एस्तेर

1

महारानी वसती क जरिये राजा क आग्या क उल्लंघन

1 इ ओन दिनन क बात अहइ जब छयर्स नाउँ क राजा राज्ज किया करत रहा। भारत स लइक कुस क एक सौ सत्ताईस प्रान्तन पइ ओनकर राज्ज रहा। 2 महाराजा छयर्स, सुसन नाउँ क नगरी, जउन राजधानी भवा करत रही, मँ अपने सिहासन स ससान चलावा करत रहा।

3 अपने सासन क तीसरे बरिस मँ, छयर्स अपने अधिकारियन अउ मुखिया लोगन बरे एक भोज क प्रबंध किहेस। फारस, अउ मादै क फउज क मुखियन अउर दुसर महत्वपूर्ण मुखियन अउर प्रान्तीय अधिकारियन उ भोज मँ मौजुद रहेन। 4 इ भोज ऐक सौ अस्सी दिन तलक चला। इ समइ क दौरन, महाराजा छयर्स अपने राज्ज क महान सम्पत्ति अउ आपनी महानता क भब्य सुन्लरता देखावत रहा। 5 एकरे पाछे जब एक सौ अस्सी दिन क इ भोज समाप्त भवा, तउ महाराजा छयर्स एक ठु अउर भोज दिहेस जेहमाँ सुसा क जिला महल क सबहि लोगन साथ ही महत्वपूर्ण अउ बे-महत्वपूर्ण लोगन बोल गवा रहा। इ भोज सात दिन तलक चला। इ भोज क आयोजन महल क भितरी बगीचे मँ कीन्ह गवा रहा। 6 भोज क जगह सफेद अउ नीले रंग क मलमल सूती कपड़न स सजावा ग रहा। इ बैगनी रंग की डोरियन स पकड़ा रहा। उ संगमर क खम्भन क बीच मँ चाँदी क छड़न दुआरा पर लटकत रहा। हुवाँ सोने अउ चाँदी क चौकियन रहिन। इ सबइ चौकियन लाल अउ सफेद रंग क अइसी स्फटिक क भूमितल मँ जुड़ी भई रहिन जेहमाँ संगमरमर, प्रकेलास, सीप अउर दूसर कीमती पाथर जड़े रहेन। 7 सोने क पियालन मँ दाखरस परोसा गवा रहा। हर पियाला एक दूसरे स अलग रहा। महाराजा क ओकर महान सम्पत्ति क अनुसार दाखरस परोसा गवा रहा। 8 महाराजा अपने सेवकन क आग्या दिहेस कि हर कउनो मेहमन क जेतना दाखरस उ चाहे ओतने दीन्ह जाइ।

9 राजा क महल मँ हा महारानी वसती भी महररुअन क एक ठु भोज दिहस।

10 भोज क सातएँ दिन, महारजा छयर्स दाखरस पिअइ क कारण मगन रहा। उ ओन सात हिजड़न क आग्या दिहस जउन ओकर सेवा किया करत रहेन। एन हिजड़न क नाउँ रहेन: गहूमान, बिजता, हबौना, बिगता, अबगता, जेतेर अउर कर्कस। महाराजा आपन सेवकन क आग्या किहेस 11 उ पचे राजमुकुट धारण किए भए महारानी वसती क ओकरे लगे लिआवइँ। उ चाहत रहा कि उ मुखिया लोगन अउर महत्वपूर्ण लोगन क अपनी सुन्दरता देखाइ काहेकि उ फुरइ बहोत सुन्नर रही।

12 मुला उ सेवकन जब राजा क आदेस क बात महारानी वसती स कहेन तउ उ हुवाँ जाइ स मना कइ दिहस। राजा बहोत कोहाइ गवा अउर ओहे पइ किरोध स जरइ लाग। 13 एह बरे महाराज इ ताज़ा घटना क बारे मँ अपने अनुभवी स बात किहेस।इ रीति रहा कि राजा अपन अनुभवी मनइयन स नेम अउ सज़ा क बारे सलाह लेत रहत रहेन।इ सबइ अनुभवी मनई महाराजा क बहोत निचेक रहेन। एनकर नाउँ रहेन: कर्सना, सेतार, अदमाता, तर्सीस, मेरेस, मर्सना अउर ममूकान। उ सबइ सातहुँ फारस अउर मादै क बहोत महत्वपूर्ण अधिकारी रहेन। एनके लगे राजा स मिलइ क बिसेस अधिकार रहा। उ पचे राज्ज मँ सबन त उच्च अधिकारी रहेन। 15 राजा ओन लोगन स पूछेस, “महारनी वसती क संग का कीन्ह जाइ? इ बारे मँ नेम का कहत ह? उ महाराजा छयर्स क मोर उ आग्या क मानइ स मना कइ दिहस जेका हिजड़न ओकरे लगे लइ गए रहेन।”

16 एइ पइ दुसर अधिकारियन क उपस्थिति मँ महाराजा स ममूकन कहेस, “महारानी वसती अपराध किहस ह। महारानी महाराजा क संग-संग सबहिं मुखिया लोगन अउर महाराजा छयर्स क सबहिं प्रदेसन क लोगन क बिरुद्ध अपराध किहेस ह। 17 मइँ अइसा एह बरे कहत हउँ कि दूसर मेहरुअन जउन महारानी वसती किहस ह, ओका जब सुनिहीं तउ उ पचे अपन भतारंन क आग्या मानब बंद कइ देइहीं, उ पचे अपने भतारन क स कहिहीं ‘महाराजा छयर्स महारानी वसती क अपन लगे लिआवइ क आग्या दिहे रहा किन्तु उ आवह मना कइ दिहस।’

18 “आनु फारस अउ मादै क मुखिया लोगन क मेहररुअन, रानी जउन किहे रही, सुनि लिहन ह अउर लखा अब उ सबइ मेहररुअन भी जउन कछू महारानी किहस ह, ओहसे प्रभावित होइहीं। उ सबइ मेहररुअन राजा लोगन क महत्वपूर्ण मुखिया लोगन क संग वइसा ही करिहीं अउर इ तरह बहोत जियादा अनादर अउर किरोध फइल जाइ।

19 “तउ जदि महाराजा क अच्छा लगइ तउ एक ठु सुझाव इ अहइ: महाराजा क एक राजग्या देइ चाही अउर ओका फारस अउ मादै क नेम मँ लिख दीन्ह जाइ चाही एह बरे इ नेम ना ही बदला जाइ सकत ह या नही संसोधन कीन्ह जाइ सकत। राजा क आग्या इ होइ चाही: महाराजा छयर्स क समन्वा रानी वसती अब कबहूँ न आवइ। साथ ही महाराजा क रानी क पद भी कउनो अइसी मेहरारु क दइ देइ चाही जउन ओहसे उत्तिम होइ। 20 फुन जब राजा क इ आग्या ओकरे बिसाल राज्ज क सबहिं हीसन मँ घोसित कीन्ह जाइ, तउ सबहिं मेहररुअन अपने भतारन क आदर करइ लगिहीं, चाहे ओकर भातरन महत्वपूर्ण लोग अहइ या न अहइ।”

21 इ सुझाव स महाराजा अउर ओकर बड़े-बड़े अधिकारी सबहीं खुस भएन। तउ महाराजा छयर्स वइसा ही किहस जइसा ममूकान सुझाए रहा। 22 महाराजा छयर्स अपने राज्ज क सबहीं प्रान्तन मँ पत्रन पठइ दिहस। हर प्रान्त मँ जउन पत्रन पठवा गवा, उ उहइ प्रान्त क लिपि मँ लिखा गवा रहा। हर जाति मँ उ ओकरे भाखा मँ पत्रन पठएस। उपचे पत्रन मँ हरेक व्यक्ति क भाखा मँ घोसना कीन्ह ग रहेन कि हरेक मनई क आपन पररिवार नियंत्रण रखइ क होइ।

