करीबन बारहा माणस थे|

8 ओ आराधनालय म्ह जाकै तीन महिन्ने ताहीं बिना डरे होकै बोल्दा रहया, अर पणमेशर के राज्य कै बारै म्ह बहस करदा अर समझान्दा रहया| 9 पर जिब्ब कीमे माणसां नै करड़े होकै उसकी नीं मान्नी बल्के माणसां कै श्यामी इस राह नै भुंडा कहण लाग्गे, तो उसनै उन ताहीं छोड़ दिया अर चेल्यां ताहीं न्यारा कर लिया, अर रोज तुरन्नुस की पाठशाला म्ह बहस करया करै था| 10 दो साल ताहीं न्यू ए होन्दा रहया, उरै ताहीं के आसिया के रहणीये के यहूदी के यूनानी सारया नै प्रभु का बचन सुण लिया|

11 पणमेशर पौलुस के हाथां तै सामर्थ के अनोक्खे काम दिखावै था| 12 उरै ताहीं के रूमाल अर अन्गोंछे उसकै गात तै छुआ कै बिमारां पै गेरै थे, अर उनकी बीमारी जान्दी रहवैं थीं; अर भूंडी औपरी आत्मां उनम्ह तै लिकड़ जाया करै थीं| 13 पर कीमे यहूदी जो झाड़ा-फूँकी करदे हान्डै थे, न्यू करण लाग्गे के जिनम्ह भूंडी औपरी आत्मा हो उन पै प्रभु यीशु का नाम न्यू कहकै फूँके, “जिस यीशु का प्रचार पौलुस करै सै, मै थारै ताहीं उस्से की सूंह द्युँ सूं|” 14 अर स्क्किवा नाम का एक यहूदी प्रधान याजक के सात बेट्टे थे, जो इस्से तरियां ए करैं थे| 15 पर भूंडी औपरी आत्मा नै उन ताहीं जबाब दिया, “यीशु ताहीं मै जांणु सूं, अर पौलुस ताहीं भी पिच्छाणु सूं, पर थम कौण सो?” 16 अर उस माणस नै जिसम्ह भूंडी औपरी आत्मा थी उन पै लपककै अर उन ताहीं बस म्ह ल्याकै, उन पै इसा खण्डत मचाया के वे उघाड़े अर घायल होकै उस घर तै लिकड़ भाज्जे| 17 या बात इफिसुस के रहणआळे सारे यहूदी अर यूनानी भी जाण गे, अर वे सारे डर गे; अर प्रभु यीशु कै नाम की बड़ाई होई| 18 जिन्नै बिश्वास करया था, उनम्ह तै घण-खरया नै आकै आपणे-आपणे काम्मां ताहीं मान लिया अर दिखा दिया| 19 जादू करण आळयां म्ह तै घणा ए नै आपणी-आपणी पोथियाँ कट्ठी करकै सारया कै श्यामी जळा दीं, अर जिब्ब उसका दाम जोड़या गया, तो पचास हजार चाँदी के सिक्के कै बराबर लिकड़या| 20 इस तरियां प्रभु का बचन हान्गे कै बळ फ़ैलदा अर हावी होंदा गया|

21 जिब्ब ये बात हो ली तो पौलुस नै आत्मा म्ह ठाणा के मकिदुनिया अर अखाया तै होकै यरूशलेम नै जाऊँ, अर बोल्या, “ओड़ै जाण कै बाद मन्नै रोम ताहीं भी देखणा जरूरी सै|” 22 इसकरकै आपणी सेवा करणीयां म्ह तै तीमुथियुस अर इरास्तुस ताहीं मकिदुनिया खन्दाकै खुद कीमे दिन आसिया म्ह रहग्या|

इफिसुस म्ह उपद्रव

23 उस टेम उस पन्थ कै बारै म्ह घणा रोळा माच्या| 24 क्यूँके देमेत्रियुस नाम का एक सुनार अरतिमिस के चाँदी के मन्दर बणवाकै कारिगरां ताहीं घणा काम दुवाया करै था| 25 उसनै उन ताहीं अर इस्से तरियां की चिज्जां के कारिगरां ताहीं कट्ठा करकै कह्या, “हे माणसो, थमनै बेरा सै के इस काम तै हमनै कितना धन मिलै सै| 26 थम देक्खो अर सुणो सो के सिर्फ इफिसुस म्ह ए कोनी, बल्के कई बर सारे आसिया म्ह न्यू कह-कहकै इस पौलुस नै घणे माणसां ताहीं समझाया अर भकाया भी सै, के जो हाथ की कारीगरी सै, वे ईश्वर कोनी| 27 इसतै इब सिर्फ इस्से बात का ए भय नीं सै के म्हारै इस धन्धे की इज्जत-मान जान्दी रहवैगी, बल्के न्यू भी के महान देबी अरतिमिस का मन्दर तुच्छ समझया जावैगा, अर जिस ताहीं सारा आसिया अर दुनिया पूज्जै सै उसका महत्व भी जान्दा रहवैगा|”

28 वे न्यू सुणकै खुन्दक तै भर गे अर किल्की मार-मारकै कहण लाग्गे, “इफिसियाँ की अरतिमिस, महान सै!” 29 अर सारे नगर म्ह घणा रोळा माचग्या, अर माणसां नै मकिदुनियावासी गयुस अर अरिस्तर्खुस ताहीं जो पौलुस के संगी मुसाफर थे, पकड़ लिया, अर एक सेत्त्ती रंगशाला म्ह भाज गे| 30 जिब्ब पौलुस नै माणसां कै धोरै भीत्त्तर जाणा चाहया तो चेल्यां नै उस ताहीं जाण नीं दिया| 31 आसिया के हाकिमां म्ह तै भी उसके कई ढब्बियां नै उसकै धोरै कुहवा भेज्या अर बिनती करी के रंगशाला म्ह जाकै जोख्खम नीं ठाणा| 32 ओड़ै कोए कीमे चिल्लावै था अर कोए कीमे, क्यूँके पंचायत म्ह घणी गड़बड़ी होरी थी, अर घणखरे माणस न्यू जाणै भी कोनी थे की हम क्यां खातर कट्ठे होए सां| 33 फेर उन्नै सिकन्दर ताहीं, जिस ताहीं यहूदियां नै खड़या करया था, भीड़ म्ह आगै बढ़ाया| सिकन्दर हाथ तै इशारा करकै माणसां कै श्यामी जबाब देणा चाहवै था| 34 पर जिब्ब उन्नै बेरा लागग्या के ओ यहूदी सै, तो सारे के सारे एक बोल म्ह कोए दो घंटे ताहीं चिल्लान्दे रहे, “इफिसियाँ की अरतिमिस, महान सै|” 35 फेर नगर के मन्त्री नै माणसां ताहीं शान्त करकै कह्या, “हे इफिसुस के माणसो, किसनै नीं बेरा के इफिसियाँ का नगर महान देबी अरतिमिस के मन्दर, अर ज्यूस की ओड़ तै गिरी होड़ मूर्ति का टहलुआ सै| 36 आखर म्ह जिब्ब के इन बात्त्तां का खण्डन ए कोनी हो सकदा, तो सई सै के थम शान्त रहो अर बिना सोच्चे-समझे कीमे ना करो| 37 क्यूँके थम इन माणसां नै ल्याए सो जो ना मन्दर के लुट्टण आळे सैं अर ना म्हारी देबी के बुराई करणीये सै| 38 जै देमेत्रियुस अर उसके ढब्बी-कारिगरां ताहीं किसे तै झगड़ा हो तो कचहड़ी खुली सै अर हाकिम भी सै; वे एक-दुसरे पै दोष लावै| 39 पर जै थम किसे और बात कै बारै म्ह कीमे बुझणा चाहो सो, तो टेम पै पंचायत म्ह फैसला करया जावैगा| 40 क्यूँके आज के रोळे कै कारण म्हारै पै तोहमन्द लाये जाण का भय सै, इसकरकै इसका कोए कारण कोनी, अर हम इस भीड़ के कट्ठा होण का कोए जबाब कोनी दे सकांगें|” 41 न्यू कहकै उसनै पंचायत ताहीं बिदा करया|

20

मकिदुनिया, यूनान अर त्रोआस म्ह पौलुस

1 जिब्ब रोळा थमग्या तो पौलुस नै चेल्यां ताहीं बुलाकै समझाया, अर उनतै बिदा होकै मकिदुनिया की ओड़ चाल दिया| 2 उस सारे प्रदेश म्ह तै होकै अर चेल्यां ताहीं घणा समझाकै ओ यूनान म्ह आया| 3 जिब्ब तीन महीन्ने रहकै ओ ओड़ै तै जहाज पै सीरिया की ओड़ जाण पै था, तो यहूदी उसकी टाह म्ह लाग्गे, ज्यांतै उसनै निश्चय करया के मकिदुनिया होकै बोहड़ जावै| 4 बिरीया के पुर्रुस का बेट्टा सोपत्रुस अर थिस्सलुनिकिया म्ह तै अरिस्तर्खुस अर सिकुन्दुस, अर दिरबे का गयुस, अर तीमुथियुस, अर आसिया का तुखिकुस अर त्रुफिमुस आसिया ताहीं उसकै गेल हो लिये| 5 वे आगै जाकै त्रोआस म्ह म्हारी बाट देख्दे रहे| 6 अर हम अखमीरी रोट्टी के दिनां कै पाच्छै फिलिप्पी तै जहाज पै चढ़कै पाँच दिन म्ह त्रोआस म्ह उसकै धोरै पहोच्चे, अर सात दिन ताहीं रऐ|

