इब्रानी मसीही लोगन के नाम लिखी चिट्ठी
इआ चिट्ठी के परिचय
इआ चिट्ठी इब्रानी मसीही लोगन के खातिर लिखी गे रही हय, जउन सताव के कारन अपने मसीही बिसुआस काहीं छोंड़ँइ के कगार माहीं रहे हँय। लेखक उनहीं पंचन काहीं अपने बिसुआस माहीं बने रहँइ के खातिर उत्साहित करत हें, इआ चिट्ठी माहीं लेखक खास करके इआ बताबत हें, कि केबल यीसु मसीह परमातिमा के बास्तबिक अउर अन्तिम प्रकासन आहीं, इआ बात काहीं बतामँइ के खातिर ऊँ तीन सच्चाइन माहीं जोर देत हें। (1) यीसुअय परमातिमा के बास्तबिक लड़िका आहीं, जउन दुख उठाय-उठाइके पिता के हुकुमन काहीं पालन किहिन। परमातिमा के लड़िका के रूप माहीं यीसु पुरान नेम के नबिअन, स्वरगदूतन, अउर मूसा से घलाय महान हें। (2) यीसु परमातिमा के द्वारा अनन्तकाल के खातिर महायाजक साबित कइ दीनगे हँय, अउर ऊँ पुरान नेम के महायाजकन से महान हें। (3) यीसु के द्वारा बिसुआसी पाप, डेर, अउर मउत से बचाय लीनगे हँय; अउर यीसु महायाजक के रूप माहीं सच्ची मुक्ती देत हें, यहूदी धरम के धारमिक बिधिअन, अउर पसुअन के बलियन के द्वारा जिनखर केबल पहिले से अभास मिलत रहा हय।
लेखक चिट्ठी के अन्तिम पाठन माहीं इजराइल के कुछ महान मनइन के बिसुआस के बारे माहीं बखान कइके, अपने पढ़ँइ बालेन काहीं बिसुआस माहीं बने रहँइ के निबेदन करत हें, कि ऊँ पंचे सताव अउर दुख-मुसीबत काहीं सहत अन्त तक बिसुआस माहीं बने रहँय, अउर आपन ध्यान यीसु मसीह के ऊपर लगाए रहँय।
हम बिनती करित हएन, कि इआ चिट्ठी काहीं अपना पंचे जरूर पढ़ी, अउर यीसु मसीह के ऊपर किहे बिसुआस माहीं मजबूत बनी।
रूप-रेखा :
भूमिका : मसीह, परमातिमा के पूर प्रकासन आहीं 1:1-3
मसीह, स्वरगदूतन से घलाय महान हें 1:4—2:18
मसीह, मूसा अउर यहोसू से घलाय महान हें 3:1—4:13
मसीह के याजक पद के महानता 4:14—7:28
मसीह के करार के महानता 8:1—9:28
मसीह के बलिदान के महानता 10:1-39
बिसुआस के महानता 11:1—12:29
आखिरी उपदेस अउर उपसंहार 13:1-25
1परमातिमा के बचन उनखे लड़िका के व्दारा
1पहिले के समय माहीं परमातिमा, बाप-दादन से थोरी-थोरी कइके, अउर कइयकमेर से अपने सँदेस बतामँइ बालेन के द्वारा बातँय किहिन, 2पय ईं आखिरी दिनन माहीं अपने लड़िका के द्वारा हमसे पंचन से बातँय किहिन हीं, अउर उनहिन काहीं ऊँ सगले चीजन के बारिसदार ठहराइन हीं, अउर उनहिन के द्वारा ऊँ सगले संसार काहीं बनाइन हीं। 3अउर ऊँ परमातिमा के महिमा के उँजिआर, अउर उनखे हरेक सुभाव के साछात तसबीर आहीं, अउर उँइन सगली चीजन काहीं अपने सामरथी बचन से सम्हारत हें। अउर उँइन मनइन के पापन काहीं धोइके, सगलेन से ऊँच जघा अरथात स्वरग माहीं, सबसे महान परमातिमा के दहिने कइती जाइके बइठिगें हँय। 4अउर उनखर पद स्वरगदूतन से बढ़िके हय, काहेकि जउन नाम उनहीं बारिसदार के रूप माहीं मिला हय, उआ नाम उनखे नामन से खुब महान हय।
परमातिमा के लड़िका के महानता
5काहेकि स्वरगदूतन म से परमातिमा कबहूँ कोहू से इआ नहीं कहिन, कि
“तूँ1:5 भज 2:7 हमार लड़िका आह्या, अउर तूँ आजय हमसे पइदा भया हय।” अउर इहव नहीं कहिन, कि “हम उनखर बाप होब, अउर ऊँ हमार लड़िका1:5 2 समू 7:14; 1 इति 17:13 होइहँय।”
6अउर जब ऊँ अपने पहिलउठा लड़िका काहीं संसार माहीं पठबत हें, त कहत हें, कि “परमातिमा के सगले स्वरगदूत उनखे गोड़न गिरँय1:6 ब्यब 32:43।”
7अउर ऊँ स्वरगदूतन के बारे माहीं इआ कहत हें, कि
“ऊँ अपने दूतन काहीं हबा कि नाईं, अउर अपने सेबकन काहीं धँधकत आगी कि नाईं बनाबत हें1:7 भज 104:4।”
8पय अपने लड़िका के बारे माहीं परमातिमा इआ कहत हें, कि “हे परमातिमा तोंहार सिंहासन हमेसा बना रही, अउर तूँ अपने राज माहीं न्याय के साथ सासन1:8 भज 45:6 करिहा।
9अउर तूँ धरम से प्रेम अउर अधरम से इरखा किहा हय; इहय कारन से परमातिमा अरथात तोंहार परमातिमा तोंहरे साथिन से बढ़िके तोंहार आनन्द रूपी तेल से अभिसेक1:9 भज 45:7 किहिन हीं।” 10अउर परमातिमा इहव कहत हें, कि
“हे प्रभू, सुरुआत माहीं अपना धरती के नेव डारेन हय, अउर स्वरग अपना के हाँथे के कारीगरी1:10 भज 102:25 आय।
11पय ऊँ सगले ओन्हा कि नाईं पुरान होइ जइहँय, अउर ऊँ नास होइ जइहँय; पय अपना हमेसा1:11 भज 102:26 बने रहब।
12अउर अपना उनहीं पिछउरी कि नाईं लपेटब, अउर ऊँ पुरान ओन्हा कि नाईं बदल जइहँय, पय अपना उहयमेर सही-सलामत रहब, अउर अपना के जीबन के अन्त1:12 भज 102:27 कबहूँ न होई।”
13अउर परमातिमा कबहूँ कउनव स्वरगदूतन से इआमेर नहीं कहिन, कि
“तूँ हमरे दहिने कइती बइठा, जब तक हम तोंहरे बइरिन काहीं तोंहरे गोड़े के नीचे धरँय बाली चउकी1:13 भज 110:1 न बनाय देई।”
14काहेकि ऊँ सगले स्वरगदूत सेबा करँइ बाली आत्मा आहीं, जउन मुक्ती पामँइ बाले मनइन के सेबा के खातिर पठई जाती1:14 भज 34:7 हँय।
2महान मुक्ती
1इआ कारन से हमहीं पंचन काहीं चाही, कि हम पंचे जउने बातन काहीं सुने हएन, उनमा अउर जादा मन लगाई, कहँव अइसा न होय, कि हम पंचे भटकिके ऊँ बातन से दूर चले जई। 2काहेकि जउन बचन स्वरगदूतन के द्वारा कहा ग रहा हय। जब उआ नहीं बदला, अउर हरेक अपराध अउर हुकुम न मानँइ के ठीक-ठीक बदला मिला, 3त हम पंचे एतनी महान मुक्ती देंइ बाले बचन के तिरस्कार कइके, कइसन सजा से बँच सकित हएन? अरथात नहीं बँच सकी। जेखे बारे माहीं सबसे पहिले प्रभू बताइन तय, अउर सुनँय बालेन के द्वारा हमहीं पंचन काहीं पूर बिसुआस भ। 4अउर साथय-साथ परमातिमा घलाय अपने मरजी के मुताबिक चिन्हन, अउर अचरज के कामन, अउर अनेकव प्रकार के सामर्थ के कामन, अउर पबित्र आत्मा के बरदानन काहीं बाँटँइ के द्वारा, एखर गबाही देत रहिगें।
मुक्ती देंइ बाले यीसु मसीह के मनई के रूप धारन करब
5उआ आमँइ बाले संसार काहीं जेखे बारे माहीं हम पंचे चरचा कइ रहे हएन, ओही परमातिमा स्वरगदूतन के अधिकार माहीं नहीं किहिन आय। 6बलकिन पबित्र सास्त्र माहीं कउनव मनई परमातिमा से इआ कहिन हीं, कि
“मनई के कउनव अउकात नहिं आय, तऊ अपना ओखर ख्याल रक्खित हएन।” अउर “मनई के कउनव अउकात नहिं आय, तऊ अपना ओखर चिन्ता करित हएन।”
7“अपना उनखे पद काहीं स्वरगदूतन से थोरिन काहीं कम किहेन हय; अपना उनखे ऊपर महिमा अउर मान-सम्मान के मुकुट धरेन हय, अउर उनहीं अपने हाँथेन के कामन के ऊपर अधिकार दिहेन हय। अउर अपना सब कुछ उनखे अधीन2:7 भज 8:4-6 कइ दिहेन हय।”
8एसे जब परमातिमा सब कुछ उनखे अधीन कइ दिहिन हीं, अउर अइसन कुछू नहीं बचाइन जउन उनखे अधीन न भ होय। पय हम पंचे अबय तक सब कुछ उनखे अधीन नहीं देखी।
9पय हम पंचे यीसु काहीं जिनखर पद, कुछ समय के खातिर स्वरगदूतन से थोरिन काहीं कम कीन ग रहा हय, मउत के दुख भोगँइ के कारन, महिमा अउर मान-सम्मान के मुकुट पहिरे देखित हएन; कि जउने ऊँ परमातिमा के किरपा से सगले मनइन के खातिर मउत के स्वाद चखँय। 10काहेकि परमातिमय सब कुछ बनाइन हीं, अउर सब कुछ उनहिन के आय, अउर उनहीं इआ निकहा लाग, कि जब ऊँ खुब लड़िकन काहीं अपने महिमा माहीं पहुँचामँइ, त उनहीं पंचन काहीं मुक्ती देंइ बाले यीसु काहीं दुख भोगँइ के द्वारा सिद्ध करँय। 11काहेकि पबित्र करँइ बाले यीसु अउर जउन मनई पबित्र कीन जात हें, ऊँ सगले जन एकय पिता के सन्तान आहीं, इहय कारन से यीसु उनहीं पंचन काहीं भाई-बहिनी कहँइ से नहीं लजाँय। 12अउर पबित्र सास्त्र माहीं घलाय लिखा हय, कि ऊँ कहत हें, कि
“हम अपना के नाम अपने भाई-बहिनिन काहीं बताउब, अउर मसीही मन्डली के बीच माहीं अपना के भजन गाउब।”
13अउर इहव घलाय कहिन हीं, कि हम उनखे ऊपर बिसुआस रक्खब। अउर इहव कहिन, कि “देखा, हम ऊँ लड़िकन समेत जिनहीं परमातिमा हमहीं दिहिन हीं।”
