थिस्सलुनीके सहर के मसीही मन्डली के नाम लिखी पवलुस के पहिल चिट्ठी

इआ चिट्ठी के परिचय

रोमी सम्राज माहीं कइयकठे प्रदेस रहे हँय, उनमा से मकिदुनिअव एकठे प्रदेस रहा हय, अउर ओखर राजधानी थिस्सलुनीकी सहर रही हय। फिलिप्पी सहर से आए के बाद पवलुस इहाँ एकठे मसीही मन्डली बनाइन रहा हय। इहाँ घलाय, हरबिन उँइन यहूदी बिरोध करब सुरू कइ दिहिन, काहेकि ऊँ पंचे गैरयहूदी लोगन के बीच माहीं पवलुस के मसीही सँदेस के प्रचार के सफलता काहीं देखिके जलत रहे हँय, काहेकि ईं गैरयहूदी लोग, यहूदी धरम काहीं मानँइ माहीं रुचि रक्खत रहे हँय। एसे पवलुस काहीं थिस्सलुनीकी सहर छोंड़ँइ परा, अउर ऊँ बिरिया सहर चलेगें। बाद माहीं जब ऊँ कुरिन्थुस सहर पहुँचे, तब पवलुस काहीं उनखे साथ माहीं काम करँइ बाले साथी तीमुथियुस के व्दारा थिस्सलुनीकी सहर के मसीही मन्डली के दसा के बारे माहीं सगली खबर मिली।

इआ खबर पाए के बाद थिस्सलुनीकियन के नाम पवलुस के पहिल चिट्ठी, उहाँ रहँइ बाले मसीहियन काहीं उत्साहित करँय, अउर दुसराय स्थिर करँइ के खातिर लिखी गे ही। ऊँ उनखे बिसुआस अउर प्रेम के बारे माहीं खबर पाइके उनहीं धन्यबाद दिहिन। ऊँ उनहीं अपने जीबन के सुध देबाबत हें, जउन ऊँ उनखे साथ माहीं रहिके बितायन रहा हय। तब ऊँ मसीह के दुसराय आमँइ के बारे माहीं प्रस्नन के जबाब देत हें, जउन प्रस्न उआ मसीही मन्डली माहीं उठे रहे हँय। उँइ प्रस्न इआमेर के हँय, कउनव बिसुआसी जउन मसीह के दुसराय आमँइ से पहिलेन मर जात हय, का उआ, उआ जीबन काहीं पाई, जउन मसीह के दुसराय आमँइ से मिलँइ बाला हय? मसीह दुबारा कबय अइहँय? पवलुस इआ मोके माहीं उनहीं इआ बताबत हें, कि उआ दसा माहीं जबकि तूँ पंचे मसीह के दुसराय आमँइ के आसा से इन्तजार करते हया, चुप्पय अपने काम माहीं लगे रहा।

रूप-रेखा :

भूमिका 1:1

धन्यबाद अउर स्तुति 1:2—3:13

मसीही चाल-चलन के बारे माहीं उपदेस 4:1-12

मसीह के दुसराय आमँइ के बारे माहीं सिच्छा 4:13—5:11

अन्तिम उपदेस 5:12-22

उपसंहार 5:23-28

1

पवलुस के अभिबादन

1पवलुस, सीलास, अउर तीमुथियुस के तरफ से थिस्सलुनीकी सहर के मसीही मन्डली के नाम चिट्ठी, जउन पिता परमातिमा अउर प्रभू यीसु मसीह काहीं मानत हें, उनहीं किरपा अउर सान्ती मिलत रहय।