2

एस्तेर महारानी बनाई गइ

1 आगे चलिके महाराजा छयर्स क किरोध सान्त भवा तउ ओका वसती अउर क वसती कार्य याद आवइ लागेन। वसती क बारे मँ उ जउन आदेस दिहे रहा, उ भी ओका याद आवा। 2 एकरे पाछे राजा क निजी सेवकन ओका एक ठु सुझाव दिहन। उ पचे कहेन, “राजा क बरे सुन्नर कुँवारी कन्यन क खोज करा। 3 हे राजा, तोहका अपने राज्ज क हर प्रान्त मँ नेतन क चुनाव कइर चाही। फुन ओन नेतन लोगन क चाही कि उ पचे सुन्नर कुवाँरी कन्याओं क सूसन क जिला महल मँ लइके आवइँ। उ पचे लड़िकयन राजा क हरम सरा मँ तोहर दूसरी मेहररुअन क संग रहब। उ पचे हेगे क देख-रेख मँ रखी जइही। हेगे महाराजा क हिजड़ा जउन कि ओन मेहररुअन क निगराँकार अहइ। फुन ओनका सुन्नरता क प्रसाधन दीन्ह जाइँ। 4 फुन उ लरकी जउन राजा क भावइ, वसती क जगह पइ राजा क नई महारानी बनाइ दीन्ह जाइ।” राजा क इ सुझाव बहोत अच्छा लगा। तउ उ एका अंगीकार कइ लिहस।

5 बिन्यामीन परिवार समूह क मोर्दकै नाउँ क एक ठु य़हूदी हुवा रहा करत रहा। मोर्दकै याईर क पूत रहा अउर याईर सिमी क पूत रहा अउर सिमी कीस क पूत रहा। सूसन क महल प्रान्त मँ रहत रहा। 6 ओहका यरुसलेम स बाबेल क राजा नबूकदनेस्सर बंन्दी बनाइके लइ गवा रहा। उ यहूदा क राजा यकोन्याह क संग उ दल मँ रहा, जेका बंदी बनाइ लीन्ह गवा रहा। 7 मोर्दकै क हदस्सा नाउँ क एक चचेरी बहिन रही। उ अनाथ रही। न ओकरे बाप रहा, न महतारी। तउ मोर्दकै ओकर धियान रखत रहा। मोर्दकै ओकरे महतारी बाप क मइर क पाछे ओका अपनी बिटिया क रुप मँ गोद लइ लिहे रहा। हदस्सा क नाउँ एस्तेर भी रहा।एस्तेर क मुहँ अउ ओकरे तने क बनावट बहोत सुन्नर रही।

8 जब राजा क आदेस सुनावा गवा, तउ सूसन क जिला महल मँ बहोत स जवान मेहररुअन क लिआवा गवा। ओन जावान मेहररुअन क हेगेक देख-रेख मँ रख दीन्ह गवा। एस्तेर एनही जवान मेहररुअन मँ स एक रही। एस्तेर क राजा क महल मँ लइ जाइके हेगे क देख-रेख मँ रख दीन्ह गवा रहा। हेगे मेहररुअन क महल क निगराँकार रहा। 9 हेगे क एस्तेर बहोत अच्छी लगी। उ ओकर मनपसंद बन गइ। हेगे हाली ही सुन्नरता क उपचार अउ जरुरी भोजन ओका दिहस। हेगे राजा क महल स सात दासियन चुनेस अउ ओनका एस्तेर क दइ दिहस। अउर एकरे पाछे हेगे एस्तेर अउ ओकर सातहुँ दासियन क जहाँ राजघराने क मेहररुअन रहा करत रहिन। 10 एस्तेर इ बात कउनो क नाही बताएस कि उ एक यहूदी अइह। काहेकि मोर्दक ओका मना कइ दिहे रहा, एह बरे उ अपने परिवार क पृस्ठभूमि क बारे मँ कउनो क कछु नाही बाताएस। 11 मोर्दकै जहाँ रनवास क मेहररुअन रहा करत रहिन, हुवाँ आसपास अउर आगे पाछे धूमा करत रहा। उ इ पता लगावइ चाहत रहा कि एस्तेर कइसी अहइ अउर ओकरे संग का कछु घटत अहइ? एह बरे उ अइसा करत रहा।

12 एहसे पहिले कि राजा छयर्स क लगे जाइ क बरे कउनो लड़की क बारी आवत, ओका इ सब करइ क पड़त रहा। बारह महीने तलक ओका सुन्नरता उपचार करइ पड़त रहा यानी छ: महीने तलक ओका गंधरस क तेल लगावा जात अउर छ: महीने तलक सुगंधित द्रव्य अउर तरह-तरह क प्रसाधन सामग्रियन क उपयोग करइ होत रहा। 13 रीति क अनुसार जब कउनो जवान लड़की राजा क लगे जाइ ओनका उ सबहिं दीन्ह जात ह जेका उ मेहरारु महल स राजा क महल मं लेइ जात चाहत ह। 14 साँझ क समइ उ लड़की राजा क महल मं जात अउर भिंसारे दूसर मेहरारु क महल मं उ लउटि आवत। फुन ओका सासगज नाउँ क मनई क देखरेख मं मँ रख दीन्ह जात। सासगज राजा क हिजड़ा रहा जउन राजा क रखैलन क अधिकारी रहा। यदि राजा ओहसे खुस न होता, तउ उ लड़की फुन कबहुँ राजा क लगे न जात। अउर जदि राजा ओहेसे खुस होत तउ ओका राजा नाउँ लइक वापस बोलावत।

15 जब एस्तेर क राजा क लगइ जाइ क बारी आइ, तउ उ कछू नाही पूछेस। उ राजा क हिजड़ा, हेगेस, जउन हेगे रनवास क आधिकारी रहा, बस उहइ लिहेस जउन हेगे ओका आपन संग लेइ क कहेस। (एस्तेर उ लड़की रही जेका मोर्दकै गोद लइ लिहे रहा अउर जउन ओकरे चाचा अबीहैल क बिटिया रही।) एस्तेर क जउन कछू भी लखत, ओका पसंद करत रहा। 16 तउ एस्तेर क महाराजा छयर्स क महल मं लइ जावा गवा। इ उ समइ भवा जब ओकरे राज्जकाल क सताएँ बरिस क तेबेत नाउँ क दसवाँ महीना चलत रहा।

17 राजा एस्तेर कउनो भी अउर लरकी स जियादा पिरेम किहस अउर उ ओकर कृपा पाएस। कउनो भी दुसर लरकी स जियादा, राजा क उ भाइ गइ। तउ राजा छयर्स एस्तेर क मूँड़ि पइ मुकुट पहिराइके वसती क जगह पइ नई महारनी बनाइ लिहस। 18 तब राजा एस्तेर क बरे एक बहोत बड़का भोज दिहस। इ भोज ओकरे महत्वपूर्ण मनइयन अउर मुखिया लोगन क बरे रही। उ सबहिं प्रान्तन मँ छुट्टी क घोसणा कइ दिहस। लोगन क ओकरे साही सम्पति क अनुसार उपहार दिहेस।

मोर्दकै क एक बहोत बुरी योजना क पता चला

19 मोर्दकै उ समइ राजदुआर क निअरे ही बइठा रहा, जब दुसरी दाई लरकियन क एकट्ठा कीन्ह गवा रहा। 20 एस्तेर भी अबहुँ भी इ रहस्य क छुपाए भए रही कि उ एक यहूदी रही। अपने परिवार क पृस्ठभूमि क बारे मं उ कउनो क कछू नाही बताए रही, काहेकि मोर्दकै ओका अइसा कइर स रोक दिहे रहा। उ मोर्दकै क आग्या क अब भी वइसे पालन करत रही, जइसे किहे, करत रही, जब उ मोर्दकै क देख-रेख मँ रही।

