गलातिया प्रदेस के मसीही मन्डली के नाम लिखी पवलुस के चिट्ठी

इआ चिट्ठी के परिचय

जब यीसु के खुसी के खबर के प्रचार-प्रसार गैरयहूदी लोगन के बीच माहीं होंइ लाग, तब इआ सबाल उठा, कि एक सच्चा मसीही होंइ के खातिर मनई काहीं मूसा के बिधान काहीं पालन करब जरूरी हय, कि नहीं। पवलुस इआ तरक पेस करत हें, कि इआ जरूरी नहिं आय। ऊँ कहत हें कि वास्तव माहीं मसीही जीबन के एक मात्र ठोस अधार हय, उआ हय बिसुआस। ओहिन के व्दारा सगले मनइन के परमातिमा के साथ सम्बन्ध सुधरत हय। पय एसिया माइनर माहीं स्थित रोम देस माहीं, गलातिया प्रदेस के मसीही मन्डली के कुछ मनई पवलुस के बिरोध किहिन, अउर इआ दाबा किहिन कि परमातिमा के साथ सही सम्बन्ध के खातिर, मनई काहीं मूसा के बिधान के पालन करब घलाय जरूरी हय।

गलातियन के खातिर यीसु मसीह के खास चेला पवलुस के चिट्ठी एसे लिखी गे रही हय, कि ऊँ पंचे जउन इआ गलत सिच्छा से बहक गे रहे हँय, उनहीं पंचन काहीं सच्चे बिसुआस अउर बेउहार माहीं लउटाय लाबा जाय। पवलुस इआ चिट्ठी के सुरुआत यीसु मसीह के खास चेला होंय के अपने अधिकार के समरथन के साथ करत हें। ऊँ इआ बात के ऊपर जोर देत हें, कि यीसु मसीह के खास चेला होंइ के खातिर ओखर बोलाबा जाब परमातिमा के तरफ से होत हय, न कि कउनव मनइन के अधिकार से; अउर इआ कि ओखर उद्देस्य खास करके गैरयहूदी लोगन के बीच माहीं खुसी के खबर के प्रचार करब रहा हय। पुनि ऊँ इआ तरक पेस करत हें, कि केबल बिसुआसय के व्दारा मनइन के सम्बन्ध परमातिमा के साथ सुधरत हय। अन्त के पाठन माहीं पवलुस इआ बताबत हें, कि मसीह माहीं बिसुआस किहे के कारन उत्पन्न प्रेम के व्दारय, मसीही चाल-चलन सोभाबिक रूप से देखाई देत हय।

रूप-रेखा :

भूमिका 1:1-10

यीसु मसीह के खास चेला के रूप माहीं पवलुस के अधिकार 1:11—2:21

परमातिमा के किरपा के खुसी के खबर 3:1—4:31

मसीही अजादी अउर जबाबदारी 5:1—6:10

उपसंहार 6:11-18

1

पवलुस के अभिबादन

1हम यीसु मसीह के खास चेला पवलुस आहेन, अउर इआ चिट्ठी काहीं लिख रहेन हय, अउर हमहीं यीसु मसीह के खास चेला होंय के अधिकार न मनइन के तरफ से मिला आय। अउर न कउनव मनई के व्दारा, बलकिन यीसु मसीह के खास चेला होंय के अधिकार, हमहीं यीसु मसीह अउर पिता परमातिमा के व्दारा मिला हय, जउन यीसु मसीह काहीं मरेन म से जिआइन रहा हय। 2अउर हमरे अउर सगले भाइन के तरफ से जउन हमरे साथ माहीं हें, इआ चिट्ठी गलातिया प्रदेस के मसीही मन्डली काहीं मिलय।

3हम पंचे प्राथना करित हएन, कि हमरे पंचन के पिता परमातिमा अउर प्रभू यीसु मसीह के तरफ से तोंहईं पंचन काहीं किरपा, अउर सान्ती मिलत रहय। 4यीसु मसीह हमरे पंचन के पापन के खातिर खुद काहीं बलिदान कइ दिहिन, जउने पिता परमातिमा के इच्छा के मुताबिक, हमहीं पंचन काहीं इआ बुरे संसार से छोड़ामँइ। 5अउर परमातिमा के बड़ाई जुग-जुग तक होत रहय। आमीन!

सच्ची खुसी के खबर एकयठे हय

6हमहीं बड़ा अचरज होत हय, कि तूँ पंचे ऊँ परमातिमा काहीं जउन मसीह के किरपा अउर मदत से तोंहईं पंचन काहीं चुनिन रहा हय, उनहीं एतना हरबी छोंड़िके, जउन खुसी के खबर मसीह के न होय, ओही अपनामँइ लागे हया। 7अउर तूँ पंचे इआ जानिल्या, कि मसीह के खुसी के खबर के अलाबा, कउनव दूसर खुसी के खबर हइअय नहिं आय: पय बात इआ आय, कि कुछ मनई अइसन हें, जउन मसीह के खुसी के खबर काहीं गलत तरीका से बताइके, तोंहईं पंचन काहीं घबराय देत हें। 8पय तूँ पंचे इआ जानिल्या, कि मसीह के खुसी के खबर जउन हम पंचे तोंहईं पंचन काहीं सुनायन हय, ओही छोंड़िके, अगर कोऊ कउनव दूसर मेर के खुसी के खबर सुनाई, त उआ परमातिमा से जरूर सजा पाई, चाह उआ हम पंचे होई चाह कउनव स्वरगदूत। 9जइसा हम पंचे पहिलेन एक बेरकी तोंहसे कहि चुकेन हय, उहयमेर अब हम पुनि कहित हएन, कि मसीह के खुसी के खबर काहीं छोंड़िके, जउने काहीं तूँ पंचे अपनाया हय, अगर कोऊ ओखे अलाबा, दूसर मेर के खुसी के खबर सुनाबत हय, त उआ परमातिमा से जरूर सजा पाई।