थिस्लुनीकियन के बिसुआस

2हम पंचे अपने प्राथना माहीं तोंहईं सुध करित हएन, अउर तोंहरे बारे माहीं हमेसा परमातिमा काहीं धन्यबाद देइत हएन। 3अउर अपने पिता परमातिमा के आँगे तोंहरे बिसुआस के काम, अउर प्रेम के मेहनत, अउर हमरे प्रभू यीसु मसीह माहीं आसा के धीरज काहीं लगीतार सुध करित हएन। 4अउर हे परमातिमा के पियार भाई-बहिनिव, हम पंचे जानित हएन, कि तूँ पंचे परमातिमा के चुने आह्या। 5काहेकि हमरे व्दारा खुसी के खबर तोंहरे लघे केबल बचनय भर से नहीं, बलकिन सामर्थ अउर पबित्र आत्मा, अउर बड़े निस्चय के साथ पहुँची हय। तूँ पंचे जनते हया, कि जब हम पंचे तोंहरे साथ रहे हएन, तब तोंहरे फायदा के खातिर कउनमेर जीबन जिअत रहेन हँय। 6अउर तूँ पंचे भारी दुख माहीं पबित्र आत्मा के आनन्द के साथ, बचन काहीं मानिके हमरे पंचन के, अउर प्रभू कि नाईं चाल चलँइ लागे हया। 7इहाँ तक कि मकिदुनिया अउर अखाया प्रदेस के सगले बिसुआसी लोगन के खातिर, तूँ पंचे नमूना बन गया हय। 8काहेकि तोंहरे इहाँ से न केबल मकिदुनिया अउर अखाया प्रदेस माहीं प्रभू के बचन सुनाबा ग, बलकिन तोंहरे बिसुआस के चरचा जउन परमातिमा के ऊपर हय, हरेक जघा अइसन फइलगे ही, कि हमहीं पंचन काहीं कुछू कहँइ के जरूरत नहिं आय। 9काहेकि ऊँ पंचे खुदय हमरे बारे माहीं बताबत हें, कि तोंहरे लघे हमार पंचन के आउब कउनमेर भ रहा हय; अउर तूँ पंचे कइसन मूरतिन काहीं पूजब छोंड़िके, परमातिमा के बचन काहीं मानँइ लागे हया। अउर तूँ पंचे जिअत अउर सच्चे परमातिमा के सेबक बन गया। 10अउर परमातिमा के लड़िका यीसु के स्वरग से आमँइ के इन्तजार करत रहा, जिनहीं परमातिमा मरेन म से जिआइन रहा हय, उँइन हमहीं पंचन काहीं परमातिमा के आमँइ बाले क्रोध से बचाबत हें।

2

थिस्सलुनीकी सहर माहीं पवलुस के प्रचार

1हे बिसुआसी भाई-बहिनिव, तूँ पंचे त खुदय जनते हया, कि हमार पंचन के तोंहरे लघे आउब बेकार नहीं भ, 2बलकिन तूँ पंचे त खुदय जनते हया, कि पहिले फिलिप्पी सहर माहीं दुख उठामँइ अउर उपद्रव सहे के बादव, हमार परमातिमा हमहीं पंचन काहीं अइसन हिम्मत दिहिन, कि हम पंचे परमातिमा के खुसी के खबर भारी बिरोध के बादव तोंहईं सुनाई। 3काहेकि हमार पंचन के उपदेस न त भ्रम माहीं डारँइ बाला आय, अउर न असुद्धय आय, अउर न ओमा छलय कपट आय। 4पय जइसन परमातिमा हमहीं पंचन काहीं काबिल ठहराइके खुसी के खबर सँउपिन हीं, हम पंचे उहयमेर बखान करित हएन; अउर एमाहीं मनइन काहीं नहीं, बलकिन परमातिमा काहीं, जउन हमरे पंचन के मनन काहीं जाँचत हें, प्रसन्न करित हएन। 5काहेकि तूँ पंचे त जनतेन हया, कि हम पंचे न त कबहूँ चापलूसी के बातँय किहेन, अउर न लालच के खातिर बहानय बनायन, एखर परमातिमा गबाह हें; 6अउर हम पंचे मसीह के खास चेला होंइ के कारन तोंहरे ऊपर बोझ डार सकत रहेन हय, तऊ हम पंचे मनइन से आदर नहीं चाहत रहेन आय, अउर न तोंहसे अउर न कोहू से। 7पय जउनमेर महतारी अपने लड़िकन काहीं पालत-पोसत ही, उहयमेर हमहूँ पंचे घलाय तोंहरे बीच माहीं रहिके नम्रता देखायन हय। 8अउर उहयमेर हम पंचे तोंहऊँ से ममता के कारन, न केबल परमातिमा के खुसी के खबर के खातिर, बलकिन तोंहरेव खातिर, आपन-आपन प्रान देंइ के खातिर तइआर रहे हएन, एसे कि तूँ पंचे हमहीं पंचन काहीं खुब पियार होइ गया तय।

