फिलिप्पी सहर के मसीही मन्डली के नाम लिखी पवलुस के चिट्ठी
इआ चिट्ठी के परिचय
फिलिप्पी सहर के रहँइ बाले बिसुआसी लोगन के खातिर लिखी, यीसु मसीह के खास चेला पवलुस के चिट्ठी यूरोप देस के धरती माहीं स्थित, पहिल मसीही मन्डली के खातिर लिखी गे रही हय, जेखर स्थापना पवलुस किहिन रहा हय। अउर उआ रोम देस के मकिदुनिया प्रदेस माहीं स्थित रही ही। इआ चिट्ठी उआ समय लिखी गे रही हय, जब पवलुस जेल माहीं रहे हँय, अउर जब ऊँ दुसरे मसीही कार-करतन के व्दारा अपने बिरोध के कारन परेसान, अउर फिलिप्पी सहर के मसीही मन्डली माहीं चल रही गलत सिच्छन से दुखी रहे हँय। ओखे बादव इआ चिट्ठी आनन्द अउर साहस के बारे माहीं बताबत ही, जउने काहीं केबल यीसु मसीह के ऊपर पवलुस के मजबूत बिसुआसय के व्दारा समझाबा जाय सकत हय।
इआ चिट्ठी लिखँइ के उआ समय के कारन इआ रहा हय, फिलिप्पी सहर के मसीही भाई-बहिनिन काहीं धन्यबाद देब, अउर उआ भेंट के खातिर जउन ऊँ पंचे पवलुस के जरूरत के समय उनहीं पठइन तय। ऊँ इआ मोका के उपयोग उनहीं पंचन काहीं आस्वासन देंइ के खातिर करत हें, कि जउने ऊँ उनखर अउर साथय-साथ खुदय अपने जीबन माहीं कठिनाइन के बादव साहस अउर भरोसा रक्खँय। ऊँ उनसे निबेदन करत हें, कि ऊँ पंचे सोरथ के अभिलासन अउर घमन्ड के बदले, यीसु के नम्र सुभाव काहीं अपनामँय। अउर ऊँ उनहीं पंचन काहीं इहव सुध देबाबत हें, कि मसीह के ऊपर बिसुआस माहीं उनखर जीबन परमातिमा के किरपा के एकठे दान आय, जउने काहीं ऊँ पंचे परमातिमा के ऊपर बिसुआस के व्दारा पाइन हीं, न कि यहूदी जाति के बिधान के नेमन काहीं मानँइ के व्दारा। पवलुस उआ आनन्द अउर सान्ति के बारे माहीं लिखत हें, जेही परमातिमा उन मनइन काहीं देत हें, जउन मसीह के साथ एकता के जीबन जिअत हें।
मसीही बिसुआस अउर जीबन माहीं आनन्द, निस्चय, एकता अउर मजबूती के ऊपर जोर देब, इआ चिट्ठी के खूबी आय। इआ चिट्ठी फिलिप्पी सहर के मसीही मन्डली के मनइन के खातिर पवलुस के मजबूत प्रेम के बारे माहीं बताबत ही।
रूप-रेखा :
भूमिका 1:1-11
पवलुस के निजी परिस्थितियाँ 1:12-23
मसीह माहीं जीबन 1:27—2:18
तीमुथियुस अउर इपफ्रुदीतुस के खातिर योजना 2:19-30
दुसमनन अउर खतरन के बिरोध माहीं चेतउनी 3:1—4:9
पवलुस अउर उनखर फिलिप्पी सहर के साथी 4:10-20
उपसंहार 4:21-23
1पवलुस के अभिबादन
1प्रभू यीसु मसीह के सेबक पवलुस अउर तीमुथियुस के तरफ से इआ चिट्ठी, फिलिप्पी सहर माहीं रहँइ बाले मसीह यीसु के ऊपर बिसुआस करँइ बाले भाई-बहिनिन, अउर मसीही मन्डली के अँगुअन अउर सेबकन काहीं मिलय।
2हम पंचे इआ प्राथना करित हएन, कि हमरे पंचन के पिता परमातिमा अउर प्रभू यीसु मसीह के तरफ से तोंहईं पंचन काहीं किरपा अउर सान्ति मिलत रहय।
पवलुस के प्राथना अउर धन्यबाद