21 उहइ समइ जब मोर्दक राजदुआर क निअरे बइठा करत रहा, इ घटना घटी: राजा क दुइ अधिकारियन बिकतान अउर तेरेस जउन साही दुआर क रच्छा करत रहेन, उ पचे राजा पइ बहोत कोहाई गएन अउर ओकर हत्या कइर क जोजना बनाएन। 22 मोर्दकै क उ सड्यंत्र क पता चल गवा अउर उ ओका महारानी एस्तेर क बताइ दिहस। फुन महारानी एस्तेर ओका राजा स कहि दिहस। उ राजा क इ भी बताइ दिहस कि मोर्दकै ही उ मनई अइह, जउन इ सड्यंत्र क पता चलाएस ह। 23 एकरे पाछे उ सूचना क जाँच कीन्ह गइ अउर इ पता चला कि मोर्दकै क सूचना सही रही अउर उ दुइ पहरेदारन क जउन राजा क मार डावइ क सड्यंत्र बनाए रहेन, एक ठु खम्भे पइ लटकाइ दीन्ह गवा। राजा क सामने ही इ सबहीं बातन राजा क इतिहास क पुस्तक मँ लिख दीन्ह गइन।

3

यहूदियन क बिनास क बरे हामान क योजना

1 एन बातन क घटइ क पाछे महाराजा छयर्स हामान क सन्मान किहस। हामान अगागी हम्मदाता नाउँ क मनई क पूत रहा। महाराजा हामान क कउनो दुसर अधिकरियन स जउन ओकर संग रहेन स बड़का अउ महत्वपूर्ण पद दिहेस। 2 राजा क दुआर पइ महाराजा क सबहिं मुखिया हामान क अगवा निहुरिके ओका आदर देइ लागेन। उ पचे महाराजा क आग्या क अनुसार ही अइसा किया करत रहेन। किन्तु मोर्दकै हामान क अगवा निहुरइ या ओका आदर देइ क मना कइ दिहस। 3 एँह बरे राजा क दुआर पइ राजा क दुसर सेवकन मोर्दकै स पूछेन, “तू महाराजा क आग्या क पालन काहे नाहीं किहा?”

4 राजा क सबइ अधिकारियन हररोज मोर्दकै स बात किहन, किन्तु उ हामान क आदेस क माइन स इन्कार करत रहा। तउ ओन अधिकारियन हामान स एकरे बारे मँ बताइ दिहन, काहेकि उ पचे इ सबइ जानइ चाहत रहेन कि का मोर्दकै क इ बेउहार क लगातार रहइ क अनुमति होइ। काहेकि मोर्दकै ओन सबइ लोगन क बताइ दिहे रहा कि उ एक यहूदा रहा। 5 हामान जब इ लखेस कि मोर्दकै ओकरे अगवा निहुरइ अउर ओका आदर देइ क मना कइ दिहस ह तउ ओका बहोत किरोध आवा। 6 हामान क इ पता तउ चल ही चुका रहा कि मोर्दकै एक यहूदी अहइ। किन्तु उ मोर्दकै क हत्या मात्र स संतुस्ट होइवाला नाहीं रहा। हामान तउ इ भी चाहत रहा कि उ कउनो एक अइसा रस्ता ढूँढ़ निकारइ जेहेसे छयर्स क समूचे राज्ज क ओन सबहीं यहूदियन क मार डावइ जउनो मोर्दकै क लोग अहइँ।

7 महाराजा छयर्स क राज्ज क बारहवें बरिस मँ नीसान नाउँ क पहिले महिने मँ, हामान क मोजूदगी मँ यहूदी लोगन क बर्बाद करइ क दिन चुनई बरे पासा लोकावा गवा। इ तरह अदार नाउँ क बारहवाँ महीना चुन लीन्ह गवा। (ओन दिनन लाटरी निकारइ बरे इ सबइ पासन, “पुर” कहवावा करत रहेन।) 8 फुन हामान महाराजा छयर्स क लगे आवा अउर ओहसे बोला, “हे महाराजा छयर्स तोहरे राज्ज क हर प्रान्त मँ लोगन क बीच एक खास समूह क लोग फइले भए अहइँ। इ सबइ लोग अपने आप क दूसर लोगन स अलग रखत हीं। एन लोग क रीतिरिवाज भी दूसर लोगन स अलग अहइँ अउर इ सबइ लोग राजा क नेमन क पालन नाहीं करत हीं। अइसे लोगन क अपने राज्ज मँ सखइ क अनुमति देब महाराजा क बरे अच्छा नाहीं अहइ।

9 “जदि महाराजा क अच्छा लगइ तउ मोरे लगे एक सुझाव अहइ: ओन लोगन क नस्ट कइ डावइ क आग्या दीन्ह जाइ। एकरे बरे मँइ साही अधिकरियन क दस हजार चाँदी क सिक्कन महाराजा क खजाने मँ जमा करइ बरे देब।”

10 इ तरह महाराजा राजकीय अंगूठी अपनी अँगुरि स निकारेस अउर ओका हामान क सौप दिहस। हामान अगागी हम्मदाता क पूत रहा। उ यहूदियन क दुस्मन रहा। 11 “एकरे पाछे महाराजा हामान स कहेस, “इ धन अपने लगे रखा अउर ओन लोगन क संग जउन चाहत ह, करा।”

12 फुन उ पहिले महीने क तेरहवें दिन महाराजा क सचिवन क बोलावा गवा। उ पचे हामान क सबहिं आदेसन क हर प्रान्त क लिपि अउर हर लोगन क भाखा मँ अलग-अलग लिख दिहस। उ पचे राजा क मुखिया लोगन, विभिन्न प्रान्तन क राज्यपालन, अलग-अलग कबीलन क मुखिया लोगन क नाउँ पत्र लिख दिहस। उ पचे इ आदेस अगूंठी स मोहर लगाइ दिहेस।

13 सँदेस वाहक राजा क विभिन्न प्रान्तन मँ ओन पत्रन क लइ गएन। एन पत्रन पइ इ आदेस रहा कि सबहिं यहूदियन जवान, बुढ़े, मेहररु अउर नान्ह गदेलन क भी एक ही दिन मार दीन्ह जाइँ अउर पूरी तरह नस्ट कइ दिन्ह जाइ। उ दिन बारहवें महीने क तेरहवीं तारिख क रहा जउन अदार क महीना अहइ। अउर इ भी आदेस रहा कि यहूदियन क सब कछू चिजिया लइ लीन्ह जाइ।

14 एन पत्रन क प्रतियन उ आदेस क संग एक नेम क रुप मँ दीन्ह जाब रही। हर प्रान्त मँ एका एक नेम बनावा जाब रहा। सबहिं लोगन मँ एकर घोसना कीन्ह जाब रही, ताकि उ पचे सबहिं लोग उ दिन क बरे तइयार रहइँ। 15 महाराजा आग्या अनुसार सँदेस बाहक फउरन चल दिहन। अउर इ राजधानी नगरी सूसन मँ भी इ ऐलान कइ दीन्ह गइ। महाराजा अउर हामान तउ दाखरस पिअइ क बरे बइठ गएन किन्तु सूसन नगर क लोग घबरा गए रहेन अउ चकित भए रहेन।

4

मदद क बरे एस्तेर स मोर्दकै क बिनती

1 मोर्दकै, जउन कछू होत रहा, ओकरे बारे मँ सब कछू सुनेस। जब उ यहूदियन क बिरुद्ध राजा क आग्या सुनेस तउ अपने ओढ़नन फार डाएस। उ सोक वस्त्र धारण कइ लिहस अउर अपने मूँड़े पइ राखी डाइ लिहस। उ ऊँच सुर स बिलाप करत भए नगर मँ निकर पड़ा। 2 मोर्दकै राजा क दुआर तलक गएन, किन्तु उ दुआर क पार नाहीं किहेन जउन महल क छेत्र मँ जात ह, काहेकि सोक वस्त्रन क पहिरके दुआर क भीतर जाइ क आग्या कउनो क भी नाहीं रही। 3 हर कउनो प्रांन्त मँ जहाँ कहूँ भी राजा क इ आदेस पहोंचा, यहूदियन मँ रोउब-धोउब अउर सोक फइल गवा। उ पचे खाना छोड़ दिहन अउर उ पचे ऊँच सुर मँ बिलपइ लागेन। बहोत स यहूदी अपने सोक बस्त्रन क धारण किहे भए अउर अपने मूंड़न पइ राखी डाए भए धरती पइ पड़े रहेन।