14काहेकि जब लड़िका माँस अउर खून से बने हँय, त यीसु घलाय उनहिन कि नाईं मनई के रूप माहीं पइदा होइके, खून अउर माँस माहीं भागीदार होइगें। कि जउने अपने मउत के द्वारा ऊँ ओही, अरथात सइतान के सक्ती काहीं नास कइ देंइ, जउने काहीं मउत के ऊपर सक्ती मिली रही हय। 15अउर जेतने मनई मउत के डेर से जीबन भर ओखे बन्धन माहीं परे रहे हँय, यीसु उनहीं मउत के डेर से मुक्ती देंय। 16काहेकि इआ निस्चित हय, कि यीसु स्वरगदूतन के नहीं, बलकिन अब्राहम के सन्तानन के मदत करत हें। 17इआ कारन से उनखे खातिर इआ जरूरी रहा हय, कि ऊँ हरेक बातन माहीं, अपने भाई-बहिनिन कि नाईं बनँय, जउने ऊँ, परमातिमा से सम्बन्धित हरेक बातन माहीं, दयालू अउर बिसुआस के काबिल महायाजक बनँय। अउर मनइन के पापन के माफी के खातिर, खुद काहीं बलिदान करँय। 18काहेकि यीसु जब परिच्छा माहीं परे रहे हँय, त खुब दुख उठाइन तय, एसे ऊँ उनहूँ के घलाय मदत कइ सकत हें, जिनखर परिच्छा होत ही।
3यीसु मूसा नबी से महान हें
1एसे हे पबित्र भाई-बहिनिव, तूँ पंचे जउन स्वरग माहीं रहँइ बाले परमातिमा के द्वारा बोलाए जाँइ माहीं भागीदार हया, परमातिमा के पठए ऊँ प्रतिनिधि अउर महायाजक यीसु के ऊपर ध्यान करा, जिनहीं हम पंचे सोइकार किहेन हँय। 2जउन अपने नियुक्त करँइ बाले परमातिमा के खातिर, बिसुआस के काबिल रहे हँय, जइसन मूसा नबी घलाय, उनखे सगले घराना माहीं बिसुआस के काबिल रहे हँय। 3काहेकि जइसन घर काहीं बनामँइ बाला, घर से अधिक मान-सम्मान पाबत हय, उहयमेर यीसु घलाय, मूसा नबी से बढ़िके मान-सम्मान पामँइ के काबिल माने गे हँय। 4काहेकि हरेक घर काहीं बनामँइ बाला कोऊ न कोऊ होत हय, पय हरेक चीजन काहीं बनामँइ बाले परमातिमय आहीं। 5अउर मूसा त उनखे सगले घराना माहीं सेबक कि नाईं बिसुआस के काबिल रहे हँय, कि जउने बातन के बखान होंइ बाला रहा हय, ओखर गबाही देंय। 6पय मसीह लड़िका कि नाईं, उनखे घर के अधिकारी आहीं, अउर उनखर घर हम पंचे आहेन, अगर हम पंचे साहस माहीं, अउर अपने आसा के घमन्ड माहीं, अन्त तक मजबूती के साथ बने रही।
अबिसुआस के बारे माहीं चेतउनी
7-8एसे जइसन पबित्र आत्मा कहत हें, कि
“अगर आज तूँ पंचे परमातिमा के बोल सुना, त अपने मन काहीं कठोर न करा, जइसन कि क्रोध देबामँइ के समय अउर परिच्छा के दिन इजराइली लोग जंगल माहीं किहिन तय।
9जहाँ तोंहार पंचन के बाप-दादा हमहीं जाँचिन-परखिन, अउर चालिस बरिस तक हमरे कीन कामन काहीं देखिन।
10इहय कारन से हम उआ समय के मनइन से क्रोधित रहेन हय, अउर कहेन, कि ‘इनखर मन हमेसा भटकतय रहत हें, अउर ईं पंचे हमरे बताए गइलन माहीं नहीं चलँय।’
11तब हम क्रोधित होइके इआ कसम खायन, कि ‘ईं पंचे हमरे अराम के जघा माहीं कबहूँ न जाए पइहँय’।3:11 भज 95:7-11”
12एसे हे भाई-बहिनिव, सचेत रहा, कि तोंहरे पंचन के भीतर अइसन पापी अउर अबिसुआसी मन न होय, जउन तोंहईं पंचन काहीं भटकाइके जिन्दा परमातिमा से दूर लइ जाय। 13बलकिन जउने दिना तक आज के दिन कहा जात हय, हरेक दिन एक दुसरे काहीं उत्साहित करत रहा, कहँव अइसा न होय, कि तोंहरे पंचन के बीच म से कोऊ पाप के जाल माहीं फँसिके कठोर बन जाय। 14काहेकि हम पंचे मसीह के साथ भागीदार बन गएन हय, अगर हम पंचे यीसु मसीह के ऊपर किहे पहिल बिसुआस माहीं अन्त तक मजबूती के साथ बने रही। 15जइसन पबित्र सास्त्र माहीं घलाय लिखा हय, कि
“अगर आज तूँ पंचे उनखर बोल सुना, त अपने मनन काहीं कठोर न करा, जइसन इजराइली लोगन के बाप-दादा, परमातिमा के बात न मानिके उनखे बिरुद्ध काम किहिन।”
16अउर इआ बताबा, कि “ऊँ पंचे को आहीं जउन परमातिमा के बोल सुनिके उनखे बिरुद्ध काम किहिन तय?” का ऊँ पंचे, उँइन न होंहीं, जिनहीं मूसा नबी मिस्र देस से निकारिके लइ आएँ तय? 17अउर चालिस बरिस तक परमातिमा कउने मनइन से क्रोधित रहे हँय? का उनहिन से नहीं, जउन पाप किहिन तय, अउर उनखर लोथँय जंगल माहीं परी रही हँय? 18अउर ऊँ कउने मनइन से कसम खाइन तय, कि तूँ पंचे हमरे अराम के जघा माहीं न जाए पइहा? का केबल ऊँ पंचन से नहीं, जउन उनखर हुकुम नहीं मानिन तय? 19एसे हम पंचे इआ देखित हएन, कि ऊँ पंचे बिसुआस न किहे के कारन, उआ अराम के जघा माहीं नहीं जाए पाइन।
4परमातिमा के भक्तन के अराम के जघा माही जाब
1एसे जब अराम के जघा माहीं उनखे जाँइ के वादा अबे तक हय, त हमहीं पंचन काहीं डेराँइ चाही; कहँव अइसा न होय, कि तोंहरे पंचन म से कोऊ उहाँ जाँइ से बंचित रहि जाय। 2काहेकि जइसन खुसी के खबर उनहीं पंचन काहीं सुनाई गे रही हय, उहयमेर हमहूँ पंचन काहीं घलाय सुनाई गे ही, पय उनहीं पंचन काहीं सुने बचन से कउनव फायदा नहीं भ, काहेकि ऊँ पंचे बचन काहीं सुनिके अपने जीबन माहीं बिसुआस के साथ लागू नहीं किहिन तय। 3पय हम पंचे जेतने जन उनखे बचन काहीं सुनिके अपने जीबन माहीं बिसुआस के साथ लागू किहेन हय, उनखे अराम के जघा माहीं जाए पाउब; पय जे बिसुआस नहीं किहिन उनसे ऊँ कहिन हीं, कि
“हम अपने क्रोध माहीं कसम खायन हय, कि ऊँ पंचे हमरे अराम के जघा माहीं कबहूँ न जाए पइहँय।”
एसे कि जब ऊँ संसार काहीं बनाइन तय, तबहिन उनखर सगले काम पूर होइगे रहे हँय। 4काहेकि सतएँ दिन के बारे माहीं पबित्र सास्त्र माहीं इआमेर लिखा हय, कि “परमातिमा सतएँ दिना अपने सगले कामन काहीं पूर कइके अराम किहिन4:4 उत्प 2:2।” 5अउर पबित्र सास्त्र माहीं इहव लिखा हय, कि “ऊँ पंचे हमरे अराम के जघा माहीं कबहूँ न जाए पइहँय।” 6जिनहीं पहिले खुसी के खबर सुनाई गे रही हय, ऊँ पंचे परमातिमा के हुकुम काहीं न मानँइ के कारन, उनखे अराम के जघा माहीं नहीं जाए पाइन, पय उनखे ऊपर बिसुआस करँइ बाले मनइन के खातिर, अबहिनव उनखे अराम के जघा के दुअरा खुला हय। 7एसे परमातिमा पुनि एकठे खास दिन काहीं निस्चित किहिन, अउर ओही नाम दिहिन “आज” अउर कुछ बरिस के बाद ऊँ पुनि राजा दाऊद के किताब माहीं इआ कहत हें, कि
“अगर आज तूँ पंचे उनखर बोल सुना, त अपने मनन काहीं कठोर न करा।”
8अउर अगर यहोसू उनहीं पंचन काहीं अराम के जघा माहीं लइ जाए पउतें, त ओखे बाद दुसरे दिन के चरचय न होत। 9एसे इआ जानिल्या, कि परमातिमा के ऊपर बिसुआस करँइ बाले मनइन के खातिर, अबहिनव पबित्र दिन के अराम बाँकी हय। 10काहेकि अबे तक जे कोऊ परमातिमा के अराम के जघा माहीं ग हय, उआ परमातिमा कि नाईं अपने सगले कामन काहीं पूर कइके अराम किहिस ही। 11एसे हम पंचे उआ अराम के जघा माहीं जाँइ के खातिर पूर कोसिस करी, कहँव अइसा न होय, कि हमरे पंचन म से कोऊ, इजराइलिअन कि नाईं बन जाय, जउन परमातिमा के हुकुम काहीं न मानिके, अराम के जघा माहीं नहीं जाए पाइन तय। 12काहेकि परमातिमा के बचन जिन्दा हय, सक्तिसाली हय, अउर सगली दुइ धार बाली तलबारन से खुब जादा चोंख हय, अउर उआ प्रान, अउर आत्मा काहीं, अउर देंह के सगली हड्डिन अउर माँस काहीं, अलग कइके आर-पार छेदत हय। अउर उआ बचन मनइन के मन के इच्छन, अउर सोच-बिचार के जाँच-परताल घलाय करत हय। 13अउर संसार के कउनव चीज परमातिमा के नजर से छिपी नहिं आय, बलकिन ऊँ घलाय जउन हमरे पंचन के काम के हईं, काहेकि संसार के सगली चीजँय, उनखे नजर माहीं खुली हईं अउर देखाई देती हईं।
सगलेन से महान महायाजक
14एसे जब हमार पंचन के अइसन महान महायाजक हें, जउन स्वरग माहीं परमातिमा के लघे गे हँय, ऊँ परमातिमा के लड़िका यीसु आहीं; त हम पंचे उनखे ऊपर जउन बिसुआस किहेन तय, ओही मजबूती के साथ थाम्हें रही। 15काहेकि हमार पंचन के महायाजक अइसन नहिं आहीं, जउन हमरे पंचन के कमजोरिन माहीं, हमरे पंचन के साथ दुखी होइके मदत न कइ सकँय, काहेकि ऊँ सगली बातन माहीं हमरेन पंचन कि नाईं जाँचे-परखे गें, तऊ उनखे जीबन माहीं कउनव पाप नहीं मिला। 16एसे आबा हम पंचे हिम्मत बाँधिके किरपा पामँइ के खातिर परमातिमा के सिंहासन के लघे चली, कि जउने हमरे पंचन के ऊपर उनखर दया होय, अउर उआ किरपा पाई, जउन जरूरत परे माहीं हमार पंचन के मदत करय।
51हरेक महायाजक मनइन म से लीन जात हय, अउर उआ परमातिमा से सम्बन्धित बातन माहीं, मनइन के अँगुआई करँइ के खातिर ठहराबा जात हय। जउने उआ भेंट अउर मनइन के पापन के माफी के खातिर बली चढ़ाबा करय। 2अउर उआ, जउन मनई परमातिमा के मरजी काहीं नहीं जानँय, अउर उनहूँ के साथ जउन परमातिमा के गइल से भटकिगें हँय, नरमी से बेउहार कइ सकत हय, एसे कि उआ खुदय कमजोरिन से घिरा रहत हय। 3अउर एहिन से ओही चाही कि जइसन दुसरे मनइन के खातिर पापबली चढ़ाबत हय, उहयमेर अपने खातिर घलाय पापबली5:3 लैब्य 9:7 चढ़ाबा करय। 4अउर मान-सम्मान के इआ पद, कोऊ अपने से नहीं लइ सकय, काहेकि हरेक महायाजक हारून कि नाईं5:4 निरग 28:1 परमातिमय के तरफ से चुना जात हय।