त्रोआस म्ह युतुखुस का जिन्दा करणा

7 हफ्ते के पह्ल्ड़े दिन जिब्ब हम रोट्टी तोड़ण कै खातर कट्ठे होये, तो पौलुस जो दुसरै दिन चले जाण पै था, उनतै बात करी; आधी रात ताहीं बात करदा रहया| 8 जिस चौबारे पै हम कट्ठे थे, उसम्ह घणे दिवे जळण लागरे थे| 9 अर यूतुखुस नाम का एक गाबरू खिड़की पै बैठ्या होया गहरी नींद तै टुहल्लन लागरया था| जिब्ब पौलुस वारी ताहीं बात करदा रहया तो ओ नींद कै झोक्के तै तीसरी अटारी पै तै पड़ग्या, अर मरया होया ठाया ग्या| 10 पर पौलुस उतरकै उसतै लिपटग्या, अर गलै लाकै कह्या, “घबराईयो ना; क्यूँके ओ जीवै सै|” 11 अर ऊप्पर जाकै रोट्टी तोड़ी अर खाकै इतनी वार ताहीं उनतै बात करदा रहया के सबेरा होग्या| फेर ओ चल्या गया| 12 अर वे उस गाबरू ताहीं जिन्दा लीयाए अर घणी शान्ति मिली|

त्रोआस तै मिलेतुस की यात्रा

13 हम पहल्या ए जहाज पै चढ़कै अस्सुस नै इस सोच तै आगै गये के ओड़ै तै हम पौलुस ताहीं चढ़ा लेवां, क्यूँके उसनै यो इसकरकै ठहराया था के खुद ए पैदल जाण आळा था| 14 जिब्ब ओ अस्सुस म्ह म्हारै ताहीं फेट्या तो हम उसनै चढ़ाकै मितुलेने म्ह आये| 15 ओड़ै तै जहाज खोलकै हम दुसरे दिन खियुस कै श्यामी पहोच्चे, अर आगलै दिन सामुस म्ह जाण लाग्गे; फेर दुसरे दिन मिलेतुस म्ह आये| 16 क्यूँके पौलुस नै इफिसुस कै धोरै होकै जाण की पक्की सोच राक्खी थी के कदे इसा ना हो के उस ताहीं आसिया म्ह वार लाग ज्या; क्यूँके ओ तगाजै म्ह था के जै हो सकै तो ओ पिन्तेकुस्त कै दिन यरूशलेम म्ह रहवै|

इफिसुस के प्राचीनां का उपदेश

17 उसनै मिलेतुस तै इफिसुस म्ह कुहवा भेज्या, अर कलीसिया के प्राचीनां ताहीं बुलवाया| 18 जिब्ब वे उसकै लवै आये, तो उनतै कहया : “थमनै बेरा सै के पह्ल्ड़े ए दिन तै जिब्ब मै आसिया म्ह पहोच्या, मै हर-बख्त थारे गेल्या किस ढाळ रहया---- 19 यानिके घणी दीनता तै, अर आँसूं बहा-बहाकै, अर उन हिम्तानां म्ह जो यहूदियां की साजिस कै कारण मेरै पै आण पड़ी, मै प्रभु की सेवा करदा ए रहया| 20 अर जो-जो बात थारे नफे की थीं, उन ताहीं बताण अर माणसां कै श्यामी अर घर-घर सिखाण तै कदे नीं झिझक्या, 21 बल्के यहूदियां अर युनानियां कै श्यामी गवाही देंदा रहया के पणमेशर की ओड़ मन फिराणा अर म्हारै प्रभु यीशु पै बिश्वास करणा चहिये| 22 इब देक्खो, मै आत्मा म्ह बन्धया होया यरूशलेम नै जाऊँ सूं, अर मन्नै नीं बेरा के ओड़ै मेरै पै के-के बीतै गी; 23 सिर्फ यो के पवित्र आत्मा हरेक नगर म्ह गवाही दे-देकै मेरै तै कहवै सै के बन्धन अर क्लेश तेरै खातर त्यार सै| 24 पर मै आपणी ज्यान नै किमे नीं समझदा के उस तै प्रेम राक्खूँ, बल्के यो के मै आपणी दौड़ ताहीं अर उस सेवा नै पूरी करूँ, जो मन्नै पणमेशर कै अनुग्रह के सुसमाचार पै गवाही देण कै खातर प्रभु यीशु तै पाई सै| 25 इब देक्खो, मन्नै बेरा सै के थम सारे जिनम्ह मै पणमेशर के राज्य का प्रचार करदा हांडया, मेरा मुँह दुबारा कोनी देक्खोगे| 26 ज्यांतै मै आज कै दिन थारै तै गवाही देकै कहूँ सूं, के मै सारया के लहू तै बेकसूर सूं| 27 क्यूँके मै पणमेशर की सारी मन्सा नै थारै ताहीं पूरी तरियां तै बताण तै कोनी झिझक्या| 28 इसकरकै आपणी अर पुरै टोळ की चौकसी करो जिसम्ह पवित्र आत्मा नै थारै ताहीं अध्यक्ष या बिशप ठहराया सै, के थम पणमेशर की कलीसिया की रूखाळी करो, जिस ताहीं उसनै आपणे लहू तै मोल लिया सै| 29 मन्नै बेरा सै के मेरै जाण कै बाद पाड़ण आळे भेड़िए थारे म्ह आँवैगे जो टोळ नै कोनी छोड्डैगें| 30 थारै ए बिच्चाळै तै भी इसे-इसे माणस उठैगें, जो चेल्यां ताहीं आपणे पाच्छै खिंच लेण ताहीं टेढ़ी-मेढ़ी बात कहवैगें| 31 इसकरकै जागदे रहो, अर याद राक्खो के मन्नै तीन साल्लां ताहीं रात-दिन आँसूं बहा-बहाकै हरेक ताहीं चेतावनी देणा नीं छोड्या| 32 अर इब मै थमनै पणमेशर नै, अर उसके अनुग्रह के बचन नै सौंप द्युँ सूं; जो थारी बढोत्तरी कर सकै सै अर सारे पवित्र करे होड़ माणसां म्ह सांझी करकै मीरास दे सकै सै| 33 मन्नै किसे के चाँदी, सोन्ने या लत्त्ते का लोभ कोनी करया| 34 थमनै खुदे बेरा सै के इन्ने हाथां नै मेरी अर मेरे ढब्बियां की जरूत पूरी करी सै| 35 मन्नै थारै ताहीं सारया कीमे करकै दिखाया के इस तरियां तै मेहनत करदे होए कमजोरां ताहीं सम्भालणा अर प्रभु यीशु के बचन याद राखणा जरूरी सै, जो उसनै खुदे कहया सै : ‘लेण तै देणा धन्य सै’|” 36 न्यू कहकै उसनै गोड्डे टेक्के अर उन सारया कै गेल्या प्रार्थना करी| 37 फेर वे सारे घणे रोये अर पौलुस कै गलै लिपटकै उस ताहीं चुम्ण लाग्गे|

38 वे ख़ासकर इस बात तै दुखी थे जो उसनै कही थी के थम मेरा मुँह दुबारा कोनी देक्खोगे| फेर उसनै उस ताहीं जहाज ताहीं पहोचाया|

21

पौलुस का यरूशलेम नै जाणा

1 जिब्ब हमनै उनतै न्यारे होकै जहाज खोल्या, तो सीधी राही तै कोस म्ह आये, अर दुसरे दिन रुदुस म्ह अर ओड़ै तै पतरा म्ह| 2 ओड़ै एक जहाज फिनीके नै जान्दा होया फेट्या, अर हमनै उस पै चढ़कै उस ताहीं खोल दिया| 3 जिब्ब साइप्रस दिखया, तो हमनै उस ताहीं ओळै हाथ छोड्या, अर सीरिया नै चालकै सूर म्ह उतरे; क्यूँके ओड़ै जहाज का माळ उतरणा था| 4 चेल्यां नै पाकै हम ओड़ै सात दिन ताहीं रहे| उन्नै आत्मा के सिखाए पौलुस तै कहया के ओड़ै (यरूशलेम म्ह) पाँ ना धरिये| 5 जिब्ब वे दिन पुरे हो गे, तो हम ओड़ै तै चाल पड़े; अर सारया नै लुगाईयाँ अर बाळकां सुदा म्हारै ताहीं नगर कै बाहरण पहोचाया; अर हम नै कंठारै पै गोड्डे टेककै प्रार्थना करी, 6 फेर एक दुसरे तै बिदा होकै, हम तै जहाज पै चढ़गे अर वे आपणे-आपणे घरा बोहड़गे|

7 जिब्ब हम सूर तै पाणी पै सफर करकै पतुलिमयिस म्ह पहोच्चे, अर भाईयां नै नमस्कार करकै उनकै गेल्या एक दिन रहे| 8 दुसरे दिन हम ओड़ै तै चालकै कैसरिया म्ह आये, अर फिलिप्पुस सुसमाचार प्रचारक कै घर म्ह जो सात्त्तां म्ह तै एक था; जाकै उसकै उरै रहे| 9 उसकी चार कुँवारी बेट्टी थीं, जो भविष्यवाणी करया करैं थीं| 10 जिब्ब हम ओड़ै घणे दिन ताहीं रह लिये, तो अगबुस नामका एक नब्बी यहूदिया म्ह आया| 11 उसनै म्हारै धोरै आकै पौलुस का कमरबन्ध लिया, अर आपणे हाथ-पाँ बाँधकै कह्या, “पवित्र आत्मा न्यू कहवै सै के जिस माणस का यो कमरबन्ध सै, उस ताहीं यरूशलेम म्ह यहूदी इस्से तरियां तै बाँधैगें, अर गैर-जात्त्तां कै हाथां म्ह सौंपैगें|” 12 जिब्ब हमनै ये बात सुणी, तो हमनै अर ओड़ै के माणसां नै उसतै बिनती करी के यरूशलेम नै ना जाइए| 13 पर पौलुस नै जबाब दिया, “थम के करो सो के रो-रोकै मेरा दिल तोड़ो सो? मै तो प्रभु यीशु कै नाम कै खातर यरूशलेम म्ह ना सिर्फ बाँधे जाण ए कै खातर बल्के मरण कै खातर भी त्यार सूं|” 14 जिब्ब उसनै नीं मान्नी तो हम न्यू कहकै बोल-बाल्ले रहगे, “प्रभु की मर्जी पूरी हो|” 15 इन दिनां कै पाच्छै हमनै त्यारी करी अर यरूशलेम नै चाल दिए| 16 कैसरिया तै भी कीमे चेल्ले म्हारै गेल्या हो लिए, अर म्हारै ताहीं मनासोन नामक साइप्रस कै एक पुराणे चेल्ले कै उरै ली याए, के हम उसकै उरै टिकां|