3हम जब-जब तोंहईं पंचन काहीं सुध करित हएन, तब-तब अपने परमातिमा काहीं धन्यबाद देइत हएन। 4अउर जब-जब हम प्राथना करित हएन, त तोंहरे खातिर बड़े आनन्द के साथ प्राथना करित हएन। 5काहेकि तूँ पंचे जब से खुसी के खबर सुने हया, तब से लइके आज तक खुसी के खबर के प्रचार करँइ माहीं हमरे साथ सामिल रहे हया। 6अउर हमहीं इआ बात के पूर बिसुआस हय, कि परमातिमा जउन तोंहरे पंचन के जीबन माहीं निकहा काम सुरू किहिन हीं, उँइन ओही मसीह यीसु के दिन तक पूर करिहँय। 7तोंहरे बारे माहीं हमहीं अइसा सोचब उचित हय, काहेकि तूँ पंचे हमरे हिरदँय माहीं बसे हया। अउर हम जेल माहीं हएन, तऊ खुसी के खबर के खातिर मनइन काहीं जबाब देंइ माहीं, अउर अपने जीबन के व्दारा गबाही देंइ माहीं, परमातिमा हमरे ऊपर बड़ी दया कइके हमार मदत किहिन हीं, अउर ऊँ सगले कामन काहीं करँइ माहीं तूँ पंचे हमरे साथ सामिल हया। 8इआ बात माहीं परमातिमा हमार गबाह हें, कि हम तोंहसे मसीह यीसु कि नाईं प्रेम करित हएन, अउर हम तोंहसे मिलँय के खातिर ब्याकुल रहित हएन। 9अउर हम हमेसा इहय प्राथना करत रहित हएन, कि तोंहार पंचन के प्रेम, ग्यान अउर हरेकमेर के सोचँय-समझँय के छमता अउर बाढ़त जाय। 10इहाँ तक कि तूँ पंचे मसीह के उत्तम से उत्तम बातन काहीं पियार जाना, अउर मसीह के दिन तक सच्चे बने रहा; अउर बिसुआस से भटकँय न पाबा। 11अउर जउन काम परमातिमा के नजर माहीं निकहे हँय, उनहीं तूँ पंचे करत रहा, जउने परमातिमा के बड़ाई अउर अराधना होत रहय, काहेकि यीसु मसीह के द्वारा परमातिमा अपने नजर माहीं तोंहईं धरमी बनाइन हीं।
जेल माहीं पवलुस के जाँय से खुसी के खबर के बढ़ोत्तरी
12हे बिसुआसी भाई-बहिनिव, हम चाहित हएन, कि तूँ पंचे इआ जानिल्या, कि जउन हमरे ऊपर बीता हय, ओसे खुसी के खबर के बढ़ोत्तरिन भे ही। 13इहाँ तक कि कैसर के राज के सगली सेना, अउर उनखे अलाबा सगले मनई इआ जानिगें हँय, कि हम मसीह के ऊपर बिसुआस किहे के कारन जेल माहीं हएन। 14अउर प्रभू के ऊपर बिसुआस करँइ बाले जउन भाई हें, उनमा से जादा से जादा हमरे जेल माहीं होंइ के कारन, साहस के साथ, परमातिमा के बचन अउर निधड़क होइके सुनामँइ के हिम्मत करत हें।
15अउर कुछ मनई त हमसे डाह अउर दुसमनी के कारन मसीह के प्रचार करत हें, अउर कुछ जने निकहे मन से मसीह के प्रचार करत हें। 16अउर ईं पंचे इआ जानिके, कि परमातिमा हमहीं खुसी के खबर के बारे माहीं मनइन काहीं सही जबाब देंइ के खातिर चुनिन हीं, एसे ऊँ पंचे बड़े प्रेम के साथ खुसी के खबर के प्रचार करत हें। 17पय अउर कुछ जने त सच्चाई के साथ नहीं, बलकिन अपने सोरथ के खातिर मसीह के प्रचार करत हें, काहेकि ऊँ पंचे इआ सोचत हें, कि इआमेर कइके हमरे खातिर जेल माहीं कस्ट पइदा कइ सकत हें। 18त एसे का भ? कि हम जेल माहीं हएन, इआ जानिके, कि चाह हमरे बिरोध माहीं, चाह सच्चाई से, मसीह के कथा त सुनाई जात ही, एसे हम आनन्दित हएन, अउर हमेसा आनन्दित रहबव करब।