5अउर उहयमेर मसीह घलाय उआ मान-सम्मान पामँइ बाला महायाजक के पद, खुदय नहीं लिहिन, बलकिन उआ पद उनहीं परमातिमय दिहिन हीं, जउन कहिन रहा हय, कि
“तूँ हमार लड़िका आह्या, अउर आजय हम तोंहईं पइदा किहेन हय5:5 भज 2:7।”
6अउर ऊँ पबित्र सास्त्र माहीं दुसरेव जघा माहीं घलाय कहत हें, कि “तूँ मलिकिसिदक कि रीति पर हमेसा के खातिर याजक आह्या5:6 भज 110:4।”
7यीसु मनई के रूप माहीं जब धरती माहीं रहे हँय, त खुब चन्डे गोहराय-गोहरायके, अउर आँसू बहाय-बहाइके, परमातिमा से बिनती-प्राथना किहिन, जउन उनहीं मउत से बचाय सकत रहे हँय। अउर उनखे भक्ती अउर समरपन के कारन उनखर प्राथना सुनी गे। 8अउर परमातिमा के लड़िका होए के बादव, ऊँ दुख उठाय-उठाइके उनखर हुकुम मानब सिखिन। 9अउर सिद्ध बनिके, अपने सगले हुकुम मानँइ बालेन के खातिर, हमेसा के खातिर मुक्ती पामँइ के माध्यम बनिगें। 10अउर उनहीं परमातिमा के तरफ से, मलिकिसिदक कि रीति पर महायाजक के पद मिला हय।
बिसुआस से भटक जाँइ के नतीजा
11एखे बारे माहीं हमहीं पंचन काहीं, तोंहईं खुब बातँय बतामँइ काहीं हय, पय उनहीं समझाउब बड़ा मुसकिल हय। काहेकि तोंहार पंचन के सोचँय-समझँय के सक्ती कम ही। 12बास्तव माही समय के हिंसाब से, अबे तक तोंहईं पंचन काहीं, दुसरे मनइन काहीं बचन के सिच्छा देंइ बाले बन जाँइ चाही। पय तूँ पंचे खुदय इआ चहते हया, कि “हमहीं पंचन काहीं कोऊ परमातिमा के बचन के बारे माहीं, जउन सुरुआत माहीं सिखाबा ग रहा हय, उँइन बातन काहीं पुनि सिखाबय।” एसे कि तूँ पंचे छोट लड़िकन कि नाईं बन गया हय, अउर अबे तक तोंहईं पंचन काहीं अनाज के जघा माहीं दूधय चाही। 13काहेकि दूध पिअँइ बाले लड़िका काहीं धारमिकता के बचन के पहिचान नहीं होय, काहेकि उआ लड़िका अबे छोट हय। 14पय तूँ पंचे इआ जानिल्या, कि अनाज सयानन के खातिर आय, जिनहीं एतना अनुभव होत हय, कि नीक-नागा का आय, एखे बारे माहीं ऊँ पंचे निकहा से जानत हें।
61एसे आबा हम पंचे मसीह के सिच्छा के सुरुआत के बातन से आँगे बढ़िके, परिपूर्न बनँइ के खातिर आँगे बढ़त चली, अउर अपने बुरे कामन से मन फिरामँइ, अउर परमातिमा के ऊपर बिसुआस करँय, 2अउर बपतिस्मन, अउर हाँथ धरइँ, अउर मरे के बाद पुनि जिन्दा होंइ, अउर अन्तिम न्याय के सिच्छा रूपी नेव पुनि न डारी। 3अउर अगर परमातिमा के मरजी होई, त हम पंचे बिसुआस माहीं परिपूर्न बनँइ के खातिर आँगे बढ़त जाब। 4काहेकि जेतने जन एक बेरकी जोति पाय चुके हँय, अउर स्वरग के बरदान के अनुभव कइ चुके हँय, अउर पबित्र आत्मा पाय चुके हँय, 5अउर परमातिमा के उत्तम बचन के, अउर आमँइ बाले जुग के सक्ती के अनुभव कइ चुके हँय, 6अगर ऊँ पंचे बिसुआस से भटक जाँय; त उनखे मनन काहीं बदलिके पुनि बिसुआस माहीं लइ आउब असम्भव हय; काहेकि ऊँ पंचे परमातिमा के लड़िका काहीं, अपने खातिर पुनि क्रूस के ऊपर चढ़ाबत हें, अउर खुले आम उनखे ऊपर कलंक लगाबत हें। 7काहेकि जउन धरती बरसा के पानी से बेर-बेर सिंचरिके, अपने जोतँय बोमँइ बालेन के खातिर निकही फसल देत ही, उआ परमातिमा से आसीस पाबत ही। 8पय अगर उआ धरती बरसा के पानी से बेर-बेर सिंचरे के बादव, जरबा अउर उटकटार जमाबत ही, त उआ निकम्मी अउर स्रापित होंइ बाली हय, अउर उआ अन्त माहीं जराय दीन जई।
9पय हे पियार साथिव, हम पंचे इआमेर कहित त जरूर हएन, तऊ तोंहरे बारे माहीं हम पंचे इनसे निकही, अउर मुक्ती देंइ बाली बातन माहीं भरोसा करित हएन। 10काहेकि परमातिमा अन्यायी नहीं आहीं, कि तोंहरे काम, अउर उआ प्रेम काहीं बिसरि जाँय, जउन तूँ पंचे उनखे नाम के खातिर पबित्र मनइन के सेबा किहा हय, अउर अबे तक कइव रहे हया। 11अउर हम पंचे खुब चाहित हएन, कि तोंहरे म से हरेक जन अपने जीबन भर इहइमेर कठिन मेहनत करत रहय। अउर अगर तूँ पंचे अइसय करत रइहा, त ओही जरूर पाय जइहा, जेखर तूँ पंचे आसा करते हया। 12अउर हम पंचे इआ नहीं चाही, कि तूँ पंचे आलसी बना, बलकिन तूँ पंचे उनखे कि नाईं जीबन बिताबा, जउन बिसुआस अउर धीरज के द्वारा परमातिमा के वादन के बारिसदार बन जात हें।
परमातिमा के कबहूँ न बदलँय बाला वादा
13जब परमातिमा अब्राहम से वादा किहिन तय, तब कसम खाँय के खातिर, उनहीं अपने से बड़ा कोऊ नहीं मिला, एसे ऊँ अपनय कसम खाइके कहिन, 14कि “हम तोंहईं निस्चित रूप से खुब आसीस देब, अउर तोंहरे सन्तान काहीं घलाय बढ़ाबत जाब6:14 उत्प 22:16,17।” 15अउर इआमेर से अब्राहम धीरज धइके, परमातिमा के द्वारा कीन वादा के बात काहीं पाइन। 16अउर मनई जब कउनव कसम खात हें, त अपने से बड़े के कसम खात हें। अउर अपने हरेक बिबादन के फँइसला काहीं, कसम के द्वारा पक्का करत हें। 17एसे परमातिमा, अपने वादा के बारे माहीं, ऊँ मनइन काहीं साफ-साफ बतामँइ चाहत रहे हँय, जउन उनखे वादा के बारिसदार रहे हँय। अउर ऊँ अपने इआ बात काहीं बतामँइ के खातिर, कि उनखर वादा कबहूँ नहीं बदल सकय, अपने अउर उनखे बीच माहीं कसम काहीं लइ आएँ। 18अउर परमातिमा के कबहूँ न बदलँइ बाली ऊँ दुइठे बातँय, अरथात “कसम” अउर “वादा” के द्वारा हमहीं पंचन काहीं इआ पता चलत हय, कि “परमातिमा कबहूँ झूँठ साबित होइन नहीं सकँय।” एसे हमार पंचन के साहस अउर मजबूत होइ जात हय, अउर हम पंचे जउन उनखे सरन माहीं दउड़े चले आएन हँय, कि उआ आसा काहीं पाई, जउन आँगे धरी हय। 19अउर जइसन लंगर पानी माहीं जिहाज काहीं स्थिर रक्खत हय, उहयमेर आसा घलाय हमरे पंचन के प्रान काहीं स्थिर रक्खत ही, अउर उहय हमहीं पंचन काहीं परदा के भीतर तक अरथात परमातिमा के लघे तक पहुँचाबत ही। 20जहाँ यीसु मलिकिसिदक के रीति पर, हमेसा के खातिर महायाजक बनिके, हमरे पंचन के खातिर अँगुआ के रूप माहीं पहुँच चुके हँय।
7याजक मलिकिसिदक के बारे माहीं बखान
1ईं मलिकिसिदक सालेम सहर के राजा, अउर परमप्रधान परमातिमा के याजक आहीं, जउन हमेसा याजक बने रइहँय; जब अब्राहम राजन काहीं हराइके लउटत रहे हँय, तब ईंन उनसे गइल माहीं मिलें तय, अउर अब्राहम काहीं आसिरबाद दिहिन तय। 2इनहिन काहीं अब्राहम अपने सगली चीजन के दसमा भाग घलाय दिहिन तय, अउर इनखे मलिकिसिदक नाम के मतलब हय “धरम के राजा”। अउर सालेम के मतलब हय “सान्ती के राजा।” 3अउर इनखे महतारी-बाप के बारे माहीं पबित्र सास्त्र माहीं कउनव लेख नहीं मिलय, अउर न इनखर कउनव बंसाबली आय, अउर न इनखे जनम अउर मउत के बारे माहीं कउनव पता चलय; बलकिन ईं परमातिमा के लड़िका कि नाईं ठहरिके, हमेसा के खातिर याजक बने रइहँय। 4अउर अब तूँ पंचे इआ बात माहीं ध्यान द्या, कि ऊँ केतना महान रहे हँय, जिनहीं सगले कुलन के मुखिया अब्राहम, अपने लूट के निकही से निकही चीजन के दसमा भाग दिहिन तय। 5अउर मूसा के बिधान के मुताबिक लेबी के बंस के मनइन काहीं याजक के पद मिलत रहा हय, अउर उनहीं इआ हुकुम दीनगे रही हय, कि ऊँ अपने इजराइली भाइन से दसमा भाग लेंय, चाह ऊँ अब्राहम के बंस माहीं काहे न पइदा भे होंय। 6पय मलिकिसिदक जउन लेबी के बंसाबली के न होंहीं, तऊ अब्राहम से दसमा भाग लिहिन तय, जिनहीं परमातिमा घलाय आसिरबाद देंइ के वादा किहिन तय, उनहीं आसिरबाद दिहिन, 7अउर इआ बात माहीं कउनव सन्देह नहिं आय। काहेकि छोट हमेसा बड़े से आसिरबाद पाबत हय। 8अउर इहाँ लेबी बंस के जउन मनई दसमा भाग लेत हें, ऊँ त मर जइहँय, पय मलिकिसिदक के बारे माहीं, जउन हम पंचे बताइत हएन, ऊँ हमेसा जिन्दा रइहँय। 9त पुनि हम पंचे इहव कहि सकित हएन, कि लेबी घलाय जउन दसमा भाग लेत हें, अब्राहम के द्वारा मलिकिसिदक काहीं दसमा भाग दिहिन हीं। 10काहेकि जउने समय मलिकिसिदक उनखे कुल पिता अब्राहम से मिलें तय, उआ समय लेबी अब्राहम के देंह माहीं रहे हँय, पय पइदा नहीं भे रहे आहीं।