पौलुस की याकूब तै भेंट

17 जिब्ब हम यरूशलेम म्ह पहोच्चे, तो भाई घणी ख़ुशी कै गेल्या हम तै फेट्टे| 18 दुसरे दिन पौलुस म्हारै ताहीं लेकै याकूब कै धोरै गया, जित्त सारे प्राचीन कट्ठे थे| 19 जद उसनै उन ताहीं नमस्कार करकै, जो-जो काम पणमेशर नै उसकी सेवा के जरिये गैर-जात्त्तां म्ह करे थे, एक-एक करकै सारे बताए| 20 उन्नै न्यू सुणकै पणमेशर की महिमा करी, फेर उसतै बोल्या, “हे भाई, तू देखै सै के यहूदियां म्ह तै कई हजारां नै बिश्वास करया सै; अर सारे व्यवस्था कै खातर धुन लावैं सैं| 21 उन ताहीं तेरै बारै म्ह सिखाया गया सै के तू गैर-जात्त्तां म्ह रहणीया यहूदियां नै मूसा तै फिर जाण नै सिखावै सै, अर कहवै सै, के ना आपणे बाळकां का खतना कराओ अर ना रित-रिवाज्जां पै चाल्लो| 22 तो फेर के करया जावै? माणस जरुर सुणैगें के तू आया सै| 23 इसकरकै जो हम तेरै तै कहवां सां, ओ कर| म्हारै उरै चार माणस सै जिन्नै मन्नत मान्नी सै| 24 उन्नै लेकै उनकै गेल्या आपणे आप ताहीं शुद्ध कर; अर उसकै खातर खर्चा दे के वे सिर मुन्ढाएँ| फेर सारया नै बेरा लाग ज्यागा के जो बात उन ताहीं तेरै बारै म्ह बताई गई, उनम्ह कीमे सच्चाई कोनी सै पर तू खुद भी व्यवस्था नै मान कै उसकै मुताबिक चालै सै| 25 पर उन गैर-जात्त्तां कै बारै म्ह जिन्नै बिश्वास करया सै, हमनै यो फ़ैसला करकै लिख भेज्या सै के वे मूर्तियाँ कै श्यामी बलि करे होड़ मांस तै, अर लहू तै अर घेट्टी घोट्टे होयां के मांस्सां तै अर जारी तै बचे रहवैं|” 26 फेर पौलुस उन माणसां नै लेकै, अर दुसरे दिन उनकै गेल्या शुद्ध होकै मन्दर म्ह गया, अर ओड़ै बता दिया के शुद्ध होण कै दिन, यानिके उनम्ह तै हरेक कै खातर चढावा चढाए जाण तक के दिन कद पुरे होवैगें|

मंदर म्ह पौलुस का पकड़या जाणा

27 जिब्ब वे सात दिन पुरे होण पै थे, तो आसिया के यहूदियां नै पौलुस ताहीं मन्दर म्ह देखकै सारे माणसां ताहीं उकसाया, अर न्यू रुक्का मारकै उस ताहीं पकड़ लिया, 28 “हे इस्राएलियो, मदद करो; यो ओए माणस सै, जो माणसां के, अर व्यवस्था के, अर इस जंगहा कै बिरोध म्ह हरेक जंगहा सारे माणसां नै सिखावै सै, उरै ताहीं के यूनानियां ताहीं भी मन्दर म्ह ल्याकै उसनै इस पवित्र जंगहा ताहीं अपवित्र करया सै|” 29 उन्नै इसतै पहल्या इफिसुसवासी त्रुफिमुस ताहीं उसकै गेल्या नगर म्ह देख्या था, अर सोचै थे के पौलुस उसनै मन्दर म्ह लीयाआ सै| 30 फेर सारे नगर म्ह रोळा माचग्या, अर माणस भाजकै कट्ठे होए, अर पौलुस नै पकड़कै बाहरण घसीट ल्याए, अर जिब्बे किवाड़ बन्द करे गये| 31 जिब्ब वे उसनै मार देणा चाहवै थे, तो फ़ौज के सरदार नै सन्देशा पहोच्या के सारे यरूशलेम म्ह रोळा माचरया सै| 32 फेर ओ जिब्बे सिपाहियां अर सूबेदारां नै लेकै उनकै धोरै तळै भाज आया; अर उन्नै फ़ौज के सरदार अर सिपाहियां ताहीं देखकै पौलुस ताहीं मारणा-छेतणा छोड़ दिया| 33 फेर फ़ौज के सरदार नै धोरै आकै उस ताहीं पकड़ लिया, अर दो साँकळा तै बाँधण का हुक्म देकै बुझ्झण लाग्या, “यो कौण सै अर इसनै के करया सै?” 34 पर भीड़ म्ह तै कोए कीमे अर कोए कीमे चिल्लान्दा रहया| जिब्ब रोळै कै मारै ओ सई सच्चाई नीं जाण सक्या, तो उस ताहीं गढ़ म्ह ले जाण का हुक्म दिया| 35 जिब्ब ओ सीढ़ी पै पहोच्या, तो इसा होया के भीड़ की दाब कै मारे सिपाहियां नै उस ताहीं ठाकै ले जाणा पड़या| 36 क्यूँके माणसां की भीड़ न्यू चिल्लान्दी होई उसकै पाच्छै पड़री थी, “उसनै खत्म कर द्यो|”

37 जिब्ब वे पौलुस नै गढ़ म्ह ले जाण पै थे, तो उसनै फ़ौज के सरदार तै कह्या, “के मन्नै हुक्म द्यो सो के मै थारे तै कीमे कहूँ?” ओ बोल्या, “के तू यूनानी जाणै सै? 38 के तू ओ मिस्री कोनी, जो इन दिनां तै पहल्या बिद्रोही बणकै, चार हजार छुरे-सुदा माणसां ताहीं जंगळ म्ह लेग्या?” 39 मै तो तरसुस का यहूदी माणस सूं! किलिकिया कै मसूर नगर का बासिन्दा सूं| मै तेरै तै बिनती करूँ सूं के मन्नै माणसां तै बात करण दे|” 40 जिब्ब उसनै हुक्म दिया, तो पौलुस नै सीढ़ी पै खड़े होकै माणसां ताहीं हाथ तै इशारा करया| जिब्ब वे चुप होए तो ओ इब्रानी भाषा म्ह बोल्लण लाग्या :

22

भीड़ कै श्यामी पौलुस का भाषण

1 “हे भाईयो अर पितरो, मेरा बदले म्ह जबाब सुणो, जो मै इब थारै श्यामी ल्याऊँ सूं|” 2 वे न्यू सुणकै के ओ हम तै इब्रानी भाषा म्ह बोल्लै सै, और भी बोल-बाल्ले होगे| फेर उसनै कहया : 3 “मै तो यहूदी माणस सूं, जो किलिकिया के तरसुस म्ह जन्म; पर इस नगर म्ह गमलीएल के पाँया कै धोरै बैठकै पढाया गया, अर बाप-दाद्या अर पणमेशर कै खातर इसी धुन लाए रह था, जिस तरियां थम सारे आज लाए रहो सो| 4 मन्नै माणस अर लुगाई दोनुआ ताहीं जुड़-जुड़कै अर जेळ म्ह गेर-गेरकै, इस पंथ नै उरै ताहीं सताया के उन ताहीं मरवा भी दिया| 5 इस बात कै खातर महायाजक अर सारे पुरनिये गवाह सैं, के उनतै मै भाईयां कै नाम पै चिट्ठियाँ लेकै दमिश्क नै चल्या जावै था, के जो ओड़ै हों उन ताहीं भी सजा दुवाण कै खातर बाँधकै यरूशलेम लाऊँ|

अपणे हृदय-परिवर्तन का जिकरा

6 “जिब्ब मै चाल्दे-चाल्दे दमिश्क कै लोवै पहोच्या, तो इसा होया के दो पहर कै करीबन चाणचक एक घणा चाँदणा अकास तै मेरै चौगरदे नै चमक्या| 7 अर मै धरती पै ढह पड़या अर यो शब्द सुणया, ‘हे शाऊल, हे शाऊल, तू मेरै ताहीं क्यांतै सतावै सै?’ 8 मन्नै जबाब दिया, ‘हे प्रभु, तू कौण सै?’ उसनै मेरै तै कह्या, ‘मै यीशु नासरी सूं, जिस ताहीं तू सतावै सै|’ 9 मेरे ढब्बियाँ नै चाँदणा तो देख्या, पर मेरै तै जो बोल्लै था उसका शब्द कोनी सुणया| 10 फेर मन्नै कह्या, ‘हे प्रभु, मै के करूँ?’ प्रभु नै मेरै तै कह्या, ‘उठकै दमिश्क म्ह जा, अर जो कीमे तेरै तै करण कै खातर ठहराया गया सै ओड़ै तेरै तै सब बता दिया जावैगा|’ 11 जिब्ब उस चाँदणे के तेज के मारे मन्नै कीमे कोनी दिख्या, तो मै आपणे ढब्बियाँ का हाथ पकड़े होए दमिश्क म्ह आया|

12 “फेर हनन्याह नामक व्यवस्था कै मुताबिक एक भगत माणस, जो ओड़ै के रहणीये सारे यहूदियां म्ह सुनाम्मी था, मेरै धोरै आया, 13 अर खड़े होकै मेरै तै कह्या, ‘हे भाई शाऊल, फेर देखण लाग|’ उस्से टेम मेरी आँख खुल गी अर मन्नै उस ताहीं देख्या| 14 फेर उसनै कह्या, ‘म्हारै बाप-दाद्या के पणमेशर नै तेरै ताहीं ज्यांतै ठहराया के तू उसकी मर्जी नै जाणै, अर उस धर्मी नै देखै अर उसकै मुँह की बात सुणै| 15 क्यूँके तू उसकी ओड़ तै सारे माणसां कै श्यामी उन बात्त्तां का गवाह होगा जो तन्नै देक्खी अर सुणी सै| 16 इब क्यांतै वार करै सै? उठ, बपतिस्मा ले, अर उसका नाम लेकै आपणे पापां नै धो ले|’

