कुलुस्से सहर के मसीही मन्डली के नाम लिखी पवलुस के चिट्ठी

इआ चिट्ठी के परिचय

कुलुस्से सहर माहीं रहँइ बाले मनइन के नाम, यीसु मसीह के खास चेला पवलुस के लिखी चिट्ठी एसिया माइनर के कुलुस्से सहर के मसीही मन्डली काहीं लिखी गे रही हय, जउन इफिसुस सहर के पूरुब कइती रहा हय। इआ मसीही मन्डली के स्थापना पवलुस नहीं किहिन रहा आय, पय इआ उआ इलाका माहीं रही हय, जेखर जबाबदारी पवलुस अपने ऊपर महसूस करत रहे हँय, जइसन कि हम पवलुस काहीं रोमी सम्राज के एकठे प्रदेस अखाया के राजधानी, इफिसुस से मसीही सेबकन काहीं पठबत पाइत हएन। पवलुस काहीं जब इआ पता चला रहा हय, कि कुलुस्से सहर के मसीही मन्डली माहीं कुछ गलत सिच्छा देंइ बाले हें, जउन इआ बात माहीं जोर देत रहे हँय, कि परमातिमा काहीं जानँइ, अउर पूरी तरह से मुक्ती पामँइ के खातिर कउनव मनई काहीं कुछ बिसेस “आत्मिक मुखिअन अउर अधिकारिन के” उपासना करब जरूरी हय। एखे साथय-साथ ईं गलत सिच्छा देंइ बाले मनई कहत रहे हँय, कि कउनव मनई काहीं कुछ बिसेस धरम बिधिअन, जइसन खतना काहीं मानब, अउर खाना अउर दुसरे बातन से सम्बन्धित कठिन नेमन काहीं पालन करब जरूरी हय।

पवलुस ईं गलत सिच्छा देंइ बालेन के बिरोध करँइ के खातिर, सही-सही मसीही सँदेस के साथ इआ चिट्ठी काहीं लिखत हें। एखे जबाब के मतलब इआ आय, कि यीसु मसीह पूरी तरह से मुक्ती देंइ माहीं समरथी हें, अउर इआ कि ईं दूसर बिसुआस अउर बिधी वास्तव माहीं मनई काहीं मसीह से दूरी कइ देती हईं। मसीह के द्वारा परमातिमा इआ संसार के रचना किहिन हीं, अउर उनहिन के द्वारा ऊँ एही अपने लघे वापिस लइआइ रहे हँय। केबल मसीहय के द्वारा मुक्ती पामँइ के गइल ही। पवलुस तब बिसुआसी लोगन के जीबन के खातिर इआ महान सिच्छा के मतलब बताबत हें।

इआ बात ध्यान देंइ के काबिल ही, कि तुखिकुस, जउन पवलुस के इआ चिट्ठी काहीं कुलुस्से सहर लइगे रहे हँय, अउर उनखे साथ उनेसिमुस घलाय रहे हँय। उआ बँधुआ दास जेखे पच्छ माहीं पवलुस फिलेमोन के चिट्ठी काहीं लिखिन तय।

रूप-रेखा :

भूमिका 1:1-8

मसीह के सुभाव अउर काम 1:9—2:19

मसीह माहीं नबा जीबन 2:20—4:6

उपसंहार 4:7-18

1

पवलुस के अभिबादन

1हम पवलुस इआ चिट्ठी काहीं लिख रहेन हय, जउन परमातिमा के इच्छा से यीसु मसीह के खास चेला आहेन, हमरे तरफ से अउर भाई तीमुथियुस के तरफ से, 2इआ चिट्ठी कुलुस्से सहर के भाइन काहीं मिलय, जउन पबित्रता के साथ यीसु मसीह के ऊपर बिसुआस करत हें, अउर हम पंचे इआ प्राथना करित हएन, कि पिता परमातिमा के तरफ से तोंहईं पंचन काहीं किरपा अउर सान्ति मिलत रहय।

