तीमुथियुस के नाम लिखी पवलुस के पहिल चिट्ठी
इआ चिट्ठी के परिचय
तीमुथियुस एकठे जमान मसीही रहे हँय, जउन एसिया माइनर सहर के निबासी आहीं, अउर उनखर महतारी यहूदी जाति के अउर बाप यूनानी जाति के रहे हँय। ऊँ पवलुस के प्रचार के काम माहीं उनखर साथी अउर सहयोगी बनिगे रहे हँय। तीमुथियुस के नाम से लिखी यीसु मसीह के खास चेला पवलुस के पहिल चिट्ठी, मुख्य रूप से तीनठे बातन माहीं बिचार करँइ के खातिर लिखी गे रही हय।
सबसे पहिले इआ चिट्ठी मसीही मन्डली माहीं झूँठ सिच्छा के बिरोध माहीं चेतउनी देत ही। जउन कि यहूदी लोगन अउर गैरयहूदी लोगन के बिचारन के मिली-जुली सिच्छा रही हय, इआ सिच्छा इआ बिचार धारा के ऊपर आधारित रही हय, कि सगला संसारय बुरा हय, अउर कउनव मनई खास गुप्त ग्यान, अउर कुछ रीति-रिबाजन, जइसन कुछ खाँइ बाली चीजन काहीं न खाय, अउर न काज-बिआह करय, ईं सगली बातन के पालन कइके मुक्ती पाय सकत हय। इआ चिट्ठी माहीं मसीही मन्डली के इन्तजाम करब, अउर अराधना से सम्बन्धित निरदेस घलाय हें, अउर साथय-साथ उआ चरित्र के बखान घलाय हय, जउन मसीही मन्डली के अँगुअन अउर सहयोगिअन के खातिर जरूरी हय। अउर अन्त माहीं, तीमुथियुस काहीं इआ सलाह दीन गे ही, कि ऊँ कइसन यीसु मसीह के निकहा सेबक बन सकत हें, अउर अलग-अलग उमिर के बिसुआसी समूहन के खातिर उनखर का-का जबाबदारी हईं।
रूप-रेखा :
भूमिका 1:1,2
मसीही मन्डली अउर अँगुअन से सम्बन्धित निरदेस 1:3—3:16
तीमुथियुस काहीं उनखे काम के बारे माहीं निरदेस 4:1—6:21
1पवलुस के अभिबादन
1हम पवलुस आहेन, हे तीमुथियुस इआ चिट्ठी हम तोंहईं लिख रहेन हँय, जउन हमहीं मुक्ती देंइ बाले परमातिमा अउर हमरे आसा के अधार मसीह यीसु के हुकुम से मसीह यीसु के खास चेला आहेन, 2काहेकि तूँ हमरे व्दारा बचन सुनाए से यीसु मसीह के ऊपर बिसुआस किहे हया, इआ बिचार से हे तीमुथियुस, तूँ हमरे सग लड़िका कि नाईं हया।
हम प्राथना करित हएन, कि पिता परमातिमा अउर हमरे पंचन के प्रभू यीसु मसीह के तरफ से तोहईं किरपा, दया, अउर सान्ति मिलत रहय।
गलत सिच्छा देंइ बालेन के बिरोध माहीं चेतउनी
3हे तीमुथियुस, जइसन हम तोहईं मकिदुनिया प्रदेस काहीं जाँइ के समय समझायन रहा हय, कि तूँ इफिसुस सहर माहीं रहिके, उन लोगन काहीं जउन गलत सिच्छा देत हें, हुकुम द्या, कि ऊँ दुसरे बिसुआसिअन काहीं गलत सिच्छा न देंय। 4अउर तूँ उहाँ के बिसुआसिअन काहीं समझाबा, कि ऊँ अइसन किस्सा-कहानिन से अउर अनन्त बंसाबलियन से दूरी रहँय, जउने से लड़ाई-झगड़ा होत हें, काहेकि जउन मुक्ती पामँइ के प्रबन्ध परमातिमा किहिन हीं, उआ केबल प्रभू यीसु मसीह के ऊपर बिसुआस करे से मिलत ही, उनसे इनखर कउनव लेन-देन नहिं आय। उहय बात काहीं पुनि कहित हएन। 5हमरे समझामँइ के मतलब इआ आय, कि सुद्ध मन से अउर अच्छे सोच-बिचार से, अउर निस्कपट बिसुआस से प्रेम उत्पन्न होत हय। 6कुछ जने इन बातन काहीं छोंड़िके फालतू के बातन माहीं फँसिगें हँय। 7अउर ऊँ यहूदी नेमन काहीं सिखामँइ बाले बनँइ त चाहत हें, पय जउने बातन काहीं खुब जोर दइके बोलत हें, उनहीं खुदय नहीं समझँय। 