10का एसे तोंहईं पंचन काहीं अइसन लागत हय, कि हम मनइन काहीं प्रसन्न करँइ चाहित हएन? कि परमातिमा काहीं प्रसन्न करँइ चाहित हएन? पय तूँ पंचे इआ जानिल्या, कि अगर हम अबे तक मनइन काहीं प्रसन्न करत रहित, त मसीह के सेबक न होइत।

पवलुस कइसन यीसु मसीह के खास चेला बने

11हे भाई-बहिनिव, हम तोंहईं पंचन काहीं जताए देइत हएन, कि जउने खुसी के खबर काहीं हम तोंहईं सुनायन हय, उआ कउनव मनई के बिचार के मुताबिक न होय। 12काहेकि इआ खुसी के खबर हमहीं प्रभू यीसु मसीह के प्रगट करँइ के व्दारा मिली हय, उआ हमरे बाप-दादन के बताई न होय, अउर न कउनव गुरू के सिखाइन आय। 13अउर यहूदी धरम के मुताबिक जउन पहिले हमार चाल-चलन रहा हय, ओही त तूँ पंचे जनतेन हया; कि पहिले हम परमातिमा के मसीही मन्डली के मनइन काहीं सताबत रहेन हय, इहाँ तक कि नास करँइ के कोसिस करत रहेन हय। 14अउर यहूदी धरम काहीं पालन करँइ माहीं अपने जाति के अपने बराबरी बाले मनइन माहीं, हम सगलेन से बढ़िके रहेन हय, अउर अपने बाप-दादन के परम्परन काहीं बड़े उत्साह से मानत रहे हएन। 15पय परमातिमा हमहीं हमरे महतारी के पेटेन से चुनि लिहिन रहा हय, एसे अपने किरपा से हमहीं बोलाय लिहिन। 16अउर परमातिमा के इआ इच्छा भय, कि हमहीं अपने लड़िका के बारे माहीं ग्यान करामँय, कि जउने हम उनखे खुसी के खबर काहीं, गैरयहूदी लोगन के बीच माहीं सुनाई; त हम कउनव मनई से सलाह नहीं लिहेन। 17अउर न सलाह लेंइ यरूसलेम सहर माहीं उनखे लघे गएन, जउन हमसे पहिले यीसु के खास चेला रहे हँय, बलकिन हरबिन अरब देस काहीं चले गएन। अउर ओखे बाद उहाँ से दमिस्क सहर माहीं लउटि आएन। 18अउर तीन साल उहाँ रहे के बाद, 1:18 अरथात पतरसकैफा से मिलँय के खातिर हम यरूसलेम सहर माहीं गएन, अउर पन्द्रा दिन तक उनखे लघे रहेन। 19पय उहाँ प्रभू यीसु के भाई याकूब के अलाबा, यीसु के खास चेलन म से अउर कोहू से नहीं मिलेन। 20अउर जउन बातँय हम तोहईं पंचन काहीं लिख रहेन हय, ऊँ सही हईं, परमातिमा जानत हें, कि हम झूँठ नहीं बोलि रहेन आय। 21अउर ओखे बाद हम सीरिया अउर किलिकिया प्रदेसन माहीं गएन। 22पय यहूदिया प्रदेस के मसीही मन्डलिन के मनई जउन यीसु मसीह काहीं मानत रहे हँय, ऊँ पंचे हमहीं कबहूँ नहीं देखिन तय। 23पय ऊँ पंचे इआ सुनत रहे हँय, कि जउन मनई हमहीं पंचन काहीं सताबत रहा हय, अब उआ मसीह के खुसी के खबर सुनाबत हय, जउने काहीं पहिले नास करँइ के कोसिस करत रहा हय। 24अउर ऊँ पंचे हमरे बारे माहीं इआ सुनिके परमातिमा के बड़ाई करत रहे हँय।

2

पवलुस काहीं दूसर खास चेला लोग सोइकार किहिन

1चउदा बरिस के बाद हम बरनबास के साथ यरूसलेम सहर माहीं गएन, अउर तीतुस काहीं घलाय अपने साथय लइ गएन तय। 2अउर उहाँ जाँइ के खातिर परमातिमा हमहीं दरसन दिहिन एसे हम उहाँ गएन, अउर जउने खुसी के खबर के प्रचार हम गैरयहूदी लोगन के बीच माहीं करित हएन, उहय खुसी के खबर काहीं हम उनहिन काहीं अलग लइ जाइके सुनायन, जउन मसीही मन्डली के मुखिया माने जात रहे हँय, जउने, जउन काम हम पहिले किहेन तय, अउर अबे कइ रहेन हय, ऊँ बेकार न ठहरँय। 3अउर तीतुस घलाय जउन गैरयहूदी आहीं; हमरे साथ माहीं रहे हँय, तऊ उनहीं खतना करामँय के खातिर मजबूर नहीं कीन ग। 4पय इआ, ऊँ झूँठे बिसुआसी लोगन के कारन भ, जउन सच्चे बिसुआसी लोगन के बीच माहीं भेद लेंइ के खातिर घुसि आएँ तय, कि उआ अजादी काहीं जउन हमहीं पंचन काहीं मसीह यीसु के व्दारा मिली हय, हमार पंचन के भेद लइके पुनि हमहीं पंचन काहीं गुलाम बनामँइ। 5पय हम पंचे उनखे बातन काहीं एक्कव नहीं मानेन, कि जउने यीसु मसीह के खुसी के खबर के सच्चाई, तोंहरे जीबन माहीं पूरी तरह से बनी रहय।

