तीमुथियुस के नाम लिखी पवलुस के दूसर चिट्ठी
इआ चिट्ठी के परिचय
तीमुथियुस के नाम लिखी यीसु मसीह के खास चेला पवलुस के दूसर चिट्ठी माहीं, पवलुस अपने एकठे जबान साथी, अउर सहायक के रूप माहीं काम करँइ बाले तीमुथियुस काहीं निजी सलाह देत हें। अउर इआ चिट्ठी माहीं धीरज के बारे माहीं बताबा ग हय। अउर तीमुथियुस काहीं सलाह अउर उत्साहित कीन ग हय, कि सताव अउर बिरोध के बावजूदव ऊँ इमानदारी के साथ यीसु मसीह के बारे माहीं लोगन काहीं बताबत रहँय, खुसी के खबर अउर पबित्र सास्त्र के पुरान नेम के सही सिच्छन माहीं अटल बने रहँय, अउर सिच्छा देंइ अउर प्रचारक के रूप माहीं आपन करतब्य निभाबत रहँय।
तीमुथियुस काहीं खास करके “मूरखँइ के फालतू बाद-बिबादन से” जिनसे मुसीबत पइदा होती हईं, उनखे खतरन के बारे माहीं चेतउनी दीनगे ही। काहेकि एसे कुछू फायदा नहीं होय, बलकिन इआ सुनँय बालेन के खातिर बिसुआस से भटकँय के कारन होत हय।
ईं सगलेन से, तीमुथियुस काहीं खुद के अउर लेखक के खुद के जीबन के बारे माहीं, अउर उनखे उद्देस्य के बारे माहीं अउर उनखे बिसुआस, सहनसीलता, प्रेम, धीरज, अउर सताव के समय माहीं दुख सहँइ के उदाहरन काहीं सुधि देबाबा ग हय।
रूप-रेखा :
भूमिका 1:1,2
प्रसंसा अउर उपदेस 1:3—2:13
सलाह अउर चेतउनी 2:14—4:5
पवलुस के खुद के दसा4:6-18
उपसंहार 4:19-22
1पवलुस के अभिबादन
1हम पवलुस आहेन, हे तीमुथियुस इआ चिट्ठी हम तोंहईं लिख रहेन हय, जउन तूँ हमरे पियार लड़िका कि नाईं हया, जउन अनन्त जीबन देंइ के वादा परमातिमा किहिन रहा हय, ओखे मुताबिक जेतने जने प्रभू यीसु मसीह के ऊपर बिसुआस करत हें, उनहीं बतामँइ के खातिर, परमातिमा के इच्छा से, हम यीसु मसीह के खास चेला आहेन। 2हम प्राथना करित हएन, कि पिता परमातिमा अउर हमरे पंचन के प्रभू मसीह यीसु के तरफ से तोंहईं किरपा, दया, अउर सान्ति मिलत रहय।
धन्यबाद अउर उत्साहित करब
3जउन मेर परमातिमा के सेबा हमार पुरखा करत रहे हँय, उहयमेर हमहूँ सुद्ध मन से करित हएन, परमातिमा के धन्यबाद होय कि हम तोंहरे खातिर हमेसा प्राथना करित हएन। 4अउर हमरे खातिर तूँ जउन आँसू बहाया हय, उनहीं सुधि कइके हम तोंहसे मिलँइ के खातिर दिन-रात इच्छा करित हएन, कि कबय मिली, अउर तोंहसे मिलिके आनन्दित होइ जई। 5हमहीं यीसु मसीह के ऊपर किहे तोंहरे निस्कपट बिसुआस के सुधि आबत ही, जउन मेर पहिले तोंहार नानी लोइस अउर महतारी यूनीके करत रही हँय, अउर हमहीं इआ पूर बिसुआस हय, कि तूँ उहयमेर निस्कपट बिसुआस अबहिनव करते हया। 6इहय कारन से हम तोंहईं सुध देबाइत हएन, कि तूँ परमातिमा के उआ बरदान काहीं, जउन हमरे हाँथ धइके प्राथना किहे के व्दारा तोहईं मिला रहा हय, ओखर निकहा से उपयोग करत रहा। 7काहेकि परमातिमा हमहीं पंचन काहीं डेराँइ बाली आत्मा नहीं दिहिन, कि हम पंचे डेरई, बलकिन सामर्थ के अउर प्रेम करँइ बाली खुद काहीं काबू माहीं रक्खँइ बाली आत्मा दिहिन हीं। 