4 एस्तेर क दासियन अउर खोजन एस्तेर क लगे जाइके ओका मोर्दकै क बारे मँ बताएन। एहसे महारानी एस्तेर बहोत दुखी अउर बियाकुल होइ उठी। उ मोर्दकै क लगे सोक वस्त्रन क बजाय दूसर ओढ़नन पहिरइ क पठएस। मुला उ उ सबइ ओढ़नन स्वीकार नाहीं किहस। 5 एकरे पाछे एस्तेर हताक क अपने लगे बोलाएस। हताक एक अइसा हिजड़ा रहा जेका राजा ओकरी सेवा बरे नियुक्त किहे रहा। एस्तेर ओका इ पता लगावइ क आदेस दिहस कि मोर्दकै क का बियाकुल बनाए भए अहइँ अउर काहे? 6 एह बरे हताक नगर क खुले चौराहे मँ गएन जहाँ मोर्दकै मौजूद रहा। 7 हुवाँ मोर्दकै हताक स, जउन कछू भवा रहा, सब कहि डाएस। उ हताक क इ भी बताएस कि हामान यहूदियन क हत्या बरे राजा क खजाने मँ केतना धन जमा करावइ क वादा किहेस ह। 8 मोर्दकै हताक क यहूदियन क हत्या क बरे राजा क आदेस पत्र क एक प्रति भी दिहेस। उ आदेस पत्र पहिले ही सूसन नगर मँ हर कहूँ पठवा गवा रहा। मोर्दकै इ चाहत रहा कि हताक ओका एस्तेर क देखाइ देइ अउर हर बात ओका पूरी तरह निर्देस देइ अउर ओहसे इ भी कहेस कि उ एस्तेर क राजा क लगे जाइके मोर्दकै अउर अपने लोगन क बरे दया क याचना कइर क प्रेरित करइ।

9 हताक एस्तेर क लगे लउटि आवा अउर उ एस्तेर स मोर्दकै जउन कछू कहइ क कहे रहा, सब बताइ दिहस।

10 फुन एस्तेर मोर्दकै क हताक स इ कहवाइ पठएस: 11 “मोर्दकै, राजा क सबहिं मुखिया अउर राजा क प्रान्तन क सबहिं लोग इ जानत हीं कि कउनो भी मनई या मेहरारु क बरे राजा क बस इहइ नेम अहइ कि राजा क भीतरी आंगन मँ बिना बोलाए जउन भी जात ह, ओका मारि दीन्ह जातेन। इ नेम क पालन बस एक ही स्थिति मँ उ समइ नाहीं कीन्ह जात रहा जब राजा अपने सोने क राजदण्ड क उ मनई कहँती बढ़ाइ देत रहा। जदि राजा अइसा कइ देत तउ उ मनई क प्राण बच जात रहेन। मुला मोका तीस दिन होइ गएन ह अउर राजा स मिलइ क बरे मोका नाहीं बोलावा गवा ह।”

12 एकरे पाछे एस्तेर क सँदेसा मोर्दकै क लगे पहोंचाइ दीन्ह गवा। उ संदेसा क पाइके मोर्दकै ओका वापस जवाब पठएस: “एस्तेर, अइसा जिन सोचा कि तू राजा क महल मँ रहइ क कारण बच जाब्या, जबकि सबइ यहूदियन मारा जाब। 14 जदि अबहिं तू चुप रहति अहा यहूदियन क मदद अउर मुक्ती कहुँ अउर स मिल जाब। मुला तू अउर तोहरे बाप क परिवार मारा डावा जाइ सकत्या। अउर कउन जानत ह कि तू कउनो अइसे ही समइ क लिए महारानी बनाइ गई अहा, जइसा समइ इ अहइ।”

15 एह पइ एस्तेर मोर्दकै क आपन इ जवाब पठएस: “मोर्दकै, जा अउर जाइके सबहिं सूसन नगर सबहिं यहूदी लोगन क एकट्ठा करा अउर मोरे बरे उपवास राखा। तीन दिन अउ तीन रात तलक न कछू खा अउर न कछू पिआ। तोहरी तरह मइँ अउर मोर मेहरारु नउकर भी उपवास रखब। हमरे उपवास रखइ क पाछे मइँ राजा क लगे जाब। मइँ जानत हउँ कि जदि राजा मोका न बोलावइ तउ ओकरे लगे जाब, नेम क खिलाफ अहइ। अगर मँ अइसा करब्या तउ हो सकत ह कि मइँ मारा डावइ जाइ। किन्तु कउनो बात नाहीं मइँ अइसा करब।”

17 इ तरह मोर्दकै हुवाँ स चला गवा अउर एस्तेर ओहसे जइसा करइ क कहे रहा उ सब कछू वइसा ही किहस।

5

एस्तेर क राजा स बिनती

1 तीसरे दिन एस्तेर आपन बिसेस साही पोसाक पहिरेस अउर राजमहल क भीतरी आंगन मँ जाइ खड़ी भइ। इ जगह राजा क बैठका क समन्वा रही। राजा दरबार मँ अपने सिंहासने पइ बइठा रहा। राजा उहइ कइँती मुहँ किहे बइठा रहा जहाँ स लोग सिहांसन क कच्छ कइँती प्रवेस करत रहेन। 2 तउ राजा महारानी एस्तेर क हुवाँ दरबार मँ खड़े लखेस। ओका लखिके उ बहोत खुस भवा। उ ओकरी कइँती अपने हाथ मँ थामे भए सोने क राजदण्ड क आगे बढ़ाइ दिहस। इ तरह एस्तेर उ कमरे मँ प्रवेस किहस अउर उ राजा क लगे चली गइ अउर उ राजा क सोने क राजदण्ड क सिरे क छुइ लिहस।

3 एकरे पाछे राजा ओहसे पूछेस, “महारानी एस्तेर, तू बेचैन काहे अहा? तू मोहसे का चाहति अहा? तू जउन चाहा मइँ तोहका उहइ देब। हिआँ तक कि आपन आधा राज्ज तलक, मइँ तोहका दइ देब।”

4 एस्तेर कहेस, “मइँ आपके अउर हामान क बरे एक ठु भोज क आयोजन किहेउँ ह। कृपा कइ आप अउर हामान आजु मोरे हिआँ भोज मँ पधारें।”

5 एइ पइ राजा कहेस, “हामान क तुरंत बोलावा जाइ ताकि एस्तेर जउन चाहत ह, हम ओका पूरा कइ सकी।”

तउ महाराजा अउर हामान एस्तेर ओनके बरे जउन भोजन आयोजित किहे रही, ओहमाँ आइ गएन। 6 जब उ पचे दाखरस पिअत रहेन तबहिं राजा एस्तेर स फुन पूछेस, “एस्तेर कहा अब तू का माँगति चाहति अहा? कछू भी माँग ल्या, मइँ तोहका उहइ दइ देब। कहा तउ उ का अहइ जेकर तोहका इच्छा अहइ? तोहर जउन भी इच्छा होइ उहइ मइँ तोहका देब। अपने राज्ज क आधा हीसां तलक।”

7 एस्तेर कहेस, “मइँ इ माँगइ चाहत हउँ। 8 जदि मोका महाराज अनुमति देइँ अउर जदि जउन मइँ चाहउँ, उ मोका देइ स महाराज खुस होइँ तउ मोर इच्छा इ अहइ कि महाराज अउर हामान भियान मोरे हिआँ आवइँ। भियान मइँ महाराज अउर हामान क बरे एक अउर भोज देइ चाहत हउँ अउर उहइ समइ इ बताउब कि असल मँ मइँ का चाहति हउँ।”