6अउर ओखे बाद जउन मसीही मन्डली के मुखिया माने जात रहे हँय, उनसे हमहीं कउनव मदत नहीं मिली, (ऊँ पंचे चाह केतनव लाटसाहब रहे होंय, हमहीं पंचन काहीं एखर कउनव चिन्ता नहिं आय, काहेकि परमातिमा कोहू के साथ भेदभाव नहीं करँय) 7पय एखे बिपरीत जब ऊँ पंचे इआ समझिन कि, परमातिमा जइसन यहूदी लोगन काहीं खुसी के खबर सुनामँइ के काम पतरस काहीं सँउपिन तय, उहयमेर गैरयहूदी लोगन काहीं खुसी के खबर सुनामँइ के जबाबदारी हमहीं सँउपिन हीं। 8(काहेकि जइसन परमातिमा पतरस काहीं यहूदी लोगन के बीच माहीं यीसु के खास चेला के रूप माहीं, काम करँइ के सक्ती दिहिन हीं, उहयमेर परमातिमा हमहूँ काहीं यीसु के खास चेला के रूप माहीं, गैरयहूदी लोगन के बीच माहीं काम करँइ के सक्ती दिहिन हीं।) 9अउर जब ऊँ पंचे परमातिमा के उआ किरपा काहीं जान लिहिन, जउन हमहीं मिली रही हय, तब याकूब, पतरस अउर यूहन्ना जउन मसीही मन्डली के मुखिया माने जात रहे हँय, हमसे अउर बरनबास से हाँथ मिलाइके अपने साथ सामिल कइ लिहिन, कि हम पंचे खुसी के खबर सुनामँइ के खातिर, गैरयहूदी लोगन के बीच माहीं जई, अउर ऊँ पंचे यहूदी लोगन के लघे जाँय। 10ऊँ पंचे, केबल हमसे पंचन से एतना कहिन, कि तूँ पंचे कंगालन के ख्याल किहा, अउर हम पंचे खुदय इहय काम करँइ के खातिर खुब इच्छुक रहेन हय।

पवलुस के पतरस काहीं डाँटब

11पय जब पतरस अन्ताकिया सहर माहीं आएँ, तब हम उनखे आँगे खुलिके बताय दिहेन, कि “तूँ गलती कइ रहे हया।” 12काहेकि याकूब के पठए यहूदी लोगन के आमँइ से पहिले ऊँ पंचे गैरयहूदी लोगन के बीच माहीं खात-पिअत रहे हँय, पय ऊँ यहूदी लोगन के डेरन के मारे, जउन खतना करामँइ के ऊपर जोर देत रहे हँय, गैरयहूदी बिसुआसी लोगन के बीच से अलग होइगें, अउर उनसे दूरी रहँइ लागें। 13अउर पतरस के ढोंग के कारन यहूदी बिसुआसी लोग पतरस के ढोंग माहीं सामिल होइगें, इहाँ तक कि बरनबास घलाय उनखे साथ भटकिगा। 14पय जब हम देखेन कि ऊँ पंचे खुसी के खबर के सच्चाई के मुताबिक सही चाल नहीं चलँय, तब हम सगलेन के आँगे पतरस से कहेन, कि जब तूँ यहूदी होइके यहूदी लोगन कि नाईं नहीं, पय गैरयहूदी लोगन कि नाईं चलते हया, त पुनि गैरयहूदी लोगन के ऊपर, यहूदी लोगन के रीति-रिबाज के मुताबिक चलँय के खातिर, काहे दबाव डरते हया?

केबल बिसुआस के व्दारा मुक्ती पाउब

15हम पंचे त जन्मय से यहूदी आहेन, अउर मूसा के बिधान के पालन करत आएन हय, हम पंचे ऊँ गैरयहूदी लोगन म से न होहेंन, जिनहीं यहूदी लोग पापी समझत हें। 16यहूदी लोग इआ मानत रहे हँय, कि मनई मूसा के बिधान के पालन करे से परमातिमा के नजर माहीं निरदोस ठहरत हें। पय अब हम इआ जानित हएन, कि केबल यीसु मसीह के ऊपर बिसुआस करँइ के कारन मनई निरदोस ठहरत हें। एहिन से हमहूँ पंचे घलाय मसीह यीसु के ऊपर बिसुआस किहेन हय, जउने हम मसीह के ऊपर बिसुआस किहे के कारन निरदोस ठहरी। पय मूसा के बिधान के पालन करँय के कारन नहीं, काहेकि कउनव मनई मूसा के बिधान के पालन करँय के कारन, परमातिमा के नजर माहीं निरदोस न ठहराबा जई। 17पय अगर हम पंचे जउन मसीह के ऊपर बिसुआस किहे के कारन परमातिमा के नजर माहीं निरदोस ठहरँय चाहित हएन, अउर हम पंचे खुदय पाप करँय बाले निकरी, त का मसीह पाप करँय बालेन काहीं बढ़ाबा देत हें? बेलकुल नहीं 18काहेकि हम मूसा के बिधान के जउने नेमन काहीं मानब छोंड़ि दिहेन हय, अगर हम उनहिन काहीं पुनि अपनाइत हएन, त हम खुद काहीं अपराधी ठहराइत हएन। 19जब हम मूसा के बिधान काहीं पालन करँइ के कोसिस किहेन तय, त परमातिमा के नजर माहीं दोसी ठहराए गएन। एसे हम मूसा के बिधान काहीं पालन करब छोंड़ दिहेन, कि जउने हम परमातिमा के खातिर जि सकी। इआ कारन मूसा के पुरान बिधान के खातिर मर गएन हय, कि जउने परमातिमा के खातिर जीबन जी। 20अउर हम मसीह के साथ क्रूस माहीं चढ़ाए गए हएन, अउर हम अब से जिन्दा नहीं रहि गएन, बलकिन मसीह हमरे भीतर जिन्दा हें। अउर अब हम देंह माहीं जउन जिन्दा हएन, उआ केबल परमातिमा के लड़िका के ऊपर बिसुआस किहे के कारन जिन्दा हएन, जउन हमसे एतना प्रेम किहिन, कि खुद काहीं हमरे खातिर बलिदान कइ दिहिन हीं। 21एसे हम परमातिमा के किरपा काहीं बेकार नहीं ठहराई, काहेकि अगर मूसा के बिधान के पालन करँय के व्दारा, मनई परमातिमा के नजर माहीं निरदोस ठहरत, त मसीह फालतू माहीं आपन प्रान काहे क देतें?