गैर-जात्त्तां म्ह प्रचार का आह्वान

17 “जिब्ब मै दुबारा यरूशलेम म्ह आकै मन्दर म्ह प्रार्थना करण लागरया था, तो बेसुध होग्या, 18 अर उस ताहीं देख्या के ओ मेरै तै कहवै सै, ‘तोळ करकै यरूशलेम तै झट दे-सी लिकड़ज्या; क्यूँके वे मेरै बारै म्ह तेरी गवाही कोनी मान्नैगें|’ 19 मन्नै कह्या, ‘हे प्रभु, उन्नै तो खुदे बेरा सै के मै तेरै पै बिश्वास करण आळा नै जेळ म्ह गेरू अर जंगहा-जंगहा आराधनालय म्ह छित्वाऊँ था| 20 जिब्ब तेरे गवाह स्तिफनुस का लहू बहाया जाण लागरया था जद मै भी ओड़ै ए खड़या था अर इस बात म्ह सहमत था, अर उसकै मारणीयां के लत्त्या की रूखाली करूँ था|’ 21 अर उसनै मेरै तै कह्या, ‘चल्या जा : क्यूँके मै तेरै ताहीं गैर-जात्त्तां कै धोरै दूर-दूर खन्दाऊँगा’|”

22 वे इस बात तक उसकी सुणदे रहे, फेर ठाड्डू बोल तै चिल्लाए, “इसै माणस का नास करो, उसका जिन्दा रहणा सई कोनी!” 23 जिब्ब वे चिल्लान्दे अर लत्त्ते बगान्दे अर अकास म्ह धूळ उड़ावै थे; 24 तो फ़ौज के सरदार नै कह्या, “इस ताहीं गढ़ म्ह ले जाओ, अर कोरड़े मारकै जाँचो, के मन्नै बेरा लाग्गै के माणस किस कारण उसकै बिरोध म्ह इस ढाळ चिल्लावै सैं|” 25 जिब्ब उन्नै उस ताहीं फित्त्यां तै बाँधया तो पौलुस नै उस सूबेदार तै जो धोरै खड़या था, कहया, “के यो सई सै के थम एक रोमी माणस ताहीं, अर ओ भी बिना कसूरवार ठहराए होए, कोरड़े मारो?” 26 सूबेदार नै न्यू सुणकै फ़ौज के सरदार कै धोरै जाकै कह्या, “तू यो के करै सै? यो तो रोमी माणस सै|” 27 फेर फ़ौज के सरदार नै उसकै धोरै आकै कह्या, “मन्नै बता, के तू रोमी सै?” उसनै कह्या, “हम्बै |” 28 न्यू सुणकै फ़ौज के सरदार नै कह्या, “मन्नै रोमी होण का ओद्दा घणे रपिये देकै मिल्या सै|” पौलुस नै कह्या, “मै तो जन्म तै रोमी सूं?” 29 फेर जो माणस उस ताहीं जांच्चण पै थे, वे जिब्बे उसकै धोरै तै हटगे; अर फ़ौज का सरदार भी न्यू जाणकै के यो रोमी सै अर मन्नै उस ताहीं बाँधया सै, डरग्या|

महासभा कै श्यामी पौलुस

30 दुसरे दिन उसनै सई-सई ज्यानण की मर्जी तै के यहूदी उस पै क्यांतै तोहमन्द लगावै सै, उसके बन्धन खोल दीए; अर प्रधान याजकां अर सारी बड्डी पंचायत ताहीं कट्ठा होण का हुक्म दिया, अर पौलस नै तळै ले जाकै उनकै श्यामी खड़या कर दिया|

23

1 पौलुस नै बड्डी पंचायत की ओड़ गौर तै देख्या अर कह्या, “हे भाईयो, मन्नै आज ताहीं पणमेशर कै खातर जमा-कती साच्चे मन तै जीवन बिताया सै|” 2 इस पै हनन्याह महायाजक नै उन ताहीं जो उसकै धोरै खड़े थे, उसकै मुँह पै रैप्ट मारण का हुक्म दिया| 3 फेर पौलुस नै उसतै कह्या, “हे चुन्ना फिरी होड़ भीत, पणमेशर तेरै ताहीं मारैगा| तू व्यवस्था कै मुताबिक मेरा न्याय करण नै बैठ्या सै, अर फेर के व्यवस्था कै खिलाफ मेरै ताहीं मारण का हुक्म देवै सै?” 4 जो धोरै खड़े थे उन्नै कह्या, “के तू पणमेशर कै महायाजक नै आच्छा-भुंडा बोल्लै सै?” 5 पौलुस नै कह्या, “हे भाईयो, मन्नै नीं बेरा था के यो महायाजक सै; क्यूँके लिख्या सै : ‘आपणे माणसां के प्रधान नै भुंडा ना बोलिए’|”

6 फेर पौलुस नै न्यू जाणकै के एक टोळ सदुकिया अर दूसरा फरिसियाँ का सै, पंचायत म्ह रुक्का मारकै कह्या, “हे भाईयो, मै फरीसी अर फरिसियाँ के बंश का सूं, मरे होया की आस अर पुनरुत्थान कै बारै म्ह मेरा मुकदमा होरया सै|” 7 जिब्ब उसनै या बात कही तो फरिसियाँ अर सदुकियाँ म्ह रोळा होण लाग्या; अर पंचायत म्ह फूट पड़गी| 8 क्यूँके सदुकी तो न्यू कहवै सै, के ना पुनरुत्थान सै, ना सुर्गदुत अर ना आत्मा सै; पर फरीसी इन सारया नै मान्नैं सैं| 9 फेर घणा रोळा माच्या अर कुछ शास्त्री जो फरिसियाँ के टोळ के थे, उठ लिए अर न्यू कहकै रोळा करण लाग्गे, “हम इस माणस म्ह कोए बुराई कोनी पांदे, अर जै कोए आत्मा या सुर्गदुत उसतै बोल्या सै तो फेर के होग्या?” 10 जिब्ब घणा रोळा होया, तो फ़ौज के सरदार नै इस भय तै के वे पौलुस के टुकड़े-टुकड़े ना कर देवै, फ़ौज ताहीं हुक्म दिया के उतरकै उस ताहीं उनकै बिच्चाळै तै हाँगै तै लिकाड़ै, अर गढ़ म्ह ले जावै| 11 उस्से रात प्रभु नै उसकै धोरै खड़े होकै कह्या, “हे पौलुस, धीरज राख; क्यूँके जिसी तन्नै यरूशलेम म्ह मेरी गवाही देई, उसीए तन्नै रोम म्ह भी गवाही देणी होगी|”

पौलुस की हत्या की साजिस

12 जिब्ब दिन लिकड़या तो यहूदियां नै साजिस रची अर सूंह खाई के जिब्ब ताहीं हम पौलुस नै मार नीं देवा, जद ताहीं खावां या पिवां म्हारै पै धिक्कार| 13 जिन्नै आप्पस म्ह या सूंह खाई थी, वे चाळीस जण्यां तै घणे थे| 14 उन्नै प्रधान याजकां अर पुरनियां कै धोरै जाकै कह्या, “हमनै न्यू ठाण लिया सै के जिब्ब ताहीं हम पौलुस नै मार नीं देंदे, जद ताहीं जै कीमे चाक्खां तो म्हारै पै धिक्कार सै| 15 इसकरकै इब बड्डी पंचायत सुदा फ़ौज के सरदार नै समझाओ के उसनै थारै धोरै लियावै, मान ल्यो के थम उसकै बारै म्ह और भी सई तै जाँच करणा चाहवो सो; अर हम उसकै पहोचण तै पहल्या ए उस ताहीं मार देण कै खातर त्यार रहवांगें|”

16 पौलुस कै भाण्जै नै सुणया के वे उसकी टाह म्ह सै, तो गढ़ म्ह जाकै पौलुस ताहीं संदेशां दिया| 17 पौलुस नै सूबेदारां म्ह तै एक ताहीं आपणे धोरै बुलाकै कह्या, “इस गाबरू नै फ़ौज के सरदार कै धोरै ले जाओ, यो उसतै कीमे कहणा चाहवै सै|” 18 इसकरकै उसनै उस ताहीं फ़ौज के सरदार कै धोरै ले जाकै कह्या, “कैदी पौलुस नै मेरै ताहीं बुलाकै बिनती करी के यो गाबरू फ़ौज के सरदार तै कीमे कहणा चाहवै सै; उस ताहीं उसकै धोरै ले जा|” 19 फ़ौज के सरदार नै उसका हाथ पकड़कै अर न्यारा जाकै बुझ्झया, “तू मेरै तै के कहणा चाहवै सै?” 20 ओ बोल्या, “यहूदियां नै साजिस रची सै के तेरै तै बिनती करै के काल पौलुस नै बड्डी पंचायत म्ह लाये, मान्नो वे और सई ढाळ तै उसकी जाँच करणा चाहवै सै| 21 पर उनकी मानियो मतना, क्यूँके उनम्ह तै चाळीस कै ऊप्पर माणस उसकी मारण की टाह म्ह सै, जिन्नै न्यू ठाण लिया सै के जिब्ब ताहीं वे पौलुस नै मार नीं देवै, जद ताहीं ना खावैगें अर ना पीवैगें| अर इब वे त्यार सै अर तेरै बचन की बाट देखण लागरे सै|” 22 फेर फ़ौज के सरदार नै गाबरू ताहीं यो हुक्म देकै बीदा करया, “किसे तै ना कहिये के तन्नै मेरै तै ये बात बताई सै|”