8एसे तूँ प्रभू के बारे माहीं दुसरेन काहीं बतामँइ माहीं न लजा, अउर न हमहिन से लजा, जउन खुसी के खबर सुनामँइ के कारन जेल माहीं बंद हएन, पय परमातिमा के दिहे सामर्थ के मुताबिक खुसी के खबर काहीं सुनामँइ के खातिर, हमरे कि नाईं दुख उठाबा, 9परमातिमा हमहीं पंचन काहीं मुक्ती दिहिन हीं, अउर पबित्र जीबन जिअँइ के खातिर बोलाइन हीं, एसे नहीं कि हम पंचे निकहे काम किहेन हय, बलकिन परमातिमा अपने उद्देस्य काहीं पूर करँइ के खातिर, हमहीं पंचन काहीं बोलाइन हीं, काहेकि परमातिमा संसार के बनामँइ से पहिलेन, अपने किरपा से मसीह यीसु के व्दारा, मुक्ती देंइ के योजना बनाइन रहा हय। 10पय अब हमहीं पंचन काहीं मुक्ती देंइ बाले यीसु मसीह, संसार माहीं आइके उआ किरपा काहीं प्रगट किहिन, अउर उँइन मउत के सक्ती काहीं खतम कइ दिहिन, अउर जउन परमातिमा के साथ हमेसा जीबन बितामँइ के मोका देत ही, उआ खुसी के खबर के प्रचार किहिन। 11इहय खुसी के खबर काहीं फइलामँइ अउर उपदेस देंइ के खातिर, हम यीसु मसीह के खास चेला ठहरेन हय। 12इहय कारन हम ईं दुखन काहीं सहित हएन, पय लजई नहीं, काहेकि जिनखे ऊपर हम बिसुआस किहेन हय, उनहीं हम जानित हएन; अउर हमहीं पूर बिसुआस हय, कि जउन खुसी के खबर परमातिमा हमहीं सउँपिन हीं, ओखर रखबारी ऊँ अन्त समय तक कइ सकत हें। 13जउने सत्य बातन काहीं हम तोहईं सिखायन हय, उनहीं तूँ उआ बिसुआस अउर प्रेम के साथ, जउन मसीह यीसु माहीं मिले हँय, उनहीं आपन आदर्स बनाइके रखा। 14अउर पबित्र आत्मा के व्दारा, जउन हमरे पंचन के जीबन माहीं रहत हय, जउन तोंहईं सउँपा ग हय, इआ निकही थाती के रखबारी करा।
15तूँ जनते हया, कि आसिया प्रदेस के सगले बिसुआसी हमहीं छोंड़िके चलेगें हें, उन माहीं फूगिलुस अउर हिरमुगिनेस घलाय हें। 16उनेसिफुरूस के घराना के ऊपर प्रभू दया करँय, काहेकि ऊँ कइअक बेरकी हमसे मिलँय आए रहे हँय, हम जेल माहीं बंद रहेन हय, तऊ मिलँय से नहीं लजानें, एसे हमहीं बड़ी सान्ति मिली। 17पय जब ऊँ रोम देस माहीं आएँ, तब बड़ी मेहनत से ढूँढ़िके हमसे मुलाखात किहिन। 18प्रभू करँइ कि न्याय के दिन, उनखे ऊपर प्रभू के दया होय, अउर जउन-जउन सेबा ऊँ इफिसुस सहर माहीं किहिन हीं, उनहीं तूँ निकहा से जनते हया।
2यीसु मसीह के सच्चा सिपाही
1एसे हे बेटा तीमुथियुस, मसीह यीसु से जउन किरपा तोहईं मिली हय, ओसे तूँ आत्मिक जीबन माहीं मजबूत होइजा, 2अउर परमातिमा के जउने बातन काहीं खुब मनइन के आँगे हम तोहईं बतायन तय, उन बातन काहीं अइसन काबिल मनइन काहीं सउँपि द्या; जउन दुसरे काहीं सिखामँइ के काबिल होंय। 3अउर यीसु मसीह के सच्चे सिपाही कि नाईं, हमरे साथ दुख उठाबा। 4जब कउनव सिपाही लड़ाई माहीं जात हय, त उआ इआ कोसिस करत हय, कि अपने अधिकारी काहीं खुस करय, अउर खुद काहीं लड़ाई के काम के अलाबा, संसार के दुसरे कामन माहीं मन नहीं लगाबय। 