3

मूसा के बिधान के बन्धन से अजादी

1हे गलातिया बाले निरबुद्धी बिसुआसी मनइव, यीसु मसीह कइसन क्रूस माहीं चढ़ाए गे रहे हँय, एखे बारे माहीं पूर जानकारी तोंहरे सगलेन के आँगे हम दिहेन तय। पय तोंहरे पंचन के ऊपर को जादू कइ दिहिस ही? 2हम तोंहसे पंचन से केबल एतना जानँय चाहित हएन, कि तूँ पंचे पबित्र आत्मा काहीं मूसा के बिधान के पालन करँय से पाया हय, कि खुसी के खबर काहीं सुनिके, बिसुआस किहे से पाया हय? 3का तूँ पंचे एतना मूरुख होइ गया हय, कि जउने मसीही जीबन काहीं, तूँ पंचे पबित्र आत्मा के मुताबिक चलब सुरू किहा तय, त का अब ओही खुद के मेहनत से चलिके पूर करँइ के कोसिस करते हया? 4का तूँ पंचे एतना दुख बेकार माहीं सहे हया? बेलकुल नहीं। 5हम पुनि पूँछित हएन कि, परमातिमा जउन तोंहईं पंचन काहीं पबित्र आत्मा के दान दिहिन हीं, अउर तोंहरे पंचन के जीबन से सामर्थ के काम करत हें, त तूँ पंचे इआ बताबा, कि परमातिमा इआ काम काहीं मूसा के बिधान के पालन करँइ से करत हें, इआ कि खुसी के खबर काहीं सुनिके बिसुआस किहे के कारन?

6देखा, अब्राहम परमातिमा के ऊपर बिसुआस किहिन रहा हय, एहिन से ऊँ परमातिमा के नजर माहीं निरदोस ठहराए गे रहे हँय। 7त तूँ पंचे इआ जानिल्या, कि जे कोऊ परमातिमा के ऊपर बिसुआस करँइ बाले हें, उँइन अब्राहम के सच्चे सन्तान आहीं। 8एसे पबित्र सास्त्र माहीं पहिलेन से लिखा रहा हय, कि “परमातिमा गैरयहूदी लोगन काहीं उनखे ऊपर किहे बिसुआस के कारन निरदोस ठहरइहँय।” एहिन से परमातिमा अब्राहम काहीं इआ खुसी के खबर पहिलेन से बताय दिहिन तय, कि संसार के सगली जाति के मनई तोंहरेन कारन आसिरबाद पइहँय। 9एसे अब्राहम बिसुआस के कारन जउन आसिरबाद पाइन रहा हय, उहय आसिरबाद मसीह के ऊपर बिसुआस करँइ बाले सगले जने पाबत हें।

10पय जेतने मनई मूसा के बिधान के पालन करँइ माहीं भरोसा करत हें, उँ सगले परमातिमा से सजा पइहँय, काहेकि पबित्र सास्त्र माहीं इआ लिखा हय, “कि जे कोऊ मूसा के बिधान के किताब माहीं लिखी सगली बातन काहीं पालन नहीं करय, उआ परमातिमा से सजा पाई।” 11अब इआ बात स्पस्ट होइगे ही, कि मूसा के बिधान के पालन करँइ के व्दारा कउनव मनई परमातिमा के आँगे निरदोस न ठहरी, काहेकि पबित्र सास्त्र माहीं लिखा हय, “परमातिमा के नजर माहीं निरदोस मनई बिसुआस के कारन जिअत रही।” 12पय मूसा के बिधान काहीं पालन कइके चलँइ माहीं, अउर बिसुआस से चलँइ माहीं, कउनव सम्बन्ध नहिं आय पय पबित्र सास्त्र माहीं इआ लिखा हय, “जे मूसा के बिधान माहीं लिखी पूरी बातन काहीं मानी, उआ उनहिन के कारन जिअत रही।” 13पय मसीह जउन हमरे पंचन के खातिर स्रापित बने हें, हमहीं मोल लइके मूसा के बिधान के सराप से छोड़ाइन हीं। जब मसीह क्रूस माहीं लटकाए गें, ऊँ हमरे पाप के सराप काहीं अपने ऊपर लइ लिहिन, काहेकि पबित्र सास्त्र माहीं इआ लिखा हय, कि “जे कोऊ कठबा माहीं लटकाबा जात हय, उआ स्रापित हय।” 14मसीह हमहीं पंचन काहीं मूसा के बिधान के सराप से एसे छोड़ाइन, कि जउने अब्राहम के आसीस यीसु मसीह के व्दारा गैरयहूदी लोगन के लघे तक पहुँचय, अउर हम पंचे बिसुआस के व्दारा उआ पबित्र आत्मा काहीं पाई, जउने काहीं देंइ के वादा परमातिमा किहिन हीं।

मूसा के बिधान अउर करार

15हे भाई-बहिनिव, हम मनई के रीत माहीं कहित हएन, कि मनइन के करार घलाय जउन पक्की होइ जात ही, त न ओही कोऊ टारिन सकय न बदलिन सकय। 16मतलब इआ आय कि वादा त अब्राहम से, अउर उनखे बंस से कीन ग रहा हय; पय पबित्र सास्त्र माहीं इआ नहीं लिखा आय, कि उनखे बंसन से, जइसन कि बहुतन के खातिर माना जाय, पय ओमा एकय के बारे माहीं लिखा हय, तोंहरे बंस से, अउर उआ बंस यीसु मसीह आहीं। 17पय हम इआ कहित हएन, कि जउन करार परमातिमा पहिलेन से अब्राहम के साथ पक्की किहिन रहा हय, उआ करार काहीं मूसा के बिधान चार सव तीस बरिस के बाद आइके नहीं बदल सकय, अउर न परमातिमा के वादा काहीं रद्द कइ सकय। 18काहेकि अगर परमातिमा के राज के बारिसदार होंइ के अधिकार मूसा के बिधान से मिला हय, त वादा के द्वारा नहीं मिला आय, पय उआ अधिकार परमातिमा अब्राहम काहीं वादा के व्दारा दिहिन तय।