मोर्दकै पइ हामान क किरोध

9 उ दिन हामान राजमहल क बहोत जियादा खुस होइके बिदा भवा। किन्तु जब उ राजा क दुआर पइ मोर्दकै क लखेस तउ ओका मोर्दकै पइ बहोत किरोध आवा। हामान मोर्दकै क लखत ही किरोध स पागल होइ उठा, काहेकि जब हामान हुवाँ स गुजरा, मोर्दकै नाही खड़ा भवा अउर नाहीं काँपेस अउर नाहीं हामान बरे कउनो आदर देखाएस। 10 किन्तु हामान अपने किरोध पइ काबू किहस अउर घरे चला गवा। एकरे पाछे हामान अपने मीतन अउ अपनी मेहरारु जेरेस क एक संग बोलाएस। 11 उ आपने मीतन क अगवा अपने धन अउ अनेक पूतन क बारे मँ डीगं मारत भए इ बतावइ लागा कि राजा ओकर कउने प्रकार स सन्मान करत ह। उ बढ़इ चढ़ाइ के इ भी बतावइ लाग कि दूसर सबहिं हाकिमन स राजा कउने तरह ओका अउर जियादा ऊँच पद पइ पदोन्नति दिहस ह । 12 “एतना ही नाहीं” हामान इ भी बताएस। “एक मात्र मइँ ही अइसा मनई हउँ जेका महारानी एस्तेर अपने भोज मँ राजा क संग बोलाइ रहा अउर महारानी मोका भियान फुन राजा के संग बोलाए पठए रही। 13 मुला मोका एन सब बातन स फुरइ कउनो खुसी नाहीं अहइ। असल मँ मइँ उ समइ तलक खुस नाहीं होइ सकत जब तलक राजा क दुआर पइ मइँ उ यहूदी मोर्दकै क बइठे भए लखत हउँ।”

14 एह पइ हामान क मेहरारु जेरेस अउर ओकर मीतन ओका एक सुझाव दिहन। उ पचे बोलेन, “कउनो स कहिके पचहत्तर फुट ऊँच ओका फासीं देइ क एक ठु फासीं क खाम्भा खड़ा करा। फुन भिंसारे राजा स कहा कि उ मोर्दकै क ओहे पइ लटकइ क आदेस दे। फुन राजा क संग तू भोज पइ जाया अउर आनन्द स रह्या।”

हामान क इ सुझाव नीक लगा। तउ उ फाँसी क खम्भा बनवावइ क बरे कउनो क आदेस दइ दिहस।

6

मोर्दकै क सम्मान

1 उ राति राजा सोइ नाही पावा। तउ उ अपने एक दास स इतिहास क किताब लिआइके अपने समन्वा ओका बाँचइ क कहेस। ( राजा लोगन क इतिहास क किताबे मँ उ सब कछू अंकित रहत ह जउ एक राजा क सासनकाल क दौरान घटित होत ह।) 2 तउ उ दास राजा क बरे उ किताब बाँचेस। उ महाराजा छयर्स क मार डावइ क सड्यंत्रन क बारे मँ बाँचेस। बिगताना अउ तेरेस क सड्यंत्रन क पता मोर्दकै क जोजना क पता चल गवा रहा अउर ओकरे बारे मँ कउनो क बताइ दिहे रहा।

3 एइ पइ महाराजा सवाल किहस, “इ बात क बरे मोर्दकै क कउन सा आदर अउर कउन स उत्तिम चिजियन प्रदान कीन्ह गइ रहिन।”

उ दासन राजा क जवाब दिहेन, “मोर्दकै बरे कछू नाहीं कीन्ह गवा रहा।”

4 उहइ समइ राजा क महल क बाहरी आँगन मँ हामान प्रवेस किहेस। उ, हामान फाँसी क जउन खम्भा बनवावा रहा, ओह पइ मोर्दक क लटकवावइ क बरे राजा स कहइ क आवा रहा। राजा ओकरी आहट सुनिके पूछेस, “अबहिं अबहिं आंगन मँ कउन आवा ह” 5 राजा क नौकरन जबाव दिहस, “आँगन मँ हामान खड़ा भवा ह।”

तउ राजा कहेस, “ओका भीतर लइ आवा।”

6 हामान जब भीतर आवा तउ राजा ओहेसे एक सवाल पूछेस, “हामान, राजा जदि कउनो क आदर देइ चाहइ तउ उ मनई बरे राजा क का करइ चाही?”

हामान अपने मने मँ सोचेस, “अइसा कौन होइ सकत ह जेका राजा मोहेसे जियादा आदर देइ चाहत होइ? राजा निहचइ ही मोका आदर देइ क बरे ही बात करत होइ।”

7 तउ हामान जवाब देत भए राजा स कहेस, “राजा जेका आदर देइ चाहत ह, उ मनई क संग उ अइसा करइ: 8 राजा जउन ओढ़ना खुदपहिरे होइ, उहइ बिसेस ओढ़ना क तू अपने सेवकन स मँगवाइ लीन्ह जाइ अउर उ घोड़े क भी मँगवाइ लीन्ह जाइ जेह पइ राजा खुद सवारी कीन्ह होइ। फुन सेवकन क जरिये उ घोड़े क मूँड़ि पइ राजा क बिसेस चीन्ह अंकित करवा जाइ। 9 एकरे पाछे, राजा क सज्जन अधिकारी कपड़े अउर घोड़े क अधिकारी होई चाही।फुव उ राजा क अधिकारी उ मनई क, जेका राजा सन्मानित करइ चाहत ह, उ ओढ़ना क पहिरावइ अउर फुन एकरे पाछे उ पचे अधिकारी उ घोड़े क आगे आगे चलत भवा ओका नगर क गलियन क बीच स गुजारइ। उ पचे अपनी अगुवाइ मँ घोड़न क लइ जात भए इ घोसना करत जाइ, ‘इ उ मनई क बरे कीन्ह गवा ह, राजा जेका आदर देइ चाहत ह।’”

10 राजा हामान क आदेस दिहस, “तू फउरन चले जा अउर ओढ़ना अउ घोड़ा लइके यहूदा मोर्दकै क बरे वइसा ही करा, जइसा तू सुझाव दिहा ह। मोर्दकै राजदुआर क लगे बइठा बाटइ। जउन कछू तू सुझाया ह, सब कछू वइसा ही करया।”

11 तउ हामान ओढ़ना अउ घोड़ा लिहस अउर ओढ़ना मोर्दकै क पहिराइके घोड़े पइ चढ़ाइके नगर क गलियन स होते भए घोड़े क आगे आगे चल दिहस। मोर्दकै क आगे आगे चलत भवा हामान घोसणा करत रहा, “इ सब उ मनई क बरे कीन्ह गवा ह, जेका राजा आदर देइ चाहत ह।”

12 एकरे पाछे, मोर्दकै फुन राजदुआर पइ चला गवा किन्तु हामान फउरन अपने घरे कइँती चल दिहस। उ आपन मुँड़ि छुपाए भए रहा काहेकि उ परेसान अउर लज्जित रहा। 13 एकरे पाछे, हामान अपनी मेहरारु जेरेस अउर अपने सबहिं मीतन स जउन कछू घटा रहा, सब कछू कहि सुनाएस। हामान क पत्नी अउर ओकार सलाहकारन ओहसे कहेन, “जदि मोर्दकै यहूदी अहइ, तउ तू जीत नाहीं सकत्या। तू आपन सक्ती खोइ सुरु करि चुका ह। तू निहचइ ही नस्ट होइ जाब्या।”

14 अबहिं उ सबइ लोग हामान स बात करत ही रहेन कि राजा क हिजड़ा हामान क घरे आएन अउर फउरन ही हामान क एस्तेर क भोज मँ बोलाइ लइ गएन।