9काहेकि, हे भाई-बहिनिव, तूँ पंचे हमरे पंचन के कठिन मेहनत अउर दुख काहीं सुध रखते हया, हम पंचे एहिन से दिन-रात काम धन्धा कइ-कइके तोंहरे बीच माहीं, परमातिमा के खुसी के खबर के प्रचार किहेन, कि तोंहरे ऊपर बोझ न होय। 10तूँ पंचे एखर खुदय गबाह हया, अउर परमातिमा घलाय गबाह हें, कि तोंहरे सगले बिसुआसी लोगन के बीच माहीं, हमार पंचन के बरताव कइसन पबित्र, धारमिक, अउर निरदोस रहा हय। 11तूँ पंचे जनते हया, कि जइसन बाप अपने लड़िकन के साथ बरताव करत हय, उहयमेर हम पंचे घलाय तोंहरे पंचन म से हरेक जन काहीं, उपदेस सुनाबत, अउर सान्ति देत, अउर समझाबत रहे हएन। 12जउने तोंहार पंचन के चाल-चलन परमातिमा के काबिल होय, जउन तोंहईं पंचन काहीं अपने राज अउर महिमा माहीं बोलाबत हें। 13एहिन से हमहूँ पंचे परमातिमा के धन्यबाद हमेसा करित हएन; कि जब हमरे पंचन के व्दारा परमातिमा के खुसी के खबर के बचन काहीं तूँ पंचे सुने रहे हया, त तूँ पंचे ओही मनइन के नहीं, बलकिन परमातिमा के बचन मानिके (इआ बचन परमातिमा के सहिन आय) अपनाय लिहा तय। अउर उआ बचन तोंहरे पंचन म से जउन बिसुआस करत हें, उनखे ऊपर प्रभाव डारत हय। 14एसे हे भाई-बहिनिव, तूँ पंचे परमातिमा के उन मसीही मन्डलिन के चाल-चलन काहीं अपनाय लिहा हय, जउन यहूदिया प्रदेस माहीं प्रभू मसीह यीसु माहीं हईं, काहेकि तुहूँ पंचे घलाय अपने लोगन से उहयमेर दुख पाए हया, जइसन ऊँ पंचे यहूदी लोगन से पाइन रहा हय। 15जउन यहूदी लोग प्रभू यीसु मसीह काहीं, अउर परमातिमा के सँदेस बतामँइ बालेन काहीं घलाय मारि डारिन तय, अउर हमहूँ पंचन काहीं सताइन रहा हय, एसे परमातिमा उनसे खुस नहिं आहीं; अउर उँइन सगले मनइन के बिरोध करत हें, 16अउर ऊँ पंचे, गैरयहूदी लोगन से, उनखे मुक्ती के खातिर बचन सुनामँइ से हमहीं पंचन काहीं बरजत हें, इआ कारन से ऊँ पंचे हमेसा अपने पाप के घड़ा भरत रहत हें; अउर अब परमातिमा के भयानक क्रोध उनखे ऊपर आय परा हय।