धन्यबाद अउर प्राथना

3हम पंचे अपने प्रभू यीसु मसीह के पिता परमातिमा काहीं धन्यबाद देइत हएन, अउर रोज तोंहरे पंचन के खातिर प्राथना करित हएन। 4काहेकि हम पंचे तोंहरे बारे माहीं इआ सुने हएन, कि तूँ पंचे यीसु मसीह के ऊपर बिसुआस करते हया, अउर सगले पबित्र बिसुआसी भाई-बहिनिन से प्रेम रखते हया। 5इआ सब उआ आसा के कारन भ हय, जउन तोंहरे खातिर स्वरग माहीं सुरच्छित ही, अउर एखे बारे माहीं तूँ पंचे पहिलेन सत्य बचन, अरथात खुसी के खबर के द्वारा सुन चुके हया। 6अउर खुसी के खबर सगले संसार माहीं सफल होइके फइल रही हय, इआ उहयमेर होइ रहा हय, जइसन तोंहरे बीच माहीं इआ उहय समय से सफल होंइ लाग रहा हय, जउने दिना तूँ पंचे परमातिमा के किरपा के बारे माहीं सुने रह्या हय, अउर सचमुच माहीं समझ गया तय। 7तूँ पंचे खुसी के खबर के सिच्छा, हमरे साथ माहीं काम करँइ बाले पियार साथी इपफ्रास से पाए हया, जउन हमरे खातिर मसीह के बिसुआस के काबिल सेबक हें। 8उँइन हमहीं इआ बताइन हीं, कि तूँ पंचे कइसन आत्मा से एक दुसरे से प्रेम करते हया।

9एसे जउने दिना से हम तोंहरे बारे माहीं इआ सुने हएन, त हमहूँ घलाय रोज तोंहरे खातिर इआ प्राथना करित हएन, कि तूँ पंचे आत्मिक ग्यान अउर समझ पायजा, अउर परमातिमा के इच्छा तोंहरे बारे माहीं का ही, इआ निकहा से जान जा। 10जउने तोंहार चाल-चलन प्रभू के काबिल होय, अउर तूँ पंचे हरेकमेर से प्रभू काहीं प्रसन्न करँइ बाला जीबन जिअा, अउर तूँ पंचे हरेकमेर के भलाई के कामन काहीं करँइ माहीं लगे रहा, अउर परमातिमा के ग्यान माहीं लगीतार बढ़त जा। 11अउर परमातिमा के महिमामय सक्ती के मुताबिक हरेकमेर के सामर्थ से मजबूत होइजा, जउने दुख-मुसीबत के समय आनन्द के साथ हरेकमेर से धीरज अउर सहनसीलता देखाय सका। 12अउर पिता परमातिमा के धन्यबाद करत रहा, जउन हमहीं पंचन काहीं एखे काबिल बनाइन हीं, कि उनखे पबित्र मनइन के साथ जउन जोति माहीं जीबन जिअत हें, हमहूँ पंचे उनखे साथय बारिसदार बनय माहीं सामिल होइ जई। 13उँइन हमहीं पंचन काहीं अँधिआर के सक्ती अरथात सइतान से मुक्ती दइके, अपने पियार लड़िका के राज माहीं प्रबेस कराइन हीं। 14उनखे लड़िकय के द्वारा हमहीं पंचन काहीं मुक्ती मिली हय, अरथात हमहीं पंचन काहीं अपने पापन के माफी मिली हय।

