फिलेमोन के नाम लिखी पवलुस के चिट्ठी

इआ चिट्ठी के परिचय

फिलेमोन एकठे खास मसीही रहे हँय, जिनहीं माना जात हय, कि ऊँ कुलुस्से सहर के मसीही मन्डली के सदस्य रहे हँय, अउर उनखे उनेसिमुस नाम के एकठे दास रहा हय। अउर उआ उनखे घर से भागिगा तय, एखे बाद उआ कउनव मेर से पवलुस के समपरक माहीं आबा, अउर पवलुस उआ समय जेल माहीं रहे हँय। पवलुस के द्वारा उनेसिमुस मसीही बनिगा। फिलेमोन के नाम यीसु मसीह के खास चेला पवलुस के चिट्ठी माहीं, पवलुस, फिलेमोन से इआ आग्रह करत हें, कि ऊँ अपने दास से पुनि मेल-जोल कइ लेंय, जउने काहीं ऊँ दुसराय उनखे लघे पठबत रहे हँय, अउर पवलुस चाहत रहे हँय, कि फिलेमोन न केबल एकठे माफ कीन दास के रूप भर माहीं ओही सोइकार करँय, बलकिन एकठे मसीही भाई के रूप माहीं ओखर स्वागत करँय।

रूप-रेखा :

भूमिका 1-3

फिलेमोन के बड़ाई 4-7

उनेसिमुस के खातिर निबेदन 8-22

उपसंहार 23-25

1

पवलुस के अभिबादन

1हम पवलुस आहेन, अउर इआ चिट्ठी काहीं लिख रहेन हँय, जउन मसीह यीसु के कारन जेल माहीं हएन, हमरे तरफ से अउर भाई तीमुथियुस के तरफ से, इआ चिट्ठी हमरे पंचन के साथ माहीं काम करँइ बाले पियार फिलेमोन, 2अउर बहिनी अप्फिया, अउर हमरे पंचन के साथ माहीं सिपाही कि नाईं काम करँइ बाले भाई अरखिप्पुस, अउर फिलेमोन के घर माहीं लागँइ बाली मसीही मन्डली के मनइन काहीं मिलय। 3हमरे पंचन के पिता परमातिमा, अउर प्रभू यीसु मसीह के तरफ से तोंहईं पंचन काहीं किरपा अउर सान्ति मिलत रहय।

फिलेमोन के प्रेम अउर बिसुआस

4अउर जब-जब हम प्राथना करित हएन, तब-तब तोंहईं सुध करित हएन, अउर हमेसा परमातिमा काहीं धन्यबाद देइत हएन। 5काहेकि तूँ जउन यीसु मसीह के ऊपर बिसुआस करते हया, अउर सगले बिसुआसी भाई-बहिनिन से प्रेम करते हया, एखर हम चरचा सुनत रहित हएन। 6हम इआ प्राथना करित हएन, कि बिसुआस माहीं तोंहार भागीदार होब, प्रभावसाली होय, अउर मसीह के द्वारा जउन आसिरबाद तोंहईं मिला हय, ओही पहिचान ल्या। 7हे भाई, तोंहरे द्वारा बिसुआसी भाई-बहिनिन के मन खुब आनन्द से भरिगें हँय, एसे तोंहरे इआ प्रेम काहीं देखिके, हमहीं खुब आनन्द अउर सान्ति मिली हय।