8पय हम पंचे जानित हएन, कि अगर कोऊ मूसा के बिधान के नेमन काहीं, सही रीति से काम माहीं उपयोग करत हय, त उआ निकहा हय। 9इआ जानिके कि परमातिमा के दीन मूसा के बिधान के नेम सही काम करँइ बालेन काहीं सुधारँय के खातिर नहीं, बलकिन अधरमिन, बिद्रोहिन, अउर जउन परमातिमा के अराधना नहीं करँय, पापिन, अउर जउन पबित्र जीबन नहीं जिअँइ, असुद्ध मनइन, अउर महतारी-बाप के कतल करँइ बाले, कतलिन, 10अउर ब्यभिचारिन, जउन मंसेरुअय, मंसेरुअय एक दुसरे के साथ गलत सम्बन्ध बनाबत हें, अउर मनइन काहीं बेचँय बालेन, अउर झूँठ बोलँइ बालेन, अउर झूँठ किरिआ करँइ बालेन, अउर इनखे अलाबव सत्य उपदेस के सगले बिरोधिन के खातिर ठहराए गे हँय। 11इआ सिच्छा परम धन्य परमातिमा के महिमा के उआ खुसी के खबर के मुताबिक ही, जउने के प्रचार करँइ के जिम्मेबारी हमहीं सँउपी गे ही।
किरपा के खातिर धन्यबाद
12अउर हम अपने प्रभू मसीह यीसु काहीं, जउन हमहीं सामर्थ दिहिन हीं, धन्यबाद देइत हएन, ऊँ हमहीं बिसुआस के काबिल समझिके, अपने सेबा के खातिर ठहराइन हीं। 13हम त पहिले यीसु मसीह के अपमान करँइ बाले रहेन हय, अउर बिसुआसी लोगन काहीं सतामँइ बाले, अउर उनखे ऊपर अत्याचार करँइ बाले रहेन हय; तऊ प्रभू हमरे ऊपर दया किहिन, काहेकि जब हम प्रभू के ऊपर बिसुआस नहीं करत रहेन, उआ दसा माहीं बिना समझे बूझे ईं काम किहेन रहा हय। 14अउर प्रभू के किरपा हमहीं बहुतायत से मिली, अउर साथय-साथ उआ बिसुआस अउर प्रेम जउन मसीह यीसु के ऊपर बिसुआस किहे से मिलत हय, उहव हमहीं मिला। 15इआ बात बेलकुल सही हय, अउर हरेकमेर से मानँइ के काबिल ही, कि मसीह यीसु पापिन काहीं मुक्ती देंइ के खातिर, इआ संसार माहीं आए हँय, जउनेन म से सगलेन से बड़े पापी हम आहेन। 16पय हमरे ऊपर एसे दया भे, कि हम सगलेन से बड़े पापी के ऊपर, यीसु मसीह आपन पूरी सहनसीलता देखामँइ, कि जउन मनई अनन्त जीबन पामँइ के खातिर, उनखे ऊपर बिसुआस करिहँय, उनखे खातिर हम आदर्स बनी। 17अब हमेसा राज करँइ बाले राजा, अरथात अबिनासी, जिनहीं कोऊ कबहूँ नहीं देखिस, एकलउते परमातिमा के आदर अउर बड़ाई जुग-जुग होत रहय। आमीन।
18हे बेटा तीमुथियुस, उन परमातिमा के सँदेस बतामँइ बालेन के बातन के मुताबिक, जउन बात पहिलेन तोंहरे बारे माहीं बताई गई रही हँय, हम इआ हुकुम देइत हएन, कि तूँ उनहिन कि नाईं उनखर बिरोध करा, जउन अनुचित सिच्छा सिखाबत हें, अउर सत्य बचन के सिच्छा देत रहा। जइसन सिपाही युद्ध माहीं जीतँय के खातिर निकही लड़ाई लड़त हय। 19अउर हमेसा यीसु मसीह के ऊपर बिसुआस रक्खा, अउर आपन सोच-बिचार निकहा रक्खा, काहेकि इनहीं छोंड़े के कारन केतनेव के परमातिमा के ऊपर कीन बिसुआस नास होइगा हय, जइसन पानी माहीं बूड़िके जिहाज नास होइ जात हय। 20उनहिन म से हुमिनयुस अउर सिकन्दर आहीं, जउनेन काहीं हम बिसुआसिअन से अलग कइ दिहेन हँय, कि ऊँ बुराई करब न सिखँय।
2अराधना करँइ के बारे माहीं निरदेस