मसीह के खातिर जिन्दा रहब
19काहेकि हम जानित हएन, कि तोंहरे पंचन के प्राथना से, अउर यीसु मसीह के दीन पबित्र आत्मा के दान के व्दारा, हमहीं एखर प्रतिफल जरूर मिली, अउर हम जेल से छूटि जाब। 20हम हिरदँय से इहय आसा अउर बिसुआस रक्खित हएन, कि हम कउनव बात माहीं लज्जित न होई, बलकिन हमरे बड़े साहस के कारन मसीह के बड़ाई होय, जइसन हमरे देंह के व्दारा हमेसा होत रही हय, उहयमेर अबहिनव होय, चाह हम जिन्दा रही, चाह मर जई। 21काहेकि हमरे खातिर जिन्दा रहब मसीह हय, अउर मरिव जाँइ से फायदय हय। 22पय अगर इआ देंह माहीं हमार जिन्दा रहब, हमरे काम के खातिर फायदेमन्द हय, त हम नहिं जाने पाई, कि हम केही चुनी। 23काहेकि हम दोनव के बीच माहीं अधबीचे माहीं लटके हएन; एक मन त लागत हय, कि इआ दुनिया से कूँच कइके मसीह के लघे चले जई, काहेकि इआ हमरे जीबन के खातिर खुब निकहा हय। 24पय तोंहरे पंचन के खातिर, इआ देंह माहीं हमार जिन्दा रहब बहुतय जरूरी हय। 25अउर इआ बात जानित हएन, कि हम जिन्दा रहब, काहेकि हमहीं प्रभू के ऊपर बिसुआस हय, एसे कि हम तोंहरे पंचन के साथय माहीं रहब, जउने तूँ पंचे बिसुआस माहीं मजबूत होइजा, अउर प्रभू माहीं आनन्दित रहा। 26अउर प्रभू के ऊपर हमरे मजबूत बिसुआस के कारन, तूँ पंचे हमरे बारे माहीं घमन्ड करते हया, उआ तोंहरे पंचन के लघे हमरे पुनि आमँइ से, मसीह यीसु माहीं अउर जादा बढ़ि जाय।
27अउर हम तोंहरे लघे अई, चाह न अई, तूँ पंचे केबल एतना करा, कि तोंहार चाल-चलन मसीह के खुसी के खबर के काबिल होय, अउर हम तोंहरे पंचन के बारे माहीं इहय सुनी, कि तूँ पंचे एक मन होइके, खुसी के खबर के ऊपर बिसुआस काहीं मजबूत करँइ के खातिर मेहनत करत रहते हया। 28अउर कउनव बात माहीं अपने बिरोधिन से नहीं डेराते आह्या, इआ उनखे खातिर नास होंइ के स्पस्ट चिन्हारी होई, पय तोंहरे खातिर मुक्ती पामँइ के, अउर इआ परमातिमा के तरफ से होई। 29काहेकि तोंहरे ऊपर परमातिमा के इआ बड़ी दया मसीह के कारन भे ही, कि न केबल तूँ पंचे उनखे ऊपर बिसुआस करा, बलकिन उनहिन के खातिर दुखव उठाबा। 30अउर खुसी के खबर के खातिर जइसन मेहनत करत हमहीं तूँ पंचे देखे हया, उहयमेर तुहूँ पंचे करा, अउर अबहिनव तूँ पंचे सुनते हया, कि हम उहयमेर मेहनत करित हएन।
2मसीह के दीनता अउर महानता
1अगर तोंहरे पंचन के जीबन माहीं मसीह माहीं कउनव उराव हय, प्रेम से पइदा भे हिम्मत ही, अउर अगर पबित्र आत्मा माहीं कउनव भागीदारी हय, अउर करुना के कउनव भावना ही, इआ कि दया ही। 2त हमार इआ आनन्द पूर करा, कि सब कोऊ एक मन रहा, अउर एक प्रेम माहीं बँधे रहा, अउर एक चित्त रहा, अउर एकय बिचार रक्खा। 3आपस माहीं बिरोध इआ कि झूँठी बड़ाई पामँइ के खातिर कुछू न करा, पय नम्रता के साथ एक दुसरे काहीं अपने से निकहा समझा। 4तोंहरे पंचन म से सगले जनेन काहीं इआ चाही, कि ऊँ केबल अपनय भर नहीं, बलकिन दुसरेव के हित के घलाय ध्यान रक्खँय। 5अउर जइसन मसीह यीसु के सुभाव रहा हय, उहयमेर तोंहरव पंचन के सुभाव होय। 6जइसन