यीसु मलिकिसिदक कि नाईं हें
11अउर अगर लेबी के बंस के बनँइ बाले याजकन के द्वारा परिपूर्नता मिल जात, (काहेकि इनहिन के व्दारा मनइन काहीं मूसा के बिधान मिला रहा हय।) त फेर एखर कउनव जरूरत न परत, कि कउनव दूसर याजक हारून कि रीति पर नहीं, बलकिन मलिकिसिदक कि रीति पर याजक बनय। 12काहेकि जब याजक के पद बदला जात हय, त बिधान काहीं घलाय बदला जाब जरूरी हय। 13काहेकि जउने याजक के बारे माहीं ईं बातँय कीन जाय रही हँय, ऊँ लेबी के बंस के न होंहीं, बलकिन दुसरे कुल के आहीं, जउने माहीं आज तक कोऊ याजक बनिके बेदी माहीं बलिदान नहीं चढ़ाइन। 14एसे इआ बात त साफ ही, कि हमार पंचन के प्रभू यीसु यहूदा के कुल माहीं पइदा भें हँय, अउर यहूदा के कुल के बारे माहीं याजक बनँइ के खातिर, मूसा नबी कउनव चरचा नहीं किहिन।
15अउर जउन कुछू हम पंचे कहेन हय, उआ अउर साफ होइ जात हय, जब मलिकिसिदक कि नाईं एकठे अउर याजक बन जात हें। 16जउन अपने बंसाबली के नेम मुताबिक नहीं, बलकिन अबिनासी जीबन के सक्ती के मुताबिक याजक बने हँय। 17अउर पबित्र सास्त्र माहीं इनखे बारे माहीं इआ गबाही दीनगे ही, कि
“तूँ मलिकिसिदक कि रीति पर हमेसा के खातिर याजक बने रइहा7:17 भज 110:4।”
18इआमेर से पहिल हुकुम कमजोर; अउर बेकार होंइ के कारन खतम होइगे। (काहेकि मूसा के बिधान कउनव मनई काहीं परिपूर्न नहीं बनाइस।) 19अउर ओखे जघा माहीं एकठे अइसन उत्तम आसा दीनगे ही, जेखे द्वारा हम पंचे परमातिमा के लघे पहुँच सकित हएन। 20अउर इआ बात घलाय खास ही, कि परमातिमा, यीसु काहीं कसम के द्वारा याजक बनाइन रहा हय। 21जबकि दुसरेन काहीं बिना कसम के याजक बनाबा ग रहा हय। पय यीसु काहीं कसम के द्वारा परमातिमा के तरफ से याजक बनाबा ग हय, अउर यीसु के बारे माहीं पबित्र सास्त्र माहीं घलाय इआ लिखा हय, कि
“प्रभू कसम के द्वारा यीसु काहीं हमेसा के खातिर याजक बनाइन हीं, अउर इआ बात से ऊँ कबहूँ न पचितइहँय7:21 भज 110:4।”
22काहेकि इआ कसम के कारन यीसु एकठे उत्तम करार के जमानतदार बनिगें।
23पुरान समय से खुब याजक बनत चले आए हँय, पय ऊँ पंचे अपने पद माहीं स्थिर नहीं रहे पाइन, काहेकि ऊँ पंचे मर जात रहे हँय। 24पय यीसु हमेसा जिन्दा रइहँय; इआ कारन से उनखर याजक पद हमेसा बना रही। 25एसे जेतने जन यीसु के द्वारा परमातिमा के लघे आबत हें, यीसु उनहीं पूर-पूर मुक्ती दइ सकत हें, काहेकि ऊँ बिचबई बनिके उनखे खातिर बिनती करँइ के खातिर हमेसा जिन्दा हें। 26अउर हमहीं पंचन काहीं इहइमेर के महायाजक के जरूरत रही हय, जउन पबित्र, निस्कपट, सुद्ध, अउर बिना पाप के, अउर स्वरग से घलाय ऊँच कीन गे होंय। 27अउर पहिले के महायाजकन कि नाईं, उनहीं एखर जरूरत नहीं रही, कि ऊँ रोज पहिले अपने पापन के माफी के खातिर, अउर बाद माहीं दुसरे मनइन के पापन के माफी के खातिर बलिदान चढ़ामँइ; काहेकि ऊँ खुद काहीं बलिदान चढ़ाइके, ओही एक बेरकिन माहीं पूर कइ दिहिन हीं। 28काहेकि मूसा के बिधान त कमजोर मनइन काहीं महायाजक बनाबत हय, पय मूसा के उआ बिधान के बाद, परमातिमा कसम खाइके अपने लड़िका काहीं महायाजक बनाइन हीं। अउर उँइन लड़िका काहीं हमेसा के खातिर परिपूर्न बनाइन हीं।
8नई करार के महायाजक
1अब जउन बातँय हम पंचे बताय रहेन हय, उनमा से सगलेन से खास बात त इआ हय, कि हमार पंचन के अइसन महायाजक हें, जउन स्वरग माहीं सबसे महान परमातिमा के सिंहासन के दहिने कइती जाइके बइठिगें हँय। 2अउर ऊँ पबित्र जघा, अउर उआ सच्चे तम्बू के सेबक बनिगे हँय, जउने काहीं कउनव मनई नहीं, बलकिन परमातिमा बनाइन हीं। 3काहेकि हरेक महायाजक भेंट अउर बलिदान चढ़ामँइ के खातिर बनाबा जात हय। इआ कारन से इआ जरूरी हय, कि इऊँ महायाजक के लघे भेंट चढ़ामँइ के खातिर कुछू होंइ चाही। 4अउर अगर यीसु धरती माहीं होतें, त कबहूँ याजक न बने पउतें, काहेकि मूसा के बिधान के मुताबिक, भेंट चढ़ामँइ बाले लेबी बंस के मनई रहे हँय। 5जउन स्वरग के चीजन के साछात तसबीर अउर परछाईं के सेबा करत हें। अउर जइसन मूसा नबी जब तम्बू बनामँइ बाले रहे हँय, त उनहीं परमातिमा इआ चेतउनी दिहिन तय, कि “देखा, जउन नमूना हम तोंहईं पहार के ऊपर देखायन हय, ओहिन के मुताबिक सब कुछ बनाया8:5 निरग 25:40।” 6पय जउन सेबा के काम मसीह यीसु काहीं मिला हय, उआ पहिले के महायाजकन के सेबा के काम से बढ़िके हय, काहेकि यीसु जउने नई करार के बिचबई बने हँय, उआ पुरान करार से उत्तम ही, काहेकि उआ उत्तम चीजन के करार के ऊपर आधारित ही। 7काहेकि अगर उआ पहिल करार निरदोस होत, त दुसरे करार के खातिर मोका न ढूँढ़ा जात।
8पय परमातिमा उनखे ऊपर दोस पाइन, एसे ऊँ इआ कहत हें, कि “देखा, ऊँ दिन आमँइ बाले हें, कि जब हम इजराइल के घराना के साथ, अउर यहूदा के घराना के साथ नई करार लागू करब।”
9इआ नई करार उआ पुरान करार कि नाईं न होई, जउन हम उनखे बाप-दादन के साथ उआ समय बाँधेन तय, जब हम उनहीं मिस्र देस से उनखर हाँथ पकड़िके निकार लायन तय, काहेकि ऊँ पंचे हमरे करार के मुताबिक नहीं चलें, एसे हम उनखर कउनव देख-रेख नहीं किहेन।
10अउर परमातिमा पुनि इआ बात कहत हें, कि “जउन करार हम उन दिनन के बाद इजराइल के घराना के साथ बाँधब, उआ इआ होई, कि हम अपने बिधान काहीं उनखे मनन माहीं डारब, अउर उनखे हिरदँय माहीं लिखब, अउर हम उनखर परमातिमा कहाउब, अउर ऊँ हमार सन्तान कहइहँय।
11अउर ओखे बाद उनमा से कोऊ अपने परोसिअन काहीं, अउर अपने भाई-बन्धुअन काहीं इआ सिच्छा न देई, कि प्रभू काहीं पहिचाना, काहेकि छोट से लइके बड़ेन तक सगले जन हमहीं जान लेइहँय।
12काहेकि हम उनखे अधरमन काहीं माफ करब, अउर हम उनखे पापन काहीं हमेसा के खातिर बिसराय देब।”
13एसे नई करार लागू होंइ के कारन परमातिमा, पहिल करार काहीं पुरान साबित कइ दिहिन हीं; काहेकि जउन चीज पुरान होइके कउनव काम के नहीं रहि जाय, त उआ जरूर नास होइ जात ही।
9धरती के तम्बू माहीं अराधना
1उआ पहिल करार माहीं घलाय अराधना के नेम रहे हँय, अउर अइसन पबित्र जघा जउन इआ संसार माहीं रही हय। 2काहेकि इआ धरती माहीं एकठे तम्बू बनाबा ग रहा हय, जउने के पहिल भाग माहीं दिया धरँय के स्टैन्ड, अउर मेज, अउर भेंट के रोटी रही हँय, अउर उआ भाग पबित्र जघा कहाबत रही हय। 3अउर दुसरे परदा के पीछे तम्बू के उआ भाग रहा हय, जउन महापबित्र जघा कहाबत रही हय। 4अउर उआ महापबित्र जघा माहीं धूप जलामँइ बाली सोने के बेदी, अउर चारिव कइती से सोने से मढ़ी करार के सन्दूख रही हय, अउर ओखे भीतर मन्ना से भरा सोने के एकठे बरतन, अउर हारून के लाठी जउने माहीं पत्ती फुटुकि आईं तय, अउर करार के पटिया घलाय रही हँय। 5अउर उआ सन्दूख के ऊपर दुइठे तेजोमँय करूब9:5 करूब- परमातिमा के खास दूत आहीं रहे हँय, जउन पस्चाताप के ढेक्कन काहीं अपने पखनन से मूँदे रहे हँय, इनखे बारे माहीं एक-एक कइके बखान करँइ के मोका अबे नहिं आय।
6अउर जब ऊँ सगली चीजँय ब्यबस्थित रूप से तइआर होइ गईं, तब याजक तम्बू के पहिल भाग माहीं जाइके सेबा के काम करँइ लागें। काहेकि याजक उहाँ हर समय सेबा के काम करँय जाइ सकत रहे हँय। 7पय तम्बू के दुसरे भाग माहीं अरथात महापबित्र जघा माहीं, केबल महायाजक साल भरे माहीं एक बेरकिन जात रहे हँय। पय ऊँ बिना जानबरन के खून लए नहीं जात रहे आँय। जउने काहीं ऊँ अपने, अउर दुसरे मनइन के भूल चूक के खातिर बलिदान चढ़ाबत रहे हँय। 8एसे पबित्र आत्मा इहय बतामँइ चाहत हें, कि जब तक इआ पहिल तम्बू ठाढ़ हय, तब तक महापबित्र जघा माहीं जाँइ के खातिर, गइल देखाई नहीं दइ रही आय। 9अउर इआ तम्बू बर्तमान समय के खातिर एकठे उदाहरन आय; जउने माहीं अइसन भेंट अउर बलिदान चढ़ाए जात हें, जउनेन से परमातिमा के अराधना करँइ बाले मनइन के बिबेक परिपूर्न नहीं होइ सकय। 10काहेकि ऊँ भेंट अउर बलिदानन माहीं, खाँय-पिअँइ के चीजँय, अउर अनेकव प्रकार के नहाय-धोमँय के बिधी-बिधान होत रहे हँय, जउन केबल देंहन काहीं सुद्ध करँइ के नेम आहीं। अउर जउन नए बिधान के समय तक के खातिर लागू कीन गे रहे हँय।