उनेसिमुस के खातिर पवलुस के निबेदन

8एसे जबकि मसीह माहीं तोंहईं पंचन काहीं कइसन करतब्य करँइ चाही, एखे बारे माहीं तोंहईं हुकुम देंइ के हमहीं अधिकार हय। 9तऊ हम पवलुस जउन बुढ़ाय गएन हय, अउर अब मसीह यीसु के खातिर जेल माहीं डारे गएन हय, हमहीं इआ नीक जान परा, कि हम प्रेम से तोंहसे बिनती करी। 10अउर जब हम जेल माहीं रहेन हय, तब उनेसिमुस हमरे द्वारा बिसुआसी बना हय, एसे उआ हमरे लड़िका कि नाईं हय, ओखे खातिर हम तोंहसे बिनती करित हएन। 11एक समय अइसा रहा हय, कि जब उआ तोंहरे कउनव काम के नहीं रहा आय, पय अब उआ केबल तोंहरेन भर खातिर नहीं, बलकिन उआ हमरेव खातिर घलाय बड़े काम के हय। 12हम ओही पुनि तोंहरे लघे पठइत हएन, जउन हमरे जिगर के टुकड़ा आय। 13हम जउन खुसी के खबर के प्रचार करँइ के कारन, जेल माहीं डारे गएन हय, एसे ओही हम अपनेन लघे रक्खँइ चाहत रहे हएन, कि उआ तोंहरे तरफ से हमार सेबा करत। 14पय हम तोंहरे मरजी काहीं बिना जाने, कुछू नहीं करँइ चाहेन, कि जउने हमरे ऊपर तोंहार इआ दया, कउनव दबाव से नहीं, बलकिन बड़े खुसी के साथ होय। 15होइ सकत हय, कि उआ इहय कारन तोंहसे कुछ दिनन के खातिर अलग भ रहा होय, कि जउने उआ हमेसा के खातिर तोंहरे लघे रहि सकय। 16पय अब तूँ ओसे एकठे सेबक कि नाईं नहीं, बलकिन सेबक से बढ़िके बिसुआसी भाई कि नाईं बेउहार किहा, काहेकि उआ हमहीं त खुब पियार हइअय हय, एसे तूँ एकठे साधारन मनई कि नाईं नहीं, बलकिन बिसुआसी भाई कि नाईं ओसे प्रेम किहा। 17एसे अगर तूँ हमहीं प्रभू के काम माहीं आपन साझीदार मनते हया, त ओहू काहीं हमरे कि नाईं समझिके सोइकार करा। 18अउर अगर उआ तोंहार कुछू नुकसान किहिस होय, इआ कि ओखे ऊपर तोंहार कुछू करजय होय, त ओही हमरे नाम माहीं लिख लिहा। 19हम पवलुस खुदय अपने हाँथ से इआ लिख रहेन हय, कि हम तोंहार करजा खुदय पटाय देब; हमहीं इआ बतामँइ के जरूरत नहिं आय, कि तूँ अपने जीबन भर, हमार रिनी रइहा। 20अउर हे भाई, तूँ ओही सोइकार कइल्या, जउने इआ आनन्द हमहीं प्रभू माहीं तोंहरे तरफ से मिलय, अउर मसीह माहीं हमरे जिव काहीं हरा-भरा कइ द्या। 21हम तोंहरे ऊपर बिसुआस करित हएन, कि तूँ हमरे हुकुम काहीं जरूर मनिहा, एसे हम तोंहईं इआ चिट्ठी लिख रहेन हय, अउर हम इहव जानित हएन, कि जउन हम तोंहईं कहित हएन, ओही तूँ ओहू से बढ़िके करिहा। 22हम तोंहसे एकठे बात अउर कहित हएन, कि हमरे रहँइ के खातिर जघा के प्रबन्ध कइ राख्या; हमहीं इआ पूर आसा ही, कि परमातिमा, तोंहरे पंचन के प्राथनन काहीं सुनिके, हमहीं जेल से छोड़ाइके तोंहरे लघे पुनि पठय देइहँय।

अन्तिम अभिबादन

23इपफ्रास जउन हमरे साथ मसीह यीसु के कारन जेल माहीं बंद हें। 24अउर मरकुस अउर अरिस्तरखुस अउर देमास, अउर लूका जउन हमरे साथ माहीं काम करँइ बाले आहीं, इनहूँ के तरफ से घलाय तोंहईं नबस्कार पहुँचय। 25अउर हम पंचे इआ प्राथना करित हएन, कि हमरे प्रभू यीसु मसीह के किरपा तोंहरे पंचन के आत्मा के साथ बनी रहय। आमीन!