मूसा के बिधान के मकसद

19त पुनि परमातिमा मूसा के बिधान काहीं पहिले कउने उद्देस्य से दिहिन रहा हय? उआ त हुकुम के उलंघन करँइ के अपराध के कारन बाद माहीं दीन ग रहा हय। अउर जउने बंस अरथात मसीह के बारे माहीं परमातिमा वादा किहिन रहा हय, उनखे आमँइ तक मूसा के बिधान चलत रहा हय, अउर परमातिमा उआ मूसा के बिधान काहीं स्वरगदूतन के द्वारा मूसा काहीं दिहिन रहा हय, अउर ईं मूसा परमातिमा अउर मनइन के बीच माहीं बिचबई रहे हँय 20अउर बिचबई के जरूरत दुइ जने के बीच माहीं होत ही, पय परमातिमा बिना बिचबई के खुद अब्राहम से वादा किहिन।

21त का मूसा के बिधान परमातिमा के वादा के बिरोध माहीं हय? बेलकुल नहीं? काहेकि अगर अइसन मूसा के बिधान दीन जात जउन जीबन दइ सकत, त सचमुच मूसा के बिधान के पालन करे से मनई परमातिमा के नजर माहीं निरदोस होइ जातें। 22पय पबित्र सास्त्र माहीं घलाय इआ लिखा हय, कि सगला संसार पाप के कब्जे माहीं हय, इआ कारन केबल यीसु मसीह के ऊपर बिसुआस करँइ के द्वारा, बिसुआस करँइ बाले मनई परमातिमा के वादा पाय सकत हें। 23पय प्रभू यीसु मसीह के ऊपर बिसुआस किहे से मिलँइ बाली मुक्ती के खबर आमँइ से पहिले, हम पंचे मूसा के बिधान के बन्धन माहीं बँधे रहेन हय, अउर परमातिमा के द्वारा प्रगट कीन जाँय बाली बिसुआस के खबर के आमँइ तक, ओहिन के कब्जे माहीं रहेन हय। 24एसे मूसा के बिधान मसीह तक पहुँचामँइ माहीं हमार पंचन के गुरू रहा हय, कि जउने हम पंचे बिसुआस से धरमी ठहरी। 25पय जब यीसु मसीह के ऊपर बिसुआस करँइ के खबर प्रगट होइ चुकी हय, त हम पंचे अब उआ गुरू के अधीन नहीं रहि गएन। 26काहेकि तूँ पंचे सगले जन मसीह यीसु के ऊपर, बिसुआस किहे के कारन परमातिमा के सन्तान भया हय। 27अउर तोंहरे पंचन म से जेतने जन मसीह यीसु के ऊपर बिसुआस कइके बपतिस्मा लिहिन हीं, ऊँ पंचे सगले जन मसीह के सगले सुभाव काहीं अपनाय लिहिन हीं, जइसन मनई नबा ओन्हा पहिरत हें, 28अब उनमा से न कोऊ यहूदी रहिगा, अउर न गैरयहूदी, न कोऊ नोकर रहिगा, न अजाद; न कोऊ मंसेरुआ रहिगा, न मेहेरिआ; काहेकि तूँ पंचे सगले जन मसीह यीसु माहीं एक होइ गया हय। 29अउर अगर तूँ पंचे मसीह के आह्या, त अब्राहम के बंस अउर परमातिमा के वादा के मुताबिक बारिसदार घलाय आह्या।

4

1हम तोंहईं पंचन काहीं इआ बताइत हएन, कि जब तक बारिसदार नाबालिक रहत हय, त चाह सगले सम्पत के मालिक उहय होय, तऊ ओमाहीं अउर सेबक माहीं कउनव अन्तर नहीं होय। 2पय बाप के ठहराबा समय तक उआ रच्छा करँइ बालेन, अउर भन्डार के देख-भाल करँइ बालेन के देख-रेख माहीं रहत हय। 3उहयमेर हमहूँ पंचे जब तक खुसी के खबर के बारे माहीं अनजान रहेन हय, त संसार के सुरुआत के सिच्छन के काबू माहीं रहिके, उनखर दास बने रहेन हँय। 4पय जब परमातिमा के द्वारा निस्चित कीन समय पूर होइगा, तब ऊँ अपने लड़िका काहीं पठइन, जउन मेहेरिआ से पइदा भें, अउर मूसा के बिधान के अधीन रहिके ओखर पालन करत रहे हँय। 5जउने मूसा के बिधान काहीं मानँइ बालेन काहीं ओखे अधीनता से छोड़ाय लेंय, अउर हमहीं पंचन काहीं बारिसदार होंइ के पूर हक्क मिलय। 6अउर तूँ पंचे परमातिमा के लड़िका बन गया हय, एसे परमातिमा अपने लड़िका के आत्मा काहीं हमरे पंचन के हिरदँय माहीं पठइन हीं, जउन हे अब्बा, हे पिता कहिके परमातिमा काहीं गोहराबत हय। 7एसे तूँ पंचे अब नोकर नहीं रहि गया, बलकिन लड़िका बन गया हय। अउर तूँ पंचे जब अब लड़िका आह्या, त परमातिमा तोहईं अपने राज के बारिसदार घलाय बनाइन हीं।