1अब हम सबसे पहिले तोंहईं इआ निरदेस देइत हएन, कि सगले मनइन के खातिर परमातिमा से धन्यबाद के साथ बिनती, प्राथना, अउर निबेदन किहा करा। 2अउर प्रसासन चलामँइ बालेन, अउर ऊँच पद बाले अधिकारिन के खातिर घलाय प्राथना किहा, एसे कि जउने हम पंचे सान्ति के साथ निडर होइके, परमातिमा के भक्ती करत गम्भीरता से जीबन बिताय सकी। 3अउर हमहीं पंचन काहीं मुक्ती देंइ बाले परमातिमा काहीं, इआ निकहा लागत हय, अउर ऊँ एसे प्रसन्नव होत हें। 4अउर परमातिमा इआ चाहत हें, कि सगले मनई मुक्ती पामँय; अउर ऊँ सत्य काहीं निकहा से जान लेंय 5काहेकि सगले संसार के एकयठे परमातिमा हें; अउर परमातिमा के अउर मनइन के मेल-मिलाप करामँइ बाले एकयठे बिचबई हें, मसीह यीसु, जउन मनई के देंह लइके इआ संसार माहीं आए हँय। 6जउन खुद काहीं सगले मनइन काहीं मुक्ती देंइ के खातिर, क्रूस माहीं बलिदान कइके कीमत चुकाइन हीं; इआ काम परमातिमा के ठहराए सही समय माहीं प्रभू यीसु मसीह पूर कइके गबाही दिहिन हीं। 7हम बेलकुल सही कहित हएन, लबरी नहीं बोली, हम इहय खुसी के खबर सुनामँइ के खातिर, यीसु मसीह के पठए खास चेला आहेन, अउर गैरयहूदी लोगन काहीं, परमातिमा के ऊपर बिसुआस करँइ के सत्य बचन के उपदेस सुनामँइ के खातिर, हम चुने गएन हँय।
8एसे हम चाहित हएन, कि हरेक मसीही मन्डलिन माहीं मंसेरुआ बिना गुस्सा, अउर झगड़ा किहे, खुद काहीं पबित्र रखिके अपने हाँथन काहीं ऊपर उठाइके परमातिमा से प्राथना करँय। 9इहइमेर सगली मेहेरिआ घलाय, सकुच के साथ खुद पर नियन्त्रन रखिके, उचित ओन्हन से खुद काहीं सजामँय, इआ नहीं कि बार गुहँय, अउर सोन-चाँदी, अउर मोतिन, अउर महग ओन्हन से, बलकिन निकहे-निकहे कामन से सजामँय, 10काहेकि जउन मेहेरिआ खुद काहीं परमातिमा के भक्ती करँइ बाली मनती हईं, उनखे खातिर इआ उचितव हय। 11अउर मेहेरिअन काहीं मसीही मन्डली माहीं सान्त बइठिके, बिना कुछू बोले-चाले बचन सुनामँइ बालेन के सिच्छा काहीं सिखँय चाही। 12अउर हम इहव कहित हएन, कि मसीही मन्डली माहीं मेहेरिआ उपदेस न देंय, अउर न मंसेरुअन के ऊपर हुकुमय चलामँय, बलकिन सान्त बइठँय। 13काहेकि परमातिमा पहिले मंसेरुआ काहीं बनाइन, जिनखर नाम आदम परा, अउर ओखे बाद मेहेरिआ काहीं बनाइन, जिनखर नाम हब्बा परा। 14अउर आदम काहीं सइतान नहीं बहकाए पाइस, पय मेहेरिआ सइतान के बहकाए माहीं परिके, परमातिमा के हुकुम के उलंघन कइके अपराधिन बनिगे। 15एखे बादव मेहेरिआ बच्चा पइदा किहे के कारन मुक्ती पइहँय, अगर खुद पर काबू रखिके, परमातिमा के ऊपर बिसुआस, प्रेम, अउर पबित्रता माहीं अटल रहँय।
3मसीही मन्डली माहीं अँगुआ के योग्यता
1अगर कोऊ अँगुआ बनय चाहत हय, त उआ निकहे काम करँइ के इच्छा करत हय। इआ बात त सत्य आय। 2एसे अँगुआ काहीं अइसा जीबन जिअँइ चाही, कि ओही कोऊ बुरा न कहे पाबय, अउर ओखे केबल एकयठे मेहेरिआ होय, अउर उआ खुद काहीं काबू माही रक्खँइ बाला होय, अउर सगले मनइन के साथ निकहा बेउहार करँइ बाला होय, अउर सभ्य, अउर महिमानन के स्वागत-सत्कार करँइ बाला होय, अउर उआ सिच्छा देंइ माही निपुन होय। 3उआ पिआगी अउर मार पीट करँइ बाला न होय; अउर उआ सरल सुभाव के होय, लड़ाई-झगड़ा करँइ बाला न होय, अउर न धन-सम्पत्ती के लालचिन होय। 