यीसु मसीह परमातिमा के स्वरूप माहीं होंय के बादव, परमातिमा के बराबर होंइ काहीं अपने बस माहीं रक्खँय के चीज नहीं समझिन।
7बलकिन अपने-आप काहीं अइसन सून्य कइ दिहिन, अउर सेबक के रूप धारन कइके मनई के समानता माहीं होइगें।
8अउर मनई के रूप माहीं पइदा होइके अपने-आप काहीं दीन किहिन, अउर इहाँ तक परमातिमा के हुकुमन काहीं मानिन, कि मउत काहीं अरथात क्रूस के मउत काहीं घलाय सहि लिहिन।
9इहय कारन से परमातिमा उनहीं सगलेन से ऊँच जघा माहीं उठाइन, अउर उनहीं उआ नाम दिहिन, जउन सगले नामन से बढ़िके हय।
10जउने ऊँ सगले जने यीसु के नाम के आँगे गोड़न गिरँय, अउर उनखर अराधना करँय, चाह ऊँ स्वरग के होंय, चाह ऊँ धरती के होंय, अउर चाह ऊँ धरती के नीचे के होंय।
11अउर पिता परमातिमा के महिमा के खातिर, हरेक मनई इआ सोइकार कइ लेंय, कि यीसु मसीहय प्रभू आहीं।
संसार माहीं उँजिआर कि नाईं चमका
12एसे हे हमार पियार साथिव, जब हम तोंहरे साथ माहीं रहेन हय, त तूँ पंचे हमेसा हमरे हुकुमन काहीं मानत रहे हया, उहयमेर अबहिनव निकहा से माना, भले हम तोंहरे लघे नहिं आहेन, तऊ परमातिमा के भय मानत, अउर उनखर सम्मान करत, जउन मुक्ती तोंहईं पंचन काहीं मिली हय, ओहिन के मुताबिक काम करा। 13काहेकि उआ काम करँइ के इच्छा, अउर ओही पूर करँइ के काम, उँइ दोनव बातन काहीं परमातिमा अपने भली इच्छा से तोंहरे मनन माहीं डारिन हीं।
14एसे बिना सिकाइत किहे, अउर बिना बाद-बिबाद किहे, सगले कामन काहीं करत रहा। 15जउने तूँ पंचे निरदोस अउर भोले-भाले बनिके बुरी चाल चलँइ बाले, अउर हठी मनइन के बीच माहीं, परमातिमा के निरदोस सन्तान बने रहा, एसे कि तूँ पंचे उनखे बीच माहीं, परमातिमा के अनन्त जीबन देंइ बाले बचन काहीं, अपने जीबन माहीं अपनाए, संसार माहीं जलत दियन कि नाईं देखाई देते हया। 16अउर मसीह के दुसराय आमँइ के दिन काहीं हमार छाती चउड़ी होइ जई, इआ देखिके, कि तूँ पंचे परमातिमा के अनन्त जीबन देंइ बाले बचन काहीं, अपने जीबन माहीं अपनाए हया, अउर हमरे जीबन के भाग-दउड़ अउर हमार मेहनत बेकार नहीं गे। 17अउर अगर तोंहरे बिसुआस रूपी बलिदान, अउर सेबा के साथ हमहीं आपन खून बहामँइ क परय, तऊ हम आनन्दित रहब, काहेकि तोंहरे पंचन के आनन्दय माहीं हमार आनन्द हय। 18जइसन हम आनन्दित हएन, उहयमेर हमरे साथ तुहूँ पंचे आनन्द मनाबा।
तीमुथियुस अउर इपफ्रुदीतुस