थिस्सलुनीकी मसीही मन्डली के मनइन से मिलँइ के पवलुस के इच्छा

17हे भाई-बहिनिव, जब हम पंचे कुछ दिनन के खातिर, मन से त नहीं, पय देंह के रूप माहीं तोंहसे पंचन से अलग होइ गएन तय, त हम पंचे, तोंहईं देखँइ के खातिर खुब उपाय किहेन, काहेकि तोंहसे मिलँइ के हमार पंचन के बड़ी इच्छा रही ही। 18एसे हम पंचे तोंहसे मिलँइ के खुब कोसिस किहेन (खास करके हम पवलुस कइअक बेरकी कोसिस किहेन) पय सइतान एक न एक अरचन डारेन रहिगा। 19जब हम पंचे अपने प्रभू यीसु मसीह के दुसराय आमँइ के समय उनखे आँगे ठाढ़ होब, त तोंहईं पंचन काहीं छोंड़, हमार पंचन के आसा, आनन्द, अउर बड़ाई के मुकुट अउर का होइ सकत हय? 20काहेकि हमार पंचन के आनन्द अउर बड़ाई के मुकुट तुहिन पंचे आह्या।

3

थिस्सलुनीकी सहर माहीं तीमुथियुस काहीं पठउब

1एसे जब हमसे पंचन से अउर रहाई नहीं परी, तब हम पंचे इआ निरनय किहेन, कि एथेंस सहर माहीं अकेले रहि जई। 2अउर हम तीमुथियुस काहीं जउन मसीह के खुसी के खबर के प्रचार करँइ माहीं हमार सहयोगी भाई, अउर परमातिमा के सेबक आहीं, उनहीं एसे पठएन हय, कि ऊँ तोंहईं समझाइके बिसुआस माहीं मजबूत बनामँइ, 3जउने कोऊ इन दुख बिपत्तिन के कारन बिसुआस माहीं कमजोर न परय; काहेकि तूँ पंचे त खुदय जनते हया, कि हम पंचे एहिन के खातिर ठहराए गएन हय। 4काहेकि पहिलेव, जब हम पंचे तोंहरे लघे रहेन हय, त तोंहसे कहा करत रहेन हय, कि हमहीं पंचन काहीं दुख-मुसीबत सहँय क परी, अउर अइसनय भाबय भ, अउर तूँ पंचे जनते घलाय हया। 5इआ कारन से जब हमसे अउर न रहा ग, त तोंहरे बिसुआस के हाल चाल जानँइ के खातिर तीमुथियुस काहीं पठएन, कि कहँव अइसा न होय, कि परिच्छा करँइ बाला सइतान तोंहार परिच्छा किहिस होय, अउर हमार पंचन के सगली मेहनत पानी माहीं चली गे होय।

तीमुथियुस के व्दारा खबर मिलब

6पय अबहिनय तीमुथियुस, जउन तोंहरे लघे से हमरे लघे आइके, तोंहरे बिसुआस, अउर प्रेम के निकही खबर सुनाइन हीं, अउर इआ बात काहीं घलाय बताइन हीं, कि तूँ पंचे हमेसा प्रेम के साथ हमहीं पंचन काहीं सुध करते हया, अउर हमहीं पंचन काहीं देखँइ के इच्छा करते हया, जइसा हमहूँ पंचे, तोंहईं देखँइ के इच्छा करित हएन। 7एसे हे भाई-बहिनिव, हम पंचे अपने सगले दुख-मुसीबत अउर कस्ट माहीं तोंहरे बिसुआस काहीं जानिके, तोंहरे बारे माहीं सान्ति पाएन हय। 8काहेकि तूँ पंचे प्रभू के बचन माहीं स्थिर हया, इआ जानिके हम पंचे खुसी के साथ जीत हएन। 9अउर जइसन आनन्द हमहीं पंचन काहीं तोंहरे कारन मिला हय, ओखे बदले तोंहरे बारे माहीं हम पंचे परमातिमा काहीं खुब धन्यबाद देइत हएन। 10हम पंचे दिन-रात खुब प्राथना करत रहित हएन, कि तोंहईं कबय देखी, अउर आइके तोंहरे बिसुआस के कमी-घटी काहीं पूर करी।