4बलकिन अपने घर-परिबार के निकहा से प्रबन्ध करँइ बाला होय, अउर ओखर लड़िका-बच्चा ओखर कहा-बतान मानत होंय, अउर सम्मान करत होंय। 5अगर कउनव मनई अपने घरय परिबार के निकहा से प्रबन्ध करँइ नहीं जानय, त उआ परमातिमा के मसीही मन्डली के प्रबन्ध कइसा कए पाई? 6फेर इहव बात ही, कि नबा-नबा बिसुआसी अँगुआ न बनय, कहँव अइसा न होय, कि उआ पद के घमन्ड कइके सइतान कि नाईं सजा पाबय। 7अउर मसीही मन्डली के अलाबव, गाँव समाज के मनइव ओखर मान-सम्मान करत होंय, अइसन न होय कि उआ निन्दित होइके, जइसा पंछी सिकारी के जाल माहीं फँसि जात हय, उहइमेर उहव सइतान के जाल माहीं फँसि जाय।
मसीही मन्डली माहीं सेबा करँइ बाले (डीकन) के योग्यता
8उहयमेर मसीही मन्डली माहीं सेबा करँइ बालेन काहीं होंइ चाही, जिनखर लोग सम्मान करँय, उनहीं ढोंगी, पियक्कड़ अउर गलत कामन से पइसा कमाँय के बिचार रक्खँइ बाले न होंइ चाही। 9बलकिन बिसुआस के बारे माहीं जउन खुसी के खबर परमातिमा प्रगट किहिन हीं, ओही पूरे पबित्र मन से उनहीं पकड़े रहँइ चाही। 10अउर इनखर पहिले जाँच-परताल कीन जाय, अउर जब ईं बेकसूर पाए जाँय, तबहिनय ईं मसीही मन्डली माहीं सेबक के काम करँय।
11इहइमेर से मसीही मन्डली माहीं सेबा करँइ बाली मेहेरिअन काहीं घलाय होंइ चाही, जिनखर सगले मनई सम्मान करँय, ऊँ दुसरेन के ऊपर दोस लगामँइ बाली न होंय, बलकिन सचेत अउर सगली बातन माहीं बिसुआस के काबिल होंय।
12सगले सेबकन के केबल एकय-एकयठे मेहेरिआ होंय, अउर अपने-अपने लड़िकन-बच्चन के, अउर अपने घर-परिबार के निकहा से प्रबन्ध करँइ बाले होंय। 13काहेकि जउन सेबक, मसीही मन्डली के सेबा माहीं मदत कइके निकही सेबा करत हें, सगले मनई उनखर मान-सम्मान करत हें, अउर मसीह यीसु के ऊपर जउन बिसुआस ऊँ किहिन हीं, उआ बिसुआस काहीं दुसरे मनइन काहीं बतामँइ के खातिर, उनहीं बड़ी हिम्मत मिलत ही।
महान भेद
14हम पवलुस तोंहरे लघे हरबी आमँइ के आसा कए हएन, तऊ ईं बातन काहीं एसे इआ चिट्ठी माहीं लिखित हएन। 15कि अगर हमरे आमँइ माहीं समय लग जाय, त तूँ जान लिहा, कि परमातिमा के घराना माहीं, जउन जिन्दा परमातिमा के मसीही मन्डली आय, अउर मसीही मन्डलिन, सत्य के नेव अउर खम्भा आय, ओमाहीं मनइन के आचरन कइसन होंइ चाही, इआ जानिल्या। 16हम पंचे जउन भक्ती करित हएन, ओखर रहस्य खुब महान हय, एमाहीं कउनव सन्देह नहिं आय, उआ भेद इआमेर से हय,
मसीह मनई के देंह लइके जनम लिहिन, अउर पबित्र आत्मा उनहीं धरमी ठहराइन, अउर ऊँ स्वरगदूतन काहीं देखाई दिहिन, अउर सगले जातिअन माहीं उनखे बारे माहीं प्रचार कीन ग, अउर संसार के सगले मनई उनखे ऊपर बिसुआस किहिन, अउर परमातिमा बड़े आदर के साथ उनहीं स्वरग माहीं जिन्दय ऊपर उठाय लिहिन।
4झूँठ सिच्छा देंइ बालेन से सचेत रहा