मसीह के महानता

15ऊँ त देखाई न देंइ बाले परमातिमा के रूप आहीं, अउर सगले संसार माहीं पहिलउठा आहीं। 16काहेकि जउन कुछू स्वरग माहीं हँय, अउर धरती माहीं हँय, उनहिन के सक्ती के द्वारा उत्पन्न भे हँय, सब कुछ जउन देखाई देत हें, अउर जउन देखाई नहिंव देंय, चाह सिंहासन होंय, चाह राज होंय, चाह कउनव सासन करँइ बाले होंय, अउर चाह कउनव अधिकारी होंय, सब कुछ उनहिन के द्वारा बनाए गे हँय, अउर उनहिन के खातिर बनाए गे हँय। 17अउर उँइन सगली चीजन काहीं बनामँइ से पहिले रहे हँय, अउर उँइन सगली चीजन काहीं स्थिर करत हें। 18अउर उँइन मसीही मन्डली के सिर आहीं; जउन उनखर देंह आय, उँइन संसार काहीं बनामँइ से पहिले रहे हँय, अउर मरेन म से जिन्दा होंइ बालेन माहीं पहिलउठा उँइन आहीं, अउर हर बात माहीं उँइन मुखिया हें। 19काहेकि पिता परमातिमा के प्रसन्नता एहिन माहीं हय, कि उनहिन माहीं सगली भरपूरी निबास करय। 20अउर उनहिन के क्रूस माहीं बहे खून के द्वारा, परमातिमा सगली चीजन से मेल-मिलाप किहिन हीं, चाह उआ धरती के होय, चाह स्वरग के होय।

21अउर पहिले जउन तूँ पंचे अपने बुरे कामन के कारन उनखर बइरी, अउर उनखे महिमा से दूरी रहे हया, अब परमातिमा मसीह के सारीरिक मउत के द्वारा, तोंहऊँ पंचन से घलाय मेल-मिलाप कइ लिहिन हीं। 22ऊँ अब अपने संसारिक देंह माहीं मउत के द्वारा तोंहार पंचन के घलाय मेल-मिलाप कइ लिहिन हीं, जउने तोंहईं पंचन काहीं अपने आँगे पबित्र, अउर निस्कलंक अउर बेकसूर बनाइके हाजिर करँय।

पवलुस के मसीही सेबा

23इआ तबहिन होइ सकत हय, जब तूँ पंचे मसीह के ऊपर बिसुआस माहीं मजबूती के साथ अटल रहा, अउर जउने आसा काहीं तूँ पंचे खुसी के खबर के द्वारा सुने हया, उआ आसा काहीं न छोंड़ा, उहय खुसी के खबर के प्रचार अकास के नीचे सगले संसार माहीं कीन ग हय; अउर उहय खुसी के खबर काहीं सुनामँइ के खातिर, हम पवलुस सेबक बने हएन। 24अउर जउन दुख-मुसीबत हम तोंहरे पंचन के खातिर उठाइत हएन, उनखे कारन हम आनन्दित होइत हएन, अउर मसीह के देंह अरथात मसीही मन्डली के खातिर मसीह के यातनन माहीं जउन कुछ कमी रहिगे तय, ओही हम अपने देंह माहीं पूर कए देइत हएन। 25परमातिमा तोंहरे पंचन के फायदा के खातिर, हमहीं जउन हुकुम दिहिन रहा हय, ओहिन के मुताबिक, हम उनखर एकठे सेबक ठहराए गएन हय, जउने हम परमातिमा के बचन के पूरी तरह से प्रचार करी। (परमातिमा के जउन योजना रही हय, ओखे मुताबिक हम उनखर एकठे सेबक बने हएन, अउर जउन जबाबदारी परमातिमा हमहीं दिहिन हीं, कि उनखर बचन तोंहईं पंचन काहीं सुनाई, एहिन से परमातिमा के बचन काहीं तोंहरे बीच माहीं पूरी तरह प्रचार कइ रहे हएन।) 26अरथात उआ भेद के बात काहीं, जउन खुब समय से अरथात कइअक पीढ़िन से छिपी रही हय, पय अब उआ भेद के बात काहीं, परमातिमा अपने चुने पबित्र मनइन के ऊपर प्रगट किहिन हीं। 27अउर इआ बात काहीं परमातिमा उनखे ऊपर एसे प्रगट किहिन हीं, कि जउने उनहीं मालुम होय, कि गैरयहूदी लोगन माहीं उआ भेद के महिमा के कीमत केतनी बड़ी ही? अउर उआ इआ आय, कि मसीह जउन महिमा के आसा आहीं, तोंहरे जीबन माहीं निबास करत हें। 28जिनखर प्रचार कइके हम हरेक मनइन काहीं जताए देइत हएन, अउर अपने सगले ग्यान से हरेक मनइन काहीं सिखाइत हएन, कि जउने हम हरेक मनइन काहीं मसीह के सिच्छा माहीं, सिद्ध बनाइके परमातिमा के आँगे हाजिर करी। 29अउर एहिन के खातिर हम मसीह के दीन, उआ सक्ती से, जउन हमरे जीबन माहीं सामर्थ के साथ काम करत ही, तन मन लगाइके मेहनत घलाय करित हएन।