5अगर कउनव लड़ाई लड़ँइ बाला नेम के मुताबिक नहीं लड़य, त उआ मुकुट2:5 इनाम नहीं पाबय। 6जउन किसान खेती करँइ माहीं मेहनत करत हय, फसल के फायदा पहिले ओहिन काहीं मिलँय चाही। 7जउन हम कहित हएन, ओखे ऊपर ध्यान द्या, अउर प्रभू तोहईं सगली बातन काहीं समझँइ के बुद्धी देइहँय। 8अउर यीसु मसीह काहीं सुधि रक्खा, जउन दाऊद के कुल माहीं जनम लिहिन, अउर मरिके जिन्दा होइगें; इहय खुसी के खबर आय, जेखर हम प्रचार करित हएन। 9खुसी के खबर के खातिर हम अपराधी कि नाईं दुख उठाइत हएन, इहाँ तक कि हम जेल माहीं घलाय बंद हएन; पय तूँ इआ जानिल्या, कि परमातिमा के बचन काहीं फइलँय से कोऊ नहीं रोंक सकय। 10इहय कारन से हम परमातिमा के चुने लोगन के खातिर, हरेक दुख-मुसीबत काहीं उठाबत रहित हएन, जउने ऊँ पंचे घलाय मसीह यीसु के ऊपर बिसुआस करे से जउन मुक्ती मिलत ही, ओही अनन्त महिमा समेत पामँय। 11इआ बात बेलकुल सही आय, कि
अगर हम पंचे यीसु मसीह के साथ मर गएन हय, (मतलब अपने पापी सुभाव के खातिर) त उनहिन के साथ जिऊ अउब।
12अगर हम पंचे यीसु के खातिर दुख-मुसीबत सहत रहब, त यीसु मसीह के साथ राजव करब, अगर हम पंचे यीसु काहीं इनकार करब, त ऊँ हमहीं पंचन काहीं अपनामँइ से इनकार करिहँय।
13अगर हम पंचे बिसुआस के काबिल न रही, तऊ परमातिमा बिसुआस के काबिल बने रहत हें, काहेकि परमातिमा जउन वादा करत हें, ओही जरूर पूर करत हें, ऊँ कबहूँ नहीं बदलँय।
निकही सिच्छा देंइ के निरदेस
14जउने बातन काहीं हम तोहईं बताएन हय, उनहीं बिसुआसी मनइन काहीं सुध देबाबा, अउर प्रभू काहीं गबाह मानिके उनहीं चेताय द्या, कि बचन के सब्दन काहीं लइके फालतू बहँस न करँय, काहेकि इनसे कउनव फायदा नहीं होय; बलकिन सुनँइ बाले बिसुआस से भटक जात हें। 15तूँ अइसन काम करँइ बाले बनँय के कोसिस करा, जउने परमातिमा के आँगे लजाँय न परय, बलकिन परमातिमा तोहईं अपने काम के काबिल समझँय, अउर तूँ परमातिमा के सत्य बचन काहीं निकहा से लोगन काहीं सिखामँइ बाले ठहरा। 16जउन मनई परमातिमा के बिरोध माहीं बात कहत हें, उनसे तूँ बचे रहा, काहेकि इआमेर के मनई, अउरव अभक्ती माहीं बढ़त जइहँय। 17अउर इआमेर के लोगन के सिच्छा सड़े-घाव कि नाईं फइलत जात ही, हुमिनयुस अउर फिलेतुस उँइन गलत सिच्छा देंइ बालेन म से आहीं। 18जउन इआ कहत हें, कि जउन बिसुआसी मरिगें तय, उनखर मर के जि उठब होइ चुका हय, ऊँ सत्य से भटकिगें हँय, अउर कुछ मनइन के बिसुआस काहीं नास कइ देत हें। 19तऊ परमातिमा जिनहीं चुनिन हीं, ऊँ बिसुआस माहीं पक्की नेव कि नाईं मजबूत बने रइहँय, काहेकि उनखे ऊपर बचन रूपी छाप लगी हय, “कि प्रभू अपने चुने मनइन काहीं पहिचानत हें।” अउर “जे कोऊ प्रभू के नाम के ऊपर बिसुआस करत हय, उआ बुरे कामन से बचा रहय।”