1पय पबित्र आत्मा बेलकुल सही बताबत हय, कि मसीह के दुबारा आमँइ से पहिले अन्तिम दिनन माहीं, कुछ जने लबरी सिच्छा देंइ बालेन के बातन माहीं फँसिके, अउर बुरी आत्मन के सिच्छन माहीं बिसुआस कइके, परमातिमा के ऊपर किहे बिसुआस से भटक जइहँय। 2इआ उन लबरी सिच्छा देंइ बाले मनइन के कपट के कारन होई, जिनखर बुद्धी भ्रस्ट होइगे ही। 3जउन काज-बिआह करँइ से रोकि हँय, अउर खाँइ बाली कुछ चीजन काहीं न खाँइ चाही, इआ कहिके उनसे दूरी रहँइ के हुकुम देइहँय; जिनहीं परमातिमा एसे बनाइन हीं, कि बिसुआसी अउर सत्य काहीं जानँइ बाले, परमातिमा काहीं धन्यबाद दइके उनहीं खाँय। 4काहेकि परमातिमा जउन मनइन के खाँय के खातिर, हरेक चीजन काहीं बनाइन हीं, ऊँ सगली निकही हईं, अउर कउनव अइसा चीज नहिं आय, जिनहीं खाबा न जाय सकय; पय इआ कि परमातिमा से प्राथना अउर धन्यबाद कइके खाबा जाय। 5काहेकि परमातिमा के बचन अउर प्राथना के द्वारा सगली चीज सुद्ध होइ जाती हँय।
यीसु मसीह के निकहा सेबक
6हे तीमुथियुस, अगर तूँ ईं सगली बातन काहीं सगले बिसुआसी भाई-बहिनिन काहीं सुध देबाबत रइहा, त तूँ मसीह यीसु के निकहे सेबक कहइहा, जिनखर आत्मिक लालन-पालन, परमातिमा के ऊपर बिसुआस, अउर उहय सत्य सिच्छा के व्दारा होत हय, जेही तूँ अपनाए हया। 7पय तूँ बुढ़ान मनइन के व्दारा सुनाई जाँय बाली उन मनगढ़ंत किस्सा-कहानिन से दूरी रहा, जिनखर परमातिमा के बचन से कउनव लेन-देन नहिं आय, अउर परमातिमा के सत्य सिच्छा मनइन काहीं सिखामँइ माहीं लगे रहा। 8काहेकि कसरत कइके देंह काहीं मजबूत बनामँइ से खुब फायदा नहिं आय, पय परमातिमा के सत्य सिच्छा बताउब सगली बातन के खातिर फायदे मन्द ही, काहेकि इहव समय माहीं फायदा हय, अउर अनन्त जीबन देंइ के करार, एहिन खातिर कीन गे ही। 9अउर इआ बात बेलकुल सही आय, अउर हरेकमेर से मानँइ के काबिल ही। 10काहेकि हम पंचे मेहनत अउर उपाय एहिन खातिर करित हएन, कि हमार पंचन के अनन्त जीबन पामँइ के आसा जिन्दा परमातिमा के ऊपर ही; जउन सगले मनइन काहीं, खास करके बिसुआसिअन काहीं मुक्ती देंइ बाले आहीं। 11ईं बातन काहीं मानँइ के हुकुम द्या करा, अउर सगले बिसुआसिअन काहीं सिखाबत रहा। 12हे तीमुथियुस, तूँ अबे जमान हया, इआ कारन से कोऊ तोंहार निरादर न करँय पाबय, बलकिन तूँ अपने बात-चीत म अउर चाल-चलन म, अउर प्रेम करँइ म, अउर परमातिमा के ऊपर बिसुआस करँय, अउर अपने पबित्र जीबन से सगले बिसुआसिअन के खातिर आदर्स बन जा। 13जब तक हम तोंहरे लघे न अई, तब तक मसीही मन्डली माहीं सगले जनेन के आँगे पबित्र सास्त्र के बचन पढ़ँइ, अउर उपदेस के बातन काहीं सिखामँइ माहीं लगे रहा। 14हे बेटा तीमुथियुस, परमातिमा के उन सँदेस बतामँइ बालेन के बातन के मुताबिक, बुजुर्ग बिसुआसी के तोंहरे ऊपर हाँथ धइके प्राथना किहे से, जउन बरदान तोहईं मिला रहा हय, ओखर उपयोग करा, 15ईं सगली बातन के ऊपर पूर ध्यान लगाए रहा, अउर इनहिन माहीं पूरी तरह से लीन रहा, जउने तोंहरे उन्नति काहीं सगले मनई देखँय। 16अउर खुद के जीबन, अउर जउन उपदेस देते हया ओखर चउकसी करा, अउर ईं बातन काहीं हमेसा करत रहा, जइसन हम तोंहईं बतायन हय, काहेकि अगर तूँ इहइमेर करत रइहा, त तूँ अपने अउर सुनँइ बालेन के खातिर घलाय मुक्ती पामँइ के कारन बनिहा।
5बिसुआसी बिधबन के खातिर निरदेस
1हे तीमुथियुस, मसीही मन्डली माहीं जउन तोंहसे उमिर माहीं बड़े हँय उनहीं न डाँट्या; बलकिन उनहीं बाप कि नाईं जानिके समझाय दिहा, अउर जमानन काहीं भाई जानिके; 2अउर अपने से उमिर माहीं बड़ी मेहेरिअन काहीं, महतारी कि नाईं समझिके, अउर जमान मेहेरिअन काहीं अपने मन माहीं बिना बुरे बिचार किहे, पूरी पबित्रता के साथ बहिनी जानिके समझाय दिहा।