मसीह के खून के सक्ती
11पय जब मसीह आमँइ बाली निकही-निकही चीजन के महायाजक बनिके आएँ, त ऊँ अउर महान अउर परिपूर्न तम्बू से होइके आएँ हँय, जउन मनइन के हाँथ के बनाबा न होय, अरथात उआ तम्बू इआ संसार के न होय। 12अउर ऊँ बोकरन अउर बछबन के खून काहीं लइके नहीं, बलकिन एक बेरकिन माहीं हमेसा के खातिर भेंट के रूप माहीं अपनेन खून काहीं लइके महापबित्र जघा माहीं चलेगें, अउर हमरे पंचन के खातिर पापन से मुक्ती पाउब निस्चित कइ दिहिन ही। 13काहेकि जब बोकरन अउर बरधन के खून, अउर कलोरी बछिया के राख, अपबित्र मनइन के ऊपर छिड़िके जात हें, त ऊँ उनखे देंह के बाहिरी रूप काहीं सुद्ध कइके पबित्र करत हें। 14त मसीह जउन खुद काहीं सनातन आत्मा के द्वारा, परमातिमा के आँगे निरदोस बली के रूप माहीं चढ़ाइन हीं, त ऊँ अपने खून के द्वारा तोंहरे पंचन के सोच-बिचारन काहीं, मउत कइती लइ जाँइ बाले बुरे कामन से जरूर सुद्ध करिहँय, जउने तूँ पंचे जिन्दा परमातिमा के सेबा कइ सका।
15अउर इहय कारन से यीसु नई करार के बिचबई भे हँय, जउने उनखे मउत के द्वारा, जउन पहिल करार के समय के अपराध रहे हँय, उनसे छुटकारा मिलय, अउर परमातिमा के चुने मनई, करार के मुताबिक हमेसा के खातिर बारिसदार बन जाँय। 16काहेकि जहाँ तक बसीअत नामा के सबाल हय, त ओखे खातिर जे कोऊ ओही लिखत हय, ओखे मउत के सबूत देखाउब जरूरी होत हय। 17काहेकि कउनव बसीयतनामा, तबहिन काम करत हय, जब ओही लिखँइ बाला मर जात हय। जब तक ओही लिखँइ बाला जिन्दा रहत हय, त उआ कउनव काम के नहीं होय। 18एहिन से पहिल करार खून9:18 उत्प 15:9-11,17,18 के द्वारा कीन गे रही हय। 19काहेकि जब मूसा नबी सगले इजराइली लोगन काहीं, बिधान के सगले हुकुम सुनाय चुकें। तब ऊँ बछबन अउर बोकरन के खून लइके, पानी अउर लाल ऊन, अउर जूफा नाम के बिरबा के डेरइआ के साथ, बिधान के किताब के ऊपर छिड़िकिन, अउर ओखे बाद सगले मनइन के ऊपर घलाय छिड़िक दिहिन। 20अउर कहिन, कि “इआ, उआ करार के खून आय, जेखर हुकुम परमातिमा तोंहरे पंचन के खातिर दिहिन हीं।” 21अउर इहइमेर से ऊँ, तम्बू अउर सेबा के काम माहीं आमँइ बाले, सगली चीजन के ऊपर घलाय खून छिड़िक दिहिन। 22अउर इआ बात बेलकुल सही ही, कि बिधान के मुताबिक हमेसा, सगली चीजँय खून के द्वारा सुद्ध कीन जाती हईं; अउर बिना खून बहाए पापन के माफी नहीं मिलय।
मसीह के बलिदान के द्वारा पापन के माफी
23एसे इआ जरूरी हय, कि स्वरग के चीजन के साछात तसबीर के रूप माहीं बनी सगली चीजँय, ईंन बलिदानन के द्वारा सुद्ध कीन जाँय, काहेकि स्वरग के सगली चीजँय खुदय इनसे उत्तम बलिदानन के द्वारा सुद्ध कीन जाती हँय। 24काहेकि मसीह, हाँथ के बनाए उआ महापबित्र जघा माहीं नहीं गें, जउन सच्चे महापबित्र जघा के नमूना के मुताबिक बनाई गे रही हय। बलकिन सीधे स्वरग माहीं चलेगें। जउने हमरे पंचन के खातिर स्वरग माहीं परमातिमा के आँगे हमेसा देखाई देंय। 25अउर अब उनहीं खुद काहीं बेर-बेर बली चढ़ामँइ के जरूरत नहिं आय, जइसन महायाजक हर साल खुद के खून नहीं, बलकिन बली के खून लइके, महापबित्र जघा माहीं जात रहे हँय। 26नहीं त उनहीं संसार के सुरुआत से लइके अबे तक बेर-बेर दुख उठामँइ परत, पय अब जुग के आखिरी समय माहीं, ऊँ एक बेरकिन आएँ हँय, कि जउने अपने बलिदान के द्वारा पाप काहीं दूर कइ देंय। 27अउर जइसन मनइन के खातिर एक बेरकी मरब, अउर ओखे बाद न्याय के होब निस्चित हय। 28उहयमेर मसीह घलाय, सगले मनइन के पापन काहीं उठामँइ के खातिर एक बेरकिन बलिदान भें। अउर जउन मनई उनखे दुसराय आमँइ के इन्तजार कइ रहे हँय, ऊँ उनखे पापन काहीं उठामँइ के खातिर नहीं, बलकिन उनहीं मुक्ती देंइ के खातिर दुसराय अइहँय।
10परिपूर्न बलिदान
1मूसा के बिधान त आमँइ बाली निकही चीजन के केबल साछात तसबीर देखाबत हय, पय उनखर असली रूप नहीं देखाबय, एसे कि ऊँ एकयमेर के बलिदान जउन हर साल बिना चूके चढ़ाए जात हें, अराधना के खातिर आमँइ बालेन काहीं कबहूँ परिपूर्न नहीं बनाय सकँय। 2नहीं त उनखर चढ़ाउब बन्द होइ जात। एसे अगर अराधना करँइ बाले एक बेरकिन के बलिदान के द्वारा सुद्ध होइ जातें, त पुनि उनखर बिबेक उनहीं पंचन काहीं पापी न ठहराबत। 3पय ऊँ बलियन के द्वारा हरेक साल पापन काहीं सुधि कीन जात रहा हय। 4काहेकि बरधन अउर बोकरन के खून के द्वारा पापन काहीं दूर करब असम्भव हय।
5इहय कारन से मसीह संसार माहीं आमँइ के समय इआ बात कहत हें, कि “भेंट अउर बलिदान अपना नहीं चाही, एहिन से हमरे खातिर एकठे देंह तइआर किहेन हय।
6होमबलिअन अउर पाप-बलिअन से अपना खुसी नहीं भएन।
7तब हम कहेन, कि ‘देखी, हम आय गएन हय, (अउर पबित्र सास्त्र माहीं घलाय हमरे बारे माहीं इआ लिखा हय।) जउने हे परमातिमा हम अपना के मरजी पूर करी’10:7 भज 40:6-8।”
8अउर पहिले त ऊँ इआ कहत हें, कि “न त अपना भेंट अउर बलिदान चाही, अउर न त होमबलिअन अउर पाप-बलियन काहीं चाही, अउर न त उनसे खुसिन होई।” जबकि ईं बलिदान त मूसा के बिधान के मुताबिक चढ़ाए जात हें। 9एखे बाद ऊँ इहव कहत हें, कि “देखी, हम आय गएन हय, जउने अपना के मरजी पूर करी।” एसे ऊँ पहिल बिधान काहीं हटाय देत हें, जउने दुसरे काहीं लागू करँय। 10एसे परमातिमा के मरजिन से यीसु मसीह के देंह काहीं, एक बेरकिन बलिदान के रूप माहीं चढ़ाए जाँइ के द्वारा, हम पंचे पबित्र कीन गएन हय।
11अउर हरेक याजक त तम्बू माहीं, ठाढ़ेन-ठाढ़े रोज सेबा के काम करत हय, अउर एकयमेर के बलिदान काहीं बेर-बेर चढ़ाबत हय, जउन पापन काहीं कबहूँ दूर नहीं कइ सकँय। 12पय याजक के रूप माही मसीह त पापन के बदले माहीं, एकयठे बलिदान हमेसा के खातिर चढ़ाइके, परमातिमा के दहिने कइती जाइके बइठिगें। 13अउर उहय समय से इआ इन्तजार कइ रहे हँय, कि उनखर बइरी उनखे गोड़ेन के नीचे धरँय बाली चउकी बनय10:13 भज 110:1। 14काहेकि मसीह एकयठे बलिदान के द्वारा, उनहीं जउन पबित्र कीन जात हें, हमेसा के खातिर परिपूर्न कइ दिहिन हीं। 15अउर पबित्र आत्मा घलाय इहय गबाही देत हें; काहेकि परमातिमा पहिले कहिन तय, कि
16“जउन करार हम उन दिनन के बाद, उनसे बाँधब, उआ, इआ होई, कि हम अपने बिधान काहीं, उनखे हिरदँय माहीं लिखब, अउर उनखे मन माहीं डारब10:16 यिर्म 31:33।”
17ओखे बाद ऊँ पुनि कहत हें, कि “हम उनखे पापन काहीं अउर उनखे अधरम के कामन काहीं पुनि कबहूँ सुध न करब10:17 यिर्म 31:34।”
18अउर जब उनखर पाप माफ कइ दीनगें हँय, त पापन के माफी के खातिर पुनि बलिदान के जरूरत नहीं रहिगे।
परमातिमा के लघे आउब
19एसे हे भाई-बहिनिव, जब हमहीं पंचन काहीं यीसु के खून के द्वारा, नई अउर सच्ची गइल से महापबित्र जघा माहीं जाँइ के खातिर, साहस मिलिगा हय। 20अउर उआ नई अउर सच्ची गइल काहीं, यीसु उआ परदा के अरथात अपने देंह के बलिदान के द्वारा, हमरे पंचन के खातिर हमेसा के खातिर खोल दिहिन हीं। 21काहेकि हमरे पंचन के लघे अइसन महान याजक हें, जउन परमातिमा के घर के अधिकारी आहीं। 22एसे आबा; हम पंचे सच्चे मन से, अउर पूरे बिसुआस के साथ, अउर अपने बिबेक के दोस काहीं दूर करँइ के खातिर, अपने हिरदँय माहीं मसीह के खून काहीं छिड़िकबाइके, अउर देंह काहीं सुद्ध पानी से धोबाइके परमातिमा के लघे चली। 23अउर आबा, हम पंचे जउने आसा काहीं सोइकार किहेन हय, ओहिन माहीं मजबूती के साथ बने रही; काहेकि जे वादा किहिन हीं, ऊँ बिसुआस के काबिल हें। 24एसे आबा, प्रेम करँइ के खातिर, अउर भलाई के कामन काहीं करँइ के खातिर, एक दुसरे काहीं उत्साहित करी। 25अउर हम पंचे अराधना माहीं जाब न छोंड़ी, अउर उनखे कि नाईं न बनी, जउन ईं बातन काहीं छोंड़ि दिहिन हीं; बलकिन एक दुसरे काहीं समझाबत रही, अउर जइसय- जइसय प्रभू के दुसराय आमँइ के दिन लघे आय रहा हय, त हम पंचे ईं कामन काहीं अउर जादा करी।
बिसुआस से भटक जाँइ के परिनाम