20कउनव बेउहर के घर माहीं, केबल सोन-चाँदिन भर के नहीं, बलकिन लकड़ी अउर माटिव के बरतन घलाय होत हें; पय कुछ बरतन निकहे कामन माहीं, अउर कुछ साधारन कामन माहीं उपयोग कीन जात हें। 21एसे अगर कउनव मनई खुद काहीं बुराइन से सुद्ध करी, त उआ निकहे कामन माहीं काम आमँइ बाले बरतन कि नाईं पबित्र ठहरी, अउर अपने मालिक के काम अई, अउर हरेक निकहे कामन के खातिर तइआर रही। 22एसे हे तीमुथियुस, तूँ जबानी के बुरी इच्छन से दूरी रहा, अउर जउन सुद्ध मन से प्रभू के नाम लेथें, उनखे साथ पूरी धारमिकता, अउर बिसुआस के साथ, बड़े प्रेम से मिल-जुलिके रहा। 23पय फालतू बहँस करँइ, अउर बाद-बिबाद से अलग रहा; काहेकि तूँ जनतेन हया, कि इनसे झगड़ा होत हय। 24अउर प्रभू के सेबक काहीं झगड़ालू न होंइ चाही, बलकिन सगले मनइन के साथ कोमलता के बेउहार करँइ, अउर परमातिमा के बचन काहीं निकहा से सिखामँइ बाला होंइ चाही, अउर हरेक बातन काहीं सहँइ बाला होंइ चाही। 25अउर उआ अपने बिरोधिन काहीं नम्रता से समझाबय, का पता परमातिमा उनहीं मुक्ती पामँइ के मन देंइ, अउर ऊँ सत्य काहीं पहिचान लेंइ। 26अउर एखे व्दारा सचेत होइके परमातिमा के इच्छा पूरी करँइ के खातिर, सइतान के चंगुल से अजाद होइ जाँय।
3आखिरी दिनन माहीं आमँइ बाला अधरम
1हे तीमुथियुस, तूँ जानिल्या, मसीह के दुबारा आमँइ से पहिले, आखिरी दिनन माहीं खुब बुरा समय अई। 2काहेकि मनई स्वार्थी, जादा धन कमाय के लालची, खुद के कामन के बड़ाई करँइ बाले, खुद काहीं दुसरे से बड़ा मानँइ बाले, दुसरे के बुराई करँइ बाले, महतारी-बाप के कहा-बतान न मानँइ बाले, जउन उनखर मदत करी, ओखर उपकार न मानँइ बाले, बुरे काम कइके परमातिमा के ऊपर बिसुआस न करँइ बाले, 3कोहू के ऊपर दया न करँइ बाले, कोहू के गलती माफ न करँइ बाले, दुसरेन के ऊपर दोस लगामँइ बाले, खुद काहीं काबू माहीं न रक्खँइ बाले, दुसरेन काहीं नुकसान पहुँचामँइ बाले, जे परमातिमा के ऊपर बिसुआस करत हें उनखर बइरी, 4बिसुआस घात करँइ बाले, ढिंठाई के काम करँइ बाले, खुद पर घमन्ड करँइ बाले, अउर परमातिमा के बचन काहीं न मानिके, बलकिन खुद के खुसहाल जिन्दगी काहीं चाहँय बाले होइहँय। 5ऊँ पंचे अइसन ढोंग करिहँय, कि परमातिमा के सगलेन से बड़े भक्त उँइन आहीं, पय परमातिमा के सामर्थ काहीं न मनि हँय, अइसन मनइन से तूँ दूरिन रह्या। 6इनहिन म से कुछ लोग अइसन हें, जउन लोगन काहीं धोखा दइके चुप्पय से उनखे घरन माहीं घुसि जात हें, अउर चंचल मेहेरिअन काहीं अपने गलत सिच्छा माहीं फँसाइके, अपने बस माहीं कइ लेत हें, जउन पाप के बोझ से दबी अउर हरेकमेर के बुरी इच्छन से भरी रहती हईं। 7ऊँ हमेसा सिखत त रहती हईं, पय परमातिमा के सत्य सिच्छा के ग्यान काहीं नहीं जाने पउतीं। 8अउर यन्नेस अउर यम्ब्रेस जइसन मूसा नबी के बिरोध किहिन रहा हय, उहयमेर इऊँ पंचे घलाय परमातिमा के सत्य बचन के बिरोध करत हें, ईं त अइसन मनई आहीं, जिनखर बुद्धी भ्रस्ट होइगे ही, अउर ऊँ परमातिमा के सत्य बचन के बिसुआस करँइ माहीं निकम्मा हें। 9पय ऊँ गलत सिच्छा देंइ बाले लोगन काहीं जादा समय तक धोखा न दए पइहँय, काहेकि जइसन यन्नेस अउर यम्ब्रेस के मूर्खता सगले मनइन काहीं मालुम परिगे तय, उहयमेर इनहूँ के मालुम होइ जई।