पौलुस ताहीं फेलिक्स कै धोरै भेज्या जाणा

23 फेर उसनै दो सूबेदारां ताहीं बुलाकै कह्या, “दो सौ सिपाही, सत्तर सवार, अर दो सौ भालैत, पहर रात बीते कैसरिया नै जाण कै खातर त्यार कर राक्खो | 24 अर पौलुस की सवारी कै खातर घोड़े त्यार राक्खो, के उस ताहीं फेलिक्स हाकिम कै धोरै राज्जी-ख़ुशी तै पहोचा दे|” 25 उसनै इस तरियां की चिट्ठी भी लिक्खी : 26 “महामहिम फेलिक्स हाकिम ताहीं क्लौकियुस लुसियास का नमस्कार| 27 इस माणस ताहीं यहूदियां नै पकड़कै मार देणा चाहया, पर जिब्ब मन्नै जाण्या के रोमी सै, तो फ़ौज लेकै छुटा ल्याया| 28 मै जाणना चाहूँ था के वे उस पै किस कारण तोहमन्द लावै सै, ज्यांतै उस ताहीं उनकी बड्डी पंचायत म्ह ले गया| 29 फेर मन्नै जाण लिया के वे आपणी व्यवस्था कै रोळै कै बारै म्ह उस पै तोहमन्द लगावै सै, पर मार देण जोग्गा या बाँधे जाण कै जोग्गा उसम्ह कोए कसूर कोनी| 30 जिब्ब मेरै ताहीं बताया गया के वे इस माणस की टाह म्ह लागरे सै तो मन्नै जिब्बे उस ताहीं तेरै धोरै खन्दा दिया; अर मुद्दईयां ताहीं भी हुक्म दिया के तेरै श्यामी उस पै नालिश करै|”

31 आखर म्ह जिसा सिपाहियां नै हुक्म मिल्या था, उस्से तरियां ए वे पौलुस नै लेकै रातो-रात अन्तिपत्रिस म्ह आये| 32 दुसरे दिन वे सवारा नै उसकै गेल्या जाण कै खातर छोड़कै खुद गढ़ नै बोहड़ै| 33 उन्नै कैसरिया पहोचकै हाकिम ताहीं चिट्ठी दी; अर पौलुस ताहीं भी उसकै श्यामी खड़या करया| 34 उसनै चिट्ठी पढ़कै बुझ्झया, “यो किस प्रान्त का सै?” 35 अर जिब्ब जाण लिया के किलिकिया का सै तो उसतै कह्या, “जिब्ब तेरै मुद्दई भी आवैगें, तो मै तेरा मुकद्दमा करूँगा|” अर उसनै उस ताहीं हेरोदेस कै किलै म्ह पहरे म्ह राखण का हुक्म दिया|

24

हाकिम फेलिक्स कै श्यामी पौलुस

1 पाँच दिन कै पाच्छै हनन्याह महायाजक कई पुरनियां अर तिरतुल्लुस नामक किसे वकील नै गेल्या लेकै आया| उन्नै हाकिम कै श्यामी पौलुस पै बुराई करी| 2 जिब्ब ओ बुलाया गया तो तिरतुल्लुस उस पै तोहमन्द लाकै कहण लाग्या : “हे महामहिम फेलिक्स, तेरै जरिये म्हारै म्ह राज्जी-ख़ुशी तै सै; अर तेरै इन्तजाम तै इस जात कै खातर घणीए बुराइयाँ सुधरदी जावै सै| 3 इस ताहीं हम हरेक जंगहा अर हरेक तरियां तै धन्यवाद कै गेल मान्नां सां| 4 पर इसकरकै के तन्नै और दुःख कोनी देणा चाहन्दा, मै तेरै तै बिनती करूँ सूं के दया करकै दो-एक बात सुण ले| 5 क्यूँके हमनै इस माणस ताहीं ऊत अर दुनिया के सारे यहूदिया म्ह रोळा कराण आळा, अर नासरिया कै भुन्डे-पन्थ का मुखिया पाया सै| 6 उसनै मन्दर ताहीं अशुद्ध करणा चाहया, पर हमनै उस ताहीं पकड़ लिया| [हमनै उस ताहीं आपणे व्यवस्था कै मुताबिक सजा दे दी होन्दी; 7 पर फ़ौज की सरदार लूसियास नै उस ताहीं हाँगै तै म्हारै हाथ तै खोस लिया, 8 अर मुद्दईया ताहीं तेरै श्यामी आण का हुक्म दिया|] इन सारी बात्त्तां नै जिनकै बारै म्ह हम उसपै तोहमन्द लावां सां, तू खुदे ए उसनै जाँच करकै जाण लेवैगा|” 9 यहूदियां नै भी उसका साथ देकै कहया, ये बात इस्से ढाळ तै करी सै|

पौलुस का बदलै म्ह जबाब

10 जिब्ब हाकिम नै पौलुस ताहीं बोल्लण का इशारा करया, तो उसनै जबाब दिया : “मै न्यू जाण कै के तू घणे साल्ला तै इस जात का न्याय करण लागरया सै, ख़ुशी तै आपणा बदले का जबाब देऊँ सूं| 11 तू आपै ए जाण सकै सै जिब्ब तै मै यरूशलेम तै आराधना करण नै आया, मन्नै बारहा दिनां तै बादू कोनी होये, 12 उन्नै मेरै ताहीं ना मन्दर म्ह, ना आराधनालयां म्ह, ना किसे नगर म्ह किसे तै बहस करदे या भीड़ लगांदे पाया; 13 अर ना तो वे उन बात्त्तां ताहीं, जिनका वे इब मेरै पै दोष लावै सै, तेरै श्यामी साच्ची साब्बित कर सकै सै| 14 पर मै तेरै श्यामी यो मान ल्यु सूं के जिस पन्थ नै वे भुंडा-पन्थ कहवै सै, उस्से की रीत पै मै आपणे बाप-दाद्या की सेवा करूँ सूं; अर जो बात व्यवस्था अर नब्बियाँ की किताबां म्ह लिक्खी सै, उन सारया पै बिश्वास करूँ सूं| 15 अर पणमेशर तै आस राखूँ सूं जो वे खुद भी राखै सैं, के धर्मी अर अधर्मी दोनुआ का जिन्दा उठणा होवैगा| 16 इस तै म्ह खुद भी कोशिश करूँ सूं के पणमेशर की, अर माणसां की ओड़ तै मेरा मन सारी-हाण बेकसूर रहवै| 17 घणे साल्लां पाच्छै मै आपणे माणसां नै दान पहोचाण, अर भेंट चढ़ाण आया था| 18 उन्नै मेरै ताहीं मन्दर म्ह, शुद्ध हालत म्ह, बिना भीड़ कै गेल्या, अर बिना रोळा करदे भेँट चढ़ान्दे पाया---- हम्बै, आसिया के कई यहूदी थे---- उन ताहीं सई था 19 के जै मेरै बिरोध म्ह उनकै धोरै कोए बात हो तो उरै तेरै श्यामी आकै मेरै पै तोहमन्द लांदे| 20 या ये खुद ए बतावै के जिब्ब मै बड्डी पंचायत कै श्यामी खड़या था, तो उन्नै मेरै म्ह कौण-सा कसूर पाया? 21 इस एक बात नै छोड़ जो मन्नै उनकै बिच्चाळै खड़या होकै कही थी : ‘मरे होया के जिन्दा उठण कै बारै म्ह आज मेरा थारै श्यामी मुकद्दमा होण लागरया सै’|” 22 फेलिक्स नै, जो इस पन्थ की बात सई-सई जाणै था, उन ताहीं न्यू कहकै टाळ दिया, “जिब्ब फ़ौज का सरदार लूसियास आवैगा, तो थारी बात का फ़ैसला करूँगा|” 23 अर सूबेदार ताहीं हुक्म दिया के पौलुस ताहीं कीमे रयात म्ह राखकै रूखाळी करणा, अर उसके ढब्बियाँ म्ह तै किसे नै भी उसकी सेवा करण तै नीं रोकणा|

फेलिक्स अर द्रुसिल्ला कै श्यामी पौलुस

24 कीमे दिनां पाच्छै फेलिक्स आपणी बीरबान्नी दुसिल्ला ताहीं, जो यहुदिनी थी, गेल्या लेकै आया अर पौलुस ताहीं बुलवाकै उस बिश्वास कै बारै म्ह जो मसीह यीशु पै सै, उसतै सुणया| 25 जिब्ब ओ धर्म, अर संयम, अर आण आळे न्याय का जिक्र करण लागरया था, तो फेलिक्स नै भयभीत होकै जबाब दिया, “इब्बे तो जा; मौक्का मिल दए मै तन्नै दुबारा बुलवाऊँगा|” 26 उस ताहीं पौलुस तै कीमे रपिये मिलण की भी आस थी, ज्यांतै और भी बुला-बुलाकै उसतै बात करया करै था| 27 पर जिब्ब दो साल बीतगे तो पुरकियुस फेस्तुस, फेलिक्स की जंगहा पै आया; अर फेलिक्स यहूदियां ताहीं राज्जी करण की मर्जी तै पौलुस ताहीं कैदी ए छोड़ ग्या|

25

पौलुस का सम्राट की दोहाई देणा

1 फेस्तुस उस प्रान्त म्ह पहोचण कै तीन दिन पाच्छै कैसरिया तै यरूशलेम नै गया| 2 फेर प्रधान याजकां अर यहूदियां के खास माणसां नै उसकै श्यामी पौलुस की बुराई करी; 3 अर उसतै बिनती करकै उसकै बिरोध म्ह यो वर चाहया के ओ उस ताहीं यरूशलेम म्ह बुलवावै, क्यूँके वे उस ताहीं राह ए म्ह मारण की टाह म्ह लागरे थे| 4 फेस्तुस नै जबाब दिया, “पौलुस कैसरिया म्ह पहरे म्ह सै, अर मै आपै ए तावळ तै ओड़ै जाऊँगा|” 5 फेर बोल्या, “थारै म्ह जो हक्क राखै सै वे गेल चाल्लै, अर जै इस माणस नै कीमे गलत काम करया सै तो उस पै तोहमन्द लावै|”