11अब हमार पिता परमातिमा अउर प्रभू यीसु मसीह, तोंहरे लघे आमँइ के खातिर हमार पंचन के अँगुआई करँय, 12अउर प्रभू अइसन करँय, कि जइसन प्रेम हम पंचे तोंहसे रक्खित हएन; उहयमेर तोंहरव प्रेम आपस माहीं एक दुसरे के साथ, अउर सगले मनइन के साथ बढ़य, अउर मजबूत होत जाय। 13जउने ऊँ तोंहरे हिरदँय काहीं अइसन स्थिर करँय, कि जब हमार पंचन के प्रभू यीसु अपने सगले पबित्र लोगन के साथ आमँय, त तूँ पंचे पिता परमातिमा के आँगे पबित्र अउर बेकसूर ठहरा।

4

परमातिमा काहीं प्रसन्न करँइ बाला जीबन

1हे भाई-बहिनिव, हम पंचे तोंहसे बिनती करित हएन, अउर तोंहईं प्रभू यीसु के नाम से समझाइत हएन, कि जइसन तूँ पंचे हमसे पंचन से निकहा चाल-चलन चलब, अउर परमातिमा काहीं प्रसन्न करब सिखे हया, अउर उहयमेर चलते घलाय हया, त इहइमेर अउर आँगे बढ़त चले जा। 2अउर हम पंचे प्रभू यीसु के तरफ से जउन-जउन हुकुम तोंहईं बताए रहेन हय, उनहीं त तूँ पंचे जनतेन हया? 3काहेकि परमातिमा के इआ इच्छा ही, कि तूँ पंचे पबित्र बना, मतलब ब्यभिचार से बचे रहा। 4अउर तोंहरे पंचन म से हरेक जन अपने देंह के बासनन काहीं काबू म करब सिखा, काहेकि इआ पबित्र अउर आदर के काबिल हय। 5अउर इआ काम बुरी इच्छा से न किहा, जउनमेर ऊँ जातिअन के मनई करत हें, जउन परमातिमा काहीं नहीं जानँय। 6अउर परमातिमा के इहव इच्छा ही, कि इआ बात माहीं कोऊ अपने बिसुआसी भाई-बहिनिन काहीं धोखा न देय, अउर न उनखर अनुचित फायदय उठाबय, काहेकि प्रभू ईं सगली बातन के बदला लेंइ बाले हें; इआ बात काहीं हम पंचे पहिलेन तोंहईं बताय चुके हएन, अउर सावधान किहेन रहा हय। 7काहेकि परमातिमा हमहीं पंचन काहीं असुद्ध होंइ के खातिर नहीं, बलकिन पबित्र बनँइ के खातिर बोलाइन हीं। 8इआ कारन से जे कोऊ ईं बातन काहीं तुच्छ जानत हय, उआ सिच्छा देंइ बाले मनई काहीं नहीं, बलकिन परमातिमा काहीं तुच्छ जानत हय, जउन आपन पबित्र आत्मा तोंहईं देत हें। 9पय आपस के भाईचारा के प्रेम के बारे माहीं, तोंहईं हमहीं अउर कुछू लिखँइ के जरूरत नहिं आय? काहेकि आपस माहीं प्रेम करब तूँ पंचे खुदय परमातिमा से सिखे हया। 10अउर पूरे मकिदुनिया प्रदेस के सगले बिसुआसी भाई-बहिनिन के साथ, अइसन प्रेम करते घलाय हया, पय हे भाई-बहिनिव, हम पंचे तोंहईं समझाइत हएन, कि इहइमेर प्रेम अउर जादा से जादा करत चले जा। 11अउर जइसन हम पंचे तोंहईं हुकुम दिहेन हय, उहयमेर सान्ति के साथ रह्या, अउर आपन-आपन काम धंधा करँइ के, अउर अपने-अपने हाँथन से कमाँय के कोसिस करा। 12जउने तोंहईं कउनव चीज के कमी न होय, अउर मसीही मन्डली के बाहर बालेन के साथ निकहा बरताव किहा।