3ऊँ बिधबन के जउन सही माहीं मदत के काबिल हईं, उनखर मदत करँइ के ध्यान द्या। 4पय अगर कउनव बिधबा के लड़िका-बच्चा अउर नाती-पंती होंय, त ऊँ पहिले अपने धरम के पालन करत अपने घर-परिबार के देखभाल करँय, अउर ऊँ अपने महतारी-बाप अउर दाई-बाबा के सेबा-सहाई कइके उनखर हक्क पूर करँय, इआ उचितव हय, काहेकि एसे परमातिमा घलाय प्रसन्न होत हें। 5जउन बिधबा सही माहीं मदत के काबिल ही, अउर ओखर कोऊ मदत करँइ बाला नहिं आय; उआ परमातिमा से मदत पामँइ के खातिर दिन-रात प्राथना करँइ माहीं लगी रहत ही, 6पय जउन बिधबा भोग-बिलास के खातिर जिअत ही, उआ सारीरिक रूप से त जिअत ही, पय आत्मिक रूप से मरी हय। 7ईं बातन के घलाय हुकुम देत रहा, जउने उँइ पंचे निरदोस रहँय। 8पय अगर कोऊ अपने नात-रिस्तेदारन, अउर खासकर अपने घर-परिबार के मनइन के मदत नहीं करय, त उआ प्रभू के बिसुआस से भटकिगा हय, अउर उआ, जउन मनई प्रभू के ऊपर बिसुआस नहीं करँय उनहूँ से अधिक बुरा बनिगा हय।
9उहय बिधबा के नाम मसीही मन्डली के मदत सूची माहीं लिखा जाय, जउने के उमिर साठ बरिस से कम न होय, अउर एकयठे मंसेरुआ के मेहेरिआ रही होय, 10अउर भलाई के कामन काहीं करँइ माहीं ओखर नाम आँगे रहा होय, अपने लड़िकन-बच्चन काहीं निकहा से पालिस-पोसिस होय; अउर महिमानन के सेबा किहिस होय, अउर उआ बिसुआसिअन के गोड़ धोइस होय, अउर दीन-दुखिअन के मदत किहिस होय, अउर भलाई के कामन काहीं मन लगाइके किहिस होय। 11पय जमान बिधबन के नाम मसीही मन्डली के मदत सूची माहीं न लिख्या, काहेकि जब ऊँ मसीह के बचन काहीं मानब छोंड़िके, भोग-बिलास माहीं परि जाती हँय, त ऊँ बिआह करँय चहती हईं। 12ऊँ परमातिमा के नजर माहीं दोसी ठहरती हईं, काहेकि ऊँ मसीह के साथ कीन अपने वादा काहीं छोंड़ि दिहिन हीं। 13एखे साथय-साथ ऊँ घरन-घरन बागत फिरती हईं, अउर काम धंधा करब छोंड़िके आलसी बन जाती हईं, अउर केबल आलसी भर नहीं, बलकिन बेफालतू के बात करत रहती हईं, अउर दुसरे के कामन माहीं टाँग अँड़उती हईं, अउर अनुचित बातँय बोलती हईं। 14एसे हम पवलुस इआ चाहित हएन, कि जमान बिधबा काज-बिआह कइलेंय, अउर लड़िका-बच्चा पइदा करँय, अउर आपन घर-गिरिस्ती सम्हारँय, अउर मसीह बिरोधी मनइन काहीं बदनाम करँइ के मोका न देंय। 15हम एसे बताइत हएन, काहेकि कइयकठे बिधबा परमातिमा के हुकुम काहीं मानब छोंड़िके, सइतान के इच्छा के मुताबिक जीबन बितामँइ लागी हईं। 16अगर कउनव बिसुआसिअन के घर माहीं बिधबा होंय, त उँइन पंचे ओखर मदत करँय, जउने उआ बिधबा के मसीही मन्डली के ऊपर बोझ न परय, जउने मसीही मन्डली ऊँ बिधबन के मदत कइ सकय, जउन वास्तव माहीं मदत के काबिल हईं।