6 उनकै बिच्चाळै कोए आठ-दस दिन रहकै ओ कैसरिया चल्या गया; अर दुसरे दिन न्याय-गद्दी पै बैठकै पौलुस ताहीं ल्याण का हुक्म दिया| 7 जिब्ब ओ आया तो जो यहूदी यरूशलेम तै आये थे, उन्नै ओरै-धोरै खड़े होकै उसपै घणी भारया तोहमन्द लाई, जिनका सबूत वे कोनी दे सकैं थे| 8 पर पौलुस नै जबाब दिया, “मन्नै ना तो यहूदियां के व्यवस्था कै अर ना मन्दर कै, अर ना ए कैसर कै बिरुद्ध कोए अपराध करया सै|” 9 फेर फेस्तुस नै यहूदियां ताहीं राज्जी करण की मर्जी तै पौलुस तै कह्या, “के तू चाहवै सै के यरूशलेम नै जावै; अर ओड़ै मेरै श्यामी तेरा यो मुकद्दमा तय करया जावै?” 10 पौलुस नै कह्या, “मै कैसर कै न्याय-गद्दी कै श्यामी खड़या सूं; मेरै मुकद्दमे फ़ैसला उरै ए होणा चहिये| जिसा तन्नै आच्छी ढाळ बेरा सै, यहूदियां का मन्नै कीमे अपराध कोनी करया| 11 जै मै अपराधी सूं अर मारण कै जोग्गा कोए काम करया सै, तो मरण तै कोनी नाटदा; पर जिन बात्त्तां की ये मेरै पै तोहमन्द लावै सै, जै उनम्ह तै कोए भी बात साच्ची नीं लिकड़ी, तो कोए मेरै ताहीं उनकै हाथां नीं सौंप सकदा| मै कैसर की दुहाई द्यु सूं|” 12 फेर फेस्तुस नै मन्त्रियाँ की पंचायत कै गेल्या बात करकै जबाब दिया, “तन्नै कैसर की दुहाई दी सै, तू कैसर कै ए धोरै जावैगा|”

राजा अग्रिप्पा कै श्यामी पौलुस

13 कुछे दिन बीतण कै पाच्छै अग्रिप्पा राजा अर बिरनीके नै कैसरिया म्ह आकै फेस्तुस तै भेंट करी| 14 उनकै घणे दिन ओड़ै रहण कै पाच्छै फेस्तुस नै पौलुस कै बारै म्ह राजा ताहीं बताया : “एक माणस सै, जिस ताहीं फेलिक्स कैदी छोड़ ग्या सै| 15 जिब्ब मै यरूशलेम म्ह था, तो प्रधान याजक अर यहूदीया के पुरनियां नै उसकी बुराई करी अर चाहया के उस पै दण्ड का हुक्म होवै| 16 पर मन्नै उन ताहीं जबाब दिया के रोमियाँ की या रीत कोनी के किसे माणस ताहीं सजा कै खातर सौंप देवै, जिब्ब ताहीं मुजरिम ताहीं आपणे मुद्दईयां कै श्यामी खड़े होकै दोष का जबाब देण का मौक्का ना मिलै| 17 आखर जिब्ब वे कट्ठे होये, तो मन्नै कीमे वार कोनी करी, पर दुसरै ए दिन न्याय-गद्दी पै बैठकै उस माणस ताहीं ल्याण का हुक्म दिया| 18 जिब्ब उसके मुद्दई खड़े होये, तो उन्नै इसी गलत बात्त्तां की तोहमन्द कोनी लाई, जिसा मै समझूँ था| 19 पर वे आपणे मत कै अर यीशु नाम किसे माणस कै बारै म्ह, जो मरग्या था अर पौलुस उस ताहीं जिन्दा बतावै था, बहस करै थे| 20 मै उलझन म्ह था के इन बात्त्तां का बेरा किस ढाळ लाऊँ? ज्यांतै मन्नै उसतै बुझ्झया, ‘के तू यरूशलेम जावैगा के ओड़ै इन बात्त्तां का फ़ैसला होवै?’ 21 पर जिब्ब पौलुस नै दुहाई देई के उसकै मुकद्दमे का फ़ैसला महाराजाधिराज कै उरै हो, तो मन्नै हुक्म दिया के जिब्ब तक उस ताहीं कैसर कै धोरै नीं खन्दाऊँ, उस ताहीं हिरासत म्ह राख्या जावै|” 22 फेर अग्रिप्पा नै फेस्तुस तै कह्या, “मै भी उस माणस की सुणना चाहूँ सूं|” उसनै कह्या, “तू काल सुण लेवैगा|”

23 आखर म्ह दुसरे दिन जिब्ब अग्रिप्पा अर बिरनीके बड्डी धूम-धड़ाकै तै आये अर फ़ौज के सरदारां अर नगर के ख़ास आदमियां कै गेल्या दरबार म्ह पहोच्चे| फेर फेस्तुस नै हुक्म दिया के वे पौलुस ताहीं ली यावै| 24 फेस्तुस नै कह्या, “हे राजा अग्रिप्पा, अर हे सारे माणसो जो उरै महारै गेल्या सो, थम इस माणस नै देक्खो सो, जिसकै बारै म्ह सारे यहूदियां नै यरूशलेम म्ह अर उरै भी रूक्के मार-मारकै मेरै तै बिनती करी के इसका जिन्दा रहणा सई कोनी| 25 पर मन्नै बेरा पाट लिया के उसनै इसा कीमे कोनी करया के मार दिया जा; अर जिब्ब के उसनै आपै ए महाराजाधिराज की दुहाई दी, तो मन्नै उस ताहीं खन्दाण का फ़ैसला करया| 26 मन्नै उसकै बारै म्ह कोए पक्की बात कोनी पाई के आपणे मालिक कै धोरै लिखूँ| ज्यांतै मै उस ताहीं थारै श्यामी ल्याया सूं के जाँचे पाच्छै मन्नै कीमे लिख्खण का मौक्का मिल्लै| 27 क्यूँके कैदी ताहीं खन्दाणा अर जो तोहमन्द उस पै लाई सै, उन ताहीं नीं बताणा, मन्नै खामखां लाग्या सै|”

26

अग्रिप्पा कै श्यामी पौलुस का स्पष्टीकरण

1 अग्रिप्पा नै पौलुस तै कह्या, “तेरै ताहीं आपणै बाबत बोल्लण की आज्ञा सै|” फेर पौलुस हाथ बढ़ाकै जबाब देण लाग्या, 2 “हे राजा अग्रिप्पा, जितनी बात्त्तां की यहूदी मेरै पै तोहमन्द लावैं सैं, आज तेरै श्यामी उनका जबाब देण म्ह आपणे ताहीं धन्य समझूँ सूं, 3 ख़ास करकै ज्यांतै के तू यहूदियां कै सारे बिवारां अर झगड़े ताहीं जाणै सै| आखर म्ह मै बिनती करूँ सै, धीरज तै मेरी सुण| 4 “मेरा चाल-चलण सरूआत तै आपणी जात कै बिच्चाळै अर यरूशलेम म्ह जिसा था, उसका सारे यहूदियां नै बेरा सैं| 5 जै वे गवाही देणा चाहवैं, तो सरूआत तै मेरै ताहीं पिच्छाणै सैं के मै फरीसी होकै आपणे धर्म कै सारया तै खरे पन्थ कै मुताबिक चाल्या| 6 अर इब उस प्रण म्ह आस कै कारण जो पणमेशर नै म्हारै बाप-दाद्या तै करी थी, मेरै पै मुकद्दमा चाल रहया सै| 7 उस्से वादै कै पुरे होण की आस लाए होये, म्हारै बारहां गोत्र आपणे साब्तै मन तै दिन-रात पणमेशर की सेवा करदे आये सैं| हे राजा, इस्से आस कै बारै म्ह यहूदी मेरै पै तोहमन्द लावैं सैं| 8 जिब्ब के पणमेशर मरे होया नै जिन्दा करै सै, तो थारै उरै या बात क्यांतै बिश्वास कै जोग्गी कोनी समझी जान्दी?

9 “मन्नै भी समझया था के यीशु नासरी कै नाम कै बिरोध म्ह मेरै ताहीं घणा ए कीमे करणा चहिये| 10 अर मन्नै यरूशलेम म्ह न्यू ए करया; अर प्रधान याजकां तै हक्क पाकै घण-खरे पवित्र माणसां ताहीं जेळ म्ह गेरा, अर जिब्ब वे मार दिये जावै थे तो मै भी उनकै बिरोध म्ह आपणी राय द्यु था| 11 हरेक आराधनालय म्ह मै उन ताहीं कांल कर-करकै यीशु की बुराई करवाऊँ था, उरै ताहीं के छो के मारे इसा बावळा होग्या के बाहरण के नगरां म्ह भी जाकै उन ताहीं कांल करूँ था|

अपणे हृदय-परिवर्तन का जिकरा

(प्रेरीतां का काम 9:1-19; 22:6-16)

12 “इस्से धुन म्ह जिब्ब मै प्रधान याजकां तै अधिकार अर हुक्म-चिट्ठी लेकै दमिश्क नै जाण लागरया था; 13 तो हे राजा, राह म्ह दोफारी कै टेम मन्नै अकास तै सूरज कै तेज तै भी बढ़कै एक चाँदणा, आपणे अर आपणे गेल्या चाल्लणआळयां कै चौगरदे नै चमकदा होड़ देख्या| 14 जिब्ब हम सारे धरती पै पड़गे, तो मन्नै इब्रानी भाषा म्ह, मेरै तै न्यू कहन्दे होये एक बोल सुणया, ‘हे शाऊल, हे शाऊल, तू मन्नै क्यांतै सतावै सै? पैने पै लात मारणा तेरै खातर ओख्खा सै|’ 15 मै बोल्या, ‘हे प्रभु, तू कौण सै?’ प्रभु नै कह्या, ‘मै यीशु सूं, जिस ताहीं तू सतावै सै| 16 पर तू उठ, आपणे पायां पै खड़या हो; क्यूँके मन्नै तेरै ताहीं ज्यांतै दर्शन दिया सै के तन्नै उन बात्त्तां का भी सेवक अर गवाह ठहराऊँ, जो तन्नै देक्खीं सैं, अर उनका भी जिनकै खातर मै तन्नै दर्शन द्यूँगा| 17 अर मै तन्नै तेरै माणसां तै अर गैर-जात्त्तां तै बचान्दा रहूँगा, जिनकै धोरै मै इब तन्नै इसकरकै खन्दाऊँ सूं 18 के तू उनकी आँख खोल्लै के वे अन्धेरै तै चाँदणै कै कान्नी, अर शैतान कै अधिकार तै पणमेशर कै कान्नी पलटै; के पापां की माफ़ी अर उन माणसां कै गेल्या जो मेरै पै बिश्वास करण तै पवित्र करे गये सै, बसियत पावैं|’