19अगर प्रभू यीसु के मरजी होई, त हम तीमुथियुस काहीं तोंहरे पंचन के लघे हरबिन पठउब, जउने ऊँ तोंहार हाल चाल लइके हमहीं आइके बतामँइ, अउर तोंहरे बारे माहीं जानिके हमरे मन काहीं सान्ति मिलय। 20काहेकि हमरे लघे इनखे सुभाव कि नाईं अउर कउनव मनई नहिं आय, जउन तोंहरे भलाई के खातिर सच्चे मन से चिन्ता करत होय। 21काहेकि सगले मनई अपने-अपने सोरथ के कामन काहीं ढूँढ़ँइ माहीं लगे रहत हें, अउर यीसु मसीह के कामन काहीं नहीं करँय। 22पय तूँ पंचे, तीमुथियुस काहीं अजमाइके जानिव लिहा हय, कि जइसन लड़िका अपने बाप के साथ मेहनत करत हय, उहयमेर खुसी के खबर के प्रचार करँय माहीं ऊँ हमरे साथ मेहनत किहिन हीं। 23एसे हमहीं आसा ही, कि जइसय हमहीं इआ जान परी, कि हमार का हाल होंइ बाला हय, हम हरबिन अगर प्रभू के इच्छा होई, त उनहीं तोंहरे लघे पठय देब। 24अउर हमहीं पूर बिसुआस हय, कि प्रभू के मदत से, हमहूँ घलाय तोंहरे पंचन के लगे हरबिन अउब।
25अउर हम इआ जरूरी समझेन, कि इपफ्रुदीतुस काहीं तोंहरे पंचन के लघे पठई, जउन हमार बिसुआसी भाई आहीं, अउर हमरे साथ काम करँइ बाले, अउर कामन माहीं सिपाही कि नाईं मदत करँइ बाले, अउर तोंहईं पंचन काहीं सँदेस देंइ बाले आहीं, अउर जरूरत परे माहीं हमार सेबा-सहाई करँइ बाले आहीं। 26एसे हम उनहीं तोंहरे लघे पठयन हय, काहेकि उनखर मन तोंहरे ऊपर लगा रहत रहा हय, अउर ऊँ ब्याकुल रहत रहे हँय, कि तूँ पंचे उनखे बारे माहीं सुने हया, कि ऊँ बिमार हें। 27अउर जरूर ऊँ बिमार होइगें तय, अउर लागत रहा हय, कि मर जइहँय, पय परमातिमा उनखे ऊपर दया किहिन, त ऊँ नीक होइगें, अउर उनखेन ऊपर भर नहीं, बलकिन हमरेव ऊपर घलाय दया किहिन हीं, कि जउने हमरे ऊपर दुख म दुख न परय। 28अउर हम एहिन से उनहीं तोंहरे लघे पठमँइ के अउरव कोसिस किहेन, कि उनसे पुनि तूँ पंचे मिलिके आनन्दित होइजा, अउर हमरव दुख कुछ कम होइ जाय। 29एसे तूँ पंचे प्रभू माहीं, उनखर बड़े आनन्द के साथ स्वागत किहा, अउर इआमेर के मनइन के आदर किहा करा। 30काहेकि उँइन मसीह के काम के खातिर अपने प्रान के बाजी लगाइन रहा हय, एसे उनखर इआ हालत होइगे रही हय, कि लागत रहा हय, कि ऊँ मर जइहँय, जउन तोंहरे पंचन के तरफ से हमरे सेबा माहीं कमी रहिगे तय, ओही ऊँ पूर करिहँय।
3सच्ची धारमिकता
1एसे हे हमार भाई-बहिनिव, प्रभू माहीं आनन्दित रहा, अउर तोंहरे कुसलता के खातिर उँइन बातन काहीं बेर-बेर लिखँइ माहीं, हमहीं कउनव कस्ट नहीं होय। 2कुकुरन कि नाईं नुकसान पहुँचामँइ बाले मनइन से सचेत रहा, अउर उन बुरे कामन काहीं करँइ बालेन से, अउर खतना करामँइ बालेन से सचेत रहा। 3काहेकि खतना बाले त हमहिन पंचे आहेन, जउन पबित्र आत्मा के अँगुआई से परमातिमा के अराधना करित हएन, अउर मसीह यीसु के ऊपर घमन्ड करित हएन, अउर देंह से जुड़ी बातन के ऊपर भरोसा नहीं रक्खी। 