17जउन पुरान बिसुआसी मसीही मन्डली के सगला प्रबन्ध निकहा से करत हें, खास करके उँइ जउन बचन सुनामँइ अउर सिखामँइ माहीं मेहनत करत हें, उँइ दुगुने मान-सम्मान के काबिल समझे जाँय। 18काहेकि पबित्र सास्त्र माहीं इआ लिखा हय, कि “फसल के गहाई करत माहीं बरधा के मुसका न लगाया”, काहेकि “काम करँइ बाले मजूर काहीं मजूरी जरूर मिलँइ चाही।” 19अगर कउनव पुरान बिसुआसी के ऊपर दोस लगाबा जाय, त ओही न मान्या, जब तक दुइ, इआ कि तीनठे गबाही न होंय। 20पाप करँइ बाले पुरान बिसुआसिअन काहीं सगले बिसुआसिअन के आँगे डाँट-समझाय द्या, जउने बाँकी सगले जन के खातिर चेतउनी होइ जाय। 21परमातिमा, अउर मसीह यीसु अउर जउने स्वरगदूतन काहीं परमातिमा चुनिन हीं, उनहीं गबाह मानिके, हम तोहईं चेतउनी देइत हएन, कि तूँ पूरे मन से ईं लिखी बातन काहीं माना किहा, अउर कउनव काम पच्छपात के साथ न किहा। 22बिना जाँचे-परखे कोहू काहीं मसीही मन्डली के अँगुआ बनामँइ के खातिर, जल्दबाजी माहीं हाँथ न रख्या, दुसरेन के पापन माहीं भागीदार न होया, बलकिन खुद काहीं पबित्र बनाए रह्या।
23भबिस्य माहीं केबल पानिन भर पिअँइ बाले न रहा, बलकिन अपने पेटे के रोग से बेर-बेर बिमार होंइ के कारन, थोरी-थोरी अंगूर के रस पिआ करा।
24कुछ मनइन के पाप परमातिमा के न्याय करँइ से पहिलेन कुछ लोगन काहीं मालुम होइ जात हें, कि ऊँ पापी हें, पय कुछ मनई आपन पाप छिपाइके रक्खत हें, अउर न्याय के दिन तक कोहू काहीं मालुम परे नहीं पाबय। 25उहयमेर भलाई के काम घलाय, सब मनइन काहीं मालुम परि जात हें, पय जउन मालुम नहीं होए पामँय, ऊँ घलाय छुप नहीं सकँय।
6दासन के बारे माहीं निरदेस
1जेतने सेबक अपने मालिकन के अधीनता माहीं हें, जइसन जुँआ के नीचे बरधा रहत हें, ऊँ अपने-अपने मालिकन के खुब मान-सम्मान करँय। जउने परमातिमा के नाम, अउर जउन बचन हम पंचे सिखाइत हएन, उनखर हँसी न होय। 2अउर जउने सेबकन के मालिक, प्रभू यीसु मसीह के ऊपर बिसुआस करँइ बाले हें, उनहीं बिसुआसी भाई होंइ के कारन, ऊँ सेबक कम मान-सम्मान न करँय; बलकिन उनखर अउर जादा सेबा करँय, काहेकि उनखे सेबा के फायदा लेंइ बाले परमातिमा के ऊपर बिसुआस करँइ बाले आहीं, अउर ऊँ जिनसे प्रेम करत हें, तूँ ईं बातन के उपदेस द्या करा, अउर सगले मसीही मन्डली के मनइन काहीं समझाबत रहा।
गलत सिच्छा अउर धन के लालच
3अगर कोऊ यीसु मसीह के उपदेस काहीं छोंड़िके, दूसर मेर के उपदेस देत हय; अउर सही बातन काहीं, मतलब हमरे पंचन के प्रभू यीसु मसीह के बातन काहीं, अउर उआ उपदेस काहीं, जउन मनइन काहीं परमातिमा के इच्छा के मुताबिक जीबन जिअँइ माहीं मदत करत हय, उआ नहीं मानय। 4त उआ घमन्डी होइगा हय, अउर प्रभू के बचन अउर उपदेस के बारे माहीं कुछू नहीं जानय, बलकिन ओही बाद-बिबाद करँय, अउर बचन के कुछ सब्दन काहीं लइके, बहँस करँइ के बुरी आदत ही, जउने से जलन, अउर लड़ाई-झगड़ा, अउर बुराई के बातँय, अउर दुसरेन के ऊपर बुरी-बुरी संका करब पइदा होत हय। 5अउर ऊँ मनइन माहीं फालतू के लड़ाई-झगड़ा पइदा होइ जात हें, अउर आपन नीक-नागा सोचँइ के उनखे अकिल नहिं आय। अउर ऊँ सत्य काहीं छोंड़ि दिहिन हीं, अउर इआ सोचत हें, कि परमातिमा के बचन सुनाउब पइसा कमाय के एकठे जरिया आय। 6जेतना जेही मिला हय, उआ ओतनेन माहीं सन्तोस मानिके, परमातिमा के भक्ती करत हय, त उहय ओखर सबसे बड़ी कमाई आय। 