प्रभू के दुसराय आउब

13हे भाई-बहिनिव, हम पंचे इआ नहीं चाहित आहेन, कि तूँ पंचे उनखे बारे माहीं जउन प्रभू के ऊपर बिसुआस कइके मरिगें हँय, अनजान रहा; कहँव अइसन न होय, कि तूँ पंचे अबिसुआसी लोगन कि नाईं सोक करा, जिनहीं कउनव आसा नहिं आय। 14काहेकि अगर हम पंचे बिसुआस करित हएन, कि यीसु मरिगें, अउर पुनि जिन्दा होइगें, उहयमेर परमातिमा उनहूँ काहीं, जउन यीसु के ऊपर बिसुआस करत-करत आपन प्रान दइ दिहिन हीं, यीसु के साथ लइ अइहँय। 15काहेकि हम पंचे प्रभू के बचन के मुताबिक तोंहसे इआ कहित हएन, कि हम पंचे जेतने जिन्दा हएन, प्रभू के दुसराय आमँइ तक बचे रहब, तऊ जउन प्रभू के ऊपर बिसुआस कइके मरिगें हँय, उनसे आँगे कबहूँ न होए पाउब। 16काहेकि प्रभू खुदय स्वरग से उतरिके अइहँय; उआ समय ललकार, अउर प्रधान स्वरगदूत के बोल सुनाई देई, अउर परमातिमा के तुरही फूँकी जई, तब जउन मसीह के ऊपर बिसुआस कइके मरिगें हँय, ऊँ पंचे पहिले जि उठिहँय। 17ओखे बाद हमरे पंचन म से जेतने जिन्दा बचे रहब, उनहिन के साथ बदरिन माहीं उठाय लीन जाब, कि प्रभू से अकास माहीं मिली, अउर इआमेर से हम पंचे हमेसा प्रभू के साथ रहब। 18एसे तूँ पंचे ईं बातन से एक दुसरे काहीं सान्ति द्या करा।

5

प्रभू दुसराय आमँइ बाले हें तूँ पंचे तइआर रह्या

1हे भाई-बहिनिव, समय अउर दिन तारीख के बारे माहीं तोंहईं पंचन काहीं लिखँइ के कउनव जरूरत नहिं आय। 2काहेकि तूँ पंचे त खुदय निकहा से जनते हया, कि जइसन रात माहीं चोर अचानक आबत हय, उहयमेर प्रभू के आमँइ के दिन आमँइ बाला हय। 3जब लोग-बाग इआ कहत होइहँय, कि सब कुसल-मंगल हय, अउर कुछू डेर नहिं आय, तबहिनय उनखे ऊपर एकय एक घोर संकट आय परी, जइसन लड़कहाई मेहेरिआ के पीरा; अउर ऊँ कउनव मेर से न बचि हँय। 4पय हे भाई-बहिनिव, तूँ पंचे त पाप रूपी अँधिआर माहीं नहिं आह्या, कि उआ दिन तोंहरे ऊपर चोर कि नाईं अचानक आय परय। 5काहेकि तूँ पंचे सगले जने त जोति अउर दिन के सन्तान आह्या, हम पंचे न रातय के आहेन, न अँधिआरय के। 6एसे हम पंचे अबिसुआसी लोगन कि नाईं सोबत न रही, बलकिन सचेत अउर अपने ऊपर काबू रखँइ चाही। 7काहेकि जउन सोबत हें, त ऊँ रातयके सोबत हें, अउर जउन मतबार होत हें, ऊँ रातयके मतबार होत हें। 8पय हम पंचे त दिन के आहेन, बिसुआस अउर प्रेम के झिलम 5:8 झिलम- पुराने जमाने माहीं जब राजा लड़ाई माहीं जात रहे हँय त सुरच्छा के खातिर छाती माहीं पहिरत रहे हँय।पहिरिके अउर मुक्ती के आसा के टोप पहिरिके सचेत रही। 9काहेकि परमातिमा हमहीं पंचन काहीं क्रोध के खातिर नहीं, बलकिन एसे ठहराइन हीं, कि हम पंचे अपने प्रभू यीसु मसीह के व्दारा मुक्ती पाई। 10प्रभू यीसु मसीह हमरे पंचन के खातिर एसे मरे, कि हम पंचे चाह जिअत रही, चाह मर जई, जब ऊँ दुसराय अइहँय, सब जन मिलिके उनहिन के साथ जिअत रहब। 11इआ कारन एक दुसरे काहीं सान्ति द्या, अउर एक दुसरे काहीं आत्मिक रूप से बढ़ामँय के खातिर मदत करा, जइसन तूँ पंचे करतेव हया।