7

हामान क प्राण दण्ड

1 फुन राजा अउ हामान एक संग महारानी एस्तेर क भोज बरे चले गएन। 2 एकरे पाछे जब उ पचे दुसरे दिन क भोज मँ दाखरस पिअत रहेन तउ राजा एस्तेर फुन एक सवाल किहस, “महारानी एस्तेर, तू मोहसे का माँगि चाहति अहा? जउन कछू तू माँगबिउ, पउबिउ। बतावा, तोहका का चाही? मइँ तोहका कछू भी दइ सकत हउँ। हिआँ तलक कि मोर आधा राज भी।”

3 एइ पइ महारानी एस्तेर जवाब दिहेस, “हे महाराज! जदि मइँ तोहका भावतिउँ, अउर जदि इ तोहका प्रसन्न करत ह। तउ कृपा कइके मोका जिअइ दया अउर मइँ तोहसे इ चाहति हउँ कि मोरे लोगन क भी जिअइ दया। बस मइँ इहइ माँगति हउँ 4 अइसा मइँ एह बरे चाहति हउँ कि मोका अउर मोरे लोगन क बिनास, हत्या अउ पूरी तरह स नष्ट कइ डावइ क बरे बेच डावा गवा ह। जदि हमका दासन क रुप मँ बेचा जात, तउ मइँ कछू नाहीं कहतिउँ काहेकि कउनो एतनी बड़ी समस्या नाहीं होत जेकरे बरे राजा क कस्ट दीन्ह जात।”

5 एह पइ महाराजा छयर्स महारानी एस्तेर स पूछेस, “तोहरे संग अइसा कौन किहस? कहाँ अहइ उ मनई जउन तोहरे लोगन क संग अइसा बेउहार करइ क हिम्मत किहस?”

6 एस्तेर कहेस, “हमार बिरोधी अउर हमार दुस्मन इ दुस्ट हामान ही अहइ।”

तब हामान राजा अउ रानी क सामने आतंकित होइ उठा। 7 राजा बहोत कोहान रहा उ खड़ा भवा। उ आपन दाखरस हुवँइ तजि दिहस अउर बाहेर बगिया मँ चला गवा। मुला हामान, रानी एस्तेर स अपने प्राणन क भीख माँगइ बरे भीतर ही ठहरा रहा। हामान इ जानत रहा कि राजा ओकर प्राण लेइ क निहचइ कइ लिहस ह। एह बरे उ अपने प्राण क भीख माँगत रहा। 8 राजा जइसे ही बगिया स भोज क कमरे कइँती वापस आवत रहा, तउ उ का लखत ह कि जउने बिछौने पइ एस्तेर ओलरी अहइ, ओह पइ हामान निहुरा भवा अहइ।

राजा किरोध भरे सुर मँ कहेस, “महल मँ मोर रहत भए महारानी पइ आक्रमण करइ क तोहार हिम्मत कइसा भवा।” जइसेन ही राजा का मुहँ स इ सबइ सब्द निकरेन, राजा क सेबकन भीतरे आइके हामान क मार डाएस। 9 राजा क एक ठु हिजड़ा सेवक जेकर नाउँ हरर्बोना रहा, कहेस, “हुवाँ एक पचहत्तर फुट ऊँचा फाँसी क खम्बा जउन हामान क दुआरा ओकरे घरे क लगे मोर्दकै क फाँसी देइ बरे खड़ा किहा गवा ह। मोर्दकै उहइ मनई अहइ जउन तोहरी हत्या क सड्यंत्र बरे बताइके तोहर मदद किहे रहा।”

राजा बोला, “उ खम्भे पइ हामान क लटकाइ दीन्ह जाइ।”

10 तउ उ पचे उहइ खम्भे पइ जेका उ मोर्दकै क बरे बनाए रहा हामान क लटकाइ दिहस। एकरे पाछे राजा किरोध करब तजि दिहेस।

8

यहूदियन क मदद बरे राजा क आदेस

1 अहइ दिन राजा छयर्स यहूदी लोग हामान क लगे जउन कछू रहा, उ सब महारानी एस्तेर क दइ दिहस। एस्तेर राजा क बताइ दिहस कि मोर्दकै रिस्ते मँ ओकर भाई लागत ह। एकरे पाछे मोर्दकै राजा स मिलइ आवा। 2 राजा हामान स अपनी जउन अँगुंठी वापस लइ लिहेस रहा, ओका अपनी अँगुंलि स निकारिके मोर्दकै क दइ दिहस। एकरे पाछे एस्तेर मोर्दकै क हामान क सारी सम्पत्ति क अधिकारी नियुक्त कइ दिहस।

3 तब एस्तेर राजा स फुन कहेस अउर उ राजा गोड़न मँ गिरिके रोवइ लाग। उ राजा स पराथन किहेस कि उ अगागी हामान क उ बुरी जोजना क खतम कइ जेका हामान यहूदियन क सोचे रहा।

4 एह पइ राजा अपने सोने क राजदण्ड क एस्तेर कइँती आगे बढ़ाएस। एस्तेर उठी अउर राजा क अगवा खड़ी होइ गइ। 5 फुन एस्तेर कहेस, “मोर सुआमी! जदि तू मोका पसंद करत ह अउर इ तोहका प्रसन्न करत ह, तउ कृपा कइके मोरे बरे इ कइ दया। जदि तोहका लगि कि इ अच्छा सुझाव अहइ। तउ एका करा। जदि तू मोह पइ खुस अहइँ तउ कृपा कइके एक टठु आदेस पत्र लिखइँ, जउन उ आदेस पत्र क रद् कइ देइ जेका हामान राजा क राज्ज क सबहिं प्रान्तन मँ बसे यहूदियन क नस्ट करइ बरे पठइ दिहे रहा ह। 6 मइँ महाराजा स इ पराथना एह बरे करति हउँ कि मइँ अपने लोगन के संग उ भयानक तबाही क घटत लखब सहन नाहीं कइ पाउब। मइँ आपन परिवार क हत्या क लखब सहन नाहीं कइ पाउब।”

7 महाराजा छयर्स महारानी एस्तेर अउर यहूदी मोर्दकै क जवाब देत भए कहे रहा, उ इ अहइ, “हमान, काहेकि यहूदियन क बिरोध मँ रहा, एह बरे ओकर सम्पति मइँ एस्तेर क दइ दिहेउँ अउर मोरे सिपाहीयन ओका फाँसी देइ क खम्भा पइ लटकाइ दिहन। 8 अब तू जइसन चाहत ह राजा नाउँ स यहूदियन क मदद बरे एक ठू दुसर आग्या पत्र लिखा। फुन राजा क बिसेस अँगुठी स उ पत्र पइ मुहर लगाइ दया। काहेकि जउन पत्र राजा कइँती स लिखा गवा ह अउर राजा क अगुँठी स मुहर दीन्ह गइ होइ अइसा कउनो राजाधिकारी पत्र रद् नाहीं कीन्ह जाइ सकत।”

9 राजा क सचिवन क फउरन बोलावा गवा। सीवान नाउँ क तीसरे महीने क तेइसवी तारिख क उ आदेस पत्र लिखा गवा। यहूदियन क बरे मोर्दकै क सबहिं आदेसन क सचिवन लिखिके यहूदियन, मुखिया लोगन, राज्जपालन अउर एक सौ सत्ताईस प्रान्तन क अधिकारियन क लगे पहोंचाइ दिहन। इ सबइ प्रान्त भारत स लइके कुस तलक फइले भए रहेन। इ सबइ आदेस पत्र हर प्रान्त क लिपि अउ भाखा मँ लिखे गए रहेन अउर हर देस क लोगन क भाखा मँ ओकर अनुवाद कीन्ह गवा रहा। यहूदियन क बरे इ सबइ आदेस ओनकी अपनी भाखा अउर ओनकी अपनी लिपि मँ लिखे गए रहेन। 10 मोर्दकै इ सबइ आदेस महाराजा छयर्स कइँती स लिखे गए रहेन अउर फुन ओन पत्रन पइ उ राजा क अँगुठी स मुहर लगाइ दीन्ह रही। फुन ओन पत्रन क ओन सँदेसवाहकन क जरिये भेजा गएन रहेन जउन तेज रफ़तार घोड़न पइ सावर रहेन।