4पय हम त अपने देंह के ऊपर घलाय भरोसा रख सकित हएन, अउर अगर कउनव मनई काहीं अपने देंह के ऊपर भरोसा रक्खँइ के बिचार होय, त हम ओहू से घलाय बढ़िके भरोसा रख सकित हएन। 5अउर हम इजराइल के बंस माहीं बिन्यामीन के घराना माहीं पइदा भएन हय, अउर पइदा होए के अठएँ दिन हमार खतना भ रहा हय; एसे हम इब्रानी लोगन के खातिर इब्रानी आहेन; अउर मूसा के बिधान के बारे माहीं अगर कहा, त हम फरीसी आहेन। 6अउर अगर उत्साह के बारे माहीं कहा, त मसीही मन्डली के मनइन काहीं सतामँइ बाले आहेन; अउर मूसा के बिधान के धारमिकता के बारे माहीं कहा, त हम एखे बादव निरदोस रहेन हय। 7पय जउन-जउन बातँय हमरे फायदा के रही हँय, उनहीं मसीह के ऊपर बिसुआस किहे के कारन, तुच्छ समझित हएन। 8बलकिन हम अपने प्रभू मसीह यीसु के उत्तम बातन काहीं पहिचान लिहेन हय, इआ कारन से मूसा के बिधान के सगली बातन काहीं तुच्छ समझित हएन; अउर सगली चीजन काहीं कूरा-कचरा समझिके छोंडि दिहेन हय, जउने मसीह काहीं अपनाय सकी। 9अउर उनहिन के ऊपर बिसुआस माहीं बने रही; पय उआ धारमिकता माहीं नहीं, जउन मूसा के बिधान से मिलत ही, बलकिन उआ धारमिकता माहीं बने रही जउन मसीह के ऊपर बिसुआस किहे से मिलत ही, अउर इआ धारमिकता मसीह के ऊपर बिसुआस किहे से परमातिमा के व्दारा मिलत ही। 10अउर हम मसीह काहीं निकहा से जानँइ चाहित हएन, अउर उनखे सामर्थ के अनुभव करँइ चाहित हएन, जउने के व्दारा उँ मरेन म से जि उठे रहे हँय, अउर उनखे उआ दुख माहीं सामिल होंइ चाहित हएन, अउर उहय रूप काहीं पामँइ चाहित हएन, जउने काहीं ऊँ अपने मउत के व्दारा पाइन रहा हय। 11इआ आसा के साथ, कि हमहूँ कउनव मेर से मरेन म से जि उठँय के पद तक पहुँच सकी।
लच्छ के तरफ दउड़ब
12एखर मतलब इआ नहीं, कि उआ पद काहीं हम पाय चुकेन, इआ कि हम पूर सिद्ध बन चुकेन हय; बलकिन उआ पद काहीं पामँइ के खातिर हम लगीतार कोसिस कइ रहेन हँय, जउने के खातिर मसीह यीसु हमहीं पकड़िन रहा हय। 13हे भाई-बहिनिव, हम इआ भावना नहीं रक्खी, कि हम कहाँ से पकड़ गएन, बलकिन हम केबल इहय एकठे काम करित हएन, कि जउन बुरी बातँय हमरे जीबन माहीं पहिले रही हँय, उनहीं बिसराइके जउन हमरे आँगे लच्छ हय, ओही पामँइ के खातिर आँगे बढ़त जइत हएन। 14अउर हम उआ लच्छ काहीं पामँइ के खातिर, हमेसा कोसिस करत रहित हएन, जउने हम उआ इनाम पाई, जउने काहीं पामँइ के खातिर परमातिमा हमहीं मसीह यीसु के व्दारा ऊपर, अरथात स्वरग माहीं बोलाइन हीं। 15एसे हमरे पंचन म से जेतने जने परमातिमा के ग्यान माहीं मजबूत बनिगे हँय, ऊँ पंचे इहइमेर के सोच-बिचार रक्खँय, पय अगर कउनव बात माहीं तोंहार दूसर मेर के सोच-बिचार हय, त ओहू काहीं परमातिमा तोंहईं स्पस्ट रूप से बताय देइहँय। 16एसे जउने सत्य तक हम पंचे पहुँच चुकेन हय, ओहिन के मुताबिक चलत रही।