7काहेकि हम पंचे इआ संसार माहीं छूँछय हाँथ आएन हय, अउर एक दिन छूँछय हाँथ चले जाब, न कुछू लइके आएन आय, अउर न कुछू लइके जाबय करब। 8पय अगर हमरे पंचन के लघे खाँय के खातिर खाना, अउर पहिनँय के खातिर ओन्हा हय, त एतनेन माहीं सन्तोस करँय चाही। 9पय जउन धनमान बनँइ चाहत हें, ऊँ अइसन परिच्छा, अउर जाल माहीं, अउर अनेकव फालतू, अउर खुद काहीं नुकसान पहुँचामँइ बाली इच्छन माहीं फँसि जात हें, जउन मनइन काहीं बिगाड़िके बिनास के खाईं माहीं गिराय देती हईं। 10काहेकि रुपिआ-पइसा के लालच सगली बुराई के जर आय, एही पामँइ के कोसिस करत-करत पता नहीं, केतने मनई यीसु मसीह के ऊपर बिसुआस करब छोंड़िके, खुद काहीं अनेकव प्रकार के दुखन से बरबाध कइ लिहिन हीं।
तीमुथियुस काहीं पवलुस के निरदेस
11पय हे परमातिमा के भक्त, तीमुथियुस, तूँ त ईं बातन से दूरिन रहा; अउर धारमिक बनँइ के पूर कोसिस करा, अउर हमेसा परमातिमा के भक्ती करा, अउर यीसु मसीह के ऊपर बिसुआस रक्खा, अउर सगलेन से प्रेम करा, अउर धीरज रक्खा, अउर नम्र बने रहा। 12जउन बिसुआस तूँ प्रभू यीसु मसीह के ऊपर रखते हया, ओसे पीछे हटामँइ के खातिर खुब मुसीबत अइहँय, पय तूँ डँटे रह्या, जउने काहीं तूँ खुब गबाहन के आँगे अपनाया रहा हय, उआ अनन्त जीबन काहीं गमाय न दिहा, जउने काहीं पामँइ के खातिर परमातिमा तोंहईं चुनिन हीं। 13हम तोहईं परमातिमा के जउन सगलेन काहीं जिन्दा रक्खत हें, अउर मसीह यीसु जउन पुन्तियुस पिलातुस के आँगे अपने बारे माहीं निकही गबाही दिहिन तय, उनहीं गबाह मानिके, इआ हुकुम देइत हएन, 14कि तूँ प्रभू यीसु मसीह के दुसराय आमँइ तक, सगले हुकुमन काहीं बिना गलती किहे, निकहा से मानत रह्या। 15परमातिमा, प्रभू यीसु मसीह काहीं सही समय माहीं प्रगट करिहँय, जउन परम धन्य अउर एकलउते अधिपति, राजन के राजा अउर प्रभुअन के प्रभू आहीं, 16केबल परमातिमा अमर हें, अउर ऊँ अगम्य जोति माहीं रहत हें, जिनखे लघे कोऊ नहीं जाय सकय, अउर न आज तक कउनव मनई उनहीं देखिस आय, न कबहूँ देखेन पाई, उनखर मान-सम्मान अउर राज जुग-जुग बना रही। आमीन।
17इआ संसार माहीं जउन अपने काहीं धनी मानत हें, उनहीं इआ हुकुम द्या, कि ऊँ घमन्डी न होंय, अउर उआ धन से जउन हरबी चला जात हय; ओमाहीं बिसुआस न रक्खँय, बलकिन परमातिमा के ऊपर भरोसा रक्खँय, जउन हमरे पंचन के जीबन के सुख के खातिर, सब कुछ भरपूर देत हें। 18अउर ऊँ भलाई करँइ अउर भलाई के कामन काहीं करँइ माहीं धनी बनय, अउर ओदार, अउर अपने धन से दुसरेन के मदत करँइ के खातिर हमेसा तइआर रहँय। 19अपने ईंन कामन से स्वरग माहीं धन एकट्ठा करिहँय, जउन भबिस्य के खातिर मजबूत नेव के समान होई, अउर असली जीबन पामँइ के हकदार बन जइहँय।
20हे तीमुथियुस, हम तोहईं जउन सत्य बचन सउँपेन हँय, उनहीं सगले मनइन काहीं सिखाबत रहा, अउर जउन सिच्छा परमातिमा के बिरोध माहीं हय, उआ सिच्छा के फालतू बातन से तूँ दूरी रहा, 21कुछ मनई गलती से इआ सिच्छा के बातन काहीं ग्यान कहत हें। अउर इनहीं अपनाइके परमातिमा के बिसुआस से भटकिगें हँय। हम प्राथना करित हएन, कि परमातिमा के किरपा तोंहरे ऊपर हमेसा होत रहय।