26काहेकि सच्चाई काहीं जाने के बादव, अगर हम पंचे जान बूझिके पाप करित हएन, त पापन के माफी के खातिर, पुनि कउनव बलिदान बाँकी नहिं आय। 27बलकिन परमातिमा के आमँइ बाली भयानक सजा के इन्तजार करब, अउर उनखे क्रोध रूपी आगी के ज्वाला बाँकी हय, जउन उनखे बिरोधिन काहीं भसम कइ देई10:27 यसा 26:11; सप 1:18। 28अउर इआ बताबा, जब मूसा के बिधान के पालन न करँइ बाला दुइ, इआ कि तीन जनेन के गबाही के द्वारा, बिना दया किहे मारि डारा जात हय10:28 ब्यब 17:6। 29त तूँ पंचे इआ जानिल्या, कि ओही बहुत भारी सजा मिली, जउन परमातिमा के लड़िका के अपमान करत हय, अउर करार के खून काहीं अपबित्र ठहराबत हय, जउने से उआ पबित्र कीन ग रहा हय। अउर उआ किरपा करँइ बाली पबित्र आत्मा के घलाय अपमान करत हय। 30काहेकि हम पंचे परमातिमा काहीं जानित हएन, अउर उँइन इआ कहिन हीं, कि “बदला लेब हमार काम आय, अउर हमहिन बदला लेब”, अउर पुनि इहव कहत हें, कि “प्रभू अपने लोगन के न्याय करिहँय10:30 ब्यब 32:35।” 31अउर जिन्दा परमातिमा के हाँथे से सजा पाउब बड़ी भयानक बात आय।
बिसुआस माहीं बने रहब
32पय तूँ पंचे ऊँ दिनन काहीं सुधि करा, जब तूँ पंचे मसीह के ऊपर बिसुआस किहा तय, अउर दुख- बिपत्तिन माहीं घलाय बिसुआस माहीं मजबूती के साथ अटल रहे हया। 33अउर कबहूँ-कबहूँ तूँ पंचे अपमान अउर दुख के समय तमासव बने हया, अउर कबहूँ-कबहूँ त जउने मनइन के दुरदसा कीन जात रही हय, उनखर मदत घलाय किहा हय। 34काहेकि तूँ पंचे जेल माहीं परे मनइन के दुखन माहीं भागीदार बने हया, अउर अपने धन-सम्पत्ती काहीं खुसी के साथ, इआ जानिके लुट जाँइ दिहा हय। कि हमरे पंचन के लघे ओहू से उत्तम अउर कबहूँ न खतम होंइ बाली धन-सम्पत्ती ही। 35एसे तूँ पंचे हिम्मत न हारा, बिसुआस माहीं बने रहा, काहेकि तोंहईं पंचन काहीं एखर भरपूर प्रतिफल मिली। 36काहेकि तोंहईं पंचन काहीं धीरज धरब खुब जरूरी हय, जउने तूँ पंचे परमातिमा के मरजी काहीं पूर कइके, उनखे द्वारा कीन वादा के प्रतिफल पाबा।
37“काहेकि अब थोरिन समय बचा हय, अउर आमँइ बाले हरबिन अइहँय, ऊँ देर न करिहँय।
38पय परमातिमा के नजर माहीं निरदोस मनई बिसुआस के कारन जिअत रही, अउर अगर उआ बिसुआस से भटक जई, त हमार मन ओसे खुसी न रही10:38 हब 2:3-4।”
39पय हम पंचे बिसुआस से पीछे हटँय बाले न होंहेन, कि भटकिके नास होइ जई, बलकिन हम पंचे बिसुआस करँइ बाले आहेन, कि जउने अपने-अपने प्रान काहीं नास होंइ से बचाई।
11बिसुआस के उदाहरन
1बिसुआस के मतलब हय, जउने चीजन के हम पंचे आसा करित हएन, ऊँ जरूर हईं, अउर जउने चीजन काहीं हम पंचे नहीं देखे आहेन, ऊँ हईं, बिसुआस उनखर पक्का सबूत देत हय। 2काहेकि इहय बिसुआस के बारे माहीं, परमातिमा, बाप-दादन के बारे माहीं निकही गबाही दिहिन हीं। 3हम पंचे परमातिमा के ऊपर बिसुआस करित हएन, एहिन से इआ बात काहीं जाने पाएन हय, कि परमातिमा अपने बचन के द्वारा संसार काहीं बनाइन हीं11:3 उत्प 1:1। पय जउन कुछू हम पंचे देखित हएन, उनहीं परमातिमा देखाँइ बाली चीजन से नहीं बनाइन आय।
4हाबिल काहीं परमातिमा के ऊपर पूर बिसुआस रहा हय, एहिन से ऊँ परमातिमा के खातिर अपने भाई कैन से उत्तम बलिदान चढ़ाइन। अउर बिसुआसय के कारन उनखे बारे माहीं, परमातिमा के नजर माही निरदोस होंइ के गबाही दीनगे ही। काहेकि परमातिमा घलाय उनखे भेंट के बारे माहीं गबाही दिहिन हीं, अउर मरे के बादव, हाबिल उहय बिसुआस के द्वारा हमसे पंचन से अबय तक बातँय करत हें11:4 उत्प 4:3-10। 5अउर हनोक काहीं परमातिमा के ऊपर पूर बिसुआस रहा हय, एहिन से ऊँ धरती से जिन्दय उठाय लीन गें तय, जउने ऊँ न मरँय, अउर ओखे बाद ऊँ पुनि धरती माहीं देखाई नहीं दिहिन। काहेकि परमातिमा उनहीं स्वरग माहीं उठाय लिहिन रहा हय, अउर जब तक ऊँ उठाए नहीं गे रहे आहीं, त उनखे बारे माहीं इआ गबाही दीनगे रही हय, कि ऊँ परमातिमा काहीं खुसी किहिन 11:5 उत्प 5:21,24हीं। 6अउर बिसुआस के बिना परमातिमा काहीं खुसी करब असम्भव हय, काहेकि परमातिमा के लघे आमँइ बाले काहीं, इआ बिसुआस होंइ चाही, कि बास्तव माहीं परमातिमा हें; अउर अपने खोजँइ बालेन काहीं ओखर प्रतिफल जरूर देत हें। 7अउर नूह काहीं परमातिमा के ऊपर पूर बिसुआस रहा हय, एहिन से ऊँ उन बातन के बारे माहीं बिसुआस किहिन, जउन उआ समय देखाई नहीं देत रही आहीं, अउर परमातिमा से चेतउनी पाइके, भक्ती के साथ अपने परिबार काहीं बचामँइ के खातिर जिहाज बनाइन, अउर उआ बिसुआस के द्वारा संसार के मनइन काहीं दोसी ठहराइन, अउर उआ धारमिकता के 11:7 उत्प 6:13-22बारिसदार बनिगें, जउन बिसुआस से मिलत ही।
8अउर अब्राहम काहीं परमातिमा के ऊपर पूर बिसुआस रहा हय, एहिन से जब परमातिमा उनहीं कहिन, कि इआ देस से निकरिके चले जा, जहाँ हम तोंहईं बताउब, त ऊँ परमातिमा के हुकुम काहीं मानिके, उआ जघा काहीं चल दिहिन, जउने काहीं ऊँ बारिसदारी माहीं पामँइ बाले रहे हँय, पय इआ नहीं जानत रहे आहीं, कि कउने कइती जाँइ क हय। तऊ अपने देस से निकरिके चलेगें11:8 उत्प 12:1-5। 9अउर उनहीं परमातिमा के ऊपर पूर बिसुआस रहा हय, एहिन से परमातिमा द्वारा देंइ बाले वादा के देस माहीं, परदेसी कि नाईं रहिके, अपने लड़िका-नाती अरथात इसहाक अउर याकूब11:9 उत्प 35:27 के साथ, जउन उनखे साथ वादा के बारिसदार रहे हँय, तम्बू बनाइके उहाँ निबास किहिन। 10काहेकि अब्राहम उआ स्थाई नेव बाले सहर के इन्तजार करत रहे हँय, जउने के रचना करँइ बाले अउर बनामँइ बाले परमातिमा आहीं। 11अउर सारा काहीं परमातिमा के ऊपर पूर बिसुआस रहा हय, एहिन से ऊँ भले बाँझ रही हँय, तऊ लड़कहाई होंइ के सक्ती पाइन; काहेकि परमातिमा उनसे जउन वादा किहिन तय, कि उनखे जरूर लड़िका होई, इआ बात काहीं ऊँ सही मानिके पूर बिसुआस किहिन तय11:11 उत्प 18:11-14; 21:2; 15:5। 12अउर बिसुआस के कारन एक जने से अरथात अब्राहम से जउन बेलकुल बुढ़ाइगें तय, तऊ उनसे अकास के तरइअन अउर समुंद्र के किनारे के, बारू कि नाईं अनगिनत बंस पइदा भें11:12 उत्प 15:5; 22:7; 32:12। 13ऊँ पंचे वादा के चीजन काहीं भले नहीं पाइन, तऊ बिसुआस माहीं बने रहिगें, अउर मरँय से पहिले वादा के चीजन काहीं दूरिन से देखिके खुब खुसी भें, अउर इआ मान लिहिन तय, कि हम पंचे इआ धरती माहीं परदेसी अउर बाहिरी मनइन कि नाईं हएन, अउर ओखे बाद परमातिमा के ऊपर बिसुआस करत ऊँ पंचे मरिगें।11:13 उत्प 23:414अउर जे कोऊ इआमेर बातँय करत हें, ऊँ पंचे इआ बतामँइ चाहत हें, कि हम पंचे अपने देस के खोज माहीं लगे हएन। 15अउर अगर ऊँ पंचे अपने देस के सुधि करतें, जहाँ से ऊँ पंचे निकरिके आए रहे हँय, त उनहीं उहाँ लउटि जाँइ के मोका रहत, पय ऊँ पंचे ओखर सुधय नहीं किहिन। 16बलकिन ऊँ पंचे एकठे उत्तम देस, अरथात स्वरग के देस काहीं पामँइ चाहत रहे हँय, एहिन से परमातिमा, उनखर परमातिमा कहामँइ माहीं नहीं लजाँय। काहेकि परमातिमा उनखे खातिर स्वरग माहीं एकठे सहर तइआर किहिन हीं। 17अउर अब्राहम काहीं परमातिमा के ऊपर पूर बिसुआस रहा हय, एहिन से अपने परिच्छा होंइ के समय इसहाक काहीं बलिदान के रूप माहीं चढ़ाइन, अउर ऊँ परमातिमा के वादा काहीं सही मानिन तय11:17 उत्प 22:14, 18जउन उनसे इआ कहिन तय, कि “इसहाक से तोंहार बंस चली।” अउर अब्राहम अपने एकलउता लड़िका काहीं बली के रूप माहीं चढ़ामँइ लागें तय11:18 उत्प 21:12। 19काहेकि अब्राहम इआ मान लिहिन तय, कि परमातिमा सामरथी हें, जउन इसहाक काहीं मरे के बादव जिन्दा कइ देइहँय, एहिन से उदाहरन के रूप माहीं इसहाक उनहीं पुनि जिन्दा मिलिगें। 20अउर इसहाक काहीं परमातिमा के ऊपर पूर बिसुआस रहा हय, एहिन से ऊँ अपने दोनव लड़िकन काहीं, अरथात याकूब अउर एसाव काहीं, भबिस्य माहीं आमँइ बाली बातन के बारे माहीं आसिरबाद दिहिन11:20 उत्प 27:27-29,39,40। 21अउर याकूब काहीं परमातिमा के ऊपर पूर बिसुआस रहा हय, एहिन से ऊँ मरत समय अपने दोनव नतिअन काहीं, अरथात यूसुफ के दोनव लड़िकन काहीं आसिरबाद दिहिन, अउर लाठी के सहारे उठिके परमातिमा के अराधना किहिन11:21 उत्प 47:31; 48:20। 22अउर यूसुफ काहीं परमातिमा के ऊपर पूर बिसुआस रहा हय, एहिन से ऊँ मरत समय, इजराइल के सन्तान काहीं, मिस्र देस से निकर जाँइ के बारे माहीं चरचा किहिन, अउर इहव हुकुम दिहिन तय, कि जब तूँ पंचे जया, त हमरे हड्डिन काहीं इहाँ से लए जया11:22 उत्प 50:24,25; निरग 13:19।