17अउर हे भाई-बहिनिव, तूँ पंचे सगले जन हमरे कि नाईं जीबन जिआ, अउर उनहीं पहिचान लेबा करा, जउन हमरिन कि नाईं जीबन जिअत हें, जेखर उदाहरन तूँ पंचे हमरे जीबन माहीं पउते हया। 18अउर हम तोंहईं एसे बताइत हएन, कि खुब जने अइसन हें, जिनखर चाल-चलन निकहा नहिं आय, इआमेर के मनइन के चरचा हम तोंहसे कइअक बेरकी कइ चुके हएन, अउर अबहिनव बड़े दुख के साथ बताइत हएन, कि ऊँ पंचे अपने बुरे चाल-चलन के व्दारा, मसीह के क्रूस माहीं बलिदान से इरखा रक्खत हें। 19अउर अपने देंह के इच्छन काहीं पूर करब परमातिमा से बढ़िके मानत हें, अउर अपने सरम बाली बातन के ऊपर घमन्ड करत हें, अउर धरती के बुरी चीजन माहीं आपन पूर मन लगाए रहत हें, अइसन करँइ बालेन के अन्त बिनास अरथात नरक हय। 20पय हमार पंचन के जनम भूमि त स्वरग माहीं हय; जहाँ हमहीं पंचन काहीं मुक्ती देंइ बाले प्रभू यीसु मसीह रहत हें, अउर उहाँ से उनखे पुनि आमँइ के हम पंचे बड़ी आसा लगाए इन्तजार कइ रहेन हँय। 21ऊँ अपने उआ सक्ती से जउने से संसार के सगली चीजन काहीं, अपने काबू माहीं कइ सकत हें, उहय सक्ती से हमरे पंचन के निबल देंह के रूप बदलिके, अपने महिमामय देंह कि नाईं बनाय देइहँय।
4प्रभू माहीं आनन्दित रहब
1हे हमार पियार भाई-बहिनिव, तोंहरेन माहीं हमार जिव लगा रहत हय, काहेकि तुहिन हमार आनन्द अउर मुकुट आह्या, हे पियार भाई-बहिनिव, हम तोंहईं जइसन प्रभू के बारे माहीं बताएन हय, ओहिन माहीं अटल बने रहा। 2एसे हम यूआदिया काहीं अउर सुन्तुखे काहीं घलाय समझाइत हएन, कि प्रभू माहीं एकय मन से रहा। 3अउर हे हमार सच्चे सहकर्मी हम तोंहऊँ से अनुरोध करित हएन, कि तूँ उन मेहेरिअन के मदत किहा, काहेकि ऊँ पंचे क्लेमेंस अउर हमरे साथ माहीं काम करँइ बालेन के साथय, खुसी के खबर के प्रचार करँइ माहीं बड़ी मेहनत किहिन हीं, इनखर नाम जीबन के किताब माहीं लिख लीनगे हँय।
4तूँ पंचे प्रभू माहीं हमेसा आनन्दित रहा; इहय बात काहीं हम पुनि कहित हएन, प्रभू माहीं आनन्दित रहा। 5तोंहार पंचन के सहनसीलता सगले मनइन काहीं पता चलय, जउने ऊँ प्रभू कइती आमँय, काहेकि प्रभू हरबिन आमँइ बाले हें। 6कउनव बात के चिन्ता न करा, बलकिन हरेक परिस्थित माहीं तोंहार पंचन के बिनती, प्राथना धन्यबाद के साथ परमातिमा के आँगे हाजिर कीन जाँय। 7तब परमातिमा के तरफ से मिलँइ बाली सान्ति, जउन हमरे पंचन के समझ से बाहर ही, तोंहरे पंचन के हिरदँय अउर बिचारन काहीं मसीह यीसु माहीं सुरच्छित बनाए रक्खी। 8एसे हे भाई-बहिनिव, जउन-जउन बातँय सत्य हईं, अउर जउन-जउन बातँय आदर के काबिल हईं, अउर जउन-जउन बातँय उचित हईं, अउर जउन-जउन बातँय पबित्र हईं, अउर जउन-जउन बातँय निकही हईं, अउर जउन-जउन बातँय मन काहीं नीक लागँइ बाली हईं, मतलब इआ, कि जउन-जउन बातँय जीबन माहीं निकहे बिचार पइदा करती हईं, अउर जउन सराहनीय बातँय हईं, उनहिन के ऊपर आपन ध्यान रक्खा। 9अउर जउन बातँय तूँ पंचे हमसे सिखे हया, अउर उनहीं अपने जीबन माहीं अपनाए हया, अउर जउन बातँय हमसे सुने हया, इआ कि हमहीं करत देखे हया, उनहिन के मुताबिक चला, तबहिन सान्ति के दाता परमातिमा तोंहरे पंचन के साथ माहीं रइहँय।