मसीही मन्डली के खातिर उपदेस

12हे भाई-बहिनिव, हम पंचे तोंहसे बिनती करित हएन, कि जउन तोंहरे बीच माहीं मेहनत करत हें, अउर प्रभू माहीं तोंहार अँगुआई करत हें, अउर तोंहईं सिच्छा देत हें, उनखर सम्मान करा। 13अउर उनखे इआ काम के कारन, उनहीं बड़े प्रेम से आदर के काबिल समझा, अउर आपस माहीं मिल-जुलिके रहा। 14अउर हे भाई-बहिनिव, हम पंचे तोंहईं समझाइत हएन, जिनखर चाल-चलन निकहा नहिं आय, उनहीं समझाबा, डरपोकन काहीं ढाढ़स द्या, कमजोरन काहीं सम्हारा, अउर सगलेन के साथ सहनसीलता देखाबा। 15अउर सचेत रहा कोऊ, कोहू के साथ बुराई के बदले बुराई न करा, बलकिन हमेसा भलाई करँइ के खातिर तइआर रहा, अपसय माहीं भर नहीं, बलकिन सगले मनइन के साथ भलाई करँइ के कोसिस करा। 16हमेसा आनन्दित रहा। 17हमेसा प्राथना करँइ माहीं लगे रहा। 18हरेक बात माहीं धन्यबाद करा; काहेकि जेतने जने मसीह यीसु माहीं हया, तोंहरे खातिर परमातिमा के इहय इच्छा ही। 19पबित्र आत्मा के काम काहीं न दबाबा। 20परमातिमा के सँदेस बतामँइ बालेन के बातन काहीं तुच्छ न जाना। 21सगली बातन काहीं पहिले जाँचा-परखा जउन निकही होंय, उनहीं अपनाबा। 22अउर हरेकमेर के बुराइन से बचे रहा।

आसिरबाद

23सान्ति देंइ बाले परमातिमा खुदय तोंहईं पूरी तरह से पबित्र करँय; अउर तोंहार आत्मा, प्रान अउर देंह हमरे पंचन के प्रभू यीसु मसीह के आमँइ तक, पूर-पूर निरदोस अउर सुरच्छित रहय। 24काहेकि परमातिमा जउन तोंहईं बोलाइन हीं, सच्चे हँय, अउर ऊँ अइसनय करिहँय। 25हे भाई-बहिनिव हमरे पंचन के खातिर प्राथना करत रहा। 26सगले बिसुआसी भाई-बहिनिव, आपस माहीं मसीही प्रेम के साथ नबस्कार करा। 27हम तोंहईं प्रभू के किरिआ धराइके कहित हएन, कि इआ चिट्ठी सगले भाई-बहिनिन काहीं पढ़िके सुनाई जाय। 28प्रभू यीसु मसीह के किरपा तोंहरे ऊपर होत रहय। आमीन!