अपणे काम्मां का जिकरा

19 “आखर म्ह हे राजा अग्रिप्पा, मन्नै उस सुर्गीय दर्शन की बात कोनी टाळी, 20 पर पहल्या दमिश्क कै, फेर यरूशलेम कै, अर फेर यहूदिया के सारे देश के बासिन्दा ताहीं, अर गैर-जात्त्तां ताहीं समझान्दा रहया, के मन फिराओ अर पणमेशर कै कान्नी पलट कै मन फिराव कै जोग्गा काम करो| 21 इन बात्त्तां कै कारण यहूदी मन्नै मन्दर म्ह पकड़ कै मार देण की कोशिश करैं थे| 22 पर पणमेशर की मदद तै मै आज ताहीं बणया सूं छोट्या-बड़या सारया कै श्यामी गवाही द्यूँ सूं, अर उन बात्त्तां नै छोड़ कीमे कोनी कहन्दा जो नब्बियाँ अर मूसा नै भी कहया के होणआळी सैं, 23 के मसीह का दुःख ठाणा होगा, म्हारै माणसां म्ह गैर-जात्त्तां म्ह चाँदणै का प्रचार करैगा|”

24 जिब्ब ओ इस तरियां तै जबाब देण लागरया था, तो फेस्तुस नै ठाड्डू बोलकै कह्या, “हे पौलुस, तू बावळा सै| घणै ज्ञान नै तेरै ताहीं बावळा कर दिया सै|” 25 पर पौलुस नै कह्या, “हे महामहिम फेस्तुस, मै बावळा कोनी, पर सच्चाई अर बुद्धि की बात कहूँ सूं| 26 राजा भी जिसकै श्यामी मै बिना डरे बोल्लण लागरया सूं, इन बात्त्तां का बेरा सै; अर मन्नै बिश्वास सै के इन बात्त्तां म्ह तै कोए उसतै लुह्की कोनी, क्यूँके यो वाक्या किसे कुणै म्ह कोनी होया| 27 हे राजा अग्रिप्पा, के तू नब्बियाँ का बिश्वास करै सै? हम्बै, मन्नै बेरा सै के तू बिश्वास करै सै|” 28 फेर अग्रिप्पा नै पौलुस तै कह्या, “तू माड़े-से समझाण तै मन्नै मसीही बनाणा चाहवै सै?” 29 पौलुस बोल्या, “पणमेशर तै मेरी प्रार्थना सै के, के माड़े म्ह के घणे म्ह, सिर्फ तू ए नीं पर जितने माणस आज मेरी सुणै सै, इन बन्धनां नै छोड़ वे मेरै जिसे हो जावैं|”

30 फेर राजा अर अधिकारी अर बिरनीके अर उनकै गेल्या बैठणीये उठ खड़े होये; 31 अर न्यारे जाकै आपस म्ह कहण लाग्गे, “यो माणस इसा तो कीमे कोनी करदा, जो मौत की सजा या जेळ, म्ह गेरण जोग्गा हो|” 32 अग्रिपा नै फेस्तुस तै कह्या, “जै यो माणस कैसर की दुहाई नीं देंदा, तो छूट सकै था|”

27

पौलुस की रोम-यात्रा : क्रेते तक

1 जिब्ब यो पक्का होग्या के हम जहाज कै जरिये इटली जावाँ, तो उन्नै पौलुस अर कीमे दुसरे कैदीयाँ ताहीं भी यूलियुस नामक औगुस्तुस की फ़ौज कै एक सूबेदार कै हाथां सौंप दिया| 2 अद्र्मुत्तियुम के एक जहाज पै जो आसिया कै कंठारै की जंगहा पै जाण पै था, चढ़कै हम नै उस ताहीं खोल दिया, अर अरिस्तर्खुर नामक थिस्सलुनीके का एक मकिदूनी म्हारै गेल था| 3 दुसरे दिन हम नै सैदा म्ह लंगर गेरया, अर यूलियुस नै पौलुस पै दया करकै उस ताहीं ढब्बियाँ कै उरै जाण दिया के उसका आदर-मान करया जावै| 4 ओड़ै तै जहाज खोलकै बाळ कै पलट होण कै कारण हम साइप्रस की आड़ म्ह होकै चाल्ले; 5 अर किलिकिया अर पंफूलिया कै लोवै कै समुन्दर म्ह होकै लूसिया के मूरा म्ह उतरे| 6 ओड़ै सूबेदार नै सिकन्दरिया का एक जहाज इटली जान्दा होड़ फेट्या, अर उसनै म्हारै ताहीं उस पै चढ़ा दिया| 7 जिब्ब हम घणे दिनां ताहीं होळे-होळे चालकै मुश्किल तै कनिदुस कै श्यामी पहोच्चे, तो इसकरकै के बाळ म्हारै ताहीं आगै बढ़ण कोनी देवै थी, हम सलमोने कै श्यामी तै होकै क्रेते की आड़ म्ह चाल्ले; 8 अर उसकै कंठारै-कंठारै मुश्किल तै चालकै ‘शुभलंगरबारी’ नामक एक जंगहा पहोच्चे, जित तै लसया नगर लोवै था|

9 जिब्ब घणे दिन बीतग्ये अर पाणी कै सफर म्ह जोखम ज्यांतै होवै थी ब्रत के दिन इब बीत लिये थे| आखर म्ह पौलुस नै उन ताहीं न्यू कहकै समझाया, 10 “हे सज्जनों, मन्नै इसा लागै सै के इस सफर म्ह मुश्किल अर घणा नुकसान, ना सिर्फ माळ अर जहाज की बल्के म्हारी ज्यान का भी, होणआळा सै|” 11 पर सूबेदार नै पौलुस की बात्त्तां तै कप्तान अर जहाज कै मालिक की बात्त्तां तै बाध मान्या| 12 वा बंदरगाह जाड्डा काटण कै खातर सई कोनी था, ज्यांतै घणा ए का बिचार होया के ओड़ै तै जहाज खोलकै जै किसे तरियां तै हो सकै तो फीनिक्स पहोचकै जाड्डा काटै| यो तो क्रेते का एक बंदरगाह सै जो दक्षिण-पश्चिम अर उत्तर-पश्चिम कै कान्नी नै खुलै सै|

समुंदर म्ह तूफ़ान

13 जिब्ब कुछ-कुछ दक्षिणी बाळ चाल्लण लाग्गी, तो न्यू समझकै के म्हारा मतलब पूरा होग्या, लंगर उठाया अर कंठारा धरे होये क्रेते कै धोरै जाण लाग्गे| 14 पर माड़ी वार म्ह धरती कै कान्नी तै बड्डी ए आँधी उठी, जो ‘यूरकुलिन’ कुहवावै सै| 15 जिब्ब आँधी जहाज पै लाग्गी तो ओ उसकै श्यामी ठहर कोनी सक्या, आखर म्ह हम नै उस ताहीं बहण दिया अर इस्से तरियां बहन्दे होये चाल्ले गये| 16 फेर कौदा नामक एक छोट्टे-से टाप्पू की आड़ म्ह बहन्दे-बहन्दे हम मुश्किल तै डोंगी नै बस कर सके| 17 फेर मल्लाहां नै उस ताहीं ठाकै आब्ळ उपाय करकै जहाज ताहीं तळै तै बाँधया, अर सुरतिस के चोरबालू पै टिक जाण कै डर तै पाल अर सामान उतार कै बहन्दे होये चाल्ले गये| 18 जिब्ब हम नै आँधी तै घणे हिचकोले अर धक्के खाए, तो दुसरे दिन वे जहाज का माळ बगाण लाग्गे; 19 अर तीसरे दिन उन्नै आपणे हाथां तै जहाज का साज-सामान भी बगा दिया| 20 जिब्ब घणे दिन ताहीं ना सूरज, ना तारे दिक्खे अर बड्डी आँधी चाल्दी रही, तो आखर म्ह म्हारै बचण की सारी उम्मींद जान्दी रही|

21 जिब्ब वे घणे दिन ताहीं भूखे रह लिये, तो पौलुस नै उनकै बिच्चाळै खड़े होकै कह्या, “हे माणसो, चहिये था के थम मेरी बात मानकै क्रेते तै ना जहाज खोल्दे अर ना या मुसीबत आन्दी अर ना यो नुकसान ठान्दे| 22 पर इब मै थमनै समझाऊँ सूं के धीरज राक्खो, क्यूँके थम म्ह तै किसे की ज्यान का नुकसान कोनी होवैगा, पर सिर्फ जहाज की| 23 क्यूँके पणमेशर जिसका मै सूं, अर जिसकी सेवा करूँ सूं, उसके सुर्गदुत नै आज रात मेरै धोरै आकै कह्या, 24 ‘हे पौलुस, डरै मतना ! तन्नै कैसर कै श्यामी खड़या होणा जरूर सै| देख, पणमेशर नै सारया ताहीं जो तेरै गेल्या सफर करै सै, तेरै ताहीं दिया सै|’ 25 ज्यांतै, हे भले माणसो, सब्र करो; क्यूँके मै पणमेशर का बिश्वास करूँ सूं, के जिसा मेरै तै कहया गया सै, उसा ए होगा| 26 पर म्हारै ताहीं किसे टाप्पू पै जा टिकणा होगा|”

जहाज का टूटणा

27 जिब्ब चौदहवीं रात आई, अर हम अद्रिया समुन्दर म्ह भटकदे होये हाँडरे थे, तो आधी रात कै लवै मल्लाहां नै अंदाजे तै जाणया के हम किसे देश कै लोवै पहोच रहे सां| 28 थाह लेण पै उन्नै बीस पुरसा डून्घा पाया, अर थोड़ा आगै बढ़कै दुबारा थाह लेई तो पन्द्रह पुरसा पाया| 29 फेर पथरीली जंगहा तै टकराण कै डर तै उन्नै जहाज की पिछली सैड चार लंगर गेरे, अर सबेरे होण की चाह करदे रहे| 30 पर जिब्ब मल्लाह जहाज पै तै भाजणा चाहवैं थे, अर गलही तै लंगर गेरण कै बहाणै डोंगी समुन्दर म्ह उतार दी; 31 तो पौलुस नै सूबेदार अर सिपाहियां तै कह्या, “जै ये जहाज पै नीं रहें, तो थम भी कोनी बच सकदे|” 32 फेर सिपाहियां नै जोड़े काटकै डोंगी गेर दी|