2

1हम पवलुस इआ चाहित हएन, कि तोंहईं पंचन काहीं इआ पता चलय, कि हम, तोंहरे खातिर, अउर लौदीकिया सहर के रहँइ बालेन के खातिर, अउर उन सगले मनइन के खातिर, जउन हमहीं कबहूँ नहीं देखिन, उनहूँ के खातिर, हम केतनी कठिन मेहनत करित हएन। 2जउने उनखे मनन काहीं उत्साह मिलय, अउर ऊँ पंचे आपस म एक दुसरे से प्रेम माहीं बँधि जाँय, अउर बिसुआस के उआ सगला धन जउन सच्चे ग्यान से मिलत हय, उनहीं पंचन काहीं मिल जाय, जउने पिता परमातिमा के भेद काहीं, अरथात मसीह काहीं पहिचान लेंय। 3काहेकि उनहिन माहीं बुद्धी अउर ग्यान के सगला भन्डार छिपा हय।

गलत सिच्छा देंइ बाले मनइन के बिरोध माहीं चेतउनी

4इआ हम एसे कहित हएन, कि कउनव मनई मीठ-मीठ बातन माहीं फँसाइके, तोंहईं पंचन काहीं धोखा न दइ सकय। 5काहेकि हम त तोंहसे दूरी हएन, तऊ आत्मिक रूप से हमार मन तोंहरे ऊपर लगा रहत हय, अउर हम तोंहरे जीबन माहीं अनुसासन अउर मसीह के ऊपर तोंहरे मजबूत बिसुआस काहीं देखिके प्रसन्न हएन।

6एसे जइसन तूँ पंचे मसीह यीसु काहीं, प्रभू मानिके सोइकार कइ लिहा हय, त उहयमेर उनखे बचन के मुताबिक चलत रहा। 7अउर मसीह माहीं जड़ कि नाईं मजबूती के साथ आँगे बढ़त जा, अउर जइसन तोंहईं पंचन काहीं सिखाबा ग रहा हय, उहयमेर बिसुआस माहीं मजबूत होत चले जा, अउर परमातिमा काहीं जादा से जादा धन्यबाद देत रहा।

8अउर सचेत रहा, कि कोऊ तोंहईं संसार के लबरी ग्यान से धोखा दइके, बिसुआस से भटकाय न देय, काहेकि इआ मनइन के पुरान परम्परन के बिचारन, अउर पुरान समय से चली आय रही संसारिक सिच्छन के लबरी ग्यान आय, एखर मसीह के बचन से कउनव लेन-देन नहिं आय। 9काहेकि परमातिमा अपने सगली भरपूरी के साथ मसीह माहीं निबास करत हें। 10अउर उँइन सगले सासन करँइ बालेन, अउर अधिकारिन के ऊपर अधिकार रक्खँइ बाले आहीं, अउर तूँ पंचे उनहिन के द्वारा भरपूर होइ गया हय। 11मसीह के ऊपर बिसुआस किहे के कारन तोंहार पंचन के अइसन आत्मिक खतना भ हय, जउन मनइन के हाँथन से नहीं होइ सकय, अरथात तोंहईं पंचन काहीं पापन के सुभाव से मुक्ती दइ दीनगे ही, अउर इआ खतना मसीह के व्दारा भ हय। 12अउर तूँ पंचे बपतिस्मा लेत माहीं उनहिन के साथ गाड़े गया, अउर परमातिमा के सक्ती के ऊपर बिसुआस किहा, कि ऊँ मसीह काहीं मरेन म से जिआइन हीं, त उनखे साथय तुहूँ पंचे घलाय आत्मिक रूप से जिन्दा होइ गया हय। 13अउर तूँ पंचे अपने पापन के कारन अउर बिना खतना के देंह के कारन आत्मिक रूप से मरे रहे हया, पय परमातिमा तोंहईं पंचन काहीं मसीह के साथय-साथ अनन्त जीबन दिहिन हीं, अउर हमरे पंचन के सगले पापन काहीं हमेसा के खातिर माफ कइ दिहिन हीं। 14अउर परमातिमा उआ अभिलेख काहीं, जउन हमरे पंचन के बिरोध माहीं रहा हय, हमरे पंचन के बीच से हटाय दिहिन हीं, अउर ओही क्रूस के ऊपर खीलन से ठोंकिके नस्ट कइ दिहिन हीं। 15अउर परमातिमा क्रूस माहीं मसीह के बलिदान के व्दारा, संसार माहीं राज करँइ बाली सइतान के सक्ती के, सगले अधिकारन काहीं नास कइ दिहिन, अउर ओही कमजोर कइके सगलेन के आँगे लज्जित कइ दिहिन हीं, अउर उनखे बिजयी होंइ के कारन जय-जयकार के बोल सुनाई दिहिस।