तीमुथियुस काहीं खास निरदेस
10चाह कुछू होय, पय तूँ हमरे सिच्छा के पालन किहा हय, हमरे चाल-चलन, हमरे जीबन के लच्छ, मनइन काहीं परमातिमा के बचन सुनाउब रहा हय, हमार मसीह के ऊपर बिसुआस, हरेक मेर के बातन काहीं सहँइ के हमार छमता, कइसन हम सगले लोगन के साथ धीरज अउर प्रेम से रहेन, अउर तूँ हमरे सताए जाँय, अउर दुख-मुसीबत माहीं हमार मदत किहा हय। 11अउर जब हम अन्ताकिया सहर, इकुनियुम अउर लुस्त्रा सहरन माहीं रहेन हय, तब उहाँ के मनई हमहीं खुब मारिन-पीटिन रहा हय, इहाँ तक कि मारि डारँइ चाहत रहे हँय, उनखे अलाबव दुख-मुसीबत परे हँय, जिनहीं हम सहेन रहा हय, पय प्रभू हमार उन सगलेन से रच्छा किहिन हीं। 12पय जेतने मनई मसीह यीसु के ऊपर बिसुआस कइके, उनखे बचन के मुताबिक जीबन बितामँइ चाहत हें, ऊँ सगले सताए जइहँय। 13पय गलत सिच्छा देंइ बाले, अउर दुसरेन काहीं मसीह के बिसुआस से भटकामँइ बाले, दुसरेन काहीं धोखा देत, अउर खुद धोखा खात, मसीह के बचन से दूर होत चले जइहँय। 14पय हे तीमुथियुस, जउने बातन काहीं तूँ सिखे हया, अउर बिसुआस किहा हय, इआ जानिके उनहिन माहीं मजबूत बने रहा, तूँ ईं बातन काहीं हमसे पंचन से सिखे हया। 15अउर लड़िकइन से पबित्र सास्त्र तोंहार जाना हय, जउन तोहईं मसीह यीसु के ऊपर बिसुआस किहे से, मुक्ती पामँइ के खातिर बुद्धिमान बनाय सकत हय। 16सगला पबित्र सास्त्र परमातिमा के अँगुआई से लिखा ग हय, जउन उपदेस देंइ, अउर समझामँइ, अउर जीबन काहीं सुधारँय, अउर सत्य के सिच्छा के खातिर लाभदायक हय। 17जउने परमातिमा के ऊपर बिसुआस करँइ बाले, बिसुआस माहीं मजबूत बनिके, हरेक भलाई के कामन के खातिर उपयोगी बन जाँय।
4प्रचार करँइ के हुकुम
1हे तीमुथियुस, परमातिमा अउर मसीह यीसु काहीं गबाह मानिके, जउन जिअत अउर मरे मनइन के न्याय करिहँय, यीसु मसीह जउन सगले मनइन के ऊपर राज करँइ के खातिर अइहँय, उनखर सुध देबाइके तोहईं हुकुम देइत हएन। 2कि तूँ खुसी के खबर के प्रचार करा; चाह तोहईं सुबिधा होय, चाह असुबिधा, आपन करतब्य करँइ के खातिर हर समय तइआर रहा, हरेक मेर के बातन काहीं सहिके, अउर निकही सिच्छा द्या, जउन बुरा काम करत हें, उनहीं चेताय द्या, अउर उनहीं डाँटा, समझाबा। 3हम इआ एसे बताइत हएन, कि एक समय अइसा अई, कि जब मनई उत्तम उपदेस काहीं सुनँय तक न चइहँय, ऊँ अपने मन के मुताबिक अपने खातिर उपदेस देंइ बालेन काहीं एकट्ठा कइ लेइहँय। ऊँ उहय उपदेस सुनइहँय, जउन ऊँ पंचे सुनँय चाहत हें। 4ऊँ सत्य उपदेस काहीं न सुनिके कथा-कहानिन काहीं सुनँय माहीं मन लगइहँय। 5पय तूँ ईं सगली बातन से सचेत रहा, दुख-मुसीबत सहा, अउर खुसी के खबर के प्रचार के काम करा, अउर जउन सेबा तोहईं सउँपी गे ही, ओही पूर करा।