33 जिब्ब सबेरे होण पै था, फेर पौलुस नै न्यू कहकै, सारया ताहीं खाणा खाण कै खातर समझाया, “आज चौदहां दिन होये के थम आस देखदे-देखदे भूखे रहे, अर कीमे खाणा कोनी खाया| 34 ज्यांतै थारै तै समझाऊँ सूं के कीमे खा ल्यो, जिसतै थारा बचाव होवै; क्यूँके थारै म्ह तै किसे का सिर का एक बाल भी कोनी गिरैगा|” 35 न्यू कहकै उसनै रोट्टी लेकै सारया कै श्यामी पणमेशर का धन्यवाद करया अर तोड़कै खाण लाग्या| 36 फेर वे सारया नै धीरज बंधा कै खाणा खुवाण लाग्गे| 37 हम सारे मिलकै जहाज पै दो सौ छिहत्तर जणे थे| 38 जिब्ब वे खाणा खा कै छिक लिये, तो गेहूँ ताहीं समुन्दर म्ह बगा कै जहाज हल्का करण लाग्गे|

39 जिब्ब दिन लिकड़या तो उन्नै उस देश ताहीं कोनी पिच्छाणा, पर एक खाड़ी देक्खी जिसका कंठारा चौरस था, अर बिचार करया के जै हो सकै तो इस्से पै जहाज नै टिकावै| 40 फेर उन्नै लंगरा ताहीं खोलकै समुन्दर म्ह छोड़ दिया अर उस्से टेम पतवारां के बन्धन खोल दिये, अर बाळ कै श्यामी आगला पाल चढ़ाकै कंठारै कै कान्नी चाल्ले| 41 पर दो समुन्दर के संगम की जंगहा [पड़कै उन्नै जहाज ताहीं टिकाया, अर गलही तो धक्का खाकै पड़ गी अर टळ नीं सकी; पर पिछली सैड लहरा तै टूटण लाग्गी| 42 फेर सिपाहियां का यो बिचार होया के कैदीयां ताहीं मार देवैं, इसा ना हो के कोए तैर कै लिकड़ भाज्जै| 43 पर सूबेदार नै पौलुस ताहीं बचाण की मर्जी तै उन ताहीं इस बिचार तै रोक्या अर न्यू कहया, के जो तैर सकैं सैं, पहल्या छलाँग मारकै कंठारै लिकड़ जावैं; 44 अर बाकी कोए पटड़ा पै, अर कोए जहाज की दूसरी चीज कै सहारै लिकड़ जावैं| इस तरियां तै सारे धरती पै बच लिकड़े|

28

माल्टा द्वीप म्ह पौलुस

1 जिब्ब हम बच लिकड़े, तो बेरा लाग्या के यो द्वीप माल्टा कुहवावै सै| 2 ओड़ै के बासिन्दयां नै म्हारै पै अनोक्खी दया करी; क्यूँके मीह बरसण कै कारण ठण्ड थी, ज्यांतै आग सुलगाकै हम सारया ताहीं ठहराया| 3 जिब्ब पौलुस नै लाकड़ीयाँ का बरोटा कट्ठा करकै आग पै धरया, तो एक साँप आँच पाकै लिकड़या अर उसकै हाथ तै लिपट गया| 4 जिब्ब उन बासिन्दयां नै साँप ताहीं उसकै हाथ तै लिपटे होड़ देख्या, तो आपस म्ह कह्या, “साच्चए यो माणस खूनी सै के यधपि समुन्दर तै बचग्या, तौभी न्याय नै जिन्दा कोनी रहण दिया|” 5 फेर उसनै साँप ताहीं आग म्ह झटक दिया, अर उस ताहीं कीमे नुकसान कोनी पहोच्या| 6 पर वे बाट देखै थे के ओ सूज जावैगा या चाणचक पड़कै मर जावैगा, पर जिब्ब वे घणी वार ताहीं देखदे रहे अर देख्या के उसका कीमे भी कोनी बिगड़या, तो आपना बिचार बदलकै कह्या, “यो तो कोए देवता सै|”

7 उस जंगहा कै ओरै-धोरै उस टाप्पू कै प्रधान पुबलियुस की धरती थी| उसनै म्हारै ताहीं आपणे घरा ले जाकै तीन दिन ढब्बी की ढाळ सेवा-बाड़ी करी| 8 पुबलियुस का बाप ताप-बुखार अर बवासीर तै बीमार पड़या था| आखर म्ह पौलुस नै उसकै धोरै घर म्ह जाकै प्रार्थना करी अर उस पै हाथ धरकै उस ताहीं चंगा करया| 9 जिब्ब इसा होया तो उस द्वीप के बाकी बीमार आये अर चंगे करे गये| 10 उन्नै म्हारा घणा आदर-मान करया, अर जिब्ब हम चाल्लण लाग्गे तो जो कीमे म्हारै खातर जरूरी था, जहाज पै धर दिया|

माल्टा द्वीप तै रोम कै कान्नी

11 तीन महीने कै पाच्छै हम सिकन्दरिया कै एक जहाज पै चल लिकड़े, जो उस द्वीप म्ह पुरै जाड्डै रह्या था, अर जिसका निशान दियुसकूरी था| 12 सुरकूसा म्ह लंगर गेरकै हम तीन दिन टिके रहे| 13 ओड़ै तै हम घूमकै रेगियुम म्ह आये; अर एक दिन कै पाच्छै दक्षिणी बाळ चाल्ली, फेर हम दुसरे दिन पुतियुली म्ह आये| 14 ओड़ै हमनै भाई फेट्टे, उनकै कहणे तै हम उनकै उरै सात दिन ताहीं रहे; अर इस तरियां तै हम रोम नै चाल्ले| 15 ओड़ै तै भाई म्हारी खबर सुणकै अप्पियुस कै चौक अर तीन-सराए ताहीं म्हारै तै फेटण नै लिकड़ आये, जिन्नै देखकै पौलुस नै पणमेशर का धन्यवाद करया अर धीरज बांधया| 16 जिब्ब हम रोम म्ह पहोच्चे, तो पौलुस ताहीं एक सिपाही कै गेल्या जो उसकी रूखाळी करै था, एकल्ले रहण का हुक्म मिलग्या|

रोम म्ह पौलुस

17 तीन दिन कै पाच्छै उसनै यहूदियां कै खास माणसां ताहीं बुलाया, अर जिब्ब वे कट्ठे होये तो उनतै कह्या, “हे भाईयो, मन्नै आपणे माणसां कै या बाप-दाद्या कै बीवारां कै बिरोध म्ह कीमे भी कोनी करया, तौभी कैदी बणाकै यरूशलेम तै रोमियाँ कै हाथां सौंपया गया| 18 उन्नै मेरै ताहीं जाँच कै छोड़ देणा चाहया, क्यूँके मेरै म्ह मौत कै जोग्गा कोए कसूर कोनी था| 19 पर जिब्ब यहूदी इसकै बिरोध म्ह बोल्लण लाग्गे, तो मन्नै कैसर की दुहाई देणी पड़ी : यो नीं के मन्नै आपणे माणसां पै कोई तोहमन्द लाणी थी| 20 ज्यांतै मन्नै थारै ताहीं बुलाया सै के थारै तै फेट्टू अर बतळाऊँ; क्यूँके इस्राएल की आस कै खातर मै इस बेल तै जुड़या होड़ सूं|” 21 उन्नै उसतै कह्या, “ना हम नै तेरै बारै म्ह यहूदियां तै चिट्ठी पाई, अर ना भाईयां म्ह तै किसे नै आकै तेरै बारै म्ह कीमे बताया अर ना भूंडा कहया| 22 पर तेरा बिचार के सै? ओए हम तेरै तै सुणना चाहवां सां, क्यूँके हमनै बेरा सै के हरेक जंगहा इस मत कै बिरोध म्ह माणस बात करै सै|”

23 फेर उन्नै उसकै खातर एक दिन ठहराया, अर घणे माणस उसकै उरै कट्ठे होये, अर ओ पणमेशर कै राज्य की गवाही देंदा होया, अर मूसा के व्यवस्था अर नब्बीयाँ की किताबां तै यीशु कै बारै म्ह समझा-समझाकै सबेरे तै साँझ ताहीं वर्णन करदा रहया| 24 फेर कुछां नै उन बात्त्तां ताहीं मान लिया, अर कुछां नै बिश्वास कोनी करया| 25 जिब्ब वे आपस म्ह एक मत कोनी होये, तो पौलुस की इस बात कै कहण पै चाल्ले गये : “पवित्र आत्मा नै यशायाह नब्बी कै जरिये थारै बाप-दाद्या तै सई ए कहया, 26 ‘जाकै इन माणसां तै कह, के सुणदे तो रहोगे, पर ना समझोगे, देख्दे तो रहोगे, पर ना बूझ्झोगे; 27 क्यूँके इन माणसां का मन मोट्टा अर उनके कान भारया हो गये सैं, अर उन्नै आपणी आँख मूंद ली सै, इसा ना हो के वे कदे आँखां तै देखै अर कान्ना तै सुणै अर मन तै समझै अर पलटै, अर मै उन ताहीं चंगा करूँ|’ 28 आखर म्ह थम जाणो सो के पणमेशर कै इस उद्धार की कहानी गैर-जात्त्तां कै धोरै खन्दाई गयी सै, अर वे सुणैगें|” 29 जिब्ब उसनै न्यू कहया तो यहूदी आपस म्ह घणे बहस करण लाग्गे अर ओड़ै तै चले गये| 30 ओ पुरे दो साल आपणे भाड़ै कै घर म्ह रहया, 31 अर जो उसकै धोरै आवै थे, उन सारया तै फेटदा रहया अर बे रोक-टोक घणा निडर होकै पणमेशर कै राज्य का प्रचार करदा अर प्रभु यीशु मसीह की बात सिखान्दा रहया|