16एसे खाँय-पिअँइ के चीजन के बारे माहीं इआ कि तेउहार मनामँइ के बारे माहीं, इआ नबा चाँद नाम के तेउहार मनामँइ के बारे माहीं, इआ पबित्र दिन के बारे माहीं कोहू काहीं फँइसला न करँय दिहा। 17काहेकि ईं सगली बातँय आमँइ बाली बातन के छाया आहीं, एसे कि सगली चीजँय मसीह के आहीं। 18अउर अइसा मनई, जउन अपने-आप काहीं कस्ट दइके स्वरगदूतन के पूजा-पाठ माहीं लगा रहत हय, अइसन मनई से सचेत रहा, कहँव उआ तोंहईं पंचन काहीं बिसुआस से भटकाइके, मिलँइ बाले इनाम से बंचित न कइ देय, अइसन मनई दिब्य दरसन माहीं देखी बातन माहीं लगा रहत हय, अउर अपने झूँठ ग्यान के बेकार घमन्ड करत हय। 19अउर अइसन मनई अपने-आप काहीं मसीह के अधीन नहीं रक्खय जउन सिरोमनि आहीं, उँइन जोड़न अउर नसन से सगले देंह के पालन-पोसन करत हें, अउर सगले देंह के अंगन काहीं एक साथ जोड़िके, परमातिमा कइती बढ़ाबत जात हें।

मसीह के साथ जिअब अउर मरब

20काहेकि तूँ पंचे मसीह के साथ, संसार के पुरान सिच्छन के खातिर मर चुके हया, त पुनि जउन मनई संसार के सिच्छन के मुताबिक जीबन बिताबत हें, त तूँ पंचे उनखे कि नाईं काहे जीबन जीते हया, काहेकि इआ मनइन के सिच्छन अउर हुकुमन के मुताबिक हय, जइसन, 21एही न छुया, ओही न खया, अउर ओही हाँथ न लगाया, इआमेर के बिधिअन काहीं तूँ पंचे काहे मनते हया? 22(काहेकि ईं सगली चीजँय काम माहीं लइआबत-लइआबत नास होइ जइहँय।) काहेकि ईं मनइन के हुकुमन अउर सिच्छन के मुताबिक आहीं। 23ईं बिधिअन माहीं अपने मरजी के मुताबिक बनाई भक्ती करँइ के नेम, जइसन अपने देंह काहीं कस्ट देब, अउर देंह माहीं योगा-अभ्यास करँय माहीं ग्यान के नाम त हय, पय देंह के बुरी लालसन काहीं रोंकँइ माहीं, इनसे कुछू फायदा नहीं होय।