11 ओन पत्रन पइ राजा क इ सबइ आदेस लिख रहेन: यहूदियन क हरेक नगर मँ आपुस मँ ऐक जुट होइक, अपनी रच्छा करइ क अधिकार अहइ। ओनका अधिकार अहइ कि उ पचे कउनो भी रास्ट्र या प्रान्त क कउनो भी फउज जउन कि ओन लोगन पइ अउर ओनके मेहररुअन अउ गदेलन पइ हमला करइ सकत ह क नास कइ देइ, मार डावइँ अउर पुरी तरह स तबाह कइ देइ। यहूदियन क इ अधिकार भी अहइ कि उ पचे आपन दुस्मन क सम्पति लुट लेइँ।

12 जब यहूदियन क बरे अइसा कीन्ह जाइ, ओकरे बरे उदार नाउँ क बारहवें महीने क तेरहवीं तारिख क दिन निहचित कीन्ह गवा। महाराजा छयर्स अपने सबहिं प्रान्तन मँ यूहूदियन क अइसा करइ क अनुमति दइ दीन्ह गइ। 13 इ पत्र क एक प्रति राजा क आदेस क संग हर प्रान्त मँ पठई जाब रही। हर प्रान्त मँ इ एक नेम बन गवा। राज्ज मँ रहइवाले हर जाति क लोगन क बीच एकर प्रचार कीन्ह गवा उ पचे अइसा एह बरे किहन ताकि यहूदी उ बिसेस दिन क बरे तइयार होइ जाइँ जउन दिन उ पचे अपने दुस्मनन स बदला लेइ सकइँ। 14 राजा क घोड़न पइ सवार संदेस वाहक हाली स बाहेर निकरि गएन। ओनका राजा आग्या दिहे रहा कि हाली करइँ। इ आग्या सूसन क महल प्रान्त मँ बी घोसना कीन्ह गएन।

15 फुन मोर्दकै राजा क लगे स चला गवा। मोर्दकै राजा स मिले ओढ़नन क धारण किहे भए रहा। ओकर ओढ़नन नीले अउ सफेद रंग क रहेन। उ एक ठु लम्बा सोने क मुकुट पहिर रखे रहा। बढ़िया सूत क बना बैगनी रंग क चोगा भी ओकरे लगे रहा। लोग बहोत खूस रहेन। 16 यहूदियन क बरे इ बिसेस खूसी क दिन रहा। इ आनन्द, खूसी अउर बड़े सम्मान क दिन रहा।

17 जहाँ कहुँ भी कउनो प्रान्त या कउनो भी नगर मँ राजा क इ आदेस-पत्र पहोंचा, यहूदियन मँ आनन्द अउ खूसी क लहर दउड़ गइ। यहूदी भोज देते रहेन अउर उत्सव मनावत रहेन अउर दूसर बहोत स सामान्य लोग यहूदी बन गएन। काहेकि उ पचे यहूदियन स बहोत डरा करत रहेन, इहइ बरे उ पचे अइसा किहन।

9

यहूदियन क बिनइ

1 लोगन क आदर नाउँ क बारहवें महीने क तेरह तारिख क राजा क आग्या क पूरा करब रहा। यहूदी क दुस्मनन क आसा रहने कि उहइ दिना उ पचन्क यहूदी क हराइ सकतेन। किन्तु अब सब कछू उलटा होइ चुकी रही अब यहूदी अपने दुस्मनन क हराब्या जउन ओसे घिना करत रहेन। 2 महाराजा छयर्स क सबहिं प्रान्तन क नगरन मँ यहूदी आपुस मँ उ पचन्क पइ हमला करइ बरे इकट्ठा भएन जउन ओनका नस्ट करइ चाहत रहा। इ तरह ओनके बिरोध मँ कउनो भी जियादा सक्तिसाली नाहीं रहा काहेकि लोग यहूदी लोगन स डेराइ लागेन। 3 प्रान्तन क सबहिं हाकिम, मुखिया, राज्जपाल अउर राजा क प्रबंन्ध अधिकारी यहूदियन क मदद करइ लागेन। उ पचे सबहि अधिकारी यहूदियन क मदद एह बरे किया करत रहेन कि उ पचे मोर्दकै स डेरात रहेन। 4 राजा क महल मँ मोर्दकै एक बहोत महत्वपूर्ण बन गवा। सबहिं प्रान्तन मँ हर कउनो ओकर नाउँ जानत रहा अउर जानत रहा कि उ केतना महत्वपूर्ण अहइ। तउ मोर्दकै जियादा सक्तिसाली होत चला गवा।

5 यहूदियन अपने सबहिं दुस्मनन क पराजित कि दिहन। अपने दुस्मनन क मारइ अउ नस्ट करइ क बरे उ पचे तरवारन क प्रयोग किया करत रहेन। जउन लोग यहूदियन स घिना किया करत रहेन, ओनेक संग यहूदी जइसा चाहतेन, वइसा बेउहार करतेन। 6 सूसन क राजधानी नगरी मँ यहूदियन पाँच सौ लोगन क मारिके नस्ट कइ दिहन। 7 यहूदियन जउन लोगन क हत्या किहे रहेन ओनमाँ इ सबइ लोग भी सामिल रहेन: पर्सन्दाता, दल्पोन, अस्पाता, 8 पोराता, अदल्या, अरीदता, 9 पर्मसता, अरीसै, अरीदै, अउर वैजता। 10 इ सबइ दस लोग हामान क पूत रहेन।हम्मदाता क पूत हामान यहूदियन क बैरी रहा। यहूदियन ओन सबहिं मनसेधुअन क मार तउ दिहेन किन्तु उ पचे ओनकर सम्पति नाहीं लिहन।

11 जउन दिन राजा सुसन क महल प्रान्त मँ बहोत स लोग मारे गएन ह। 12 तउ महारानी एस्तेर स कहेस, “सूसन नगर मँ यहूदियन पाँच सौ मनइयन क मार डाएन ह तथा उ पचे सूसन न हामान क दस पूतन क भी हत्या कइ दिहन ह। राजा क दूसर प्रान्तन मँ का होत आहइ? अब मोका बतवा तू अउर का करावइ चाहति अहा?जउन कहा मइँ ओका पूरा कइ देब।”

13 एस्तेर कहेस, “जदि अइसा करइ क बरे महाराज खुस अहइँ तउ यहूदी लोगन जउन सूसन मँ अहइ ओका कल्ह फुन स सूसा मँ राजा क आग्या पूरी करइ दीन्ह जाइ, अउर हामान क दसहुँ पूतन क फाँसी क खम्भे पइ लटकाइ दीन्ह जाइ।” 14 तउ राजा इ आदेस दइ दिहस कि सूसन मँ भियान भी राजा क इ आदेस लागु रहइ अउर उ पचे हामान क दसहु पूतन क फाँसी पइ लटकाइ दिहन। 15 आदार महीने क चौदहवीं तारिख क जउन यहूदी सूसन कमहल प्रान्त मँ अहइ एक संग बटुरेन। फुन उ पचे हुवाँ तीन सौ मनइयन क मउत क घाट उतार दिहन किन्तु उ पचे तीन सौ लोगन क सम्पत्ति क नाहीं लिहन।