बिसुआसी लोगन के बारे माहीं पवलुस के चिन्ता

8पहिले तूँ पंचे जब परमातिमा काहीं नहीं जानत रहे आह्या, त देबी देउतन काहीं परमातिमा मानिके उनखर दास बने रहे हया, जउन वास्तव माहीं परमातिमा न होंहीं। 9पय अब त तूँ पंचे परमातिमा काहीं पहिचान लिहा हय, इआ कि इआमेर कही, कि परमातिमा तोंहईं पंचन काहीं पहिचानिन हीं, त पुनि तूँ पंचे उन निबल अउर निकम्मी मूसा के बिधान के सिच्छा के बातन काहीं काहे मनते हया, अउर पुनि उनखर दास काहे होंइ चहते हया? 10तूँ पंचे त कउनव खास दिनन, महीनन, रितुअन अउर सालन काहीं मनते हया। 11तोंहरे पंचन के बारे माहीं हमहीं डेर लागत ही, कि कहँव अइसा न होय, कि जउन मेहनत हम तोंहरे खातिर किहेन हय, उआ बेकार होइ जाय।

12हे भाई-बहिनिव, हम तोंहसे बिनती करित हएन, कि तूँ पंचे हमरे कि नाईं होइजा, काहेकि हमहूँ तोंहरे पंचन कि नाईं होइ गएन हय; तूँ पंचे हमार कुछू बिगाड़े नहिं आह्या। 13पय तूँ पंचे त इआ जनतेन हया, कि हम देंह से निबल रहेन हय, तऊ पहिलय पहिल तोंहइन पंचन काहीं खुसी के खबर सुनायन तय। 14अउर चाह हम तोंहरे खातिर बोझय रहे होई, तऊ तूँ पंचे हमरे देंह के निबल दसा के कारन हमार तिरस्कार नहीं किहा, बलकिन तूँ पंचे हमार अइसन स्वागत किहा, जइसन कि हम परमातिमा के दूत इआ, कि खुद मसीह यीसु रहे होई। 15अउर हम एखर गबाह हएन, कि अगर होइ सकत, त तूँ पंचे आपन आँखी घलाय निकारिके हमहीं दइ देत्या, पय अब उआ तोंहार पंचन के आनन्द मनाउब कहाँ चला ग? 16त तूँ पंचे इआ बताबा, कि तोंहसे सही बोलँय के कारन, का हम तोंहार पंचन के बइरी बन गएन हय?

17ऊँ गलत सिच्छा देंइ बाले तोंहईं पंचन काहीं अपने पच्छ माही करँइ के कोसिस करत हें, पय उनखर उद्देस निकहा नहिं आय। ऊँ पंचे इआ चाहत हें, कि तूँ पंचे हमसे अलग होइजा, जउने तुहूँ पंचे उनखे पीछे चलँइ बाले बनि जा। 18निकहे उद्देस्य से अपने पच्छ माहीं करब उचित हय, अउर इआ हरेक समय होंइ क चाही, पय इआ नहीं, कि जब तक हम तोंहरे पंचन के साथ माहीं हएन। 19हे पियार लड़िकव, जब तक तूँ पंचे पूरी तरह से मसीह कि नाईं नहीं बन जाते आह्या, तब तक हम तोंहरे पंचन के खातिर उहयमेर दुखन काहीं सहित हएन, जइसन लड़िका होंइ के समय मेहेरिअन के पीरा होत ही। 20अउर हमार त एतनी बड़ी इच्छा ही, कि हम अबहिनय तोंहरे पंचन के लघे आइके सान्ती से बात करी, काहेकि तोंहरे बारे माहीं हमहीं खुब चिन्ता होइ रही हय।

सारा अउर हाजिरा के उदाहरन

21तूँ पंचे जउन मूसा के बिधान के अधीन होंइ चहते हया, त हमसे बताबा, का तूँ पंचे पबित्र सास्त्र माहीं लिखी बातन काहीं नहीं सुने आह्या? 22कि अब्राहम के दुइठे लड़िका भें, एकठे उनखे मेहेरिआ से, अउर एकठे दासी से। 23पय जउन लड़िका दासी से पइदा भ, उआ साधारन रीत से मनई के इच्छा से पइदा भ, अउर जउन लड़िका उनखे मेहेरिआ से पइदा भ, उआ परमातिमा के दीन वादा के मुताबिक पइदा भ। 24ईं बातन के एकठे अउर मतलब इआ हय, कि ईं दुइठे मेहेरिआ मानो दुइठे करार के प्रतीक आहीं, एकठे त सीनै पहार माहीं कीन गे करार आय, जउने से केबल दासय पइदा होत हें; अउर हाजिरा उआ करार के प्रतीक आय। 25यहूदी लोगन के व्दारा मूसा के बिधान काहीं पालन करँइ के कारन, इआ समय के यरूसलेम गुलामी माहीं हय, अउर हाजिरा अरब के सीनै पहार माहीं कीन गे करार के प्रतीक आय। 26पय उआ दूसर मेहेरिआ सारा, जउन हमार पंचन के महतारी आय, स्वरग माहीं स्थित यरूसलेम सहर के प्रतीक आय, अउर उआ अजाद हय। 27काहेकि पबित्र सास्त्र माहीं लिखा हय, कि

“हे बाँझ मेहेरिआ तोंहरे कबहूँ लड़िका नहीं भ, त अब उराव मनाबा, तूँ लड़िका होंय के पीरा के अनुभव कबहूँ नहीं किहा, त खुसी के गाना गाबा, काहेकि छोंड़ी गे मेहेरिआ के सन्तान, बिआही मेहेरिआ के सन्तान से जादा होइहँय4:27 यसा 54:1।”