पवलुस के अन्तिम गबाही
6अब हमरे जीबन काहीं परमातिमा के खातिर बलिदान करँइ के समय आइगा हय, अउर हमार इआ दुनिया से जाँइ के समय आइगा हय। 7जइसन एकठे पहिलमान नेम से कुस्ती लड़िके जीतके इनाम पाबत हय, उहयमेर जउन काम परमातिमा हमहीं दिहिन रहा हय, ओही हम निकहा से पूर कइ चुकेन हय, अउर हम उआ काम काहीं पूरे बिसुआस के साथ किहेन हय। 8भबिस्य माहीं हमरे खातिर धरम के उआ मुकुट धरा हय, जउन धरमी मनइन काहीं दीन जात हय, जउने काहीं प्रभू, जउन धरमी अउर न्यायी हें, हमहीं अउर उन सगलेन काहीं घलाय, जउन उनखे आमँइ के इन्तजार काहीं पियार जानत हें, न्याय के दिन देइहँय।
पवलुस के निजी सँदेस
9हे तीमुथियुस, हमरे लघे हरबी आमँइ के कोसिस करा। 10काहेकि देमास इआ संसार के बातन काहीं पियार जानिके हमहीं छोंड़ि दिहिस ही, अउर थिस्सलुनीके सहर काहीं चला ग हय। क्रेसकेंस गलातिया प्रदेस काहीं अउर तीतुस दलमतिया प्रदेस काहीं चला ग हय। 11अउर केबल लूका हमरे लघे हें। अउर तूँ मरकुस काहीं साथ माहीं लइके चले आबा; काहेकि उआ हमरे सेबा के खातिर खुब काम के हय। 12तुखिकुस काहीं हम इफिसुस सहर काहीं पठय दिहेन हय। 13जउन कोट हम त्रोआस सहर माहीं करपुस के इहाँ छोंड़ि आएन हय, जब तूँ अया, त ओही अउर किताबन काहीं खास करके चर्म-पत्रन (खास करके गाड़र के चमड़ा से बनी किताबन) काहीं लेत अया। 14सिकन्दर तमेर हमहीं खुब नुकसान पहुँचाइस ही; प्रभू ओही ओखे काम के मुताबिक बदला देइहँय। 15तुहूँ ओसे सचेत रह्या, काहेकि उआ हमरे उपदेस के घोर बिरोध करत रहा हय। 16सुरू माहीं जब हम आपन बचाव करँइ के खातिर, सबूत देंइ लागेन, तब हमरे पच्छ माहीं बोलँइ के खातिर कोऊ आँगे नहीं आबा, बलकिन ऊँ पंचे हमहीं अकेले छोंड़ि दिहिन तय। हम प्राथना करित हएन, कि परमातिमा उनखे इआ गलती काहीं माफ करँय। 17पय प्रभू हमरे साथ माहीं रहे हँय, अउर हमहीं सामर्थ दिहिन, जउने हमरे व्दारा खुसी के खबर के भरपूर प्रचार होइ सकय, जउने सगले गैरयहूदी लोग सुन लेंय; अउर परमातिमा हमहीं त सेर के मुँहे से छोड़ाइन हीं। 18अउर प्रभू हमहीं हरेक बुरे कामन से बचइहँय, अउर मुक्ती कइके अपने स्वरगराज माहीं सुरच्छित पहुँचइ हँय, उनहिन के बड़ाई जुग-जुग होत रहय। आमीन।
आखिरी अभिबादन
19प्रिस्का अउर अक्विला काहीं, अउर उनेसिफुरूस के परिबार काहीं नबस्कार। 20इरास्तुस कुरिन्थुस सहर माहीं रहिगा हय, अउर त्रुफिमुस बिमार रहा हय, त ओही हम मिलेतुस सहर माहीं छोंड़ि आए हएन। 21जाड़े के रित से पहिले आमँइ के कोसिस किहा। यूबूलुस, अउर पूदेंस, अउर लीनुस अउर क्लौदिया, अउर सगले भाइन के तोहईं नबस्कार। 22हम प्राथना करित हएन, कि प्रभू तोंहरे साथ रहँय, अउर तोंहरे पंचन के ऊपर प्रभू के किरपा होत रहय। आमीन!