3

मसीह माही नबा जीबन

1काहेकि तोंहईं पंचन काहीं मसीह के साथ जिआबा ग हय, एसे तूँ पंचे उन चीजन काहीं ढूँढ़ँइ माहीं लगे रहा, जउन स्वरग माहीं हईं, जहाँ बर्तमान समय माहीं यीसु मसीह घलाय हें, जउन परमातिमा के दहिने कइती बइठ हें। 2एसे तूँ पंचे स्वरग के चीजन के बारे माहीं सोचत रहा, अउर धरती के चीजन माहीं मन न लगाबा। 3काहेकि तूँ पंचे पुरान पापी सुभाव के खातिर मर गया हय, अउर तोंहार पंचन के नबा जीबन मसीह के साथ परमातिमा के लघे सुरच्छित हय। 4अउर मसीह जउन हमार पंचन के जीबनदाता आहीं, जब ऊँ दुसराय प्रगट होइहँय, तब तुहूँ पंचे उनखे साथ महिमा समेत प्रगट कीन जइहा।

पुरान जीबन अउर नबा जीबन

5एसे तोंहरे पंचन माहीं जउन संसारिक बातँय हईं, उनहीं छोंड़ि द्या, अरथात ब्यभिचार, असुद्धता, कामवासना, बुरी इच्छा, अउर लोभ जउन मूरत पूजँय के बराबर हय। 6ईंन कामन के कारन परमातिमा के क्रोध उनखे ऊपर रहत हय, जउन मनई उनखे हुकुमन के पालन नहीं करँय। 7अउर तुहूँ पंचे प्रभू यीसु मसीह के ऊपर बिसुआस करँइ से पहिले, ईंन बुराइन काहीं करत जीबन बिताबत रहे हया। 8पय अब तोंहऊँ पंचन काहीं ईं सगली बातन काहीं छोंड़ि देंइ चाही, जइसन क्रोध करब, गुस्सा करब, बैर-भाव, दुसरे के बुराई करब, अउर मुँहे से गारी देब। 9एखे अलाबव एक दुसरे से लबरी न बोला, बेलकुल सही-सही बोला, काहेकि तूँ पंचे अपने पुरान सुभाव काहीं बुरे कामन समेत छोंड़ि दिहे हया। 10अउर नबा सुभाव काहीं अपनाय लिहे हया, जउन अपने बनामँइ बाले के स्वरूप के मुताबिक, परमातिमा के ग्यान काहीं पामँइ के खातिर नबा बनत जात हय। 11नबा सुभाव पाए के बाद, यहूदी लोगन अउर गैरयहूदी लोगन माहीं कउनव अन्तर नहीं रहिगा, अउर इहइमेर न खतना कराए मनइन माहीं अउर न बिना खतना कराए मनइन माहीं कउनव अन्तर रहिगा आय, अउर न असभ्य मनइन माहीं, अउर न सभ्य मनइन माहीं, कउनव अन्तर रहिगा आय, अउर न दासन अउर न मालिकन माहीं, कउनव अन्तर रहिगा आय, काहेकि मसीह माहीं सब कुछ एक समान होइ जात हय, अउर उँइन सगलेन के भीतर निबास करत हें।

12काहेकि तूँ पंचे परमातिमा के चुने पबित्र अउर पियार आह्या, एसे करुना, भलाई, दीनता, कोमलता अउर सहनसीलता काहीं अपनाबा। 13अउर अगर तोंहरे बीच म से कोऊ गलती किहिस होय, त एक दुसरे के गलतिन काहीं सहि ल्या, अउर एक दुसरे के अपराधन काहीं माफ कइ द्या, जइसन परमातिमा तोंहरे अपराधन काहीं माफ किहिन हीं, उहयमेर तुहूँ पंचे घलाय करा। 14ईं सगली बातन से बढ़िके प्रेम काहीं अपनाय ल्या, जउन एक दुसरे काहीं आपस माहीं जोड़िके, प्रेम माहीं भरपूर करत हय। 15अउर यीसु मसीह के दीन सान्ति काहीं अपने जीबन माहीं अपनाय ल्या, जउने तोंहरे हिरदँय माहीं राज करय, एहिन के खातिर परमातिमा तोंहईं एकठे देंह कि नाईं, एक होंइ के खातिर चुनिन हीं, एसे परमातिमा काहीं हमेसा धन्यबाद देत रहा। 16अउर मसीह के बचन काहीं जादा से जादा अपने हिरदँय माहीं बसाबा, जउने परमातिमा के ग्यान से भरपूर होइके एक दुसरे काहीं सिखाबा, अउर गलती करँइ त चेताबा, अउर परमातिमा के इआ किरपा के कारन उनखे खातिर अपने-अपने मनन माहीं भजन, स्तुति के गाना, अउर आत्मिक गाना गाबत रहा। 17अउर तूँ पंचे जउन कुछू काम करा, इआ कि बचन सुनाबा, सगले काम प्रभू यीसु मसीह के नाम से करा, अउर उनहिन के व्दारा पिता परमातिमा के धन्यबाद करत रहा।