23अउर मूसा के महतारी-बाप काहीं, परमातिमा के ऊपर पूर बिसुआस रहा हय, एहिन से, जब मूसा पइदा भें, त ऊँ पंचे देखिन, कि लड़िका खुब सुन्दर हय; त ओही तीन महीना तक मिस्र के राजा से लुकाए रहिगें, अउर राजा के हुकुम से नहीं डेरानें11:23 निरग 2:2; 1:22। 24अउर मूसा काहीं, परमातिमा के ऊपर पूर बिसुआस रहा हय, एहिन से जब ऊँ बड़े भें, त मिस्र के राजा फिरौन के बिटिया के लड़िका कहामँइ से इनकार कइ दिहिन11:24 निरग 2:10-12। 25एसे कि ऊँ पाप माहीं थोरे दिन सुख भोगँइ से, परमातिमा के चुने लोगन के साथ दुख भोगब जादा नीक समझिन। 26अउर मूसा मसीह के खातिर अपमान सहब मिस्र देस के भन्डार से जादा कीमती धन समझिन, काहेकि उनखर नजर परमातिमा से प्रतिफल पामँइ माहीं लगी रही हय। 27अउर मूसा काहीं परमातिमा के ऊपर पूर बिसुआस रहा हय, एहिन से ऊँ मिस्र के राजा के क्रोध से नहीं डेरानें, अउर मिस्र देस काहीं छोंड़िके चलेगें, अउर अइसन जान परत रहा हय, कि ऊँ न देखाँइ बाले परमातिमा काहीं देखत हें, अउर बिसुआस माहीं अटल रहिगें। 28अउर मूसा काहीं परमातिमा के ऊपर पूर बिसुआस रहा हय, एहिन से ऊँ फसह के तेउहार अउर खून छिड़िकँय के बिधी काहीं मानिन, कि जउने परमातिमा के दूत मिस्री लोगन के पहिलउठन काहीं नास करत समय, इजराइली लोगन के पहिलउठन काहीं न मारय11:28 निरग 12:21-30।
29अउर परमातिमा के ऊपर बिसुआसय के कारन इजराइली लोग, लाल समुंद्र के बीच से निकरिके, उआ पार अइसन चलेगें, जइसन ऊँ झुरान भुँइ से गे होंय। अउर जब मिस्री लोग उहयमेर समुंद्र के बीच से जाँइ लागें, त ऊँ सगले बूड़िके मरिगें11:29 निरग 14:21-31। 30अउर परमातिमा के ऊपर बिसुआसय के कारन इजराइली लोग, यरीहो सहर के सुरच्छा करँइ बाली भीती के चारिव कइती, सात दिना तक जब चक्कर लगाय चुकें, तब उआ भीती अपनेन से गिरिगय11:30 यहो 6:12-21। 31अउर राहाब बेस्या काहीं, परमातिमा के ऊपर पूर बिसुआस रहा हय, एहिन से उआ परमातिमा के हुकुम न मानँइ बाले मनइन के साथ नास नहीं भे; काहेकि उआ भेद लेंइ बाले दूतन काहीं बचाइस रहा हय।
32अउर जादा हम अब तोंहसे पंचन से का कही? काहेकि एसे जादा बतामँइ के समय अबय नहिं आय, कि गिदोन के बारे माहीं, बाराक के बारे माहीं, अउर सिमसोन के बारे माहीं, अउर यिफतह के बारे माहीं, राजा दाऊद के बारे माहीं, अउर समूएल के बारे माहीं, अउर परमातिमा के दुसरेव सँदेस बतामँइ बालेन के बारे माहीं, हम तोंहईं पंचन काहीं अउर बिस्तार से बताई11:32 न्या 6:11; 8:2। 33ईं पंचे परमातिमा के ऊपर किहे बिसुआसय के कारन, कइयकठे राज जीतिन; धरम के काम किहिन; वादा कीन चीजन काहीं पाइन, सेरन के मुँह बन्द किहिन, 34आगी के लपट काहीं ठंड किहिन; तलबार के धार से बचिके निकरिगें, निबलता माहीं सक्ती पाइन; लड़ाई माहीं बहादुर निकरें; अउर बिदेसी सेनन काहीं मारिके भगाइन11:34 दानि 3:1-30। 35अउर कुछ मेहेरिआ अपने मरे लड़िकन काहीं जिन्दा पाइन; अउर कुछ जने त मार खातय खात मरिगें; अउर ओसे छुटकारा नहीं पामँइ चाहिन; कि जउने ऊँ पंचे मरेन म से जि उठँय माहीं सामिल होइ जाँय11:35 1 राजा 17:17-24; 2 राजा 4:25-37। 36अउर कइअक जने हँसी उड़ाए जाँइ के द्वारा; अउर चाबुक खाँय के द्वारा; बाँधे जाँइ के द्वारा, अउर जेल जाँइ के द्वारा जाँचे-परखे गें। 37अउर कुछ जनेन के ऊपर पथरहाव कीन ग; अउर कुछ जने आरा से चीरे गें, अउर कुछ जने तलबार से मारे गे; अउर कुछ जने गरीबी, अउर अत्याचार माहीं दुख भोगत, गाड़र अउर बोकरिन के खलरी काहीं ओढ़े, एँकई-ओंकई मारे-मारे फिरें। 38अउर जंगलन माहीं, अउर पहारन माहीं, अउर गुफन माहीं, अउर धरती माहीं बने गड्ढन माहीं भटकत रहिगें। काहेकि संसार उनखे काबिल नहीं रहा आय।
39अउर बिसुआसय के कारन ईं सगलेन के बारे माहीं निकही गबाही दीनगे ही, तऊ इनहीं पंचन काहीं वादा के चीजँय नहीं मिलीं। 40काहेकि परमातिमा हमरे पंचन के खातिर, पहिलेन से एकठे उत्तम बात निस्चित किहिन तय, कि जउने ऊँ पंचे, हमरे पंचन के बिना परिपूर्नता काहीं न पामँय।
12पिता परमातिमा द्वारा सुधार के खातिर डाँट-फटकार
1जब परमातिमा के ऊपर बिसुआस करँइ बाले खुब मनइन के गबाही, हमरे पंचन के चारिव कइती मवजूद ही, इआ कारन से आबा, हमहूँ पंचे हरेक रोंकँइ बाली चीजन काहीं, अउर हरेक उलझामँय बाले पापन काहीं, अपने जीबन से दूर करी, जउन परमातिमा से दूरी लइ जात हें, अउर जउने मसीही दउड़ माहीं, हमहीं पंचन काहीं दउड़ँइ काहीं हय, ओही बड़े धीरज के साथ दउड़ी। 2अउर बिसुआस के सुरुआत करँइ बाले, अउर ओही परिपूर्न करँइ बाले, यीसु के ऊपर हम पंचे ध्यान लगाए रही; जे उआ खुसी के खातिर जउन उनखे आँगे धरी रही हय, सरम के कउनव परबाह नहीं किहिन, अउर क्रूस के सजा काहीं सहि लिहिन, अउर जाइके परमातिमा के दहिने कइती सिंहासन माहीं बइठिगें हँय। 3एसे तूँ पंचे आपन ध्यान यीसु के ऊपर लगाए रहा, जे अपने बिरोध माहीं पापी मनइन के द्वारा दीनगे, घोर कस्ट काहीं सहि लिहिन हीं, कि जउने तूँ पंचे सताव के समय निरास होइके हिम्मत न हारा। 4अउर तूँ पंचे पाप के बिरोध माहीं अइसन लड़ाई नहीं लड़े आह्या, कि तोंहईं पंचन काहीं आपन खून बहामँइ परा होय। 5अउर तूँ पंचे उआ उपदेस काहीं बिसराय दिहा हय, जउन तोंहईं पंचन काहीं लड़िकन कि नाईं दीन ग रहा हय, कि
“हे बेटा, प्रभू के डाँट-फटकार काहीं तुच्छ न जान्या, अउर जब ऊँ तोंहईं डाँटँइ त बुरा न मान्या।
6काहेकि प्रभू, जेसे प्रेम करत हें, त ओही डँटतिव हें; अउर जेही आपन लड़िका बनाय लेत हें, ओही सुधारँय के खातिर सड़ाका घलाय मारत हें12:6 नीति 3:11,12।”
7तूँ पंचे दुख काहीं परमातिमा से मिलँइ बाली डाँट समझिके सहि ल्या। काहेकि परमातिमा तोंहईं पंचन काहीं आपन लड़िका समझिके इआमेर बरताव कइ रहे हँय, अउर इआ बताबा कउन अइसन लड़िका हय, जेखर बाप ओही नहीं डाँटय? 8अउर अगर उआ डाँट तोहईं पंचन काहीं नहीं मिली आय, जइसन सब काहीं मिलत ही, त तूँ पंचे उनखर लड़िका न कहइहा, बलकिन ब्यभिचार के सन्तान कहइहा। 9अउर जब हमार पंचन के संसारिक बाप घलाय, हमार पंचन के डाँट-फटकार करत हें, तऊ उनखर मान-सम्मान करित हएन, त हमहीं पंचन काहीं आत्मिक बाप, अरथात परमातिमा के अधीनता माहीं अउर जादा रहँइ चाही, जउने हम पंचे हमेसा जिअत रही। 10हमार पंचन के संसारिक बाप, त अपने-अपने समझ के मुताबिक थोरेन दिन के खातिर डाँट-फटकार करत रहे हँय, पय परमातिमा त हमरे पंचन के फायदा के खातिर अइसन करत हें, कि जउने हम पंचे उनहिन कि नाईं पबित्र बन जई। 11पय जउने समय डाँट-फटकार कीन जात ही, उआ समय डाँट-फटकार नीक नहीं लागय, बलकिन ओसे खुब दुख लागत हय, तऊ जे कोऊ उआ डाँट-फटकार काहीं सहत-सहत मजबूत होइ जात हें, ओखे बाद उनहीं पंचन काहीं सान्ती के साथ निकहे कामन के प्रतिफल मिलत हय। 12एसे अपने ढील हाँथन काहीं, अउर निबल टिहुनिन काहीं मजबूत करा। 13अउर तूँ पंचे परमातिमा के बताए गइल माहीं सीधे चलत रहा, जउने ऊँ पंचे जउन बिसुआस माहीं लाँगड़ कि नाईं कमजोर हें, भटक न जाँय, बलकिन बिसुआस माहीं मजबूत होइ जाँय।
14अउर तूँ पंचे सबसे मेल-मिलाप रक्खा, अउर पबित्र बनँइ के हरेकमेर से कोसिस करत रहा; काहेकि पबित्र बने बिना, कउनव मनई प्रभू के दरसन कबहूँ न करे पाई। 15अउर तूँ पंचे इआ बात के ध्यान रक्खा, कि कउनव मनई परमातिमा के किरपा से बंचित न रहि जाय, अउर इहव बात के ध्यान रक्खा, कि तोंहरे पंचन के बीच माहीं अइसन कउनव झगड़ा के जड़ न फूट निकरय, कि तोंहऊँ पंचन काहीं कस्ट होय, अउर खुब मनई बिसुआस से भटक जाँय। 16अउर इहव बात के ध्यान रक्खा, कि तोंहरे पंचन के बीच म से कोऊ ब्यभिचार न करय, अउर न एसाव कि नाईं अधरमी बनय, जउन एक बेरकी के खाना के खातिर, आपन पहिलउठा होंइ के अधिकार बेंच डारिस तय। 17अउर तूँ पंचे इआ बात काहीं निकहा से जनतेन हया, कि जब एसाव अपने बाप से आसिरबाद पामँइ के खातिर गें, त ऊँ काबिल नहीं निकरे, जबकि रोइ-रोइके आसिरबाद पामँइ के कोसिस किहिन, तऊ ऊँ अपने कीन गलती के पस्चाताप नहीं कए पाइन।