16 अदार क तेरहवें दिन दूसर प्रान्तन म रहइवाले दूसर यहूदी भी आपुस मँ बटुरेन। उ पचे एह बरे बटुरेन कि अपने बचाव क लिए उ पचे पर्याप्त बलसाली होइ जाइँ अउर इ तरह उ पचे अपने दुस्मनन क छुटकारा पाइ लिहन। यहूदी लोग अपने पचहत्तर हजार दुस्मनन क मउत क घाट उतार दिहन। किन्तु उ पचे जउन दुस्मनन क हत्या किहे रहेन, ओनकर कउनो भी वस्तु क नाहीं लिहन। 17 इ अदार नाउँ क महीने क तेरहवीं तारिख क भवा अउर फुन चौदहवीं तारिख क यहूदियन बिस्त्राम किहन। यहूदियन उ दिन क एक ठु खुसी भरे दिन क रुप मँ बनाइ दिहन।

पूरीम क त्यौहार

18 किन्तु यहूदी लोग जउन चौदहीं तारिख मँ आपुस मँ बटुरेन, तउ पन्द्रहवीं तारिख मँ उ पचे बिस्त्राम किहन। उ पचे पन्द्रहवीं तारिख क फुन एक खुसी भरे छुट्टी क दिन बनाइ दिहन। 19 इहइ कारण उ गाँव क प्रदेस क नान्ह नान्ह गाँवन मँ रहइवाले यहूदियन चौदहवीं तारिख क खुसियन भरी छुट्टी क रुप मँ रखेन। उ दिन उ पचे मँ एक दूसर क भोज दिहन।

20 जउन कछु घटा रहा हर बात क मोर्दकै पत्र मँ लिख लिहस अउर फुन पत्रन क महाराजा छयर्स क सबहिं प्रान्तन मँ बसे सबहिं यहूदी लोगन क पठइ दिहस। दूर-पास सब कहुँ उ पत्रन पठएस। 21 मोर्दकै यहूदियन क इ बतावइ बरे अइसा किहस कि उ पचे हर साल अदार महीने क चौदहवीं अउर पन्द्रहवीं तारिख क पूरिम क उत्सव मनाया करइँ। 22 यहूदी लोग एँन दिनन क पर्व क रुप मँ एह बरे माने रहेन कि ओनहीं दिनन यहूदियन अपने दुस्मनन स छुटकारा पाए रहेन। ओनका उ महीना क एह बरे भी मानब रहा जब ओनकर ओनके आनन्द मँ बदल गवा रहा। उहइ इ महीना रहा जब ओनकर रोउब धोउब एक ठु उत्सव क दिन क रुप मँ बदल गवा रहा। उ ओन लोगन स कहेस कि य पचे ओन दिनन क उत्सव क रुप मँ मनावइँ। इ समइ एक अइसा समइ होइ जब लोग आपुस मँ एक दूसरे क उत्तिम भोजन क उपहार पठइ तथा गरीब लोगन क भी उपहार देउँ।

23 इ तरह मोर्दकै यहूदियन क लिखे रहा, उ पचे ओका मानइ क तइयार होइ गएन। उ पचे इ बात पइ सहमत होइ गएन कि उ पचे जउन उत्सव क आरम्भ किहन ह, उ पचे ओका मनावत रहिहीं।

24 काहेकि अगागी हम्मदाता क पूत हामान यहूदी लोगन क दुस्मन रहा। उ पचे यहूदी लोगन क खिलाफ ओनका नस्ट करइ बरे बुरा योजना बनाए रहा। उ पचे ओनका बर्बाद कइ डावइ बरे दिन चुनइ वास्ते पासा लोकाए रहा। ओन दिन पाँसा क “पुर” कहा जात रहा। इहइ बरे इ उत्सव क नाउँ “पुरीम” रखा गवा। 25 किन्तु राजा क लगे गइ अउ उ ओनसे बातचीत किहस। इहइ बरे राजा क नवे आदेस जारी कइ दिहे गएन। यहूदीयन क खिलाप हामान जउन सडयंत्र रचे रहा, ओका रोकइ क बरे राजा अपने पत्र जारी किहस। राजा ओन ही बुरी बातन क हामान अउ ओकरे परिवार क संग घटाइ दिहस। ओन आदेसन मँ कहा गवा रहा कि हामान अउ ओकर पूतन क फाँसी पइ लटकाइ दीन्ह जाइ।

26 इ समइ पासा “पुरीम” कहलाएन। एह बरे इ त्यौहार “पुरीम” कहलाएन। यहूदी लोग हर बरिस इन दुइ दिनन क उत्सव क रुप मँ मनावइ क सुरुआत करइ क निहचइ किहन। उ पचे इ बरे किहन ताकि अपने संग होत भए जउन बातन उ पचे लखे रहेन, ओनका याद रखइ मँ ओनका मदद मिलइ। यहूदियन हर साल सही समइ पइ एन दिनन क मनावइ क जिम्मा आपन पइ लिहा। उ पचे इ भी तय किहेस कि ओकार सन्तानन अउर दूसर लोगन जउन ओकरे संग मिले, मोर्दकै क निर्दस क अनुसार जउन उ अपने आदेस पत्र मँ दिहे रहा उहइ रीति अउ उहइ समइ पइ मनाउब। 28 इ दुई दिनन पीढ़ी दर पीढ़ी अउर हर परिवार क याद रखब अउर मनाब। एनका हर प्रान्त अउ हर नगर मँ निहचइ पूर्वक क मनवा जाइ चाही। यहूदी लोग क एनका मनाउब कबहुँ नाहीं तजइ चाही। यहूदी लोगन क सन्तानन क चाही कि उ पचे पूरीम क एन दुइ दिनन क मनाउब कबहुँ फेल नाही होइ चाही।

29 महारानी एस्तेर अबीहैल क बिटिया अउर यहूदी मोर्दकै इ दूसर पत्र पूरीम क बारे मँ लिखेस। उ पत्र फुरइ रहा, एँका साबित करइ बरे उ पचे एका राजा क स्मपूर्ण अधिकार क साथ लिखेन। 30 तउ महाराजा छयर्स क राज्ज क एक सौ सत्ताइस प्रान्तन मँ सबहीं यहूदियन क लगे मोर्दकै पत्र पठएस। मोर्दकै सान्ति अउ सच्चाई क एक सँदेसा लिखेस। 31 मोर्दकै पूरीम लोगन क उत्सव क सुरु करइ क बारे मँ लिखेस। एँन दिनन क मोर्दकै अउर एस्तेर दूआरा अपने बरे अउर अपनी सन्तानन बरे उपवास अउर विलाप क बारे मँ ठीक ओकरे नियुक्त कीन्ह समइ पइ ही मनावा जाब रहा। 32 एस्तेर क पत्र पूरीम क बिसय मँ एन नेमन क स्थापना किहन अउर पूरीम एन नेमन क किताबन मँ लिख दीन्ह गवा।

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मोर्दकै क सन्मान

1 महाराजा छयर्स लोगन पइ कर लगाएस। राज्ज क सबहीं लोगन हिआँ तलक कि सागर तट क सुदूर नगरन क भी कर चुकावइ पड़त रहेन 2 राजा छयर्स जउन महान कार्य अपनी सक्ति अउ सामरथ स किहे उ सबइ मादै अउर फारस क राजा लोगन क इतिहास क किताबे मँ लिखे अहइँ। ओन “इतिहासक किताबन” मँ मोर्दकै जउन कछू किहे रहा, उ सब कछू भी लिखा अहइ। राजा मोर्दकै क एक महान मनई बनाइ दिहस। 3 महाराजा छयर्स क हिआँ यहूदी मोर्दकै महत्व की दृस्टि, दूसरी जगह पइ रहा। मोर्दकै यहूदियन मँ बहोंत महत्वपूर्ण मनई रहा। अउर ओकर साथी यहूदी ओकर बहूत आदर करत रहेन। उ पचे मोर्दकै क आदर एह बरे करत रहेन कि उ अपने लोगन क भले क बरे काम किहे रहा। मोर्दकै सबहिं यहूदियन क कल्याण क बातन किया करत रहा।