घर-परिबार सम्बन्धित नयतिक सिच्छा

18हे मेहेरिअव, अपने-अपने मंसेरुअन के उआ मेर से अधीन रहा, जइसन मसीह के ऊपर बिसुआस करँइ बाली मेहेरिअन काहीं उचित हय। 19हे मंसेरुअव, अपने-अपने मेहेरिअन से प्रेम करा, अउर उनसे कठोरता के बरताव न करा। 20हे लड़िकव, सगली बातन माहीं अपने-अपने महतारी-बाप के हुकुमन काहीं माना, काहेकि प्रभू एसे प्रसन्न होत हें। 21हे बाप-महतारिव, अपने-अपने लड़िकन काहीं तंग न करा, अइसन न होय, कि उनखर साहस टूट जाय, अउर ऊँ पंचे उल्टहाव देंइ लागँय। 22हे सेबकव, अपने संसारिक मालिकन के सगली बातन माहीं, उनखे हुकुमन काहीं माना, अउर ऊँ सेबकन कि नाईं नहीं, जउन मनइन काहीं प्रसन्न करँइ के खातिर देखाला क त सेबा करत हें, पय बाद माहीं नहीं करँय, पय तूँ पंचे, परमातिमा के भय मानत उनखर निकही सेबा करा। 23अउर जउन काम तूँ पंचे करते हया, त ओही पूरे मन से करा, इआ समझिके कि जउन काम करित हएन, उआ मनइन के खातिर नहीं, बलकिन प्रभू के खातिर करित हएन। 24काहेकि तूँ पंचे खुदय जनते हया, कि हम पंचे मसीह के सेबा करित हएन, एसे एखे बदले माहीं तोंहईं प्रभू से बारिसदार होंइ के हक्क मिली। 25काहेकि जे कोऊ बुरे काम करत हय, उआ अपने बुरे कामन के प्रतिफल पाई; काहेकि परमातिमा के आँगे कोहू के साथ पच्छपात नहीं होय।

4

1हे मालिकव, तूँ पंचे इआ सुध रक्खा, कि तोंहरव पंचन के स्वरग माहीं एकठे मालिक हें, एसे अपने-अपने सेबकन के साथ निकहा बेउहार करा, अउर जउन उनखर हक्क होय उनहीं द्या।

मसीही भाई-बहिनिन काहीं सलाह

2एसे तूँ पंचे सतरक रहा, अउर परमातिमा के धन्यबाद करत प्राथना माहीं हमेसा लगे रहा। 3अउर एखे साथय-साथ हमरे पंचन के खातिर घलाय इआ प्राथना करत रहा, कि परमातिमा हमहीं पंचन काहीं बचन सुनामँइ के मोका देंय, कि हम पंचे मसीह के उआ भेद काहीं बताय सकी, जेखे कारन हम जेल माहीं हएन। 4अउर उआ भेद काहीं जइसन हम चाहित हएन, उहयमेर सही ढँग से बताय सकी।

5अउर जउन मनई प्रभू के ऊपर बिसुआस नहीं करँय, त जब उनहीं बचन सुनामँइ के कीमती मोका मिलय, त ओखर सही ढँग से उपयोग करा। 6अउर जब तूँ पंचे उनसे बात करा, त तोंहार पंचन के बचन किरपा से भरा कोमल होय, अउर तोंहईं पंचन काहीं हरेक मनइन काहीं सही ढँग से जबाब देब आमँइ चाही।