28हे भाई-बहिनिव, तूँ पंचे इसहाक कि नाईं हया, जउन परमातिमा के दीन वादा के मुताबिक पइदा भ। 29अउर जइसन उआ समय माहीं होत रहा हय, कि देंह के इच्छा के मुताबिक पइदा भ लड़िका, पबित्र आत्मा के सक्ती से पइदा भए लड़िका काहीं सताबत रहा हय, उहयमेर अबहिनव घलाय होत हय। 30पय पबित्र सास्त्र माहीं लिखा हय, “दासी अउर ओखे लड़िका काहीं निकारि द्या, काहेकि दासी के लड़िका बिआही मेहेरिआ के लड़िका के साथ बारिसदार होंइ के हक्क कबहूँ न पाई4:30 उत्प 21:10।” 31एसे हे भाई-बहिनिव, हम पंचे दासी के सन्तान न होंहेन, बलकिन बिआही मेहेरिआ के सन्तान आहेन।

5

अजादी काहीं सुरच्छित रक्खा

1मसीह, हमहीं पंचन काहीं मूसा के बिधान के गुलामी से अजाद किहिन हीं, एसे एहिन माहीं स्थिर बने रहा, अउर पुनि मूसा के बिधान के गुलामी माहीं न फँसा।

2देखा, हम पवलुस तोंहसे से कहित हएन, कि अगर तूँ पंचे खतना करइहा, त मसीह जउन कुछू तोंहरे खातिर किहिन हीं, ओसे तोंहईं कुछू फायदा न होई। 3फेरव आपन खतना करामँइ बाले हरेक जन काहीं हम जताए देइत हएन, कि ओही मूसा के बिधान के सगली बातन काहीं मानँय परी। 4तूँ पंचे जउन मूसा के बिधान के बातन काहीं मानिके धरमी ठहरँय चहते हया, त तूँ पंचे मसीह से अलग, अउर परमातिमा के किरपासे दूर होइ गया हय। 5काहेकि हम पंचे यीसु मसीह के ऊपर बिसुआस किहे के व्दारा, परमातिमा के आँगे धरमी ठहरँय के आसा रक्खित हएन, अउर पबित्र आत्मा के मदत से हम पंचे ओखर राह देखि रहेन हय। 6काहेकि अगर हम पंचे यीसु मसीह के ऊपर बिसुआस करित हएन, त खतना करबाउब इआ कि खतना न करबाउब, एसे कउनव फायदा नहिं आय, बलकिन केबल यीसु मसीह के ऊपर बिसुआस रखिके, दुसरे मनइन से प्रेम करब खास बात आय। 7तूँ पंचे त निकहा से मसीही जीबन जिअत रहे हया, अब तोंहईं को बहकाय दिहिस, कि सत्य काहीं न माना। 8अइसन सलाह तोंहईं बोलामँइ बाले परमातिमा के तरफ से त नहीं मिली आय। 9अउर इआ गलत सिच्छा थोर क खमीर कि नाईं हय, जइसन थोर क खमीर सगले माड़े पिसान काहीं आमिल कइ देत हय। 10अउर हम प्रभू के ऊपर तोंहरे पंचन के बारे माहीं भरोसा रक्खित हएन, कि तोंहार पंचन के उआ गलत सिच्छा काहीं मानँइ के बिचार न होई; पय जे कोऊ तोंहईं बहकामँइ के कोसिस करत हय, चाह उआ कोहू होई, परमातिमा से सजा पाई। 11पय हे भाई-बहिनिव, अगर हम अबे तक खतना के प्रचार करित हएन, त अबे तक हम काहे सताए जइत हएन; अउर हम क्रूस माहीं चढ़े मसीह के जउन प्रचार करित हएन, उआ यहूदी लोगन के खातिर ठोकर के कारन न बनत? 12जउन तोंहईं पंचन काहीं बहकाबत हें, उनखे खातिर इहय भला होत, कि ऊँ पंचे आपन अंग काट डरतें!

13हे भाई-बहिनिव, परमातिमा तोहईं पंचन काहीं अजाद होंइ के खातिर बोलाइन हीं, पय अइसा न होंइ चाही, कि तूँ पंचे इआ अजादी काहीं देंह के इच्छन काहीं पूर करँइ के खातिर साधन बनाबा? बलकिन प्रेम से एक दुसरे के सेबा करँइ बाले बना। 14काहेकि सगला बिधान इआ एकयठे हुकुम माहीं पूर होइ जात हय, कि “तूँ अपने परोसी से अपने कि नाईं प्रेम रक्खा।” 15पय अगर तूँ पंचे एक दुसरे काहीं जंगली जानबर कि नाईं नुकसान पहुँचाबत रहते हया, अउर मार डारँइ के कोसिस करत रहते हया, त सचेत रहा, कि कहँव तुहिन पंचे एक दुसरे काहीं नास न कइ डारा।

पबित्र आत्मा के मुताबिक चलब

16एसे हम तोंहसे कहित हएन, कि अगर तूँ पंचे पबित्र आत्मा के मुताबिक चलिहा, त देंह के बुरी इच्छन काहीं कउनव मेर से पूर न करिहा। 17काहेकि देंह के बुरी इच्छा, पबित्र आत्मा के इच्छा के बिरोध माहीं होती हईं, अउर पबित्र आत्मा के इच्छा देंह के बुरी इच्छन के बिरोध माहीं होत ही, अउर ईं एक दुसरे के बिरोधी आहीं; एहिन से जउन तूँ पंचे करँय चहते हया, उआ नहीं कए पउते आह्या। 18अउर अगर तूँ पंचे पबित्र आत्मा के मुताबिक जीबन बितउते हया, त मूसा के बिधान के अधीन नहिं आह्या। 19काहेकि देंह के काम त देखाई देत हें, जइसन ब्यभिचार करब, बुरे काम करब, लुच्चई करब, 20मूरत के पूजा करब, टोना मारब, इरखा करब, झगड़ा करब, जलन रक्खब, क्रोध करब, स्वार्थी होब, फूट डारब, गुटबन्दी करब, 21डाह करब, नसा कइके मतबार होब, भोग-बिलास करब, अउर इनखे कि नाईं अउरव खुब पाप हें, इनखे बारे माहीं हम तोंहईं पहिलेन से बताए देइत हएन, जइसन तोंहईं पहिलेव बताय चुके हएन, कि इआमेर के काम करँइ बाले, परमातिमा के राज के बारिसदार न होइहँय। 22अउर पबित्र आत्मा के फर इआमेर से हँय जइसन, प्रेम करब, आनन्दित रहब, मिल-जुलिके रहब, धीरज धरब, 23अउर किरपा करब, भलाई करब, बिसुआस के काबिल होब, नम्र होब, अउर संयम रक्खब, ईं बातन के बिरोध माहीं कउनव नेम नहिं आय। 24अउर जे कोऊ यीसु मसीह काहीं अपने जीबन माहीं अपनाय लिहिन हीं, ऊँ पंचे अपने देंह के बुरी इच्छन अउर अभिलासन काहीं क्रूस के ऊपर चढ़ाय दिहिन हीं।