दान के खातिर धन्यबाद
10हम प्रभू माहीं खुब आनन्दित हएन, कि अब एतने दिना के बाद तोंहार पंचन के हमरे बारे माहीं मदत करँइ के बिचार पुनि आबा हय; अउर हम जानित हएन, कि तोंहार पंचन के इआ बिचार सुरुआतय से रहा हय, पय तोंहईं पंचन काहीं एखर मोकय नहीं मिला। 11इआ बात हम अपने कमी-घटी के कारन न होय कहित हएन, काहेकि हम इआ सिख लिहेन हय, कि जउने हाल माहीं हम रही, ओहिन माहीं सन्तोस करी। 12अउर गरीबी माहीं कइसा रहा जात हय, अउर अमीरी माहीं कइसा रहा जात हय, हम जान गएन हय, हर हाल माहीं चाह पेट भरा होय, चाह भूँखा होय, चाह हमरे लघे हर चीज भरपूर होय, चाह एक्कव न होय, उन सगली बातन माहीं खुस रहँइ के भेद हम जान लिहेन हय। 13जउन हमहीं सामर्थ देत हें, उआ सामर्थ से हम सब कुछ कइ सकित हएन।
14तऊ तूँ पंचे निकहा किहा हय, जउन हमरे दुख माहीं हमार मदत किहा हय। 15अउर हे फिलिप्पी सहर के मसीही मन्डली के बिसुआसी भाई-बहिनिव, तूँ पंचे खुदय जनते हया, कि जब हम खुसी के खबर के प्रचार करब सुरू किहेन तय, अउर मकिदुनिया सहर से चल दिहेन तय, तब तोंहईं पंचन काहीं छोंड़िके, अउर कउनव मसीही मन्डली के मनई लेन-देन के बारे माहीं हमार मदत नहीं किहिन तय। 16इहइमेर जब हम थिस्सलुनीके सहर माहीं रहेन हय, तबहिनव तूँ पंचे हमरे कमी-घटी काहीं पूर करँइ के खातिर, दुइ बेरकी कुछ न कुछ पठए रहे हया। 17इआ नहीं, कि हम तोंहसे दान चाहित हएन, बलकिन अइसन फल चाहित हएन, कि जउन तोंहरे पंचन के फायदा के खातिर बाढ़त जाय। 18अउर जउन चीजँय तूँ पंचे इपफ्रुदीतुस के हाँथ से पठए रहे हया, उनहीं पाइके हमार हर जरूरत पूर होइगे ही, बलकिन हमरे लघे जरूरत से जादा चीजँय होइ गई हँय। जउन भेंट तूँ पंचे हमरे लघे पठए हया, उआ सुगन्धित अउर सोइकार करँइ के काबिल बलिदान हय, जउने से परमातिमा प्रसन्न होत हें। 19अउर हमार परमातिमा घलाय अपने उआ धन के मुताबिक, जउन मसीह यीसु माहीं महिमा समेत हय, तोंहरे हरेक कमी-घटी काहीं पूर करिहँय। 20हमरे पंचन के पिता परमातिमा के बड़ाई जुग-जुग तक होत रहय। आमीन!
अन्तिम नबस्कार
21अउर हरेक ऊँ पबित्र मनइन काहीं, जउन मसीह यीसु के ऊपर बिसुआस करत हें, हमार पंचन के नबस्कार कह्या, अउर जउन भाई हमरे साथ माहीं हें, ऊँ पंचे घलाय तोंहईं नबस्कार कहत हें। 22अउर सगले पबित्र मनई खास करके जउन महाराजा कैसर के घराना के हें, तोंहईं पंचन काहीं नबस्कार कहत हें।
23अउर हम पंचे प्राथना करित हएन, कि हमरे पंचन के प्रभू यीसु मसीह के किरपा, तोंहरे पंचन के आत्मा के साथ बनी रहय। आमीन!