18तूँ पंचे त आगी से जरत उआ पहार के लघे नहीं आया, जेही छुआ जाय सकत रहा हय, अउर न करिआ बदरी, अउर न अँधिआर, अउर न आँधी के लघे आया, 19अउर न तुरही के तेज अबाज के लघे आया, अउर न परमातिमा के अइसन बोल के लघे आया, जउने काहीं सुनिके इजराइली लोग इआ बिनती किहिन, कि “अब हमसे अउर बातँय न कीन जाय12:19 निरग 19:16-22; 20:18-21।” 20काहेकि ऊँ पंचे उआ हुकुम काहीं नहीं सहे पाइन तय, कि “अगर कउनव पसू घलाय उआ पहार काहीं छुअय, त ओखे ऊपर पथरहाव कीन जाय12:20 निरग 19:12,13।” 21अउर उआ दरसन एतना भयानक रहा हय, कि मूसा घलाय इआ कहिन, कि “हम डेरन के मारे थर-थर काँपित हएन12:21 ब्यब 9:19।”
22पय अब तूँ पंचे सिय्योन के पहार के लघे, अउर जिन्दा परमातिमा के सहर अरथात स्वरग के यरूसलेम सहर के लघे, अउर लाखन स्वरगदूतन के लघे, 23अउर उन पहिलउठिन के साधारन सभा, अरथात मसीही मन्डली के लघे आय गया हय, जिनखर नाम स्वरग माहीं लिखे हँय, अउर सबके न्याय करँइ बाले परमातिमा के लघे, अउर परिपूर्न कीन गईं पबित्र मनइन के आत्मन के लघे आय गया हय। 24अउर नई करार के बिचबई यीसु, अउर छिड़काव के उआ खून के लघे आया हय, जउन हाबिल के खून से उत्तम बातँय कहत हय12:24 उत्प 4:10।
25अउर तूँ पंचे सचेत रहा, अउर परमातिमा के बातन काहीं सुनिके मान्या, काहेकि ऊँ पंचे जब धरती माहीं चेतउनी देंइ बाले के बातन काहीं, न मानिके बच नहीं सकें, त हम पंचे स्वरग से चेतउनी देंइ बाले परमातिमा, के बातन काहीं न मानिके, कइसन बँचि सकित हएन12:25 निरग 20:22? 26उआ समय त उनखर बोल धरती काहीं हलाय दिहिस तय, पय अब ऊँ इआ वादा किहिन हीं, कि “हम एक बेरकी पुनि केबल धरतिन भर काहीं नहीं, बलकिन अकास काहीं घलाय हलाय देब12:26 हाग्गै 2:6।” 27अउर इआ बात “एक बेरकी पुनि” इआ बताबत ही, कि जउन चीजँय हलाई जाती हईं, ऊँ सब रचना कीन चीजँय होंइ के कारन नस्ट होइ जइहँय, कि जउने, जउन चीजँय हलाई नहीं जातीं, ऊँ अटल बनी रहँय। 28अउर जब हमहीं पंचन काहीं अइसन राज मिलँइ बाला हय, जउन हलाबा न जई, त हम पंचे परमातिमा के अभारी बनी, अउर आदरसहित भक्ती के साथ परमातिमा के अइसन अराधना करी, जउने से ऊँ खुसी होत हें। 29काहेकि हमार पंचन के परमातिमा भसम कइ डारँइ बाली आगी आहीं12:29 ब्यब 4:24।
13मसीही जीबन जिअँइ के निरदेस
1एसे आबा हम पंचे आपस माहीं एक दुसरे से, अपने भाई-बहिनिन कि नाईं प्रेम करत रही। 2अउर तूँ पंचे महिमानन के स्वागत-सत्कार करब कबहूँ न बिसराया, काहेकि एहिन के द्वारा कुछ मनई अनजाने माहीं स्वरगदूतन के स्वागत-सतकार किहिन हीं13:2 उत्प 18:1-8; 19:1-3। 3अउर तोंहरे बीच माहीं प्रभू काहीं मानँइ के कारन जउन मनई जेल माहीं हें, उनखर इआ समझिके मदत करा, कि जइसन हमहिन जेल माहीं हएन, अउर जउने मनइन के साथ प्रभू काहीं मानँइ के कारन, बुरा बरताव कीन जात हय, उनहूँ के इआ समझिके मदत करा, कि कबहूँ उआ बुरा बरताव हमरेव साथ कीन जाय सकत हय। 4अउर काज-बिआह सबके बीच माहीं मान-सम्मान के बात समझी जाय, अउर उनखर बिछउना निस्कलंक होंइ चाही, अरथात जिनखर बिआह होत हय, उनहीं पबित्र होंइ चाही, काहेकि परमातिमा ब्यभिचारिन, अउर दुसरे के मेहेरिआ के साथ नजायज सम्बन्ध बनामँइ बालेन के न्याय करिहँय। 5अउर तोंहार पंचन के सुभाव लालची न होंइ चाही, बलकिन जउन तोंहरे पंचन के लघे होय, ओहिन माहीं सन्तोस करा; काहेकि परमातिमा इआ खुदय कहिन हीं, कि “हम तोंहईं पंचन काहीं कबहूँ न छोंड़ब, हमेसा तोंहरे साथय माहीं रहब13:5 ब्यब 31:6,8; यहो 1:5।” 6एसे हम पंचे निडर होइके कहित हएन, कि “प्रभू हमार सहायता करँइ बाले आहीं; एसे हम पंचे कोहू से न डेराब; मनई हमार पंचन के कुछू नहीं बिगाड़ सकँय13:6 भज 118:6।”
7जउन तोंहार पंचन के अँगुआ हें, अउर तोंहईं परमातिमा के बचन सुनाइन हीं, उनहीं हमेसा सुध रक्खा; अउर बड़े ध्यान से उनखे चाल-चलन के नतीजा काहीं देखिके, उनखर जइसन बिसुआस रहा हय, ओहिन के मुताबिक तुहूँ पंचे बिसुआस करा। 8काहेकि यीसु मसीह जइसन पहिले रहे हँय, उहयमेर आजव हें, अउर ऊँ हमेसा उहयमेर रइहँय। 9एसे तूँ पंचे हरेकमेर के बाहिरी उपदेसन के बातन माहीं न परा, जउन बिसुआस से भटकाय देती हईं। बलकिन अपने मन काहीं परमातिमा के किरपा से बिसुआस माहीं मजबूत करा, इआ नहीं कि तूँ पंचे खाँय-पिअँइ के नेमन माहीं परि जा, काहेकि जे कोऊ ईं खाँय-पिअँइ के नेमन काहीं मानत हें, उनहीं आत्मिक जीबन के खातिर कउनव फायदा नहीं भ आय। 10अउर हमरे पंचन के लघे एकठे अइसन बेदी ही, जउने माहीं चढ़ाए बलिदान काहीं खाँय के अधिकार ऊँ मनइन काहीं नहिं आय, जउन तम्बू माहीं सेबा करत हें। 11काहेकि महायाजक जउने पसुअन के खून, पापबली के रूप माहीं महापबित्र जघा माहीं लइ जात हें, उन पसुअन के देंह, जहाँ ऊँ पंचे डेरा डारिके रहत रहे हँय, ओसे दूरी जराई जात ही। 12इहय कारन यीसु घलाय, अपनेन खून के द्वारा मनइन काहीं पबित्र करँइ के खातिर, यरूसलेम सहर के फाटक के बहिरे क्रूस के दुख सहिन हीं। 13एसे आबा हमहूँ पंचे घलाय, उहय अपमान काहीं सहत, जउने काहीं यीसु सहिन तय, अपने डेरन से बहिरे निकरिके यीसु के लघे चली। 14काहेकि इहाँ हमार पंचन के कउनव स्थाई सहर नहिं आय, बलकिन हम पंचे उआ सहर के तलास माहीं हएन, जउन आमँइ बाला हय। 15एसे आबा हम पंचे जउने ओंठन से इआ सोइकार करित हएन, कि यीसु प्रभू आहीं, उँइन ओंठन से यीसु के द्वारा परमातिमा काहीं स्तुति रूपी बलिदान हमेसा चढ़ाबत रही। 16अउर तूँ पंचे भलाई करब, अउर दान देब न बिसराया; काहेकि परमातिमा इहइमेर के बलिदानन से खुसी होत हें।
17अउर तूँ पंचे अपने आत्मिक अँगुअन के हुकुमन काहीं माना, अउर उनखे अधीनता माहीं रहा, काहेकि ऊँ पंचे तोंहरे आत्मिक बढ़ोत्तरी के खातिर, हमेसा खुसी से काम करत रहत हें, अउर उनहीं अपने ईं कामन के हिंसाब परमातिमा काहीं देंइ परी। पय तूँ पंचे उनहीं इआ मोका न दिहा, कि ऊँ इआ काम काहीं खुसी से नहीं, बलकिन बड़े दुख के साथ करँय, त इआ दसा माहीं तोंहईं पंचन काहीं कउनव फायदा न होई। 18अउर हमहीं पंचन काहीं इआ पूर भरोसा हय, कि हमार पंचन के बिबेक सुद्ध हय; अउर हम पंचे हर हाल माहीं नीक काम करँइ चाहित हएन, एसे तूँ पंचे हमरे पंचन के खातिर प्राथना करत रहा। 19अउर हम बिसेस रूप से इआ बिनती करित हएन, कि तूँ पंचे हमरे खातिर प्राथना करा, जउने हम हरबिन तोंहरे पंचन के लघे आय सकी।
20अउर सान्ती देंइ बाले परमातिमा, हमरे पंचन के प्रभू यीसु मसीह काहीं मरेन म से जिन्दा कइ दिहिन हीं, जउन गड़रन के महान चरबाहा आहीं, अउर उनहिन के खून से हमरे पंचन के साथ सनातन के खातिर करार बाँधिन हीं। 21अउर उँइन परमातिमा तोंहईं पंचन काहीं, हरेक निकही बातन माहीं परिपूर्न करँय, जउने तूँ पंचे उनखे मरजी काहीं पूर करा, अउर उनहीं जउन कुछू नीक लागत हय, ओही ऊँ यीसु मसीह के द्वारा हमरे पंचन के भीतर पइदा करँय, अउर उनहिन के बड़ाई जुग-जुग होत रहय। आमीन।
22हे भाई-बहिनिव, हम तोंहसे इआ बिनती करित हएन, कि इआ उपदेस के बातन काहीं सोइकार कइल्या; काहेकि हम तोंहरे खातिर ईं बातन काहीं संछेप माहीं लिखेन हँय। 23अउर तूँ पंचे इआ जानिल्या, कि हमार पंचन के बिसुआसी भाई तीमुथियुस जेल से छूटिगे हँय, अउर अगर ऊँ हरबिन हमरे लघे आय जइहँय, त हम उनखे साथय तोंहसे मिलँय के खातिर अउब। 24अउर तूँ पंचे अपने सगले अँगुअन काहीं, अउर सगले बिसुआसी भाई-बहिनिन काहीं, हमार पंचन के नबस्कार कहि दिहा। अउर इटली देस के रहँइ बाले घलाय, तोंहईं पंचन काहीं नबस्कार कहत हें। 25अउर तोंहरे ऊपर परमातिमा के किरपा हमेसा बनी रहय। आमीन।