25अउर अगर हम पंचे पबित्र आत्मा के व्दारा जिन्दा हएन, त पबित्र आत्मय के मुताबिक चलबव करी। 26अउर हम पंचे घमन्डी होइके, न एक दुसरे काहीं खिसबाई, अउर न एक दुसरे से जलन रक्खी।

6

एक दुसरे के मदत करा

1हे भाई-बहिनिव, अगर तोंहरे पंचन म से कोऊ कउनव अपराध माहीं पकड़ा जाय, त जउन तूँ पंचे आत्मा के मुताबिक चलते हया, नम्रता के साथ, सही गइल म आमँय माहीं ओखर मदत करा, अउर तुहूँ पंचे सतरक रहा, जउने कउनव परिच्छा माहीं न परा। 2अउर तूँ पंचे एक दुसरे के कमी-घटी काहीं पूर करा, अउर इआमेर से मसीह के बिधान काहीं पूर करा। 3काहेकि अगर कउनव मनई काबिल नहिं आय, तऊ अपने-आप काहीं काबिल समझत हय, त उआ अपने-आप काहीं धोखा देत हय। 4एसे तोंहरे पंचन म से हरेक जन, अपने-अपने कामन के जाँच-परताल कइ लेय, अउर जब अपने कामन के जाँच कइ लेई, तब ओही दुसरेन के बारे माहीं नहीं, बलकिन अपनेन निकहे कामन के बारे माहीं घमन्ड करँइ के मोका मिली। 5काहेकि हरेक जन काहीं आपन-आपन जिम्मेबारी खुदय उठामँइ परी।

6जेही परमातिमा के बचन सुनाबा ग हय, ओही चाही कि ओखे लघे जउन निकही चीजँय होंय, उनमा से अपने बचन सुनामँइ बाले काहीं कुछ दइके मदत करँय। 7तूँ पंचे धोखा न खा, परमातिमा के मजाक नहीं उड़ाबा जाय, काहेकि मनई जउन बोबत हय, उहय काटत हय। 8काहेकि जे कोऊ अपने बुरे बिचार के बीज बोबत हय, त उआ अपने बुरे बिचार के व्दारा बिनास रूपी फसल काटी, अउर जे कोऊ आत्मा के खातिर बीज बोबत हय, उआ आत्मा के व्दारा अनन्त जीबन रूपी फसल काटी। 9एसे हम पंचे निकहे कामन काहीं करँइ माही साहस न छोंड़ी, काहेकि अगर हम पंचे भलाई के काम करतय रहब, त सही समय आमँय पर हमहीं पंचन काहीं ओखर प्रतिफल जरूर मिली। 10एसे जहाँ तक होइ सकय, हमहीं पंचन काहीं सगले मनइन के साथ भलाई करँइ चाही; खास करके बिसुआसी भाई-बहिनिन के साथ।

पवलुस के अन्तिम चेतउनी अउर अभिबादन

11तूँ पंचे ध्यान से देखा, कि कइसन बड़े-बड़े अच्छरन माहीं, ईं बातन काहीं हम अपने हाँथ से तोंहरे पंचन के खातिर लिखेन हय। 12एसे जेतने मनई सारीरिक रूप से देखाबा करँय चाहत हें, ऊँ पंचे तोंहरे ऊपर खतना करामँइ के दबाव डारत हें, कि जउने मसीह के क्रूस माहीं बलिदान के द्वारा मुक्ती मिली, इआ बिसुआस किहे के कारन ऊँ पंचे सताए न जाँय। 13काहेकि खतना करामँइ बाले खुदय मूसा के बिधान के मुताबिक नहीं चलँय, पय तोंहार पंचन के खतना एसे करामँइ चाहत हें, कि जउने तोंहरे पंचन के सारीरिक दसा काहीं देखिके घमन्ड करँय। 14पय हम पंचे केबल प्रभू यीसु मसीह के क्रूस के बलिदान माहीं घमन्ड करी, कउनव दुसरे बात माहीं नहीं, जउने के व्दारा हम संसार के खातिर मर गएन हय, अउर संसार हमरे खातिर। 15एसे कोहू के खतना भ होय, चाह न भ होय एखर कउनव महत्व नहिं आय, महत्व केबल इआ बात के हय, कि हम पंचे पूरी तरह से नई स्रस्टी बन जई। 16अउर जेतने मनई इआ नेम के मुताबिक चलिहँय उनखे ऊपर, अउर परमातिमा के इजराइल के ऊपर सान्ति अउर दया होत रहय।

17चिट्ठी के आखिर माहीं, हम तोंहसे बिनती करित हएन, कि अब कउनव मनई ईं बातन के बारे माहीं हमहीं अउर दुख न देय, काहेकि हम यीसु मसीह के दास आहेन, एसे उनखे घावन काहीं अपने देंह माहीं लए चलि रहेन हँय। 18हे भाई-बहिनिव, हम प्राथना करित हएन, कि हमरे पंचन के प्रभू यीसु मसीह के दया तोंहरे पंचन के आत्मा के साथ बनी रहय। आमीन!