पवलुस के सलाह अउर अन्तिम अभिबादन

7पियार भाई तुखिकुस जउन बिसुआस के काबिल सेबक हें, अउर प्रभू के सेबा माहीं हमार साथ देंइ बाले साथी आहीं, उँइन हमरे बारे माहीं सगली बातन काहीं तोंहईं बतइहँय। 8उनहीं तोंहरे लघे एसे पठएन हय, कि जउने तोंहईं हमरे हाल के बारे माहीं मालुम होइ जाय, अउर उनखे व्दारा हमरे बारे माहीं जानिके तोंहरे हिरदँय काहीं सान्ति मिलय। 9अउर उनहिन के साथ उनेसिमुस काहीं घलाय पठएन हय, जउन तोंहरेन पंचन के बीच म से बिसुआस के काबिल अउर पियार भाई आँय, ऊँ तोंहईं पंचन काहीं हमरे इहाँ के सगली बातन काहीं बतइहँय।

10अरिस्तरखुस जउन हमरे साथ जेल माहीं हें, अउर मरकुस जउन बरनबास के भाई लागत हें। (जिनखे बारे माहीं हम तोंहईं पंचन काहीं बताए रहे हएन, कि अगर ऊँ तोंहरे पंचन के लघे आमँय, त उनखे साथ निकहा बेउहार किहा।) 11अउर यीसु जिनखर नाम यूस्तुस घलाय हय, तोंहईं पंचन काहीं नबस्कार कहत हें, अउर परमातिमा के राज के खातिर काम करँइ माहीं केबल ईंन भर यहूदी जाति के बिसुआसिअन म से हमरे साथ हें, अउर इनहिन के कारन हमहीं अराम मिलत हय। 12अउर इपफ्रास जउन तोंहरे बीच म से मसीह यीसु के दास आहीं, तोंहईं पंचन काहीं नबस्कार कहत हें, अउर तोंहरे खातिर हमेसा इआ प्राथना करत हें, कि तूँ पंचे आत्मिक रूप से मजबूत होइजा, अउर पूरे बिसुआस के साथ परमातिमा के इच्छा काहीं जानिके ओमाहीं स्थिर रहा। 13अउर तोंहरे पंचन के खातिर अउर लौदीकिया सहर के अउर हियरापुलिस सहर के रहँइ बाले बिसुआसी भाइन के खातिर, ऊँ बड़ी मेहनत करत हें, एखर हम पवलुस गबाह हएन। 14पियार बैद लूका अउर देमास तोंहईं पंचन काहीं नबस्कार कहत हें। 15अउर लौदीकिया सहर के बिसुआसी भाई-बहिनिन काहीं, अउर नुमफास अउर उनखे घर के मसीही मन्डली के बिसुआसी भाई-बहिनिन काहीं, हमरे पंचन के तरफ से नबस्कार कहि दिहा। 16अउर जब इआ चिट्ठी तोंहरे मसीही मन्डली माहीं पढ़ लीन जाय, त अइसन किहा, कि ओही लौदीकिया के मसीही मन्डली माहीं पठबाय दिहा, जउने उहँव पढ़ी जाय, अउर उआ चिट्ठी जउन लौदीकिया के मसीही मन्डली से आबय, ओही तुहूँ पंचे पढ़ लिहा। 17ओखे बाद अरखिप्पुस काहीं बताय दिहा, कि प्रभू माहीं जउन सेबा उनहीं सँउपी गे ही, ओही सचेत होइके जरूर पूर करिहँय।

18हम पवलुस अपने हाँथ से तोंहईं पंचन काहीं नबस्कार लिखित हएन, हम जेल माहीं हएन, एही तूँ पंचे सुध रख्या; हम प्राथना करित हएन, कि तोंहरे पंचन के ऊपर परमातिमा के किरपा होत रहय। आमीन!